पैतृक गांव पहुंच सेना प्रमुख ने खिंचवाई पुराने साथियों के साथ फोटो

अपने पैतृक गांव पहुंचे सेना प्रमुख जनरल रावत ने कुलदेवता गूल के दर्शन किये। इस दौरान उन्होंने न केवल गांव के लोगों के साथ फोटो खिंचवाई। साथ ही गंाव के पलायन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंनंे गांव के लोगों को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।

जनरल रावत ने परिजनों से गांव की समस्याओं पर चर्चा की। गांव के लोगों से उन्होंने खेती, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर बात की। जनरल रावत के परिवार के लोगों से बातचीत में उन्होंने गांव में घर बनाने की इच्छा जताई तो उनके चाचा भरत सिंह रावत ने उन्हें गांव में जमीन भी दिखायी। जनरल ने चाचा भरत सिंह के आवास के समीप ही एक खेत में घर बनाने पर सहमति जताई।

गांव में करीब दो घंटे का वक्त गुजारने के बाद जनरल रावत रात के लिए लैंसडाउन लौट गए। गांव से लौटते हुए जब जनरल रावत पत्नी मधुलिका के साथ बाहर सड़क पर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं से हालचाल पूछा और दोबारा गांव आने की बात कही। जनरल रावत ने बच्चों के लिए कोटद्वार में आर्मी पब्लिक स्कूल खोलने की बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने अपने गांव तक सड़क बनाने के लिए भी राज्य सरकार से बात करने की बात कही। कोटद्वार में जनरल रावत और उनकी पत्नी ने गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों के लिए आवास बनाने की योजना की आधारशिला भी रखी।

पौड़ी जनपद के द्वारीखाल विकासखंड में स्थित सैण गांव में जनरल रावत का पैतृक गांव है। जनरल रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए रोजगार देने वाली योजनाओं को गांवों में लाना होगा। उनकी पत्नी मधुलिका रावत ने उम्मीद जताई कि अगली बार जब वो गांव आएंगी तो तब उनके गांव तक सड़क बन जाएगी।

खुशखबरी! सरकार ने पीआरडी जवानों के मानदेय में की वृद्धि

त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार ने पीआरडी के तीन हजार से अधिक जवानों के मानदेय में प्रतिदिन 50 रूपये की वृद्धि करने पर मुहर लगाई है। सरकार के इस फैसले के बाद पीआरडी जवानों को अब 450 रूपये मानदेय मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 बिंदुओं पर निर्णय लिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि उपनल के माध्यम से राज्य सरकार के निगमों, निकायों, महकमों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 18371 और केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 2677 समेत कुल 21048 कार्मिकों के मूल वेतन में प्रतिमाह 1500 रुपये की वृद्धि करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उपनल के जरिये सभी चार श्रेणियों अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च प्रशिक्षित कार्मिकों के लिए यह वृद्धि लागू होगी। उन्होंने बताया कि उक्त चारों श्रेणियों में कार्मिकों को अभी मूल वेतन के रूप में क्रमशरू 5608 रुपये, 6655 रुपये, 7540 रुपये व 8540 रुपये निर्धारित हैं। अन्य भत्ते शामिल करने के बाद कुल मानदेय की राशि बढ़कर क्रमशरू 8680 रुपये, 10187 रुपये, 11461 रुपये, 12899 रुपये होती है। लेकिन इस मानदेय में श्रेणीवार क्रमशरू 1884 रुपये, 2229 रुपये, 2522 रुपये व 2851 रुपये की राशि की कटौती के बाद उपनल कार्मिकों को मानदेय का भुगतान किया जाता है।

मंत्रिमंडल ने उपनल के साथ ही पीआरडी जवानों को भी राहत देने का निर्णय लिया। हालांकि, पीआरडी जवानों के मानदेय में वृद्धि को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया था, लेकिन मंत्रिमंडल ने उनके मानदेय में भी प्रति दिन 50 रुपये की बढ़ोतरी का निर्णय लिया। पीआरडी में फिलवक्त तीन हजार से ज्यादा जवान कार्यरत हैं। इन जवानों को अभी प्रतिदिन 400 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों की आपदा प्रबंधन में अहम भूमिकाः सीएम

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बोले कि सभी जिलाधिकारियों को वर्षाकाल से पूर्व आपदा से निपटने के लिये पांच-पांच करोड़ रूपये दे दिये जाये। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका रहती है। स्थानीय लोगों को आपदा से निपटने को प्रशिक्षण दिया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिला मंगल दलों एवं युवा मंगल दलों को आपदा से राहत व बचाव की ट्रेनिंग दी गई हैं, उन्हें समय-समय पर पुनः प्रशिक्षित किया जाए। स्थानीय स्तर पर आपदा राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। अर्ली वार्निग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने भूकम्प की दृष्टि से अति संवेदनशील संस्थानों को चिन्हित करने एवं उससे बचाव के लिए प्रभावी उपाय तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधा को बढ़ाने के लिए बैलून तकनीक विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रात्रि के समय आपदा राहत एवं बचाव के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने बैठक के दौरान उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की वेबसाइट व लोगो का विमोचन किया तथा आईआरएस से संबंधित मोबाईल एप्लीकेशन को लॉच किया। इसके अलावा उन्होंने सैन्डई रूपरेखा, आईआरएस के कॉफी टेबल बुक, युवक एवं महिला मंगल दल प्रशिक्षण, एनडीएम के सहयोग से संचालित आपदा सुरक्षा मित्र योजना एवं आईआरएस चेकलिस्ट पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के लोगो के डिजाइन के लिए कंपीटिशन जीतने वाले नरेन्द्र तोमर को 25 हजार रूपये की धनराशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया। आपदा में सर्च एवं रेसक्यू में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया गया।

तेल उत्पादक देशों को खरीददार देशों का भी ख्याल रखना होगा

ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल इनर्जी फोरम-16 (आईईएफ-16) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर समाज के सभी वर्ग को किफायती दरों पर ऊर्जा नहीं उपलब्ध कराया गया, तो तेल उत्पादक देशों का ही घाटा होगा। मोदी जब यह बात कह रहे थे तब उनके आस-पास ओपेक (तेल उत्पादक देशों के संगठन) के महत्वपूर्ण सदस्य सउदी अरब, इरान, नाइजीरिया, कतर के मंत्री बैठे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 25 वर्षो तक भारत में ऊर्जा की मांग में सालाना 4.2 फीसद की बढ़ोतरी होगी जो विश्व में और कहीं नहीं होगी।

आईईएफ में वैसे तो 72 देश सदस्य हैं, लेकिन इस बैठक में 92 देशों के सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में जहां ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती अहमियत को मजबूती से रेखांकित किया। वहीं तेल उत्पादक देशों को साफ तौर पर संकेत दिया कि अब तेल खरीददार देशों के हितों का भी ख्याल रखना होगा। सिर्फ तेल उत्पादक देशों के हितों से यह बाजार नहीं चलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि, बहुत दिनों से तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव चल रहा है। अब हमें कीमत ज्यादा समझदारी से तय करनी होगी जो उत्पादकों के साथ ही ग्राहकों के हितों में हो। ऐसा होने पर ही हम समूचे मानव समाज की ऊर्जा जरुरत को पूरा कर सकेंगे। पूर्व में जब भी तेल कीमतों को बाहरी दबाव बना कर बदला गया है तब यह उत्पादकों के लिए भी उल्टा साबित हुआ है। पीएम मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को संरक्षित रखने के लिए चार सूत्रीय मंत्र भी दिया।

भारत अभी कच्चे तेल का सबसे बड़े खरीददार देशों में है। यहां अभी भी कुल खपत का 80 फीसद से ज्यादा आयात होता है। यह एक वजह है कि तमाम बड़े तेल उत्पादक देश भारत में उम्मीद खोज रहे हैं। तकरीबन चार वर्षो तक क्रूड की कीमतों में नरमी के बाद अभी यह 71 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है। दो साल पहले यह 42 डॉलर था। इसका असर यह हुआ है कि भारत में अभी पेट्रोल व डीजल की कीमतें पिछले चार वर्षो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। नई दिल्ली में पेट्रोल 73.98 रुपये प्रति लीटर व डीजल 64.96 रुपये है। इसके लिए उत्पाद शुल्क में भारी वृद्धि भी जिम्मेदार है। जिसे घटाने के लिए सरकार अभी तैयार नहीं दिखती है। यह एक वजह है कि मोदी तेल उत्पादक देशों को भारत में तेल व गैस की बढ़ती मांग का हवाला दे रहे हैं। अगर कीमतें ज्यादा बढ़ेंगी तो इनकी खपत भारत में कम हो सकती है जिसका खामियाजा तेल उत्पादक देशों की मांग पर पड़ेगा।

अपना प्रभाव दिखाते तो लाखों की नौकरी करता बेटाः प्रेमचंद

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे अपूर्व अग्रवाल को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) से जलसंस्थान में सहायक अभियंता के पद तैनाती मिली थी। यह मामला प्रकाश में आने के बाद काफी बड़ा मसला खड़ा हो गया था। राज्य के विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन व विस अध्यक्ष के पुतले तक आग के हवाले किये जा रहे थे। इस बीच विवाद को बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष के बेटे अपूर्व अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने जानकारी देते हुये बताया कि उनके बेटे ने इस पद से इस्तीफा दे दिया है और अब इस विषय को यहीं समाप्त किया जाए।

पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल इस पूरे प्रकरण पर व्यथित नजर आए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अपूर्व उपनल में सहायक अभियंता के पद पर 11 माह के लिए अस्थायी नियुक्ति हुआ था। उनके बेटे ने इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया गया था। इस नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इसके लिए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया। यदि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते तो उनका बेटा दो-तीन लाख की नौकरी करता, न कि 15 हजार रुपये की अस्थायी नौकरी। उनके बेटे की यदि अपनी योग्यता व मेहनत के बूते नौकरी लगी है, इसके बाद भी ऐसी बातें कही जा रही हैं, इसका उन्हें कष्ट है।

उन्होंने कहा कि मेेरे राजनीतिक जीवन में अभी तक आरोप नहीं लगे हैं। वे राज्य आंदोलन समेत तमाम मांगों को लेकर संघर्षरत रहे हैं। उनकी छवि व संवैधानिक पद पर उनकी मर्यादा को तार-तार करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटे ने इस्तीफा दे दिया है तो इस प्रकरण को यहीं समाप्त किया जाए।

हमने पारदर्शी आबकारी नीति लागू कीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक बयान में कहा है कि शराब बिक्री के बारे में जो अफवाहें फैलाई जा रही है, वह निराधार है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारी सरकार ने एक पारदर्षी आबकारी नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार एफएल-5एम/डीएस के नाम से एक पॉलिसी लाई थी। जिसके अंतर्गत मॉल/डिपार्टमेंटल स्टोर में 02 लाख रूपए का शुल्क देकर लाइसेंसधारियों को विदेषी शराब बेचने का अधिकार दिया गया था। हमारी सरकार ने इस पॉलिसी के दुरूपयोग को रोकने हेतु नए कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत मॉल/डिपार्टमेंटल स्टोर का लाइसेंस शुल्क 02 लाख से 05 लाख कर दिया गया है। साथ ही ये प्रावधान भी किया गया है कि यह लाइसेंस तब दिया जाएगा, जब उस स्टोर का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक हो। इससे वास्तविक डिपार्टमेंटल स्टोर ही उक्त अनुज्ञापन प्राप्त कर सकेंगे।

सीएम ने मीडिया व जनता से अपील की है कि इस मुद्दे पर भ्रामक खबरों या दुष्प्रचार से बचें। एफएल-5एम/डीएस पॉलिसी में किए गए संषोधन परचून किराना स्टोर में शराब बेचने के लिए नहीं है बल्कि पहले से चली आ रही पॉलिसी का दुरूपयोग रोकने का एक ईमानदार एवं पारदर्षी कदम है।

सरकार शराब को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं है, बल्कि इसके लिए बनाये नियमों का पारदर्षी तरीके से लागू करने का प्रयास कर रही है।

तीर्थनगरी से मेरा पुराना नाताः एलके आडवाणी

पूर्व उप प्रधानमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के 38वें स्थापना दिवस के मौके पर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने सभी से राष्ट्रभक्ति व देश प्रेम को प्राथमिकता देने की बात कही। आडवाणी बोले निष्ठा, समर्पण, सेवा इत्यादि से भाजपा आज सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी के रूप में है।

शुक्रवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी निजी कार्यक्रम के तहत तीर्थनगरी में परमार्थ निकेतन पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पुत्री प्रतिभा आडवाणी, पुत्र जयंत आडवानी, पुत्रवधू गीतिका व अन्य भी थे। परमार्थ पहुंचने पर ऋषिकुमारों ने मंत्रोच्चर व पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती व लालकृष्ण आडवाणी के बीच पर्यावरण प्रदूषण, निर्मल व अविरल गंगा के अस्तित्व में आने वाली चुनौतियों के विषय पर गहन चर्चा हुई। साथ ही मां गंगा, गंगोत्री ग्लेशियर से गंगा सागर तक गंगा के तटों को हरा-भरा बनाने एवं दोनों ओर के क्षेत्रों को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त करने, हर परिवार को मिले मकान एवं पराली जलाने से हो रहे प्रदूषण को समाप्त करने पर विचार विमर्श किया।

प्रेस वार्ता में लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि गंगा के तट पर आकर उन्हें असीम सुख प्राप्त होता है। उनकी दिवंगत पत्नी कमला आडवाणी की यादों भी तीर्थनगरी से जुड़ी है और उन्हीं की प्रेरणा से वह सबसे पहले यहां आए थे। उन्होंने परमार्थ निकेतन आश्रम स्थित योगा विलेज की रूद्राक्ष ध्यान वाटिका में एक वर्ष पूर्व स्वर्गीय कमला आडवानी की स्मृति में रोपित किए गए रूद्राक्ष के पौधों का अवलोकन किया।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने दिवंगत कमला आडवानी को याद करते हुए कहा कि वह ममता और करूणा की मूद्दत थी। वह लालकृष्ण आडवानी की सहधर्मिणी ही नहीं बल्कि पग-पग पर साथ देने वाली मार्गदर्शिका भी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा व भारत को शिखर पर ले जाने में लालकृष्ण आडवानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक कार्यो में उनका उत्कृष्ठ योगदान रहा। उन्होंने सदैव एक कुशल मार्गदर्शक एवं प्रेरक की भूमिका निभाई है। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती व साध्वी भगवती सरस्वती ने लालकृष्ण आडवाणी व उनके परिजनों को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

उत्तराखंड एक सैनिक बाहुल्य प्रदेशः त्रिवेन्द्र

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुलाकात कर अर्धसैनिकों के लिये भर्ती केंद्र की स्थापना के विषय पर चर्चा की। त्रिवेन्द्र ने उत्तराखंड में एक अतिरिक्त अर्धसैनिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने का राजनाथ से निवेदन भी किया।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक सैनिक प्रदेश है। यहां के युवा देश सेवा को प्राथमिकता देते हैं। प्रदेश में एक अतिरिक्त अर्धसैनिक प्रशिक्षण संस्थान एवं भर्ती केंद्र की स्थानों से नवयुवकों को सेना एवं अर्धसैनिक बलों से जुड़ने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत चल रही योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा इन योजनाओं के क्रियान्वयन से सीमांत क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी और पलायन की समस्या का समाधान होगा।

सीसी मार्ग हेतु पानी की कमी न हो, इसका रखे ध्यानः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पेयजल, सिंचाई, विद्युत एवं सड़कों की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देष दिए कि सड़कों की गुणवत्ता पर विषेष ध्यान दिया जाए। विभाग द्वारा बनाये जाने वाले पुलों और सड़कों का कार्य तय समय सीमा के अंदर पूर्ण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीसी मार्ग हेतु पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साथ ही आवष्यकता के अनुसार सड़कों को बंद भी रखा जाए, ताकि सड़कों की मजबूती बनी रहे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सिंचाई विभाग को निर्देष दिए कि सूर्यधार झील को इस प्रकार से बनाया जाए, ताकि यह झील भविष्य में टूरिस्ट डेस्टिनेषन के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने जल संस्थान को ऐसे क्षेत्रों, जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या आ सकती है, को चिन्हित करने के निर्देष दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देष दिए कि सिंचाई विभाग, जल निगम और जल संस्थान आदि आपस में समन्वय बैठा कर कार्य करें, ताकि पानी की समस्या को समाप्त किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल में पानी की समस्या हो सकती है उन क्षेत्रों की योजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास कार्यों को करने में संबंधित विभागों को आपस में समन्वय बैठा कर कार्य करना चाहिए, ताकि भविष्य में कार्य में बाधा उत्पन्न न हो।

जानिए आखिर कैसे दो गुने आकार के साथ बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक दोगुनी हो जाएगी. मंत्रालय के मुताबिक 2025 तक इकोनॉमी पांच हजार अरब डॉलर की हो जाएगी।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक दोगुनी होगी। यह तेज रफ्तार से बढ़ते हुए 5,000 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। मंत्रालय ने इसके साथ ही कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय मुद्रास्फीति के लक्ष्य को लेकर कोई खतरा नहीं है।

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सात से आठ फीसदी की दर से बढ़ने के प्रति अग्रसर है। स्टार्टअप, एमएसएमई और बुनियादी ढांचे के निवेश पर ध्यान दिए जाने से इकोनॉमी की रफ्तार और भी बढ़ेगी। इसमें लगातार तेजी आ सकती है।

गर्ग भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसमें उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगर अगले 7-8 सालों के भीतर वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन बढ़ता है और मांग का सृजन होता है, तो हम 2025 तक अर्थव्यवस्था के आकार को 5,000 अरब डॉलर तक पहुंचा सकेंगे। यह एक उचित लक्ष्य है।

बता दें कि फिलहाल भारत के सकल घरेलू उत्पाद का आकार 2,500 अरब डॉलर का है। यह दुनिया की 6वीं छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मुद्रास्फीति को लेकर गर्ग ने कहा कि यह काफी हद तक रिजर्व बैंक के लक्ष्य चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के दायरे में है।

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में सात महीने के निचले स्तर 2.48 फीसदी पर आ गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में चार महीने के निचले स्तर 4.44 प्रतिशत पर रही है। रिजर्व बैंक ने अपनी फरवरी की मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था।