जीएसटी में हिमालयी राज्यों को छूट देने पर सीएम ने जताया आभार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में ऐसे उद्योगों को जिन्होने जीएसटी लागू होने के पूर्व केन्द्रीय उत्पाद शुल्क में छूट का फायदा उठाया था वर्ष 2027 तक बजटीय सहायता दिये जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इससे ऐसे उद्योग जो राज्य से बाहर जा रहे थे, उनको राज्य में ही रोकने में सहायता तो मिलेगी ही, साथ ही नये उद्योग की स्थापना के लिये और अनुकूल वातावरण तैयार होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग बढ़ने से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की जनता की ओर से केन्द्र सरकार का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास पर नमामि गंगे परियोजना के एक कार्यक्रम के उपरांत पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान यह बयान दिया।
पिथौरागढ़ में प्राकृतिक आपदा से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार राहत कार्य कर रही है। मौसम खराब होने के कारण हैलीकाॅप्टर नहीं उड़ पा रहे हैं। एक हैलीकाॅप्टर को धारचूला में ही रखा गया है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में हैलीकाॅप्टर की सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। एनडीआरएफ, एसडीआआरएफ, आईटीबीपी, सेना एवं स्थानीय लोग लगातार राहत कार्यों में लगे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रहने एवं खाने की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा टीम द्वारा मेडिकल कैम्प के माध्यम से प्रभावितों के साथ ही स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क एवं पैदल मार्ग की मरम्मत आदि का कार्य किया जा रहा है। दो चिकित्सा टीमों द्वारा मालपा तथा सिमखोला में चिकित्सा कैंप लगाकर कर स्वास्थ्य परीक्षण तथा दवा वितरित की जा रही है। भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई में काम कर चुके पूर्व अधिकारियों को लेकर एक टीम बनायी जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े मसलों की जांच समय से पूरी की जा सके। इससे भ्रष्टाचार से जुड़े मसलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

शाह कर्नाटक में कमल खिलाने को खेलेंगे येदियुरप्पा कार्ड!

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का शनिवार से कर्नाटक दौरा शुरु हो गया है। पहले दिन चुनावी बिगुल फूंकते हुए शाह ने नारा दिया- अबकी बार, बीजेपी सरकार। कई गुटों में बंटी राज्य बीजेपी इकाई में जोश भरने के इरादे से शाह तीन दिवसीय दौरे पर कर्नाटक पहुंचे है। उन्होंने कहा कि राज्य बीजेपी के प्रमुख बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में पार्टी विधानसभा चुनाव जीतेगी।
केम्पे गौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, दोस्तों, हमारी पार्टी एकजुट है और आगामी दिनों में येदियुरप्पा के नेतृत्व में चुनावी लड़ाई में उतरने के लिए तैयार है। देखते रहिए हम राज्य में बीजेपी की सरकार बनाएंगे। कर्नाटक में इस वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसके लिए पार्टी ने 150 से ज्यादा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस सत्ता बरकरार रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है लेकिन बीजेपी ने कहा है कि उसकी ध्रुवीकरण की राजनीति का मुकाबला करने के लिए उसने रणनीति तैयार कर ली है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुरेश कुमार ने कहा कि बीजेपी न तो लिंगायत धर्म के मुद्दे को उछालेगी न ही कांग्रेस के ध्रुवीकरण की राजनीति के खिलाफ कन्नड़ भाषा विवाद को राजनीतिक हथियार बनाएगी। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस राज्य की सबसे बड़े लिंगायत समुदाय के अलग धर्म का समर्थन करती है जिसे बीजेपी को नुकसान पहुंचाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी का लिंगायत धर्म समुदाय में काफी जनाधार है। कुमार ने कहा कि बीजेपी लोगों और समुदायों के बीच घृणा फैलाने के लिए भाषा के मुद्दे का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहती। शाह का कर्नाटक दौरा पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरे देश के 110 दिन के उनके दौरे का हिस्सा है।

उत्तराखंड में घूम रहा एक लाख का ईनामी बदमाश, पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तार

नानकमत्ता का बिचई गांव शनिवार तड़के गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद इस गांव से दिल्ली के एक इनामी बदमाश जरनैल सिंह जैली को दबोच लिया। उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वह हत्या के एक मामले में फरार चल रहा था। उस पर एक लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में जैली गोली लगने से घायल हो गया। हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में इलाज के बाद देर सायं उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। शनिवार तड़के करीब चार बजे जंगल के बीच बसे बिचई गांव को तीन गाडिय़ों से आए दिल्ली पुलिस के दस जवानों ने घेर लिया। उसे सूचना मिली थी कि यहां सेक्टर 36, झंगोला गांव, थाना अलीपुर का रहने वाला जरनैल सिंह उर्फ जैली अपनी बुआ कुलवंत कौर के घर में छिपा हुआ है।
इधर अपने को पुलिस से घिरा जानकर जैली कमरे से निकलकर खेत में भाग निकला। दिल्ली पुलिस के सिपाही भी उसके पीछे दौड़े और गोलियां चलाईं। तड़के हुई गोलियों की तड़तड़ाहट से लोगों में दहशत फैल गई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते पुलिस ने जैली को कुछ दूरी पर गिरा लिया। गोली उसकी पीठ में लगी। पुलिस उसे घसीटते हुए खेत से बाहर लाई और बिना किसी से कुछ कहे गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गई। बाद में पुलिस अभिरक्षा में उसे हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि तीन अगस्त, 2015 को दिल्ली के थाना महिंद्रा पार्क में दर्ज हत्या के एक मुकदमे में जैली वांछित है। उस पर एक लाख रुपये का इनाम है। इसके साथ ही जैली पर थाना अलीपुर, दिल्ली में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।

हाईकमान सुलझा पायेगा मदन कौशिक और सतपाल महाराज के समर्थकों में मारपीट का मामला!

हरिद्वार का घटनाक्रम अब भाजपा हाईकमान के दरवाजे पर आ गया है। हाईकमान अब मामले में दोनों मंत्रियों के बीच सुलह करवायेगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है। दो कैबिनेट मंत्रियों के समर्थकों के सार्वजनिक रूप से आमने-सामने आ जाने से भाजपा की किरकिरी हो रही है। वहीं अनुशासित पार्टी की छवि को भी इस घटनाक्रम से नुकसान पहुंचा है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद मंत्रिमंडल में नंबर दो की हैसियत के मंत्री हैं। इसी साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव के जरिये महाराज ने राज्य की राजनीति में कदम रखा। उत्तराखंड में भाजपा की भारी भरकम जीत के बाद वह भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, हालांकि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर पुराने पार्टी कार्यकर्ता त्रिवेंद्र सिंह रावत को तरजीह दी।
वहीं, हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक भी भाजपा के कद्दावर नेताओं में शामिल हैं। विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज करते आ रहे कौशिक की छवि तेजतर्रार नेता की है। कौशिक के कद का अंदाजा इस बात ये लगाया जा सकता है कि उन्हें प्रदेश सरकार के प्रवक्ता की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।
गुरुवार को हुए टकराव के बाद जिस तरह पार्टी नेता और विधायक साफ तौर पर दो खेमों में बंटे नजर आए, उससे यह भी स्पष्ट हो गया कि चिंगारी काफी वक्त से सुलग रही थी और मौका सामने आते ही इसने असंतोष की आग कर रूप ले लिया। हालांकि, अब प्रदेश नेतृत्व इस असहज स्थिति से निबटने के लिए आगे आ गया है। इससे समझा जा रहा है कि जल्द इस प्रकरण का पटाक्षेप हो जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया हादसा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने हरिद्वार की घटना को महज एक हादसा बताया है। कहाकि यह दो मंत्रियों के बीच टकराव जैसी कोई बात नहीं है। दरअसल, हरिद्वार में जलभराव को लेकर स्थानीय जनता में आक्रोश था। प्रशासन अगर आश्रम प्रबंधन से इस सिलसिले में पूछ लेता, तो यह नौबत आती ही नहीं।
उन्होंने कहा कि यह मामला सतपाल महाराज के आश्रम के लोगों और नगर निगम कर्मचारियों के बीच का है। इसे बेवजह राजनैतिक रूप से तूल नहीं देना चाहिए। मैंने दोनों मंत्रियों से इस संबंध में बात की है। परिवार का मामला है, जल्द सुलझा लिया जाएगा।

टिहरी बांध का जलस्तर बढ़ने से गांवों पर मंडरा रहा खतरा

टिहरी बांध झील का जलस्तर पर बढ़ने से प्रतापनगर क्षेत्र के गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों के घर और आंगन में दरारें गहराने लगी है, जिस कारण ग्रामीणों में दशहत बनी हुई है।
जिला पंचायत सदस्य कंगसाली आंनद रावत ने गांवों के विस्थापन की मांग की है। तीन दिवसीय क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिपं सदस्य आनंद रावत ने कंगसाली, रौलाकोट, गडोली, चांठी, मोटणा, चौंधार, भैंगा, जणगी आदि गांवों का भ्रमण किया। बताया कि टिहरी झील का जल स्तर बढ़ने से इन गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। गांवों के विस्थापन को लेकर शीघ्र डीएम से भेंट की जाएगी। हटवाल गांव में अधर में लटके प्रसिद्ध भोमेश्वर महादेव मंदिर का काम टीएसडीसी के सीएसआर मद से पूरा करवाने की मांग की। उन्होंने डोबरा-चांठी पुल का भी निरीक्षण कर पुल निर्माण शीघ्र पूरा करने की जरूरत बताई।

योगी ने गोरखपुर हादसे की जांच बैठाई, रिपोर्ट में के आधार पर कार्रवाई का दिया भरोसा

गोरखपुर हादसे पर मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरी संवेदना उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस से निपटना बड़ी चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर हादसे से निपटने के लिए भारत सरकार मदद कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और स्वास्थ्य सचिव को गोरखपुर भेजा है। उन्होंने कहा, मैंने खुद मंत्रियों को वहां भेजा और पता करने का आदेश दिया था कि वह पता करें के बच्चों की मौत किस वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन से मौत एक जघन्य कृत्य है और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने पर कंपनी की भूमिका की जांच चीफ सेक्रेटरी कर रहे हैं और वह एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

अब मोदी के इशारे पर काम कर रहे नीतीश, दिखाया शरद यादव को आईना

भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से नई सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के इस कदम से बिहार की राजनीति पूरी तरह बदल चुकी है। नीतीश कुमार की अगुवाई वाला जेडीयू जल्द ही केन्द्र में एनडीए सरकार का हिस्सा हो जाएगा क्योंकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार को केन्द्र सरकार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आनेवाले दिनों में किस तरह का बिहार में सियासी समीकरण देखने को मिलेगा? आनेवाले लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और जेडीयू की बिहार में क्या रणनीति है?

नीतीश की दो टूक
नीतीश ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद शरद यादव के बगावती तेवर पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखते हुए उन्हें दो टूक जवाब दे दिया। नीतीश ने कहा कि उन्होंने नई सरकार बनाने का फैसला सर्वसम्मति के आधार पर लिया था। उन्होंने कहा कि कुछ भी करने से पहले पार्टी के लोगों से जरूर पूछता हूं। ऐसे में शरद यादव को जो भी फैसला लेना है उसके लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

सरकार में शामिल हो जेडीयू
माना जा रहा है कि जेडीयू को केन्द्र सरकार में दो या तीन अहम मंत्रालय दिया जा सकता है। लेकिन, इससे पहले जेडीयू की 19 अगस्त को बुलाई गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केंद्र सरकार में शामिल होने पर फैसला हो सकता है।

शरद यादव पर कार्रवाई
जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शरद यादव पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से हटा दिया है। इसको लेकर जेडीयू की तरफ से उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पत्र लिखा है। पार्टी ने शरद यादव की जगह आरसीपी सिंह को राज्यसभा में अपना नेता चुना है।

बदल जाएगा सियासी समीकरण
जेडीयू के केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पूरी तरह से बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में समीकरण बदल जाएगा। कल तक जिस नीतीश कुमार को विपक्ष की तरफ से धर्मनिरपेक्षता का बड़ा नेता माना जा रहा था और विपक्षी दल उनकी अगुवाई के बारे में सोच रही थी वो अब करीब डेढ़ साल बाद आनेवाले लोकसभा चुनाव में पिछले चुनाव के उलट मोदी के पक्ष में चुनाव् प्रचार करते हुए दिखेंगे।

डोकलाम विवाद, अमेरिका ने भारत के रुख को अनुभव वाला बताया

एक टॉप अमेरिकी एक्सपर्ट ने कहा है कि चीन के साथ सीमा विवाद में भारत का रवैया एक अनुभवी ताकतवर देश जैसा रहा है, वहीं इस मामले में चीन बचकानी हरकतें कर रहा है। 16 जून से सिक्किम के डोकलाम में भारत-चीन के बीच बॉर्डर विवाद चल रहा है। भारत का कहना है कि बातचीत तभी हो सकती है, जब दोनों देशों की सेनाएं पीछे जाएं। चीन का कहना है कि भारत, उसकी सीमा में दाखिल हुआ है, लिहाजा उसे पीछे जाना चाहिए। इस बीच चीन 8 बार धमकी भी दे चुका है।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक यूएस नेवल वॉर कॉलेज में डिफेंस स्ट्रैटजी के प्रोफेसर जेम्स आर. होम्स ने कहा, “पूरे विवाद में भारत का रुख एकदम ठीक है। भारत की सेनाएं न तो विवादित इलाके से वापस आ रही हैं और न ही वह चीन की धमकियों को कोई जवाब दे रहा है।” न्यूज एजेंसी ने कहा है कि भारत एक मैच्योर पावर की तरह बर्ताव कर रहा है और चीन किसी नासमझ की तरह बयानबाजी कर रहा है। इसे अजीब ही कहा जाएगा कि चीन अपने शक्तिशाली पड़ोसी के साथ सीमा विवाद में उलझा है। अगर चीन समुद्र में अपनी ताकत बढ़ाना भी चाहता है तो उसे अपनी सीमाएं सुरक्षित करनी होंगी। लेकिन इसका ये कतई मतलब नहीं कि वह अपने पड़ोसियों की सीमा में दखलअंदाजी करे। भारत-चीन सीमा विवाद पर अमेरिका चुप क्यों है, इस सवाल पर होम्स ने कहा, “हो सकता है कि नरेंद्र मोदी और उनके सलाहकार फिलहाल नहीं चाहते कि यूएस इस विवाद में शामिल हो। हालांकि इस बात की संभावना है कि विवाद बढ़ने पर अमेरिका, भारत का ही सपोर्ट करेगा।”

जिंदगीभर सम्मान पाने वाले हामिद अंसारी का ये कैसा बयान!

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गुरुवार को संसद में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। अपने कार्यकाल के अंतिम दिन उन्होंने देश की राजनीति को गरमा दिया। उन्होंने संसद में मुसलमानों में असुरक्षा और भय का माहौल का जिक्र करते हुए जाते-जाते सियासी दांव खेला है। जानकार इसे कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा मान रहे है, तो वहीं सोशल मीडिया में हामिद अंसारी की कडं़ी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया में चल रहे ट्रोल में लोगों ने पद जाने के बाद मुसलमानों में भय और असुरक्षा को लेकर उठाये गये तर्क पर सवाल खड़े कर रहे है।
उपराष्ट्रपति अंसारी ने कहा, मैंने 2012 में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के हवाले से कुछ कहा था। आज भी मैं उनके शब्दों को कोट कर रहा हूं। किसी लोकतंत्र की पहचान इससे होती है कि उसमें अल्पसंख्यकों की कितनी सुरक्षा मिली हुई है? लोकतंत्र में अगर विपक्षी समूहों को स्वतंत्र होकर और खुलकर सरकार की नीतियों की आचोलना करने की इजाजत न हो तो वह अत्याचार में बदल जाती है। उपराष्ट्रपति के इस बयान पर उच्च सदन में खूब तालियां भी बजीं। अंसारी ने कहा, साथ में अल्पसंख्यकों की जिम्मेदारी भी जरूरी है। उनके पास आलोचना का अधिकार है लेकिन उस अधिकार का मतलब यह नहीं है कि संसद को बाधित करें। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता चर्चा में है न कि चर्चा को बाधित करने में।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने विदाई भाषण में शायराना अंदाज में राज्यसभा के सदस्यों को धन्यवाद कहा और शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने अपने भाषण के अंत में कहा, आओ कि आज खत्म करें दास्ताने इश्क, अब खत्म आशिकी के फसाने सुनाएं हम। अंसारी ने उपराष्ट्रपति के तौर पर लगातार 2 कार्यकाल पूरे किए। वह 2007 में उपराष्ट्रपति बने थे। बाद में 2012 में भी वह दोबारा उपराष्ट्रपति चुने गए।

किसने कहा, 2024 में देश की बागडोर संभालेंगे योगी!

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट को उम्मीद है कि उनका बेटा देश का प्रधानमं़त्री बनेगा। उन्होंने तो योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने तक की तारीख बता दी है, उनका कहना है कि 2024 में योगी भारत के प्रधानमंत्री होंगे।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद बिष्ट को भरोसा है कि उनका बेटा एक दिन प्रधानमंत्री बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए योगी की जरूरत थी। जिस तरह योगी विकास के लिए तेजी से फैसले ले रहे हैं, उससे वह संतुष्ट हैं।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि मुख्यालय में गुरूवार को पत्रकारों से सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी और उत्तराखंड के विकास कार्यों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली में 9 और 10 का अंतर है। विकास की गति पर उन्होंने उत्तराखंड को नौ और यूपी को 10 अंक दिए। उन्होंने कहा उत्तराखंड में उतनी तेजी से निर्णय नहीं हो रहे। यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऐसा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि योगी चुनाव के दौरान फरवरी में गांव आए थे। मौजूदा विधायक ऋतु खंडूड़ी को जीत दिलाने में योगी की बड़ी भूमिका रही। गांवों की समस्या के बारे में उन्होंने कहा कि यदि गांवों में चकबंदी हो जाय तो बेहतर रहेगा। इससे पलायन भी रूकेगा। जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि महायोगी गुरूगोरखनाथ महाविद्यालय बिथयाणी के प्रबंधक होने के नाते वह कॉलेज की मान्यता संबंधी कार्य के लिए यहां आए हैं। मेरा प्रयास है कि कॉलेज में पीजी की कक्षाएं शुरू हों। इस क्षेत्र में यह अकेला महाविद्यालय है।