मुख्य सचिव ने 31 जुलाई तक डीपीआर भेजने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लोक निर्माण, सिंचाई, पशुपालन, स्कूली शिक्षा, कौशल तथा तकनीकी शिक्षा विभाग को 24 घण्टे की डेडलाइन देते हुए अवशेष 383.11 करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट तत्काल नाबार्ड को भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 31 जुलाई की समय सीमा निर्धारित करते हुए सभी विभागों को वित्त विभाग को डीपीआर भेजने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को भविष्य में नाबार्ड की समयसीमा के अनुसार ही अपने प्रोजेक्ट के बजट बनाकर समयबद्धता से भेजने की सख्त हिदायत दी है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभागों को अपने प्रोजेक्ट के प्रस्ताव, आहरण, प्रोजेक्ट कम्पलीशन सर्टिफिकेट (पीसीसी), प्रोजेक्ट कम्पलीशन रिपोर्ट (पीसीआर) को ऑनलाइन जमा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को प्रोजेक्ट पूरे होने पर एक सप्ताह के भीतर प्रोजेक्ट कम्पलीशन सर्टिफिकेट तथा छः माह के भीतर प्रोजेक्ट कम्पलीशन रिपोर्ट (पीसीआर) जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राधा रतूड़ी ने विभागों को शहरी अवसंरचना विकास निधि (यूआईडीएफ) के तहत पार्किंग, मलिन बस्तियों के पुनर्विकास एवं शहरी वनीकरण के प्रोजेक्ट को शीर्ष प्राथमिकता पर नाबार्ड को भेजने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव रतूड़ी ने विभागों को सख्त हिदायत दी है कि नाबार्ड को सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाले तथा योग्य प्रोजेक्ट ही प्रस्तावित किए जाने चाहिए। प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता भी विभागों द्वारा ही तय की जानी चाहिए तथा विभागों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि फण्डिंग की डुप्लीकेसी ना हो। उन्होंने अपेक्षाकृत छोटे प्रोजेक्ट को नाबार्ड में प्रस्तावित ना करने का सुझाव दिया है। मुख्य सचिव ने विभागों को दिए गए लक्ष्य के 50 प्रतिशत प्रोजेक्ट 30 जून, 60 प्रतिशत प्रोजेक्ट 31 जुलाई तथा 100 प्रतिशत प्रोजेक्ट 15 अगस्त तक वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वित्त विभाग को भी प्रतिपूर्ति हेतु बिल नाबार्ड में जमा कराने हेतु प्रत्येक चार माह का टारगेट दिया है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को कड़ाई से स्पष्ट किया है कि प्रतिपूर्ति लेने में असफल होने वाले विभागों को इस सम्बन्ध में भविष्य में कार्यशैली में सुधार करना होगा। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को जल स्रोतों एवं नदियों के पुनर्जीवीकरण के प्रोजेक्ट नाबार्ड हेतु प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
बुधवार को सचिवालय में नाबार्ड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य के ग्रामीण विकास में नाबार्ड द्वारा प्राप्त होने वाली वित्तीय सहायता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्त विभाग द्वारा कुल 360.47 करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट प्राप्त किए गए हैं जिनमें सिंचाई विभाग से 77.40 करोड़ के 10 प्रोजेक्ट, लोक निर्माण विभाग से 193.11 करोड़ के 89 प्रोजेक्ट, तकनीकी शिक्षा से 66.96 करोड़ के 4 प्रोजेक्ट, पशुपालन से 9.52 करोड़ का 1 प्रोजेक्ट, ग्रामीण निर्माण विभाग से 13.4811 करोड़ के 5 प्रोजेक्ट हैं। वर्ष 2023-24 में राज्य को नाबार्ड द्वारा कुल अनुमोदित 904.4 करोड़ के सापेक्ष भुगतान 954.9 करोड़ रहा है। वर्ष 2024-25 के लिए आरआईडीएफ के तहत 1200 करोड़ का अनुमोदित लक्ष्य तथा 969 करोड़ रूपये का प्रतिपूर्ति लक्ष्य रखा गया है।
राज्य में नाबार्ड के तहत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से 2.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिचाई सुविधाओं का सृजन एवं पुनर्द्धार किया गया है। लगभग 14,766 किमी ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क का निर्माण एवं सुधार किया गया है। 27307 मीटर ब्रिज का निर्माण हो चुका है। 23.77 लाख ग्रामीण आबादी को पेयजल सुविधा मिल चुकी है। 241 स्कूल एवं आईटीआई का निर्माण एवं पुनर्द्धार हो चुका है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव दिलीप जावलकर, सीजीएम नाबार्ड सहित वित्त, लोक निर्माण, सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

पढ़ाई के साथ कमाई भी करेंगे छात्र-छात्राएंः डा. धन सिंह

उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अब पढाई के साथ-साथ कमाई भी करेंगे। इसके लिये सरकार ने श्सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्नश् योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शीघ्र ही इस योजना को लागू किया जायेगा। योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर पर चयनित मेधावी छात्र-छात्राओं को अधिकतम छह हजार मासिक पारिश्रमिक दिया जायेगा। अकादमिक रूप से उत्कृष्ट छात्रों को उनके शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान वित्तीय सहायता मिलने से छात्रों का पढ़ाई के प्रति जहां रूझान बढ़ेगा, वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नामांकन में भी इजाफा होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के पक्षधर है ताकि प्रदेश के युवाओं को शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और उपार्जन के अवसर उपलब्ध कराये जा सके। डॉ रावत ने बताया कि सरकार की इसी मंशा के तहत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न’ योजना लागू की जायेगी, जिसकी मंजूरी सरकार ने दे दी है और शीघ्र ही शासन स्तर से इसका शासनादेश जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सीखो और कमाओ आधारित इस महत्वपूर्ण योजना के तहत प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर के पात्र छात्र-छात्राओं को संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य सौंपे जायेंगे। जिसमें प्रमुख रूप से पुस्तकालय संचालन सहायता कार्य, प्रयोगशालाओं में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रायोगिक सत्रों के लिये प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्य तथा कार्यालयी प्रशासनिक कार्य आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजना हेतु अभ्यर्थियों का चयन उनके समग्र शैक्षणिक स्कोर के आधार किया जायेगा। योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को सौ रूपये प्रतिघंटे के हिसाब से अधिकतम छह हजार रूपये प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। विभागीय मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं पर इसके प्रभाव का समय-समय पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मूल्यांकन किया जायेगा। मूल्यांकन के दौरान नामंकित छात्रों व नियोजित करने वाले होस्ट दोनों से फीडबैक लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि एक निरंतर अंतराल में सीएम लीप योजना की समीक्षा भी की जायेगी ताकि इस नीति की प्रासंगिकता, प्रभावशीलता और उद्देश्यों को सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में छात्र-छात्राओं को इसका अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके।

योजना के लिये पात्रता
सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न योजना के लिये स्नातक द्वितीय वर्ष (तृतीय/चतुर्थ सेमेस्टर) से लेकर स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएं तथा शोधार्थी पात्र होंगे। योजना के लिये छात्र-छात्राओं का चयन उनके समग्र शैक्षिणिक स्कोर के आधार पर किया जायेगा। इसके लिये इच्छुक छात्रों को संबंधित संस्थान में पूर्णकालिक नियमित संस्थागत छात्र होना अनिवार्य होगा। योजना के तहत स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में प्राप्त अंक, स्नातकोत्तर प्रथम व द्वितीय वर्ष में प्राप्त अंक, यूसेट में प्राप्त अंक तथा नेट में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जायेगी। तदोपरांत उच्च प्राथमिकता पात्रता मानदंड को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जायेगी। इसके लिये इच्छुक छात्र-छात्राओं को संबंधित संस्थान में आवेदन करना होगा। उक्त संस्थान द्वारा सीएम लीप योजना के अंतर्गत नामांकन/आवेदन समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किये जायेंगे। जिसकी सूचना संस्थान को अपनी वेबसाइट पर प्रसारित करनी होगी और छात्र समूहों में भी इसका प्रचार-प्रसार करना अनिवार्य होगा।

योजना के तहत इन क्षेत्रों में मिलेगा काम’
पढ़ाई के साथ कमाई योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत अर्ह छात्र-छात्राएं शैक्षणिक विभाग, अनुसंधान केन्द्र, स्कूल, पुस्तकालय, विभाग और प्रशासनिक कार्यालय में काम कर सकेंगे। जिसमें पुस्तकालय संचालन के तहत पुस्तक व्यवस्था, प्रदर्शन और संचालन शामिल है। अनुसंधान केन्द्र में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्यों किये जायेंगे। जबकि विभाग व प्रशासनिक कार्यालय में विशेष रूप से छात्र वर्ग से संबंधित कार्य, डाटा प्रबंधन, फाइलिंग, ड्राफ्टिंग इत्यादि कार्य शामिल है।

छात्रों को पढाई के साथ मिलेगा पारिश्रमिक
सीएम लीफ योजना के तहत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को रू0 100 प्रतिघंटे की दर से अधिकतम रूपये 6000प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। जिसका भुगतान इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सेवा (ईसीएस) के माध्यम से करते हुये अर्जित धनराशि सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा की जायेगी।

बेसिक शिक्षकों की भर्ती को मंत्री धन सिंह ने दिए निर्देश, जनपदवार शीघ्र जारी करें विज्ञप्ति

प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत सहायक अध्यापक (बेसिक) के लगभग 3600 रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जनपदवार विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दे दिये गये हैं। बेसिक शिक्षकों की नई भर्ती में ऐसे डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों को आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है जिन्होंने पूर्व में जारी विज्ञप्ति के लिये आवेदन किया किया था। ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती के लिये अर्ह माना जायेगा और उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्राथमिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिये सरकार ने प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में सभी संसाधान मुहैया कराने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में लागू आदर्श आचार संहिता के बीच निर्वाचन आयोग से बेसिक शिक्षकों के लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी थी जिस पर आयोग ने अपनी स्वीकृत प्रदान कर दी है। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के लगभग 3600 पद रिक्त पड़े हैं, जिन पर जनपदवार शीघ्र भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदो ंके सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके। डा. रावत ने बताया कि राज्य में बेसिक शिक्षकों की भर्ती उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली-2024 में निर्धारित प्राविधानों के अनुरूप की जायेगी। नये प्राविधानों के तहत डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थी ही बेसिक शिक्षक पद के लिये अर्ह होंगे।

पुराने अभ्यर्थियों को मिलेगी पुनः आवेदन करने में छूट रू डा. रावत
प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2020 एवं 2021 में सहायक अध्यापक प्राथमिक के अवशेष रह गये रिक्त पदों को नई भर्ती में शामिल किया गया है। ऐसे में जिन डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने पूर्व की इन विज्ञप्तियों के लिये आवेदन किया था लेकिन उन्हें नियुक्ति प्रदान नहीं की गई। ऐसे अभ्यर्थियों को नई विज्ञप्ति में पुनः आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिये चयनित युवाओं ने सीएम से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिए चयनित युवाओं ने भेंट की। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ, सहसपुर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 23 युवाओं को जापान में नौकरी के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 02 युवाओं ने जापान में कार्य करना आरंभ कर दिया है। 17 युवाओं की जापान में कार्य करने के लिए की जा रही प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, शीघ्र वे भी जापान जाकर अपनी सेवायें देंगे। ये युवा योग, नर्सिंग और जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और होम हेल्थ एड जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित हैं। इन सभी को जापानी भाषा का प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शुभकामना देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सेवायोजन एवं कौशल विकास विजय यादव, अपर सचिव सी. रविशंकर, उपनिदेशक सेवायोजन चन्द्रकान्ता, प्रभारी अधिकारी विदेश रोजगार प्रकोष्ठ प्रवीण गोस्वामी, निखिल जैन एवं अजय खंडूड़ी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता हुआ साफ


उत्तराखंड के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए शिक्षकों की भर्ती के लिये बीएड की बाध्यता समाप्त कर दी है। इसके स्थान पर दो वर्षीय डीएलएड कोर्स को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के वर्ष 2018 में जारी उस अधिसूचना को निरस्त कर दिया था जिसमें प्राथमिक शिक्षकों के लिए बीएड डिग्री की अनिवार्यता लागू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में राज्य कैबिनेट ने हाल ही में राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 2012 में संशोधन को अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। जिसके क्रम में शासन ने उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2024 को जारी कर दी है।

नियमावली में संशोधन से बेसिक शिक्षकों के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता बीएड डिग्री की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब राज्य में केवल डीएलएड डिग्रीधारक ही पहली से पांचवीं कक्षा तक के बेसिक शिक्षक के पद के लिये पात्र होंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की नई नियमावली लागू होने से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। इसके लिये निर्वाचन आयोग से भर्ती की अनुमति लेते हुये शीघ्र उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन भेजने के निर्देश दिये गए हैं।

मुख्यमंत्री ने 27 सरकारी नौकरियों में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 16 सुपरवाइजरों तथा आबकारी विभाग के अंतर्गत चयनित 10 निरीक्षक व 01 कनिष्ठ सहायक को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस प्रकार कुल 27 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरित किये।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई व शुभकामनायें देते हुए कहा कि आपके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, आपका चयन इन पदों पर हुआ है। उन्होंने कहा कड़ी मेहनत, परिश्रम करने वाले आज सभी मेहनती यवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने अनुशासन का जिक्र करते हुये कहा कि जीवन के निर्माण व सफलता में अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिये अपने जीवन में हमेशा अनुशासित होकर कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुये कहा कि राज्य सरकार ने कड़ा नकल विरोधी कानून बनाकर 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा है तथा परीक्षओं को पारदर्शी बनाया है, जिससे मेहनती युवाओं को उनकी मेहनत का सुफल प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर सचिव तथा निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, आबकारी विभाग के अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम ने 394 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रदान किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 394 ग्राम विकास अधिकारियों के पद पर नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नव-नियुक्त ग्राम विकास अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए अपेक्षा की कि आप सभी नियुक्त कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए गांवों को विकसित बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि आपको जो जिम्मेदारी मिल रही है, उसे पहले दिन से ही अपने लिये कड़ा अनुशासन बनाकर प्रारम्भ करें, जो आपको सेवा व जीवन काल में काफी फायदा देगा। उन्होंने गांवों का जिक्र करते हुये कहा कि गांवों के विकास पर ही देश का विकास निर्भर है। उन्होंने कहा कि गांवों तक बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधायें पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार की है, पर इसके साथ ही इन गांवों के अंदर का अवस्थापना सुविधायें मजबूत रखने की महती जिम्मेदारी आपके कंधों पर है।

मुख्यमत्री ने कहा कि गांवों के विकास से जुड़े कार्य संपादन प्रक्रिया आज महत्वपूर्ण कडी है अतः आपको सुनिश्चित करना होगा कि गांवों के अंदर के रास्ते ठीक हों, जल निकासी की व्यवस्था अच्छी हो और राज्य सरकार के तरफ से आने वाले फंड का पारदर्शी तरीके से सही जगह पर उपयोग हो। उन्होंने कहा कि गांवों में अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति की मदद हो, उनको राज्य सरकार की सभी योजनाओं और नीतियों का लाभ मिले, इस दिशा में भी आपको काम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए समर्पित भाव से निरंतर प्रयासरत हैं। विकसित भारत के लिए गांवों की सामाजिक, आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमने अंत्योदय के सिद्धांत को अंगीकार करते हुए गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश के 80 करोड़ लोगों को अन्न उपलब्ध कराने का काम किया है, देश की अर्थव्यवस्था ग्यारहवीं से पांचवें नम्बर पर आ गयी है, जो शीघ्र ही आने वाले समय में तीसरे नम्बर पर आ जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा एक तरफ सड़क, शिक्षा, पेयजल, आवास और शौचालयों के निर्माण तेजी से किये जा रहे है, वहीं दूसरी तरफ लखपति दीदी जैसी योजनाओं के जरिए विभिन्न स्वयं सहायता समूहों का गठन कर महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है तथा गरीब परिवारों के लिए साल में तीन निशुल्क गैस सिलेंडर भरवाने की योजना हमने लागू की है, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सही मायने में मदद हो सके तथा उनका जीवन स्तर ऊपर उठ सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे युवा, युवा सोच और सकारात्मक अप्रोच के साथ गांवों को विकसित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगें।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने नव-नियुक्त ग्राम विकास अधिकारियों को बधाई व शुभकामना देते हुए कहा कि देश की आत्मा गांवों में बसती है। उन्होंने कहा कि आपको जो जिम्मेदारी दी जा रही है, उसके माध्यम से आपको अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना है। उन्होंने कहा कि आज युवाओं की दिशा बदल रही है, वे हर क्षेत्र में नये-नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मूल मंत्र-सरलीकरण, समाधान तथा निस्तारण को आपने अपने मस्तिष्क में रखकर कार्य करना है तथा यह ध्यान रखें कि गांव का विकास होगा तो राज्य का विकास होगा तथा राज्य का विकास होगा तो देश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।

सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा ने भी ग्राम्य विकास विभाग की कार्य प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव दीपक गैरोला, अपर सचिव/आयुक्त सविन बंसल सहित संबंधित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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सीएम ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पंचायती राज विभाग के 08 सहायक लेखाकारों तथा 342 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सहायक लेखाकारों का चयन लोक सेवा आयोग तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का चयन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित कार्मिकों को शुभकामना देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले लेखाकार एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्राथमिक इकाई ही नहीं इसकी नींव के समान है। पंचायती राज व्यवस्था जितनी सशक्त होगी हमारा लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत होगा, तभी सुराज की परिकल्पना भी साकार हो सकेगी। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की परेशानी, उसकी शिकायत को सरकार तक पहुंचाने और सरकार द्वारा किए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने में आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार खुद चल कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है, उसको सशक्त बना कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला रही है। आज चाहे, एलपीजी गैस कनेक्शन हो, बिजली कनेक्शन हो, पानी कनेक्शन हो, स्वच्छ भारत अभियान के तहत इज्जतघरों का निर्माण हो या अन्य योजनाएं हों, सरकार की प्रत्येक योजना के केंद्र में समाज का वंचित वर्ग भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में चलने वाली सरकार में वंचितों की आवश्यकताएं पूर्ण करना ही हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि हम निरंतर यह प्रयास कर रहे हैं कि विकास केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के सभी लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन पूर्व में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तथा विकास की दृष्टि से गांवों को सबसे निचले पायदान पर रखा गया और गांवों के लिए जो पैसा भेजा जाता था, वह वहां तक नहीं पहुंच पाता था, परंतु प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। सरकार ने जन-धन योजना चलाई, देशभर में गांव के 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खुलवाए, पोस्ट ऑफिस का उपयोग कर गांवों तक पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक की पहुंच बनाई तथा आज इसका प्रभाव देश के हर गांव में नजर आ रहा है। योजनाओं का पैसा सीधे लोगों के खाते में जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए हर वह कार्य कर रही है, जो पूर्व में इच्छाशक्ति के अभाव में नही हो पाये। उन्होंने कहा कि अगर हमारे युवा अपने गांवों के उत्थान की भावना के साथ गांवों के विकास के लिए समर्पित रहेंगे, तो गांवों के विकास में कोई भी बाधा नहीं आ सकती है। उन्होंने कार्मिकों से अपील की कि आप गांवों को अपना घर समझकर कार्य करें, ताकि गांवों के विकास को पंख लग सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव था, परन्तु हमने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने का कार्य किया तथा राज्य में देश के सबसे कठोर “नकल विरोधी कानून बनने के बाद पारदर्शिता के साथ ही अब समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि यह नकल विरोधी कानून का ही प्रतिफल है कि हम हर रोज अलग अलग विभागों में योग्य युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें रोजगार देने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर आगे बढ़ कर जनहित के कार्य किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड विकास और विश्वास के अभूतपूर्व माहौल में, जन आकांक्षाओं को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है और इसे सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं से अपील की कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प“ की पूर्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों में सहयोगी बनें।
इस अवसर पर निदेशक पंचायती राज निधि यादव ने पंचायती राज विभाग की कार्ययोजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर सचिव पंचायती राज आलोक कुमार पाण्डेय, संयुक्त निदेशक आर. के. एन. त्रिपाठी, उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी, नोडल अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, नवनियुक्त कार्मिकों सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

विगत चार माह में सेवायोजन विभाग के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं को मिले रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री आवास परिसर में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के अंतर्गत लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 27 डिप्टी जेलरों तथा 285 बंदी रक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किये। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर पूरे प्रदेश में सेवायोजन विभाग के माध्यम से आयोजित हो रहे रोजगार मेलों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। विगत चार माह में सेवायोजन विभाग राज्य के लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं को रोजगार दिलाने में कामयाब रहा है।

राज्य की धामी सरकार का फोकस अधिक से अधिक रोजगार सृजन पर है। सरकारी विभागों के अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी युवाओं को अधिकाधिक रोजगार प्राप्त हो इसके लिए राज्य की धामी सरकार निरंतर प्रयासरत है। धामी सरकार के इन्हीं सब प्रयासों का प्रतिफल है कि राज्य में बेरोजगारी दर में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।

राज्य विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में भारी कमी देखने को मिली है। वर्ष 2021- 22 में उत्तराखंड में 8.4 फीसदी बेरोजगारी दर थी, जो 2022-23 में घटकर 4.9 फीसदी रह गई है।

इधर, राज्य सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रत्येक जनपद में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें फार्मा से लेकर सिक्योरिटी, बैंकिंग,सेल्स मार्केटिंग आदि कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

विगत चार माह में सेवायोजन विभाग के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं को नौकरियों के अवसर उपलब्ध हुए। नवंबर माह में 872, दिसंबर में 1376, जनवरी में 122, फरवरी माह में 1068 युवाओं को रोजगार मिला।

एक साल में नौकरियों का बनाया रिकॉर्ड
बीते एक साल में यूकेपीएससी के माध्यम से 6635 अफसरों तथा समूह ग के पदों पर 7644 युवाओं को पुलिस दूर संचार, रैंकर्स, आबकारी सिपाही, पशुपालन, रेशम, शहरी विकास, वन विभाग, शिक्षा विभाग में एलटी, कृषि विभाग,पेयजल निगम, विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार, लेखाकार, अनुदेशक, कार्यशाला अनुदेशक, वाहन चालक, सचिवालय रक्षक, मत्स्य विभाग आदि में नौकरी देकर धामी सरकार ने रिकॉर्ड बनाया है। फारेस्ट गार्ड के 2000 से ज्यादा पदों पर भी नियुक्ति की गई।
इस अवसर पर सचिव गृह शैलेश बगोली, अपर सचिव गृह अतर सिंह, महानिदेशक कारागार विमला गुंजयाल, उप महानिरीक्षक कारागार दधि राम, सहायक महानिरीक्षक कारागार यशवंत सिंह सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य में वित्तीय समावेशन को आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन में एचडीएफसी बैंक के राजपुर गांव की 111वीं शाखा, युकाडा के विभिन्न सॉफ्टवेयर एवं चार-धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित एटीएम का वर्चुअल शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का जो मंत्र दिया है, वह मंत्र तभी सार्थक हो सकता है जब हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सामान्य जन सुविधाओं को पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि आज राज्य में वित्तीय समावेशन को एक आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय संस्थानों की सराहना करते हुये कहा कि राज्य में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों द्वारा ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देने के प्रयास भी उत्साहजनक रहे हैं, लेकिन हमें इस क्षेत्र में बुनियादी स्तर पर कार्य करने की और अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के तहत सुदूर गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में एचडीएफसी बैंक की वर्तमान में कई शाखाएं संचालित हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश के निवासियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें एचडीएफसी बैंक लगातार सफल हो रहा है। यही नहीं एचडीएफसी बैंक पेपर लैस वर्क कल्चर को अधिक तरजीह देता है, जो डिजिटल तकनीक का विशिष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का निरन्तर प्रयास और संकल्प है कि प्रदेश के हर कोने और अन्तिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश जनधन खातों का महत्व देख व समझ रहा है तथा बैंक खातों की वजह से ही सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का आधा डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहा है, जिसमें हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने एचडीएफसी बैंक द्वारा सरकार को दिये जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि बैंक द्वारा जहां केदारनाथ धाम के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि प्रदान की गई थी, वहीं जोशीमठ के सहायतार्थ भी आर्थिक मदद की गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लोक केंद्रित पहल शुरू करने में सबसे आगे रही है तथा जब एचडीएफसी जैसे बैंक इन पहलों में सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आते हैं, तो यह साझेदारी समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक अथवा अन्य बैंक जहां आदर्श स्थिति में खड़े हो सकते हैं, वह आदर्श स्थान, देवभूमि उत्तराखण्ड ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा आजीविका के अवसरों को बढ़ाने, आय के विविध और स्थायी स्रोतों को प्रदान करने, रोजगार और उद्यमिता को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हम बैंकों, कॉरपोरेट्स और अन्य व्यवसायों को उत्तराखंड में स्थापित और विस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बैंकों सहित विभिन्न व्यवसायों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रही है, जिससे राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य मानकों में सुधार किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एचडीएफसी बैंक पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में एचडीएफसी ने जहां दो लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर उस लक्ष्य को प्राप्त किया, वहीं इस वर्ष भी 5 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये एचडीएफसी बैंक के स्टेट हेड बकुल सिक्का, ब्रांच हेड अखिलेश कुमार राय ने बैंक के क्रियाकलापों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अपर सचिव वित्त, नागरिक उड्डयन सी0रवि शंकर सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।