यूकेएसएससी पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट लगाया

यूकेएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। नकल माफिया जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह, उसके करीबी धामपुर के केंद्रपाल, लखनऊ स्थित कंपनी मालिक राजेश चौहान समेत 21 आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने गैंगस्टर लगा दिया है। यूपी के सादिक मूसा को गैंग का लीडर बताते हुए रायपुर थाने में गैंगस्टर ऐक्ट में केस दर्ज कराया गया है।
मूसा व दूसरा साथी योगेश्वर राव अभी फरार हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अब इन आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने रविवार रात बताया कि सीएम और डीजीपी ने एसटीएफ को नकल माफियों पर नकेल कसने व गैंग बनाकर सदस्यों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति पर एक्शन लेने के आदेश दिए गए।
इसके बाद एसटीएफ की विस्तृत रिपोर्ट पर गैंगस्टर ऐक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। गैंगस्टर ऐक्ट में मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों की अवैध चल-अचल संपत्ति जब्त करने की विधिवत कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी। सभी आरोपियों की अवैध संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है।
मिस्टर डोंगल है मूसा, करता है सिर्फ व्हाट्सएप कॉल सैयद सादिक मूसा पेपर लीक मामले का सरगना बताया गया है। वह अपने साथ डोंगल लेकर चलता है इसलिए उसे मिस्टर डोंगल कहते हैं। वह फोन पर बात नहीं करता है सिर्फ व्हाट्सएप कॉल करता है। इसके चलते उसको पकड़ पाना एसटीएफ के लिए चुनौती बना है।

पुलिस गिरफ्त में नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाला गिरोह

कोतवाली पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक गली नंबर 2, गुमानीवाला निवासी चंद्र मोहन पांडे पुत्र स्व. दिवाकर दत्त पांडेय ने पुलिस को एक तहरीर दी। इसमें उन्होंने बताया श्यामपुर बाईपास गुमानीवाला में उनकी परचून की दुकान है। बीती 28 अगस्त की शाम को एक व्यक्ति उनकी दुकान से सामान लेने आया था। उसने सामान खरीदने के बाद बदले में दो हजार रुपये का नोट उन्हें थमाया। दो हजार का नोट नकली निकला। पुलिस ने दुकान स्वामी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों और मुखबिर की मदद से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोमवार को जंगलात चौकी गुमानीवाला के पास से एक आरोपी को धर दबोचा।
पूछताछ में उसने अपनी पहचान नीरज पुत्र सुखबीर सिंह निवासी मोहल्ला माता गढ़, थाना मंडी जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई। पुलिस हिरासत में उसने बताया कि वे तीन दोस्त हैं। उनमें से सुनील और रोशन जोशी देहरादून स्थित वसुंधरा विहार निरंजनपुर, पटेलनगर में रहते है। वहां पर एक कमरे में रोशन जोशी के पास नकली नोट छापने के स्नैकर, लैपटॉप और प्रिंटर मशीन है। वे नकली नोट छापने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में नोट देकर सामान खरीदते हैं। पुलिस ने इसके बाद आरोपी रोशन जोशी पुत्र लक्ष्मण जोशी निवासी ग्राम सुना पोस्ट व थाना थराली जनपद चमोली हाल निवासी लेन नंबर 2 वसुंधरा विहार पटेल नगर देहरादून और सुनील पुत्र संजय निवासी ग्राम शाहजहांपुर थाना सरसावा जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश को देहरादून से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो हजार रुपये के चार नकली नोट, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य सामान भी बरामद किया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया की आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया है।

मनमाने पैसे नही देने पर किन्नर ने प्रसूता के पेट में मारी लात

कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बनखंडी में सोमवार की दोपहर बधाई के बदले इनाम ना देने पर एक किन्नर ने प्रसूता के पेट में लात मार दी। गुस्साए स्थानीय नागरिकों ने किन्नर की जमकर धुनाई की। मामला कोतवाली पहुंचा, जहां किन्नरों की ओर से माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ।
बनखंडी कुएं वाली गली ऋषिकेश निवासी विपिन सैनी ने बताया कि उनकी पत्नी ने शिशु को जन्म दिया है। आपरेशन के बाद वह अपनी पति पत्नी और नवजात को बीते रोज घर लेकर आए थे। सोमवार की सुबह वह अपने काम पर चले गए। दोपहर करीब 12 बजे किन्नरों की टोली उनके घर पहुंची और बधाई के बदले 51 हजार रुपए मांगे।
विपिन सैनी के मुताबिक चिकित्सालय में पहले ही काफी खर्च हो चुका था। इसलिए उनकी पत्नी ने इतनी बड़ी धनराशि देने में असमर्थता जताई। जिस पर वहां मौजूद किन्नर विवाद करने लगे। विवाद के दौरान ही एक किन्नर ने उनकी पत्नी के पेट पर लात मार दी। पत्नी ने फोन करके उन्हें मामले की जानकारी दी, जिस पर वह घर पहुंचे। वह इनाम के तौर पर 51 सौ रुपया देने को तैयार थे। इस बीच वहां मौजूद गुस्साए लोग ने महिला के पेट में लात मारने वाले किन्नर की जमकर धुनाई कर दी और इन सभी को लेकर कोतवाली पहुंच गए।
कोतवाली में किन्नरों की ओर से विपिन सैनी और महिला से माफी मांगी गई। जिसके बाद मामला शांत हुआ। कोतवाली में दिवस अधिकारी उप निरीक्षक शिव प्रसाद डबराल ने बताया कि दोनों पक्ष कोतवाली आए थे। मामले की लिखित शिकायत नहीं दी गई। कोतवाली के बाहर ही दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

खुद को मंत्री बताकर फोन पर मांगे रूपये, पुलिस के पास पहुंचा मामला

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के नाम से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। मंत्री के पीआरओ ने ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के जनसंपर्क अधिकारी ताजेंद्र नेगी ने गुरुवार को दी तहरीर में बताया कि बुधवार सुबह करीब आठ बजे एक मोबाइल नंबर से संदीप परमार निवासी चौदहबीघा, ऋषिकेश के मोबाइल फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने संदीप परमार को खुद का नाम जसराज और खुद को कैबिनेट मंत्री का पीएसओ बताया।

संदीप परमार के मुताबिक इस दौरान कॉल करने वाले व्यक्ति ने मंत्री की आवाज निकालने वाले किसी दूसरे व्यक्ति से कॉल पर बात करवाई। कैबिनेट मंत्री के नाम का प्रयोग करते हुए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 21 हजार 853 रुपये की डिमांड की। यही नहीं व्हाट्सएप पर भी लगातार रुपये देने का संदेश भेजकर परेशान करता रहा। पीआरओ ताजेंद्र सिंह नेगी ने पुलिस से मंत्री के नाम पर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कोतवाली पुलिस ने बांग्लादेशी महिला को किया अरेस्ट, अवैध रूप से पिछले आठ वर्ष से रही रही थी महिला

आठ वर्षों से रह रही बांग्लादेशी महिला को आज कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खुफिया विभाग की सहायता से गिरफ्तारी की कार्यवाही को अंजाम दिया। इस महिला ने अवैध तरीके से भारतीय पासपोर्ट बनाने के साथ-साथ मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड भी बनवा लिया था। इतना ही नहीं पिछले आठ वर्षों से वह ऋषिकेश के आवास विकास कालोनी में एक मकान खरीद कर उस में रह रही थी। महिला का पति दुबई में काम करता है। वर्ष 2007 में यह महिला टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी।

गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से देश के विभिन्न हिस्सों में ओवरस्टे कर रह रहे विदेशी नागरिकों के संबंध में जांच करने के निर्देश विभिन्न राज्य की सरकारों को दिए गए थे।
इसके अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की ओर से ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र में रह रहे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी निवासियों की जांच पड़ताल के लिए अभियान चलाने को कहा गया।

स्थानीय अभिसूचना इकाई की ओर से जांच की गई तो पता चला कि मकान नंबर 927 आवास विकास कालोनी ऋषिकेश में एक बांग्लादेशी महिला पासपोर्ट वीजा की समय अवधि समाप्त होने के बाद भी रह रही है।

प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार सैनी ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि हो जाने के बाद बुधवार को सोनिया चौधरी (40 वर्ष) पत्‍नी बावला चौधरी निवासी आवास विकास कालोनी वीरभद्र रोड ऋषिकेश जिला देहरादून के घर पर जाकर जांच की गई।
उनके यात्रा संबंधी दस्तावेज और पहचान पत्रों की जांच की गई तो पता चला कि महिला बांग्लादेशी पासपोर्ट (ठंदहसंकमेी चंेेचवतज) धारक है। इसके पासपोर्ट की वैधता 25 दिसंबर 2014 को समाप्त हो चुकी है और वीजा की वैधता भी आठ सितंबर 2011 को समाप्त हो चुकी है।

खुलेआम शराब की बिक्री कर रहे तस्करों पर पुलिस की कार्यवाही

कोतवाली पुलिस ने चंद्रेश्वर नगर से 24 पेटी शराब दो घरों से बरामद की है। एक शराब तस्कर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि एक महिला शराब तस्कर मौके से फरार हो गई है। जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
कोतवाली पुलिस के अनुसार मंगलवार की सुबह मुखबिर ने सूचना दी कि चंद्रेश्वर नगर के दो घरों में खुलेआम शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही आईएसबीटी चौकी प्रभारी अमित कुमार मय पुलिस फोर्स के साथ चंद्रेश्वर नगर पहुंचे। पुलिस ने पहले शराब तस्कर गुरदयाल सिंघल के घर पर छापेमारी करते हुए पांच पेटी शराब पकड़ी। मौके से गुरदयाल सिंघल को भी गिरफ्तार किया। जिसके बाद पुलिस नशे के सौदागर गुरुचरण की पत्नी शांति देवी के घर छापेमारी करने पहुंच गई। पुलिस को देख शांति देवी मौके से फरार हो गई। तलाशी लेने पर शांति देवी के घर से पुलिस ने 19 पेटी शराब बरामद की। पुलिस शराब को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई।
कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि पुलिस ने 24 पेटी शराब कब्जे में लेकर माल खाने में रख दी है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने संबंधित धारा में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। गिरफ्तार हुए शराब तस्कर गुरदयाल सिंह को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया है। फरार हुई शराब तस्कर शांति देवी की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए हैं। बताया कि दोनों ही शराब तस्करों के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे ऋषिकेश कोतवाली में दर्ज है। शराब पकड़ने वाली टीम में कॉन्स्टेबल राधेश्याम, संदीप छाबड़ी, तेज सिंह, सुधीर कुमार शामिल रहे।

धोखाधड़ी के मामले में मनीष वर्मा, पत्नी और भाई सहित दोषी करार, जेल भेजा

सुभारती ट्रस्ट से धोखाधड़ी के मामले में एसीजेएम चतुर्थ अभिषेक श्रीवास्तव ने मनीष वर्मा, उनकी पत्नी नीतू वर्मा व भाई संजीव वर्मा को 5-5 साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट से धारा 420, 467, 468 व 471 में प्रत्येक धारा में 5-5 हजार का जुर्माना लगाया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मनीष वर्मा ने सुभारती ट्रस्ट को जमीन बेचने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। जिसके बाद सुभारती ट्रस्ट से मनीष वर्मा, उनकी पत्नी नीतु वर्मा व भाई संजीव वर्मा के खिलाफ धारा 420, 467, 468 व 471 में मुकदमा दर्ज कराया था। जिससें जांच की गई तो मामला सत्य पाया गया।
2014 में इस मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया गया था। इस बीच वादी ने सुप्रीम कोर्ट में इस मुकदमे के जल्द विचारण की अपील की थी। आरोप है कि इस सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष यानी वर्मा परिवार कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ था। इसके लिए सर्वाेच्च न्यायालय ने आदेश दिए थे कि अभियोजन वर्मा व उनकी पत्नी और भाई की जमानत निरस्तीकरण का प्रार्थनापत्र कोर्ट में प्रस्तुत होने को कहा जिसके बाद तीनों को जेल भेज दिया गया था। सोमवार को इस मामले में कोर्ट ने मनीष वर्मा, नीतु वर्मा व संजीव वर्मा को दोषी पाते हुए एसीजेएम चतुर्थ अभिषेक श्रीवास्तव ने 5-5 साल की सजा व 20-20 हजार रूपये की सजा सुनाई है। इस मामले में सरकारी एडवोकेट जावेद अहमद ने सरकार की तरफ से मामले की पैरवी की।

यह है मामला
सुभारती ट्रस्ट के ट्रस्टी की शिकायत पर मनीष वर्मा, उनकी पत्नी व भाई के खिलाफ वर्ष 2012 में मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने ट्रस्ट को 100 बीघा जमीन बेचने का अनुबंध किया था, लेकिन मौके पर जमीन केवल 33 बीघा ही पाई गई। ऐसे में उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने करीब 67 बीघा जमीन के कागजात फर्जी दर्शाए थे।

तीर्थनगरी में नशे की सप्लाई करने वाला साजिद बरेली से गिरफ्तार

ऋषिकेश पुलिस ने बरेली से एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते में जमा 10 लाख रुपये भी फ्रीज कर दिए हैं।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक बीते साल 10 दिसंबर को पुलिस ने चंद्रेश्वरनगर, ऋषिकेश निवासी रेखा साहनी पत्नी सुरेंद्र साहनी को 6.05 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। महिला के पास से स्मैक से बेचकर कमाए गए 2870 रुपये भी बरामद किए थे। पुलिस को पूछताछ में महिला ने बताया कि वह स्मैक यूपी के बरेली से साजिद हुसैन नाम के व्यक्ति से खरीदती है। स्मैक की रकम वह उसके बैंक एकांउट में जमा कर देती है। जांच के दौरान महिला की बात सच निकली। इसके बाद पुलिस ने साजिद हुसैन के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने पहले आरोपी के बैंक अकाउंट में जमा 10 लाख रुपये फ्रीज करवाए। रविवार को पुलिस ने मुखबिर की मदद से नशा तस्कर साजिद हुसैन पुत्र नबी हुसैन निवासी मोहम्मद गोरिफ बिठोलिया, थाना सीबीगंज बरेली को गिरफ्तार किया। सीओ डीसी ढौड़ियाल ने बताया कि आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

पेपर लीकः एसटीएफ ने अब बागेश्वर में तैनात शिक्षक को किया गिरफ्तार

यूकेएसएसएससी परीक्षा में बागेश्वर जिले में तैनात एक शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि पूर्व में भर्ती घोटाले का लाभ उठाते हुए कई अभ्यर्थियों ने लाभ उठाया है। पुलिस इस मामले की भी जांच करेगी। सूत्रों की मानें तो कई विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों की भी लपेटे में आ सकते हैं।

यूकेएसएससी मामले में लगातार गिरफ्तारी हो रही है। अब मामले की आंच बागेश्वर जिले के कांडा तक भी पहुंच गई है। एसटीएफ ने जिस शिक्षक को गिरफ्तार किया है वह 2019 से कांडा के राउमावि मलसूना में तैनात है। वह विजयपुर अन्नपूर्णा में किराए के मकान में रहता था।
स्कूल की प्रधानाध्यापिका सरस्वती ने बताया कि शुक्रवार को शिक्षक जगदीश ने उन्हें फोन किया। सोमवार से मेडिकल अवकाश पर जाने की बात कही थी। उन्हें कहा गया था कि वह इसके लिए एक बार स्कूल आएं और प्रार्थना पत्र दें, लेकिन रविवार को उनकी गिरफ्तारी की सूचना से वह भी स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार शिक्षक के पास एक कार व एक बुलट बाइक है।

शिक्षक पर आरोप है कि वह कई लोगों के संपर्क में है। इससे और लोगों के भी गिरफ्तार होने की आशंका जताई जा रही है। सभी को जांच और गहराने की उम्मीद है। इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी गजेंद्र सोन ने बताया कि शिक्षक जगदीश गोस्वामी के मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद शिक्षक को निलंबित किया जाएगा।

मोबाइल चुराने के आरोप में दो गिरफ्तार


कोतवाली पुलिस के मुताबिक, नवीन चंद्र निवासी राज कॉटेज, राजेंद्रनगर, साहिबाबाद जिला गाजियाबाद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 31 जुलाई को यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ट्रैकिंग कैंप के दौरान भरत मंदिर धर्मशाला से उनका मोबाइल चोरी हो गया।

पुलिस टीम ने जांच पड़ताल के बाद दो युवकों को श्मशान घाट, चंद्रेश्वरनगर से पकड़ा। उनके पास से चोरी किया गया मोबाइल भी बरामद किया। त्रिवेणीघाट चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि आरोपियों की पहचान अर्जुन अरोड़ा पुत्र राम अरोड़ा निवासी भैरव मंदिर चंद्रभागा पुल के पास और सत्यम पुत्र महेश पाल निवासी चंद्रेश्वनगर, ऋषिकेश के रूप में हुई।