नेपाल में बैठे युवक ने पत्नी को दिया मोबाइल पर तलाक, एसएसपी ने की ये कार्रवाई

एक व्यक्ति ने नेपाल में बैठकर अपनी पत्नी को मोबाइल पर तीन बार तलाक बोल दिया। इससे पीड़िता की शिकायत पर हरिद्वार एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूडी ने पति के ससुराल पक्ष पर मुकदमा दर्ज कर लिया।

ज्वालापुर क्षेत्र के गांव सराय निवासी सलीम की बेटी फरजाना का निकाह मई 2016 में सउद उर्फ सोनू अंसारी पुत्र मसूद निवासी गांव लंढौरा से हुआ था। आरोप था कि निकाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज कम मिलने की बात कहकर प्रताड़ित करते थे। जैसे तैसे उसके पिता, भाई ने कई लाख की रकम ससुराल पक्ष को दी थी लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। आरोप था कि नवंबर 2018 में गांव पदार्था पथरी में उसकी रिश्तेदारी में निकाह था।

निकाह संपन्न होने के बाद उसके ससुराल पक्ष ने कहा कि उसका पति सउद किसी काम से नेपाल गया हुआ है और जब वह आ जाएगा तब ससुराल चली आना। आरोप है कि कुछ दिन बाद ससुराल पक्ष ने दहेज में कार और एक लाख की रकम न मिलने पर मायके आकर उसके साथ मारपीट कर दी थी। इतना ही नहीं जनवरी 2019 में उसके पति सउद ने नेपाल से मोबाइल फोन पर संपर्क साधकर उसे तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने की बात कही और धमकी भी दी कि यदि फिर से उसके घर आने की कोशिश की तो गंभीर परिणाम भुगतना होगा।

पीड़िता ने ज्वालापुर पुलिस से शिकायत की थी लेकिन मामले को महिला हेल्प लाइन ट्रांसफर किया गया था। महिला हेल्प लाइन में हुई काउंसिलिंग के दौरान पीड़िता के आरोप के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई। कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि पति, ससुर मकसूद, सास कौसर जहां और ननद रूकसार के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

तीर्थनगरी की गौरांगी ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में देश में दूसरा व उत्तराखंड में किया टॉप

तीर्थ नगरी की गौरांगी चावला ने ऑल इंडिया सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 498 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि प्रदेश में टॉप किया है।

चंद्रेश्वर नगर निवासी श्वेता चावला और अनिल चावला की छोटी पुत्री गौरांगी चावला ने अंग्रेजी में 99, पॉलीटिकल साइंस में 99 और इतिहास, फिजिकल एजुकेशन तथा जियोग्राफी विषय में 100 अंक प्राप्त किए हैं। उत्तराखंड टॉपर गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यवसाय तथा माता श्वेता चावला घरेलू महिला है। परिवार में दादी दर्शना देवी, बड़ी दीदी अर्पणा चावला भी है।

गौरांगी चावला ने बताया कि प्रतिदिन वह 05 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 09 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

पढ़ाई को बोझ न समझे बल्कि रुचि लेः गौरांगी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए गौरांगी ने कहा कि हमेशा चिंता मुक्त रहें, पढ़ाई को कभी भी बोझ ना समझे। बल्कि इसमें रुचि लें। जब भी मन करे पढ़ाई को समय अवश्य दें।

आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहती है गौरांगी
सीबीएसई 12वीं की उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला का सपना है कि वह आगे चलकर देश सेवा करें इसके लिए वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय या पंजाब विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगी।

खाली समय में पालतू जानवर के साथ रहती है गौरांगी
पढ़ाई के अलावा जब भी गौरांगी खाली रहती है वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक्टिव रहती हैं। साथी अपने पालतू जानवर कुत्ते के साथ समय बिताती हैं।

दिवंगत दादा को मानती हैं अपना प्रेरणास्रोत
उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला अपना प्रेरणास्रोत दिवंगत दादा स्व. केएल चावला को मानती है उनके दादा स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड थे जिनका पिछले वर्ष देहांत हो गया।

अपना बेस्ट दिया था सोचा नहीं था मेरिट पर आऊंगी
गौरांगी चावला का कहना है कि परीक्षा से पहले उन्होंने अपने सभी विषयों की करीब 5 बार अच्छे से तैयारी की थी। परीक्षा मैं भी उन्होंने अपना 100ः दिया था मगर यह उम्मीद नहीं थी कि मेरिट पर आएंगी।

सफलता का श्रेय माता को देती हैं गौरांगी
अपनी सफलता का श्रेय गौरांगी सभी को देना चाहती हैं मगर विशेषकर वह अपनी माता का शुक्रिया अदा करती हैं। उन्होंने बताया की माता ने उनकी पढ़ाई में साथ देने के लिए बहुत समझौते किए हैं। खान-पान से लेकर देखभाल तक किसी भी चीज में कोई कमी नहीं की है।

स्थानीय युवाओं ने उठाया प्राकृतिक जल स्त्रोत के संरक्षण का बीड़ा

ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ के खादर क्षेत्र में लगभग 100 साल से भी अधिक पुराने प्राकृतिक जल उद्गम स्थल के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने कदम बढ़ाया है। युवाओं ने श्रमदान कर पौराणिक जल उद्गम स्थल के चारों ओर पत्थरों का घेरा बनाया। ताकि, यह जल उगल स्रोत विलुप्त होने से बचा रहे।

बता दें कि खदरी के राजकीय पॉलीटेक्निक के समीप स्थित यह जल उगल स्रोत वर्षों पुराना है। बोक्सा जन जाति के पुराने जानकारों के मुताबिक खदरी का समस्त खादर क्षेत्र नागाओं की भूमि हुआ करती थी। नागा बाबा इस पौराणिक जल ओगल (उगल) स्रोत से ही पेयजल ग्रहण करते थे। जमींदारी उन्मूलन अधिनियम के बाद खादर क्षेत्र उन सभी कृषकों का हो गया जो नागाओं की खेती किया करते थे।

गंगा स्वच्छता अभियान से जुड़े पर्यावरण मामलों के जानकार विनोद जुगलान विप्र का कहना है कि जब बिजली पानी की इतनी व्यवस्था नहीं थी, तब हम इस प्राकृतिक जल स्रोत का उपयोग किया करते थे। सन 1971 में भारत पाक युद्ध के समय शाम ढलते ही ब्लैक आउट हो जाया करता था। तब यह जल स्रोत खदरी के ग्रामीणों की प्यास बुझाने का एक मात्र बड़ा साधन था। इसी तरह लक्कड़ घाट के समीप भी कुछ अन्य जल उगल थे।

वर्तमान में एक दो को छोड़कर बाकी सभी सीवरेज के पानी के कारण पीने योग्य नहीं रह गए हैं। खदरी के खेतों में पॉलीटेक्निक के समीप इस प्राकृतिक जल उगल का पानी आज भी पीने और स्नान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। बरसात में खेतों से अतिरिक्त पानी आने के कारण यह उजड़ने लगता है। इसके संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने पत्थरों की बाड़ बनाई।

तीर्थनगरी पहुंचे क्रिकेटर उन्मुक्त चंद, बोले सीनियर टीम में वर्ल्डकप जिताना है सपना

द स्काई आफ द लिमिट पुस्तक को लांच करने ऋषिकेश पहुंचे क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने प्रशंसकों ने खुलकर वार्ता की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में उन्होंने अपनी यात्रा वृत्तांत का जिक्र किया है।

क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने अपने प्रशंसकों से बातचीत की और खुद के साइन की हुई किताब प्रशंसकों को दी। उन्होंने बताया कि 2012 के अंडर-19 वर्ल्ड कप से पूर्व उन्होंने इस पुस्तक का 80 फीसदी हिस्सा लिख दिया था। बाकी हिस्सा वर्ल्ड कप जीतने के बाद लिखा। इस दौरान प्रशंसकों ने उनकी पुस्तक को खरीदा।

क्रिकेटर को गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजे नेगी, रोटरी क्लब सेंटर के अध्यक्ष दीपक तायल, समाज सेवी राधे साहनी ने पुष्प गुच्छ और प्रदेश की लोकभाषा की पहली वर्णमाला पुस्तक एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

सपना है सीनियर वर्ल्ड कप जीतने का
क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने बताया कि मात्र 19 वर्ष की आयु में उनके नाम अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने का खिताब बतौर कप्तान के रूप में दर्ज हुआ है। यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए यादगार लम्हा रहेगा। उनका सपना अंडर-19 की तरह भारत की सीनियर क्रिकेट टीम का नेतृत्व करना और कप जीतना है। उनमुक्त ने कहा कि उत्तराखंड से मेरा जुड़ाव पुराना है। मुझे जब भी समय मिलता है। मैं उत्तराखंड आकर अपनी थकान मिटाता हूं। पहाड़ की वादियों में आकर बहुत सुकून मिलता हैं।

यात्रा के दौरान कोई भी समस्या यात्रियों को न हो पाएः गढ़वाल आयुक्त

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरूषोत्तम ने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने गढ़वाल मंडल के सभी जिलाधिकारियों को यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को समस्या न होने को कहा।

शनिवार को नगर निगम के सभागार मे आयोजित बैठक गढवाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम, पुलिस आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने संयुक्त रूप से मंडल के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। आरटीओ विभाग यात्रा सीजन के दौरान चलने वाली गाड़ियों को पकड़े जाने के बाद उन्हें रखे जाने की समस्या से भी अवगत कराया। जिसके लिए यात्रा मार्गों पर स्थानीय पुलिस चौकियों को थानों से सहयोग किए जाने की बात कही गई।

आरटीओ विभाग ने पहले से पकड़ी गई गाड़ियों के निलामी का समाधान किये जाने का मामला भी उठाया। जिसका समाधान एक महीने में किए जाने का निर्देश दिया गया। हेमकुंड गुरुद्वारे के प्रबंधक स. दर्शन सिंह ने गोविंदघाट से बनने वाली सड़क की समस्या को उठाया, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने बताया कि बजट के अभाव मे कुछ कार्य नहीं हो पाया था। जिस पर गढ़वाल आयुक्त ने तत्काल बजट स्वीकृत कर कार्य को किये जाने के लिए निर्देशित किया।

इस बार चार धाम यात्रा के अतिरिक्त दो धाम के लिए भी परिवहन निगम अतिरिक्त बसें संचालित करेगा। सिंगल रोड पर चलने वाली बसों को भी चिन्हित किया गया है। बैठक में यह भी कहा कि संयुक्त रोटेशन से चलने वाली बसों के साथ कुमाऊं मंडल की 25 बसों को भी अतिरिक्त रखा जाए। बैठक में बसों में पिछली बैठकों में स्वच्छता को लेकर दिए गए निर्देश कोई कार्रवाई ना होने पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी बसों में कूड़ेदान की व्यवस्था की जाए। इसी के साथ पूरे यात्रा मार्ग पर हो रहे प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के निर्देश दिए गए।

पेट्रोल की बोतल लेकर बुजुर्ग चढ़ा एम्स की छत, दी आत्मदाह की धमकी

पिछले 51 दिनों से एम्स से निष्कासित कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। धरना का समर्थन कर रहे एक 56 वर्षीय बुजुर्ग एम्स की पांचवीं मंजिल की छत पर चढ़ गए और मांग पूरी न होने पर आत्महत्या की धमकी देने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें सात घंटे बाद नीचे उतारा। जहां 35 निष्कासित कर्मियों को पुनः आउटसोर्स में नियुक्ति देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। वहीं पुलिस ने बुजुर्ग को शांतिभंग के आरोप में चालान काट कर एसडीएम के समक्ष पेश किया।

सोमवार को उस समय स्थानीय प्रशासन, एम्स प्रशासन और लोगों में हड़कंप मच गया। जब 56 वर्षीय दाताराम ममगाईं हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर एम्स की छत पर चढ़ गए। सुबह साढ़े छह बजे चढ़े बुजुर्ग दाताराम ने अपने पास किसी को फटकने तक नहींे दिया। इस बीच अनशनकारी कर्मचारी नीचे धरने पर बैठ गए। राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के नेतृत्व में एम्स के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता के साथ वार्ता हुई। मगर, वार्ता सफल नहीं हो सकी। इसके बाद मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में पुनः बात करने की कोशिश की गई। मगर, वह भी बेनतीजा रही।

इसके बाद करीब डेढ़ बजे कोतवाल रितेश शाह पांचवी मंजिल की छत पर पहुंच गए और बड़ी ही चालाकी व सूझबूझ से काम लेते हुए बुजुर्ग दाताराम को पकड़ लिया। उन्होंने दाताराम के हाथ से पेट्रोल की बोतल छुड़ाई और नीचे ले आए। इसके बाद तीसरे वार्ता सुलेमान अहमद पद स्थापना एम्स के साथ की गई। इस बैठक में तहसीलदार रेखा आर्य भी मौजूद रही।

यहां निष्कासित 35 कर्मचारियों को पुनः आउटसोर्स से काम पर वापस रखने पर सहमति बन सकी। इसके बाद पुलिस दाताराम को करीब सवा दौ बजे कोतवाली ले गए। यहां दाताराम का शांतिभंग के आरोप में चालान कर एसडीएम प्रेमलाल के समक्ष पेश किया गया।

आखिर ऐसा कौन सा बयान देकर घिर गए चैंपियन, पढ़ें

अक्सर सुर्खियों में रहने वाले खानपुर के भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने एक साथ दो नए विवादित बयान देकर अपनी ही पार्टी तथा अन्य दलों के बीच घिर गए हैं।

एक विवादित बयान में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता का दर्जा महात्मा गांधी को नहीं बल्कि बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर को दिया जाना चाहिए था। नेहरू को प्रधानमंत्री बनाना महात्मा गांधी की सबसे बड़ी भूल थी। इतना ही नहीं, उन्होंने करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाकर डॉ. आंबेडकर की फोटो लगाए जाने की भी मांग की। उधर, रविवार को ही चौंपियन का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार्यशैली पर तंज कसते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा करते नजर आ रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते। देश का संविधान बनाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रपिता के असली हकदार हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने जवाहर लाल नेहरू को देश का प्रधानमंत्री बनाया, उनकी वजह से चीन से युद्ध हारे। कश्मीर की समस्या और धारा 307 नेहरू की ही देन है, जो आज गले की फांस बन गई है। अगर महात्मा गांधी नेहरू को न चाहते तो सरदार पटेल देश के प्रधानमंत्री होते। इससे बड़ी बड़ी बात यह है कि अगर जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाया जाता तो पाकिस्तान ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ. आंबेडकर को बहुत सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाने की मांग को विधानसभा और प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। चैंपियन का दूसरा ताजा विवाद एक वीडियो से जुड़ा है।

रविवार को कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ। इनमें उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बात करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में चैंपियन यह कहते हुए दिख रहे हैं कि प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज को कुछ जानकारी नहीं रहती है। इस दौरान उन्होंने मीडिया को एक ऑडियो टेप भी सुनाया, जिसमें वह सतपाल महाराज से बजट के संबंध में बात कर रहे हैं।
इस ऑडियो में सतपाल महाराज उन्हें उनके क्षेत्र की नदियों में तटबंध बनाने के लिए स्वीकृति मिलने के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। इसी ऑडियो में चैंपियन के फाइल के संबंध में पूछने पर महाराज कुछ समय लेते हैं। इस पर वीडियो में चैंपियन मीडिया कर्मियों से चुटकी लेते हुए कहते हैं कि पता ही नहीं कि किस के बारे में बात हो रही है, यह है मंत्रियों का हाल। ऑडियो में आगे महाराज उनके क्षेत्र के कार्यों की स्वीकृति कराने की बात कहते हैं और चैंपियन उन्हें धन्यवाद देते हैं।

खुशखबरी : आर्थिक रिपोर्ट में उत्तराखंड हुआ समृद्ध

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड वर्ष 2018-19 के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का मजबूत आधार बताया है। उन्होंने कहा है कि यह सर्वेक्षण स्पष्ट तौर पर एक समृद्ध और विकास की ओर गतिमान उत्तराखण्ड की तस्वीर पेश करता है। राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता के साथ कार्य होने से कार्यप्रणाली में सुधार आया है। उड़ान योजना से कुॅमाऊ-गढ़वाल के मध्य हवाई सेवा शुरू हुई है जिससे कम समय में और सस्ती दरों में हवाई सफर किया जा सकता है, साथ ही सौभाग्य योजना के तहत राज्य के विद्युतविहीन लगभग 2 लाख से ज्यादा परिवारों को विद्युतीकरण की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। रोड, रेल एवं रोपवे में तेजी से हो रहे कार्य के चलते विकास दर में गुणवत्ता देखी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के उद्देश्य से किये गये डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड के प्रभावी नतीजे आने शुरू हो गये हैं। जहां पिछले 17 वर्षों में 40 हजार करोड़ के आसपास कुल निवेश उत्तराखण्ड में आया है, वहीं पिछले 6-7 महिनों में 10 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि इससे राज्य के 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन के क्षेत्र में लिये गये फैसलों ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। टिहरी वाटर स्पोर्टस का हब बन गया है, जबकि ऋषिकेश एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया भर में उभरता गंतव्य बन रहा है। उन्हें विश्वास है कि 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन के तहत पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से उत्तराखण्ड के विकास में यह फैसला एक क्रान्तिकारी फैसले के रूप में जाना जायेगा। हमारे प्रयासों के चलते गत वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना गेम चैंजर साबित हो रही है, जिससे आज गुणवत्ता युक्त इलाज निःशुल्क दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के लिये टेली मेडिसीन व टेली रेडियोलाॅजी प्रारम्भ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह का लाभ भी इस राज्य को प्राप्त हो रहा है। आॅल वैदर रोड एवं चारधाम रेल परियोजना से उत्तराखण्ड विकास के नये स्तर पर पहुंच रहा है। सेतु भारतम योजना के तहत काशीपुर में दो आरओबी का निर्माण हो रहा है। अटल सेतु एवं इं विश्वेश्वरैय्या से देहरादून आगमन आसान हुआ है एवं अजबपुर फ्लाईओवर के निर्माण के बाद और भी आसान हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एनसीआरटी की पुस्तकों को लागू करना अभिभावकों को राहत प्रदान करने वाला फैसला रहा है। व्यवस्थागत सुधारों के चलते निवेश हेतु बेहतर माॅहोल बनाने से दुनिया भर के उद्योगपतियों ने उत्तराखण्ड का रूख किया है। समाजिक प्रगति सूचकांक में उत्तराखण्ड 64.23 अंक के साथ केरल, हिमाचल प्रदेश तथा तमिलनाडु के बाद शीर्ष चैथे स्थान पर है एवं इसका स्कोर अखिल भारतीय औसत से ऊपर है। किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में माह दिसम्बर 2018 तक 528.47 लाख की धनराशि व्यय कर 15,374 किसानों को लाभान्वित किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश द्वारा भारत सरकार के सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 11वां स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2018 तक 2.66 लाख गरीब परिवारो को निशुल्क गैस कनेक्शन दिये गये हैं, जबकि जिन परिवारों को इस योजना का लाभ प्राप्त नही हो पा रहा था तथा ऐसे परिवारों को राज्य सरकार अपने स्तर से निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसम्बर तक इस योजना में 7267 परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का आइना बताते हुए कहा कि राज्य की विकास दर में वर्ष 2017-18 में 6.82 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई जबकि वर्ष 2018-19 में इसमें 7.03 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2017-18 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद रूपए 2,14,933 करोड़ आकलित था, जिसकी तुलना में वर्ष 2018-19 में यह 2,37,147 करोड़ रहने का अनुमान है। यही नहीं वर्ष 2017-18 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय रू0 1,74,622 आंकी गई थी जबकि वर्ष 2018-19 में यह 1,90,284 अनुमानित है।
वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में राज्य सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 35,660 करोड़ रूपए है जो कि वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित अनुमान के अनुसार रू0 29,783 करोड़ हो गयी है जो 19.73 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष 2018-19 में सितम्बर, 2018 तक राज्य में बैंकों द्वारा 55,759 नए सूक्ष्म उद्यमियों को रू0 906.07 करोड़ का नया ऋण स्वीकृत किया गया है।

अब घर बैठे दर्ज कराएं निगम में शिकायत

अब नगर निगम ऋषिकेश में निवास कर रहे लोगों को अपनी शिकायत के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नगर निगम ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18003135292 जारी किया। इसके लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

गुरुवार को मेयर अनिता ममगाईं ने टोल फ्री नंबर जारी किया। उन्होंने बताया कि इस टोल फ्री नंबर पर निशुल्क कॉल किया जा सकेगा। इस नंबर पर कॉल करते ही पांच विकल्प कॉलर को दिए जाएंगे। इस पर कॉलर अपनी शिकायत किसी विभाग के विरुद्घ है, के चुनने का ऑप्शन बताएगा। इसके बाद कॉल को संबंधित विभाग पर ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद समस्या का निदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। नई सुविधा से लैस होने के बाद प्रदेश में ऋषिकेश पहला नगर निगम हो गया है जहां टोलफ्री नंबर पर समस्याएं दर्ज करवाई जा सकेंगी।

इन अधिकारियों से कर सकेंगे शिकायत

मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर अपनी ‌शिकायत निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण, कर अ‌धीक्षक निशात अंसारी, पथ प्रकाश विभाग में ‌ललित नौटियाल, जन्म व मृत्यु पंजीकरण विभाग से विनोद कुमार त्यागी तथा सफाई निरीक्षक सचिन रावत से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर टोल फ्री नंबर पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही अपनी शिकायत दर्ज करा पाएगा। साथ ही कॉलर अपनी शिकायत मैसेज ड्राप बॉक्स में भी छोड़ सकेगा।

कूड़ा निस्तारण पर सरकार का विशेष ध्यानः त्रिवेन्द्र

उत्तराखंड सरकार कूड़ा निस्तारण की दिशा में विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए हरिद्वार में कूड़ा निस्तारण को एक बड़ा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में नीदरलैंड के विशेषज्ञ काम कर रहे है। प्रोजेक्ट सफल रहा था तो इससे एविशन फ्यूल, खाद आदि तैयार की जा सकेगी। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत पहले सब्सिडी 30 प्रतिशत मिली थी, जोकि अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जा रही है।

उन्होने कहा कि डोइवाला के आसपास करीब 25 से 50 एकड़ भूमि पर फिल्म सिटी बनेगी। इसके लिए भूमि तलाशी जाएगी। उत्तराखंड फिल्म जगत के हिसाब से पूरी तरह परिपूर्ण है, यहां की वादियों को कैमरे में कैद किया जाएगा। बड़े पर्दे पर उत्तराखंड की सौंदर्य छवि देखने को मिलेगी। इससे यहां पर्यटन बढ़ेगा।

उन्होने कहा कि अटल आयुष्मान योजना से राज्य में अब तक चार लाख 46 हजार गोल्डन कार्ड लोगों के बनाए जा चुके है। जबकि प्रतिदिन 35 हजार गोल्डन कार्ड विभिन्न क्षेत्रों में बन रहे है। इस योजना के मरीजों के बिल का भुगतान सरकार 15 दिनों के भीतर करेगी। साथ ही सप्ताह भर की निशुल्क दवाइयां भी देने का प्रावधान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी) शुरू किए जाने पर काम चल रहा है।