समान कार्य समान वेतन पर कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय के लिए उपनल कर्मियों ने सीएम का किया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज सचिवालय में उपनल कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर उपनल कर्मचारियों ने समान कार्य–समान वेतन के संबंध में आज राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।

उपनल कर्मचारियों ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही उनकी मांगों को पूरा करने के साथ-साथ उनके सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों उपनल कर्मचारियों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण बना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार उपनल कर्मियों के हितों की रक्षा, उनके सम्मान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उपनल कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके योगदान को सरकार पूरी गंभीरता से मान्यता देती है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े सभी मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर उपनल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे सरकार की नीतियों एवं निर्णयों के अनुरूप पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।

छोटे राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान, मुख्यमंत्री धामी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर देशभर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यह उपलब्धि राज्य की निर्यातोन्मुख नीतियों, बेहतर कारोबारी माहौल और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे का परिणाम मानी जा रही है।

*सीएम धामी ने दी प्रदेशवासियों को बधाई*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड का शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह हमारी सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात को बढ़ावा देने की सतत कोशिशों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था और सशक्त हो।

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित होती है, बल्कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी बढ़ती है और व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलती है।
उत्तराखंड का यह शीर्ष स्थान राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसरों की ओर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है।

उत्तरायणी कौथिग बना ‘वोकल फॉर लोकल’ और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सशक्त मिसाल: पुष्कर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उत्तरायणी, मकर संक्रांति एवं घुघुतिया पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों एवं युवाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में आयोजित यह कौथिग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अद्भुत मंच है। लोकगीत, लोकनृत्य, लोकभूषा, हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों की झलक न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सांस्कृतिक, सामाजिक और सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने उत्तर प्रदेश में रह रहे हजारों उत्तराखंडवासियों को एक सूत्र में बांधकर उनकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का उल्लेखनीय कार्य किया है। रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करना संस्था की तपस्या और समर्पण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ से अपने भावनात्मक संबंधों को साझा करते हुए कहा कि यह शहर उनकी कर्मभूमि रहा है, जहाँ से उन्होंने जनसेवा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में लखनऊ आना उनके लिए अपनी कर्मभूमि को नमन करने के समान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति, आस्था और सभ्यता को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर जैसे ऐतिहासिक कार्य इसी दृष्टि का परिणाम हैं। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ अभियान ने देश की विविध संस्कृति को एक सूत्र में पिरोया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी विज़न के अनुरूप उत्तराखंड सरकार देवभूमि के विकास और विरासत को साथ लेकर चल रही है। केदारनाथ-बद्रीनाथ मास्टर प्लान, केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोलू जी, विवेकानंद एवं शारदा कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति को नई भव्यता मिल रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखा गया है। नई नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर हब और फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। ‘वेड इन उत्तराखंड’ और शीतकालीन पर्यटन अभियानों से पर्यटन एवं आर्थिकी को नया बल मिला है।

ग्राम्य विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि होम-स्टे योजना, लखपति दीदी, सौर स्वरोजगार योजना, एक जनपद–दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे प्रयासों से गांवों की खुशहाली सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय की तुलना में आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था 26 गुना बढ़ चुकी है। प्रतिव्यक्ति आय 17 गुना बढ़कर ₹2,74,064 तक पहुंच गई है। राज्य का बजट ₹4,000 करोड़ से बढ़कर ₹1 लाख करोड़ के पार हो गया है। बिजली उत्पादन 4 गुना बढ़ा है, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और 10 सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। मातृ मृत्यु दर में 12% की कमी आई है।

उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत अब तक 1 लाख 68 हजार महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 44% रिवर्स पलायन हुआ है। किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने में उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि की अस्मिता, सुरक्षा और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सख्त धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है। ऑपरेशन कालनेमी के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कार्रवाई हुई है। 250 से अधिक अवैध मदरसे सील किए गए हैं और 500 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए गए हैं। 1 जुलाई 2026 के बाद केवल सरकारी सिलेबस वाले मदरसे ही संचालित होंगे।

उन्होंने कहा कि सख्त भू-कानून लागू कर देवभूमि को माफियागिरी से सुरक्षित किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। नकल विरोधी कानून से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यही नया उत्तराखंड है—जहाँ विकास, विश्वास और अवसर साथ-साथ हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को दोहराते हुए सभी से सहयोग और आशीर्वाद की अपील की।

कार्यक्रम में पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी वह स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

सीएस वर्धन ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की विस्तार से जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून जनपद में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत स्किल हब सहसपुर का दौरा किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की विस्तार से जानकारी ली एवं प्रशिक्षण पा रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र छात्राओं को भ्रमण कराया जाए। मुख्य सचिव ने क्षमता से कम छात्रों के प्रशिक्षण पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को एक माह में पूर्ण क्षमता का उपयोग किया जाए।

मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में संचालित कोर्स को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की बात भी कही। उन्होंने विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ ही सम्बन्धित देश का लिविंग और वर्किंग कल्चर की जानकारी भी प्रशिक्षुओं को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण पा रहे छात्र – छात्राओं से बातचीत कर उनके अनुभवों और भावी योजनाओं पर चर्चा की एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन संजय कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून जनपद में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा स्किल हब सहसपुर की स्थापना की गयी है। रिकल हब सहसपुर में राज्य के युवाओं को देश में आईटी०आई० उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार से जोड़ने के उददेश्य से उच्च स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने एवं विदेश रोजगार से जोडने के लिये आवश्यक विदेशी भाषा का प्रशिक्षण प्रदान करते हुये विभिन्न आरएएप के माध्यम से विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा गो है। स्किल हब सहसपुर के अंतर्गत सेन्टर ऑफ ऐक्सीलेस एवं विदेश रोजगार प्रकोष्ठ है। वर्तमान में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा मुख्यत नर्सिंग, केयर गिवर एव आतिथ्य के क्षेत्र में जापान एवं जर्मनी में राज्य के युवाओं को सेवायोजित किये जाने का कार्य किया जा रहा है। उक्त युवाओं को डोमेन प्रशिक्षण राज्य के नर्सिंग कॉलेज एव होटल मैनेजमेंट इन्स्टीयूट द्वारा दिया जा रहा है तथा प्रकोष्ठ द्वारा स्किल हब सहसपुर में आवासीय विदेशी भाषा का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन संजय कुमार, संयुक्त निदेशक अनिल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

देवभूमि की संस्कृति के साथ छेड़–छाड़ की किसी को भी इजाजत नहीं: धामी

मकर संक्रांति के पर्व पर उत्तरकाशी में सुप्रसिद्ध माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) आज से शुरू हो गया है। पौराणिक माघ मेले का उद्घाटन बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता तथा बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोली के सानिध्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में किया गया। जनपद के रामलीला मैदान में सप्ताह भर चलने वाला बाड़ाहाट का थौलू के नाम से प्रचलित यह पौराणिक मेला जनपद की विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संवाहक है।

आज माघ मेला में भाग लेने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण लोक देवताओं की डोलियों और धार्मिक प्रतीकों के साथ उत्तरकाशी पहॅुंचे। भागीरथी नदी में पर्व स्नान करने के बाद कंडार देवता व हरि महाराज सहित अनेक देवडोलियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने बाड़ाहाट (उत्तरकाशी नगर का पुरातन क्षेत्र) स्थित चमाला की चौंरी पर पहॅुचकर डोलीनृत्य व रासो-तांदी नृत्य कर बाड़ाहाट के थौलू (मेला) की अनूठी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की छटा बिखेरी।

अपराह्न में रामलीला मैदान में कंडार देवता व हरि महाराज की आगवानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर माघ मेला का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मेला पांडाल में घण्डियाल देवता, खंडद्वारी देवी, राज-राजेश्वरी देवी, त्रिपुर सुंदरी,नाग देवता व दक्षिण काली सहित अनेक देवडोलियों व धार्मिक प्रतीकों की भी उपस्थिति रही। उद्घाटन समारोह में त्रृषिराम शिक्षण संस्थान की छात्राओं ने स्वागत गान एवं नृत्य प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को मकर संक्रांति और माघ मेले की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज उन्हें बाबा विश्वनाथ की नगरी और मां भागीरथी की पावन धरा पर आयोजित पौराणिक और ऐतिहासिक धार्मिक मेले के शुभारम्भ में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। यह एक लोक आस्था का महाकुंभ है और आज के दिन से ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। आज उत्तरकाशी जनपद अपनी एक आध्यात्मिक पहचान बना रहा है। वहीं विकास के पथ पर भी अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार की नीतियां सिर्फ फ़ाइलों तक सीमित नहीं है सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित है और विकास भी सुनिश्चित हो रहा है एवं पर्यटन के क्षेत्र में आजीविका के नए अवसर बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तरकाशी जनपद में 1000 करोड़ से अधिक की लागत से सड़कों का निर्माण, मरम्मत और सुधारीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी में ही रू. 23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला का उच्चीकरण कर रू. 46 करोड़ की लागत से उपजिला अस्पताल बनाया जा रहा है। सिल्क्यारा टनल का ब्रेकथ्रू भी हो चुका है जल्द ही इस टनल का कार्य पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों सहित पर्यटकों को भी सहूलियत मिलेगी। इस टनल के निर्माण से यमुनोत्री और गंगोत्री के मध्य लगभग 25 किमी की दूरी भी कम होगी। यमनोत्री में हैलीपेड निर्माण, सिंचाई योजनाएं, भटवाड़ी में बाढ़ सुरक्षा कार्य सहित विकास के अन्य कार्य किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन कार्यक्रम पर कार्य कर रही है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम से भी पर्यटन को नया आयाम दिया जा रहा है। जादुंग में उत्सव मैदान का निर्माण किया जा रहा है। आज उत्तरकाशी जनपद में 12 हजार लखपति दीदी बन चुकी है। जो आत्मनिर्भर उत्तराखंड की तस्वीर को प्रदर्शित करती है। सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में भी आज उत्तराखंड प्रथम स्थान हासिल किया है तथा राज्य में भी उत्तरकाशी तीन प्रमुख जिलों में शामिल है। आज राज्य में रिवर्स पलायन भी बढ़ रहा है लोग आज अपने पैतृक निवास की और लौट रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अतिथि देवो भव: की परम्परा है और देवभूमि की मर्यादा तोड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार ने दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून,लव जिहाद, लैंड जिहाद आदि कानून लागू किए हैं तथा 1000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई है। राज्य में सख्त भू कानून लागू किया है तथा ऑपरेशन कालनेमी चलाकर सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। उत्तराखंड देश में समान नागरिक संहिता कानून लागू करने वाला प्रथम राज्य बना है, यूसीसी के लागू होने से आज सभी के लिए सबकी सुरक्षा और एक समान कानून लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ नौकरी मिली है। युवाओं के भविष्य के लिए सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। अभी 2 हजार पुलिस भर्ती पर हाईकोर्ट के निर्णय के बाद परिणाम घोषित किया गया है,जल्द ही इन 2000 युवाओं को नियुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है भ्रष्टाचार में लिप्त उच्च अधिकारियों सहित सभी पर कड़ी कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि की संस्कृति के साथ किसी को भी छेड़–छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। देवभूमि में किसी भी प्रकार का जिहाद नहीं चलेगा। अंकिता भंडारी केस पर उन्होंने कहा कि हमने पहले भी जांच करवाकर अपराधियों को जेल पहुंचाने का काम किया है तथा स्वयं अंकिता भंडारी के माता पिता से मिलकर उनकी भावनाओं के अनुरूप सीबीआई जांच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो अंकिता भंडारी को पहले भी न्याय दिलाने के खड़े थे और आगे भी खड़े रहेंगे।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शक्ति मंदिर एवं बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, संतों के आशीर्वचनों के शिलापट्टों किया लोकार्पण*

मुख्यमंत्री ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान पौराणिक भगवान विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में दर्शन के उपरांत महान संतों के आशीर्वचनों और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित संकलन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और यहाँ के संतों का तप व ज्ञान हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि संतों के दिव्य वचन समाज को सही मार्ग दिखाने के साथ-साथ हमारी युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने में सहायक हैं।

इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेशवर लाल,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. स्वराज विद्वान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जिला अध्यक्ष भाजपा नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्यमंत्री राम सुंदर नौटियाल, प्रताप सिंह पंवार, जगत सिंह चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार, ममता पंवार, पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र राणा, जिला महामंत्री महावीर सिंह नेगी, परशुराम जगुडी, नगर पालिकाध्यक्ष भूपेन्द्र चौहान, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरेंद्र राणा, हरीश डंगवाल, शैलेन्द्र कोहली, गिरीश भट्ट, लोकेंद्र बिष्ट, सूरत राम नौटियाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय , मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में धामी सरकार में 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि हुई अतिक्रमण मुक्त

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने का अभियान अनवरत जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अफसरों से कहा है कि एक-एक इंच सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त किया जाएगा। धार्मिक प्रतीकों की आड़ में सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई का विभिन्न वर्गों ने स्वागत किया है।

प्रदेश में पहली बार सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसी प्रकार धार्मिक प्रतीकों की आड़ में अवैध तरीके से बनाए गए करीब 600 ढांचों को भी हटा दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख को देखते हुए सरकारी मशीनरी भी इस दिशा में खास सतर्क हो गई है। प्रदेश भर में अतिक्रमण हटाओ अभियान अब जोर पकड़ रहा है। अभी दो दिन पूर्व ही राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने घंटाघर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की ओर से पूर्व में इस संबंध में नोटिस जारी कर मजार के प्रबंधकों को सात दिन की मोहलत दी गई थी, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया, जिससे प्रशासन को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी। इससे पूर्व हरिद्वार में भी इस प्रकार की कार्रवाई की गई है।

इस वर्ष बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता 7 व 8 फरवरी को होगी आयोजित

ऋषिकेश बॉडीबिल्डिंग & फिटनेस एसोसिएशन की वार्षिक बैठक होटल हाई में संपन्न हुई।

अध्यक्ष विवेक तिवारी व संरक्षक कपिल गुप्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं के शरीर को स्वस्थ रखना, युवाओं को नशे से दूर रखना है, क्योंकि बलवान शरीर ही बलवान समाज और एक सशक्त शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता की तिथियों की जानकारी देते हुए पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कोहली व प्रतीक कालिया और एसोसिएशन की महासचिव रवि नेगी ने बताया कि प्रतियोगिता 7, 8 फरवरी 2026 आशीर्वाद वाटिका हरिद्वार रोड पर का आयोजित कराई जाएगी। जिससे प्रतियोगियों का मनोबल बढ़ाया जा सके व युवाओं को प्रेरणा मिलें।

एसोसिएशन की पूर्व महासचिव प्रवीण सजवान ने बताया कि इस बार लकी ड्रा भी निकल जाएगा और लकी ड्रॉ सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक अरविंद नेगी व अश्वनी गुप्ता को बनाया गया।

इस मौके पर संगठन के संरक्षक, राज वर्मा, प्रवीण सजवाण एडवोकेट कपिल शर्मा, राकेश कुमार, नीरज चौहान, आदेश कुमार, अभिषेक रावत, अंकित जोशी, अभिषेक कुमार, गणेश रावत, गौरव मिश्रा, एडवोकेट अमित कश्यप, वंश बिष्ट आदि उपस्थित थे।

सीएस वर्धन ने लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि यह भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजना है, और इसे जल्द से जल्द पूर्ण किए जाने का कार्य दिया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही कोई ढिलाई न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी संस्थानों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना के सम्बन्ध में विस्तार से सभी संस्थानों के स्तर से किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार की ड्रॉइंग्स और केन्द्रीय जल आयोग से उनका पुनरीक्षण कार्य ससमय करा लिए जाए। उन्होंने परियोजना को समय से पूर्ण किए जाने हेतु सभी स्तरों की पर्ट चार्ट के साथ टाईमलाईन तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दक्ष मैनपावर, मशीन और निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा हाईड्रॉ मैकेनिकल ड्रॉइंग्स शीघ्र उपलब्ध करायी जाए।

मुख्य सचिव ने परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार के अध्ययन आवश्यक रूप से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यूजेवीएनएल और जिला प्रशासन को लगातार परियोजना से जुड़े सभी स्टेक हॉल्डर्स और प्रभावितों से लगातार संवाद किया जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को अपने स्तर पर पाक्षिक रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके स्तर से भी नियमित रूप से प्रगति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों के लिए सम्बन्धित मंत्रालयों से भी लगातार संवाद कर फाईल प्रोसेसिंग में तेजी लाए जाने की बात कही।

बैठक में बताया गया कि यमुना नदी पर स्थित लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत बनाया जाने वाला बांध 204 मीटर ऊंचा और इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 330.40 एमसीएम है। इसकी 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, एमडी यूजेवीएनएल डॉ. संदीप सिंघल, सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण पर अब होगी सीबीआई जांच, मुख्यमंत्री धामी ने जांच को दी संस्तुति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यंग लीडर्स की है महत्वपूर्ण भूमिका: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अभिनव पहल “यंग लीडर्स डायलॉग” की सराहना की। भारत मंडपम नई दिल्ली में 09 से 12 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिभाग के लिए चयनित युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल देश के युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करती है।

उन्होंने प्रतिभागी युवाओं के साथ उनके शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों में से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग संवाद कार्यक्रम से जुडना अपने आप में गर्व का विषय है। यह केवल एक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को देशभर के प्रतिभाशाली साथियों से सीखने और संवाद करने का अवसर मिलेगा, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यंग लीडर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। आने वाले समय में यही युवा विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्टता के साथ देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत उस दौर में खड़ा है, जहां केवल सपने नहीं देखे जाते, बल्कि उन्हें संकल्प के साथ साकार किया जाता है। अंतरिक्ष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल सहित हर क्षेत्र में भारतीयों ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनायी है इसी का प्रतिफल है कि आज देश का तिरंगा गौरव के साथ देश-विदेश में लहरा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें सीख दी कि वे इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या, निदेशक खेल आशीष चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।