चीनी बॉर्डर पर सरकार का निर्देश, जल्द सड़क बनाने के दिए आदेश

चीन और भारत में डोकलाम विवाद के बीच सरकार ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव पावर बढ़ा दी हैं। सरकार ने इसलिए ये कदम उठाया ताकि 3,409 किलोमीटर लंबे इंडिया-चीन बॉर्डर के पास सड़कें बनाने का काम तेजी से किया जा सके। दरअसल, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इंडिया-चीन बॉर्डर से लगे 61 प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके हुए हैं। इंडिया-चाइना बॉर्डर रोड के तहत बनने वाले ये प्रोजेक्ट स्ट्रैटेजिकली इम्पॉर्टेंट हैं व ऐसे इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम कर रहा है, जहां पहुंचना मुश्किल है। असलियत में, सिक्किम सेक्टर में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 2 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री नेे कहा, बीआरओ में बदलाव लाने का मकसद काम को सही रफ्तार से पूरा करना है, ताकि आर्मी जरूरत के मुताबिक नतीजे हासिल किए जा सकें। बता दें कि इससे पहले बीआरओ के डायरेक्टर जनरल के पास स्वदेशी मशीनरी और इक्विपमेंट के लिए 7.5 करोड़ और विदेश मशीनरी के लिए 3 करोड़ रुपए के अप्रूवल अथॉरिटी थी।
डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा, बीआरओ को बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ बातचीत की भी आजादी दे दी गई है, ताकि काम को जल्द पूरा करने में मदद मिल सके। चीफ इंजीनियर और टास्क फोर्स कमांडर लेवल तक फाइनेंशियल पावर दे दी गई हैं ताकि चीफ इंजीनियर और बीआरओ डायरेक्टर जनरल और डिफेंस मिनिस्ट्री के बीच बातचीत के नजरिए से भी काम में किसी तरह की रुकावट ना आए।

ब्लू व्हेल का दिखा असर, नहीं ले जा सकेंगे स्कूलों में स्मार्ट फोन

आज के दौर में क्या बच्चे और क्या बड़े। सभी ऑनलाइन गेम से अछूते नहीं है और फिर ऐसे में आया ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल। बच्चों और किशोरों को खुदकुशी के लिए उकसाने वाले ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल के खतरे के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें बोर्ड की तरफ सेे स्कूलों को यह साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों स्मार्टफोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बिना इजाजत स्कूल में नहीं ला सकेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा इस्तेमाल कर रहे कंप्यूटर्स को ऐसे जगह रखा जाए जहां से उस पर नजर रखा जा सके। इसके साथ ही स्कूल को यह भी निर्देश दिया गया है कि छात्रों को इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर सुरक्षा और प्रभाव के बारे में बताया जाए। इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर डिजिटल निगरानी की व्यवस्था हो। बच्चों को केवल पहले से चयन किए हुए वेबसाइट तक पहुंचने की अनुमति देना होगा। उन्होंने कहा कि ब्लू व्हेल ही नहीं, बल्कि सभी जानलेवा वेबसाइट्स पर भी रोक लगनी चाहिए। सीबीएसई के परिपत्र में कहा गया है कि यह सूचित किया जाता है कि दृश्य या श्रव्य सामग्री को संग्रहित, रिकॉर्ड या प्ले कर सकने में समक्ष स्मार्ट मोबाइल फोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों को स्कूल या स्कूल बसों में बिना अनुमति के नहीं लाया जाए। स्कूल में प्राचार्य और स्कूल बसों में परिवहन प्रभारी इस बात का ध्यान रखें कि मोबाइल फोन नहीं लाया जा सके।

तो क्या एक साल पहले ही हो जाएंगे लोकसभा चुनाव

यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक लंबे समय से राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव के साथ कराने की वकालत करते रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि अपनी दलील को अमली जामा पहनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव करीब एक साल पहले ही कराने पर विचार कर रही है। इसके पीछे का गणित कुछ यह है कि बीजेपी की कोशिश है, साढ़े तीन सालों के दौरान किए गए कामों को लेकर जनता के बीच जाएं और उनसे वोट मांगे। बजाय इसके कि वह 20 महीना और इंतजार करें और रोजगारी और किसानों की समस्या हल करने में अपनी असफलता को और उजागर होने दें। केंद्र सरकार को यह भी पता है कि विपक्ष मौजूदा समय में बेहद कमजोर है, लेकिन उसे यह भी साफ दिख रहा है कि विपक्षी दल कांग्रेस अभी भी देश के कुछ हिस्सों में प्रभावी है। दूसरा यह कि हाल ही में मध्य प्रदेश में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की स्थिति में जिस तरह सुधार हुआ है। साथ ही पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जिस तरह भारी जीत दर्ज की है।वह निश्चित तौर पर बीजेपी के लिए चिंता का सबब होगा। कहीं न कहीं बीजेपी यह भी जानती है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और गुजरात में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उसे सत्ता-विरोधी माहौल का सामना करना होगा। ऐसे में अगर पूर्व के चुनावों के मुकाबले पार्टी की सीटों में कमी आती है। तो इसका सीधा असर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा।
बीजेपी को यह भी याद रखना होगा कि जनता अक्सर सत्तारूढ़ दल के प्रदर्शन से असंतुष्ट होकर उनके खिलाफ मतदान करती रही है। भले विपक्ष कमजोर हो। मगर, इसी साल गोवा और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव में ऐसा देखने को मिला। जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. यह अलग बात है कि विधायकों को अपने पाले में शामिल करने में सफल रही बीजेपी ने गोवा और मणिपुर में सरकार बनाई, लेकिन इस सच्चाई को नहीं झूठलाया जा सकता कि बीजेपी के प्रति असंतुष्टि की भावना है।

चीन की धमकियों से इस छोटे देश को नहीं पड़ा कोई फर्क

हर किसी देश पर अपनी दादागिरी दिखाने वाले चीन को इस बार एक छोटे से देश बोत्सवाना ने करारा जवाब दिया है। बोत्सवाना के राष्ट्रपति इयान खामा ने चीन को दो टूक कहा है कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। विश्व में हीरों की खानों के लिए मशहूर बोत्सवाना चीन की बार-बार की धौंस से तंग आकर इयान खामा ने कहा कि हम चीन की धमकियों से डरते नहीं हैं और बोत्सवाना चीन की कॉलोनी नहीं है।
दरअसल चीन आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के प्रस्तावित दौरे के लेकर बोत्सवाना को राजनीतिक और कूटनीतिक परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था। दलाई लामा 17-19 अगस्त तक बोत्सवाना की राजधानी गेबोरोनी के दौरे पर जाने वाले थे। दलाई लामा का ये दौरा निजी बताया गया। इसके बावजूद चीन इस दौरे का विरोध कर रहा था।
हालांकि दलाई लामा का ये दौरा बाद में रद्द हो गया। जिसके बाद चीन ने कहा है कि उसके बोत्सवाना के साथ संबंध बेहतर तरीके से आगे बढ़ते रहेंगे। वह बोत्सवाना के साथ अपने संबंधों को अधिक महत्व देता है। दलाई लामा ने थकावट की वजह से बोत्सवाना का दौरा रद्द किया।
आंतरिक मामलों में चीन के दखल को देख इयान खामा बौखला़ गए। उन्होंने कहा कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। बोत्सवाना गार्जियन को दिये इंटरव्यू में राष्ट्रपति इयान खामा ने कहा कि उन्होंने तरह-तरह की धमकियां दी। चीन अपना राजदूत वापस बुला लेगा, दोनों देश के बीच रिश्ते खराब हो जाएंगे। चीन दूसरे अफ्रीकी देशों की मदद से बोत्सवाना को अलग-थलग कर देगा। दलाई लामा पर खामा ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि उनकी सेहत जल्द ठीक होगी और फिर उनका बोत्सवाना में स्वागत है, वे यहां आएं और घूमें।

पाक चीफ आर्मी ने कहा जिन्ना का पाकिस्तान बनाएंगे

सीमा पर तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान के सीमा रक्षकों ने भारत के 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंजाब के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक दूसरे को मिठाइयां व बधाई दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों व कर्मियों ने पाकिस्तानी रेंजरों को अटारी संयुक्त जांच चौकी पर व फिरोजपुर जिले के हुसैनावाला सीमा व साथ ही फाजिलिका जिले के सीमा के प्रवेशद्वार पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। आपको बता दें कि हाल में द्विपक्षीय तनाव के कारण कई मौकों पर दोनों पक्षों ने मिठाइयां व बधाइयां देना बंद कर दिया था। मिठाइयों का आदान-प्रदान सीमा सुरक्षा बलों के बीच स्वतंत्रता दिवस व दूसरे त्योहारों जैसे ईद व दिवाली पर होता रहता है।

आधी रात को वाघा सीमा पर फहराया 80 फीट का झंडा
पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) ने पाकिस्तान के 70वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वाघा सीमा पर पाक का सबसे बड़ा राष्ट्र ध्वज फहराया। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में बना 120 फीट गुना 80 फीट का ध्वज आधी रात को फहराया गया। इसे 400 फीट की ऊंचाई पर फहराया गया। यह ध्वज दक्षिण एशिया में सबसे ऊंचा और दुनिया में आठवें स्थान पर है। पाक सेना प्रमुख ने कहा, करीब 77 साल पहले लाहौर में पाकिस्तान का संकल्प पारित हुआ था। उन्होंने कहा, कि हम पाकिस्तान को मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल (कवि) का देश बनाएंगे।

आधी रात को किरन बेदी क्यों कर रही सड़कों का दौरा

पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने देर रात स्कूटर की पिछली सीट पर बैठकर शहर का मुआयना किया। इस दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने दुपट्टे से चेहरा ढंक रखा था।. दरअसल वह इस केंद्रशासित प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा का जायजा लेना चाह रही थीं। स्कूटर को एक महिला ही चला रही थी। किरण बेदी के इस कदम को कई लोगों ने सराहा, जबकि कुछ लोगों ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर उनकी आलोचना भी की। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों महिलाओं ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था।
शहर में देर रात सुरक्षा जायजा लेने के बाद उन्होंने ट्वीट किया। महसूस किया कि पुडुचेरी रात में भी महिलाओं के लिए सुरक्षित है। हालांकि कहा कि वह कुछ कदम उठाने का सुझाव देंगी जो सुरक्षा मजबूत करने के लिए पुलिस को उठाने की जरूरत है।
उपराज्यपाल ने लोगों को सलाह दी कि अगर वह अपनी चिंताओं से पीसीआर को अवगत कराएं या 100 नंबर पर फोन करें। गौरतलब है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी लोगों से मिलने और उनसे संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए आम तौर सप्ताहांत के अपने दौरे में आसपास के क्षेत्रों में जाती हैं।

कॉल ड्रॉप हुयी तो उपभोक्ता कंपनी पर लगा सकता है जुर्माना

भारत में हर व्यक्ति के पास दो मोबाइल फोन है। नेटवर्क की समस्या से जुझ रहे उपभोक्ता कॉल ड्रॉप होने और नेटवर्क परेशानी के चलते दो फोन रख रहा है। पिछले कुछ समय से कॉल ड्रॉप की ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही है। कंपनी ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में उपभोक्ताओं की कॉल ड्रॉप कर रही है। जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लेकिन अब ट्राई ने अधिक कॉल ड्रॉप होने पर टेलीकॉम कंपनियों पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा है। कॉल ड्रॉप प्रतिशत को अब पूरे सर्किल के औसत के बजाय मोबाइल टावर के स्तर पर मापा जाएगा। ट्राई की ओर से मोबाइल कॉल की गुणवत्ता के बारे में निर्धारित नए नियमों में ये कड़ी शर्तें लादी गई हैं। ये नियम एक अक्टूबर से लागू होंगे।
टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा, हमने 1-5 लाख रुपए तक के वित्तीय दंड का प्रावधान किया है। नेटवर्क के प्रदर्शन के आधार पर यह ग्रेडवार जुर्माने की व्यवस्था है।
ट्राई के प्रभारी सचिव एसके गुप्ता ने कहा, यदि कोई ऑपरेटर लगातार दूसरी तिमाही में कॉल ड्रॉप के बेंचमार्क को पूरा करने में विफल रहता है तो उस पर डेढ़ गुना और यदि तीसरी तिमाही में भी विफल रहता है तो तीन गुना जुर्माना लगेगा। लेकिन किसी भी स्थिति में जुर्माना 10 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होगा। अब तक के नियमों में किसी सर्किल में निर्धारित से ज्यादा कॉल ड्रॉप होने पर प्रति तिमाही एक लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

पीओके में युवाओं ने मांगी आजादी, कहा हिंदुस्तान जिंदाबाद

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आजादी को लेकर पिछले काफी समय से मांग की जा रही है। पाकिस्तान से आजादी के लिए जनदाली में जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय छात्र संघ द्वारा विशाल रैली आयोजित की गई। जिसमें पाक के खिलाफ आजादी के नारे लगाए गए। वहां के स्थानीय नेता लीकांत खान ने कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में अशांति फैलाने के लिये अपने आतंकवादियों को यहां भेजता है। कई सालों से पीओके में लगातार आजादी की मांग उठ रही है।
आलम यह है कि इस साल मई के महीने में भी पीओके के हजीरा स्थित डिग्री कॉलेज में छात्रों ने पाकिस्तान के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। जिसमें छात्रों ने पाक के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया था। डिग्री कॉलेज के छात्रों का कहना था कि आजादी हमारा हक है और हम इसको हासिल करके रहेंगे। सिंध प्रांत में भी पाकिस्तान के खिलाफ स्थानीय लोग अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं. वहीं पाकिस्तान इन आवाजों को दबाने की भरसक कोशिश करता रहा है। पाकिस्तान आर्मी स्थानीय लोगों पर जुल्म ढाती रही है। हाल के दिनों चीन-पाक आर्थिक गलियारे को लेकर भी लोगों में आक्रोश का माहौल है।

अवैध कब्जा ही असली मुद्दा
दूसरी ओर भारत हमेशा से यह कहता रहा है कि पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और उसे खाली करना होगा। भारत का कहना है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू और कश्मीर को लेकर कोई विवाद है तो वह सिर्फ पाकिस्तान की तरफ से पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान पर अवैध कब्जा है।

चीन की बढ़ती गतिविधियों से सीमांत जनपद के चरवाहों ने पहाड़ छोड़ा

उत्तराखण्ड के सीमा बडाहोती पर लगातार चीनी और भारतीय सैनिको की बढती चहल कदमी ने इस इलाके में सालो से अपनी बकरियों को चराने वाले चरवाहो को वापस नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया है। ताजा खबर है कि चीन की सेना की ओर से चेतावनी दी है जिसमें कहा गया है कि यह चीन की सीमा है और वापस चले जाओ।
इस धमकी के बाद बकरिया चराने वाले चरवाहो ने सीमाओ से नीचे उतरने में ही अपनी भलाई समझी जबकि चरवाहें हर साल ठण्ड शुरू होने पर ही पहाडी सीमाओ से नीचे आते हे। लेकिन सीमाओ पर सैनिको की बढती चहल कदमी से बकरी चराने वाले लोगो ने ठण्ड का मौसम शुरू होने से पहले ही अपनी बकरियो के साथ नीचे की तरफ आने लग गये है। बकरी चराने वाले लोगो का कहना है कि अभी तक इनको यह रहने में कोई परेशानिया नही थी लेकिन सीमा पर चीनी सैनिको के संख्या बढ गई है और बार बार चेतावनी दी जा रही है कि कोइ्र भी जानवर नाले से पार आये तो ठीक नही होगा। जिससे सहमे चरवाहें बकरी लेकर पहाडी से नीचे की तरफ उतरने लगे है।

नामी बदमाश के नाम पर रिक्शा चालक मांग रहा 20 लाख की रंगदारी!

जल्द लखपति बनने के लिए एक रिक्शा चालक ने जरायम का रास्ता चुना लेकिन पहली ही चाल में पुलिस के हत्थे चढ गया। पुलिस ने रूडकी के कारोबारी से बीस लाख रुपए चौथ मांगने के आरोप में रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रिक्शा चालक नामी बदमाश सचिन खोखर के नाम पर रंगदारी मांग रहा था।
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि कल नलिन गुप्ता पुत्री मदन गोपाल निवासी पूर्वी राजपूतान अनाजमंडी ने गंगनहर कोतवाली को सूचना दी उनसे कुख्यात सचिन खोखर के नाम से 20 लाख रूपये मांगे जा रहे हैं और धमकी दी जा रही है। मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए एसपी देहात ने एक गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमर चन्द शर्मा और एसएसआई चंद्रमोहन सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। गंगनहर पुलिस और सीआईयू की सुरागरसी से मुखबीर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी। जिस पर पुलिस ने आज इंतज़ार पुत्र फ़तेह मोहम्मद निवासी ग्राम मख्याली कलां थाना लक्सर हरिद्वार को अनाजमंडी बीटी गंज से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में इंतज़ार ने बताया कि वह रिक्शा चलाता है। उसे मालूम था कि नलिन गुप्ता के पास काफी पैसा है। एसपी देहात ने बताया कि इंतज़ार ने पूछताछ के दौरान बताया कि इंतज़ार ने पैसों के लालच में आकर नलिन गुप्ता को अपने फ़ोन में सिम बदलकर धमकी दी और बीस लाख रूपये की मांग की। जब एक दो बार फोन करने के बाद नलिन गुप्ता द्वारा कोई जवाब नही दिया तो 16 अगस्त को पवन पुत्र कलीराम निवासी ग्राम बेलडा रुड़की हरिद्वार से उसका फोन मांगकर अपना सिम डालकर कुख्यात सचिन खोखर के नाम से नलिन गुप्ता से 20 लाख की मांग की और धमकी दी। पुलिस ने फोन, सिम और एक पैन ड्राइव भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस टीम में प्रभारी अमर चन्द शर्मा, एसएसआई चंद्रमोहन सिंह, उपनिरीक्षक यशवंत खत्री, कांस्टेबल देवेन्द्र ममगाईं, कपिल देव, सीआईयू से अशोक और रविन्द्र खत्री शामिल रहे।