कॉल सेंटर में कार्य कर रहे कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप, मुकदमा दर्ज

अंकिता भंडारी मर्डर केस के बाद लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। अब कुनाऊं गांव में संचालित एक कॉल सेंटर में कार्यरत आसाम की एक युवती और दो युवकों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा बुधवार सुबह उस समय हुआ जब तीनों किसी तरह कॉल सेंटर से भागकर पुलिस की शरण में पहुंचे। पुलिस ने कॉल सेंटर संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धारा में केस दर्ज कर लिया है। संचालक मौके से फरार हैं।
लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक बुधवार को गुवाहाटी निवासी आरूप (28) पुत्र चितरंजन ने बताया कि कुनाऊं गांव में संचालित कॉल सेंटर में काम के दौरान संचालकों ने उन्हें जबरन बंधक बनाया। संचालकों पर आरोप है कि उन्होंने आरूप, युवती लिंडा, रिचर्ड निवासी आसाम, मेघालय को जान मारने की धमकी भी दी है। शिकायत में आरोप लगाया कि कॉल सेंटर के संचालक ने आसाम से फ्लाइट से लाने और रहने-खाने ‌‌‌‌‌‌‌‌पर खर्च किए गए करीब ₹एक लाख रुपये मांगे।
आरोप है कि रकम ना देने पर संचालक ने आरूप के मोबाइल को चीला शक्ति नहर में फेंक दिया। किसी तरह बुधवार की सुबह अंधेरे में यह लोग कॉल सेंटर से भागने में कामयाब हो गए। पहले ऋषिकेश कोतवाली की शरण में पहुंचे। यहां उन्हें लक्ष्मणझूला थाना भेजा गया। यहां तीनों ने अपनी आप-बीती पुलिस को बताई। थाना निरीक्षक विनोद गुसाई ने बताया कि तहरीर के आधार पर कॉल सेंटर संचालक गौरव, वसीम और गुलाम के खिलाफ जान से मारने, जबरन बंधक बनाने और ठगी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। कहा कि आरोपी मौके से फरार चल रहे हैं।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भर्ती घोटाले के आरोपी का रिजॉर्ट ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरु

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हाकम सिंह के सांकरी स्थित अवैध रिसोर्ट को आज आखिरकार ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। पहले बुलडोजर और फिर प्रशासन ने ग्रामीणों कि मदद से इस आलीशान रिसोर्ट को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। देर शाम तक रिसोर्ट के काफी हिस्से को हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर पिछले दिनों कुछ युवाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। युवाओं की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के आदेश दिए। डीजीपी अशोक कुमार के निर्देशों ओर अगले ही दिन इस मामले में देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान एक के बाद एक बड़े खुलासे होते चले गए। सबसे बड़ा नाम उत्तरकाशी के नेता हाकम सिंह को लेकर हुआ। सीएम ने कार्रवाई से गुरेज नहीं किया और इसी का नतीजा रहा कि हाकम सिंह को जेल की सलाखों के पीछे भेजने में देर नहीं लगाई गई। इस मामले में एसटीएफ अब तक 40 से ज्यादा गिरफ्तारियां कर चुकी है। जबकि हाकम सिंह की संपत्तियों की जब जांच हुई तो उसकी अकूत दौलत और तमाम रिसोर्ट आदि के बारे में पता चला।
ऐसा ही एक रिसोर्ट हाकम का मोरी सांकरी में भी होना प्रकाश में आया। सुदूरवर्ती क्षेत्र में होने के बावजूद यहां आलीशान रिसोर्ट काली कमाई से बनाया गया। प्रशासन की जांच में हालांकि इसके सरकारी भूमि पर बने होने की पुष्टि हुई।
राजस्व विभाग व गोविंद वन्य जीव विहार द्वारा संयुक्त रूप से अतिक्रमण को लेकर नाप-जोख की गई थी। नाप जोख में वन विभाग की मुनारे क्षतिग्रस्त पाए गए। संयुक्त टीम द्वारा वन एवं राजस्व की अतिक्रमण भूमि की नाप-जोख कर चिन्हित किया गया। वन विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त मुनारों की पुनः मरम्मत का कार्य भी किया गया और वन भूमि के अतिक्रमण को लेकर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए। साथ ही अतिक्रमण की गई भूमि को सील किया गया था।
इसी क्रम में रिसोर्ट के अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया और आज इसी क्रम में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही प्रारंभ की गई। आज तहसील मोरी के सांकरी में स्थित रिजॉर्ट के वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर वन विभाग,राजस्व व पुलिस प्रशासन टीम ने ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की। पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण में बने रिजॉर्ट का ध्वस्तीकरण का कार्य गतिमान है, वहीं ग्रामीणों द्वारा भी इस कार्य में प्रशासन को सहयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने परिवार से मिलकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी के श्रीकोट में अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई कराते हुए अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी जनपद अंतर्गत श्रीनगर के डोभ श्रीकोट गांव पहुँचे और अंकिता के परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मामले की जांच को डीआईजी पी.रेणुका देवी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित की गई है जिसने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हत्याकांड के तीनों आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और जांच में जिन भी लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में है उन पर भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की धनराशि भी प्रदान की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, एसएसपी यशवंत सिंह चौहान, एसडीएम आकाश जोशी आदि भी उपस्थित रहे।

नाबालिक छात्राओं को पुलिस ने दिल्ली से किया सकुशल बरामद

28 सितंबर को वादी के द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर के माध्यम से सूचना दी गई कि उनकी दो नाबालिक पुत्रियां उम्र क्रमशः 17 वर्ष एवं 15 वर्ष दिनांक 27 सितंबर की रात लगभग 10.30 बजे से घर से गायब हैं, अभी तक घर नहीं आई है। लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के द्वारा स्वयं नेतृत्व करते हुए गुमशुदा दोनों नाबालिग बहनों की तलाश हेतु दो टीमें गठित की गई।
एक टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों के घर से आने जाने वाले रास्तों पर दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक करते हुए, परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर मुखबिर तंत्र के माध्यम से तलाश शुरू की गई।
दूसरी टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों की तलाश हेतु ऋषिकेश-हरिद्वार-देहरादून के बस अड्डा एवं रेलवे स्टेशनों तथा अन्य संभावित स्थानों पर पर सर्च अभियान चलाया गया। गठित टीमों के द्वारा किए गए कार्यों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त आपसी सामंजस्य स्थापित कर ज्ञात हुआ कि उपरोक्त गुमशुदा दोनों नाबालिग बहने सोशल मीडिया के माध्यम से फरीदाबाद हरियाणा निवासी दो लड़कों के संपर्क में आई जिनके द्वारा दोनों बहनों को अच्छी सैलरी वाली जॉब लगाने का प्रलोभन दिया गया। जिसके पश्चात दोनों नाबालिग बहने अपने परिजनों को बिना बताए अपने घर से 27 सितंबर की रात्रि बस के माध्यम से हरिद्वार होते हुए दिल्ली पहुंच गई।
दोनों नाबालिग बहनों के दिल्ली में होने की जानकारी प्राप्त होने पर दोनों गठित टीमों के द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल दिल्ली रवाना होकर 29 सितंबर को मात्र 24 घंटे के अंदर कश्मीरी गेट दिल्ली के पास से सकुशल बरामद किया गया। दोनों फरार व्यक्तियों के संबंध में अन्य जानकारियां प्राप्त कर उनकी तलाश जारी है। अभियोग उपरोक्त से संबंधित अग्रिम आवश्यक कार्यवाही जारी है।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक चिंतामणि मैठाणी चौकी प्रभारी आईडीपीएल, कांस्टेबल सचिन सैनी, कांस्टेबल युवराज सिंह, कांस्टेबल दुष्यंत, कांस्टेबल रोमिल, कांस्टेबल नवनीत नेगी, एसओजी देहात, कांस्टेबल मनोज, एसओजी देहात शामिल रहे।

सीएम ने दिलाया भरोसा तो मान गए परिजन

अंकिता भंडारी का आखिरकार अंतिम संस्कार कर दिया गया है। श्रीनगर के आईटीआई घाट पर अंकिता के भाई ने मुखाग्नि दी। इस दौरान भारी भीड़ घाट पर अंकिता को विदाई देने के लिए जुटी। वहीं इससे पहले अंकिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर नाराज लोगों ने बदरीनाथ-ऋषिकेश हाईवे को जाम कर दिया था। अंकिता हत्याकांड को लेकर लोगों में उबाल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अंकिता का परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे और परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था।
हालांकि सीएम और जिला प्रशासन के समझाने पर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। वहीं अंकिता के पिता की अपील करने के बाद आक्रोशित लोगों का गुस्सा शांत हुआ। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएंगे और पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में जो भी लिप्त होगा, उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ ऐसी घटना हुई है ऐसे में लोगों का आक्रोशित होना भी स्वाभाविक है।

चोरी के आरोप में घर का नौकर दोस्त सहित गिरफ्तार

पुलिस ने एक घरेलू नौकर और उसके दोस्त को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जिन्हें पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक गली नंबर तीन वीरभद्र रोड निवासी देवेंद्र कुमार पुत्र रघुवीर सिंह तोमर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शनिवार शाम को वे अपनी पत्नी के साथ रोज की तरह आस्थापथ पर घूमने के निकले थे। जिसके बाद वापस लौटे तो कमरे का ताला टूटा था और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। कमरे की दराज में एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखे चांदी के 77 सिक्के, सिंडीकेट बैंक की पासबुक, एक घड़ी और 10 हजार की नकदी गायब थी। उन्होंने अपने नौकर पर चोरी का शक जाहिर किया। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी नौकर लालू कुमार यादव पुत्र राम पुकार यादव, निवासी ग्राम वीरपुर मधेपुर और मनोज यादव पुत्र रामकिशन यादव, निवासी ग्राम सिजौल मैलाम जिला मधुबनी बिहार को भरत विहार के हरिद्वार रोड से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी का माल भी बरामद किया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि लालू और मनोज आपस में दोस्त है। लालच के चक्कर में लालू ने अपने दोस्त के साथ चोरी का प्लान बनाया। घटना को अंजाम देने के बाद वह बिहार भागने की फिराक में थे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिवारजनो द्वारा सहयोग किये जाने पर उनका आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता सहित हर प्रकार की सहायता के लिए राज्य सरकार सदैव बिटिया अंकिता के परिवार के साथ है। इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार इस जघन्य अपराध की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उग्र भीड़ ने रिसॉर्ट में की तोड़फोड़, आरोपियों को भी पीटा

गंगा भोगपुर स्थित रिजार्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल की अंकिता भंडारी के मामले का आखिरी कार खुलासा हो गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने उसकी हत्‍या का खुलासा किया। उग्र भीड़ ने पुलिस कस्‍टडी में आरोपितों से मारपीट की। साथ ही रिजार्ट पर गुस्‍सा भी उतरा।

थाना लक्ष्मण झूला से पुलिस की टीम तीनों आरोपितों को पौड़ी न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी। इस बीच कोडिया गंगा भोगपुर में पहले से जमा गुस्साए लोगों ने पुलिस की अभिरक्षा में तीनों आरोपितों के साथ जमकर मारपीट की।

मौके पर पहले से भारी भीड़ जमा थी। गुस्साए लोग ने संबंधित रिजार्ट पर अपना गुस्सा निकाला। भारी पथराव करके रिसार्ट के शीशे तोड़ दिए। समीप से ही थोड़ी देर बाद जब पुलिस का वाहन आरोपितों को लेकर निकला तो वाहन पर भी पथराव किया गया।

पुलिस वाहन के शीशे टूट गए। भीड़ के आगे मुट्ठी भर पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। तीनों को जमकर पीटा गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि रिजार्ट मालिक पुलकित आर्य और अन्‍य आरोपित अंकिता पर कस्टमर से संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। यह बात अंकिता ने अपने दोस्‍तों को बता दी थी। इसको लेकर रिजार्ट मालिक और अंकिता में विवाद हुआ था। जिसके बाद आरोपित उसे अपने साथ ले गए थे।

इस अंकिता हत्‍या मामला में लक्ष्मण झूला पुलिस ने रिजार्ट के मालिक को पुलकित आर्य पुत्र विनोद आर्य निवासी आर्य नगर हरिद्वार, प्रबंधक सौरभ भास्कर, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को अरेस्‍ट कर लिया है।

रणजी मैच में खिलवाने का झांसा देकर खिलाड़ी से ठगे आठ लाख रूपये

उत्तराखंड से रणजी मैच खिलवाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने क्रिकेटर से आठ लाख रुपये हड़प लिए।

डालनवाला कोतवाली पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। धीरज कुमार निवासी राजपुरी उत्तम नगर नई दिल्ली ने बताया कि वह क्रिकेटर है और खेलने के लिये अलग-अलग राज्यों में जाता रहता है।

डालनवाला कोतवाली पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। धीरज कुमार निवासी राजपुरी उत्तम नगर नई दिल्ली ने बताया कि वह क्रिकेटर है और खेलने के लिये अलग-अलग राज्यों में जाता रहता है।

इसी दौरान दिल्ली में उसकी जान-पहचान अभिषेक गंगवार से हुई, वह भी क्रिकेट खेलने आया हुआ था। इसके बाद दूसरी बार उसकी मुलाकात अभिषेक गंगवार से किरतपुर, बिजनौर के मैदान पर वर्ष 2021 में हुई, तब अभिषेक गंगवार ने उससे कहा कि तुम कब तक ऐसे खेलते रहोगे।

देहरादून आओ आठ लाख रुपये दो तो वह उत्तराखंड में रणजी टीम से खिलवाएगा। आरोपित ने कहा कि उसकी उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में अच्छी जान पहचान है। इस पर उसने आठ लाख रुपये दे दिए, लेकिन उसने मैच नहीं खिलवाये और रुपये हड़प लिए।

मुख्यमंत्री ने पोक्सो अधिनियम में राज्य स्तरीय परामर्श संवाद में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुद्धोवाला में पोक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में ‘राज्य स्तरीय परामर्श संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने वर्चुअल प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा, न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पोक्सो अधिनियम एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में दो दिवसीय ‘राज्य स्तरीय परामर्श संवाद’ में मंथन से जो भी निष्कर्ष निकलेगा, राज्य सरकार उन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रतिबद्धता से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है। आज इस कार्यशाला में कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के प्रतिनिधियों द्वारा मंथन किया जा रहा है। यह मंथन कार्यक्रम निश्चित रूप से बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का हित सबके लिए सर्वाेपरि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिकता संहिता लागू करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ी है। इसके लिए गठित कमेटी द्वारा ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इसके लिए जन सुझाव भी लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के मंत्र पर कार्य कर रही है। जन समस्याओं का त्वरित समाधान हो इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनायेगा। तब तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। राज्य का विकास सबकी सामूहिक यात्रा है।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, उत्तराखण्ड बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, एडवोकेट जनरल एस. एन बाबुलकर, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, रजिस्ट्रार जनरल उत्तराखण्ड हाईकोर्ट विवेक भारती शर्मा, सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकासएच. सी. सेमवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।