मुख्यमंत्री धामी ने मिट्टी के दिये खरीदे, किया डिजिटल माध्यम से भुगतान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कुम्हार मंडी क्षेत्र का भ्रमण कर दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दिये व अन्य सामान तैयार करने वाले कुम्हारों से मिले तथा उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी मिट्टी के दिये क्रय कर सभी से मिट्टी के दिये क्रय करने तथा दीपावली पर मिट्टी के दिये जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दिये दीपावली के पर्व को पावनता प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के घरों में दीपावली पर जलने वाले दिये कुम्हारों की खुशहाली तथा आर्थिक समृद्धि का भी माध्यम बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने क्रय किये गये दियों का डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हुए, उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन देश में तेजी से बढ़ा है। भारत दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाला देश है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने डिजिटलाईजेशन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। कुछ वर्षों में यूपीआई तेजी से हमारी अर्थव्यवस्था और आदतों का हिस्सा बन गया है। यह डिजिटल भारत की नींव है, यह अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए स्थानीय उत्पादों के प्रचार एवं प्रसार को हम सभी अधिक से अधिक बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की पूर्ति में भी अपना योगदान दे सकते हैं इससे हमारे पारम्परिक उत्पादों को भी पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में लोग यदि स्थानीय उत्पादों के क्रय पर ध्यान दे तो हमारा देश भी आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा तथा स्थानीय उत्पादकों का बनोबल भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने सुख, समृद्धि और संपन्नता के प्रतीक दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुये कहा कि माँ लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश जी के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख समृद्धि, शांति एवं आरोग्य का संचार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का पर्व मर्यादा एवं सद्भावना का भी संदेश देता है। दीपों का यह त्योहार भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के पश्चात वापस अयोध्या आने से भी जुड़ा है। दीपावली का पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। दीपावली का यह पर्व हम सबके जीवन को प्रकाशमय करने के साथ हम सबके जीवन में धन, ऐश्वर्य और संपन्नता लेकर आये, इसकी भी उन्होंने कामना की है।

इन्वेस्टर्स समिट के रोड शो में किये गये एमओयू को धरातल पर उतारने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाने एवं रोजगार सृजन को बढ़ाने के लिए शासन के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत अब तक हुए रोड शो में जो करार हुए हैं, उन करारों की ग्राउंडिंग के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि देहरादून में 8 और 9 दिसम्बर 2023 को होने वाले आयोजन से पहले अधिकांश कार्य धरातल पर उतरें, इसके लिए तेजी से कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में और सरलीकरण की जरूरत है, तो इसके लिए प्रस्ताव लाये जाएं। राज्य में जिन निवेश प्रस्तावों से अधिक रोजगार सृजन हो सकता है और राज्य की परिस्थितियों के हिसाब से जो प्रस्ताव अधिक अनुकूल हैं, उनको शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हवाई कनेक्टिविटी को और विस्तार देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और पंतनगर एयरपोर्ट को अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की दिशा में राज्य स्तर से की जाने वाली समस्त कार्यवाही शीघ्र की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा संचालित करने के लिए की जा रही कार्यवाही में तेजी लाई जाए। इन सभी गतिविधियों में फास्ट ट्रेक मोड में कार्य किया जाए। राज्य में रोपवे निर्माण से संबधित कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में गढ़वाल मंडल और कुमांऊ मण्डल आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत दोनों मण्डलों में कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए भी तेजी से कार्य किये जाएं। मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में चयनित मंदिरों के लिए मास्टर प्लान के आधार पर कार्यों में तेजी लाई जाय।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 28 नवम्बर से 1 दिसम्बर 2023 तक देहरादून में होने वाले 6वें विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन की सभी तैयारियां समय पर सुव्यवस्थित तरीके से की जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन की दृष्टि से यह बड़ा आयोजन होना है। अनेक देशों से आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ इस आयोजन में प्रतिभाग करेंगे। उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान बनाने का राज्य के पास अच्छा अवसर है।
मुख्यमंत्री ने आने वाले त्योहारों के दृष्टिगत कानून व्यवस्था की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, युगल किशोर पंत, सी. रविशंकर, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव जे.सी काण्डपाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उद्योगपतियों को समस्याओं का समाधान करने का दिया आश्वासन

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा मुख्य सचिव को विभिन्न समस्याओं द्वारा अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने ऊर्जा निगमों से सम्बन्धित समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिशासी अभियंता स्तर पर प्रत्येक तीन माह में इंडस्ट्री के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के निस्तारण किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने के लिए अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अपनाकर विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली स्वीकृतियों को शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में प्लास्टिक कचरा निस्तारण के लिए क्यूआर कोड सहित उद्योग संघ द्वारा सुझाये उपायों एवं अन्य उपायों पर भी कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त किए जाने के लिए प्रदेश सरकार, इंडस्ट्रीज एवं आमजन को मिलकर कार्य करना होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, विनय शंकर पाण्डेय, सदस्य सचिव उत्तराखण्ड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सुशांत पटनायक, अपर सचिव रोहित मीणा, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

नैनीताल हाइकोर्ट ने खनन पट्टों की नीलामी पर लगाई गई रोक हटाई

नैनीताल जिले के बेतालघाट एवं अन्य मैदानी जनपदों के खनन पट्टों की नीलामी हेतु आमंत्रित ई-निविदा की प्रक्रिया पर लगाई गई रोक को हाइकोर्ट ने हटा दिया है। आज कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य में खनन गतिविधियां ई०आई०ए० नोटिफिकेशन के अन्तर्गत पर्यावरणीय मंजूरी के बाद ही संचालित की जाती है। कोर्ट ने सरकार के जवाब से संतुष्ट होकर जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
नैनीताल हाइकोर्ट में आज बेतालघाट निवासी तरुण शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया कि बेतालघाट में कोसी नदी के किनारे करीब 19 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर करीब एक दर्जन खनन पट्टों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। नीलामी का टेंडर 19 अक्टूबर को खुलना था। कोर्ट की रोक के बाद निविदा प्रक्रिया को रोक दिया गया था।
आज हुई सुनवाई में कोर्ट द्वारा नैनीताल जिले के बेतालघाट एवं अन्य मैदानी जनपदों के खनन पट्टों की नीलामी हेतु आमंत्रित ई-निविदा की प्रक्रिया पर लगाई गई रोक हटा दी गई है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य में खनन गतिविधियां ई०आई०ए० नोटिफिकेशन दिनांक 14.09.2006 के अन्तर्गत पर्यावरणीय मंजूरी के बाद ही संचालित की जाती है। मा० उच्च न्यायालय द्वारा उक्त रिट याचिका को निरस्त किये जाने के फलस्वरूप उक्तानुसार आमंत्रित निविदा की तकनीकी निविदा खोले जाने की कार्यवाही बहाल हो गयी है।

राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नितांत आवश्यकता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाये जाने के साथ ही हैलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पूरे प्रदेश में अधिक से अधिक हेलीपैड बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनसे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में बहुत मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय निवेश को बढ़ाने के लिए राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाए जाने हेतु तेज़ी से प्रयास किए जाएं। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा यदि दिलचस्पी नहीं दिखाई जाती है तो राज्य सरकार को अपने स्तर से भी जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन सभी हेलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स को बनाये जाने हेतु डेडिकेटेड टीम लगाई जाए ताकि इन प्रोजैक्ट्स पर प्रतिदिन कार्य हो साथ ही मॉनिटरिंग भी हो सके। उन्होंने कहा कि मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार और पर्यटन स्थलों पर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने आईडीपीएल भूमि पर भी एक हैलीपैड तैयार किए जाने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर सचिव ी सचिन कुर्वे एवं अपर सचिव सी. रविशंकर सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

डिजिटल दौर में अर्थव्यवस्था के साथ जीवन शैली में भी सुधार हुआ-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ’डिजिटल नवाचार से सुशासन की ओर’ के अन्तर्गत सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा निर्मित विभिन्न एप एवं पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न ग्राम प्रधानों को डिजिटल साक्षर बनाने की दिशा में कराये गये प्रशिक्षण के सर्टिफिकेट वितरित किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा निर्मित आई.एफ.एम.एस मोबाइल एप्लीकेशन, ई-पेंशन पोर्टल, सिंगल साइन ऑन, स्टेट पोर्टल (नवीनीकरण), स्टेट जी.ओ पोर्टल, डी.बी.टी पोर्टल, यू.के विजिटर पास एप, पसारा पोर्टल, मुख्यमंत्री जन समर्पण (तहसील दिवस) पोर्टल, मुख्यमंत्री संदर्भ पोर्टल, पी.एम गतिशक्ति उत्तराखंड पोर्टल एवं अपुणी सरकार पोर्टल में अतिरिक्त सेवाओं का शुभारंभ किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन वर्जन 2, सीएम जन समर्पण (तहसील दिवस) पोर्टल, अपुणी सरकार पोर्टल, सीएम संदर्भ पोर्टल, यूके विजिटर एप, पी.एम गतिशक्ति उत्तराखंड पोर्टल, आई.टी.डी.ए ट्रेनिंग, डीबीटी पोर्टल, सिंगल साइन ऑन, आई.एफ.एम.एस मोबाइल एप्लीकेशन एवं ई-पेंशन पर आधारित लघु फिल्मों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम डिजिटल क्षेत्र में नवाचार का दिन है। आज आमजन को सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न सेवाओं का सरलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन सेवा के क्षेत्र में नित नए कार्य किया जा रहे है। हमारा राज्य डिजिटल के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में आज हमारा राज्य निरंतर आगे बड़ रहा है। डिजिटल दौर में अर्थव्यवस्था के साथ जीवन शैली में भी सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ई-गवर्नेंस की मदद से गुड गवर्नेंस और पेपरलेस गवर्नेंस की ओर बढ़ रही है। राज्य में टेक्निकल एजुकेशन एवं ऑनलाइन ट्रेनिंग से भी युवाओं को जोड़ने का कार्य जारी है। राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को डिजिटाइजेशन से जोड़कर विकास को आगे बढ़ा रही है। उत्तराखंड राज्य को डिजिटल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में भी नेटवर्क कनेक्टिविटी पर तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने ई गवर्नेंस को प्रमोट करते हुए भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का काम किया है। सरकारी कार्यालय में ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट हुई है। राज्य के प्रत्येक नागरिक में सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि का भाव जगा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम जन को घर बैठे सरकारी सुविधाओं का लाभ मिले। उन्हें बेवजह सरकारी कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया के अंतर्गत ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। आज भारत के प्रत्येक क्षेत्र में डिजिटल ट्रांजेक्शन पेमेंट की सुविधा मौजूद है। प्रधानमंत्री ने ई गवर्नेंस के माध्यम से गुड गवर्नेंस की राह, संपूर्ण देश को दिखाई है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड राज्य निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य के अंतर्गत डिजिटाइजेशन को तीव्र गति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आम जन को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। उन्होंने कहा 4जी सैचुरेशन स्कीम के अंतर्गत उत्तराखंड में 500 से अधिक मोबाइल टावर लगाने का कार्य गतिमान है। 950 सरकारी सेवाओं को सेवा का अधिकार के अंतर्गत लिया गया है। जिसमें से 600 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन माध्यम पर मौजूद हैं।
सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि राज्य के अंदर डिजिटल रिकॉर्ड कीपिंग पर कार्य जारी है। स्टेट डाटा सेंटर को अपडेट किया गया है। सीएम हेल्पलाइन 1905 को नए और अत्यधिक टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया है। तहसील स्तर पर होने वाली शिकायतों के सरलीकरण हेतु ई सिस्टम बनाया गया है।
इस दौरान कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव वित्त डॉ. वी. षणमुगम, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक यू कास्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटीडीए श्रीमती नितिका खण्डेलवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले, धामी का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून में राज्य सम्पत्ति विभाग के अन्तर्गत स्वागती पद पर 8 संस्तुत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा आगामी समय में सभी अभ्यर्थी राज्य के विभिन्न अतिथि गृहों में अपनी सेवाएं देंगे। स्वागती द्वारा किए जाने वाले सरल एवं सौम्य व्यवहार से ही हम अतिथि देवो भवः के सिद्धांत को पूरा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त अभ्यर्थी अपने कर्तव्य का पूर्ण मनोयोग एवं जिम्मेदारी से पालन करें।
इस दौरान सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव लक्ष्मण सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

टिहरी झील में आगामी 24 नवंबर से शुरू होने जा रहा टिहरी अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल

उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र में टिहरी झील सबसे तेजी से उभरता हुआ नया स्थल है। एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों के लिए यह स्थान हॉट फेवरेट साबित हो रहा है। यही वजह है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड के अंतर्गत राज्य की धामी सरकार द्वारा यहां नियमित रूप से विभिन्न आयोजन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब टिहरी झील में 24 से 28 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023 का आयोजन होने जा रहा है।
उत्तराखंड में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी तन्मयता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नित नए आयोजन किये जा रहे हैं। टिहरी झील में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल इस दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

देश-विदेश के 135 पायलट करेंगे भागीदारी
नवंबर में, राज्य टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2023 की मेजबानी करने जा रहा है। टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023, 24 नवंबर को शुरू होगा और 28 नवंबर को समाप्त होगा। इस रोमांचकारी इवेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए 35 अंतर्राष्ट्रीय पायलट और 100 भारतीय पायलट भाग लेंगे। इस आयोजन में एक्रो फ्लाइंग, सिंक्रो फ्लाइंग, विंग सूट फ्लाइंग, डी-बैगिंग जैसे कई साहसिक कार्य देखने को मिलेंगे।
टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान यूफोरिया, पांडवास जैसे नामी बैंड भी शाम के समय अपनी प्रस्तुति देंगे।

इंस्टाग्राम पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने वीडियो शेयर करते हुए ये लिखा…
लुभावने टिहरी एक्रो फेस्टिवल का अनुभव करें, जिसमें 150 से अधिक विस्मयकारी हवाई कलाबाज़ों का जमावड़ा है, जो 24-28 नवंबर, 2023 तक होने वाला है। मंत्रमुग्ध होने के लिए तैयार रहें क्योंकि ये प्रतिभाशाली कलाकार अपने उल्लेखनीय कौशल, ताकत और कलात्मक चालाकी का प्रदर्शन करेंगे। यह असाधारण घटना एक अविस्मरणीय माहौल का वादा करती है जो आपको पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देगी। इस सनसनीखेज अवसर को हाथ से न जाने दें-अपने कैलेंडर पर निशान लगाएं और इस अविस्मरणीय उत्सव का हिस्सा बनें।

5265 किलोवॉट के पांच प्लांट को मंजूरी मिली, हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते राज्य के कदम

राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 5265 किलोवॉट क्षमता के पांच सोलर पॉवर प्लांट को मंजूरी प्रदान की गई है। राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ये योजना चलाई जा रही है।
राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का इसके अंतर्गत संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन द्वारा अधिसूचित उत्तराखंड राज्य सौर नीति-2023 के अंतर्गत टाइप-टू श्रेणी में उरेडा द्वारा आवेदन के लिए 20 जुलाई 2023 को प्रस्ताव आमंत्रित किये गए थे। ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी दी है कि शासन स्तर पर उनकी अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय अनुवीक्षण समिति द्वारा पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनकी कुल क्षमता 5265 किलोवॉट है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से राज्य में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ का निवेश होगा, साथ ही हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के साथ ही उत्तराखंड पॉवर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना की जाती है जिस पर केंद्र के अलावा राज्य सरकार द्वारा भी अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाती है।

सीएम ने नंदा गौरा योजना व मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश की 167 आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त होने पर नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने नन्दा गौरा योजना एवं मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दुर्गा अष्टमी के दिन 167 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी माताओं-बहनों को सुपरवाईजर के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों की समाज में अहम भूमिका है। बच्चों के पालन पोषण में आंगनवाड़ी की अहम भूमिका है। आंगनवाड़ी कार्यकर्तियां, मां यशोदा की तरह बच्चों का पालन-पोषण करती हैं। राज्य सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति मजबूत करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आंगनबाड़ी पद से चयन कर सुपरवाइजर हेतु निर्धारित कुल 299 पदों के सापेक्ष 167 रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। साथ ही समस्त आंगनवाड़ी कर्मियों का मानदेय राज्य स्तर से सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाईन लगभग 24 करोड़ रूपये प्रति माह भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना में 23895 महिलाओं को ₹9.35 करोड़ की धनराशि उनके बैंक खाते में जारी की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज महालक्ष्मी किट योजना के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) हेतु पोर्टल के उद्घाटन से प्रति वर्ष राज्य की लगभग 50 हजार धात्री महिलाओं व नवजात शिशुओं को आवश्यक कपड़े एवं किट की सामग्री सुलभता से उपलब्ध होगी। साथ ही नन्दागौरा योजना के पोर्टल के उद्घाटन से प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार बालिकाओं को जन्म पर ₹11 हजार व कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर ₹51 हजार की धनराशि हेतु आवेदन करने की ऑनलाईन सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। यह डिजिटल उत्तराखण्ड की ओर राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को 3940 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की है। प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए ₹12 लाख की धनराशि – मनरेगा, केन्द्र व राज्य का अंश मिलाकर-निर्धारित की गई है। इस प्रकार कुल ₹ 472 करोड़ की धनराशि व्यय कर महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुविधाजनक आंगनवाड़ी केन्द्र उपलब्ध कराये जायेगें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, महिलाएं समाज का नेतृत्व कर रही हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश के अंदर आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों के हित में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। सभी के मानदेय में वृद्धि की गई है। आज प्रदेश के अंदर महिलाओं का मनोबल बढा है। महिलाओं के कल्याण एवं उनको स्वावलंबी बनाने हेतु राज्य में कई नीतियों पर कार्य हुआ है। राज्य सरकार महिलाओं के विकास एवं कल्याण हेतु हमेशा तत्पर है।

इस दौरान कार्यक्रम में सचिव हरीश चंद्र सेमवाल, अपर सचिव प्रशांत आर्य एवं अन्य लोग मौजूद रहे।