ऋषिकेश में बेपटरी हो चुकी ट्रेफिक व्यवस्था को संवारा जाएः डा. अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत कानून व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था, आस्था पथ पर असामाजिक तत्व, श्यामपुर फाटक पर जाम सहित मादक पदार्थों की हो रही अवैध तस्करी को रोकने के निर्देश प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश को दिए।

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक श्री के आर पांडेय के मंत्री डॉ अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नगर क्षेत्र में मादक पदार्थों की हो रही होम डिलीवरी पर चिंता जताई।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्र में धड़ल्ले से मादक पदार्थों की अवैध बिक्री की जा रही हैं, इससे युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो रहा है, उन्होंने मादक पदार्थाे की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है, इससे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हौसले बुलंद हो रखे है, इसको सुधारने के लिए मंत्री डॉ अग्रवाल ने निर्देश दिए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि श्यामपुर फाटक सहित नगर के प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति प्रतिदिन देखने को मिलती है, इससे कम दूरी का सफर ज्यादा समय में तय करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी ध्यान रखा जाए और श्यामपुर फाटक पर सिपाही तैनात कर जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जाए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आस्था पथ पर असमाजिक तत्वों की आमद बढ़ गयी है, इस पर अंकुश लगाया जाए। इस मौके पर स्पेशल ब्रांच इंचार्ज पीएस रावत, वरिष्ठ उप निरीक्षक डीपी काला मौजूद रहे।

उत्तराखंड में खत्म होगा धार्मिक कब्जों का खेल

उत्तराखंड सरकार में इन दिनों अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने का काम जोरों पर चल रहा है। अवैध कब्जों पर सीएम धामी के निर्देश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। राजधानी देहरादून में दो दिनों में लगभग 15 से अधिक मजारों को हटाया गया है तो अब यह सिलसिला दूसरे जिलों में भी शुरू हो गया है। पौड़ी में भी एक चर्चित मजार को जिला प्रशासन ने हटा दिया है। चर्चित इसलिए क्योंकि इस मजार के जीर्णाेद्धार के लिए विधायक राजकुमार ने 2 लाख अपनी विधायक निधि से दिए थे। प्रशासन ने इसे भी अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया है।
पौड़ी जिले के कल्जीखाल ब्लॉक में बरसों पहले बनी एक मजार को राजस्व प्रशासन ने बुधवार को ध्वस्त कर दिया है। बताया गया है कि जब मजार की जांच की गई तो दस्तावेजों में यह चारागाह में निर्मित पायी गई। इसे प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए बुधवार को यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस संबंध में डीएम ने भी पौड़ी के एसडीएम से रिपोर्ट मांगी थी। बताया जा रहा है कि यह मजार करीब 20 साल पहले बनाई गई थी। पौड़ी एसडीएम आकाश जोशी ने पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कल्जीखाल ब्लॉक के गांव चिलोली की सरहद में एक मजार चारागाह भूमि पर बनी थी। राजस्व रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को मजार को ध्वस्त कर दिया गया। चारागाह वाली भूमि पर किसी तरह भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। यह अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।
हालांकि, इस मजार के पास विधायक निधि से एक टिनशेड निर्माण को लेकर भी सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से चर्चाएं हो रही है। पौड़ी के विधायक राजकुमार पोरी से संपर्क करने पर दूरभाष पर बताया कि उन्होंने किसी धर्मस्थल को बनाने के लिए कोई निधि नहीं दी है। मंडल अध्यक्ष ने इस संबंध में यहां एक टिनशेड स्थानीय लोगों के धूप और बारिश से बचने के लिए बनाने का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने बताया प्लान तो विपक्ष ने किया पलटवारपोरी ने कहा कि मणधार में उन्होंने विधायक निधि से दो लाख की धनराशि टिनशेड निर्माण के लिए स्वीकृत की। विधायक ने कहा कि कुछ मीडिया खबरों में इसे गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है और उसे दूसरा रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो कि सही नहीं है।

नैनीताल में दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन का मामला, मुकदमा दर्ज

नैनीताल में नाम बदलकर युवती से दोस्ती और फिर दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने पीड़ित युवती की तहरीर पर आरोपी समेत पांच पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत कुमाऊं में दर्ज यह पहला मुकदमा है।

कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि क्षेत्र निवासी एक युवती ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि साकिब सैफी उर्फ शिव ठाकुर निवासी बंबाघेर ने उसके साथ नाम बदलकर दोस्ती की। जान पहचान होने पर साकिब ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसे साकिब की असलियत पता चली तो उसने विरोध किया।

आरोप है कि युवक ने उसे पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद साकिब ने अपने दोस्तों के साथ उसकी बहन का भी पीछा करवाया। तहरीर में बताया कि आरोपी के परिजन भी उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं।

कोतवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने साकिब सैफी ऊर्फ शिव ठाकुर, सबा, यूनुस, राहिला और गजाला के खिलाफ धारा 323/354/354डी/376/504/506 व उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
बताया कि आरोपी की ओर से भी तहरीर दी गई है जिसमें युवती ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन करने की बात कही है। प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। इधर, सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

पेपर लीक मामले में यूपी का अधिकारी गिरफ्तार

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक (UKSSSC paper leak case) मामले में एसटीएफ ने बड़े दिनों बाद एक और गिरफ्तारी की है। मामले में मास्टरमाइंड माने जाने वाले केंद्रपाल के सहयोगी मनोज कुमार चौहान को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मनोज सहारनपुर में पशुधन प्रसार अधिकारी के पद पर तैनात है। पेपर लीक मामले में एसटीएफ की 43वीं गिरफ्तारी है।

कुछ दिनों पहले पेपर लीक मामले में 19 आरोपियों ने जमानत ले ली थी, इससे केस के कमजोर होने की बात उठने लगी थी। लेकिन मंगलवार को एसटीएफ ने यूपी से एक और गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार पशुधन प्रसार अधिकारी मनोज चौहान पूर्व में अरेस्ट किए गए मास्टरमाइंड केंद्रपाल का सहयोगी है।

एसटीएफ द्वारा पेपर लीक मामले सभी अभियुक्तों की आगे की कड़ियों की लगातार तलाश जारी रखी हुई है। इस दौरान अभियुक्त केन्द्रपाल ने जिन अभ्यर्थियों को नकल करायी गयी है, उनका चिन्हीकरण किया जा रहा है। नकल करने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ में पता चला कि करीब 8 से 10 अभ्यर्थियों ने नकल करने बाद अपनी पेमेन्ट मनोज कुमार चौहान को दी थी। जिसने उन सभी को केन्द्रपाल व ललितराज शर्मा के नकल सेन्टर में परीक्षा कराने हेतु भेजा गया था। इस कड़ी में अभी अन्य अभ्यर्थियों को भी चिन्हित किया जा रहा है जिनके द्वारा परीक्षा में किसी न किसी के माध्यम से धांधली कर नकल की गयी है।

पुलिस नार्कों टेस्ट के लिए देगी कोर्ट में अर्जी, 10 दिन में दाखिल होगी चार्जशीट

वनंतरा प्रकरण में बड़ी अपडेट सामने आई है। युवती की हत्या करने वाले तीनों आरोपितों का नार्काे टेस्ट होगा। इस बात का खुलासा एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने किया है। टेस्ट के लिए पुलिस जल्द कोर्ट में प्रार्थना पत्र जारी करेगी। वहीं रिसॉर्ट में कार्यरत युवती की हत्या के मामले में एसआइटी 10 दिन के अंदर आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एडीजी ने बताया कि 10 दिन के अंदर-अंदर चार्जशीट जारी कर दी जाएगी। हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र, अनैतिक कार्य के लिए दबाव डालने के तहत चार्जशीट दाखिल की जाएगी। रिसॉर्ट में वीआईपी के मामले में एडीजी ने दोहराया कि वहां पर वीआइपी रूम है। उसमें ठहरने वालों को ही वीआइपी कहा जाता है। घटना वाले दिन उस कमरे में कोई नहीं ठहरा था। घटना के पहले व बाद कमरे में जो भी ठहरा था उनसे पूछताछ कर ली गई है। वहीं, इस मामले में एसआइटी ने काफी इलेक्ट्रानिक व फोरेंसिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। हालांकि, चंडीगढ़ लैब भेजे गए साक्ष्यों में से एक-दो की रिपोर्ट अब तक एसआइटी को नहीं मिल पाई हैं। आरोप पत्र दाखिल करने के लिए एसआइटी इन्हीं रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सूत्रों की मानें तो सीएम की नाराजगी के बाद पुलिस विभाग हरकत में आ गया है। बताया जा रहा कि सीएम ने टो टूक कहा है कि पुलिस अधिकारी अगर अपना कार्य ठीक से नही कर पा रहे है तो पुलिस विभाग बड़े फेरबदल और कार्रवाई के लिए तैयार रहे।

लाइसेंस ट्रांसफर करने के एवज में मांगी रिश्वत, रंगे हाथ गिरफ्तार

उत्तराखंड में अधिकारियों के द्वारा रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। उत्तराखंड विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंडी निरीक्षक को 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आरा मिल और लकड़ी मंडी के व्यापारी से लाइसेंस ट्रांसफर करने के नाम पर रिश्वत ली है। विजीलेंस टीम से मिली जानकारी के अनुसार शिकायकर्ता द्वारा भ्रष्टाचार की रोकथाम हेतु दिनांक 29.11.2022 को हैल्प लाईन न0 1064 पर शिकायत दर्ज कराने के उपरान्त दिनांक 01.12.22 को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून के कार्यालय में आकर एक शिकायती पत्र दिया गया, जिसमें उल्लेख किया गया है कि “अपनी आरा मिल व लकडी के थोक व्यापारी का लाइसेस पुत्र के नाम पर करवाने के एवज मे कृषि उत्पादन मण्डी समिति रूड़की के मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून द्वारा शिकायती प्रार्थना पत्र में अंकित आरोपो पर संज्ञान लेते हुए गोपनीय रूप मे जाँच करायी गयी। जांचोपरान्त शिकायती पत्र में लगाये गये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाये गये। जिस पर त्वरित एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
गुरुवार को ट्रैप टीम द्वारा अभियुक्त मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह पुत्र श्री जयनारायण सिंह निवासी ग्राम खपटिहा, थाना हड़िया, जिला प्रयागराज उ0प्र0 हाल निवासी मण्डी समिति कालोनी ज्वालापुर, को मण्डी समिति कार्यलय रूड़की से शिकायतकर्ता से 30000/रू0-( तीस हजार रूपये) की रिश्वत ग्रहण करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। थाना सर्तकता अधिष्ठान, सैक्टर देहरादून में आरोपी के विरूद्व धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) का अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है तथा इस प्रकरण में संलिप्त अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। ट्रैप टीम के उत्साहवर्धन हेतु निदेशक सतर्कता ने नगद पारितोषिक से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देशभर के साधु-संतों से मिल रही शुभकामनाएं

उत्तराखंड विधानसभा में धर्मांतरण पर सख्त कानून बनने से देश के संत-समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है। तमाम साधु-संतों की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। यही नहीं ट्वीटर पर भी आज देश में धर्म रक्षक धामी नंबर एक पर ट्रेंड हुआ।
धर्मांतरण पर सख्त कानून बनाने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही जता चुके थे। हाल ही में हुई मंत्रिमंडल बैठक में धर्मांतरण पर कानून बनाने के प्रस्ताव को पास किया गया था जिसके बाद बुधवार को राज्य सरकार की ओर से विधानसभा के पटल पर धर्मांतरण कानून को प्रस्तुत किया गया जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा लाए गए इस कानून को लेकर अब देश भर में साधु-समाज आनंदित है।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य एवं अयोध्या राम मंदिर के मुख्य ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने उत्तराखंड में धामी सरकार के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए पूरे देश के राज्यों को ऐसी पहल करने की अपील की है और धामी सरकार की पीठ थपथपाई।
स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि धामी के इस कानून से पूरे देश का संत समाज आनंदित और आह्लादित है। धर्मांतरण रोकने के लिए मुख्यमंत्री धामी एक कठोर कानून लेकर आए हैं। वासुदेवानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगा दिया है यह देश एवं समाज हेतु बेहद हितकारक है।
स्वामी परमात्मानंद ने कहा कि जो लोग बल से या कपट से धर्मांतरण करते हैं वह सबसे बड़ा पाप है। उत्तराखंड सरकार ने यह कानून पास करके नया उदाहरण दिया है। इसके लिए धामी को साधुवाद।
साध्वी प्राची ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धामी ने यह बहुत सुंदर निर्णय लिया है। यह उत्तराखंड सरकार की बहुत अच्छी पहल है। बालकानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी को हम हृदय से धन्यवाद देते हैं और प्रभु से प्रार्थना करते हैं वे समाज हित में इसी प्रकार से कार्य करते रहें। योगाचार्य बिपिन जोशी ने कहा कि धर्मांतरण पर बना कानून जरूरी और ऐतिहासिक है।
स्वामी रविन्द्र पूरी ने कहा कि इस कार्य के लिए मोदी और धामी को साधुवाद। धामी ने यह कानून बनाकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। अन्य राज्यों को भी ऐसा कानून बनाना चाहिए। राज राजेश्वरानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी कदम की सराहना करता हूं।

पुलिस ने भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हाकम सिंह की संपत्ति कुर्क की फाइल डीएम को भेजी

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हाकम सिंह पर उत्तराखंड एसटीएफ बड़ा शिकंजा कसने वाली है। हाकम की कुल 6 करोड़ की संपत्ति का आंकलन कर एसटीएफ ने कुर्की की फ़ाइल जिलाधिकारी को भेज दी है। जिलाधिकारी कुर्की की उद्घोषणा का आदेश जारी करेंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में एसटीएफ देहरादून द्वारा सभी नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

इसी कड़ी में यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले के प्रमुख आरोपी हाकम सिंह की अर्जित अवैध सम्पत्ति एसटीएफ कुर्क करेगी। हाकम सिंह द्वारा नकल कराकर अर्जित की गयी 06 करोड़ की सम्पत्ति की कुर्की के लिये एसटीएफ ने जिलाधिकारी देहरादून को रिपोर्ट भेजी है। इसके बाद एसटीएफ नकल गिरोह के हर सदस्य की सम्पत्ति की जांच कर कुर्की की कार्रवाई करेगी।

इसी के अंतर्गत यूकेएसएससी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली में गिरफ्तार किये गये आरोपियों के विरूद्ध प्रचलित गैंगस्टर के मुकदमे में आरोपी हाकम सिंह के विरूद्ध एसटीएफ द्वारा एक और बड़ी कार्यवाही करते हुये हाकम के द्वारा यूकेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में धांधली कराकर उसके द्वारा परिक्षार्थियों से अर्जित किये गये अवैध धन से खरीदी गयी चल-अचल सम्पत्ति का मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया है, जिसमें हाकम सिंह द्वारा इस भर्ती धांधली में अब तक लगभग 06 करोड़ रूपये की चल-अचल सम्पत्ति,वाहन का अर्जित करना पाया गया है। जिस पर हाकम सिंह की अवैध रूप से अर्जित की गई 06 करोड़ रूपये की चल-अचल सम्पत्ति को कुर्क/जब्तीकरण करने के लिए पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट देहरादून को भेजी गयी है ।

अवैध कार्यों से कमाई संपत्ति कुर्क होगी

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि यूकेएसएससी भर्ती घोटाले के सभी मुख्य आरोपियों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत एसटीएफ द्वारा विवेचना की जा रही है तथा गैंगस्टर अधिनियम में धारा 14 में अभियुक्तगणो द्वारा अवैध कार्याे के द्वारा अर्जित चल-अचल सम्पत्ति को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का प्राविधान है। बताया गया की उत्तर प्रदेश् के विभिन्न जनपदों में एसटीएफ की टीम को भर्ती घोटाले में संलिप्त गिरप्तारशुदा अभियुक्तों की सम्पत्ति की जांच को लेकर टीमें रवाना की गयी हैं।आगामी दिनों में अन्य अभियुक्तों की भी सम्पत्ति का आंकलन कर जब्ती कार्यवाही शूरू की जाएगी।

रायवाला पुलिस ने 40 नशे के इंजेक्शन के साथ युवक को किया अरेस्ट

हरिपुर कला निवासी एक युवक को रायवाला पुलिस ने 40 नशे के इंजेक्शन सहित गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

रायवाला थानाध्यक्ष भुवनचंद्र पुजारी ने बताया कि थाना रायवाला पुलिस टीम ने आनन्दोस्व आश्रम के पास हरिपुरकला से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सपेरा बस्ती की ओर से एक व्यक्ति को संदिग्ध प्रतीत होने पर रोका गया।

उक्त व्यक्ति से एक सफेद पन्नी में अलग अलग गत्ते के डिब्बे में 40 इंजेक्शन मिले। पूछताछ करने पर उसने बताया कि इन इंजेक्शन को नशे के रूप में प्रयोग करने के लिए बेचता है। इस मामले में अरविंद पुत्र राजेन्द्र सिंह सैनी निवासी ग्राम मढौरा बिप थाना नहटौर जिला बिजनौर उप्र, हाल गीता कुटीर के पास, हरिपुरकला देहरादून को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया।

इस युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वह नशे के इन्जेक्शन बहादराबाद से एक व्यक्ति जिसे छोटू भाई कहते है, उससे लेकर आता हूं। उसकी बहादराबाद हरिद्वार में दवाइयों की दुकान है। पुलिस के मुताबिक उक्त मेडिकल स्टोर स्वामी के संबंध में क्षेत्र की पुलिस को अवगत कराया गया है।

प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के सबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कंट्रोल रूम में बात कर जन शिकायतों के निस्तारण के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाने में महिला सब इंस्पेक्टर की तैनाती हो। महिला मित्र प्रकोष्ठ की स्थापना की जाए। महिला के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। महिलाओं से जुड़े संगठनों से नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें। महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही हो। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पुलिस की वेबसाइट पर अपराधियों के नामों की लिस्ट अपलोड की जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल दूर की जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाईन में पिछले 10 माह में जो शिकायतें दर्ज हुई, उनमें से 92 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।