11321 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन पेश

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने वर्ष 2023-24 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्व विरादरी में भारत का सम्मान बढ़ा है। चन्द्रयान सफल अभियान अभियान से हम शीर्ष देशों के पंक्ति में खड़े हो गए है। जी-20 के अध्यक्ष के नाते हमारे देश ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याण को समर्पित सरकार है। इसलिए मुख्य बजट में हम अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लेकर आये थे। इसमें आयुष्मान योजना, नन्दा गौरा योजना, माध्यमिक व उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति की योजना, अन्त्योदय कार्ड धारकों को वर्ष में तीन संलेडर निशुल्क रिफिल कराये जाने की योजना, सामाजिक सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न पेंशन योजना आदि का विशेष उल्लेख है। कहा कि इन जनकल्याण योजनाओं से हम समग्र विकास, समावेशी विकास तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास तथा सबका प्रयास आदि प्रतिबद्धताओं को पूर्ण करते हैं। इस अनुपूरक बजट में भी जनकल्याण को समर्पित योजनाओं हेतु महत्वपूर्ण प्रावधान हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि अनुपूरक बजट के लिए आवश्यक वित्त की व्यवस्था के लिए हमने गम्भीर प्रयास किये हैं। हम लगातार राजस्व अभिवृद्धि के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि हम अब तक बजट अनुमान का 34 प्रतिशत राजस्व प्राप्त कर चुके हैं। राजस्व प्राप्ति के सम्बन्ध में यह उपलब्धि मुख्यतः इसलिए है कि क्योंकि हमारी सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ मेरे द्वारा और माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पहली बार व्यापक पैमाने पर समीक्षाएं की जा रही है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि विगत दिनों हमारी सरकार द्वारा सर्किल रेट को रिवाईज किया गया था। जीएसटी के क्षेत्र में जहाँ एक और जन जागरूकता बढ़ाई गई वहीं दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी का सहारा लिया गया। कम से कम मानवीय हस्तक्षेप हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। हमारे इन प्रयासों के अच्छे नतीजे सामने आने लगे हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहां 2021-22 में लगभग हमको लगभग रू0 14176 करोड का कर राजस्व प्राप्त हुआ था वहीं 22-23 में यह बढ़कर रू0 17103 करोड़ हो गया है। इस वर्ष गत वर्ष के सापेक्ष हम 47 प्रतिशत कर राजस्व प्राप्त कर चुके हैं लेकिन हमने राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य बढ़ा दिये हैं ताकि जन कल्याण एवं अवस्थापना विकास हेतु समुचित प्रावधान कर सकें।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य के राजस्व के दृष्टिगत जी.एस.टी. वैट, स्टॉम्प वाहन कर आदि प्रमुख कर हैं और इन सभी में गत वर्ष के सापेक्ष वृद्धि हो रही है। इस वर्ष भी लक्ष्य के सापेक्ष भी अच्छी प्रगति है। राज्य वस्तु एवं सेवाकर में लक्ष्य के सापेक्ष 39 प्रतिशत, वैट (नॉन जीएसटी) में 41 प्रतिशत, स्टाम्प में 51 प्रतिशत तथा वाहन कर में 34 प्रतिशत की प्राप्ति हो चुकी है।

’प्रमुख केन्द्र पोषित योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
जल जीवन मिशन – लगभग रू0 795 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में 297 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लगभग रू0 190 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान लगभग रू0 128 करोड, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान लगभग रू0 120 करोड़, मेडिकल कॉलेज लगभग रू0 54 करोड, स्वच्छ भारत मिशन लगभग रू0 36 करोड़।

’प्रमुख पूंजीगत योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
आवास एवं शहरी विकास के अन्तर्गत अवस्थापना का सुदृढीकरण हेतु रू0 321 करोड़, ऋषिकेश को योग नगरी के रूप में विकसित करने हेतु लगभग रू0 30 करोड, हरिद्वार को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने हेतु लगभग रू0 25 करोड़, पार्किंग के निर्माण हेतु लगभग 135 करोड़, मुख्यमंत्री आंगनबाडी भवन निर्माण हेतु लगभग रू0 50 करोड़, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण एवं स्थापना हेतु लगभग रू0 100 करोड़, लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत आरआई.डी.एफ. योजना के अन्तर्गत लगभग रू0 100 करोड़, नगरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लगभग रू0 25 करोड़, अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास रू0 35 करोड़, अनुसूचित जन जाति बाहुल्य क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास रू0 17 करोड़।

’प्रमुख राजस्व योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
सडकों के अनुरक्षण के अन्तर्गत लगभग रू0 300 करोड़।
अटल आयुष्मान हेतु लगभग रू0 200 करोड।
नन्दा गौरा हेतु लगभग रू0 95 करोड़।
औषधि तथा रसायन के अन्तर्गत लगभग रू0 90 करोड।
निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना हेतु लगभग रू0 68 करोड़।
रूफ टॉप सोलर स्ट्रीट लाईट संयंत्रों लगभग रू0 66 करोड़।
सामाजिक सुरक्षा (पेंशन) के अन्तर्गत लगभग रू0 40 करोड।
मशीन उपकरण सज्जा एवं संयंत्र के अन्तर्गत लगभग रू0 33 करोड़।
कम्यूटर हार्डवेयर सॉफ्टवेयर एवं अनुरक्षण के अन्तर्गत लगभग रू0 23 करोड।
व्यावसायिक तथा विशेष सेवाओं का भुगतान के अन्तर्गत लगभग रू0 17 करोड़।
कार्यालय प्रायोगार्थ वाहन क्रय में लगभग रू0 13 करोड।
ईजा बोई शगुन योजना हेतु लगभग रू0 10 करोड़।
पशुपालन के अन्तर्गत साइलेज पशुपोषण योजना हेतु लगभग रू0 7 करोड़।

डेंगू रोकथाम को कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर

राज्य में डेंगू रोग संक्रमण रोकने लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। इसी कड़ी में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर डेंगू रोगियों के बेहत्तर इलाज व देखभाल के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सचिवालय में सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार द्वारा सभी जिलों के साथ डेंगू नियंत्रण हेतु समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
वर्चुवल बैठक में जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, निदेशक चिकित्सा शिक्षा आशुतोष सयाना सहित सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने डेंगू उन्मूलन अपने विचार व्यक्त किये। बैठक में मुख्य रूप से अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ संजय जैन, निदेषक राज्य संचरण परिषद डॉ अजय नगरकर, कार्यक्रम अधिकारी एनएचएम डॉ पंकज सिंह मौजूद थे। समीक्षा बैठक में पहुंचे सभी विशेषज्ञों ने डेंगू की रोकथाम के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। बैठक में मिले सुझावों के बाद जिला क्षय रोग अधिकारियों को जिला नोडल अधिकारी रक्तकोष नामित किया गया। वहीं इस महत्वपूर्ण बैठक में डेंगू रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी।

1.डेंगू रोग के संक्रमण काल के दृष्टिगत जनपदों के समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में डेंगू रोगियों हेतु 30 प्रतिशत डेंगू आईसोलेषन बेड आरक्षित रखे जायें जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ायें जाने की व्यवस्था सुनिष्चित की जाये।

2.रा0 दून मेडिकल कॉलेज के डेंगू विषेशज्ञों के परामर्श के अनुसार 90 प्रतिशत रागियों में डेंगू के सामान्य लक्षण होते हैं जो स्वतः ठीक हो जाते हैं एवं कुछ ही रोगियों को चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती होने की आवश्यकता पड़ती है।

3.डेंगू रोग को महामारी का रूप लेने से रोकने के लिए नगर निगम/नगर निकाय द्वारा माइक्रो प्लान बनाकर रोस्टर अनुसार फॉगिंग की जाए ताकि प्रत्येक क्षेत्र में सप्ताह में कम से कम एक बार फॉगिंग एवं स्वच्छता अभियान किया जाये।

4.डेंगू रोग पर नियंत्रण हेतु लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहियां (सोर्स रिडक्षन) एक कारगर व उपयुक्त उपाय है, जिन स्थानों पर चेतावनी के पश्चात् भी पानी जमा होने से डेंगू मच्छर पैदा होने की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, ऐसे संस्थानों व लोगों पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान किया जाये ताकि जनहित में डेंगू रोग के खतरे से लोगों को बचाया जा सके व महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।

5.शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के हॉट स्पॉट चिन्हित कर निरन्तर स्वच्छता अभियान एवं डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण समबन्धित कार्यवाही की जाये जिससे डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।

6.आमजन में डेंगू रोग के प्रति भ्रान्तियों के समाधान हेतु जनपद स्तर पर डेंगू के संक्रमण काल (माह नवम्बर तक) के दौरान कन्ट्रोल रूम स्थापित किया जाना सुनिष्चित करें।

7.आम जन में ब्लड डोनेशन हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाये।

समयसीमा के तहत तेजी से निर्माण कार्य करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् प्रदेश में किये जा रहे कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के लिए निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कार्य समय पर पूर्ण हो सकें इसके लिए लगातार साप्ताहिक एवं पाक्षिक समीक्षा की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भी इसमें शामिल किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि सभी जिलाधिकारियों को उनके क्षेत्र के अंतर्गत सड़कों एवं पुलों की सूची प्रेषित कर क्षेत्र का दौरा कर कार्यों में आ रही समस्याओं का समाधान निकाले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों में समस्या आ रही है, संबंधित विभागों एवं उनके (मुख्य सचिव) स्तर पर भी बैठक आयोजित करा समस्याओं को निस्तारित किया जाए।
मुख्य सचिव ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याओं को सुनकर निस्तारण किए जाने एवं सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि आवश्यक निर्माण सामग्री को भी समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार मैन पावर और मशीनरी बढ़ाई जाए। साथ ही निर्धारित समय पर कार्य पूरे हों इसके लिए दिन-रात तीन शिफ्टों में कार्य किया जाए। उन्होंने अच्छा कार्य कर रहे अधिकारियों एवं ठेकेदारों को सम्मानित किए जाने और खराब प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों एवं ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव राधिका झा एवं दिलीप जावलकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम और शिक्षा मंत्री ने 129 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ननूरखेड़ा, देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के द्वितीय चरण में कुल 129 सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के प्रथम चरण में 880 सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में एक मंच व प्लेटफार्म बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित शिक्षकों को शुभकामना देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों पर भविष्य के कर्णधारों को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है। सभी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ऊर्जा एवं नवाचार के साथ कार्य करें। जन सेवा करने का जो मौका मिला है, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर दिया है। नये भारत के निर्माण में हमारे युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी। हमारे नौनिहालों के भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त, समृद्ध एवं शक्तिशाली भारत के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत को अलग पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से आगे बढ़ रहा है। कोरोना काल में भारत ने अनेक देशों को कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराई। भारत को जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला। देश के अनेक हिस्सों में जी-20 की बैठकें आयोजित की गई। उत्तराखण्ड में जी-20 की तीन बैठकें आयोजित की गई। इन बैठकों से उत्तराखण्ड को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। दिसम्बर में राज्य में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। राज्य में युवाओं को रोजगार के पूरे अवसर मिले, इसके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद से अभी तक साढ़े पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रतियोगी परिक्षाओं में भाग ले चुके हैं। सभी परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जा रही हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहायक अध्यापकों की नियुक्ति होने से कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी पूरी होगी। उन्होंने सभी चयनित शिक्षकों से कहा कि शुरूआती सालों में दुर्गम क्षेत्रों में सेवा जरूर करें। उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापकों का अभी मंडल केडर है, इसे स्टेट कैडर बनाने पर विचार किया जा रहा है। स्कूलों में जो गेस्ट फैकल्टी कार्य कर रहे हैं, उनकी जायज मांगे पूरी की जायेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बैकलॉग के लगभग शत प्रतिशत पद भरे गये हैं, माध्यमिक शिक्षा में भी 80 प्रतिशत बैकलॉग के पद भरे गये हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरू, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

लापरवाही बरतने पर कोटद्वार के कृषि व भूमि संरक्षण को किया निलंबित

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोशल मीडिया एवं मीडिया में प्रसारित खबर का तत्काल संज्ञान लेते हुए कृषि निवेशों के वितरण में लापरवाही के सम्बन्ध में कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी को तत्काल निलंबन के आदेश दिए। मंत्री गणेश जोशी के आदेशानुसार विभागीय कार्यों में उक्त गम्भीर लापरवाही के दृष्टिगत कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अरविन्द भट्ट को निलंबन के आदेश के उपरांत उन्हे आज निम्लबित कर दिया गया है। मंत्री ने मामले में महानिदेशक कृषि को विस्तृत जांच के भी आदेश दिए है।
ज्ञात हो कि कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा जैविक कृषि निवेश को कृषकों को वितरण करने में लापरवाही बरती गई। विकासखण्ड द्वारीखाल हेतु क्रय किये गये जैविक कृषि निवेश कृषकों तक उपलब्ध न होकर सड़क किनारे पाये गये। जिन कृषि निवेशों का लाभ कृषकों को मिलना चाहिये था वह लाभ कृषकों को नही मिला जिससे योजना के उद्देश्य भी प्रभावित हुए। जैविक कृषि निवेशों को कृषकों को उपलब्ध न होने से जो निवेश क्रय हेतु जो विभागीय धनराशि व्यय हुई है उसका भी दुरूपयोग हुआ है। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा अपने पर्यवेक्षीय उत्तरदायित्व का सम्यक् रूप से निर्वहन नही किया गया। जिससे विभागीय धनराशि का दुरूपयोग एवं विभागीय छवि धूमिल हुई है। और योजना का अपेक्षित लाभ कृषकों तक नही पहुँच सका है।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा धामी सरकार में कोई भी गलत काम करेगा और कितना भी बड़ा अधिकारी हो लापरवाही बरतने वालों किसी को भी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा केंद्र सरकार द्वारा योजना के तहत किसानों को यह खाद वितरित की जानी थी, परंतु संबंधित भूमि संरक्षण अधिकारी द्वारा सड़क किनारे रखा गया। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं जन जन तक पहुंचाई जाए।

संविदा व आउटसोर्स से कार्यरत महिलाओं व एकल पुरूषों को भी बाल दत्तक ग्रहण अवकाश तथा बाल देखभाल अवकाश देने पर भी सरकार बना रही मन

राज्य के विभिन्न विभागों में दैनिक वेतन पर कार्यरत महिला कर्मचारियों को अब सरकार मातृत्व अवकाश देने पर विचार कर रही है। यही नहीं, विभिन्न विभागों में संविदा व आउटसोर्स से कार्यरत महिला व पुरूष कर्मचारियों को भी सरकार बाल दत्तक ग्रहण अवकाश तथा बाल देखभाल अवकाश देने का मन बना चुकी है। इन तीनों ही प्रस्तावों पर राज्य के वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है। वित्त मंत्री के अनुमोदन के बाद अब आगामी कैबिनेट से मंजूरी का इंतजार है।

वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत ऐसी महिला कर्मचारियों, जिनका वेतन दैनिक कार्य पर निर्भर है। उन्हें भी अब राजकीय कर्मचारियों की तरह ही छह माह का मातृत्व अवकाश देने पर सरकार ने मन बनाया हैं, इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्री डा. अग्रवाल की ओर से अपना अनुमोदन प्रदान किया गया है।

वित्त मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा व आउटसोर्स महिला व एकल पुरूष कर्मचारी (तलाकशुदा, विधुर इत्यादि) को भी सरकार एक वर्ष से कम आयु के शिशु को गोद लेने पर अधिकतम 120 दिन का बाल दत्तक ग्रहण अवकाश देने का विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा व आउटसोर्स केवल महिला कर्मचारियों को भी 18 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल हेतु बाल देखभाल अवकाश देने का भी सरकार विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि इसमें प्रत्येक वर्ष 15 दिन बाल देखभाल अवकाश देने का प्रावधान होगा। उन्होंने बताया कि इस पर भी अपना अनुमोदन दिया है।
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संविदा कर्मियों के लिए पितृत्व अवकाश पर भी वित्त मंत्री ने दिया अनुमोदन
देहरादून। वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा व आउटसोर्स पुरूष कर्मचारियों को भी पितृत्व अवकाश देने पर सरकार ने मन बनाया है। इसमें राजकीय कर्मियों की तरह ही 15 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। इस पर भी मंत्री डा. अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है।

मुख्यमंत्री से किसानों के प्रतिनिधि मण्डल ने की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बाजपुर में सिंचाई विभाग के अतिथिगृह में भूमि बचाओ आन्दोलन से जुड़े किसानों के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने बाजपुर के 20 गाँवों की 5838 एकड़ भूमि पर मालिकाना हक दिये जाने की माँग मुख्यमंत्री से की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जटिल से जटिल समस्याओं के निस्तारण हेतु सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाजपुर की भूमि समस्या के स्थाई समाधान हेतु सकारात्मक दिशा में कार्यवाही की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं के निस्तारण में कुछ समय अवश्य लग रहा है परन्तु उसके निस्तारण में सकारात्मक सोच के साथ कार्य किया जायेगा।
प्रतिनिधिमण्डल में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा, निरंजन दास गोयल, जगतार सिंह बाजवा, रजनीत सिंह ‘सोनू’, कुलवीर सिंह, सुशील सिंगला आदि शामिल थे।

देवभूमि में धामी के यूसीसी लागू करने के प्रयासों की जेपी नड्डा ने की सराहना

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा ने उत्तराखण्ड के विकास के प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिबद्धता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का चहुंमुखी विकास हो रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा भी राज्य के विकास में निरंतर सहयोग दिया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रयासों पर मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि शीघ्र ही समान नागरिकता संहिता लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बनेगा। उत्तराखण्ड में समान नागरिकता संहिता लागू करने के लिए प्रदेश की जनता से किया वादा उन्होंने पूरा किया है। उत्तराखण्ड में समान नागरिक सहिंता सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मूलमंत्र की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम होगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। दो-दो अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा हुआ राज्य है। धर्म, अध्यात्म एवं संस्कृति का केन्द्र है। राज्य हित में उत्तराखण्ड में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून बनाए जाने के लिए भी उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहा है। प्रदेश में अब धर्मांतरण कराने वालों के विरूद्ध इस कानून के तहत कार्यवाही की जा सकेगी। राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन संज्ञेय एवं गैर जमानती बनाया गया है।

राज्य के युवाओं के व्यापक हित में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से उत्तराखण्ड में पूरे देश का सबसे बड़ा नकल विरोधी कानून बनाए जाने के प्रयासों की भी श्री नड्डा ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा प्रदेश है जिसने नकल विरोधी कानून बनाया है तथा प्रदेश में इसे सख्ती से लागू किया गया है। इससे प्रदेश का युवा अब उत्तराखंड में भाजपा सरकार का आभार जता रहा है। अब प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई खिलवाड़ नहीं होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखण्ड में अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करके भी बड़ा कार्य किया है। देवभूमि में सरकारी एवं वनभूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त करने का निर्णय लेकर मुख्यमंत्री ने देवभूमि के स्वरूप को बनाए रखने का भी महान कार्य किया है।

विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वालों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुभाष रोड़ स्थित वेडिंग प्वाइंट में पंजाबी सभा द्वारा आयोजित विभाजन विभीषिका सम्मान समारोह में विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वालों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका के दौरान दिवंगत लोगों की स्मृति में स्मृति स्थल के निर्माण की भी घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वयोवृद्ध विद्या वंती, सरदार मनोहर सिंह नागपाल, नानक चंद नारंग, भवानी दास अरोड़ा आदि को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को एक ओर जहां देश आजादी का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दर्द सहा। देश का विभाजन भारत के लिए किसी विभीषिका से कम नहीं था। इस दंश के दर्द की टीस आज भी है, जो इसे झेलने वाले लोगों की आंखों को नम कर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का विभाजन केवल एक भूभाग का विभाजन नहीं था, पीढ़ियों से साथ रह रहे लोगों के बीच नफरत और सांप्रदायिकता की लकीर खींच दी गई थी। लगभग पूरा भारत छिन्न-भिन्न हो गया था। सालों से साथ रहने वाले लोग, एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे, हर जगह क्रूरता नजर आ रही थी, जीवन मूल्यहीन हो गया था। मानव विस्थापन का इससे भयानक और विकराल रूप पहले कभी नहीं देखा गया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था।

विभाजन के दौरान वैमनस्य और दुर्भावना का दृढ़तापूर्वक सामना करने वाले, प्रत्येक व्यक्ति के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस हिंसक उन्माद के दौर के इस परिसर में बैठे हमारे वरिष्ठों और उनके अनेकों साथियों ने, समाज के प्रति अपने कर्तव्य, राष्ट्र के प्रति अपनी कृतज्ञता, और मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण को जीवंत रखा। इस बंटवारे ने जो जटिलताएं और विषमताएं, आजाद भारत के सामने ला कर खड़ी कीं, देश आज भी उनका सामना कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेकों इतिहासकारों और राजनेताओं ने, विभिन्न मंचों से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि, भारत का विभाजन राजनीतिक निर्बलता का स्पष्ट उदाहरण था। हम सभी का यह दायित्व है कि, हमारी युवा पीढ़ी, उस तथ्य को जाने कि यह आज़ादी हमने किन हालातों में प्राप्त की थी? उन्होंने कहा कि देश आज आजादी के अमृत वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अमृतकाल में यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद विभाजन विभीषिका झेल चुके लोगों ने विभाजन से मिले दर्द को भुलाकर देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोगों ने इस क्षेत्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से पलायन करके आए हुए आप जैसे हमारे पंजाबी भाइयों ने दिखा दिया कि मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर इंसान क्या नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने भी उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का ’’विकल्प रहित संकल्प’’ लिया है। इसके लिए हम सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मंत्र पर काम कर रहे हैं। प्रदेश में सड़क, रेल, हवाई यातायात की सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। सभी के सहयोग और समर्थन से हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में अवश्य सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के सनातन स्वरूप को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। राज्य में धर्मांतरण के विरूद्ध कानून सख्ती से लागू किया गया है। देवभूमि के प्रति लोगों की आस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रदेश की जनता से किये गये वायदे के अनुरूप शीघ्र ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया जायेगा। अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध भी सख्ती से कार्यवाही कर किसी भी षड्यंत्र के तहत किये जाने वाले अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एवं विधायक शिव अरोड़ा, महामण्डलेश्वर स्वामी धर्मदेव, विश्वास डाबर आदि ने भी अपने विचार रखें।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वसुधैव कुटुंबकम कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा के साथ गायत्री कुंज, हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यान माला ‘वसुधैव कुटुंबकम’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने कई पुस्तकों का विमोचन किया, जिसमें पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लिखी ‘समस्याएं आज की, समाधान कल के’ एवं ‘मैं क्या हूं’ का वियतनामी भाषा प्रकाशन, आयुर्वेद पर आधारित शोध पत्र एवं सेंट्रल फॉर यज्ञ रिसर्च पर आधारित पुस्तक का विमोचन शामिल रहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा ने देव संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर स्थित महाकाल मंदिर में पूजा अर्चना की, तत्पश्चात उन्होंने शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिसर में पौधारोपण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां गायत्री के सिद्ध साधक, विचार क्रान्ति अभियान के सूत्रधार, वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी को नमन करते हुए कहा कि उनके द्वारा रोपित बीज आज वटवृक्ष का आकार ले चुका है और विश्व के असंख्य लोगों को ज्ञान और संस्कार की छाया दे रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा का उत्तराखंड पधारने पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा आदरणीय श्री जेपी नड्डा जी का मार्गदर्शन निश्चित रूप से हमें ऊर्जा प्रदान करेगा। इतिहास में विरले ही ऐसे लोग हुए हैं जिन्होंने अपने विचारों से करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परम पूजनीय पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का समूचा जीवन भारत के सांस्कृतिक पुनरोत्थान को समर्पित रहा। ‘‘हम बदलेंगे-युग बदलेगा’’ का मंत्र देकर उन्होंने समाज में जो जन जागृति लाने का पुनीत कार्य किया इसके लिए आने वाली पीढ़ियां सदैव उनकी ऋणी रहेंगी। माता गायत्री व यज्ञ को घर-घर में स्थापित करने और सनातन संस्कृति को पुनः परिभाषित करने से लेकर साधना, शिक्षा, स्वावलंबन, महिला सशक्तिकरण, जनशक्ति का संरक्षण और युवाओं को संगठित करने का कार्य आज आचार्य जी के सिद्धांतों पर चल कर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय के रूप में यह विश्व विख्यात शिक्षा केंद्र नैतिक मूल्यों पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा देने का अनुपम कार्य कर रहा है। भविष्य में भी ये संस्थान युवाओं का इसी प्रकार उचित मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक जिम्मेदारी है, जो विश्व के भारत पर भरोसे का एक पैमाना है। जब हम अपनी प्रगति के लिए प्रयास करते हैं, तो हम वैश्विक प्रगति की भी परिकल्पना करते हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान जी-20 की अध्यक्षता करना हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है। जी-20 की थीम भी ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर आधारित है, जिसका अर्थ है ‘समस्त विश्व एक परिवार है’।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मंत्र के जरिए विश्व बंधुत्व की भावना को हम सदियों से जीते आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पौराणिक धरोहर, आस्था एवं बौद्धिकता को चित्रित किया जा रहा है। जी-20 की थीम भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करती है। जी-20 का उद्देश्य विविधता का सम्मान करते हुए दुनिया को एक साथ लाना है। आज विश्व के विभिन्न देश और विद्वान पुनः भारत का और हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का अध्ययन कर रहे हैं।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की सोच में चलने वाला यह संस्थान आध्यात्मिक विकास, संस्कृति के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है ।श्रीराम शर्मा आचार्य जी एवं मां गायत्री जी के द्वारा स्थापित किए गए आध्यात्मिक एवं सनातन संस्कृति को गायत्री परिवार के माध्यम से आगे बढा़ने का कार्य किया जा रहा है। योग, आयुर्वेद, तकनीकी, शोध, विज्ञान के समन्वय से देव संस्कृति विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में निरन्तर तरक्की कर रहा है। यह शोध मानवता के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की शुरुआत संस्कार सीखने से होती है। शिक्षा से सभ्य जीवन में सार्थक रास्ता ढूंढने का लक्ष्य प्राप्त होता है।

जे.पी नड्डा ने कहा कि आज भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। आयुर्वेद चिकित्सा पर भी कार्य किया जा रहा है। आत्मनिर्भर गांव से ही आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना पूर्ण हो सकती है। इसके लिए पूरे विश्व को एक साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा नारी सशक्तिकरण, नशा मुक्ति, पर्यावरण, स्वच्छता एवं वृक्षारोपण जैसे विभिन्न विषयों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के विचार से ही समाज, देश में परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश का विकास और विरासत को संवारने का कार्य किया जा रहा है। भारत ने जी-20 के माध्यम से दुनिया के सामने वसुधैव कुटुंबकम का नारा सिद्ध किया।

इस दौरान कार्यक्रम में कुलाधिपति डॉ प्रणव पंड्या, प्रतिकुलपति चिन्मय पंड्या, भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, सांसद रेखा वर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, सांसद डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।