होमगार्डस अपनी जिम्मेदारी कुशलता से निभा रहेः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य में जल्द ही 1111 पुरूष व महिला होमगार्डस की नई भर्तियां करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ड्यूटी के दौरान बलिदान देने वाले होमगार्डस जवानों के आश्रितों हेतु कल्याण कोष में आवंटित धनराशि में वृद्धि की स्वीकृति दी है।

होमगार्डस व नागरिक सुरक्षा के जवानों से रिस्पना पुनर्जीवीकरण में भागीदारी की अपेक्षा के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि रिस्पना में पानी आएगा। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से व्यापक जनसहयोग से ‘‘रिस्पना से ऋषिपर्णा’’ मिशन सफल होगा व रिस्पना पुनर्जीवित होगी।

होमगार्डस एंव नागरिक सुरक्षा संगठन की स्थापना दिवस के अवसर पर होमगार्डस निदेशालय ननूरखेड़ा देहरादून में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि होमगार्डस के जवान मेहनत, लगन व निष्काम भावना से शान्ति, कानून व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व बोर्ड की परीक्षा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां कुशलता से निभा रहे हैं। इसके साथ ही पर्यटन, चारधाम यात्रा, वनाग्नि नियंत्रण, रिस्पना के पुनर्जीवीकरण, पौधरोपण में भी सहयोग कर रहे है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा संगठन की भव्य रैतिक परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने परेड के उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु होमगार्डस व नागरिक सुरक्षा संगठन को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने डयूटी पर दिवंगत होमगार्डस स्वयंसेवक की वीरांगना पत्नियों को बीमा सहायता राशि व कल्याण कोष की सहायता राशि प्रदान की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी अमिताभ श्रीवास्तव, राजीव बलूनी, सहायक उपमहासमादेष्टा एकता उनियाल, मण्डलीय कमाण्डेन्ट ललित मोहन जोशी, स्टाफ अधिकारी राहुल संचान आदि को पुरस्कृत किया गया।

ऋषिकेश की पहली मेयर ने की शपथ ग्रहण

तीर्थनगरी की पहली मेयर ने मुख्यमंत्री सहित हजारों लोगों के बीच शपथ ग्रहण की। जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने मेयर को शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर से पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस के कई नेता, संत समाज से साधु और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।

रविवार को नगर निगम ऋषिकेश का शपथ ग्रहण समारोह श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीडा मैदान में आयोजित किया गया। सुबह से ही लोगों का आना मैदान में शुरू हो गया था। मेयर अनीता ममगाई अपने समर्थकों के साथ ओपन लाल रंग की कार में पहुंची। इसके बाद स्थानीय सांसद डा. रमेश पोखरियाल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। करीब 12 बजे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पहुंचे। इसके बाद जिलाधिकारी ने मेयर अनीता ममगाई को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर अनीता ममगाईं ने दस-दस करके पार्षदों को शपथ दिलाई। इस दौरान कई पार्षद शपथ ग्रहण होने के बाद पहुंचे।

मात्र 15 मिनट चला शपथ ग्रहण
जिलाधिकारी ने मेयर को शपथ दिलाई और मेयर ने पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीनों समारोह से निकल गये। मात्र 15 मिनट तक चले शपथ ग्रहण पर लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि यह सब आखिर हुआ तो हुआ क्या।

जलपान के दौरान दिखी अव्यवस्था
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह से जाते ही समारोह में मौजूद जनता जलपान करने एक साथ दौड़ी। एक साथ भीड़ के आ जाने से अव्यवस्था फैल गई। इस दौरान समारोह में जलपान के लिये बने छह स्टॉल में से एक पर टैंट भी गिर गया।

शपथ के बाद निगम कार्यालय पहुंची मेयर
शपथ ग्रहण करने के बाद मेयर अनीता ममगाई सरकारी गाड़ी से मेयर कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने निगम के कर्मचारियों से मुलाकात की। इसके बाद नगर निगम को निरीक्षण किया।

अब देहरादून के अलावा नैनीताल में भी खुलेगा मुख्यमंत्री कार्यालय

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की बड़ी पहल पर नैनीताल में मुख्यमंत्री कार्यालय खुलने जा रहा है। इसके लिये कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला को सीएम का सचिव बनाया गया था। जो अब नैनीताल में ही सीएम स्तर की समस्याओं का निस्तारण करेंगे।

बङे पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल से मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन की ओवर हीलिंग करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी व सचिव राजीव रौतेला की तैनाती से निश्चित तौर पर सीएम सचिवालय के काम में और दक्षता आएगी। राधा रतूड़ी व राजीव रौतेला दोनों अधिकारियों की छवि आम जन के बीच ईमानदार व रिजल्ट ऑरिन्टेड अधिकारी के रूप में है। अब सीएम सचिवालय की शासन पर पकड़ और अधिक मजबूत होगी। निश्चित तौर पर दोनों अधिकारियों के अनुभव व दक्षता का लाभ मिलेगा।

युवा अधिकारी नितेश झा को गृह विभाग का जिम्मा देकर मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे को मजबूत करने की कोशिश की है। झा केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान गृह मंत्रालय में रहे हैं। अपनी कार्यप्रणाली से उन्होंने वहां अपना स्थान बनाया था। उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दौरान उनके अनुभव का लाभ राज्य में पुलिस महकमे को चुस्त दुरूस्त बनाने में मिलेगा। सचिव नितेश झा ईमानदार, अनुभवी व परिश्रमी अधिकारी हैं, मुख्यमंत्री ने उन पर विश्वास जताया है। अपने विश्वासपात्र को गृह विभाग देकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था उनकी पहली प्राथमिकता है।

आबकारी विभाग राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में है। ऐसे में प्रमुख सचिव आनंद बर्द्धन को इस विभाग की कमान देकर स्पष्ट संदेश दिया गया है। आनंद वर्द्धन की छवि कर्मठ व कड़क मिजाज अधिकारी के तौर पर रही है। उम्मीद की जा रही है कि आबकारी विभाग को कसने के लिए आनंद बर्द्धन को लाया गया है। दीपेंद्र चौधरी भी ईमानदार अधिकारी के तौर पर पहचाने जाते हैं। आंनद बर्द्धन व दीपेंद्र चौधरी के पास आबकारी विभाग आने से आने वाले में समय में कई सुधार देखने को मिलेंगे।

दो या तीन लाख रूपये कम पड़ने पर विकास कार्य न रूकेः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नैनीताल के राज्य अतिथि गृह में विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्याें के लिये कुशल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के अनुभवों और तालमेल की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्याें को मूर्तरूप देने से पूर्व विधायकों और सांसदो से राय लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है। धन आंवटन के बाद भी खर्चे की कम गति यह दर्शाती है कि हमारे अधिकारी पूरी तत्परता के साथ कार्य नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी नई कार्य संस्कृति अपने अनुभवो का समावेश करते हुये तत्परता के साथ विकास कार्यो को निर्धारित समयसीमा मे पूरा करें, विलम्ब से जहां सम्बन्धित परियोजना की लागत बढ़ती है वहीं जनता में भी सकारात्मक संदेश नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि रामनगर स्थित रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्साल का संचालन आधुनिक उपकरणों एवं चिकित्सको के साथ किये जाने के लिए सरकार इस महत्वपूर्ण एवं उपयोगी चिकित्सालय को पीपीपी मोड में देने जा रही है। इससे स्वास्थ सेवाओं मे बेहतर सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बड़े प्रोजेक्टों मे यदि छोटीमोटी कोई धनराशि की आवश्यकता हो तो वह स्थानीय विधायक से सम्पर्क कर विधायक निधि से वांछित सहयोग ले सकते है। उन्होने कहा कि मात्र दो तीन लाख की धनराशि कम पड़ जाने से किसी भी मेगा प्रोजेक्ट यथा सड़क, बिजली, पानी के प्रोजेक्टों को रोकना जनहित में उचित नहीं होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुसार प्रदेश के किसानों की 2022 तक आय दोगुनी की जानी है, इसके लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, सहकारिता विभाग सभी आपसी तालमेल से नई कार्य संस्कृति के अनुरूप किसानों से दोतरफा संवाद करें, उनकी समस्याओ को सुनें और उनकी समस्याओ का समाधान करें। इसके साथ ही रियायती दरो पर जो भी कृषि निवेश सरकार द्वारा दिये जा रहे है उनकी आपूर्ति किसानो तक अवश्य करें।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों का विस्तार करने से कई ग्रामीण इलाके उसमे शामिल हो गये हैं। ग्रामीण इलाको मे बहुत सी नई सडकें बन चुकी है लोगो ंकी मांग है कि इन सड़को पर ग्रामीण लोगों की सुविधा के लिए छोटे वाहनों, टैक्सीयों आदि को भी परमिट दिये जांए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके संज्ञान मे आया है कि भीमताल औद्योगिक आस्थान में बहुत से उद्यमियो ने भूखण्ड आंवटित कराये जिस पर उद्योग न लगाकर उसका उपयोग व्यक्तिगत कार्यो एवं होटल आदि व्यवसायों मे किया जा रहा है। इस बात पर नाराज मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन से कहा कि वह एक सप्ताह मे इसकी जांच कर अपनी रिर्पोट सरकार को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जुलाई माह से पूर्ण रूप से पालीथीन की बिक्री एवं प्रयोग को पूर्णतया प्रतिबन्धित कर दिया गया है। लिहाजा समय-समय पर विशेष अभियान संचालित कराकर पालीथीन की धरपकड़ की जाए तथा इसका प्रयोग करने वाले व्यवासायियों को सुसंगत धाराओं मे दंडित भी किया जाए।

इस मौके पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियो से कहा कि सरकार समय से बजट अवमुक्त कर रही है ऐसे में अधिकारियों को चाहिए कि प्राप्त होने वाले बजट का शतप्रतिशत उपयोग करें तथा जो योजनाये पूर्ण हो चुकी है, उनके लोकापर्ण एवं नई योजनाओं के शिलान्यास जिलाधिकारी से कराये।

स्वामी चिदानंद ने दिया डा. बुद्धेन्द्र दुबे को प्रयाग कुुंभ मेले में आने का निमंत्रण

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कनाडा के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ बुद्धेन्द्र दुबे से मुलाकात की। इस दौरान स्वामी चिदानंद ने उन्हें शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा आशीर्वाद स्वरूप भेंट किया। स्वामी चिदानंद ने बताया कि डा. दुबे दिन में रोगियों की सेवा करते है और शाम होते ही भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को जुट जाते है। उन्होंने कनाडा में हिंदू धर्म का म्यूजियम व विष्णु भगवान के मंदिर की भी स्थापना की है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने बताया कि वर्ष 1987 में हिन्दु धर्म विश्वकोश की संरचना की अमेरिका में तैयारियां चल रही थी उस समय डॉ दूबे जी ने बढ़-चढ़ कर सहयोग किया। उन्होंने हिन्दु धर्म की संस्कृति, संस्कार, हिन्दु धर्म विश्वकोश के लिये तथा विशेष कर हिन्दुधर्म को एक वैज्ञानिक एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान किया। उनके अद्भुत कार्यो लिये स्वामी चिदानंद ने रूद्राक्ष का पौधा और अंगवस्त्र भेंट किया। स्वामी चिदानंद ने कहा कि डा. दुबे लोगों के दिलों की सर्जरी तो करते है साथ ही लोगों के दिमाग की भी सर्जरी करते है।

स्वामी चिदानंद ने दुबे परिवार को प्रयाग कुम्भ मेला में सहभाग हेतु आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि डा. बुद्धेन्द्र दुबे भारतीयता और पर्यावरण संरक्षण के लिये अद्भुत कार्य किये है। विष्णु मन्दिर परिसर की आस-पास की स्वच्छता और हरियाली कनाडा वासियों के लिये एक उदाहरण का केन्द्र है।

मंदिर निर्माण को केंद्र करे रास्ता प्रशस्तः सत्यमित्रानंद गिरि

केंद्र सरकार अयोध्या में प्रभु राम का मंदिर बनायें, अगर ऐसा नहीं होता है तो मै। देह त्याग दूंगा। ऐसा कहना है भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज का। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त करना चाहिए।

उन्होंने मांग को पूरी करने के लिए केंद्र सरकार को पांच दिसंबर तक का वक्त दिया है। ऐलान किया कि छह दिसंबर से वह हरकी पैड़ी पर बेमियादी अनशन करेंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी सत्यमित्रानंद ने कहा अब मंदिर निर्माण से कम कुछ भी मान्य नहीं।

अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि मंदिर निर्माण को जो भी प्रमाण चाहिए थे, वह सभी मिल चुके हैं, अब किसी प्रमाण की कोई आवश्यकता नहीं। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर से शुरू होने वाला उनका विधिक रूप से मंदिर निर्माण की शुरुआत होने तक चलता रहेगा या फिर वह इस निमित्त अपनी देह का त्याग कर देंगे।

अब बहुसंख्यक हिन्दुओं के सब्र का बांध टूटता जा रहा है, अगर मंदिर निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो देश में आंदोलन होंगे। स्वामी सत्यमित्रानंद ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार को कड़ा कानून बनाना चाहिए। कहा कि, बाबा रामदेव की दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले दंपती के मतदान समेत सभी सरकारी अधिकार खत्म कर देने की मांग का वह समर्थन करते हैं।

शिक्षकों के संवेदनशील बनने से लाई जा सकती है शिक्षा में गुणवत्ता

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिक्षकों को शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिये नैतिकता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार भी दें। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। यही बच्चे आने वाले समय में देश का भविष्य तय करेंगे।

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग और पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से पतंजलि योगपीठ में आयोजित दो दिवसीय ज्ञानकुंभ में 18 राज्यों के उच्च शिक्षामंत्री व उच्च शिक्षा सचिव और 131 विश्वविद्यालयों के कुलपति भाग ले रहे हैं। इसमें उच्चतर शिक्षा में गुणात्मक सुधार और भविष्य की चुनौतियों पर मंथन किया जा रहा है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। शिक्षक, विद्यार्थी और प्रबंधन। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक की है।

उन्होंने आचार्य चाणक्य, पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया। कहा कि यह शिक्षक का दायित्व है कि वह शिष्य की प्रतिभा को पहचान उसे निखारे। भारत रत्घ्घ्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन का उदाहरण देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनके गुरु ने डॉ. भीमराव की मेधा को पहचाना था और उन्हें अपना उपनाम आंबेडकर दिया। आयोजन के लिए उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंथन से निकलने वाले परिणाम की उन्हें भी प्रतीक्षा रहेगी।

योग गुरु बाबा रामदेव के कार्य को सराहते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा ने योग को कंदराओं से निकाल घर-घर पहुंचा दिया। इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने शिक्षा में तकनीक का समावेश करने के साथ ही संस्कृत को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाना है तो हर नागरिक को शिक्षित करना होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ज्ञानकुंभ के आयोजन पर प्रकाश डालते हुए देश में उच्च शिक्षा के हालात रखे।

सुप्रीम कोर्ट का आदेशः स्वामी सानंद के देह के दर्शन अनुयायियों को कराये जाए

गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिये ठोस कानून बनाने की मांग को लेकर 113दिन से अनशन के बाद स्वामी सानंद ने देह त्याग दिया था। मगर, उनके अनुयायियों को उनके अंतिम दर्शन नहीं हो सके थे। मगर, अब अगले दस रविवार तक उनके दर्शन किये जा सकेंगें।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इससे संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतिम दर्शनों की सशर्त दी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश प्रशासन ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी थी। हाईकोर्ट ने सानंद का पार्थिव शरीर 76 घंटे तक हरिद्वार स्थित मातृसदन आश्रम में दर्शनार्थ रखने के आदेश एम्स को दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि स्वामी सानंद के अनुयायियों की भावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अनुयायी ऋषिकेश एम्स में उनके पार्थिव शरीर के दर्शन कर करेंगे। इसके लिए अदालत बाकायदा समय सारिणी जारी की है। अदालती आदेशों के मुताबिक एम्स ऋषिकेश में जहां भी स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर रखा गया गया है, वहां हर रविवार को 10-10 के बैच में अनुयायी उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। लेकिन, एक दिन में अधिकतम 50 को ही यह दी जाएगी। दर्शनों की केवल दस रविवार के लिए की गई है।

कोर्ट में पेश होने पर उमेश कुमार बोला, मेरे खिलाफ हुई साजिश

उत्तराखंड में स्टिंग के जरिये राजनेताओं और नौकरशाहों को ब्लैकमेलिंग करने के आरोप में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय रिंकी साहनी की अदालत ने समाचार प्लस चैनल के मालिक उमेश कुमार को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, उमेश शर्मा पर पत्रकार आयुष गौड़ ने आरोपों को फिर से दोहराकर कई नई बातें बताई।

समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश जे कुमार को रविवार को उप्र के गाजियाबाद में एटीएस एडवांटेज सोसायटी के टावर नंबर 19 से गिरफ्तार किया गया था। उमेश पर उसके ही चैनल के कर्मचारी आयुष गौड़ ने उत्तराखंड के नेताओं और नौकरशाहों का स्टिंग करने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मुख्य आरोपित उमेश जे कुमार को लेकर पुलिस टीम रविवार रात करीब तीन बजे देहरादून पहुंची। यहां पुलिस अधिकारियों ने उससे पांच घंटे तक पूछताछ की।

सोमवार पूर्वाह्न् करीब 11 बजे पुलिस उसे लेकर अदालत पहुंची। पुलिस ने अदालत में अभी तक की जांच रिपोर्ट रखी। इसके बाद अदालत ने आरोपित का पक्ष भी सुना। हालांकि बचाव पक्ष ने दिल्ली से अपने वकील को बुला रखा था, लेकिन अदालत में आरोपित ने खुद ही अपना पक्ष रखा। करीब चार घंटे तक दोनों पक्ष अदालत में मौजूद रहे। उनका पक्ष सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को आठ नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। पेशी के दौरान कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

उमेश कुमार ने कहा मेरे खिलाफ हुई साजिश
उमेश कुमार ने अदालत में अपनी पैरवी करते हुए साजिश के तहत फंसाये जाने की बात कही। उसने यह भी कहा कि सरकार उसके पीछे पड़ी है और उसे और उसके परिवार को जान का खतरा हो सकता है।

ये अभी भी बाहर घूम रहे
नेताओं और नौकरशाहों का स्टिंग करने की साजिश के मामले में देहरादून के राजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज है। इस मुकदमे में उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि के निलंबित कुल सचिव मृत्युंजय मिश्र के साथ ही प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी और राहुल भाटिया भी नामजद हैं। ये चारों अभी गिरफ्त से बाहर हैं।

स्वामी सानंद उपवास तोड़ना चाहते थे, मगर….

ऋषिकेश एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने स्वामी सानंद की मौत के बाद एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद अपना उपवास तोड़ना चाहते थे। मगर, परिवार के अलावा बाहर का एक शख्स ऐसा भी था, जो उन्हें उपवास तोड़ने से रोक रहा था।

इस बात के ठोस आधार के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद तीन बार एम्स में भर्ती किए गए। उनके साथ हमारी कई मर्तबा बातचीत हुई है, अगर ऐसा पता होता तो हम उसकी भी रिकॉर्डिंग करते। उन्होंने मातृ सदन द्वारा स्वामी सानंद की मौत के षड्यंत्र में शामिल होने संबंधी आरोप को खारिज करते हुए कहां की हम किसी को झूठ बोलने से कैसे रोक सकते हैं।

सानंद अपनी देह कर चुके हैं एम्स को दान
स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने संबंधी मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को किसी भी दशा में अंतिम दर्शन के लिए नहीं रखा जा सकता।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज कोई प्रदर्शनी की जगह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वामी सानंद अपनी देह एम्स को दान कर चुके हैं, परिजन भी सहमति जता चुके हैं। इसलिए दान की हुई वस्तु को वापस लेने का कोई औचित्य नहीं है।