बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और उद्योगों के विकास पर जोरः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संतुलित, समावेशी और विकासपरक बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट, मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक की संकल्पना को दर्शाता है। लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की रूपरेखा रखी गई है। आम जन के कल्याण की योजनाओं के साथ-साथ देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और उद्योगों के विकास पर जोर दिया गया है। पांच साल में बुनियादी सुविधाओं पर 100 लाख करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में गांव, गरीब और किसान के कल्याण पर खास ध्यान दिया गया है। हर घर शौचालय व हर व्यक्ति को घर के बाद अब हर घर नल का लक्ष्य रखा गया है। 45 लाख रुपए तक के घर पर ब्याज में 3.5 लाख रुपए की छूट का प्रावधान कर मध्यम वर्ग को राहत दी गई है।
‘‘यह टीम इंडिया का बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’’ के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, कारीगरों व छोटे उद्यमियों सभी का ध्यान रखने वाला बजट है। इसमें ‘मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक’ पर विशेष बल दिया गया है। वर्तमान में क्रय शक्ति समानता के आधार पर दुनिया की तीन ट्रिलियन डॉलर की तीसरी सबसे बड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे ले जाना वाला बजट है। इसमें रोजगार सृजन के लिए निवेश को प्रोत्साहित किया गया है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 17 आईकानिक टूरिस्ट डेस्टीनेशन विकसित किए जाएंगे। इससे निश्चित रूप पर्यटन को मजबूती मिलेगी। आम आदमी के साथ ही उद्योगों को बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दे रहे हैं। नए औद्योगिक कोरिडोर बनाने का लक्ष्य रखा है, उड़ान से छोटे शहरों को हवाई सफर से जोड़ा है। वन नेशन वन ग्रिड व इलेक्ट्रीक वाहनों पर टैक्स छूट स्वागत योग्य है।
छोटे उद्यमियों का विशेष ध्यान रखा गया है। पीएम कर्मयोगी मानधन योजना से छोटे दुकानदारों को पेंशन का फायदा दिया जाएगा। एमएसएमई से ज्यादा रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। एमएसएमई के लिए अलग पोर्टल बनाया गया है, छोटे मंझोले उद्योगों के लिए 59 मिनट में लोन पास की व्यवस्था की जा रही है। उच्च शिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता सुधारने पर पर भी फोकस किया गया है। राष्ट्रीय रिसर्च फाउंडेशन बनाने से क्वालिटी रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर योजना के केंद्र बिंदु में गांव, गरीब और किसान हैं। 2022 तक पीएम आवास योजना के तहत 1.95 करोड़ जरूरतमंदों को घर देने का लक्ष्य है, पिछले पांच साल में 1.5 करोड़ घर बनाए गए। हर गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था की जाएगी। पीएमजीएसवाई के तहत 1.25 लाख किलोमाटर सड़कों का निर्माण और अपग्रेडेशन का लक्ष्य रखा गया है। बांस, शहद और खादी पर आधारित 100 नए क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। जीरो बजट फार्मिंग व अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने की पहल खास तौर पर उल्लेखनीय है। 10 हजार नए फार्मर-प्रोड्यूसर संगठन बनाए जाएंगे। एग्रो रूरल इंडस्ट्री सेक्टर में 75 हजार स्किल्ड एंटरप्रन्योर्स तैयार किए जाएंगे। नारी तू नारायणी के भाव को चरितार्थ करते हुए मुद्रा योजना से प्रत्येक महिला को 1 लाख तक का लोन का प्रावधान किया गया है। महिला एसएचजी को जनधन अकाउंट से पांच हजार रुपए तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी गई है।

कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विस सत्र को सफल बनाने पर दिया जोर

उत्तराखंड विधानसभा के कल 24 जून से आरंभ हो रहे सत्र के सिलसिले में आज विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें तय किया गया कि संसदीय कार्य मंत्री रहे दिवंगत प्रकाश पंत को सत्र के पहले दिन सोमवार को श्रद्धांजलि दी जाएगी। 25 जून को होने वाले विधायी कार्यों के लिए 24 जून को दुबारा कार्य समिति की बैठक करके एजेंडा तय किया जाएगा। विधानभवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधान सभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, कार्यकारी संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक, नेता प्रतिपक्ष इन्दिरा हृदयेश, गोविंद सिंह कुंजवाल, प्रीतम सिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं, कल से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि महज दो दिन का सत्र सरकार ने खानापूर्ति के लिए ही आहूत किया है, क्योंकि छह माह के भीतर सत्र बुलाने की बाध्यता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि सरकार के मंत्री सदन में जबाब देने से बचना चाहते हैं वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विपक्ष की आपत्ति को खारिज किया है। उनका कहना है कि फिलहाल कोई बिजनेस नहीं है। जो विधेयक हैं, वे अभी पाइप लाइन में हैं। लिहाजा, सदन को अनावश्यक नहीं बढ़ाया जा सकता। यह बात विपक्ष भी जानता है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने सदन के सुचारू संचालन में विपक्ष का सहयोग मिलने की उम्मीद भी जताई।

केन्द्र सरकार जागरुकता के लिए मीडिया संस्थानों को करेगी पुरस्कृत

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आशा व्यक्त की है कि इस वर्ष 21 जून को योग दिवस पर बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे। आज नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में जावडेकर ने कहा कि योग भारत की अपनी विरासत है साथ ही यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए विश्व को उपहार भी है। प्रकाश जावडेकर ने कहा कि इस वर्ष योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न मीडिया संस्थानों को पुरस्कृत किया जायेगा।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर झारखण्ड के रांची में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसमें लगभग तीस हजार लोगों के भाग लेने की आशा है। इसमें योग संगठन और योग गुरूओं के अलावा राज्य की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी।

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एम्स में स्थानीयता के हिसाब से आरक्षण का प्रावधान नहींः स्वास्थ्य मंत्रालय

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में स्थानीय लोगों को नौकरियों में 70 प्रतिशत आरक्षण की दलील को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को यह कहकर खारिज कर दिया है कि भारत सरकार के अधीन संचालित होने वाले ऑटोनामस संस्थानों में स्थानीयता के हिसाब से आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह नियम एम्स ऋषिकेश पर भी लागू होता है। करीब तीन महीने पहले आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों को एम्स से निकाल दिया गया था। इसके बाद करीब 45 निष्कासित कर्मियों ने क्रमिक धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस मामले में काफी सियासी दखल भी सामने आई। एम्स प्रशासन ने निष्कासन के पीछे तर्क दिया कि अनुबंध के मुताबिक सभी कर्मचारियों ने लिखित सहमति दी थी कि स्थायी नियुक्ति होने के बाद अस्थाई पद पर नियुक्त कर्मियों को निकाला जा सकेगा।

उक्त अनुबंधों के अनुसार ही कर्मचारियों को संस्थान से कार्यमुक्त किया गया। इसी क्रम में स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने एम्स की नौकरियों में 70 फीसदी स्थानीय लोगों को आरक्षण देने का मुद्दा उठाया। इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी ज्ञापन सौंपा गया था।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने स्पष्ट किया था कि नियमों के विपरीत जाकर वे नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था नहीं दे सकते हैं। निष्कासित कर्मचारियों के समर्थन में मेयर अनिता ममगाईं और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने भी एम्स निदेशक से वार्ता की थी।

इसी क्रम में सहमति बनी कि एम्स की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर स्थानीयता के आधार पर आरक्षण जारी करने की अनुमति मांगी जाएगी। उक्त प्रस्ताव पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स को स्पष्ट किया है कि डिपार्टमेंट आफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) की गाइडलाइन के अनुसार क्षेत्रीय या राज्य के आधार पर ऑटोनॉमस संस्थानों में आरक्षण की कोई नियमावली नहीं है।

नेपाल में बैठे युवक ने पत्नी को दिया मोबाइल पर तलाक, एसएसपी ने की ये कार्रवाई

एक व्यक्ति ने नेपाल में बैठकर अपनी पत्नी को मोबाइल पर तीन बार तलाक बोल दिया। इससे पीड़िता की शिकायत पर हरिद्वार एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूडी ने पति के ससुराल पक्ष पर मुकदमा दर्ज कर लिया।

ज्वालापुर क्षेत्र के गांव सराय निवासी सलीम की बेटी फरजाना का निकाह मई 2016 में सउद उर्फ सोनू अंसारी पुत्र मसूद निवासी गांव लंढौरा से हुआ था। आरोप था कि निकाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज कम मिलने की बात कहकर प्रताड़ित करते थे। जैसे तैसे उसके पिता, भाई ने कई लाख की रकम ससुराल पक्ष को दी थी लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। आरोप था कि नवंबर 2018 में गांव पदार्था पथरी में उसकी रिश्तेदारी में निकाह था।

निकाह संपन्न होने के बाद उसके ससुराल पक्ष ने कहा कि उसका पति सउद किसी काम से नेपाल गया हुआ है और जब वह आ जाएगा तब ससुराल चली आना। आरोप है कि कुछ दिन बाद ससुराल पक्ष ने दहेज में कार और एक लाख की रकम न मिलने पर मायके आकर उसके साथ मारपीट कर दी थी। इतना ही नहीं जनवरी 2019 में उसके पति सउद ने नेपाल से मोबाइल फोन पर संपर्क साधकर उसे तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने की बात कही और धमकी भी दी कि यदि फिर से उसके घर आने की कोशिश की तो गंभीर परिणाम भुगतना होगा।

पीड़िता ने ज्वालापुर पुलिस से शिकायत की थी लेकिन मामले को महिला हेल्प लाइन ट्रांसफर किया गया था। महिला हेल्प लाइन में हुई काउंसिलिंग के दौरान पीड़िता के आरोप के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई। कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि पति, ससुर मकसूद, सास कौसर जहां और ननद रूकसार के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

तीर्थनगरी की गौरांगी ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में देश में दूसरा व उत्तराखंड में किया टॉप

तीर्थ नगरी की गौरांगी चावला ने ऑल इंडिया सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 498 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि प्रदेश में टॉप किया है।

चंद्रेश्वर नगर निवासी श्वेता चावला और अनिल चावला की छोटी पुत्री गौरांगी चावला ने अंग्रेजी में 99, पॉलीटिकल साइंस में 99 और इतिहास, फिजिकल एजुकेशन तथा जियोग्राफी विषय में 100 अंक प्राप्त किए हैं। उत्तराखंड टॉपर गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यवसाय तथा माता श्वेता चावला घरेलू महिला है। परिवार में दादी दर्शना देवी, बड़ी दीदी अर्पणा चावला भी है।

गौरांगी चावला ने बताया कि प्रतिदिन वह 05 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 09 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

पढ़ाई को बोझ न समझे बल्कि रुचि लेः गौरांगी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए गौरांगी ने कहा कि हमेशा चिंता मुक्त रहें, पढ़ाई को कभी भी बोझ ना समझे। बल्कि इसमें रुचि लें। जब भी मन करे पढ़ाई को समय अवश्य दें।

आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहती है गौरांगी
सीबीएसई 12वीं की उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला का सपना है कि वह आगे चलकर देश सेवा करें इसके लिए वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय या पंजाब विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगी।

खाली समय में पालतू जानवर के साथ रहती है गौरांगी
पढ़ाई के अलावा जब भी गौरांगी खाली रहती है वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक्टिव रहती हैं। साथी अपने पालतू जानवर कुत्ते के साथ समय बिताती हैं।

दिवंगत दादा को मानती हैं अपना प्रेरणास्रोत
उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला अपना प्रेरणास्रोत दिवंगत दादा स्व. केएल चावला को मानती है उनके दादा स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड थे जिनका पिछले वर्ष देहांत हो गया।

अपना बेस्ट दिया था सोचा नहीं था मेरिट पर आऊंगी
गौरांगी चावला का कहना है कि परीक्षा से पहले उन्होंने अपने सभी विषयों की करीब 5 बार अच्छे से तैयारी की थी। परीक्षा मैं भी उन्होंने अपना 100ः दिया था मगर यह उम्मीद नहीं थी कि मेरिट पर आएंगी।

सफलता का श्रेय माता को देती हैं गौरांगी
अपनी सफलता का श्रेय गौरांगी सभी को देना चाहती हैं मगर विशेषकर वह अपनी माता का शुक्रिया अदा करती हैं। उन्होंने बताया की माता ने उनकी पढ़ाई में साथ देने के लिए बहुत समझौते किए हैं। खान-पान से लेकर देखभाल तक किसी भी चीज में कोई कमी नहीं की है।

स्थानीय युवाओं ने उठाया प्राकृतिक जल स्त्रोत के संरक्षण का बीड़ा

ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ के खादर क्षेत्र में लगभग 100 साल से भी अधिक पुराने प्राकृतिक जल उद्गम स्थल के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने कदम बढ़ाया है। युवाओं ने श्रमदान कर पौराणिक जल उद्गम स्थल के चारों ओर पत्थरों का घेरा बनाया। ताकि, यह जल उगल स्रोत विलुप्त होने से बचा रहे।

बता दें कि खदरी के राजकीय पॉलीटेक्निक के समीप स्थित यह जल उगल स्रोत वर्षों पुराना है। बोक्सा जन जाति के पुराने जानकारों के मुताबिक खदरी का समस्त खादर क्षेत्र नागाओं की भूमि हुआ करती थी। नागा बाबा इस पौराणिक जल ओगल (उगल) स्रोत से ही पेयजल ग्रहण करते थे। जमींदारी उन्मूलन अधिनियम के बाद खादर क्षेत्र उन सभी कृषकों का हो गया जो नागाओं की खेती किया करते थे।

गंगा स्वच्छता अभियान से जुड़े पर्यावरण मामलों के जानकार विनोद जुगलान विप्र का कहना है कि जब बिजली पानी की इतनी व्यवस्था नहीं थी, तब हम इस प्राकृतिक जल स्रोत का उपयोग किया करते थे। सन 1971 में भारत पाक युद्ध के समय शाम ढलते ही ब्लैक आउट हो जाया करता था। तब यह जल स्रोत खदरी के ग्रामीणों की प्यास बुझाने का एक मात्र बड़ा साधन था। इसी तरह लक्कड़ घाट के समीप भी कुछ अन्य जल उगल थे।

वर्तमान में एक दो को छोड़कर बाकी सभी सीवरेज के पानी के कारण पीने योग्य नहीं रह गए हैं। खदरी के खेतों में पॉलीटेक्निक के समीप इस प्राकृतिक जल उगल का पानी आज भी पीने और स्नान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। बरसात में खेतों से अतिरिक्त पानी आने के कारण यह उजड़ने लगता है। इसके संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने पत्थरों की बाड़ बनाई।

तीर्थनगरी पहुंचे क्रिकेटर उन्मुक्त चंद, बोले सीनियर टीम में वर्ल्डकप जिताना है सपना

द स्काई आफ द लिमिट पुस्तक को लांच करने ऋषिकेश पहुंचे क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने प्रशंसकों ने खुलकर वार्ता की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में उन्होंने अपनी यात्रा वृत्तांत का जिक्र किया है।

क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने अपने प्रशंसकों से बातचीत की और खुद के साइन की हुई किताब प्रशंसकों को दी। उन्होंने बताया कि 2012 के अंडर-19 वर्ल्ड कप से पूर्व उन्होंने इस पुस्तक का 80 फीसदी हिस्सा लिख दिया था। बाकी हिस्सा वर्ल्ड कप जीतने के बाद लिखा। इस दौरान प्रशंसकों ने उनकी पुस्तक को खरीदा।

क्रिकेटर को गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजे नेगी, रोटरी क्लब सेंटर के अध्यक्ष दीपक तायल, समाज सेवी राधे साहनी ने पुष्प गुच्छ और प्रदेश की लोकभाषा की पहली वर्णमाला पुस्तक एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

सपना है सीनियर वर्ल्ड कप जीतने का
क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने बताया कि मात्र 19 वर्ष की आयु में उनके नाम अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने का खिताब बतौर कप्तान के रूप में दर्ज हुआ है। यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए यादगार लम्हा रहेगा। उनका सपना अंडर-19 की तरह भारत की सीनियर क्रिकेट टीम का नेतृत्व करना और कप जीतना है। उनमुक्त ने कहा कि उत्तराखंड से मेरा जुड़ाव पुराना है। मुझे जब भी समय मिलता है। मैं उत्तराखंड आकर अपनी थकान मिटाता हूं। पहाड़ की वादियों में आकर बहुत सुकून मिलता हैं।

यात्रा के दौरान कोई भी समस्या यात्रियों को न हो पाएः गढ़वाल आयुक्त

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरूषोत्तम ने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने गढ़वाल मंडल के सभी जिलाधिकारियों को यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को समस्या न होने को कहा।

शनिवार को नगर निगम के सभागार मे आयोजित बैठक गढवाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम, पुलिस आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने संयुक्त रूप से मंडल के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। आरटीओ विभाग यात्रा सीजन के दौरान चलने वाली गाड़ियों को पकड़े जाने के बाद उन्हें रखे जाने की समस्या से भी अवगत कराया। जिसके लिए यात्रा मार्गों पर स्थानीय पुलिस चौकियों को थानों से सहयोग किए जाने की बात कही गई।

आरटीओ विभाग ने पहले से पकड़ी गई गाड़ियों के निलामी का समाधान किये जाने का मामला भी उठाया। जिसका समाधान एक महीने में किए जाने का निर्देश दिया गया। हेमकुंड गुरुद्वारे के प्रबंधक स. दर्शन सिंह ने गोविंदघाट से बनने वाली सड़क की समस्या को उठाया, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने बताया कि बजट के अभाव मे कुछ कार्य नहीं हो पाया था। जिस पर गढ़वाल आयुक्त ने तत्काल बजट स्वीकृत कर कार्य को किये जाने के लिए निर्देशित किया।

इस बार चार धाम यात्रा के अतिरिक्त दो धाम के लिए भी परिवहन निगम अतिरिक्त बसें संचालित करेगा। सिंगल रोड पर चलने वाली बसों को भी चिन्हित किया गया है। बैठक में यह भी कहा कि संयुक्त रोटेशन से चलने वाली बसों के साथ कुमाऊं मंडल की 25 बसों को भी अतिरिक्त रखा जाए। बैठक में बसों में पिछली बैठकों में स्वच्छता को लेकर दिए गए निर्देश कोई कार्रवाई ना होने पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी बसों में कूड़ेदान की व्यवस्था की जाए। इसी के साथ पूरे यात्रा मार्ग पर हो रहे प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के निर्देश दिए गए।

पेट्रोल की बोतल लेकर बुजुर्ग चढ़ा एम्स की छत, दी आत्मदाह की धमकी

पिछले 51 दिनों से एम्स से निष्कासित कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। धरना का समर्थन कर रहे एक 56 वर्षीय बुजुर्ग एम्स की पांचवीं मंजिल की छत पर चढ़ गए और मांग पूरी न होने पर आत्महत्या की धमकी देने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें सात घंटे बाद नीचे उतारा। जहां 35 निष्कासित कर्मियों को पुनः आउटसोर्स में नियुक्ति देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। वहीं पुलिस ने बुजुर्ग को शांतिभंग के आरोप में चालान काट कर एसडीएम के समक्ष पेश किया।

सोमवार को उस समय स्थानीय प्रशासन, एम्स प्रशासन और लोगों में हड़कंप मच गया। जब 56 वर्षीय दाताराम ममगाईं हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर एम्स की छत पर चढ़ गए। सुबह साढ़े छह बजे चढ़े बुजुर्ग दाताराम ने अपने पास किसी को फटकने तक नहींे दिया। इस बीच अनशनकारी कर्मचारी नीचे धरने पर बैठ गए। राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के नेतृत्व में एम्स के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता के साथ वार्ता हुई। मगर, वार्ता सफल नहीं हो सकी। इसके बाद मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में पुनः बात करने की कोशिश की गई। मगर, वह भी बेनतीजा रही।

इसके बाद करीब डेढ़ बजे कोतवाल रितेश शाह पांचवी मंजिल की छत पर पहुंच गए और बड़ी ही चालाकी व सूझबूझ से काम लेते हुए बुजुर्ग दाताराम को पकड़ लिया। उन्होंने दाताराम के हाथ से पेट्रोल की बोतल छुड़ाई और नीचे ले आए। इसके बाद तीसरे वार्ता सुलेमान अहमद पद स्थापना एम्स के साथ की गई। इस बैठक में तहसीलदार रेखा आर्य भी मौजूद रही।

यहां निष्कासित 35 कर्मचारियों को पुनः आउटसोर्स से काम पर वापस रखने पर सहमति बन सकी। इसके बाद पुलिस दाताराम को करीब सवा दौ बजे कोतवाली ले गए। यहां दाताराम का शांतिभंग के आरोप में चालान कर एसडीएम प्रेमलाल के समक्ष पेश किया गया।