विवादित बयान मामले में केजरीवाल ने कोर्ट में मांगी माफी

अपने विवादित बयानों के लिये जाने जाते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा से बीजेपी सांसद अवतार सिंह भड़ाना से पटियाला हाउस कोर्ट में लिखित में माफी मांगी है। पटियाला हाउस कोर्ट में भड़ाना ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। साथ ही एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी। सांसद भड़ाना का आरोप है कि केजरीवाल ने उनके संबंध में 31 जनवरी 2014 को एक आपत्तिजनक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि भड़ाना देश के सबसे भ्रष्ट व्यक्तियों में से एक हैं। इस आपत्तिजनक बयान से भड़ाना को मानसिक क्षति पहुंची है। भड़ाना ने कहा कि वे समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। इस टिप्पणी से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने केजरीवाल को लीगल नोटिस भेज कर अपने बयान को वापस लेने व माफी मांगने की मांग की थी। मगर, केजरीवाल की ओर से ऐसा नहीं किया गया।
सोमवार को कोर्ट में केजरीवाल ने भड़ाना से लिखित मे माफी मांगी है कि अपने सहयोगी के बहकावे में आकर उन्होंने भड़ाना पर आरोप लगा दिए थे। बाद में पता चला कि वो आरोप सही नहीं है, इसलिए वो माफी मांग रहे है। उन्होंने अपने लिखित हलफनामें में कहा है कि उनका भड़ना पर इस तरह के आरोपों को लगा कर उनकी इमेंज को खराब करने का कोई मकसद नही था।

तो क्या एक साल पहले ही हो जाएंगे लोकसभा चुनाव

यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक लंबे समय से राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव के साथ कराने की वकालत करते रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि अपनी दलील को अमली जामा पहनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव करीब एक साल पहले ही कराने पर विचार कर रही है। इसके पीछे का गणित कुछ यह है कि बीजेपी की कोशिश है, साढ़े तीन सालों के दौरान किए गए कामों को लेकर जनता के बीच जाएं और उनसे वोट मांगे। बजाय इसके कि वह 20 महीना और इंतजार करें और रोजगारी और किसानों की समस्या हल करने में अपनी असफलता को और उजागर होने दें। केंद्र सरकार को यह भी पता है कि विपक्ष मौजूदा समय में बेहद कमजोर है, लेकिन उसे यह भी साफ दिख रहा है कि विपक्षी दल कांग्रेस अभी भी देश के कुछ हिस्सों में प्रभावी है। दूसरा यह कि हाल ही में मध्य प्रदेश में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की स्थिति में जिस तरह सुधार हुआ है। साथ ही पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जिस तरह भारी जीत दर्ज की है।वह निश्चित तौर पर बीजेपी के लिए चिंता का सबब होगा। कहीं न कहीं बीजेपी यह भी जानती है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और गुजरात में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उसे सत्ता-विरोधी माहौल का सामना करना होगा। ऐसे में अगर पूर्व के चुनावों के मुकाबले पार्टी की सीटों में कमी आती है। तो इसका सीधा असर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा।
बीजेपी को यह भी याद रखना होगा कि जनता अक्सर सत्तारूढ़ दल के प्रदर्शन से असंतुष्ट होकर उनके खिलाफ मतदान करती रही है। भले विपक्ष कमजोर हो। मगर, इसी साल गोवा और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव में ऐसा देखने को मिला। जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. यह अलग बात है कि विधायकों को अपने पाले में शामिल करने में सफल रही बीजेपी ने गोवा और मणिपुर में सरकार बनाई, लेकिन इस सच्चाई को नहीं झूठलाया जा सकता कि बीजेपी के प्रति असंतुष्टि की भावना है।

चीन की धमकियों से इस छोटे देश को नहीं पड़ा कोई फर्क

हर किसी देश पर अपनी दादागिरी दिखाने वाले चीन को इस बार एक छोटे से देश बोत्सवाना ने करारा जवाब दिया है। बोत्सवाना के राष्ट्रपति इयान खामा ने चीन को दो टूक कहा है कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। विश्व में हीरों की खानों के लिए मशहूर बोत्सवाना चीन की बार-बार की धौंस से तंग आकर इयान खामा ने कहा कि हम चीन की धमकियों से डरते नहीं हैं और बोत्सवाना चीन की कॉलोनी नहीं है।
दरअसल चीन आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के प्रस्तावित दौरे के लेकर बोत्सवाना को राजनीतिक और कूटनीतिक परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था। दलाई लामा 17-19 अगस्त तक बोत्सवाना की राजधानी गेबोरोनी के दौरे पर जाने वाले थे। दलाई लामा का ये दौरा निजी बताया गया। इसके बावजूद चीन इस दौरे का विरोध कर रहा था।
हालांकि दलाई लामा का ये दौरा बाद में रद्द हो गया। जिसके बाद चीन ने कहा है कि उसके बोत्सवाना के साथ संबंध बेहतर तरीके से आगे बढ़ते रहेंगे। वह बोत्सवाना के साथ अपने संबंधों को अधिक महत्व देता है। दलाई लामा ने थकावट की वजह से बोत्सवाना का दौरा रद्द किया।
आंतरिक मामलों में चीन के दखल को देख इयान खामा बौखला़ गए। उन्होंने कहा कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। बोत्सवाना गार्जियन को दिये इंटरव्यू में राष्ट्रपति इयान खामा ने कहा कि उन्होंने तरह-तरह की धमकियां दी। चीन अपना राजदूत वापस बुला लेगा, दोनों देश के बीच रिश्ते खराब हो जाएंगे। चीन दूसरे अफ्रीकी देशों की मदद से बोत्सवाना को अलग-थलग कर देगा। दलाई लामा पर खामा ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि उनकी सेहत जल्द ठीक होगी और फिर उनका बोत्सवाना में स्वागत है, वे यहां आएं और घूमें।

पाक चीफ आर्मी ने कहा जिन्ना का पाकिस्तान बनाएंगे

सीमा पर तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान के सीमा रक्षकों ने भारत के 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंजाब के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक दूसरे को मिठाइयां व बधाई दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों व कर्मियों ने पाकिस्तानी रेंजरों को अटारी संयुक्त जांच चौकी पर व फिरोजपुर जिले के हुसैनावाला सीमा व साथ ही फाजिलिका जिले के सीमा के प्रवेशद्वार पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। आपको बता दें कि हाल में द्विपक्षीय तनाव के कारण कई मौकों पर दोनों पक्षों ने मिठाइयां व बधाइयां देना बंद कर दिया था। मिठाइयों का आदान-प्रदान सीमा सुरक्षा बलों के बीच स्वतंत्रता दिवस व दूसरे त्योहारों जैसे ईद व दिवाली पर होता रहता है।

आधी रात को वाघा सीमा पर फहराया 80 फीट का झंडा
पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) ने पाकिस्तान के 70वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वाघा सीमा पर पाक का सबसे बड़ा राष्ट्र ध्वज फहराया। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में बना 120 फीट गुना 80 फीट का ध्वज आधी रात को फहराया गया। इसे 400 फीट की ऊंचाई पर फहराया गया। यह ध्वज दक्षिण एशिया में सबसे ऊंचा और दुनिया में आठवें स्थान पर है। पाक सेना प्रमुख ने कहा, करीब 77 साल पहले लाहौर में पाकिस्तान का संकल्प पारित हुआ था। उन्होंने कहा, कि हम पाकिस्तान को मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल (कवि) का देश बनाएंगे।

मीरवाइज ने फिर उगला घाटी में जहर, दस आंतकी पैदा होने का किया दावा!

हुर्रियत कांफ्रैंस (एम) चेयरमैन मीरवाइज उमर फारुख के बयान ने एकबार फिर से घाटी में हलचल पैदा कर दी है। मीरवाइज ने कहा कि दिल्ली में बैठी सरकार को लगता है कि हथियार के बल पर जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित की जा सकती है लेकिन मैं उनको कहना चाहूंगा किए अगर आप एक आतंकी को मारोगे तो दस आतंकी पैदा होंगे।
मीरवाइज उमर फारुख को पिछले 57 दिनों से अपने घर में नजरबंद किया गया था। नजरबंद से छूटते ही मीरवाइज उमर फारुख जामिया मस्जिद पहुंचे और भीड़ को संबोधित किया। मीरवाइज ने कहा कि पिछले 70 साल से कश्मीर की यही परंपरा रही है। कश्मीर में लोग पैदा होते हैं और उन्हें मालूम होता है कि यह विवादित क्षेत्र है। इसी सोच के साथ वे युवा होते हैं और एक दिन मारे जाते हैं। यह लड़ाई अनवरत जारी है।
मीरवाइज ने कहाकि कश्मीर के युवा और छात्र आए दिन स्कूल और कॉलेज में प्रदर्शन करते हैं जिसकी वजह से बार-बार घाटी बंद का ऐलान होता है। इससे साफ पता चलता है कि कश्मीर के लोग क्या चाहते हैं। मीडिया पर निशाना साधते हुए मीरवाइज ने कहा कि मीडिया में कश्मीर और कश्मीर के लोगों को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। ऐसा करने से सरकार को कुछ हासिल होने वाला नहीं है।

सीएम आवास में दीनदयाल गाथा का आयोजन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष में आयोजित दीनदयाल गाथा कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। पंडित दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजित कथा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन की सभी विचार सुंदर ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं। इससे पंडित दीनदयाल की संदेशों पर आचरण करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एकात्म मानवतावाद की भावना के अनुरूप देश से गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी जैसी समस्याओं को समाप्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
मौके पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कथा वाचक अजय भाई ने किया।

भ्रष्टाचार आयोग का गठन लोकायुक्त नही बनाये जाने की तरफ कर रहा इशाराः हरीश रावत

देहरादून पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सीएम त्रिवेंद्र रावत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए वह प्रभावी कदम उठाते हैं तो वह सरकार के हर कदम का स्वागत करेंगे।
एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के भ्रष्टाचार आयोग की घोषणा पर कड़ी टिप्पणी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लगता है कि मुख्यमंत्री की लोकायुक्त व कड़ा कानून लाने में रुची नही है। फिर भी यदि भ्रष्टाचार को जड़मूल से समाप्त करने के लिए उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायधीश के अध्यक्षता में कोई आयोग सहित प्रभावी कदम उठाते है तो मैं उसका स्वागत करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य निर्माण से आज तक के सभी भ्रष्टाचार संबंधित आरोपों के सभी मामले व भविष्य में भी भ्रष्टाचार रुक सके इसका प्रभावी प्राविधान हो तो वह राज्य सरकार का इस मुद्दे पर समर्थन करेंगे। उन्होने कहा कि लगता है कि लोकायुक्त बनाए जाने पर राज्य सरकार गंभीर नही है। उन्होने राज्य के उद्योगो के लिए दिए गए जीएसटी पैकेज को देर से उठाया गया कदम बताया। कहा कि उनकी सरकार ने जीएसटी कांउसिल में लगातार राज्य को दस वर्ष के लिए इस छूट की पैरवी की थी। यह उस समय की गई हमारी पहल का भी नतीजा है। 

शाह कर्नाटक में कमल खिलाने को खेलेंगे येदियुरप्पा कार्ड!

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का शनिवार से कर्नाटक दौरा शुरु हो गया है। पहले दिन चुनावी बिगुल फूंकते हुए शाह ने नारा दिया- अबकी बार, बीजेपी सरकार। कई गुटों में बंटी राज्य बीजेपी इकाई में जोश भरने के इरादे से शाह तीन दिवसीय दौरे पर कर्नाटक पहुंचे है। उन्होंने कहा कि राज्य बीजेपी के प्रमुख बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में पार्टी विधानसभा चुनाव जीतेगी।
केम्पे गौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, दोस्तों, हमारी पार्टी एकजुट है और आगामी दिनों में येदियुरप्पा के नेतृत्व में चुनावी लड़ाई में उतरने के लिए तैयार है। देखते रहिए हम राज्य में बीजेपी की सरकार बनाएंगे। कर्नाटक में इस वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसके लिए पार्टी ने 150 से ज्यादा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस सत्ता बरकरार रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है लेकिन बीजेपी ने कहा है कि उसकी ध्रुवीकरण की राजनीति का मुकाबला करने के लिए उसने रणनीति तैयार कर ली है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुरेश कुमार ने कहा कि बीजेपी न तो लिंगायत धर्म के मुद्दे को उछालेगी न ही कांग्रेस के ध्रुवीकरण की राजनीति के खिलाफ कन्नड़ भाषा विवाद को राजनीतिक हथियार बनाएगी। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस राज्य की सबसे बड़े लिंगायत समुदाय के अलग धर्म का समर्थन करती है जिसे बीजेपी को नुकसान पहुंचाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी का लिंगायत धर्म समुदाय में काफी जनाधार है। कुमार ने कहा कि बीजेपी लोगों और समुदायों के बीच घृणा फैलाने के लिए भाषा के मुद्दे का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहती। शाह का कर्नाटक दौरा पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरे देश के 110 दिन के उनके दौरे का हिस्सा है।

हाईकमान सुलझा पायेगा मदन कौशिक और सतपाल महाराज के समर्थकों में मारपीट का मामला!

हरिद्वार का घटनाक्रम अब भाजपा हाईकमान के दरवाजे पर आ गया है। हाईकमान अब मामले में दोनों मंत्रियों के बीच सुलह करवायेगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है। दो कैबिनेट मंत्रियों के समर्थकों के सार्वजनिक रूप से आमने-सामने आ जाने से भाजपा की किरकिरी हो रही है। वहीं अनुशासित पार्टी की छवि को भी इस घटनाक्रम से नुकसान पहुंचा है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद मंत्रिमंडल में नंबर दो की हैसियत के मंत्री हैं। इसी साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव के जरिये महाराज ने राज्य की राजनीति में कदम रखा। उत्तराखंड में भाजपा की भारी भरकम जीत के बाद वह भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, हालांकि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर पुराने पार्टी कार्यकर्ता त्रिवेंद्र सिंह रावत को तरजीह दी।
वहीं, हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक भी भाजपा के कद्दावर नेताओं में शामिल हैं। विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज करते आ रहे कौशिक की छवि तेजतर्रार नेता की है। कौशिक के कद का अंदाजा इस बात ये लगाया जा सकता है कि उन्हें प्रदेश सरकार के प्रवक्ता की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।
गुरुवार को हुए टकराव के बाद जिस तरह पार्टी नेता और विधायक साफ तौर पर दो खेमों में बंटे नजर आए, उससे यह भी स्पष्ट हो गया कि चिंगारी काफी वक्त से सुलग रही थी और मौका सामने आते ही इसने असंतोष की आग कर रूप ले लिया। हालांकि, अब प्रदेश नेतृत्व इस असहज स्थिति से निबटने के लिए आगे आ गया है। इससे समझा जा रहा है कि जल्द इस प्रकरण का पटाक्षेप हो जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया हादसा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने हरिद्वार की घटना को महज एक हादसा बताया है। कहाकि यह दो मंत्रियों के बीच टकराव जैसी कोई बात नहीं है। दरअसल, हरिद्वार में जलभराव को लेकर स्थानीय जनता में आक्रोश था। प्रशासन अगर आश्रम प्रबंधन से इस सिलसिले में पूछ लेता, तो यह नौबत आती ही नहीं।
उन्होंने कहा कि यह मामला सतपाल महाराज के आश्रम के लोगों और नगर निगम कर्मचारियों के बीच का है। इसे बेवजह राजनैतिक रूप से तूल नहीं देना चाहिए। मैंने दोनों मंत्रियों से इस संबंध में बात की है। परिवार का मामला है, जल्द सुलझा लिया जाएगा।

अब मोदी के इशारे पर काम कर रहे नीतीश, दिखाया शरद यादव को आईना

भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से नई सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के इस कदम से बिहार की राजनीति पूरी तरह बदल चुकी है। नीतीश कुमार की अगुवाई वाला जेडीयू जल्द ही केन्द्र में एनडीए सरकार का हिस्सा हो जाएगा क्योंकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार को केन्द्र सरकार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आनेवाले दिनों में किस तरह का बिहार में सियासी समीकरण देखने को मिलेगा? आनेवाले लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और जेडीयू की बिहार में क्या रणनीति है?

नीतीश की दो टूक
नीतीश ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद शरद यादव के बगावती तेवर पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखते हुए उन्हें दो टूक जवाब दे दिया। नीतीश ने कहा कि उन्होंने नई सरकार बनाने का फैसला सर्वसम्मति के आधार पर लिया था। उन्होंने कहा कि कुछ भी करने से पहले पार्टी के लोगों से जरूर पूछता हूं। ऐसे में शरद यादव को जो भी फैसला लेना है उसके लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

सरकार में शामिल हो जेडीयू
माना जा रहा है कि जेडीयू को केन्द्र सरकार में दो या तीन अहम मंत्रालय दिया जा सकता है। लेकिन, इससे पहले जेडीयू की 19 अगस्त को बुलाई गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केंद्र सरकार में शामिल होने पर फैसला हो सकता है।

शरद यादव पर कार्रवाई
जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शरद यादव पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से हटा दिया है। इसको लेकर जेडीयू की तरफ से उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पत्र लिखा है। पार्टी ने शरद यादव की जगह आरसीपी सिंह को राज्यसभा में अपना नेता चुना है।

बदल जाएगा सियासी समीकरण
जेडीयू के केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पूरी तरह से बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में समीकरण बदल जाएगा। कल तक जिस नीतीश कुमार को विपक्ष की तरफ से धर्मनिरपेक्षता का बड़ा नेता माना जा रहा था और विपक्षी दल उनकी अगुवाई के बारे में सोच रही थी वो अब करीब डेढ़ साल बाद आनेवाले लोकसभा चुनाव में पिछले चुनाव के उलट मोदी के पक्ष में चुनाव् प्रचार करते हुए दिखेंगे।