स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर एम्स की संपत्ति, अंतिम दर्शन की इजाजत नहीं

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान प्रशासन ने शुक्रवार को स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन कराने से हाथ खड़े कर दिये। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर उनकी संपत्ति हो गयी है। इसलिये किसी को भी सार्वजनिक रूप से अंतिम दर्शन की इजाजत नहंी दी जा सकती है।

एम्स प्रशासन के इस बयान के बाद बाद उनके परिजन, अनुयायी और गंगा संकल्प यात्रा के सहयोगी नाराज हो गए। एम्स ने मातृ सदन की ओर से आए उनके शरीर को तीन दिन आश्रम में रखने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। हालांकि बाद में बिगड़ते हालात को देखते हुए एम्स प्रशासन ने मीडिया को छोड़कर कुछ लोगों को अंतिम दर्शन की इजाजत दे दी।

गुरुवार को स्वामी सानंद के परिजनों ने एम्स प्रशासन से उनके पार्थिव शरीर को परिजनों और उनके अनुयायियों के दर्शनाथ रखने के लिए आग्रह किया था। जिस पर एम्स प्रशासन ने मौखिक सहमति भी दे दी थी, लेकिन शुक्रवार को पूरा घटनाक्रम बदल गया।

एम्स के निदेशक प्रो. रविकांत ने शव को अंतिम दर्शन के लिए रखने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर अब एम्स की संपत्ति है, लिहाजा उसे सार्वजनिक रूप से अंतिम दर्शन के लिए नहीं रखा जा सकता। एम्स प्रशासन के इस फैसले के बाद उनके परिजनों और अनुयायियों ने काफी मिन्नतें की। लेकिन एम्स निदेशक अपने फैसले से पीछे नहीं हटे और दोपहर एक बजे वहां से चलते बने।

इससे पहले मातृ सदन हरिद्वार से स्वामी दयानंद ब्रह्मचारी भी एक पत्र लेकर एम्स पहुंचे। पत्र में मातृसदन ने दो दिन के लिए स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को आश्रम में दर्शन के लिए ले जाने का आग्रह किया था। मगर, एम्स प्रशासन ने उन्हें भी इसकी इजाजत नहीं दी। जिससे स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन की इच्छा लेकर यहां पहुंचे लोग नाराज हो गए। स्वामी सानंद के अधिकांश परिजन इस निर्णय के बाद यहां से चले भी गए थे। जबकि कुछ लोगों ने एम्स प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

धरने के बाद बैकफुट पर आया प्रशासन

स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन न कराए जाने से नाराज गंगा संकल्प यात्रा के सदस्य जल पुरुष राजेंद्र सिंह व उनके सहयोगियों ने एम्स निदेशक के कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ एम्स पहुंचे और वह भी गंगा संकल्प यात्रा के सदस्यों के साथ धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने उन्हें उठाने की कोशिश की, मगर सभी लोग स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन की मांग पर अड़े रहे।

मामला बिगड़ता देख पुलिस व स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया। स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद एम्स प्रशासन ने गंगा संकल्प यात्रा के सदस्यों व अनुयायियों को स्वामी सानंद के दर्शन की इजाजत दी।

उत्तराखंड में पहली बार इंवेस्टर्स समिट होना बहुत बड़ी बातः राजनाथ

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास में इंवेस्टर्स समिट का अध्याय भी जुड़ गया है। उत्तराखंड में पहली बार इंवेस्टर्स समिट आयोजित होने पर राजनाथ सिंह ने राज्य सरकार को बधाई दी।

इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में उत्तराखंड सरकार की तारीफ की। साथ ही क्रिकेटर पृथ्वी शॉ का भी उदाहरण दिया। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने ये भी कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधन और मानव संसाधन की नहीं बल्कि सामंजस्य की कमी। जिसे दूर करने की जरूरत।

कानून व्यवस्था और सुरक्षा में उत्तराखंड आदर्श राज्य

कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा के रूप में उत्तराखंड आदर्श राज्य है। निवेश के लिए इससे बेहतर कोई दूसरी स्थिति नहीं है।

सीएम ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
इससे पहले सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इन्वेस्टर्स समिट में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक स्टाल का निरीक्षण कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मंडुवे के बिस्किट का स्वाद भी लिया। इतना ही नहीं सीएम ने हॉर्टिकल्चर से सम्बंधित उत्पादों के बारे भी जानकारी ली।

बाद में पत्रकारों से बातचीत ने सीएम ने कहा कि समिट को लेकर निवेशकों के साथ ही सरकार में भी खास उत्साह है। ये पहल राज्य के लिए वरदान साबित होगा। सीएम ने ये भी कहा कि यह दीर्घकालीन प्रोजेक्ट है और इसे आकार लेने में वक्त लगेगा। आने वाले चार से पांच सालों में अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

जीएसटी ने देश को सिंगल मार्केट में बदल दियाः मोदी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इंवेस्टर्स समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में टैक्स व्यवस्था में बहुत सुधार किए गए हैं। टैक्स से जुड़े मामलों के समाधान को और पारदर्शी और तेज करने का प्रयास किया जा रहा है। इन्सॉल्लवॅन्सि और बैंकरपटीस कोड से आज कारोबार आसान हुआ है, बैंकिंग सिस्टम को भी ताकत मिली है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तौर पर भारत ने स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा टैक्स रीफॉर्म किया है। जीएसटी ने देश को सिंगल मार्केट में बदल दिया है और टैक्स बेस बढ़ाने में भी मदद की है।

विदेशी निवेशकों के लिये भी भारत में बना सर्वोत्म माहौल

देश विदेश से निवेशकों के लिए भारत में सर्वोत्म माहौल बना है। हाल ही में शुरू आयुष्मान योजना से भारत में मेडिकल सेक्टर में निवेश की संभावना बढ़ी है। आने वाले दिनों में टायर टू टायर थ्री शहरों में मेडिकल कालेज बनेंगे, नए अस्पताल बनेंगे। देश के 50 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को इस योजना के तहत इंश्योरेंस एश्योरेंस मिल रहा है। अमेरिका कनाडा मैक्सिको से ज्यादा आबादी को लाभ मिलेगा।

विकास की पटरी में तेज गति से आगे दौड़ रहा उत्तराखंड
उत्तराखंड देश के उन राज्यों में हैं, जो न्यू इंडिया डेमोग्राफिक रिपर्जेंट करता है। सरकार की तारिफ करते हुए उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने में उत्तराखंड त्रिवेंद्र सरकार प्रयासरत है। उत्तराखंड के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार की संभावनाएं जगेंगी। निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए प्रक्रिया को आनलाइन किया गया है।
फूड प्रोसेसिंग को आगे बढ़ाने के लिए हो रहा काम

चार साल के दौरान कनेक्टीविटी बढ़ाने के लिए उत्तराखंड में प्रयास किए गए हैं। गांव गांव सड़कें, चारधाम आल वेदररोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम हुआ है। इससे पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा। एडवेंचर, मेडिशन, योगा को इसका लाभ मिलेगा। अब तो उत्तराखंड सरकार ने अलग उद्योग पालिसी बनाकर पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया। 18 साल में पहली बार जिलों में टूरिज्म डेस्टीनेशन बनाकर अच्छी पहल। राज्य को आर्गेनिक स्टेट बनाने में काम हो रहा है। केंद्र भी काम कर रही है।

दुनियां की सबसे बड़ी मोबाइल मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट भारत में काम कर रही है। दुनियां के बड़े ब्रांड मेक इन इंडिया का हिस्सा है। इस इवेंट में जापान उत्तराखंड के साथ है। उत्तराखंड न्यू इंडिया की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं। भारत की प्रगति हमारे राज्यों की पोटेंशियल को चेनलाइज करें तो इस देश की विकास यात्रा को दुनियां में कोई नहीं रोक सकता है।
18 साल की उम्र का महत्व होता है

हमारे नौजवानों में ताकत है। 18 साल की उम्र का महत्व होता है। उत्तराखंड की उम्र 18 साल है। इन 18 साल को बेकार न जाने दें। औषधियों के कारण, मां गंगा के कारण, तपस्या के कारण ऐसी जड़ है। उत्तराखंड में ऐसी जड़ है। विश्वास है रावत के नेतृत्व में 18 साल की उम्र में राज्य ऐसा कार्य करेगा। इसकी शुभ शुरुआत भगीरथ प्रयास से हुई।

इससे पूर्व, पीएम मोदी ने रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्धाटन किया। इसके बाद पीएम को उत्तराखंड की खूबसूरती की तस्वीरें दिखाई गई। वीडियो क्लीपिंग के जरिये पीएम को राज्घ्य में संभावनाएं बताई गईं। वन, पर्यटन, बागवानी, धर्म और संस्कृति के नजारे दिखाए गए। प्रदर्शनी देखने के दौरान पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग के स्टाल पर जानकारी ली। उद्घाटन के अवसर पर पारंपरिक मांगल गीत दैंणा हुंय्या, खोलि का गणेशा.. की प्रस्तुति दी गई। यह प्रस्तुति देने वाले 30 कलाकारों का दल उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों में सजा हुआ था।

गढ़वाली बोली से सीएम ने किया निवेशकों का स्वागत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार, देहरादून के अलावा नये निवेशकों नये हिल स्टेशन के दिए प्रस्ताव। साढ़े तीन हजार एनएच, 35 हजार किमी सड़कें हैं। सड़कों के जाल उधगों में मिलेगा लाभ। उड़ान योजना का मिलेगा लाभ। आल वेदर रोड का काम चल रहा है। दिल्ली और दून की नजदीकियां बढ़ी। मेट्रो और सड़क मार्ग में कई योजनाओं पर चल रहा काम। पुराने पर्यटन स्थलों के साथ साथ नये 13 डेस्टिनेशन पर चल रहा काम। 4000 मेगावाट की रिन्यूवल ऊर्जा की जरूरत।पिरूल की पत्तियों से ऊर्जा उत्पादन की योजना। ऑर्गनिक खेती पर 10 हजार क्लस्टर बनाये जा रहे हैं। गढ़वाली बोली के साथ सीएम ने किया निवेशकों का स्वागत।

वीडियो क्लीपिंग के जरिये दिखाई गई उत्तराखंड की खूबसूरती

इसके बाद निवेशकों को शार्ट वीडियो क्लीपिंग के जरिये उत्तराखंड की खूबसूरती दिखाई गई। यहां पूर्व में निवेश कर चुके निवेशकों ने अपने अनुभव शेयर किए। अमूल डेयरी के निदेशक आरएस सोढ़ी ने समिट को संबोधित किया।

अमूल डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढ़ी ने कहा कि उत्तराखंड में जितने दूध की खपत है उसका केवल 15 प्रतिशत ही यहां उत्पाद होता है। बाकी 85 फिसदी दूध बाहर से आता है। आने वाले समय में उत्तराखंड दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकता है।

चेक रिपब्लिक के राजदूत मिलॉन होवार्का ने नमस्कार कहकर अपना संबोधन शुरू किया और योगा को सराहा। उत्तराखंड की तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य राज्य के विकास के लिए तत्पर है। कहा कि बायोमास, सोलर एनर्जी और ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में चेक गणराज्य और उत्तराखंड के बीच में बेहतर तालमेल हो सकता है। इसके बाद उन्होंने समिट का बुलावा देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को धन्यवाद कहा।

जापान सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में देंगे सहयोग

जापान के उच्चायुक्त ने कहा कि जापान और भारत के बीच हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी को जापान आने का निमंत्रण दिया। कहा कि हम उत्तराखंड को सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में सहयोग देंगे।

यहां निवेश की हैं अपार संभावनाएंः प्रणव अडानी
अडानी ग्रुप के प्रणव अडानी के कहा कि हम उत्तराखंड ऑर्गेनिक कमॉडिटी मोड में निवेश कर रहे हैं। यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्धः आचार्य बालकृष्ण

पतंजलि की ओर से समिट में शिरकत कर रहे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि 12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्ध हैं। इनमें कई दुर्लभ जड़ी बूटियां भी हैं। पतंजलि ने 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। देश का पहला फूड पार्क उत्तराखंड में पतंजलि द्वारा संचालित है।

महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया

महिंद्रा ग्रुप की ओर से पवन कुमार गोयंका ने पीएम मोदी, उत्तराखंड की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अधिकारियों और निवेशकों का अभिवादन किया। कहा कि यहां का चारधाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। राज्य की स्थापना से लेकर अभी तक महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया। अभी तक महिंद्रा ने राज्य में 16 लाख गाड़िया और ट्रैक्टर बनाए हैं। राज्य की प्रगति की मनोकामना करते हुए उन्होंने उपस्थित निवेशकों से यहां निवेश करने का आग्रह किया।

उत्तराखंड में गुरुवार मध्य रात्रि से पेट्रोल-डीजल के दामों में होंगे पांच रूपये कम

केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की पेट्रोल-डीजल पांच रूपया सस्ता करने की घोषणा के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी राज्य में पेट्रोल-डीजल पांच रूपया सस्ता करने की घोषणा कर दी। जिससे राज्य के नागरिकों को कुछ राहत अवश्य मिलेगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री की घोषणा के बाद गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, असम, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, झारखंड और हिमाचल प्रदेश ने भी 2.50 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल सस्ता किए जाने की घोषणा की। इसके बाद इन राज्यों में गुरुवार आधी रात से पेट्रोल और डीजल पांच रुपये प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा।

पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती का स्वागत करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ-साथ सभी भाजपा शासित राज्यों ने भी पेट्रोल और डीजल पर ढाई रूपये कम करने का निर्णय लिया है। जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम पांच रुपये कम होंगे। जनता को राहत देने वाले इस संवेदनशील निर्णय के लिए मैं सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बधाई देता हूँ।

उधर, बिहार के उप मुख्घ्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि हमें जेटली की तरफ से कोई चिट्ठी नहीं मिली। पहले हम इस आदेश को देखेंगे फिर पेट्रोल-डीजल की कीमत पर फैसला लेंगे। हर राज्य की अलग-अलग स्थिति होती है इसलिए पहले लेटर आने दीजिए।

कर्नाटक के मुख्घ्यमंत्री कुमार स्वामी ने कहा कि हमने पहले दो रुपये प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करके दो महीने पहले ही लोगों को राहत दे दी है।

उधर, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से अपील की है कि वह भी अन्य राज्यों की तरह 2.50 रुपये की कटौती करें, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके।

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला वैट राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में आने वाला कर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो पिछले चार सालों के दौरान कीमतों में आई सबसे बड़ी उछाल है।

859 पोर्न साइट्स को तत्काल बंद करें केंद्र सरकारः हाईकोर्ट

अश्लील वीडियो देख बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये न्यायालय ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी केंद्र सरकार की सूची के अनुसार पोर्न साइट्स बंद करने को कहा है।

पिछले दिनों देहरादून के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में दसवीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामूहिक दुष्कर्म में चार नाबालिग छात्रों का भी नाम सामने आया। चारों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि पोर्न साइट देखने के बाद उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।

इस मामले का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ द्वारा स्वतरू संज्ञान लिया गया। गुरुवार को खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए अहम दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने तथा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों (आइएसपी) को भी केंद्र की सूची के आधार पर पॉर्न साइट्स नहीं चलाने के आदेश पारित किए।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह बताने को कहा है कि 2014 में इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन के अनुपालन में क्या कार्रवाई की गई। केंद्र को इस पर 11 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करना होगा। कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता अरविंद वशिष्ट को न्याय मित्र नियुक्त किया है।

हाईकोर्ट नैनीताल ने सीआरपीसी की धारा 438 को बनाया प्रभावी

नैनीताल हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 438 को प्रभावी बनाते हुये आदेश दिया किया है। जिसके अनुसार राज्य की निचली अदालतें भी अब अग्रिम जमानत दे सकती है। विदित हो कि अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।

हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए राज्य में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 प्रभावी कर दी है। इस आदेश के बाद राज्य की निचली अदालतों को भी अग्रिम जमानत देने का अधिकार मिल गया है। अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।

प्रदेश से बाहर भेजा जाएगा घुसपैठियों कोः सीएम

राज्य में घुसे बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को सरकार प्रदेश से बाहर भेजने के लिये तैयारी कर रही है। राज्य के सभी जिलों, तहसील स्तर पर इन्हें चिह्नीकरण करने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घुसपैठियों पर सख्त रूख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोई भी घुसपैठिया, चाहे वह बांग्लादेशी हो या रोहिंग्या, सबको प्रदेश की सीमाओं से बाहर भेजा जाएगा। हम उन्हें उत्तराखंड में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण व संवेदनशील प्रदेश है। उन्होंने कहा कि जनता को भी कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो सरकार को सूचित करे। उन्होंने कहा कि सीएम एप, मेल व अन्य वेबसाइट के माध्यम से सरकार तक सूचना पहुंचायेे। सरकार एक-एक घुसपैठिये को यहां से बाहर करेगी।

प्रदेश में बीते कुछ महीनों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों व रोोहग्या की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में खुफिया एजेंसियां भी लगातार सरकार को इनपुट उपलब्ध कराती रही हैं। फिलहाल, इनके आने पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन पाई है लेकिन इन्हें बाहर निकालने की तैयारी जरूर शुरू हो चुकी है।

दरअसल, कुछ समय पूर्व विधायक खानपुर (हरिद्वार) कुंवर प्रणव चौंपियन ने एक सनसनीखेज बयान में कहा था कि रोोहग्या हरिद्वार तक पहुंच चुके हैं। उस समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बात का समर्थन नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने खुफिया एजेंसियों से इसका इनपुट लिया।

इस पर सरकार को प्रदेश में बाहर से आकर अवैध रूप से बसने वालों की जानकारी मिली। इसके बाद सरकार के निर्देश पर हरिद्वार के साथ ही तराई वाले जिलों में खुफिया एजेंसियों ने बस्तियों व झुग्गियों में बाहरी लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। इनकी संख्या देखकर खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद सभी जिलों में इनकी सूची बनाने के निर्देश जारी किए गए, जिस पर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। वहीं, सरकार ने अब आमजन का भी इसमें सहयोग लेने की बात कही है।

सरकार ने एनएच-74 के विस्तारीकरण को दी हरी झंड़ी

बुधवार को हुयी कैबिनेट बैठक में मंत्रीमंडल ने एनएच-74 के हरिद्वार-नगीना तक विस्तारीकरण को वन क्षेत्र की 847.98 करोड़ मूल्य की 64.74 हेक्टेयर भूमि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त देने पर मुहर लगाई है। इससे गढ़वाल को कुमाऊं से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं यात्रियों का सफर भी सुरक्षित होगा और समय की बचत भी होगी।

वहीं राज्य में अब रात्रि पाली में भी महिला कार्मिक बेरोकटोक कार्य कर सकेंगी। उधर, मंत्रिमंडल ने अगले माह प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान पूंजी निवेशकों के लिए विभिन्न योजनाओं में गांव स्तर तक निवेश का रास्ता साफ करते हुए विभिन्न नियमावलियों को मंजूरी दी। सौर ऊर्जा नीति में संशोधन कर पांच मेगावाट तक सोलर प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित किए जाएंगे। इन्हें पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित किया जा सकेगा। वहीं नगर निगम सीमा में शामिल क्षेत्रों को कम भी किया जा सकेगा। इसके लिए मौजूदा अधिनियम में संशोधन विधेयक को स्वीकृति दी गई।

त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की बुधवार को सचिवालय में दिनभर चली बैठक में 24 बिंदुओं पर चर्चा हुई। दो बिंदु स्थगित किए गए। विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी होने के चलते कैबिनेट फैसलों की ब्रीफिंग नहीं की गई। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने एक जनवरी, 2016 से पहले के पेंशनरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से लागू पेंशन व्यवस्था को राज्य में लागू किए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इससे 1985, 1995, 2006 के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स की पेंशन में विसंगति दूर होगी। पेंशनर्स को कोई एरियर नहीं दिया जाएगा। शासनादेश जारी होने की तिथि से उक्त पेंशन व्यवस्था लागू मानी जाएगी।

कैबिनेट प्रमुख फैसले
-एक जनवरी, 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों की पेंशन विसंगति खत्म, पेंशन में 300 से 1000 रुपये की वृद्धि

-इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों के लिए निवेश का रास्ता साफ, सौर ऊर्जा, आयुष समेत कई अहम नियमावलियां मंजूर

-महिला कार्मिकों को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति, पहले लगा प्रतिबंध हटाया

-ग्रोथ सेंटर योजना के तहत राज्य की 670 न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटर होंगे संचालित, एमएसएमई किसानों, बुनकरों को संगठित कर देगा प्रोत्साहन

-कीड़ा जड़ी दोहन और विपणन की नीति व प्रक्रिया को मंजूरी, जड़ी एकत्र करने वालों को कराना होगा पंजीकरण

-एनएच-74 के हरिद्वार-नगीना तक विस्तारीकरण को वन क्षेत्र की 847.98 करोड़ मूल्य की 64.74 हेक्टेयर भूमि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त देने पर मुहर

-प्राथमिक स्कूलों के बाद अब 30 से कम छात्रसंख्या वाले 34 सरकारी हाईस्कूल और इंटर को बंद करने का निर्णय

-उत्तराखंड सौर ऊर्जा नीति-2016 में संशोधन को मंजूरी, पांच मेगावाट तक प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित

-उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959) संशोधन अधिनियम, 2018 विधेयक को मंजूरी, नगर निगम की सीमा को अब घटा सकेगी सरकार

एनएच घोटाले में आइएएस अधिकारी पंकज कुमार व चंद्रेश यादव हुये सस्पेंड

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जीरो टॉलरेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए भ्रष्टाचार के आरोप में दो आइएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सरकार के निर्देश पर शासन ने हरिद्वार-ऊधमसिंह नगर-बरेली (एनएच-74) चौड़ीकरण मुआवजा मामले में आइएएस अधिकारी व प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय और अपर सचिव चंद्रेश यादव को निलंबित कर दिया है।

प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय और अपर सचिव चंद्रेश कुमार यादव पर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर के पद पर रहते हुए आर्बिट्रेटर की भूमिका निभाने के दौरान नियम विरुद्ध मुआवजा वितरित करने का आरोप है। दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग 74 के चौड़ीकरण के लिए सरकार ने रुद्रपुर में सड़क के दोनों ओर की भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके लिए भूस्वामियों को मुआवजा दिया गया। इस दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसमें कृषि भूमि को अकृषि दिखाकर अधिक मुआवजा बांटने व नियम विरुद्ध मुआवजा निर्धारण करना आदि शामिल थे। सरकार ने शुरुआती जांच के बाद बीते वर्ष मार्च में सात एसडीएम (एक सेवानिवृत्त) निलंबित कर दिए थे। मामले की विस्तृत जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया।

कुछ समय पूर्व एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में आइएएस अधिकारी डॉ. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश यादव के आर्बिट्रेटर के रूप में लिए गए फैसलों पर सवाल उठाए थे। इस पर शासन ने दोनों अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया। दोनों अधिकारियों के अनुरोध पर दो बार जवाब लेने का समय बढ़ाया गया। इनके जवाब का परीक्षण करने के बाद शासन ने दोनों को निलंबित कर दिया है।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी आदेशों में साफ किया गया है कि एसआइटी की विवेचनात्मक जांच आख्या के आधार पर दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के लिए आरोप पत्र जारी करने और जांच अधिकारी की नियुक्ति के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है। इन अधिकारियों के खिलाफ जांच में सामने आए तथ्यों पर स्पष्टीकरण लिया गया था। विचार विमर्श के बाद दोनों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

अब शासन इन दोनों अधिकारियों को अलग से आरोप पत्र जारी करेगा। इसमें उनसे एसआइटी की रिपोर्ट पर उठाए गए सवालों के जवाब लिए जाएंगे। इसके साथ ही एक जांच अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी। यह जांच अधिकारी वरिष्ठ आइएएस अधिकारी होगा। अधिकारियों का जवाब मिलने के बाद जांच अधिकारी इसकी जांच करेंगे। आरोप पुष्ट होने पर कार्रवाई के लिए डीओपीटी और संघ लोक सेवा आयोग को पत्र भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार कायम है। भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार सबके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई करेगी। इन दोनों अधिकारियों को भी प्रथम दृष्ट्या आरोप पुष्ट होने पर निलंबित किया गया है।

सहकारी विकास परियोजना से 50 हजार किसानों को होगा फायदा

किसानों की आय दोगुनी करने में समेकित सहकारी विकास परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे राज्य के 50 हजार किसानों को फायदा होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के सहयोग से 3632 करोड़ रूपये की समेकित सहकारी विकास परियोजना को प्रदेश में लाया जा रहा है। एनसीडीसी द्वारा वित पोषित इस योजना में 80 प्रतिशत ऋण के रूप में जबकि 20 प्रतिशत अनुदान के रूप में होगा। इसमें कॉपरेटिव व कार्पोरेट में समन्वय पर भी बल दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में जल्द ही राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) द्वारा सहायतित राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना की शुरूआत की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के सहयोग से 3632 करोड़ रूपये की समेकित सहकारी विकास परियोजना को प्रदेश में लाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य को पूर्ण करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। इस परियोजना को सफल बनाने में सहकारी, कृषि, उद्यान, मत्स्य, डेयरी व सम्बन्धित विभागों की अहम भूमिका होगी। इस परियोजना से प्रदेश के 50 हजार किसानों को फायदा होगा। इस परियोजना से कॉपरेटिव से कॉपरेटिव व कॉपरेटिव से कॉर्पोरेट के रास्ते खुलेंगे। इस परियोजना के लिए परियोजना निदेशालय बनाया जायेगा।

इस कार्यक्रम को आईसीडीपी योजना के तहत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से वित्त पोषण में सहायता मिलेगी, जहां प्राविधानित राशि का 80 प्रतिशत ऋण एवं 20 प्रतिशत अनुदान के रूप में होगा। यह कार्यक्रम तीन चरणों में चलाया जायेगा। पहले चरण में बहुद्देशीय सहकारी समितियों एवं उनके जिलास्तरीय व शीर्ष निकाय, कृषि, उद्यान, जड़ी-बूटी, रेशम, सगंध पौध आदि का सहकारी सामूहिक खेती द्वारा वृहद उत्पादन, परिवहन, विपणन, दुग्ध विकास, पशुपालन व मतस्य पालन की विशेष त्रिस्तरीय सहकारी संस्थाओं की आवश्यकताओं को शामिल किया गया है।

आईसीडीपी के माध्यम से उत्तराखण्ड राज्य के विकास के कार्यक्रम की विशिष्टता के दृष्टिगत परियोजना इस प्रकार तैयार की गई है कि मूल्य श्रृंखला में ‘खेतों से लेकर बाजार तक’ चुनौतियों को पहचाना जा सके और उनका उचित निदान किया जा सके। किसानों की छोटी-छोटी जोत को शामिल कर संयुक्त सहकारी खेती के माध्यम से वृहद स्तर पर फसलों की खेती में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। सहकारी संस्थाओं एवं निगमित निकायों (कॉर्पोरेट) के संयुक्त उद्यम द्वारा उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने, बाजार पहुंच में सक्षम होने व किसानों को फसल मूल्य अधिक प्राप्त होने में कारगर साबित होगी। इस परियोजना द्वारा शीर्ष निकायों यूसीएफ, यूसीबी, और नव निर्मित पीसीयू को संरचनात्मक व प्रभावी रूप से मजबूत करने की व्यवस्था की गई है।