परीक्षा निरस्त कराने के लिए कोचिंग सेंटर, छात्र संगठनों को बनाते थे मोहरा

एई व जेई प्रश्न पत्र लीक मामले में एसआईटी टीम ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर मुख्य अभियुक्त कोचिंग सेंटर संचालक विवेक ऊर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। यूपी बॉर्डर पर भी एक नकल सेंटर का पता चला है।
शुक्रवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद नकल माफिया और संदिग्ध कोचिंग सेंटर के गठजोड़ का भी खुलासा हुआ है। कोचिंग सेंटर प्रश्न लीक कराकर मोटी रकम वसूलते थे।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि किसी कारणवश चयन न होने पर कोचिंग इंस्टीटूट पूरी परीक्षा निरस्त कराने के लिए कुछ छात्र संगठनों से जुड़े लोगों से धरना प्रदर्शन भी कराते थे।
प्रारंभिक पूछताछ पर अभियुक्त ने बताया कि वह वर्तमान में रुड़की में जीनियस नाम से कोचिंग सेंटर संचालित करता है जिसमें जेई के परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी करता है। अधिक पैसे कमाने के लालच में इसके पेपर लीक करने वाले गिरोह में शामिल होकर कुछ अभ्यर्थी से पेपर देने के एवज में 19 लाख रुपए तय किए जिनसे एडवांस के तौर पर कुछ धनराशि एवम ब्लैंक चेक लिए गए। अवैध धनराशि में से कोचिंग सेन्टरों में 8.5 लाख की एलईडी लगवाई।
अभियुक्त विक्की ने बताया कि अगर मेरी कोचिंग सेंटर से ज्यादा लड़के सलेक्ट होंगे तो मेरे कोचिंग का नाम होगा। तभी ज्यादा लड़के मेरे कोचिंग सेंटर पर आएंगे। अगर मेरे सेंटर से लड़के सेलेक्ट नहीं होते हैं तो हम परीक्षा रद्द कराने के लिए पैसा देकर धरना प्रदर्शन भी करा देते है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हरिद्वार देहात क्षेत्र तथा देहरादून के कुछ संदिग्ध कोचिंग सेन्टर एसआईटी के रडार पर हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा निरस्त कराने के लिए फंडिंग के लिए कुछ छात्रों के बयानों में भी एसआईटी को ऐसे गठजोड़ की पुख्ता जानकारी मिली है।

एई व जेई प्रश्न लीक प्रकरण में एसआईटी हर एंगल से कर रही है जांच, हर आरोपी का जेल जाना तय-एसएसपी अजय सिंह
इंस्टीट्यूट के संपर्क में आए छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा लीक प्रकरण में पुनः परीक्षा के लिए गोपनीय सहयोग की बात भी सामने आई है। परीक्षाएं निरस्त होने पर छात्र कथित कोचिंग सेंटरों में साल भर लेते रहते हैं कोचिंग के लिए एडमिशन। किसी कारणवश चयन न होने पर पूरी परीक्षा निरस्त कराने का खेल भी आया सामने आया है। हरिद्वार पुलिस ने बताया कि कोचिंग इंस्टीट्यूट मालिक के संपर्क में कुछ छात्र संगठनों को धनराशि देकर धरना प्रदर्शन भी कराया जाता था।
गौरतलब है कि पूर्व में तीन अभियुक्तों के कब्जे से कुल 07 लाख रुपए की अवैध अर्जित नगदी और विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चैक बरामद किए जा चुके है।
प्रश्न लीक के साक्ष्य मिलने पर तीन फरवरी को मुख्यमंत्री के आदेश पर थाना कनखल में मुकदमा दर्ज किया गया था।

गिरफ्तार अभियुक्त-
विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम चुड़ियाला थाना भगवानपुर हरिद्वार हाल संचालक (जीनियस) कोचिंग इंस्टीट्यूट
बरामदगी-
अभार्थियो से लिए दो लाख रुपए नकद।
चार ब्लैंक चेक (अभ्यर्थियों से लिए गए)
अब तक गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-
1- संजीव कुमार पुत्र वैध्यनाथ भगत निवासी मौहल्ला शिवपुरी थाना व जिला सहरसा बिहार हाल पता 310 भागीरथ आवासीय कालोनी लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड कनखल हरिद्वार
2- नितिन चैहान पुत्र श्री ब्रह्मपाल निवासी अन्नेकी सिडकुल हरिद्वार
3- सुनील सैनी पुत्र ज्ञानचन्द सैनी निवासी पुर्वावाला थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार
4- विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम चुड़ियाला थाना भगवानपुर हरिद्वार उम्र 25 वर्ष। (आज गिरफ्तार)

मुख्यमंत्री ने कहा, हम हर कीमत पर चाहते हैं छात्रों का हित, भरोसा रखें युवा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि हम किसी भी कीमत पर छात्रों का हित चाहते हैं। इसीलिए जिन भी परिक्षाओं में गड़बड़ियां पाई गई, राज्य सरकार ने उन्हें तत्काल रद्द करते हुए नई तिथि घोषित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में परीक्षा के लिए आने पर निशुल्क व्यवस्था की गयी है और परीक्षा शुल्क को भी नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल अध्यादेश को लेकर हमने कहा था कि इसे हम जरूर लेकर आएंगे। लेकिन किन्हीं कारणों से कैबिनेट होने में देरी हो गयी। कैबिनेट न होने के बावजूद हमने नकल विरोधी अध्यादेश को विचलन से महामहिम राज्यपाल को अग्रसारित कर दिया है। यह भी तय कर दिया है कि अब जितनी भी परीक्षाएं होंगी वो सभी इस अध्यादेश से आच्छादित होंगी। सबसे सख्त कानून जो हो सकता है, वो हमने बनाने का काम किया है। इस कानून के तहत आजीवन कारावास तक की सजा के अलावा दस करोड़ रूपए तक के जुर्माने के सख्त प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने छात्रों, बेटों-बेटियों से कहना चाहते हैं कि सभी परीक्षा पारदर्शी होंगी, किसी भी अफवाहों पर न जाएं, परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें, सभी परीक्षाएं निष्पक्ष और शुचिता के साथ होंगी।

गले नहीं उतर रहा देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाने जा रही धामी सरकार के खिलाफ सड़कों पर ये पथराव

राजधानी देहरादून में गांधी पार्क से घंटाघर तक युवाओं के मचाया उत्पात, पथराव गले नहीं उतर रहा है। क्योंकि युवाओं की जो मांग है, उस दिशा में तो धामी सरकार पिछले एक साल से युद्धस्तर से काम कर रही है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग समेत लोक सेवा आयोग के नकल माफिया समेत 60 से अधिक लोगों को जेल पहुंचाया जा चुका है। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया जा रहा है। जो 15 फरवरी की कैबिनेट बैठक में आने जा रहा है। ऐसे में युवाओं का आक्रोश, सड़कों पर पथराव समझ से परे है।
उत्तराखंड में राज्य गठन से ही नकल और भर्ती माफिया सक्रिय रहा। एनडी तिवारी सरकार में दरोगा भर्ती घोटाला, कभी तकनीकी विवि भर्ती घपला, मंडी परिषद भर्ती घपला कांग्रेस सरकार में हुआ। इसके बाद की भाजपा सरकार में आयुर्वेद चतुर्थ श्रेणी भर्ती घपला, जेई भर्ती घपला, यूपी, बिहार, दिल्ली के लोगों को जल निगम में नियम विरुद्ध भर्ती किया गया। ऊर्जा निगम, यूजेवीएनएल में भर्ती फर्जीवाड़ा हुआ। लेकिन किसी भी मामले में न कोई कार्रवाई हुई, न ही कोई जांच। 2012 से 2017 और 2017 से 2020 तक अधिनस्थ सेवा चयन आयोग, लोक सेवा आयोग की भर्ती में बड़े पैमाने पर भर्ती फर्जीवाड़ा हुआ। खानापूर्ति को जांच बैठाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। युवा साल दर साल ठगे चले आते रहे। 2019 में नकल माफिया हाकम सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मंगलौर थाने में मुकदमा दर्ज होता है, लेकिन जांच को बंद कर दिया जाता है। हाकम सिंह और उसके साथियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
इन तमाम फर्जीवाड़ों के खिलाफ जुलाई 2021 के बाद कार्रवाई शुरू होती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सरकारी महकमों की भर्ती सिस्टम को दीमक की तरह चाट रहे नकल माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एक के बाद एक भर्ती में हुई गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया। 50 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा। सभी नई पुरानी भर्तियों की जांच बैठाई। यही सिलसिला लोक सेवा आयोग में जारी रखा। जहां भी भर्ती का फर्जीवाड़ा सामने आया, तत्काल कार्रवाई में देरी नहीं की। साथ ही लोक सेवा आयोग को तेजी के साथ भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए। इन आदेशों के क्रम में आयोग ने भर्तियां भी शुरू की।
इसी के साथ नकल माफिया के हौसले पस्त करने को देश का सबसे सशक्त नकल विरोधी कानून लाने का ऐलान किया। ये कानून 15 फरवरी की कैबिनेट में आने जा रहा है। इसमें जेल, संपत्ति जब्त, दोबारा भर्ती में बैठने पर प्रतिबंध लगाने समेत कई सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। इसके बाद भी राजधानी की सड़कों पर युवाओं का आक्रोश समझ से परे हैं। जानकारों को इसके पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश की बू आ रही है। क्योंकि जिस तरह नकल माफिया के खिलाफ सीएम धामी लगातार हमले कर रहे हैं, उससे उनका युवाओं में क्रेज बढ़ रहा है। यही वो सबसे बड़ी वजह है, जो विरोधियों को परेशान किए हुए है। ऐसे में इस बार युवाओं की मजबूती को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल करने की साजिश रची जा रही है। युवाओं को ही भ्रमा कर उनके खिलाफ किए जाने की साजिश रची जा रही है।

धामी सख्त, उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अध्यादेश 2023 को दी मंजूरी

उत्तराखण्ड प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं शुचिता को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आज दिनांक 09 फरवरी, 2023 को उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इस अध्यादेश में दोषियों के विरूद्ध सख्त प्रावधान किए गए हैं।
इसके तहत यदि कोई व्यक्ति, प्रिटिंग प्रेस, सेवा प्रदाता संस्था, प्रबंध तंत्र, कोचिंग संस्थान इत्यादि अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए आजीवन कारावास तक की सजा तथा दस करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई व्यक्ति संगठित रूप से परीक्षा कराने वाली संस्था के साथ षडयंत्र करता है तो आजीवन कारावास तक की सजा एवं 10 करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी प्रतियोगी परीक्षा में स्वयं नकल करते हुए या अन्य परीक्षार्थी को नकल कराते हुए अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए तीन वर्ष के कारावास व न्यूनतम पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि वह परीक्षार्थी दोबारा अन्य प्रतियोगी परीक्षा में पुनः दोषी पाया जाता है तो न्यूनतम दस वर्ष के कारावास तथा न्यूनतम 10 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए पाया जाता है तो आरोप पत्र दाखिल होने की तिथि से दो से पांच वर्ष के लिए डिबार करने तथा दोषसिद्ध ठहराए जाने की दशा में दस वर्ष के लिए समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी दोबारा नकल करते हुए पाया जाता है तो क्रमशः पांच से दस वर्ष के लिए तथा आजीवन समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है।
अनुचित साधनों के इस्तेमाल से अर्जित सम्पति की कुर्की की जायेगी।
इस अधिनियम के अन्तर्गत अपराध संज्ञेय, गैर जमानती एवं अशमनीय होगा।

नुकीली वस्तु से हमला कर सेवादार को किया मृतक

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब परिसर में आज दोपहर मुख्य द्वार पर लंगर वितरण के दौरान एक व्यक्ति ने गुरुद्वारा के सेवक पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया। हमला गर्दन पर पीछे से किया गया। घायल को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया। जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए एम्स रेफर किया गया है। गुरुद्वारा के अन्य सेवकों ने हमलावर को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहब लक्ष्मण झूला ऋषिकेश के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन गरीब लोग को भोजन वितरित किया जाता है। सोमवार की दोपहर करीब दो बजे भोजन समाप्त हो चुका था, इस दौरान एक व्यक्ति भोजन को लेकर विवाद करने लगा। वहां मौजूद आश्रम के सेवक कपिल शाह (45 वर्ष) हाल निवासी गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब परिसर ऋषिकेश ने इस व्यक्ति को समझाने की कोशिश की।

मगर, वह कपिल के साथ ही झगड़ा करने लगा। इस दौरान उसने किसी नुकीली चीज से उसकी गर्दन पर पीछे से वार कर दिया। कपिल वहीं गिर गया, जिसे तुरंत राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने कपिल शाह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया की गर्दन और छाती में बायीं ओर पेचकस से वार किया गया था। आरोपी की पहचान लक्की पुत्र करनैल सिंह निवासी शीशम झाड़ी, मुनिकीरेती के रुप में हुई है। पुलिस आरोपी को पकड़ कर मामले की जांच कर रही है।

उत्तराखंडः एकसाथ दो चर्चित आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी

राज्य में एकसाथ दो चर्चित अभियुक्तों की सम्पत्ति जब्त किये जाने सम्बन्धी खबर सामने आई है। पहला मामला उत्तराखण्ड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य की पौने तीन करोड़ की संपति जब्त करने के बाबत है और दूसरी खबर इमलाख की सम्पत्ति जब्त करने को लेकर है। हिस्ट्रीशीटर इमलाख बीएएमएस चिकित्सक की फर्जी डिग्री बांटने के आरोप में अजमेर से गिरफ्तार हुआ है।

पौड़ी की एसएसपी श्वेता चैबे ने अभियुक्त पुलकित आर्य की गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल पौने तीन करोड़ की सम्पत्ति जब्त करने के लिए जिलाधि कारी को रिपोर्ट भेजी है। पौड़ी पुलिस की यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

दरअसल, अंकिता भंडारी हत्याकांड में जेल में बंद पुलकित आर्य का नार्को टेस्ट भी कानूनी दांवपेंच में उलझता जा रहा है। इस मामले में कथित वीआईपी को लेकर जनता में भारी उत्सुकता है। नार्को टेस्ट में हो रही हीलाहवाली से अंकिता को न्याय दिलाने वाली सामाजिक ताकतें भी हैरानी में है।
इस बीच, एसएसपी श्वेता चैबे ने पुलकित आर्य की करोड़ों की सम्पत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बाबत एसएसपी ने ट्वीट भी किया है।

दूसरी ओर, डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि सीएम के निर्देश के बाद फर्जी आयुर्वेद चिकित्सकों की फौज खड़ी करने वाले दसवीं पास अभियुक्त इमलाख के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को कुर्क करने की कार्यवाही की जाएगी। हाल ही में मु.नगर निवासी इमलाख को अजमेर से गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि उत्तराखण्ड एसटीएफ ने बीते माह में प्रदेश में प्रैक्टिस कर रहे बीएएमएस की फर्जी डिग्री वाले आयुर्वेदिक चिकित्सकों के गिरोह का भण्डाफोड़ किया था। इस मामले में अभी तक 7 फर्जी चिकित्सक गिरफ्तार हो चुके हैं। इस गिरोह का मास्टर माइंड 25 हजार रूपये का इनामी इमलाख को एसटीएफ ने 2 फरवरी, 2023 को किशनगढ़ जिला अजमेर राजस्थान से गिरफ्तार किया।

इमलाख कोतवाली मुजफफरनगर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। इसने अपने भाई इमरान के साथ बरला थाना क्षेत्र मुजफ्फरनगर में बाबा ग्रुप ऑफ कॉलेज के नाम से मेडिकल डिग्री कॉलेज भी खोला हुआ है। इस कॉलेज में बीफार्मा, बीए, बीएससी, आदि कोर्स संचालित होते हैं। यह भी जानकारी हुई कि इम्लाख बाबा ग्रुप ऑफ कॉलेज, मुजफ्फरनगर का स्वामी है एवं इसके विरुद्ध फर्जी डिग्री दिलवाने के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसे यूपी का सबसे बड़ा शिक्षा माफिया कहा जाता है।

1444 ग्रामों को अधिसूचित कर नियमित पुलिस व्यवस्था स्थापित की

राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों के कतिपय भागों में विद्यमान राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त कर नियमित पुलिस व्यवस्था स्थापित किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। इस सम्बन्ध में राज्य के सामरिक, पर्यटन एवं आपराधिक गतिविधियों वाले स्थानों पर 6 नये थाने एवं 20 रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों का गठन करते हुए कुल 1444 ग्रामों को अधिसूचित किया गया है। जिसमें देहरादून की 1 चौकी के कुल 14 गांव, पौड़ी के 1 थाना व 1 चौकी कुल 270 गांव, टिहरी के 1 थाना व 3 चौकी के कुल 267 गांव, चमोली के 1 थाना व 3 चौकी के कुल 120 गांव, रूद्रप्रयाग के 2 चौकी के कुल 104 गांव, उत्तरकाशी के 2 चौकी के कुल 47 गांव, नैनीताल के 1 थाना व 4 चौकी के कुल 121 गांव, अल्मोड़ा के 2 थाना व 3 चौकी के कुल 398 गांव तथा चम्पावत के 1 चौकी के कुल 103 गांव हैं।
इन क्षेत्रों में नवीन थाने एवं पुलिस चौकियां स्थापित होने से अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों में कमी आयेगी ति नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ने से र्प्यटन एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उक्त विषय पर राज्य सरकार पर्यटन गतिविधि, संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण क्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुए चरणबद्ध रूप में कार्यवाही कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर कानून व्यवस्था के दृष्टिगत वर्तमान पुलिस राजस्व व्यवस्था के स्थान पर नियमित पुलिस व्यवस्था का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश के साथ देवभूमि भी है प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु प्रदेश में आते हैं, इस दृष्टि से भी राज्य की कानून व्यवस्था का बेहतर होना जरूरी है।

सख्त नकल विरोधी कानून की ओर बढ़ रहे सरकार के कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति और नकल माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही के निर्देश के क्रम में आज एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये प्रदेश में शीघ्र सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को इतना सख्त बनाया जायेगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोचे भी नहीं। सख्त नकल विरोधी कानून में दोषी का उम्र कैद की सजा का प्राविधान तो होगा ही उसके द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त किये जाने का भी व्यवस्था रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति से कोई समझौता न करने की बात कही है। उन्होंने कहा है भर्ती प्रक्रिया में यदि कोई अनियमितता है तो इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। अपने प्रदेश के ईमानदार और परिश्रमी युवाओं के साथ हमारी सरकार अन्याय नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच करने वाली एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उत्तराखंड के युवा का हक मारने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाए स्वच्छ और पारदर्शी हो। अब भविष्य में कोई इन परीक्षाओं में गड़बड़ी करने की हिम्मत न कर सके। नकल विरोधी कानून के प्रविधानों से यह व्यवस्था बन जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का मनोबल बनाये रखने के लिये राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र परीक्षाएं कराकर युवाओं को नौकरी देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। युवा बेरोजगारों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल देने के लिये सरकार कृत संकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब यह भी व्यवस्था बनायी गई है कि लोक सेवा आयोग एवं अधीनस्थ चयन सेवा आयोग द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अभि सूचना इकाई को भी सक्रिय किया जायेगा, ताकि इन परीक्षाओं की कड़ी निगरानी हो सके। उन्होंने कहा कि नकल माफियाओं के लगातार सक्रिय रूप से तैनात होने तथा परीक्षा पेपर को लीक आउट कराये जाने से परीक्षा देने वाले अन्य अभ्यर्थी, जो दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इन्ही तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अब निर्णय लिया गया है कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार तथा उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, देहरादून द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं से पूर्व अभिसूचना इकाई को सक्रियता से तैनात किया जाय, ताकि ऐसी पुनरावृत्ति न हो पाये। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के स्तर पर आदेश भी निर्गत किये जा चुके हैं।

सहारा के खाताधारकों व एजेंटों ने की कोतवाल ऋषिकेश से मुलाकात, रखी समस्या

भाजपा नेता एवं नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सहारा के खाताधारको एवं एजेंटों ने ऋषिकेश कोतवाली में कोतवाल के आर पांडेय व वरिष्ठ उपनिरीक्षक डीपी काला से मुलाकात कर अपनी जमा धनराशि की वापसी के लिए वार्ता की।

कोतवाल के आर पांडेय से प्रतीक कालिया ने वार्ता करते हुए बताया कि ऋषिकेश शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से करोड़ों रुपए सहारा इंडिया में लोगों का जमा है और बरसों से यह उनके रुपए इन्हें वापस नहीं मिल रहे हैं। लिहाजा इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई कर लोगों की जमा पूंजी को वापस कराया जाए। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाल ने ऋषिकेश ब्रांच मैनेजर से फोन पर बातचीत की।
इस पर ब्रांच मैनेजर ने कहा कि 12 जनवरी को पूरे देश में लगभग साढ़े छह हजार मुकदमे सहारा इंडिया पर दर्ज किए गए हैं और उसका फैसला आने वाला है यदि वापसी हेतु सहारा इंडिया कोर्ट के आदेश को मानता है तो हम सभी के पैसे वापस करेंगे हमारे लिए संभव नहीं है कि हम सभी खाताधारकों के रुपए वापस कर सकें।

इस पर कोतवाल ने कहा कि यदि 12 तारीख तक जमा राशि लोगों की नहीं दी गई तो हम मुकदमा दर्ज करेंगे और कठोर से कठोर कार्रवाई का आश्वासन देने पर सभी लोग वापस आए।

कोतवाल से मिलने वालों में प्रमुख रूप से श्याम बिहारी मौर्य, हरिओम गुप्ता, सुनील झंडियाल, नरेंद्र सिंह नेगी, राजेश साहनी, शिवप्रसाद सिंह, प्रमोद कुमार पार्षद शिव कुमार गौतम आदि शामिल थे।

रात में लूट करने के आरोप में पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार, एक फरार

नशे का शौक पूरा करने को रात में राह चलते राहगीर से मोबाइल फोन, पर्स आदि की लूट करने वाले तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि एक युवक फरार होने में कामयाब रहा।

कोतवाल केआर पांडे के मुताबिक, 25 दिसंबर को कोतवाली में बृजेश कुमार पुत्र सुरेश पाल सिंह निवासी न्यू शताब्दीपुरम मकान नंबर 51 गोविंदपुरम गाजियाबाद ने तहरीर दी। बताया कि बीती रात्रि चंद्रेश्वर नगर तिराहे के पास स्कूटी सवार अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा उनका मोबाइल फोन एवं पर्स जिसके अंदर नकद रुपए एवं अन्य कागजात को लूट लिया है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जिन्हें आज गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाल पांडे ने आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय अनुराग राजपूत चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश, आर्यन सरदार निवासी दुर्गा मंदिर के पास चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश और अमन गौड़़ निवासी चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश के रूप में कराई है, जबकि 25 वर्षीय अर्जुन गौड़ निवासी शीशम झाड़ी थाना मुनिकीरेती टिहरी गढ़वाल भागने में कामयाब रहा।
पुलिस ने आरोपियों ने सामान भी बरामद किया है।