स्वामी चिदानंद ने दिया डा. बुद्धेन्द्र दुबे को प्रयाग कुुंभ मेले में आने का निमंत्रण

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कनाडा के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ बुद्धेन्द्र दुबे से मुलाकात की। इस दौरान स्वामी चिदानंद ने उन्हें शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा आशीर्वाद स्वरूप भेंट किया। स्वामी चिदानंद ने बताया कि डा. दुबे दिन में रोगियों की सेवा करते है और शाम होते ही भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को जुट जाते है। उन्होंने कनाडा में हिंदू धर्म का म्यूजियम व विष्णु भगवान के मंदिर की भी स्थापना की है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने बताया कि वर्ष 1987 में हिन्दु धर्म विश्वकोश की संरचना की अमेरिका में तैयारियां चल रही थी उस समय डॉ दूबे जी ने बढ़-चढ़ कर सहयोग किया। उन्होंने हिन्दु धर्म की संस्कृति, संस्कार, हिन्दु धर्म विश्वकोश के लिये तथा विशेष कर हिन्दुधर्म को एक वैज्ञानिक एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान किया। उनके अद्भुत कार्यो लिये स्वामी चिदानंद ने रूद्राक्ष का पौधा और अंगवस्त्र भेंट किया। स्वामी चिदानंद ने कहा कि डा. दुबे लोगों के दिलों की सर्जरी तो करते है साथ ही लोगों के दिमाग की भी सर्जरी करते है।

स्वामी चिदानंद ने दुबे परिवार को प्रयाग कुम्भ मेला में सहभाग हेतु आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि डा. बुद्धेन्द्र दुबे भारतीयता और पर्यावरण संरक्षण के लिये अद्भुत कार्य किये है। विष्णु मन्दिर परिसर की आस-पास की स्वच्छता और हरियाली कनाडा वासियों के लिये एक उदाहरण का केन्द्र है।

मंदिर निर्माण को केंद्र करे रास्ता प्रशस्तः सत्यमित्रानंद गिरि

केंद्र सरकार अयोध्या में प्रभु राम का मंदिर बनायें, अगर ऐसा नहीं होता है तो मै। देह त्याग दूंगा। ऐसा कहना है भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज का। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त करना चाहिए।

उन्होंने मांग को पूरी करने के लिए केंद्र सरकार को पांच दिसंबर तक का वक्त दिया है। ऐलान किया कि छह दिसंबर से वह हरकी पैड़ी पर बेमियादी अनशन करेंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी सत्यमित्रानंद ने कहा अब मंदिर निर्माण से कम कुछ भी मान्य नहीं।

अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि मंदिर निर्माण को जो भी प्रमाण चाहिए थे, वह सभी मिल चुके हैं, अब किसी प्रमाण की कोई आवश्यकता नहीं। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर से शुरू होने वाला उनका विधिक रूप से मंदिर निर्माण की शुरुआत होने तक चलता रहेगा या फिर वह इस निमित्त अपनी देह का त्याग कर देंगे।

अब बहुसंख्यक हिन्दुओं के सब्र का बांध टूटता जा रहा है, अगर मंदिर निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो देश में आंदोलन होंगे। स्वामी सत्यमित्रानंद ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार को कड़ा कानून बनाना चाहिए। कहा कि, बाबा रामदेव की दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले दंपती के मतदान समेत सभी सरकारी अधिकार खत्म कर देने की मांग का वह समर्थन करते हैं।

शिक्षकों के संवेदनशील बनने से लाई जा सकती है शिक्षा में गुणवत्ता

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिक्षकों को शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिये नैतिकता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार भी दें। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। यही बच्चे आने वाले समय में देश का भविष्य तय करेंगे।

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग और पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से पतंजलि योगपीठ में आयोजित दो दिवसीय ज्ञानकुंभ में 18 राज्यों के उच्च शिक्षामंत्री व उच्च शिक्षा सचिव और 131 विश्वविद्यालयों के कुलपति भाग ले रहे हैं। इसमें उच्चतर शिक्षा में गुणात्मक सुधार और भविष्य की चुनौतियों पर मंथन किया जा रहा है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। शिक्षक, विद्यार्थी और प्रबंधन। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक की है।

उन्होंने आचार्य चाणक्य, पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया। कहा कि यह शिक्षक का दायित्व है कि वह शिष्य की प्रतिभा को पहचान उसे निखारे। भारत रत्घ्घ्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन का उदाहरण देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनके गुरु ने डॉ. भीमराव की मेधा को पहचाना था और उन्हें अपना उपनाम आंबेडकर दिया। आयोजन के लिए उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंथन से निकलने वाले परिणाम की उन्हें भी प्रतीक्षा रहेगी।

योग गुरु बाबा रामदेव के कार्य को सराहते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा ने योग को कंदराओं से निकाल घर-घर पहुंचा दिया। इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने शिक्षा में तकनीक का समावेश करने के साथ ही संस्कृत को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाना है तो हर नागरिक को शिक्षित करना होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ज्ञानकुंभ के आयोजन पर प्रकाश डालते हुए देश में उच्च शिक्षा के हालात रखे।

सुप्रीम कोर्ट का आदेशः स्वामी सानंद के देह के दर्शन अनुयायियों को कराये जाए

गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिये ठोस कानून बनाने की मांग को लेकर 113दिन से अनशन के बाद स्वामी सानंद ने देह त्याग दिया था। मगर, उनके अनुयायियों को उनके अंतिम दर्शन नहीं हो सके थे। मगर, अब अगले दस रविवार तक उनके दर्शन किये जा सकेंगें।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इससे संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतिम दर्शनों की सशर्त दी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश प्रशासन ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी थी। हाईकोर्ट ने सानंद का पार्थिव शरीर 76 घंटे तक हरिद्वार स्थित मातृसदन आश्रम में दर्शनार्थ रखने के आदेश एम्स को दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि स्वामी सानंद के अनुयायियों की भावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अनुयायी ऋषिकेश एम्स में उनके पार्थिव शरीर के दर्शन कर करेंगे। इसके लिए अदालत बाकायदा समय सारिणी जारी की है। अदालती आदेशों के मुताबिक एम्स ऋषिकेश में जहां भी स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर रखा गया गया है, वहां हर रविवार को 10-10 के बैच में अनुयायी उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। लेकिन, एक दिन में अधिकतम 50 को ही यह दी जाएगी। दर्शनों की केवल दस रविवार के लिए की गई है।

कोर्ट में पेश होने पर उमेश कुमार बोला, मेरे खिलाफ हुई साजिश

उत्तराखंड में स्टिंग के जरिये राजनेताओं और नौकरशाहों को ब्लैकमेलिंग करने के आरोप में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय रिंकी साहनी की अदालत ने समाचार प्लस चैनल के मालिक उमेश कुमार को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, उमेश शर्मा पर पत्रकार आयुष गौड़ ने आरोपों को फिर से दोहराकर कई नई बातें बताई।

समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश जे कुमार को रविवार को उप्र के गाजियाबाद में एटीएस एडवांटेज सोसायटी के टावर नंबर 19 से गिरफ्तार किया गया था। उमेश पर उसके ही चैनल के कर्मचारी आयुष गौड़ ने उत्तराखंड के नेताओं और नौकरशाहों का स्टिंग करने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मुख्य आरोपित उमेश जे कुमार को लेकर पुलिस टीम रविवार रात करीब तीन बजे देहरादून पहुंची। यहां पुलिस अधिकारियों ने उससे पांच घंटे तक पूछताछ की।

सोमवार पूर्वाह्न् करीब 11 बजे पुलिस उसे लेकर अदालत पहुंची। पुलिस ने अदालत में अभी तक की जांच रिपोर्ट रखी। इसके बाद अदालत ने आरोपित का पक्ष भी सुना। हालांकि बचाव पक्ष ने दिल्ली से अपने वकील को बुला रखा था, लेकिन अदालत में आरोपित ने खुद ही अपना पक्ष रखा। करीब चार घंटे तक दोनों पक्ष अदालत में मौजूद रहे। उनका पक्ष सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को आठ नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। पेशी के दौरान कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

उमेश कुमार ने कहा मेरे खिलाफ हुई साजिश
उमेश कुमार ने अदालत में अपनी पैरवी करते हुए साजिश के तहत फंसाये जाने की बात कही। उसने यह भी कहा कि सरकार उसके पीछे पड़ी है और उसे और उसके परिवार को जान का खतरा हो सकता है।

ये अभी भी बाहर घूम रहे
नेताओं और नौकरशाहों का स्टिंग करने की साजिश के मामले में देहरादून के राजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज है। इस मुकदमे में उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि के निलंबित कुल सचिव मृत्युंजय मिश्र के साथ ही प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी और राहुल भाटिया भी नामजद हैं। ये चारों अभी गिरफ्त से बाहर हैं।

स्वामी सानंद उपवास तोड़ना चाहते थे, मगर….

ऋषिकेश एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने स्वामी सानंद की मौत के बाद एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद अपना उपवास तोड़ना चाहते थे। मगर, परिवार के अलावा बाहर का एक शख्स ऐसा भी था, जो उन्हें उपवास तोड़ने से रोक रहा था।

इस बात के ठोस आधार के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद तीन बार एम्स में भर्ती किए गए। उनके साथ हमारी कई मर्तबा बातचीत हुई है, अगर ऐसा पता होता तो हम उसकी भी रिकॉर्डिंग करते। उन्होंने मातृ सदन द्वारा स्वामी सानंद की मौत के षड्यंत्र में शामिल होने संबंधी आरोप को खारिज करते हुए कहां की हम किसी को झूठ बोलने से कैसे रोक सकते हैं।

सानंद अपनी देह कर चुके हैं एम्स को दान
स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने संबंधी मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को किसी भी दशा में अंतिम दर्शन के लिए नहीं रखा जा सकता।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज कोई प्रदर्शनी की जगह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वामी सानंद अपनी देह एम्स को दान कर चुके हैं, परिजन भी सहमति जता चुके हैं। इसलिए दान की हुई वस्तु को वापस लेने का कोई औचित्य नहीं है।

स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर एम्स की संपत्ति, अंतिम दर्शन की इजाजत नहीं

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान प्रशासन ने शुक्रवार को स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन कराने से हाथ खड़े कर दिये। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर उनकी संपत्ति हो गयी है। इसलिये किसी को भी सार्वजनिक रूप से अंतिम दर्शन की इजाजत नहंी दी जा सकती है।

एम्स प्रशासन के इस बयान के बाद बाद उनके परिजन, अनुयायी और गंगा संकल्प यात्रा के सहयोगी नाराज हो गए। एम्स ने मातृ सदन की ओर से आए उनके शरीर को तीन दिन आश्रम में रखने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। हालांकि बाद में बिगड़ते हालात को देखते हुए एम्स प्रशासन ने मीडिया को छोड़कर कुछ लोगों को अंतिम दर्शन की इजाजत दे दी।

गुरुवार को स्वामी सानंद के परिजनों ने एम्स प्रशासन से उनके पार्थिव शरीर को परिजनों और उनके अनुयायियों के दर्शनाथ रखने के लिए आग्रह किया था। जिस पर एम्स प्रशासन ने मौखिक सहमति भी दे दी थी, लेकिन शुक्रवार को पूरा घटनाक्रम बदल गया।

एम्स के निदेशक प्रो. रविकांत ने शव को अंतिम दर्शन के लिए रखने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर अब एम्स की संपत्ति है, लिहाजा उसे सार्वजनिक रूप से अंतिम दर्शन के लिए नहीं रखा जा सकता। एम्स प्रशासन के इस फैसले के बाद उनके परिजनों और अनुयायियों ने काफी मिन्नतें की। लेकिन एम्स निदेशक अपने फैसले से पीछे नहीं हटे और दोपहर एक बजे वहां से चलते बने।

इससे पहले मातृ सदन हरिद्वार से स्वामी दयानंद ब्रह्मचारी भी एक पत्र लेकर एम्स पहुंचे। पत्र में मातृसदन ने दो दिन के लिए स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को आश्रम में दर्शन के लिए ले जाने का आग्रह किया था। मगर, एम्स प्रशासन ने उन्हें भी इसकी इजाजत नहीं दी। जिससे स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन की इच्छा लेकर यहां पहुंचे लोग नाराज हो गए। स्वामी सानंद के अधिकांश परिजन इस निर्णय के बाद यहां से चले भी गए थे। जबकि कुछ लोगों ने एम्स प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

धरने के बाद बैकफुट पर आया प्रशासन

स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन न कराए जाने से नाराज गंगा संकल्प यात्रा के सदस्य जल पुरुष राजेंद्र सिंह व उनके सहयोगियों ने एम्स निदेशक के कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ एम्स पहुंचे और वह भी गंगा संकल्प यात्रा के सदस्यों के साथ धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने उन्हें उठाने की कोशिश की, मगर सभी लोग स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन की मांग पर अड़े रहे।

मामला बिगड़ता देख पुलिस व स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया। स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद एम्स प्रशासन ने गंगा संकल्प यात्रा के सदस्यों व अनुयायियों को स्वामी सानंद के दर्शन की इजाजत दी।

उत्तराखंड में पहली बार इंवेस्टर्स समिट होना बहुत बड़ी बातः राजनाथ

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास में इंवेस्टर्स समिट का अध्याय भी जुड़ गया है। उत्तराखंड में पहली बार इंवेस्टर्स समिट आयोजित होने पर राजनाथ सिंह ने राज्य सरकार को बधाई दी।

इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में उत्तराखंड सरकार की तारीफ की। साथ ही क्रिकेटर पृथ्वी शॉ का भी उदाहरण दिया। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने ये भी कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधन और मानव संसाधन की नहीं बल्कि सामंजस्य की कमी। जिसे दूर करने की जरूरत।

कानून व्यवस्था और सुरक्षा में उत्तराखंड आदर्श राज्य

कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा के रूप में उत्तराखंड आदर्श राज्य है। निवेश के लिए इससे बेहतर कोई दूसरी स्थिति नहीं है।

सीएम ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
इससे पहले सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इन्वेस्टर्स समिट में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक स्टाल का निरीक्षण कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मंडुवे के बिस्किट का स्वाद भी लिया। इतना ही नहीं सीएम ने हॉर्टिकल्चर से सम्बंधित उत्पादों के बारे भी जानकारी ली।

बाद में पत्रकारों से बातचीत ने सीएम ने कहा कि समिट को लेकर निवेशकों के साथ ही सरकार में भी खास उत्साह है। ये पहल राज्य के लिए वरदान साबित होगा। सीएम ने ये भी कहा कि यह दीर्घकालीन प्रोजेक्ट है और इसे आकार लेने में वक्त लगेगा। आने वाले चार से पांच सालों में अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

जीएसटी ने देश को सिंगल मार्केट में बदल दियाः मोदी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इंवेस्टर्स समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में टैक्स व्यवस्था में बहुत सुधार किए गए हैं। टैक्स से जुड़े मामलों के समाधान को और पारदर्शी और तेज करने का प्रयास किया जा रहा है। इन्सॉल्लवॅन्सि और बैंकरपटीस कोड से आज कारोबार आसान हुआ है, बैंकिंग सिस्टम को भी ताकत मिली है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तौर पर भारत ने स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा टैक्स रीफॉर्म किया है। जीएसटी ने देश को सिंगल मार्केट में बदल दिया है और टैक्स बेस बढ़ाने में भी मदद की है।

विदेशी निवेशकों के लिये भी भारत में बना सर्वोत्म माहौल

देश विदेश से निवेशकों के लिए भारत में सर्वोत्म माहौल बना है। हाल ही में शुरू आयुष्मान योजना से भारत में मेडिकल सेक्टर में निवेश की संभावना बढ़ी है। आने वाले दिनों में टायर टू टायर थ्री शहरों में मेडिकल कालेज बनेंगे, नए अस्पताल बनेंगे। देश के 50 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को इस योजना के तहत इंश्योरेंस एश्योरेंस मिल रहा है। अमेरिका कनाडा मैक्सिको से ज्यादा आबादी को लाभ मिलेगा।

विकास की पटरी में तेज गति से आगे दौड़ रहा उत्तराखंड
उत्तराखंड देश के उन राज्यों में हैं, जो न्यू इंडिया डेमोग्राफिक रिपर्जेंट करता है। सरकार की तारिफ करते हुए उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने में उत्तराखंड त्रिवेंद्र सरकार प्रयासरत है। उत्तराखंड के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार की संभावनाएं जगेंगी। निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए प्रक्रिया को आनलाइन किया गया है।
फूड प्रोसेसिंग को आगे बढ़ाने के लिए हो रहा काम

चार साल के दौरान कनेक्टीविटी बढ़ाने के लिए उत्तराखंड में प्रयास किए गए हैं। गांव गांव सड़कें, चारधाम आल वेदररोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम हुआ है। इससे पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा। एडवेंचर, मेडिशन, योगा को इसका लाभ मिलेगा। अब तो उत्तराखंड सरकार ने अलग उद्योग पालिसी बनाकर पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया। 18 साल में पहली बार जिलों में टूरिज्म डेस्टीनेशन बनाकर अच्छी पहल। राज्य को आर्गेनिक स्टेट बनाने में काम हो रहा है। केंद्र भी काम कर रही है।

दुनियां की सबसे बड़ी मोबाइल मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट भारत में काम कर रही है। दुनियां के बड़े ब्रांड मेक इन इंडिया का हिस्सा है। इस इवेंट में जापान उत्तराखंड के साथ है। उत्तराखंड न्यू इंडिया की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं। भारत की प्रगति हमारे राज्यों की पोटेंशियल को चेनलाइज करें तो इस देश की विकास यात्रा को दुनियां में कोई नहीं रोक सकता है।
18 साल की उम्र का महत्व होता है

हमारे नौजवानों में ताकत है। 18 साल की उम्र का महत्व होता है। उत्तराखंड की उम्र 18 साल है। इन 18 साल को बेकार न जाने दें। औषधियों के कारण, मां गंगा के कारण, तपस्या के कारण ऐसी जड़ है। उत्तराखंड में ऐसी जड़ है। विश्वास है रावत के नेतृत्व में 18 साल की उम्र में राज्य ऐसा कार्य करेगा। इसकी शुभ शुरुआत भगीरथ प्रयास से हुई।

इससे पूर्व, पीएम मोदी ने रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्धाटन किया। इसके बाद पीएम को उत्तराखंड की खूबसूरती की तस्वीरें दिखाई गई। वीडियो क्लीपिंग के जरिये पीएम को राज्घ्य में संभावनाएं बताई गईं। वन, पर्यटन, बागवानी, धर्म और संस्कृति के नजारे दिखाए गए। प्रदर्शनी देखने के दौरान पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग के स्टाल पर जानकारी ली। उद्घाटन के अवसर पर पारंपरिक मांगल गीत दैंणा हुंय्या, खोलि का गणेशा.. की प्रस्तुति दी गई। यह प्रस्तुति देने वाले 30 कलाकारों का दल उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों में सजा हुआ था।

गढ़वाली बोली से सीएम ने किया निवेशकों का स्वागत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार, देहरादून के अलावा नये निवेशकों नये हिल स्टेशन के दिए प्रस्ताव। साढ़े तीन हजार एनएच, 35 हजार किमी सड़कें हैं। सड़कों के जाल उधगों में मिलेगा लाभ। उड़ान योजना का मिलेगा लाभ। आल वेदर रोड का काम चल रहा है। दिल्ली और दून की नजदीकियां बढ़ी। मेट्रो और सड़क मार्ग में कई योजनाओं पर चल रहा काम। पुराने पर्यटन स्थलों के साथ साथ नये 13 डेस्टिनेशन पर चल रहा काम। 4000 मेगावाट की रिन्यूवल ऊर्जा की जरूरत।पिरूल की पत्तियों से ऊर्जा उत्पादन की योजना। ऑर्गनिक खेती पर 10 हजार क्लस्टर बनाये जा रहे हैं। गढ़वाली बोली के साथ सीएम ने किया निवेशकों का स्वागत।

वीडियो क्लीपिंग के जरिये दिखाई गई उत्तराखंड की खूबसूरती

इसके बाद निवेशकों को शार्ट वीडियो क्लीपिंग के जरिये उत्तराखंड की खूबसूरती दिखाई गई। यहां पूर्व में निवेश कर चुके निवेशकों ने अपने अनुभव शेयर किए। अमूल डेयरी के निदेशक आरएस सोढ़ी ने समिट को संबोधित किया।

अमूल डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढ़ी ने कहा कि उत्तराखंड में जितने दूध की खपत है उसका केवल 15 प्रतिशत ही यहां उत्पाद होता है। बाकी 85 फिसदी दूध बाहर से आता है। आने वाले समय में उत्तराखंड दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकता है।

चेक रिपब्लिक के राजदूत मिलॉन होवार्का ने नमस्कार कहकर अपना संबोधन शुरू किया और योगा को सराहा। उत्तराखंड की तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य राज्य के विकास के लिए तत्पर है। कहा कि बायोमास, सोलर एनर्जी और ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में चेक गणराज्य और उत्तराखंड के बीच में बेहतर तालमेल हो सकता है। इसके बाद उन्होंने समिट का बुलावा देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को धन्यवाद कहा।

जापान सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में देंगे सहयोग

जापान के उच्चायुक्त ने कहा कि जापान और भारत के बीच हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी को जापान आने का निमंत्रण दिया। कहा कि हम उत्तराखंड को सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में सहयोग देंगे।

यहां निवेश की हैं अपार संभावनाएंः प्रणव अडानी
अडानी ग्रुप के प्रणव अडानी के कहा कि हम उत्तराखंड ऑर्गेनिक कमॉडिटी मोड में निवेश कर रहे हैं। यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्धः आचार्य बालकृष्ण

पतंजलि की ओर से समिट में शिरकत कर रहे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि 12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्ध हैं। इनमें कई दुर्लभ जड़ी बूटियां भी हैं। पतंजलि ने 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। देश का पहला फूड पार्क उत्तराखंड में पतंजलि द्वारा संचालित है।

महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया

महिंद्रा ग्रुप की ओर से पवन कुमार गोयंका ने पीएम मोदी, उत्तराखंड की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अधिकारियों और निवेशकों का अभिवादन किया। कहा कि यहां का चारधाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। राज्य की स्थापना से लेकर अभी तक महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया। अभी तक महिंद्रा ने राज्य में 16 लाख गाड़िया और ट्रैक्टर बनाए हैं। राज्य की प्रगति की मनोकामना करते हुए उन्होंने उपस्थित निवेशकों से यहां निवेश करने का आग्रह किया।

उत्तराखंड में गुरुवार मध्य रात्रि से पेट्रोल-डीजल के दामों में होंगे पांच रूपये कम

केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की पेट्रोल-डीजल पांच रूपया सस्ता करने की घोषणा के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी राज्य में पेट्रोल-डीजल पांच रूपया सस्ता करने की घोषणा कर दी। जिससे राज्य के नागरिकों को कुछ राहत अवश्य मिलेगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री की घोषणा के बाद गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, असम, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, झारखंड और हिमाचल प्रदेश ने भी 2.50 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल सस्ता किए जाने की घोषणा की। इसके बाद इन राज्यों में गुरुवार आधी रात से पेट्रोल और डीजल पांच रुपये प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा।

पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती का स्वागत करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ-साथ सभी भाजपा शासित राज्यों ने भी पेट्रोल और डीजल पर ढाई रूपये कम करने का निर्णय लिया है। जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम पांच रुपये कम होंगे। जनता को राहत देने वाले इस संवेदनशील निर्णय के लिए मैं सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बधाई देता हूँ।

उधर, बिहार के उप मुख्घ्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि हमें जेटली की तरफ से कोई चिट्ठी नहीं मिली। पहले हम इस आदेश को देखेंगे फिर पेट्रोल-डीजल की कीमत पर फैसला लेंगे। हर राज्य की अलग-अलग स्थिति होती है इसलिए पहले लेटर आने दीजिए।

कर्नाटक के मुख्घ्यमंत्री कुमार स्वामी ने कहा कि हमने पहले दो रुपये प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करके दो महीने पहले ही लोगों को राहत दे दी है।

उधर, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से अपील की है कि वह भी अन्य राज्यों की तरह 2.50 रुपये की कटौती करें, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके।

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला वैट राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में आने वाला कर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो पिछले चार सालों के दौरान कीमतों में आई सबसे बड़ी उछाल है।