नाराजगी जताकर अपना बचाव तो नही कर रहे यशपाल आर्य!

उत्तराखंड में समाज कल्याण और परिवहन विभाग के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के इस्तीफे के पेशकश की खबर चर्चा के केंद्र में है। निश्चित तौर पर यह खबर जिस तरह से सामने आई है वह साफ करती है कि यशपाल आर्य की जानकारी और मर्जी के बिना यह जनकरी बाहर आने की संभावना ना के बराबर है। क्योंकि मामला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और यशपाल आर्य के बीच का ही था। क्या इसके पीछे वही कारण है जो प्रचारित किया गया है या कुछ और। यह विचारणीय प्रश्न है।
कारण सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में रोक लगाने और नया रोस्टर जारी किया गया है। यह फैसला उस कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर किया गया जिसके अध्यक्ष खुद यशपाल आर्य थे और दो अन्य कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल व अरविंद पाण्डेय उसके सदस्य।
फिलहाल यशपाल आर्य ने अपनी चाल चल दी है। जरा अतीत में जाएं तो ये वही यशपाल आर्य हैं जिनको कांग्रेस से विधान सभा चुनाव के पहले अमित शाह बीजेपी में लेकर आए थे। फिर जब एनएच 74 घोटाले की जांच ने जोर पकड़ा तो उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया क्योंकि यह उस क्षेत्र का मामला है जहां यशपाल आर्य की राजनीति का गढ़ है। तो क्या यशपाल आर्य ने ये आरक्षित वर्ग को न्यायोचित हक का अस्त्र इसलिए इस्तेमाल किया क्योंकि उनको दिल्ली में पार्टी और सरकार से वह भाव मिलना बंद हो चुका था जो उत्तराखंड विधान सभा चुनाव के दौरान मिला था। जैसे जैसे उनके तमाम किस्से विरोधी दिल्ली पहुंचाते रहे उनकी पकड़ और साख बीजेपी हाई कमान की नजर में कम होती रही।
12 सितंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चावल घोटाले का जिक्र कर दिया और बोले कि कुछ लोग अपनी जेब में चावल के कागज लेकर उत्तराखण्ड पहुंचते थे और असली चावल कहीं और चला जाता था। यह भी सीएम का कांग्रेस से बीजेपी में विधान सभा चुनाव के दौरान ही आए दूसरे कबिना मंत्री पर राजनीतिक प्रहार माना गया। कहीं ऐसा तो नहीं कि मुख्यमंत्री अपना दूसरा तीर कमान से छोड़ें उसके पहले ही यशपाल आर्य ने वह दांव लगा दिया जो वोट बैंक को पर असर डालता है इसलिए मुख्यमंत्री सकते में हैं और डैमेज कंट्रोल में जुट गए बताए जा रहे हैं।
अब सरकार एनएच 74 घोटाले पर आगे बढ़ने का साहस नहीं जुटा पाएगी। उधर, उधम सिंह नगर में हुए चावल घोटाले के समय 2012 से 2017 के काल में प्रीतम सिंह खाद्य आपूर्ति मंत्री थे, उनका वर्तमान मुख्यमंत्री के मुंह लगे वरिष्ठ नौकरशाह से 36 का आंकड़ा जग जाहिर है। माना जाता है कि उनके ही उपलब्ध कराए दस्तावेजों के आधार पर अगस्त 17 में त्रिवेंद्र रावत ने जांच शुरू कराई थी। उधर कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई के चलते हरीश रावत भी जांच के लिए मुख्यमंत्री के मददगार अंदरखाने बन रहे थे। अचानक प्रीतम सिंह ने जांच में दो और मुद्दों को शामिल करने की मांग कर डाली। बस मामला कृषि विभाग तक जा पहुंचा और धान पर आ गया। एक वर्तमान काबिना मंत्री तक जांच पहुंचती तो इसे भी एनएच 74 की तर्ज पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके पहले प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में हरिद्वार में हुवे घोटाले को भी ये सरकार ठंडे बस्ते में डाल चुकी है। यशपाल आर्य के इस्तीफे की खबर ने इन सभी मुद्दों को गरमा दिया है।
खास तौर पर 2014 से 2019 के दौर में हुवे प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना में हुवे घोटाले की जांच को दबाने की जानकारी प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जा रही है। इससे लगता है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में गर्मी बनी रहेगी। इसका असर इन दिनों नजर भी आने लगा है सरकार की उपलब्धियों के इश्तेहारों से अखबारों और चैनलों को उपकृत किया जा रहा है। इस दौर में माध्यमों के लिए यह सकून का संदेश है। तो क्या कांग्रेस से बीजेपी में आया धड़ा सी एम के खिलाफ लाम बंदी कर मंदी के दौर में मोदी सरकार के लिए नया सिरदर्द पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
(यह पोस्ट फेसबुक से ली गई है। लेखक निशीथ जोशी पंजाब केसरी उत्तराखंड के संपादक है।)

कूड़ाघर शिफ्टिंग को लेकर मेयर अनिता ने किया वन भूमि का निरीक्षण

नगर निगम की ओर से शहर के बीचोंबीच गोविंद नगर स्थित खाली भूखंड पर बना कूड़ाघर लालपानी ब्लॉक-ए में शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। यहां कूड़ा निस्तारण प्लांट भी लगाया जाएगा। मंगलवार को मेयर ने निगम, वन विभाग और पर्यावरण प्रभाव आंकलन (ईआईए) टीम के साथ लाल पानी ब्लॉक-ए में 10 हेक्टेयर भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि लालपानी ब्लॉक-ए में शीघ्र ही कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाएगा और शहर के बीचोंबीच बना कूड़ाघर भी शिफ्ट किया जाएगा। इस दौरान टीम ने ध्वनि और पानी का सैंपल भी लिया। मेयर ने इसकी रिपोर्ट जल्द बनाकर देने को कहा। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के बाद ही एनवायरमेंट क्लीयरेंस की एनओसी मिल सकेगी।

पर्यावरण प्रभाव आंकलन के विशेषज्ञ रत्नेश कोठियाल ने बताया कि इसकी रिपोर्ट छह से सात माह के भीतर आएगी। उन्होंने मेयर को विश्वास दिलाया कि तीन दिन में टर्म आफ रिफरेंस की रिपोर्ट फाइनल कर दी जाएगी। तीन माह मॉनिटरिंग में लगते हैं और 20 सितंबर से हवा, पानी और जमीन के सैंपल भी लिए जाएंगे। दो माह का समय पब्लिक हेयरिंग में लगेगा। उसके बाद वन विभाग की क्लीयरेंस के बाद कूड़ा निस्तारण प्लांट और कूड़ाघर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस मौके पर वन अधिकारी राजेंद्र पाल नेगी, सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण आदि उपस्थित रहे।

कूड़ा निस्तारण को निगम में होगा प्रजेंटेशन
मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि निगम का उद्देश्य सिर्फ कूड़े को एक जगह से उठाकर दूसरी जगह रखना नहीं है। कूड़े का निस्तारण भी होगा। पूरे प्लांट की कैपिंग करवाकर वहां से किसी तरीके की कोई बदबू और बीमारी न फैले, इसका ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही निगम में कूड़ा निस्तारण करने वाली कंपनियों का प्रजेंटेशन करवाया जाएगा।

जीरों बजट वाली घोषणाएं अविलंब पूरी होंगीः त्रिवेन्द्र

उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए मिशन मोड में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक निश्चित समयावधि में पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियोजित तरीके से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में सीएम घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणा के क्रियान्वयन के हर स्तर के लिए टाईम फ्रेम तय किया जाए। जीरो बजट वाली घोषणाएं अविलम्ब पूरी हों। जिन मामलों में भूमि संबंधी दिक्कतें आ रही हैं, उनमें स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में तहसील निर्माण में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिक उड्डयन विभाग प्रदेश में जहां भी हैलीपैड बनाए जा सकते हैं, आवश्यकतानुसार स्थान चिन्हित कर लें। खेल विभाग प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बनाए जाने वाले खेल स्टेडियमों की आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाए। मुनि की रेती में ईको पार्क की डीपीआर जल्द से जल्द तैयार कर ली जाए। सतपुली से दिल्ली बस सेवा को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। कोसी-बेराज क्षेत्र में साहसिक पर्यटन और मुन्स्यारी को पर्यटन डेस्टीनेशन व रांसी को पर्यटन ग्राम के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। यमुनोत्री में रोपवे निर्माण के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाए।

कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड को जैविक राज्य बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। 3900 क्लस्टर चयनित किए जा चुके हैं। मुन्स्यारी को कृषि जैविक हब के रूप में विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। दारमा व व्यास घाटी में स्थानीय जैविक उत्पादों की खरीद के लिए संग्रहण केंद्र बनाया जाना है।

गृह विभाग ने जानकारी दी कि हरिद्वार में सीसीटीवी कैमरे आगामी कुम्भ मेले के अंतर्गत लगाए जाएंगे। खेल विभाग ने बताया कि स्टेडियमों व मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए अधिकांश स्थानों पर भूमि चयनित कर ली गई है। गैरसैंण में 200 मीटर टैªक बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि राज्य में स्थित कॉलेजों में ई-लाईब्रेरी स्थापित करने के लिए एक समिति बनाई गई थी जिसने कि अपनी रिपोर्ट दे दी है। 10 कॉलेजों में आवश्यक उपकरण दे दिए गए हैं। अन्य के लिए भी कार्यवही की जा रही है। विद्यालयी शिक्षा विभाग में विभिन्न इंटर कॉलेजों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों, प्रयोगशाला आदि के निर्माण के प्रस्ताव नाबार्ड से स्वीकृत हो गए हैं। जीआईसी गैरसैण में प्रेक्षागृह की वित्तीय स्वीकृति हो चुकी है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल को राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष दी जाने वाली अनुदान राशि के लिए 5 करोड़ रूपए का प्राविधान कर दिया गया है।

मतदाता सत्यापन अभियान से जुड़कर निर्वाचक नामावली को बनाएं 100 प्रतिशत सही

रविवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने उत्तराखण्ड में ‘वोटर सत्यापन कार्यक्रम (ई.वी.पी)’ का शुभारम्भ किया। उन्होंने बताया कि भारत निवार्चन आयोग द्वारा 1 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक वोटर सत्यापन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को 100 प्रतिशत सत्यापित व त्रुटिरहित करना है। उन्होंने प्रदेश के लोगों से सबसे बड़े मतदाता सत्यापन अभियान से जुड़ने की अपील की।

एक सितम्बर से प्रारम्भ हुए इस अभियान में वोटर कार्ड में दर्ज अपने और अपने परिवार के विवरण की जांच कर प्रमाणित किया जा सकता है। इससे निर्वाचक नामावली को 100 प्रतिशत त्रुटिरहित बनाया जा सकता है। इस अभियान में लॉजिकल त्रुटियां व डुप्लीकेट त्रुटियां भी दूर की जाएंगी। मतदाता को अपने विवरण की जांच के लिए अपने वोटर कार्ड नम्बर से डब्ल्यूडब्ल्यूडल्ब्यूडॉटएनवीएसपीडॉटइन पर लॉग-इन करना होगा। इसके बाद अपने नाम, जन्मतिथि, लिंग, संबंध या संबंधी का नाम, पता व फोटो का सत्यापन करें। त्रुटियां होने पर अपने विवरण व फोटोग्राफ में परिवर्तन के लिए सही जानकारी अंकित करें।

मतदाता सूची में परिवर्तन के लिए आवश्यक अभिलेखों की जानकारी देते हुए मुख्य निवार्चन अधिकारी ने बताया कि इंडियन पासपोर्ट, ड्राइविंग लाईसेंस, आधार कार्ड, शासकीयध्अशासकीय कार्मिकों का पहचान पत्र, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, नवीनतम पानीध्टेलीफोनध्बिजलीध्गैस कनैक्शन का बिल, इनमें से कोई भी एक पहचान दस्तावेज अपलोड करें। भविष्य में सेवाएं प्राप्त करने के लिए मोबाईल नम्बर व ईमेल अंकित करें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पंजीकृत मतदाताओं के लिए स्थायी लॉग-इन की सुविधा दी गई है। मोबाईल नम्बर उपलब्ध कराने पर नियमित एसएमएस आधारित सूचना अलर्ट मिल सकेंगे। बीएलओ से व्यक्तिगत सम्पर्क किया जा सकता है। मतदाता की अनुमति के बिना कोई विलोपन नहीं होगा। एक साथ रहने वाले परिवार को एक ही मतदेय स्थल पर रखा जाएगा। अधिक जानकारी के लिए वोटर हेल्पलाईन नम्बर 1950 पर कॉल किया सकता है, वोटर हेल्पलाईन मोबाईल एप का उपयोग भी किया जा सकता है। मतदाता सुविधा केंद्र भी बनाए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2020 तक 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले इसमें अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। मतदाता सत्यापन अभियान के बाद 15 अक्टूबर को निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। इस पर 15 दिसम्बर तक कोई शिकायत होने पर दर्ज कराई जा सकती है। इन आपत्तियों का निस्तारण करते हुए 1 जनवरी 2020 को नयी निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।

करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु कुंभ में पहुंचे, इसके लिए करेंगे प्रचार प्रसार

2021 के हरिद्वार महाकुम्भ को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महाराज एवं महासचिव हरि गिरी महाराज के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2021 में हरिद्वार में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर 2019 को हरिद्वार में अखाड़ा परिषदों के साथ सकुशल कुंभ कराने के लिए बैठक की जायेगी। आखाड़ा परिषद के सभी संतों के सुझावों को सरकार गम्भीरता से लेगी। भव्य एवं सुन्दर कुंभ कराने के लिए सरकार कृत संकल्प है। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार कुंभ में आयें, इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा और इसके साथ ही उनकी सुख-सुविधा का पूरा ध्यान भी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले की तैयरियों में संत समाज के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा। कुंभ मेला प्रारम्भ होने से पूर्व हरिद्वार में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जायेंगी। संत समाज का हमें निरंतर सहयोग मिलता रहा है। संत समाज के सुझावों को ध्यान में रखते हुए महाकुम्भ के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाई जायेगी।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आगामी महाकुंभ एक बड़ी चुनौती है। सकुशल कुंभ कराने के लिए विस्तृत कार्य योजनाएं बनाई जा रही है। संत समाज के आशीर्वाद से सकुशल कुंभ का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जायेगा।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महराज ने कहा कि महाकुभ में सुरक्षा व्यवस्था में अखाड़ा परिषदों द्वारा पूरा सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि कुंभ मेले में होने वाले स्थाई प्रकृति के कार्यों की शुरूआत जल्द ही शुरू हो जाये। अखाड़ा परिषदों के लिए स्थान समय पर चिन्हित कर लिये जाए। उन्होंने अखाड़ों के लिए स्थाई प्रकृति के कार्य करने पर भी बल दिया। महाकुंभ में अखाड़ों के रहने का कलेण्डर बने व उसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी हो। मेले के लिए पार्किंग स्थल, सड़कों के चौड़ीकरण, पुलों के निर्माण, एवं सुचारू आवागमन हेतु अभी से ही सुनियोजित कार्ययोजना बन जाए। सुझाव दिया कि कुंभ मेले के लिए गंगा की स्वच्छता के साथ ही हरिद्वार की सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

राज्य वन्य जीव बोर्ड की 13वीं बैठक में वन संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 13वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वनों के प्रबन्धन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने पर बल देते हुए कहा कि वनों के संरक्षण के साथ ही ग्रामीणों की आजीविका भी प्रभावित न हो इसके लिये प्रभावी पहल होनी चाहिए।

बैठक में मानव वन्य जीव संघर्ष से ग्रसित गांवों में वालेण्टरी विलेज प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, संरक्षित क्षेत्रों के अन्दर व निकटस्थ गांवों में इको डेवलपमेंट कार्यक्रम को पंचायतों के माध्यम से संचालित कराये जाने, राज्य मे कस्तुरी मृग व राज्य पक्षी मोनाल के संरक्षण, मत्स्य संरक्षण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एंगलिंग की अनुमति प्रदान करने के साथ ही कार्बेट टाइगर रिजर्व व राजाजी टाइगर रिजर्व में मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए बाघो व जंगली हाथियों की जनसंख्या प्रबन्धन व धारण क्षमता के आकलन के लिये दीर्घ कालीन शोध व नीति निर्धारण पर सहमति प्रदान की गई।

बैठक में नन्दौर एवं सुरई को क्षेत्रीय जनता की मांग के दृष्टिगत बफर जोन न बनाये जाने का भी निर्णय लिया गया। लालढ़ांग-चिल्लरखाल सड़क के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। अब यह प्रस्ताव नेशनल वाईल्ड लाईफ बोर्ड को भेजा जाएगा। नेशनल पार्क व बफर जोन में वर्षों पूर्व स्थापित स्कूलों आदि में सौर उर्जा एवं शौचालयों के निर्माण के लिए कंजरवेटर को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में विभिन्न सड़को के 16 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में कंडी मार्ग के सम्बन्ध में इसके सभी पहुलओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से व्यापक चर्चा की गई। इस सम्बन्ध में व्यापक विचार विमर्श के पश्चात् शासन द्वारा इस पर व्यवहारिकता के दृष्टिगत नीतिगत निर्णय किए जाने की भी सहमति बनी।

अमित शाह ने दिया केंद्र से हर आवश्यक सहयोग का आश्वासन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को नई दिल्ली में नार्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि से हुई जन-धन हानि की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दैवीय आपदा से इस वर्ष राज्य के विभिन्न स्थानों पर 32 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। राज्य में प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार लगभग 175 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त स्थानों पर संचालित बचाव व राहत कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश में आपदा की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री को केंद्र से हर आवश्यक सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त किया।

जिला आपदा कंट्रोल रूम का लगातार निरीक्षण करें सभी डीएमः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में अतिवर्षा की संभावनाओं के दृष्टिगत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाय। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए विशेष सतर्कता की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी प्रकार के आपदा के लिए सतर्क रहने एवं शीघ्र रिस्पाँस करने को कहा है। आपदा प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि भी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये हैं कि जिला आपदा कंट्रोल रूम का भी लगातार निरीक्षण करते रहें। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत निरन्तर जनप्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों के फोन नम्बर की लिस्ट भी अपडेट रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर शीघ्र सम्पर्क किया जा सके।

अब टिक टॉक पर वीडियो बना युवाओं को जागरूक करेगी उत्तराखंड पुलिस

युवाओं में तेजी से बढ़ते टिक टॉक के बुखार को देखते हुए अब उत्तराखंड पुलिस भी इससे जुड़ गई है। पुलिस महानिदेशक के अनुसार युवाओं को टिक टॉक के जरिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने टिक टॉक कंपनी से हाथ भी मिलाया है। साथ ही पुलिस ने अकाउंट भी शुरू कर दिया है।

पुलिस वीडियो के जरिये युवाओं को नशे से बचने, यातायात नियमों का पालन करने और अन्य नियम-कायदों की जानकारी देगी। पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि अभी कुछ दिन इसका ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान जागरूकता के वीडियो तैयार कर टिक टॉक के जरिये प्रचारित-प्रसारित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि युवाओं की बात उनके अंदाज में ही पेश की जाएगी, ताकि वह बेहतर तरीके से समझ सकें। अभी तक पुलिस की ओर से पोस्टर, फेसबुक, ट्वीटर आदि के माध्यम से सुझाव भेजे जाते रहे हैं।

उत्तराखंड पुलिस से जुड़ना अच्छा अनुभव
टिक टॉक के डायरेक्ट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (भारत) नितिन सलुजा ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के साथ जुड़ना उनका एक अच्छा अनुभव है। हम टिक टॉक के माध्यम से समाज में बेहतर बदलाव की कोशिश करेंगे।

त्रिवेन्द्र बोले, वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मना रही राज्य सरकार

त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व उनके आश्रितों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने थाना मुनस्यारी को सर्वश्रेष्ठ थाना घोषित होने पर एसओ मुनस्यारी प्रदीप चौहान को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जो लोग पहले से संविदा में लगे हैं, उनके लिए अधिमान अंक की व्यवस्था की जाएगी। महिला उद्यमियांे को बढ़ावा देने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’’ शुरू की जा रही है। इससे 20 हजार से अधिक महिलाओं को आजीविका का साधन मिलेगा। ‘‘मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना’’ के तहत टॉपर 25 बच्चों को सभी कोर्सेज में 50 प्रतिशत फीस की स्कॉलरशिप दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि ‘‘देश को जानो योजना’’ के तहत कक्षा 10 के टॉप 25 रैंकर्स को भारत भ्रमण कराया जाएगा। ये सभी बच्चे उत्तराखण्ड बोर्ड के होंगे। इनका एक भ्रमण हवाई जहाज से भी होगा। इससे बच्चों को भारत के विभिन्न प्रान्तों की संस्कृति, इतिहास, रहन सहन, खान-पान आदि के बारे में जानने का मौका मिलेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आश्रम पद्धति के विद्यार्थियों के भोजन भत्ते को 3000 रूपए प्रति माह से बढाकर 4500 रूपए प्रति माह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2020 तक प्रदेश की समस्त सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग किसी भी समाज की अनमोल धरोहर होते हैं। उनका अनुभव व बुद्धिमत्ता परिवार, समाज व देश के लिए बहुत जरूरी होता है। बुजुर्गों की देखभाल हम सभी का परम दायित्व है।