आखिर ऐसा कौन सा बयान देकर घिर गए चैंपियन, पढ़ें

अक्सर सुर्खियों में रहने वाले खानपुर के भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने एक साथ दो नए विवादित बयान देकर अपनी ही पार्टी तथा अन्य दलों के बीच घिर गए हैं।

एक विवादित बयान में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता का दर्जा महात्मा गांधी को नहीं बल्कि बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर को दिया जाना चाहिए था। नेहरू को प्रधानमंत्री बनाना महात्मा गांधी की सबसे बड़ी भूल थी। इतना ही नहीं, उन्होंने करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाकर डॉ. आंबेडकर की फोटो लगाए जाने की भी मांग की। उधर, रविवार को ही चौंपियन का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार्यशैली पर तंज कसते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा करते नजर आ रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते। देश का संविधान बनाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रपिता के असली हकदार हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने जवाहर लाल नेहरू को देश का प्रधानमंत्री बनाया, उनकी वजह से चीन से युद्ध हारे। कश्मीर की समस्या और धारा 307 नेहरू की ही देन है, जो आज गले की फांस बन गई है। अगर महात्मा गांधी नेहरू को न चाहते तो सरदार पटेल देश के प्रधानमंत्री होते। इससे बड़ी बड़ी बात यह है कि अगर जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाया जाता तो पाकिस्तान ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ. आंबेडकर को बहुत सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाने की मांग को विधानसभा और प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। चैंपियन का दूसरा ताजा विवाद एक वीडियो से जुड़ा है।

रविवार को कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ। इनमें उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बात करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में चैंपियन यह कहते हुए दिख रहे हैं कि प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज को कुछ जानकारी नहीं रहती है। इस दौरान उन्होंने मीडिया को एक ऑडियो टेप भी सुनाया, जिसमें वह सतपाल महाराज से बजट के संबंध में बात कर रहे हैं।
इस ऑडियो में सतपाल महाराज उन्हें उनके क्षेत्र की नदियों में तटबंध बनाने के लिए स्वीकृति मिलने के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। इसी ऑडियो में चैंपियन के फाइल के संबंध में पूछने पर महाराज कुछ समय लेते हैं। इस पर वीडियो में चैंपियन मीडिया कर्मियों से चुटकी लेते हुए कहते हैं कि पता ही नहीं कि किस के बारे में बात हो रही है, यह है मंत्रियों का हाल। ऑडियो में आगे महाराज उनके क्षेत्र के कार्यों की स्वीकृति कराने की बात कहते हैं और चैंपियन उन्हें धन्यवाद देते हैं।

खुशखबरी : आर्थिक रिपोर्ट में उत्तराखंड हुआ समृद्ध

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड वर्ष 2018-19 के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का मजबूत आधार बताया है। उन्होंने कहा है कि यह सर्वेक्षण स्पष्ट तौर पर एक समृद्ध और विकास की ओर गतिमान उत्तराखण्ड की तस्वीर पेश करता है। राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता के साथ कार्य होने से कार्यप्रणाली में सुधार आया है। उड़ान योजना से कुॅमाऊ-गढ़वाल के मध्य हवाई सेवा शुरू हुई है जिससे कम समय में और सस्ती दरों में हवाई सफर किया जा सकता है, साथ ही सौभाग्य योजना के तहत राज्य के विद्युतविहीन लगभग 2 लाख से ज्यादा परिवारों को विद्युतीकरण की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। रोड, रेल एवं रोपवे में तेजी से हो रहे कार्य के चलते विकास दर में गुणवत्ता देखी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के उद्देश्य से किये गये डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड के प्रभावी नतीजे आने शुरू हो गये हैं। जहां पिछले 17 वर्षों में 40 हजार करोड़ के आसपास कुल निवेश उत्तराखण्ड में आया है, वहीं पिछले 6-7 महिनों में 10 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि इससे राज्य के 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन के क्षेत्र में लिये गये फैसलों ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। टिहरी वाटर स्पोर्टस का हब बन गया है, जबकि ऋषिकेश एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया भर में उभरता गंतव्य बन रहा है। उन्हें विश्वास है कि 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन के तहत पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से उत्तराखण्ड के विकास में यह फैसला एक क्रान्तिकारी फैसले के रूप में जाना जायेगा। हमारे प्रयासों के चलते गत वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना गेम चैंजर साबित हो रही है, जिससे आज गुणवत्ता युक्त इलाज निःशुल्क दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के लिये टेली मेडिसीन व टेली रेडियोलाॅजी प्रारम्भ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह का लाभ भी इस राज्य को प्राप्त हो रहा है। आॅल वैदर रोड एवं चारधाम रेल परियोजना से उत्तराखण्ड विकास के नये स्तर पर पहुंच रहा है। सेतु भारतम योजना के तहत काशीपुर में दो आरओबी का निर्माण हो रहा है। अटल सेतु एवं इं विश्वेश्वरैय्या से देहरादून आगमन आसान हुआ है एवं अजबपुर फ्लाईओवर के निर्माण के बाद और भी आसान हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एनसीआरटी की पुस्तकों को लागू करना अभिभावकों को राहत प्रदान करने वाला फैसला रहा है। व्यवस्थागत सुधारों के चलते निवेश हेतु बेहतर माॅहोल बनाने से दुनिया भर के उद्योगपतियों ने उत्तराखण्ड का रूख किया है। समाजिक प्रगति सूचकांक में उत्तराखण्ड 64.23 अंक के साथ केरल, हिमाचल प्रदेश तथा तमिलनाडु के बाद शीर्ष चैथे स्थान पर है एवं इसका स्कोर अखिल भारतीय औसत से ऊपर है। किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में माह दिसम्बर 2018 तक 528.47 लाख की धनराशि व्यय कर 15,374 किसानों को लाभान्वित किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश द्वारा भारत सरकार के सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 11वां स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2018 तक 2.66 लाख गरीब परिवारो को निशुल्क गैस कनेक्शन दिये गये हैं, जबकि जिन परिवारों को इस योजना का लाभ प्राप्त नही हो पा रहा था तथा ऐसे परिवारों को राज्य सरकार अपने स्तर से निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसम्बर तक इस योजना में 7267 परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का आइना बताते हुए कहा कि राज्य की विकास दर में वर्ष 2017-18 में 6.82 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई जबकि वर्ष 2018-19 में इसमें 7.03 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2017-18 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद रूपए 2,14,933 करोड़ आकलित था, जिसकी तुलना में वर्ष 2018-19 में यह 2,37,147 करोड़ रहने का अनुमान है। यही नहीं वर्ष 2017-18 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय रू0 1,74,622 आंकी गई थी जबकि वर्ष 2018-19 में यह 1,90,284 अनुमानित है।
वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में राज्य सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 35,660 करोड़ रूपए है जो कि वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित अनुमान के अनुसार रू0 29,783 करोड़ हो गयी है जो 19.73 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष 2018-19 में सितम्बर, 2018 तक राज्य में बैंकों द्वारा 55,759 नए सूक्ष्म उद्यमियों को रू0 906.07 करोड़ का नया ऋण स्वीकृत किया गया है।

अब घर बैठे दर्ज कराएं निगम में शिकायत

अब नगर निगम ऋषिकेश में निवास कर रहे लोगों को अपनी शिकायत के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नगर निगम ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18003135292 जारी किया। इसके लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

गुरुवार को मेयर अनिता ममगाईं ने टोल फ्री नंबर जारी किया। उन्होंने बताया कि इस टोल फ्री नंबर पर निशुल्क कॉल किया जा सकेगा। इस नंबर पर कॉल करते ही पांच विकल्प कॉलर को दिए जाएंगे। इस पर कॉलर अपनी शिकायत किसी विभाग के विरुद्घ है, के चुनने का ऑप्शन बताएगा। इसके बाद कॉल को संबंधित विभाग पर ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद समस्या का निदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। नई सुविधा से लैस होने के बाद प्रदेश में ऋषिकेश पहला नगर निगम हो गया है जहां टोलफ्री नंबर पर समस्याएं दर्ज करवाई जा सकेंगी।

इन अधिकारियों से कर सकेंगे शिकायत

मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर अपनी ‌शिकायत निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण, कर अ‌धीक्षक निशात अंसारी, पथ प्रकाश विभाग में ‌ललित नौटियाल, जन्म व मृत्यु पंजीकरण विभाग से विनोद कुमार त्यागी तथा सफाई निरीक्षक सचिन रावत से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर टोल फ्री नंबर पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही अपनी शिकायत दर्ज करा पाएगा। साथ ही कॉलर अपनी शिकायत मैसेज ड्राप बॉक्स में भी छोड़ सकेगा।

कूड़ा निस्तारण पर सरकार का विशेष ध्यानः त्रिवेन्द्र

उत्तराखंड सरकार कूड़ा निस्तारण की दिशा में विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए हरिद्वार में कूड़ा निस्तारण को एक बड़ा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में नीदरलैंड के विशेषज्ञ काम कर रहे है। प्रोजेक्ट सफल रहा था तो इससे एविशन फ्यूल, खाद आदि तैयार की जा सकेगी। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत पहले सब्सिडी 30 प्रतिशत मिली थी, जोकि अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जा रही है।

उन्होने कहा कि डोइवाला के आसपास करीब 25 से 50 एकड़ भूमि पर फिल्म सिटी बनेगी। इसके लिए भूमि तलाशी जाएगी। उत्तराखंड फिल्म जगत के हिसाब से पूरी तरह परिपूर्ण है, यहां की वादियों को कैमरे में कैद किया जाएगा। बड़े पर्दे पर उत्तराखंड की सौंदर्य छवि देखने को मिलेगी। इससे यहां पर्यटन बढ़ेगा।

उन्होने कहा कि अटल आयुष्मान योजना से राज्य में अब तक चार लाख 46 हजार गोल्डन कार्ड लोगों के बनाए जा चुके है। जबकि प्रतिदिन 35 हजार गोल्डन कार्ड विभिन्न क्षेत्रों में बन रहे है। इस योजना के मरीजों के बिल का भुगतान सरकार 15 दिनों के भीतर करेगी। साथ ही सप्ताह भर की निशुल्क दवाइयां भी देने का प्रावधान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी) शुरू किए जाने पर काम चल रहा है।

सीएम जन्मदिनः त्रिवेन्द्र के जन्मदिन पर डॉक्टूमेंट्री का प्रदर्शन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के जन्मदिन पर गुरूवार को सुभाष रोड स्थित होटल में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें शोद्यार्थी अनूप कुमार की ओर से मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के जीवन चरित्र व कार्यकलापों पर आधारित पुस्तक ‘‘कर्मण्येवाधिकारस्ते त्रिवेन्द्र एक परिवर्तनकारी नेतृत्व’’ का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल, विधायक हरबंश कपूर, दून के मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट, पदमश्री अनिल जोशी, सुशीला बलोनी, बसन्ती बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के जीवन पर आधारित कर्मशील एवं सचरित्र मुख्यमत्री त्रिवेन्द्र पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे लोकतंत्र व जनता का आसीम विश्वास व स्नेह का प्रतिफल है कि एक सामान्य परिवार में जन्में सामान्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाकर इस प्रदेश की सेवा का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखण्ड के निर्माण से लेकर राज्य गठन तक इसके समग्र चिन्तन के साक्षी रहे है। जिन आकाक्षाओं व आवश्यकाताओं की पूर्ति के लिये राज्य निर्माण हुआ है वे उसे पूर्ण करने का मन, वचन व कर्म से प्रयास कर रहे है। इसके लिये सभी से सहयोग की भी अपेक्षा की।

इस अवसर पर पदमश्री अनिल जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के कार्यकाल को जनता ने सराहा है। अपने कार्यों की उन्होंने समाज में बडी धाक जमाई है। ईमानदारी की उन्होंने मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पहाड़ में पहाड़ के गांवो को गम्भीरता से महसूस कराया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल व विधायक हरबंश कपूर ने उन्हें योग्य, ईमानदार कर्मठ मुख्यमंत्री बताया। देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के जन्म दिवस के अवसर पर शहर में एक पखवाडे का स्वच्छता अभियान चलाये जाने की बात कही। स्वामी चिदानन्द मुनि ने मुख्यमंत्री को कार्यकुशल, कर्तव्य परायण व सबको गले लगाने वाला व्यक्ति बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को संगठन व राजनीति के शिष्टाचार का ज्ञाता, भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुहिम चलाने वाला इमानदार तथा विकास को गति देने वाला व्यक्ति बताया। पुस्तक के लेखक अनुप कुमार ने कहा कि यह पुस्तक उन लोगों के योगदान का परिणाम है जिन्होंने उन्हें विकासात्मक कार्य हेतु परिवर्तन कारी नेतृत्व त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सन्दर्भ में शोध कार्य करने के लिये प्रेरित किया।

देश की जनता पीएम की नियत और नीति पर करती है विश्वास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राफेल सौदे की सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज करने पर स्वागत किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी की नीति पर देशवासियों को पूरा भरोसा है।

मुख्यमंत्री आवास पर पत्रकार वार्ता में सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि राफेल की कीमत पर निर्णय लेना अदालत का काम नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि राफेल विमानों की खरीद की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता है।

देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिहाज से ऐसे मुद्दे सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं। सीएम ने कहा कि जबकि राहुल गांधी तो लगातार उलटा बयान देकर देश की सुरक्षा पर सवाल उठाते रहे। उन्होंने सेना और सैन्य प्रतिष्ठानों के मान सम्मान को भी ठेस पहुंचाई है। कांग्रेस का ये इतिहास रहा है कि वो सेना और देश की रक्षा से संबंधित मसलों पर सवाल उठाते रहे हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक पर भी कांग्रेस ने संदेह पैदा कर सेना के मनोबल को गिराने का काम किया था। 2002 से राफेल की खरीद पर बातचीत चल रही थी, इस बीच 10 साल कांग्रेस सत्ता में रही लेकिन तब इन्होंने राफेल खरीद में कोई रुचि नहीं दिखाई। कांग्रेस ने हमेशा से रक्षा सौदों में बिचौलियों को तरजीह दी है। जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने पारदर्शी तरीके से राफेल मामले पर दो सरकारों के बीच सौदा किया।

गोपालदास की मां ने लगाया प्रशासन पर बेटे को गायब करने का आरोप

मेरे बेटे को प्रशासन ने गायब किया है, क्यों कि मेरा बेटा सच्चाई के लिए अनशन कर रहा है। जो कि प्रशासन को नागवर गुजर रहा है। यह बात संत गोपालदास की मां शकंुतला देवी ने बुधवार को त्रिवेणी घाट पर अनशन में बैठने के दौरान कही।

स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद की देह त्याग के बाद जिला पानीपत हरियाणा निवासी स्वामी गोपाल दास अनशन पर बैठ गए थे। इस बीच उन्हें एम्स ऋषिकेश, फिर पीजीआई चंडीगढ़ और उसके बाद एम्स दिल्ली रेफर किया गया। एक दिसंबर को एम्स दिल्ली से गोपाल दास को देहरादून स्थित दून अस्पताल भेजा गया था। यहां से वह उसी रोज रात अचानक गायब हो गए थे। तब से उनका कहीं पता नहीं चल रहा है।

अपने बेटे स्वामी गोपालदास का पता लगाने के लिए उनकी मां शकुंतला देवी पत्नी शमशेर सिंह मलिक बुधवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट तट पर अनशन पर बैठ गईं।

इस मामले में शासन-प्रशासन पर साजिश का आरोप लगाते हुए शकुंतला देवी ने कहा कि अपने बेटे गोपाल दास का पता लगाने के लिए अनशन पर बैठी है। इस मामले में वह देहरादून के जिलाधिकारी से भी मुलाकात करेंगी।

सीएम बोले, सत्ता पक्ष का स्टिंग है तो खुलेआम दिखाए नेता प्रतिपक्ष

नेता प्रतिपक्ष डा. इंद्रा हृदयेश के सता पक्ष के लोगों के स्टिंग प्रकरण वाली बात पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पलटवार किया है। सीएम ने कहा कि यदि उनके अंदर साहस है, तो वह परेड ग्राउंड पर बड़ी स्क्रिन लगाकर दिखाएं।

गौरतलब है कि विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश ने सरकार पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था उनके पास सरकार में शामिल लोगों के परिजनों और उनके निकट अधिकारियों के खिलाफ स्टिंग हैं उन्हें यह स्टिंग मामले में जेल भेजे गए लोगों के समर्थकों ने दिए हैं। वह इन सबूतों को लोकायुक्त को ही सौंपेंगे, उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पर पलटवार किया था।

इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोला है उन्होंने इंद्रा हृदयेश को चुनौती दी है कि वह इस स्टिंग को सार्वजनिक करें उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के बयान को निकाय चुनाव से भी जुड़ा है उन्होंने कहा हल्द्वानी में उनके पुत्र की हार से वह बौखला गयी हुई हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को हल्द्वानी नगर निगम के चुनाव में हल्का हाथ रखने की गुजारिश भी की थी। मुख्यमंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हरदेश ने कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति पर आज भी जोर दे रही हैं और भ्रष्टाचार पर तभी काम हो सकता है जब लोकायुक्त की नियुक्ति हो पाएगी। तब मुख्यमंत्री को उत्तर देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सारा मामला ही सामने आ जाएगा।

एक राष्ट्र एक चुनाव पर पीएम मोदी कृत संकल्पः सीएम

एक राष्ट्र एक चुनाव एक महत्वपूर्ण विषय है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस विषय को लेकर कृत संकल्प है। इस वर्ष उत्तराखंड के 33 महाविद्यालयों में एक ही दिन छात्रसंघ के चुनाव कराये गये। जो कि पूर्व में अलग-अलग दिन होते थे। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया के आयोजन के दौरान कही।

देहरादून में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत पीआरएसआई के गीत से हुई, इसके बाद नंदा राज जात यात्रा की सुन्दर प्रस्तुति दी गई। पब्लिक रिलेशन सोसाईटी ऑफ इण्डिया देहरादून चौप्टर के अध्यक्ष विमल डबराल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पीआरएसआई के सभी सदस्यों को शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक ही समय पर चुनाव होने चाहिए। इससे देश व राज्यों के चुनावी खर्चें पर लगाम लगेगी, साथ ही समय भी कम लगेगा।

सांसद निशंक बोले, असल केदारनाथ से अलग है केदारनाथ फिल्म

केदारनाथ फिल्म को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि फिल्म केदारनाथ में वास्तविकता के साथ छेड़छाड़ है। यह सिर्फ मनोरंजन के नजरिए से बनायी गई है।

शनिवार को ऋषिकेश पहुंचे सांसद निशंक ने बताया कि इस फिल्म में उनकी पुस्तक प्रलय के बीच का भी कुछ भाग लिया गया है। मगर, फिल्म में केदारनाथ की वास्तविकता नहीं है। फिल्म में सब कुछ विपरीत है। उन्होंने बताया कि यूपी में जब वह संस्कृति मंत्री के पद पर थे, तब उन्होंने एक फिल्म को रोकने की मांग की थी। क्यों कि उस फिल्म को भी सिर्फ मनोरंजन के लिये बनाया गया था। वास्तविकता के साथ छेड़छाड़ की गई थी।