कांग्रेस कभी भी चुनाव के लिए राजनीति नहीं करतीः प्रीतम सिंह

कांग्रेस पार्टी की ओर से ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र श्यामपुर में जन सहायता कार्यालय का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया।

कार्यालय का उद्धाटन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जन समस्याओं के निराकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जन सहायता कार्यालय का शुभारम्भ किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में पार्टी कार्यालय की नितांत आवश्यकता थी जो पूरी हो गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी चुनाव के लिए राजनीति नहीं करती पार्टी केवल जन समस्याओं के निराकरण के राजनीती करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रहीं है आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसी जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंककर भारी बहुमत से सत्ता में आएगी।

क्षेत्र में कांग्रेसजनों व आमजनों की सुविधा और सहायता के लिए ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस जन सहायता कार्यालय का शुभारम्भ हुआ है। मौके पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, प्रकाश जोशी, शूरवीर सिंह सजवाण, राजपाल खरोला, जयेंद्र रमोला, विनय सारस्वत, केएस राणा, जयसिंह रावत, मधु सेमवाल, मधु जोशी, गौरव चैधरी, माधव अग्रवाल, विवेक तिवाड़ी, अजय धीमान, दीपक वर्मा आदि मौजूद रहे।

ऋषिकेश के लिए अभिशाप बना कूड़े का ढेर होगा खत्मः मेयर अनिता

अब ऋषिकेश के लिए अभिशाप बन चुका गोविंद नगर स्थित कूड़े का ढेर खत्म होगा। साथ ही ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए भारत सरकार से नगर निगम ऋषिकेश को 10 हेक्टेअर भूमि देने पर सहमति बन गई है। मेयर अनिता ममगाईं की यह मुहिम आज रंग लाई।

मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि तमाम ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर जाने के बाद अब लाल पानी बीट में कूड़ा निस्तारण की योजना का रास्ता साफ हो गया है। अपर मुख्य सचिव देहरादून के अंतर्गत ऋषिकेश के लाल पानी के कक्ष संख्या एक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, निस्तारण एवं प्रोसेसिंग प्लांट हेतु 10 हेक्टेयर वन भूमि कार्यों हेतु नगर निगम को सैधांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। बताया कि लगभग 50 करोड़ रूपये से इस जगह पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगेगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एनओसी विगत 29 सितंबर को प्राप्त हो गई थी।
मेयर ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी ने नगर आयुक्त को प्रेषित किए गए पत्र में एक करोड़ 18 लाख 7448 रपये डिमांड ड्राफ्ट के रूप में जमा करने को कहा गया है। उन्होंने बताया नगर निगम ने शहरी विकास निदेशक को चयनित भूमि हस्तांतरित करने के लिए पत्र प्रेषित किया है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा म्यूटेशन की कार्यवाही पूर्ण करने के पश्चात तुरंत प्रोजेक्ट पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन निस्तारण एवं प्रोसेसिंग प्लांट हेतु लाल पानी बीट में मिलने वाली भूमि ऋषिकेश में ही कूड़े की समस्या का स्थाई समाधान तो करेगी ही साथ ही इसका लाभ स्वर्ग आश्रम, मुनिकीरेती, नरेंद्र नगर , डोईवाला को भी मिलेगा।

कोरोना कोष को नहीं कटेगा सरकारी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन

सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के एक दिन के वेतन में की जा रही कटौती को अब नहीं काटा जाएगा। यह निर्णय देहरादून में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिया गया। सीएम त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में त्योहारों को देखते हुए कर्मचारियों के वेतन से एक दिन की कटौती न करने का फैसला लिया गया।

इनके वेतन से कटौती जारी रहेगी
कैबिनेट ने फैसला हुआ कि कोरोना कोष के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, आईएएस, आईपीएस, व आईएफएस अफसरों के वेतन से एक दिन की वेतन कटौती होती रहेगी।

अंतिम संस्कार में पहुंचे सीएम बोले, भाजपा नेता मोहन प्रसाद व कुलदीप का जाना भाजपा के लिए बहुत बड़ी क्षति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बद्री केदार मंदिर समिति के निवर्तमान अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल और ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुलदीप चैहान के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताया। सीएम ने उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन प्रसाद थपलियाल का जाना पार्टी के लिए बहुत बडी क्षति है। उन्होंने कहा कि उनके स्वयं के लिए भी यह बडी व्यक्तिगत क्षति है। क्योंिक जब कभी भी हम किसी मुद्दे पर राय मसवरा करते थे वो तटस्थ भाव से बड़ी संतुलित राय देते थे। जिसमें सबकी भलाई निहित रहती थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन प्रसाद थपलियाल और ओबीसी के जिला अध्यक्ष का अचानक जाना बेहद दुःखद है और पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। इस दौरान मुख्यमंत्री दोनों दिवंगत आत्माओं के परिजनों से भी मिले और उनको सांत्वना देते हुए ढांढ़स बधाया।

विधानसभा बद्रीनाथ के विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट, थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, कर्णप्रयाग विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे सहित भाजपा के तमात क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी पार्थिव शरीर पर श्रद्वांजलि देते हुए शोक संवेदना व्यक्त की।

विदित हो कि भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन प्रसाद थपलियाल शनिवार को कर्णप्रयाग मे मंडल प्रशिक्षण कार्य योजना की बैठक मे भाग लेने के बाद शाम को अपने गांव तपोवन लौट रहे थे। ओबीसी के जिलाध्यक्ष कुलदीप चैहान भी उनके साथ थे। पीपलकोटी से थोडा आगे भनेरपानी के निकट उनकी कार अनियंत्रित होकर लगभग 300 मीटर गहरी खाई मे जा गिरी। दुर्घटना स्थल के दूसरी और की पहाड़ी पर स्थित मठ बेमरू गांव के ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। रविवार को सुबह एनडीआरफ की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। दोपहर में चट्टान पर दो बॉडी दिखाई दी, लेकिन यहां आवाजाही के लिए रास्ता ना होने के कारण बॉडी को पूरे दिन भर रेस्क्यू नहीं किया जा सका और अंधेरा होने के कारण सर्च आपरेशन बंद करना पडा। सोमवार को कडी मस्कत के बाद चट्टान पर अटके दोनों शवो को एनडीआरएफ ने रेस्क्यू किया और मौके पर ही पोस्टमार्टम कर पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को पीपलकोटी के न्यू बस स्टैण्ड के प्रतिक्षालय लाया गया। जहॉ पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, तीनों विधायकों व भाजपा के अन्य नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय लोगों ने श्रद्वासुमन अर्पित कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद दोनों पार्थिव शवों को लेकर अपने पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार के लिए ले गए। जहॉ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

ऋषिकेश में चलते ट्रक से गिरी जेसीबी मशीन, बाल-बाल बचे लोग

ट्रक चालक की लापरवाही के चलते एक जेसीबी मशीन बीच सड़क पर गिर गई। मगर, गनीमत रही कि उसकी चपेट में कोई नहीं आया। शनिवार की शाम करीब पौने आठ बजे यह घटना पुराने रेलवे स्टेशन के समीप ढलान पर हुई।

यहां एक बड़ा ट्रक जेसीबी मशीन लेकर रेलवे स्टेशन से नीचे पुराने बस स्टैंड की ओर आ रहा था अचानक ब्रेक लगने से ट्रक से सड़क पर जेसीबी मशीन पलट गई। बड़ी तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। गनीमत रही कि जेसीबी मशीन की चपेट में कोई नहीं आया हालांकि एक स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई पता चला कि जेसीबी मशीन को ट्रक में सुरक्षा के तहत जंजीरों से बांधना नहीं गया था वरना चलते ट्रक से जेसीबी मशीन के गिरने का कोई सवाल ही नहीं होता।

बड़ा सवाल है कि इस लिंक रोड पर बहुत हेवी ट्रेफिक चलता है पूर्व में पुलिस ने इस सड़क पर हैवी ट्रैफिक को रोकने की भरपूर कोशिश की थी क्योंकि इस रोड पर पूर्व में जो पूर्व में एक्सीडेंट हो चुके हैं जिसमें जान माल की हानि भी हुई है लेकिन भारी वाहन इस मार्ग पर निरंतर चल रहे हैं स्थानीय लोग सवाल खड़े कर रहे हैं इतनी भारी-भरकम मशीन ले जा रहे ट्रक ने आखिर सुरक्षा के मद्देनजर लोहे की चेन से इस जेसीबी मशीन को कवर क्यों नहीं किया। इस हादसे में किसी की जान चली जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। बरहाल मौके पर पुलिस आई है और ट्रक के मालिक भी मौके पर आ गए हैं।

अब वन एवं वन्य जीवों से सम्बन्धित समस्याओं का होगा त्वरित समाधानः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वन विभाग द्वारा तैयार की गई वन एवं वन्य जीव हेल्पलाइन 1926 का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस हेल्पलाइन की शुरूआत को वनों की सुरक्षा एवं मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा मे की गई प्रभावी पहल बताया है।

वन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हेल्पलाइन आम जनता को वन एवं वन्य जीवों के कारण होने वाली समस्याओं के समाधान में तभी कारगर साबित होगी जब विभागीय अधिकारी प्राप्त शिकायतों का तत्परता के साथ निराकरण करेंगे। कहा कि इससे वनों में होने वाली घटनाओं, वनों की तस्करी रोकने, जंगली जानवरों के अवेध शिकार जैसी तमाम समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।

कहा कि जंगली पशुओं के फसलों को हो रहे नुकसान को कम करना भी एक बड़ी समस्या है। इसके लिए वनों में वन्य जीवों के लिए भोजन की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना बनाये जाने की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में समय-समय पर व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित किये जाने के भी निर्देश दिये ताकि वनों एवं वन्यजीवों के संरक्षण में जन सहभागिता भी सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार केएस पंवार, आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव रंजना काला, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ. पराग मधुकर धकाते आदि उपस्थित थे।

पलायन आयोग ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट, रूद्रप्रयाग में पिछले 10 वर्ष में हुआ 22735 लोगों का अस्थाई पलायन

जनपद रूद्रप्रयाग के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने हेतु ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी ने सचिवालय में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सौंपी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जनपद के प्रमुख पर्यटक एवं धार्मिक स्थलों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना होगा। जनपद में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी है। जनपद में महिलाओं की आबादी अधिक है, महिलाओं को कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना होगा।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 वर्षों में रुद्रप्रयाग जनपद से 316 ग्राम पंचायतों से 22735 लोगों द्वारा अस्थाई पलायन किया। यह पलायन जनपद के अन्दर एक स्थान से दूसरे स्थान पर हुआ। जबकि 7835 व्यक्तियों द्वारा पूर्ण रूप से स्थाई पलायन किया गया। जनपद में स्थाई पलायन की तुलना में अस्थाई पलायन अधिक हुआ है। लगभग 40 प्रतिशत पलायन 26 से 35 वर्ष के आयु वर्ग द्वारा किया गया। 2011 की जनगणना के अनुसार जनपद रूद्रप्रयाग की जनसंख्या 02 लाख 42 हजार 285 है। जनपद की 80 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जनपद रूद्रप्रयाग विकासखण्ड ऊखीमठ की जनसंख्या में 11 प्रतिशत की वृद्धि एवं विकासखण्ड अगस्तमुनी की जनसंख्या में 02 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य घरेलू उत्पाद के आधार पर वर्ष 2016-17 (अनन्तिम) अनुमानों में जनपद रूद्रप्रयाग की प्रतिव्यक्ति आय अनुमानित 83521 रूपये है। रूद्रप्रयाग एवं टिहरी जनपद की प्रति व्यक्ति आय अन्य पर्वतीय जिलों की तुलना में कम है। जनपद का मानव विकास सूचकांक अन्य पर्वतीय जिलों से कम है। जनपद रूद्रप्रयाग में कुल 688 ग्रामों में से 653 आबाद एवं 35 गैर आबाद ग्राम हैं। जनपद के तीनों विकासखण्डों में कुल 20 राजस्व ग्राम-तोक हैं।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग ने जनपद के आर्थिक, सामाजिक विकास एवं पलायन को रोकने के लिए सुझाव दिये कि विकासखण्ड स्तर पर आर्थिक विकास का एक ढ़ाचा तैयार किया जाय। जनपद में पर्यटन विकास योजना तैयार होनी चाहिए। राज्य सरकार की होम स्टे योजना को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा देना होगा। भूजल पुनर्भरण योजनाओं को प्राथमिकता दी जाय। पानी के पारम्परिक स्रोतों के सूखने से जल की उपलब्धता एक चुनौती के रूप में आई है। सामाजिक-आर्थिक उत्थान और ग्रामीण विकास के लिए एक महिला केंद्रित दृष्टिकोण अपना होगा। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों कृषि आधारित, रेडिमेट वस्त्र, कताई-बुनाई लकड़ी आधारित, होटल एवं अन्य सर्विस ईकाइयों को जनपद के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाकर आजीविका प्रदान करनी होंगी।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले। उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना जरूरी हैं। जनपद में फल, नर्सरियों की संख्या बढ़ाने एवं फल रोपण सामग्री उत्पादन करने के साथ ही निजी क्षेत्र की नर्सरियों को प्रोत्साहित करना होगा। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए मनरेगा के तहत सुअर रोधी दीवार का निर्माण किया जाना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना एवं कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी हैं। जनपद में कृषि उत्पादन के लिए विशेष क्षेत्र या विकासखण्ड स्तर पर किसान उत्पादक संगठन के गठन पर सिफारिश की गई है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन तथा चारधाम सड़क परियोजना से जनपद रूद्रप्रयाग के विकास में तेजी आयेगी तथा इसका लाभ उठाने के लिए जिला प्रशासन विशेष योजना बनाए।

सीएम ओएसडी गोपाल रावत का निधन, कोरोना का चल रहा था इलाज

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विशेष कार्याधिकारी गोपाल रावत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गोपाल रावत का निधन, मेरे लिए बड़ी व्यक्तिगत क्षति है। वे एक कुशल और योग्य अधिकारी थे। परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करें। गोपाल रावत के परिजनों के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
बता दें कि तबियत खराब होने पर ओएसडी गोपाल रावत एम्स ऋषिकेश में इलाज कराने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपने ओएसडी के निधन पर दुख जताया है।

अनलॉक-चार में बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति मिली

राज्य सरकार ने अनलॉक-चार की एसओपी जारी कर नीट और जेईई परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को छूट दी है। नई एसओपी में बाहर से आने वाले लोगों को तीन दिन की बजाय अब चार दिन की एनटीपीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट पर छूट मिलेगी। स्मार्ट सिटी की वेबसाइट http://dsclservices-org-in/apply-php पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। 
मुख्य सचिव ओमप्रकाश की ओर से जारी की गई एसओपी में वे तमाम रियायतें हैं जो केंद्रीय गृह मंत्रालय की एसओपी में दी गईं थीं। बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति दी गई है। प्रदेश में भी 21 सितंबर के बाद पहले के अधिकतम 50 लोगों की शर्त को हटाकर 100 कर दिया गया है। स्कूल, कॉलेज में छात्र 21 के बाद सशर्त जा सकेंगे। पार्कों आदि में 21 के बाद अधिकतम 100 लोग सुबह की सैर आदि कर पाएंगे। 
स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। यह भी साफ कर दिया गया है कि व्यक्ति और सामान की आवाजाही में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा। कंटेनमेंट जोन की पाबंदियों को बरकरार रखा गया है। वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाओं आदि को पहले से मिल रही छूट जारी रहेगी। 
वहीं, राज्य से बाहर हाई कोविड लोड शहरों को जाने वालों को पांच दिन में वापस लौटने पर क्वारंटीन नहीं होना होगा। सात दिन से अधिक की वापसी पर इन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। विदेश से आने वाले लोगों को सात दिन संस्थागत और सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। 

– राज्य में बाहर से आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा और स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। 
– कोविड हाई लोड शहरों से आने वालों को सात दिन संस्थागत और सात दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। लेकिन, बिना लक्षण वाले और आरटीपीसीआर की निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट वालों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। 
– ऐसे सभी लोग जो सात दिन के लिए अंतिम संस्कार या अन्य वजहों से आते हैं, उन्हें भी क्वारंटीन नहीं होना होगा।
– कोविड हाई लोड वाले शहरों से होकर हवाई जहाज से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।

बाहर से आने वाले और उद्योग प्रबंधन की सहमति वाले कर्मियों, विशेषज्ञों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। इसी तरह वीवीआईपी मूवमेंट पर भी रोक नहीं है। सेना को क्वारंटीन से लेकर अन्य सभी इंतजाम अपने स्तर पर करने होंगे।

– प्रदेश में अधिक संक्रमण वाले इलाकों में कंटेनमेंट जोन बनेंगे और जिला प्रशासन अपनी विभागीय वेबसाइट पर जोन की सूचना प्रदर्शित करेंगे और इसकी सूचना राज्य सरकार के साथ ही केंद्र को भी दी जाएगी।
– 30 सितंबर तक शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे
– ऑनलाइन शिक्षा जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। 21 सितंबर से 50 प्रतिशत स्टाफ स्कूल आ सकेगा।
– कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र 21 सितंबर से स्कूल आ सकेंगे। अभिभावकों की लिखित अनुमति लेनी होगी और स्कूल आना स्वैच्छिक होगा।

वहीं, 21 सितंबर से राजनीतिक सभा, खेल, धार्मिक गतिविधियों के लिए सौ तक की संख्या में लोग भाग ले सकेंगे। 20 सितंबर तक अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा और विवाह समारोह में 50 ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। इसके बाद सौ की संख्या की अनुमति होगी। 21 सितंबर से ओपन एअर थियेटर खुल सकेंगे।

– जिला प्रशासन कंटेनमेंट जोन के बाहर बिना राज्य सरकार की अनुमति के लॉकडाउन नहीं करेगा।
– सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने के लिए धारा 144 लगाई जा सकेगी।
जेईई, नीट सहित अन्य परीक्षा के छात्रों और अभिभावकों को भी कराना होगा पंजीकरण
– इन सभी को स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको क्वारंटीन नहीं होना होगा। राज्य से बाहर से आने वाले और राज्य में जिलों के बीच आवागमन करने वाले छात्रों पर भी यह नियम लागू होगा। जिला प्रशासन इनके आने जाने की व्यवस्था करेगा।
– प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को भी स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको भी क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज किया पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा

ऊधमसिंहनगर पुलिस के एक चैकी प्रभारी व उनकी टीम पर ढाबा संचालक को चरस के मुकदमे में झूठा फंसाने के आरोप में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि चैकी प्रभारी, तीन सिपाहियों और दो एसपीओ ढाबे पर पहुंचे और संचालक से मारपीट की। इसके बाद उसके पास से चरस बरामद दिखाई। संचालक ने जब हाईकोर्ट की शरण ली तो सारी कहानी की पोल खुलनी शुरु हुई।
मामला केलाखेड़ा थाना की बेरिया दौलत पुलिस चैकी क्षेत्र का है। यहां हाईवे के पास अनिल शर्मा का पंडित ढाबा है। गत 28 जुलाई की शाम को वहां पर चार-पांच पुलिसकर्मी आए और कर्मचारियों से मारपीट करने लगे। एक कर्मचारियों का फोन भी छीन लिया और अपने मालिक को बुलाने को कहा। ढाबे पर मौजूद मालिक से भी उन्होंने मारपीट की। इसके बाद कर्मचारी को गाड़ी में बैठाकर ले गए और उसके पास से चरस बरामद दिखाई। लेकिन, यह सारी घटना ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। 
पुलिसकर्मियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी। अगले दिन दो पुलिसकर्मी ढाबे पर आए और सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया। साथ ही किसी को न बताने की धमकी भी दे गए। इसके बाद अनिल शर्मा ने गत सात अगस्त को इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर की। हाईकोर्ट के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने एसएसपी ऊधमसिंह नगर से रिपोर्ट मांगी। इस मामले में एसएसपी ने केलाखेड़ा एसओ को लाइन हाजिर और चैकी प्रभारी व तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस समेत अन्य साक्ष्य भी पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे।
अनिल शर्मा ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 18 अगस्त को प्राथमिक जानकारी को दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसके अगले ही दिन हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। सीबीआई देहरादून शाखा ने चैकी प्रभारी बेरिया दौलत प्रकाश चंद टम्टा, सिपाही त्रिभुवन सिंह, चंदन सिंह बिष्ट, हरीश गिरी और स्पेशल पुलिस अफसर (कोरोना काल में जनता के बीच से बनाए गए थे) परवेज अहमद व राजवंत सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे की जांच इंस्पेक्टर हरीश सिंह कर रहे हैं। 

आईपीसी की धाराएं जिन पर मुकदमा हुआ है दर्ज
120बी-आपराधिक षडयंत्र रचना 
166- लोकसेवक रहते कानून की अवज्ञा करते हुए किसी को चोट पहुंचाना 
167-अशुद्ध दस्तावेज रचना
193- कोर्ट में झूठे साक्ष्य पेश करना। 
201- साक्ष्य छुपाना या मिटाना 
211- किसी को नुकसान पहुंचाने की नियत से झूठा आरोप लगाना। 
220-निर्दोष व्यक्ति को जबरन रोककर रखना। 
323- मारपीट करना। 
342- गलत तरीके से किसी भी व्यक्ति को रोककर रखना। 
348-ज 465-जालसाजी।