ऑपरेशन क्लीन से कश्मीर में होगा आंतकवादियों का सफाया

पिछले वर्ष जुलाई में जब हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी को मारा था, उसके बाद से ही घाटी में घुसपैठ जारी है और माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत खुद कई बार घाटी का दौरा कर चुके हैं। वर्ष 1990 के बाद से घाटी में आतंकियों को खदेड़ने के बाद सबसे बड़ा ऑपरेशन ऑपरेशन क्लीन अप लॉन्च हो चुका है। सेना ने मई में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन की शुरुआत के साथ ही आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान शुरू किया था। इस समय घाटी में करीब 4,000 से ज्यादा सेना के जवान, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान इस ऑपरेशन का हिस्सा हैं।
शनिवार को सेना ने कश्मीर के सोपोर में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया। इसके साथ ही अब तक इस वर्ष सेना ने 122 आतंकियों का खात्मा कर डाला है। दिसंबर 2016 तक सेना ने घाटी में करीब 120 आतंकी मारे थे। आतंकियों के मारे जाने की आंकड़ें मे इजाफा होगा, इस बात की पूरी गारंटी है। सेना ने घाटी से आतंकियों के सफाए के लिए डेडलाइन तय की है। इस डेडलाइन के तहत घाटी में सर्दियों के शुरू होने से पहले सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराने और घाटी को आतंकियों से आजाद कराने का लक्ष्य तय किया है। सेना ने कश्मीर के आतंकियों के खिलाफ अब अपनी रणनीति बदल ली है। मई में जब हिजबुल कमांडर सबजार भट को मार गया था तो उस ऑपरेशन ने साफ कर दिया था कि सेना किस तरह से कश्मीर खासतौर पर साउथ कश्मीर में मौजूद आतंकियों के खिलाफ आक्रामक हो गई है।

बेटी की चींख सुनकर आयें परिजनों के उड़े होश

देशभर से आ रही चोटी कटने की तमाम खबरों के बीच अब बिहार और उत्तराखंड से भी चोटी काटे जाने की खबरें आ रही हैं। बिहार में पिछले 24 घंटे के अंदर चोटी कटने के दो मामले और उत्तराखंड से भी एक मामला सामने आया है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, एमपी और यूपी के बाद अब बिहार और उत्तराखंड का नाम भी इन घटनाओं से जुड़े राज्यों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है।
पहली घटना बिहार के मोतिहारी जिले की है। जहां राधिका नाम की लड़की बीती रात घर के बाहर सो रही थी। उसी बीच रहस्यमय तरीके से उसकी चोटी कट गई। सुबह राधिका ने अपनी चोटी कटी हुई देखी और शोर मचाना शुरू किया। इस घटना के बाद राधिका का परिवार और पूरा गांव दहशत में है।
उत्तराखंड के सहसपुर में भी फरजाना नाम की एक लड़की की चोटी कटने का मामला सामने आया है। बीती रात लगभग 12 बजे फरजाना की चीख सुनकर घर वालों की आंख खुल गई। परिजन फरजाना के पास पहुंचे तो देखा कि उसकी कटी हुई चोटी बिस्तर पर ही पड़ी थी। इस घटना से फरजाना काफी डरी हुई है।
शनिवार को एक बार फिर दिल्ली से चोटी काटे जाने की दो खबरें आईं हैं। चंदर विहार में बीती रात नीरज नामक महिला तेज सिरदर्द के बाद बेहोश हो गई। सुबह जब उसे होश आया तो उसकी चोटी कटी हुई थी। वहीं जामिया नगर इलाके में एक 13 साल की बच्ची की भी बीती रात चोटी कट गई।

देश के इतिहास में 3 सर्वोच्च पद पर संघ विचारधारा के लोग

एनडीए के उम्मीद्वार वेंकैया नायडू को भारत के 13वें उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। वो भारत के 15वें उपराष्ट्रपति कार्यकाल को संभालेंगे। इनसे पहले हामिद अंसारी लगातार दो बार उपराष्ट्रपति रहे थे। यह पहली बार है जब भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पद पर संघ से जुड़े व्यक्ति आसीन हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संघ से काफी पुराना नाता है और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी छात्र जीवन में संघ से जुड़ गए थे। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी आरएसएस के प्रचारक रह चुके हैं। गौरतलब है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में कहा था, आजाद भारत के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब भारत के सभी सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर एक ही विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति आसीन हैं।
उपराष्ट्रपति नायडू छात्र जीवन के समय 70 के दशक में आरएसएस से जुड़े थे। इस दौरान उनकी पहचान बतौर आंदोलनकारी छात्र के रूप में हो गयी थी। वेंकैया ने 1972 में जय आंध्र आंदोलन में भाग लिया था। इसके बाद 1973 से 74 तक आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष भी रहे थे। बता दें कि नायडू बतौर स्वंय सेवक दूसरे उपराष्ट्रपति हैं। उनसे पहले भैरोसिंह शेखावत 2002 से 2007 तक उपराष्ट्रपति के पद पर रहे थे।

ताकुला मोटर मार्ग में केएमओयू की बस मलबे की चपेट आई

बागेश्वर जिले में बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कांडा में एक छात्र गधेरे में बह गया है। एक चरवाहा भी नाले की चपेट में आने से बह गया है। वहीं बागेश्वर-अल्मोड़ा वाया ताकुला मोटर मार्ग में केएमओयू की बस मलबे की चपेट में आने से 50 मीटर खाई में गिर गई है। बारिश से 24 सड़कें आवागमन के लिए बंद हो गई हैं। सरयू व गोमती नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है।


बागेश्वर से हल्द्वानी को जा रही केएमओयू की बस रेखोली के पास भूस्खलन के चपेट में आ गई। मलबे ने बस को करीब 50 मीटर नीचे खाई में धकेल दिया। बस चीड़ के पेड़ पर अटक गई। ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय दिया। गाड़ी में बैठी 20 सवारियां पहले उतार दी। जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं बीते दिन कांडा में प्राथमिक विद्यालय पंक्चौड़ा से लौट रहा पांचवीं का छात्र स्थानीय नाले में बह गया है। बनेगांव में मवेशियों को चूंगाने जंगल गया युवक भी गधेरे में बह गया है। जिसका शव पिथौरागढ़ जिले के सिमखेत में रेस्क्यू टीम को मिला। वहीं जिले में 24 सड़कों पर मलबा भर गया है। जिससे आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। देवतोली में भारी भूस्खलन से गांव को खतरा पैदा हो गया है। बारिश से सरयू व गोमती नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है।

सतपुली की घटना पर सीएम ने जताई नाराजगी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में गृह विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में थानों की परफार्मेंस के अनुसार उनकी रैंकिंग करने के निर्देश दिये। प्रतिवर्ष की जाने वाली रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ थाने को एक लाख रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होंने पुलिस विभाग को सीमान्त जनपदों में तैनात आईटीबीपी, एसएसबी और सेना के साथ लगातार समन्वय बनाकर रखने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को ऑनलाइन एफआईआर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को साइबर अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिये तैयार होने को कहा। परिवहन विभाग के साथ पुलिस विभाग संयुक्त रूप से डग्गामार वाहनों के विरूद्ध अभियान चलाये। यद्यपि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सडक दुर्घटनाओं के मामले में कमी आई है फिर भी मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को इस दिशा में गंभीरता से काम करने को कहा। मुख्यमंत्री ने जनपद पौडी में सतपुली की घटना में पुलिस की भूमिका पर असंतोष व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने पुलिस को नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाने के निर्देश दिये। बताया गया कि पिछले 6 महीनों में नशे के अवैध कारोबार में 583 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है तथा 5.25 करोड रूपये के मादक पदार्थ बरामद हुए है। अवैध शराब की तस्करी में 2860 अभियुक्त गिरफ्तार हुए तथा रूपये 5 करोड़ की अवैध शराब बरामद हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में ड्राइवर के आवश्यक 235 पदों तथा एसडीआरएफ के 400 जवानो के पदों को अगले तीन वर्ष में चरणबद्ध प्रक्रिया से भरा जायेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव वित्त श्रीमती राधा रतूड़ी को इसके लिये पुलिस विभाग के साथ बैठक करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह डॉ.उमाकांत पंवार को निर्देश दिये कि पूर्व में जिन नये थानो चौकियों की सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है, उन पर वित्त विभाग के साथ वार्ता कर कार्यवाही शुरू की जाए। पुलिस विभाग द्वारा कुल 13 नये थानो तथा 34 रिर्पोटिंग पुलिस चौकी का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही कई थानो चौकियों के कार्य क्षेत्र को बढ़ाने की मांग भी की गई।
पुलिस विभाग द्वारा आईआरबी द्वितीय तथा एसडीआरएफ के भवन की मांग पर भी सैद्धांतिक स्वीकृति देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में बजट आवंटन हेतु वित विभाग और गृह विभाग को बैठक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में वाहनों की कमी को भी शीघ्र दूर किया जायेगा।
बैठक में बताया गया कि अनावरण प्रतिशत की दृष्टि में डकैती (100 प्रतिशत), लूट (84 प्रतिशत), गृह भेदन (54 प्रतिशत) और बलात्कार (99 प्रतिशत) के मामलो में प्रदेश की पुलिस की परफार्मेंस राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हत्या के मामलो में अनावरण प्रतिशत 83 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 86.2 प्रतिशत से कम है। मुख्यमंत्री ने इसमें सुधार के आवश्यकता बताई। बलात्कार की घटनाओं को रोकने के लिये पुलिस सख्त कार्यवाही करे और ऐसी घटनाओं में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो।
पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार रतूडी ने बताया कि वर्ष 2017 में लूट, चोरी की गई सम्पत्ति की बरामदगी 45 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 16.4 प्रतिशत है। इस दृष्टि से प्रदेश का देश में 5वां स्थान है। इसके साथ ही सजा का प्रतिशत 65 है। राष्ट्रीय औसत 46.9 प्रतिशत है। देश में 6वां स्थान है। एसटीएफ एवं देहरादून पुलिस द्वारा एटीएम क्लोनिंग की ठगी के 95 प्रकरणों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। 35 लाख रूपये बैंको के खातों में फ्रीज किये गये। लगभग 17 लाख रूपये बरामद किये गये। ऑपरेशन स्माईल के तहत 331 बच्चों की बरामदगी की गई एवं एसआईटी द्वारा 774 शिकायतों का निस्तारण किया गया।

लगातार बारिश से बीन नदी का जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से बीन नदी उफान पर है। ऐसे में बीन नदी में वाहन चालक जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। यहां उफनती नदी में कई बार वाहन फंसने से यात्रियों की जान मुसीबत में फंस चुकी है। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गंगा भोगपुर से आगे बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग के बीच में पड़ने वाली बीन नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर हरिद्वार से ऋषिकेश आ रहे वाहन बमुश्किल पार हो सके।
खतरे की आशंका को देखते हुए लक्ष्मणझूला थाना पुलिस ने हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवाजाही करने वाले वाहनों को रोक दिया। यातायात बाधित होने पर नदी के इस पार और उस पार वाहन खड़े गए और जलस्तर कम होने का इंतजार करने लगे। करीब 11 बजे नदी का जलस्तर घटा तब जाकर मार्ग पर बाधित यातायात सुचारू होने पर रास्ते में फंसे यात्रियों ने राहत महसूस की। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि बीन नदी के उफनाने से बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग पर करीब दो घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। जलस्तर कम होने पर वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना किया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर आपदा प्रबंधन की टीम भी तैनात की गई है।

भारी बारिश से कोटद्वार में तबाही, 6 की मौत

कोटद्वार में बारह घंटे की भारी बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई है। जबकि दुकानों से लेकर घरों तक को भारी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के कारण सुबह 9 बजे तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग कोटद्वार-दुगड्डा के बीच में अवरूद्ध रहा। जिसके चलते कोटद्वार का अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से संपर्क कट गया।
आपदा परिचालन केन्द्र कोटद्वार से मिल रही जानकारी के अनुसार, रिफ्यूजी कालोनी में पनियाली नाले का पानी आने से रिफ्यूजी कालोनी निवासी सीपी अरोड़ा के बेटे लक्ष्य और दर्शन अरोड़ा की पत्नी ज्योति अरोडा की मौत हो गयी। जबकि मानपुर में सुरक्षा दीवार ढहने से राम सिंह रावत की पत्नी शान्ति देवी की मौत हुई है। मानपुर में ही बालक राम के पुत्र अजय की घर में पानी घुसने से मौत हुई है। कोटद्वार तहसील के अन्तर्गत भारी बारिश से रामागांव निवासी मौ0 इदरीश का मकान ढह गया है। जिसमें दबकर उसकी 16 वर्षीय पुत्री मुस्कान बानो की मौत हो गयी, जबकि पत्नी और बेटा घायल हो गये है।
बलभद्रपुर निवासी हरेन्द्र सैनी ने बताया की उसके 65 वर्षीय पिता राजे सिंह खेती करने के लिए दिल्ली फार्म के पास गये थे, जहां नाला पार करते हुए उनकी मौत हो गयी है। वहीं, भारी बारिश के कारण रिफ्यूजी कालोनी में जलभराव के दौरान हुए शॉट सर्किट से एक मकान में आग लग गयी। जिसके कारण रसोई में रखा गैस सिलेण्डर फटने से हरेन्द्र भाटिया पुत्र ओम प्रकाश, हरेन्द्र भाटिया का 19 वर्षीय पुत्र राहुल तथा सुरेन्द्र भाटिया की 42 वर्षीय पत्नी रेनू भाटिया झुलस गये जिनका उपचार स्थानीय राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में किया जा रहा है।
भारी बारिश और बादल फटने की घटना से लोग डरे हुए है। जिसके चलते कोटद्वार के कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल है। ओएफसी केबिल के कार्य नही करने से इंटरनेट सेवा भी सुचारु नही हो पाई है। प्रशासन और सामाजिक संस्थायें क्षेत्र में राहत कार्य कर रही है। लोगों में बारिश को लेकर डर बना हुआ है।

अयोध्या रामजन्म भूमिः देश दुनिया की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकेगी

देश विदेश में अयोध्या का नाम सुनते साथ ही हिन्दूओं की आस्था के प्रतीक श्रीराम की तस्वीर उभर कर सामने आ जाती है। इस मामले में नया घटनाक्रम यह है कि अब अयोध्या रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 11 अगस्त से करने का फैसला किया है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने 3 जजों की स्पेशल बेंच तैयार की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने का सुझाव दिया था। ये एक ऐसा विवाद है, जिसकी आंच में भारतीय राजनीति आजादी के बाद से ही झुलसती रही है। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी, जिसका मुकदमा आज भी लंबित है।
आपकों बताते चले कि देश की आजादी से पूर्व इस स्थान को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। एक ओर हिन्दू इसे श्री राम की जन्म स्थली बताकर राम मंदिर का निर्माण करना चाहते है वहीं मुस्लिम इसे बाबरी मस्जिद बताकर अपना पक्ष रख रहे है। दोनों के दावे अब तक कई कोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गये है। पूर्व में इलाहाबाद कोर्ट ने उक्त स्थान की खुदाई करवाकर जिस पक्ष के अवशेष मिलेंगे, उसका दावा पुख्ता माना जायेगा कहा था। जिस पर खुदाई के दौरान हिन्दूओं से संबधित अवशेष मिले जिस पर कोर्ट ने इस स्थान को हिन्दुओं का माना। मुस्लिम पक्ष के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे किये।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने का सुझाव भी दिया। लेकिन कोई ठोस निर्णय सामने नही आ सका। अब फिर सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई 11 अगस्त से करने का फैसला किया है। अब देश दुनिया की नजरें फिर से हिन्दुस्तान की ओर होंगी। सुप्रीम कोर्ट के ट्रायल और फैसले से देश की राजनीति में इसका सीधा असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की अनुमति के शटडाउन नही होगा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सचिवालय में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को गत वर्ष के राजस्व में न्यूनतम 200 करोड़ रूपये की वृद्धि करने का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जे0ई0 और ए0ई0 ही नही बल्कि एक्जीक्यूटिव इंजीनियर भी फील्ड में दिखें। विद्युत चोरी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाय और विशेष रूप से बड़े बिजली चोरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाय। बिजली चोरी रोकने तथा राजस्व वृद्धि के लिये जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी जो वर्षो से एक ही जगह पर जमे हों उनका स्थानांतरण किया जाय। बिना एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की अनुमति के शटडाउन न किया जाय। जब भी किसी आवश्यक कार्य के लिए बिजली शटडाउन लेना हो तो उसका जनता में व्यापक प्रचार किया जाए। अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही से बिजली आपूर्ति में बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। जूनियर इंजीनियर से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक की चरित्र पंजिका में उनकी परफॉर्मेंस बिजली सप्लाई की नियमितता के आधार पर भी देखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य की सौर ऊर्जा नीति में 5 मेगावाट तक के प्रोजेक्ट केवल उत्तराखण्ड के निवासियों के लिए रखने के निर्देश दिये। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जायेगा। बताया गया कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से राज्य में 597 मिलियन यूनिट बिजली की खपत कम हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपजाऊ भूमि पर सोलर प्लाण्ट परियोजनाए न लगाई जायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली सप्लाई में ए0टी0 एण्ड टी0 (एग्रीगेट टेक्निीकल एण्ड कमर्शियल लॉसेस) को कम किया जाए। वर्ष 2016-17 के 16.72 प्रतिशत हानियों को इस वर्ष अधिकतम 15 प्रतिशत तक सीमित किया जाय। उल्लेखनीय है कि एक प्रतिशत ए0टी0 एण्ड टी0 हानियां कम होने पर राज्य को लगभग 100 करोड रुपए तक की बचत होगी। जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी की घटनाएं अधिक होती है, उन्हें चिन्हित कर वहां ओवरहेड लाइनों को ए0बी0 केबिलों से बदला जाए। इस वर्ष 2000 कि0मी0 ओवरहेड एल0टी0 लाइनों को ए0बी0 केबिलों से बदले जाने का लक्ष्य है। बताया गया कि राज्य के 15745 आबाद ग्रामों में 15681 विद्युतीकृत है। मुख्यमंत्री ने शेष 64 ग्रामों को इस वर्ष के अंत तक विद्युतीकृत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ सीमांत इलाकों में लगभग 8000 घरों हेतु सोलर ब्रीफकेस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत उत्पादन की आधुनिक एम0आई0एस0टी0 (मिस्ट) तकनीकि का अध्ययन कर किसी एक स्थान पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश भी दिए। उत्तराखंड जल विद्युत निगम को इस वर्ष के लिए निर्धारित 4876 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन लक्ष्य को बढ़ाकर कम से कम 5000 मिलियन यूनिट करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जल विद्युत परियोजनाएं न्यायालय वाद या किसी अन्य कारण से रुकी हुई हैं, उनके अतिरिक्त बाकी योजनाओं पर निगम पूरा ध्यान केंद्रित करें। बताया गया कि 120 मेगावॉट ब्यासी परियोजना वर्ष 2018 दिसम्बर तक तैयार हो जायेगी। उत्तरकाशी की पिलंगाड-1 (2.25 मेगावॉट) योजना इस वर्ष दिसम्बर तक पूरी हो जायेगी। चमोली में उरगम (3.0 मेगावॉट) तथा पौड़ी में दुनाव (1.5 मेगावॉट) योजना अगस्त के अंतिम सप्ताह से प्रारम्भ हो जायेगी। दुनाव परियोजना टेस्टिंग प्रक्रिया में है। राज्य के दस हजार से कम जनसंख्या वाले 36 शहरों में 192 करोड़ की लागत से बिजली सुधारीकरण किया जाना है। इस वर्ष अप्रैल से जून तक बिजली चोरी के लगभग 486 अभियोग पंजीकृत किये गये हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अप्रैल-जून अवधि के बिजली आपूर्ति की नियमितता और अवधि में सुधार हुआ है। बैठक में सचिव ऊर्जा राधिका झा, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान सहित ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड की राजनीति में जीना का नाम अमरः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मौसम की खराबी के कारण शुक्रवार को सोमेश्वर, अल्मोडा में प्रस्तावित स्व.श्री सोबन सिंह जीना की जयंती के अवसर पर उनकी मूर्ति अनावरण कार्यक्रम एवं जनसभा में सम्मिलित नही हो पाए। परन्तु इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दूरभाष पर वहां आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जन समुदाय को संबांधित करते हुए कहा कि स्व.जीना जी की राजनीति में एक आदर्श पुरूष के रूप में गणना होती है। स्व.जीना ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण एवं सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य निर्माण से पूर्व उत्तराखण्ड कैसा होना चाहिए, उसके चिंतन की दिशा में जो काम स्व.जीना जी ने किया वह इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व.जीना जी का राजनीतिक जीवन साफ-सुथरा रहा है। इसके साथ ही उनकी पहचान नई पीढ़ी के लिए एक आदर्श पुरूष के रूप में सदैव बनी रहेगी। मुख्यमंत्री स्व. सोबन सिंह जीना की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने सोमेश्वर विधानसभा के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने तालुका में 33/11 के.वी. उपसंस्थान निर्माण का कार्य, राजकीय जूनियर हाईस्कूल भटूली का पुर्ननिर्माण कार्य, जनपद अल्मोड़ा के विकासखण्ड तालुका में सोमेश्वर में स्थित पुलिस थाना भवन की सांई नदी से बाढ़ सुरक्षा का कार्य, दौलाघाट ग्राम समूह पेयजल योजना का कार्य एवं शीतलाखेत को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोडा के विकासखण्ड ताडीखेत में कोसी नदी पर वृहद श्रोत संवर्धन कार्य के अन्तर्गत काकडीघाट के पास प्रस्तावित झील निर्माण हेतु सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं डी.पी.आर. तैयार करने के कार्यों का प्राक्कलन बनाने, सोमेश्वर के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करना, सोमेश्वर में पार्किंग का निर्माण, सोमेश्वर में आधुनिक शौचालय निर्माण का कार्य, जनपद अल्मोडा के विधान सभा सोमेश्वर के अन्तर्गत नैनी जाना गिनाई मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण (लगभग 8 किमी) के कार्य की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोडा के विधानसभा सोमेश्वर के अन्तर्गत कालिका दलमोटी मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधार (5.40किमी) का कार्य, जनपद अल्मोड़ा के विधान सभा सोमेश्वर के अन्तर्गत मजखाली-सुन्दरखाल-बिटुलिया मोटर मार्ग के अवशेष भाग के पार्ट-1 एवं पार्ट-2 का निर्माण (लगभग 1.750 किमी) का कार्य, सोमेश्वर में पेयजल पम्पिंग योजना की स्वीकृति एवं काकडीघाट में मेडिटेशन सेंटर बनाने की भी घोषणा की।