प्रेस क्लब के दीपावली महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लक्की ड्रॉ विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब की भूमि के आवंटन की कार्यवाही गतिमान है। इस कार्यवाही के पूरे होने के बाद, उत्तरांचल प्रेस क्लब के लिए भव्य भवन का भी निर्माण कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर आज तक, उत्तराखंड के अनेकों पत्रकारों ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास में लेखनी के जरिए अपनी अहम भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी पत्रकारों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा पत्रकारों का जीवन भी दीपावली के दीपकों की तरह है, जो दिन-रात समाज को दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से इस दिवाली स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए हमें अपने देश में स्वदेशी को बढ़ावा देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय योजनाओं को लेकर सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत अनेक वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया जा रहा है। पत्रकारों की पेंशन में वृद्धि, विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों को पूर्व की भांति सूचना विभाग के जरिये देहरादून में रहने की उचित व्यवस्था करने का भी प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के तहत पत्रकार कल्याण कोष का बजट 5 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किया गया है। पत्रकारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। राज्यभर में मीडिया सेन्टरों के आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण का कार्य शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा पत्रकार, सच्चाई और जनहित के लिए जिस समर्पण से कार्य करते हैं, वो प्रशंसनीय है। पत्रकार और पत्रकारिता राजनीतिक और सामाजिक विषयों के प्रचार-प्रसार से कई ज्यादा लोकतंत्र को जीवित रखते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं को जन तक पहुंचाना या आमजन की समस्याओं से सरकार को अवगत कराना, इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों को भी पत्रकार निभाते हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, महामंत्री सुरेंद्र डसीला एवं अन्य पत्रकार मौजूद थे।

छात्र हित में धामी का फैसला, भर्ती परीक्षा की रद्द, तीन माह में पुनः आयोजित होगी परीक्षा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यूं ही युवा दिलों की धड़कन और युवा हितैषी नहीं कहा जाता। वे युवाओं की बातों को न सिर्फ गौर से सुनते हैं बल्कि, उन्हें पूरा करने से भी पीछे नहीं हटते। 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी पेपर लीक का प्रकरण सामने आने के बाद युवाओं ने पेपर को रद्द कर पुनः कराने और सीबीआई जांच की मांग करी तो सीएम धामी ने इस पर तत्काल एक्शन लेते हुए 10 दिन के भीतर ही पेपर को रद्द कर पुनः परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दे डाले। इसके साथ ही, पुनः आयोजित होने वाली इस परीक्षा में वही छात्र शामिल होंगे, जिन्होंने पहले भी यह परीक्षा दी थी। इन छात्रों की फीस का पूरा वहन राज्य सरकार उठाएगी। पुनः आयोजित होने वाली यह परीक्षा अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई असर नहीं डालेगी।

ये निर्णय इस बात का प्रमाण है कि सीएम धामी के दिल में युवा और युवाओं के दिल में सीएम धामी बसते हैं। इससे पहले सीएम धामी ने खुद परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर जाकर प्रदर्शनकारी युवाओं से वार्ता कर उन्हें मामले की जांच का आश्वासन दिया था। राज्य गठन के इतिहास में यह पहला मौका था कि जब सूबे का मुखिया खुद धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने गया हो। यह इस बात का प्रमाण है कि सीएम धामी युवाओं के प्रति बेहद ही संवेदनशील हैं। जिस कारण वह उनके हितों में निर्णय लेने से एक कदम भी पीछे नहीं हटते।

चार साल में युवाओं के लिए नौकरी के द्वार खोलना और 25000 पदों पर उन्हें नियुक्ति प्रदान करना भी इस बात का बड़ा प्रमाण है कि सीएम धामी युवा हितैषी हैं।

21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर में अनियमितताओं की खबरें बाहर आने के बाद छात्रों ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया था। जिस पर सीएम धामी ने खुद परेड ग्राउंड जाकर छात्रों को आश्वासन देते हुए मामले की पारदर्शी जांच के निर्देश दिए थे। इसके लिए एसआईटी गठन के साथ ही जांच आयोग भी बनाया गया था। जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अब आयोग ने परीक्षा को रद्द कर दिया है।

सीएम धामी का स्पष्ट संदेश है कि उत्तराखंड में छात्र हमेशा सरकार के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। सरकार छात्रों के हितों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी और हर छात्र को निष्पक्ष अवसर और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है। उनका यह युवा हितैषी कदम छात्रों के विश्वास को पुनः मजबूत करता है और यह दिखाता है कि उत्तराखंड में नेतृत्व केवल आदेश देने वाला नहीं, बल्कि युवाओं की भावनाओं और भविष्य की जिम्मेदारी समझने वाला भी है।

कफ सिरप पर सीएम सख्त, 350 से अधिक सैंपल लेकर दर्जनों मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त दिशा-निर्देशों पर उत्तराखंड में बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर औषधि विभाग ने बड़ा अभियान हुआ छेड़ा है। औषधि विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सभी जिलों में छापेमारी का सिलसिला तेज कर दिया है। प्रदेशभर में कफ सिरप की गुणवत्ता और उसकी वैधानिकता की जांच के लिए मेडिकल स्टोर्स, होलसेल डिपो, फार्मा इंडस्ट्री और बच्चों के अस्पतालों पर औचक निरीक्षण लगातार जारी हैं। देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और बागेश्वर सहित अन्य जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमों ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अब तक 350 से अधिक सैंपल जांच के लिए लिए जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। कई अन्य को कड़ी चेतावनी दी गई है। प्रदेश सरकार ने सभी बाल चिकित्सकों से अपील की है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न लिखें। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग स्वयं स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (थ्क्।) आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार कर रहे हैं, जो प्रतिदिन टीमों से फीडबैक लेकर कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं, जिनके दिशा-निर्देशों में राज्यभर की औषधि निरीक्षक टीमें सक्रिय हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून में औषधि विभाग की कार्रवाई
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए औषधि विभाग ने शहरभर में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। आयुक्त और अपर आयुक्त (एफडीए) के निर्देशों पर औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जॉलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान बच्चों की सर्दी-खांसी की कुछ दवाएं अलग से भंडारित पाई गईं, जिन्हें मौके पर सील कर दिया गया और बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई। अधिकांश विक्रेताओं ने प्रतिबंधित सिरप की बिक्री पहले ही बंद कर दी थी, जबकि जहां स्टॉक मिला, उसे पेटियों में डालकर सील किया गया। कार्रवाई के दौरान एक मेडिकल स्टोर को बंद किया गया और 11 औषधियों के नमूने जांच के लिए लिए गए। टीम ने बताया कि ैल्च्. ब्वसकतप,ि ैल्च्. त्मेचपतिमेी-ज्त् और ैल्च्. त्मसपमि जैसी दवाएँ स्टोर्स पर नहीं मिलीं। औषधि निरीक्षकों विनोद जागुड़ी और निधि रतूड़ी की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई को आगे भी जारी रखा जाएगा।

ऋषिकेश में बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप भंडारण पर रोक
औषधि निरीक्षक निधि रतूड़ी ने ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित राजकीय एसपीएस चिकित्सालय देहरादून रोड और जॉलीग्रांट के आसपास मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ स्टोर्स में बच्चों की सर्दी-खांसी की दवाइयाँ (सिरप) अलग से भंडारित थीं। टीम ने मौके पर ही इन दवाओं को सील कर दिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली आदेश तक इनकी बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। औषधि निरीक्षक के अनुसार अधिकांश मेडिकल स्टोर्स ने शासन के आदेशों का पालन करते हुए प्रतिबंधित सिरप की बिक्री पहले ही रोक दी है। निरीक्षण के दौरान कुल 06 औषधियों के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु संकलित किए गए।

हल्द्वानी में सात मेडिकल स्टोर्स की जांच
हल्द्वानी मुखानी क्षेत्र में औषधि विभाग की टीम ने सात मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। इस दौरान दो कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए गए। टीम ने सभी विक्रेताओं को शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी हुई जांच
अल्मोड़ा जिले में औषधि विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर से कफ सिरप का एक नमूना परीक्षण के लिए लिया। वहीं, बागेश्वर जिले के गरुर क्षेत्र में दो मेडिकल स्टोर्स पर जांच की गई, जहाँ से दो बाल चिकित्सा सिरप के नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु संकलित किए गए।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश ष्बच्चों की सुरक्षा सर्वाेपरिष्
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड सरकार बच्चों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक मेडिकल स्टोर, अस्पताल और फार्मा यूनिट की जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड में ऐसा कोई सिरप न बिके, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने। यह सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।

स्वास्थ्य मंत्री की अपील, डॉक्टर जिम्मेदारी निभाएं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश के सभी डॉक्टरों से अपील की है कि वे बच्चों के लिए दवा लिखते समय विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न दी जाए। डॉक्टर और फार्मासिस्ट दोनों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सेहत को सर्वाेपरि रखें।

स्वास्थ्य सचिव की सख्त चेतावनी
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त (थ्क्।) डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत हर जिले की टीम से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है, और जहाँ लापरवाही पाई जाएगी, वहाँ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान न केवल मेडिकल स्टोर्स और होलसेल दवा डिपो तक सीमित है, बल्कि फार्मा कंपनियों और बाल चिकित्सालयों तक भी विस्तारित किया गया है।

चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा अभियान
अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। राज्यभर में बच्चों के लिए असुरक्षित दवाओं की बिक्री और भंडारण पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। अपर आयुक्त (एफडीए) ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है राज्य के नागरिकों, विशेषकर बच्चों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही मिलें।

उत्तराखंड में औषधि विभाग की यह कार्रवाई राज्य सरकार के उस सुरक्षित स्वास्थ्य मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाइयाँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने साफ किया है यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से असुरक्षित औषधियों का पूर्ण उन्मूलन नहीं हो जाता।

सीएम से मुलाकात कर परीक्षा जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 21 सितंबर, 2025 को आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच हेतु राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी द्वारा की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आयोग ने अल्प समय में अधिक से अधिक जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों एवं संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिपोर्ट का परीक्षण कर अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति की जा चुकी है, जिससे मामले की पूरी निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितता की कोई संभावना न रहे और अभ्यर्थियों तथा उनके अभिभावकों का विश्वास राज्य की परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।

सरकार का प्रयास कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में उनके परिवार को हर संभव सुविधा उपलब्ध होः धामी

उपनल के माध्यम से सेवारत तीन कार्मिकों की दुर्घटना में मुत्यु होने के उपरान्त उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में 50-50 लाख की सहायता राशि के चेक प्रदान किये। उपनल के माध्यम से विद्युत वितरण खण्ड, जसपुर में तैनात बृजेश कुमार की जनवरी 2025, ब्रिडकुल देहरादून में तैनात तसलीम की नवम्बर 2024 और विद्युत वितरण खण्ड हरिद्वार में तैनात संजीव कुमार की फरवरी 2025 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश पर उत्तराखण्ड के सरकारी, अर्द्ध सरकारी और उपनल कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कॉर्पाेरेट सैलरी पैकेज के तहत अनेक प्रकार की सुविधाएं और बीमा लाभ प्रदान करने के लिए राज्य सरकार और बैंकों के बीच एमओयू किया गया है। राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के अन्तर्गत कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिजनों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने उपनल कर्मचारियों के लिए यह सुविधा प्रदान करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोई भी सहायता राशि मानव की कमी को तो पूर्ण नहीं कर सकती है, लेकिन कठिन समय में उनके परिवारजनों को आर्थिक संबल प्रदान करने में मदद करती है। सरकार का प्रयास है कि कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण के साथ ही कठिन परिस्थितियों में उनके परिवार को हर संभव सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कॉर्पाेरेट सैलरी पैकेज के तहत राज्य में कर्मचारियों को बीमा और अन्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। कर्मचारियों के हितों में अनेक निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, मेजर जनरल शम्मी सबरवाल (से.नि.), एमडी उपनल जे.एन.एस. बिष्ट, पंजाब नेशनल बैंक के जोनल हेड अनुपम, डिप्टी जनरल मैनेजर अभिनंदन, एजीएम अजीत कुमार उपाध्याय मौजूद थे।

नंदा राजजात यात्रा के कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाएः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को लेकर व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नंदा राजजात यात्रा से सम्बन्धित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

मुख्य सचिव ने शारदा घाट पुनर्विकास से सम्बन्धित प्रस्तावों के दौरान कहा कि किसी भी स्थान के सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्यों में स्वदेशी मैटेरियल को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने घाटों के निर्माण से सम्बन्धित प्रोजेक्ट्स में प्रयोग होने वाली नई तकनीकों में भी न्यूनतम रखरखाव वाली तकनीकों का उपयोग किए जाने पर जोर दिया। कहा कि घाटों में बनाए जाने वाले पैदल मार्गों को प्राकृतिक रूप से घास आदि लगाकर ठंडा रखा जा सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि विदेशी मैटेरियल को स्वदेशी से बदलने से प्रोजेक्ट में होने वाला खर्च भी कम होगा। यदि ऐसा कोई मैटेरियल प्रयोग किया जाना आवश्यक हो तो समिति के समक्ष उसका तार्किक औचित्य भी प्रस्तुत किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 1029 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में गैर निर्वाचित निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय छमाही किश्त हेतु 03 करोड़, समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय त्रैमासिक किश्त एवं क्षेत्र पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को द्वित्तीय छमाही किश्त की कुल 361.25 करोड तथा समस्त शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय त्रैमासिक किस्त हेतु 333.25 करोड की धनराशि आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मानसून के दौरान जनपद हरिद्वार में आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा न्यानीकरण निधि में तात्कालिक आवश्यकताओं के कार्यों हेतु 01 करोड एवं जनपद उत्तरकाशी के धराली/स्यानाचट्टी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण व्यापक सार्वजनिक परिसम्पत्तियों की मरम्मत/पुर्नस्थापना कार्य हेतु 03 करोड़ अतिरिक्त धनराशि आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल की विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में विभिन्न मोटर मार्गों पर स्थित 04 सेतुओं को उच्चीकृत किये जाने एवं एक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 18.23 लाख का भी अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों/रेखीय विभागों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य आपदा मोचन निधि से आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, देहरादून को 02 करोड़, जनपद देहरादून को 16 करोड़ एवं उत्तराखण्ड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को 25 करोड़, की धनराशि आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौडी के विकासखण्ड यमकेश्वर के अन्तर्गत दिवोगी कान्द्रा भवालातोक में विन नदी के किनारे पर बाढ़ नियंत्रण कार्य हेतु 2.58 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा प्राकृतिक आपदा से मार्गाे/सड़कों में आने वाले मलबे को हटाये जाने हेतु विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा स्थापित/तैनात की गयी जे०सी०बी० आदि के वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा विगत वर्षों को जे०सी०बी० के बीजकों का तथा राज्य आपदा मोचन निधि से अन्य देयकों का भुगतान जनपद स्तर पर प्रति जनपद 02 करोड़ की दर से 13 जनपदों हेतु कुल 26 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया जनपद पिथौरागढ़ में स्थित लंदन फोर्ट किले का नाम सोरगढ़ किला किये जाने का अनुमोदन
मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पिथौरागढ़ में स्थित लंदन फोर्ट किले का नाम सोरगढ़ किला किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।

झुग्गियों के पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकों को आयोजित कर लिए जाएः धामी

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को झुग्गियों का पुनः सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी 1 एवं श्रेणी 2 के पात्र लोगों का स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों की सहायता से अभियान चला कर विनियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि झुग्गियों के पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकों को आयोजित कर लिए जाए। इसके उपरांत राज्य स्तरीय बैठक का भी शीघ्र आयोजन किया जाए।

मुख्य सचिव ने काठबंगला प्रोजेक्ट में निर्मित आवासों का आबंटन नवम्बर 2025 तक कर लिया जाए। उन्होंने सचिव शहरी विकास को इसकी निरन्तर मॉनिटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि भूमि चिन्हीकरण, आबंटन के लिए नियम, आंकलन, पात्रता एवं डीपीआर तैयार किए जाने हेतु सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए और नगर निगम संयुक्त बैठक लेकर निर्णय लें।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

धामी सरकार के सख्त निर्देश पर प्रतिबंधित कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई, दून में सात मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस निरस्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में अवैध, असुरक्षित और निम्न गुणवत्ता वाली कफ सिरप दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमें प्रदेश के हर जिले में सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में शुरू यह अभियान अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई के रूप में सामने आया है। स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार और अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी की देखरेख में पूरे प्रदेश में दवा विक्रेताओं, थोक आपूर्तिकर्ताओं और मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण चल रहा है।

देहरादून में सबसे बड़ी छापेमारी

आज एफडीए की टीम ने देहरादून में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने चकराता रोड, किशन नगर चौक, बल्लूपुर चौक, कांवली रोड, बल्लीपुर चौक और प्रेमनगर क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में बच्चों को दी जाने वाली खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाओं के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाई गई। जिन दुकानों में यह दवाएं भंडारित थीं, उन्हें मौके पर सील कर दिया गया। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि इन औषधियों का विक्रय अगली सूचना तक न करें। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई विक्रेताओं ने स्वयं संज्ञान लेकर इन दवाओं को पहले ही दुकान से हटा दिया था। टीम ने मौके पर 11 सिरप के नमूने जांच के लिए लिए। जांच में Coldrif, Respifresh-TR और Relife जैसे सिरप किसी भी मेडिकल स्टोर में उपलब्ध नहीं पाए गए।

उधम सिंह नगर में 40 नमूनों की जांच हेतु भेजे

प्रदेश में बच्चों के लिए बनाए गए खांसी के सिरप पर कार्रवाई के तहत उधम सिंह नगर जनपद में औषधि विभाग की टीम ने अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार और औषधि निरीक्षक निधि शर्मा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। इन सिरप में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate और Phenylepherine Hydrochloride जैसे तत्व पाए गए हैं। अब तक जिले से कुल 40 कफ सिरप नमूने फॉर्म-17 में लेकर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं।

हरिद्वार व रुड़की में भी सख्त कार्रवाई, 15 नमूने जांच हेतु भेजे

इसी क्रम में हरिद्वार जनपद में भी औषधि विभाग ने अभियान को और तेज किया है। अपर आयुक्त के निर्देशों पर रुड़की के एयरन हॉस्पिटल, विनय विशाल हॉस्पिटल तथा हरिद्वार के मेट्रो हॉस्पिटल से कुल 15 कफ सिरप के नमूने परीक्षण हेतु लिए गए हैं। औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों को विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हरिद्वार जिले से अब तक कुल 39 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं।

हल्द्वानी में सरकारी अस्पताल से लिए गए नमूने

नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में भी एफडीए की कार्रवाई जारी रही। Soban Singh Jeena Base Hospital की ड्रग स्टोर से तीन कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए गए। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु औषधि विश्लेषणशाला, देहरादून भेजा गया है।

कोटद्वार में ‘Respifresh TR’ सिरप का स्टॉक सीज

पौड़ी जिले के कोटद्वार में एफडीए टीम ने कल रात से छापेमारी अभियान चलाया, जो आज भी जारी रहा। कार्रवाई के दौरान जानलेवा घोषित Respifresh TR कफ सिरप का स्टॉक कई मेडिकल स्टोरों से सीज किया गया। आज भी टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से तीन नए नमूने परीक्षण के लिए लिए हैं।

चौखुटिया-चांदीखेत में भी सख्त कार्रवाई

अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया और चांदीखेत में आज एफडीए की टीम ने छह मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान Respifresh TR सिरप (Batch No. R01GL2523) की 12 बोतलें जब्त की गईं। यह सिरप पहले ही एनएसक्यू (Non-Suitable Quality) घोषित किया जा चुका है। टीम ने चार कफ सिरप के नमूने जांच हेतु एकत्र किए।

रुद्रप्रयाग में 4 नमूने लिए गए, सैंपल भेजे जांच को

रुद्रप्रयाग जनपद के तिलवाड़ा क्षेत्र में औषधि निरीक्षकों की टीम ने रिटेल और थोक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार नमूने कफ सिरप के लिए संकलित किए। दवाओं की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उत्तरकाशी में चार सिरपों पर प्रतिबंध

जनपद उत्तरकाशी में औषधि निरीक्षक मोहम्मद ताजिम के नेतृत्व में छापेमारी की गई। टीम ने बच्चों में प्रयुक्त चार प्रकार के कफ सिरपों के नमूने लिए और देहरादून की प्रयोगशाला को भेजे। औषधि निरीक्षक ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी कि निम्नलिखित सिरप किसी भी हालत में न रखें और न बेचें — Dextromethorphan Hydrobromide Syrup (KL-25/148), Coldrif (SR-13), Respifresh TR (R01GL2523) और Relife (LSL25160)। साथ ही निर्देश दिए गए कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बिल्कुल न दिया जाए और वयस्कों को भी केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं दी जाएं।

अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गए

प्रदेशभर में जारी छापेमारी के दौरान अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गये। इसके साथ ही आज देहरादून में 11, कोटद्वार में 3, हल्द्वानी में 3, अल्मोड़ा में 4, रुद्रप्रयाग में 4 और उत्तरकाशी में 4 नमूने लिए गए हैं। अभियान के दौरान दर्जनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है और कई स्थानों पर संदिग्ध स्टॉक जब्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार हर उस तत्व के खिलाफ सख्त है जो बच्चों की जान से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा। दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह कार्रवाई बच्चों के जीवन की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा एफडीए की कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि उत्तराखंड में बच्चों की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता से अपील है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सिरप या दवा बच्चों को न दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केवल प्रमाणित और सुरक्षित औषधियां ही जनता तक पहुंचें।

स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा राज्यभर में एफडीए की टीमें सक्रिय हैं। जिन सिरपों को जांच के लिए भेजा गया है, उनकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध बैच नंबर की औषधियां तुरंत हटाई जाएं।

ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का बयान

अपर आयुक्त और ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा एफडीए का अभियान निरंतर जारी रहेगा। पिछले चार दिनों में 27 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं और कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में सक्रिय हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी असुरक्षित औषधि को बाजार से पूरी तरह समाप्त किया जाए।

एफडीए की जनता से अपील

एफडीए ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर या वितरक के पास उपरोक्त प्रतिबंधित सिरप पाया जाए तो तुरंत स्थानीय औषधि निरीक्षक या एफडीए कार्यालय को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जो निर्णायक कदम उठाया है, वह प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा की नई मिसाल है। औषधि विभाग की यह मुहिम न सिर्फ संदिग्ध औषधियों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभा रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि धामी सरकार बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 14.62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीधाट (पाडली) तक मोटर मार्ग के निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ में विभिन्न आपदा प्रबन्धन सम्बन्धी सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु एसडीआरएफ वाहिनी कन्ट्रोल रूम को कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर के रूप में स्थापित किये जाने तथा आधुनिक तकनीकों के साथ उच्चीकृत किये जाने हेतु ₹ 25 लाख राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास से स्वीकृत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत तहसील थल के कार्यालय भवन निर्माण हेतु ₹4.56 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने किया राज्य आन्दोलनकारी आश्रित पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आन्दोलनकारी स्व० धर्मानन्द बमराडा की आश्रित पत्नी सीता देवी, निवासी ओम विहार, अजबपुर कला देहरादून को उनके पति की मृत्यु की तिथि दिनांक 10.07.2023 के उपरान्त अनुमन्य की गयी ₹ 4500.00 प्रतिमाह पेंशन को समायोजित करते हुए उन्हें ₹ 6000.00 प्रतिमाह राज्य आन्दोलनकारी आश्रित पेंशन प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

प्रदेशभर में स्किल गैप असेसमेंट कराया जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को प्रदेश के भीतर एवं अन्य राज्यों सहित भारत के बाहर विदेशों में नौकरी के अवसर नौकरी दिलाने की दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए ओवरसीज एंप्लॉयमेंट सेल और पैनलबद्ध भर्ती एजेंसियों के माध्यम से विदेशों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर में स्किल गैप असेसमेंट करा लिया जाए। उन्होंने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नर्सिंग का टूर गाइड्स एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए वाइल्ड लाइफ गाइड प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाए। इसके लिए विभाग को युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ ही हैंड होल्डिंग किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि विदेशों में नौकरी की संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को अपेक्षित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की हैंड होल्डिंग के साथ ही इच्छुक अभ्यर्थियों को इंटेंसिव ट्रेनिंग भी कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विदेश में जॉब के लिए जाने वाले अभ्यर्थियों को विदेशी भाषाओं व्यावहारिक बातचीत का प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि विदेशों में सामान्य बोलचाल की समस्या उत्पन्न न हो। मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग द्वारा विदेशों में नौकरी के अवसर का भी लक्ष्य निर्धारित किया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

सचिव सी. रविशंकर ने बताया कि विभाग द्वारा ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल का गठन कर लिया गया है। अभी तक 63 युवाओं को जापान और सऊदी अरेबिया में प्रशिक्षण और रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से 351 युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 315 को प्लेसमेंट मिल गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वर्तमान में 169 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस अवसर पर सचिव सी रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सप्ताह में तीन बार चलेगी देहरादून से टनकपुर जाने वाली वीकली ट्रेन, केंद्रीय रेल मंत्री ने दी सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर उत्तराखण्ड में रेल अवसंरचना के विकास पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देहरादून एवं हरिद्वार रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किए जाने के लिए दोनों रेलवे स्टेशनों के विस्तार/सुदृढ़ीकरण के साथ ही हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण व्ययभार वहन करते हुए पूर्ण कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार व देहरादून रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किये जाने पर सहमति देते हुए कहा कि हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन दोहरीकरण के कार्य का पूर्ण व्ययभार केन्द्र सरकार द्वारा किये जाने के संबंध में परीक्षण कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना में संरेखण में अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्रों को भी जोड़ने की संभावनाओं पर विचार करने और टनल के साथ-साथ सड़क का प्रावधान करने का अनुरोध केन्द्रीय रेल मंत्री से किया। रेल मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को पूर्णतः बंद करते हुए इस भूमि के सभी अधिकार राज्य सरकार को हस्तांतरित किए जाने के लिए भी केन्द्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने रेलवे स्टेशन के बंद होने के कारण यदि योग नगरी रेलवे स्टेशन पर सुव्यवस्थित संचालन के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार इस पर सकारात्मक विचार एवं सहयोग करेगी। रेल मंत्री ने इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दी।

केन्द्रीय रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर देहरादून-टनकपुर वीकली ट्रेन को सप्ताह में तीन बार किये जाने पर भी सहमति दी।