चार लाख की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी दबोचे

कोतवाली पुलिस ने ज्वेलर्स के यहां चोरी करने वाले एक महिला व एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। सरत सिंह पवार पुत्र बलबीर सिंह पवार निवासी प्रगति पुरम लक्कड़ घाट रोड श्यामपुर ऋषिकेश ने तहरीर देकर बताया कि उनकी लक्कड़ घाट रोड स्थित ज्वेलरी की दुकान में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगभग चार लाख की ज्वेलरी चोरी कर दी गई थी।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मनसा देवी फाटक के पास से एक महिला एवं एक पुरुष अभियुक्त को चोरी में प्रयुक्त कार के साथ गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि हम लोग ज्वेलरी की दुकान में सामान लेने के बहाने गहने आदि चोरी करते हैं ,उनके द्वारा कुछ दिन पहले भी श्यामपुर में एक दुकान से इसी तरह ज्वेलरी चोरी की गई थी आज हम इस ज्वेलरी को लेकर कहीं बेचने की फिराक में जा रहे थे, की उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया ।अभियुक्तगण की पहचान रोहित उर्फ नन्हे पुत्र राम सिंह निवासी आजाद नगर थाना गजरौला जिला अमरोहा उत्तर प्रदेश, सुनीता पत्नी राजकुमार निवासी अब्दुल्ला बाड़ा थाना बिलारी जिला मुरादाबाद उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक केआर पांडेय, वरिष्ठ उप निरीक्षक दर्शन प्रसाद काला, उप निरीक्षक जगत सिंह, चौकी प्रभारी श्यामपुर हेड कांस्टेबल अमित राणा, नीरज कुमार, शीशपाल, दुष्यंत, महिला कांस्टेबल कविता व एसओजी देहात टीम में उप निरीक्षक दीपक धारीवाल, प्रभारी एसओजी देहात, कांस्टेबल नवनीत, एसओजी देहात, महिला कांस्टेबल जमुना, एसओजी देहात शामिल थे ।

महिला अधिवक्ता ने आईडीपीएल चौकी सस्पेंड करने की मांग की

महिला एडवोकेट भावना जोशी ने मीडिया के सामने नौ अगस्त की रात की आपबीती सुनाई। कहा कि एक फिल्म की शूटिंग कर रहे फिल्म निर्देशक पूरी टीम के साथ एक होटल में ठहरे हुए थे। होटल मालिक के साथ उनका विवाद हुआ। वकील होने के नाते उन्होंने उनसे संपर्क किया। उन्होंने फिल्म निर्देश को पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी। उन्होंने ऐसा किया तो पुलिस होटल से उन्हें ही उठा ले आई और उनके साथ चौकी में दुर्व्यहार किया। इस पर देर रात वो चौकी पहुंची और पुलिस को परिचय देते हुए न्याय करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि रात में पुलिस कर्मी बगैर वर्दी के चौकी में थे और शराब पीए हुए थे। इन हरकतों पर सवाल उठाना पुलिस के चौकी प्रभारी और पुलिस कर्मियों को नागवार गुजरा। पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। एडवोकेट भावना जोशी ने कहा कि पुलिस की हरकतों का वीडियो बनाने पर फिल्म निर्देशक और उनके पति के साथ दो पुलिस कर्मियों ने मारपीट की और मेडिकल कराने के नाम पर एक जीप में ले गए। उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ भी हैंडलिंग की गई। उन्होंने पुलिस कर्मियों को बताया कि वो गर्भवती हैं बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदला। बाद में उनका भी ये कहकर मेडिकल कराया गया कि वो नशे में हैं। मेडिकल में स्पष्ट हो गया कि पुलिस झूठ बोल रही थी। कहा पुलिस को कुछ नहीं मिला तो सरकारी कार्य में बाधा डालने में चालान किया गया।
एडवोकेट भावना ने बताया उन्हें उम्मीद नहीं थी कि देवभूमि उत्तराखंड में पुलिस का ऐसा रवैया हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रमुख से शिकायत के बाद चौकी प्रभारी लाइन हाजिर हुए हैं। ये कोई सजा नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी पुलिस चौकी को पहले सस्पेंड और जांच के बाद बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस एक महिला के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कैसे कर सकती है। अपनी कमियों को छिपाने के लिए पुलिस इस मामले को दूसरा रंग देने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी कि उनके राज्य की पुलिस की कार्य प्रणाली ऐसी है। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। इस मौके पर अनिल रतूड़ी, सुशील रणाकोटी आदि मौजूद थे।

बड़ी कार्रवाई, 6.4 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा

जीएसटी चोरी करने वाली फार्मा कंपनियों पर राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में नौ फार्मा कंपनियों पर छापा मारा है। इनमें चार कंपनियां फर्जी पाई गईं। प्रारंभिक कार्रवाई में 6.4 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। फार्मा कंपनियों ने अपनी गलती स्वीकारते हुए 30 लाख का टैक्स जमा किया है। विभाग ने कंपनियों के 2.43 करोड़ की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) रोक दी है। साथ ही बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। राज्य कर आयुक्त एवं अपर सचिव अहमद इकबाल ने बताया कि शनिवार को विभाग की सीआईयू टीम ने जीएसटी चोरी करने वाली फार्मा मेन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग कंपनियों पर छापा मारा।
इस कार्रवाई में देहरादून, हरिद्वार व रुड़की की तीन-तीन कंपनियों के टैक्स संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जीएसटी में पंजीकृत चार कंपनियां सिर्फ कागजों में चल रही हैं। फर्जी कंपनियों के नाम से बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर सरकार को राजस्व की चपत लगाई जा रही थी। कंपनियों ने दवाइयों की पैकेजिंग सामग्री और अन्य सामान की सप्लाई दिल्ली, गुजरात व मध्य प्रदेश की कंपनियों से दर्शाई है। दस्तावेजों में माल परिवहन के कोई प्रमाण नहीं मिले। गुजरात में जिस फर्म के नाम से माल आपूर्ति के बिल बनाए जा रहे थे, उसका कोई कारोबार नहीं मिला। जांच में खुलासा हुआ कि फार्मा कंपनियों की ओर से ई-वे बिलों में दिल्ली से पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई दिखाई गई। इसमें दिल्ली से ऑटो में 30 लाख की माल परिवहन दिखाया गया।
इतनी बड़ी राशि का माल ऑटो में परिवहन करना संभव नहीं है। इसके अलावा जिस ई-वे बिल में दिल्ली से माल उत्तराखंड के दर्शाया गया उस पर माल दूसरे राज्यों में भेजा गया। राज्य कर विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है फार्मा कंपनियों ने दिल्ली में जिस कंपनी से मेडिकल का सामान की आपूर्ति दर्शाई है वह स्क्रैब का कारोबार करती है। कबाड़ का काम करने वाली कंपनी दवाइयों के पैकेजिंग व अन्य सामान की सप्लाई कैसे कर सकती है। विभाग इन सभी मामलों की जांच कर रही है।

किन्नर रजनी रावत सहित 35 के खिलाफ बंधक और मारपीट का मुकदमा

किन्नरों के बीच हुए विवाद में शहर कोतवाली में किन्नर रजनी रावत सहित 35 के खिलाफ बंधक बनाने और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि रजनी रावत ने उनकी पिटाई करने के बाद उन्हें बंधक बनाया और मोबाइल से डाटा भी डिलीट कर दिया। चौकी इंचार्ज धारा आशीष रावत ने बताया मामले की जांच की जा रही है।

चौकी इंचार्ज के अनुसार, पुलिस को दी शिकायत में किन्नर निशा चौहान ने बताया कि 27 जुलाई को उन्हें उनकी गुरु बिन्दु निवासी मलूकंचद ने फोन करके किसी काम के सिलसिले में हाथीबड़कला स्थित डेरे पर बुलाया था। डेरे पर रजनी रावत व उनके कुछ चेले पहले से ही मौजूद थे। किसी बात को लेकर निशा व रजनी रावत के बीच झगड़ा हो गया।

आरोप है कि रजनी रावत व उनके चेलों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा। उन्हें खाली कागज पर साइन करवाए और पुलिस के पास शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। आरोप है कि उन्हें सारी रात डेरे में बंधक बनाकर रखा गया। उनका मोबाइल छीनकर डाटा डिलीट कर दिया।

चोरी के सामान के साथ एक गिरफ्तार, एक फरार

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हार्डवेयर दुकान से रात के समय कीमती सामान चोरी करने पर पुलिस ने एक युवक को मोटरसाइकिल सहित लंढोरा हरिद्वार से गिरफ्तार किय है, जबकि एक युवक पुलिस की गिरफ्त से भागने में कामयाब रहा।

कोतवाल खुशीराम पांडेय ने बताया कि देवेंद्र बेलवाल पुत्र उमाकांत बेलवाल निवासी ग्राम खदरी ऋषिकेश ने तहरीर देकर बताया कि 4 जून 2023 की रात को उनकी श्यामपुर स्थित उमा हार्डवेयर की दुकान से एस्सेल, कजारिया, रेडवे, स्केच बाय कंपनी के टोंटी, वॉल मिक्सर, सिंगल लीवर, अन्य सामान चोरी हो गए है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए अज्ञात के खिलाफ चोरी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

कोतवाल ने बताया कि घटना स्थल तथा आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालने तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार गिया गया है। उन्होनंे बताया कि आरोपी चोरी किए गए सामान को बेचने के लिए जा रहा था।

कोतवाल ने आरोपी की पहचान शेर खान पुत्र पुन्ना निवासी भुज्जाहेडी थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई है, बताया कि आरोपी से 02 वॉश बेसिन टौंटी रेडवे कंपनी, 10 एंगल कॉक रेडवे कंपनी, 12 टौंटी रेडवे कंपनी, 02 वॉश बेसिन टौंटी एस्सेल कंपनी मय पीवीसी कनेक्शन, 04 मिक्सर मय सेट एस्सेल कंपनी, 10 टौंटी छोटी बड़ी एस्सेल कंपनी, 10 एंगल बेसिन एस्सेल कंपनी, एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
जबकि पुलिस की नजरों से भागने में वसीम पुत्र बूंदू निवासी खड़का वाला थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश कामयाब रहा।

मुख्यमंत्री ने ड्रग्स माफियाओं पर ताबड़तोड़ कार्यवाही के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यदि राज्य में ड्रग्स माफिया को जड़ से समाप्त करने के लिए नकल विरोधी कानून की तरह कड़े से कड़े कानून को लाने की जरूरत पड़ी तो, यह भी लाया जा सकता है। सीएम श्री धामी ने उत्तराखण्ड में नशे की सप्लाई चौन तोड़ने के लिए पुलिस विभाग को नशे का व्यापार करने वाले अपराधियों व ड्रग्स माफिया पर ताबड़तोड़़ कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम ने आगामी 26 जून को वर्ल्ड एन्टी ड्रग्स डे के अवसर पर प्रदेशभर के युवाओं के एण्टी ड्रग ई प्लज के आंकड़े को 55300 से बढ़ाकर नया रिकॉड बनाने का लक्ष्य पुलिस विभाग को दिया है। उन्होंने कहा कि योग दिवस की भांति ही आगामी 26 जून को राज्यभर में वर्ल्ड एन्टी ड्रग्स डे मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि राज्य में नशा मुक्ति केन्द्रों की स्थापना, संचालन, उपचार एवं चिकित्सकों की व्यवस्था हेतु स्पष्ट गाइडलाइन्स एवं वर्किंग प्लान को जल्द से जल्द कार्यान्वित करने में आ रही बाधाओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री स्तर पर सीधा सम्पर्क किया जाए। वर्तमान में राज्य में निजी प्रयासों से 43 निजी नशा मुक्ति केंद्र संचालित है।
आज सचिवालय में एनसीओआरडी (स्टेट लेवल नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन मीटिंग) की चौथी राज्य स्तरीय बैठक में उन्होंने एण्टी ड्रग्स टास्क फोर्स को मजबूत करने की भी बात की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि 2025 तक ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारियों को मात्र बैठकों तक सीमित न रहकर कार्याे कों धरातल पर उतारने के लिए ऑनरशिप लेने की कार्य संस्कृति विकसित करनी होगी। यह अधिकारियों के कर्तव्य के साथ ही मानवता की सेवा का भी कार्य है।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस विभाग के अधिकारियों व जवानों को नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति व प्रशिक्षण हेतु भेजने हेतु कार्ययोजना पर गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश भी दिए हैं।

बैठक में नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरों के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह ने जानकारी दी कि उत्तराखण्ड में वर्ष 2022 में 238 किलोग्राम चरस, 30 किलोग्राम डोडा, 12 किलोग्राम अफीम, 19.11 किलोग्राम स्मैक, 1.57 किलोग्राम हिरोइन, 1232.55 किलोग्राम गांजा, 105390 कैप्सूलस, 17506 इंजेक्शन, 32110 टैब्लेट्स सीज की गई। इसके साथ ही वर्ष 2022 में 141.5 एकड़ भांग तथा 108.5 भांग की फसल नष्ट की गई। इस वर्ष मई 2023 तक तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 586 केस रजिस्टर्ड हो चुके हैं जिनमें 742 आरोपी गिरफतार हो चुके हैं।

समाज कल्याण विभाग उत्तराखण्ड द्वारा जानकारी दी गई कि एडीक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) हेतु भारत सरकार द्वारा श्रीनगर, उत्तरकाशी, चम्पावत एवं अल्मोड़ा का चयन किया गया है। इसके तहत मादक पदार्थाे के दुष्प्रभावो के उपचार हेतु राजकीय चिकित्सालय/स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार सहायता उपलब्ध करायी जाती है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव आर के सुधांशु, नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरों तथा उत्तराखण्ड शासन के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

कोर्ट फैसलाः दस वर्ष पुराने मारपीट मामले में कोर्ट ने किया बरी

न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने दस वर्ष पुराने मारपीट के मामले में आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया है।

सर्वहारा नगर काले की ढाल, ऋषिकेश निवासी महेंद्र मधेशिया द्वारा 20 सितंबर 2013 को एक रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया था कि उसकी स्थान कोयल घाटी ऋषिकेश स्थित पान की दुकान है। 20 सितंबर 2013 की रात्रि वह अपने साथियों के साथ अपनी दुकान बंद कर अपने घर जा रहा था तभी आवास विकास निवासी मनिंद्र तिवारी, सुभाष तिवारी, नीतीश बामराडा, मनीराम मार्ग निवासी अक्षय भल्ला व हरिधाम कालोनी निवासी वरुण तनेजा द्वारा महेंद्र और उसके साथियों पर लाठी खुखरी से जान लेवा हमला कर दिया जिससे वह और उसके साथी बुरी तरह घायल हो गए।
पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उसके बाद मुकदमा न्यायिक मैजिस्ट्रेट, ऋषिकेश के न्यायालय में विचाराधीन रहा ।

आरोपियों की ओर से अधिवक्ता शुभम राठी और पवन कुमार द्वारा कोर्ट में ठोस पैरवी की गई। दस साल पुराने इस मामले में अभियोजन द्वारा कुल छः गवाह पेश किए गए, जिनसे अधिवक्ता शुभम राठी द्वारा जिरह की गई।
कोर्ट ने पाया कि मामले में पेश किए गए गवाहो की गवाही में गंभीर विरोधाभास थे तथा कोई भी गवाह बचाव पक्ष के अधिवक्ता के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। साथ ही मामले में पुलिस द्वारा अभियुक्तगणों से कोई भी बरामदगी नहीं की गई तथा अभियोजन अपना मामला संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
न्यायालय न्यायिक मैजिस्ट्रेट, ऋषिकेश जिला देहरादून द्वारा सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया।

साइबर एनकाउंटर्स पुस्तक का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुर रोड स्थित सेंट जोसेफ एकेडमी में ‘‘साइबर एनकाउंटर्स’’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक डीजीपी उत्तराखण्ड अशोक कुमार एवं पूर्व डी.आर.डी.ओ वैज्ञानिक ओपी मनोचा द्वारा लिखी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पुस्तक बहुत महत्वपूर्ण विषय पर लिखी गई है। इसके लिए उन्होंने दोनों लेखकों एवं प्रभात प्रकाशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अशोक कुमार एवं श्री ओ.पी मनोचा ने साइबर अपराधों का विश्लेषण करती व सत्य घटनाओं पर आधारित यह पुस्तक लिखी है, इससे साइबर अपराधों से बचने में पाठकों को बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में जहां एक ओर सच्ची घटनाओं का जिक्र करते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर पुस्तक मनोरंजक भी है। पुस्तक का एक-एक पृष्ठ लोगों को साइबर क्राइम से बचाव के लिए प्रेरित करने का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक की अनिल रतूड़ी और प्रो. सुरेखा डंगवाल ने समीक्षा की, जो पुलिस, प्रशासन एवं समाज को भली प्रकार समझते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुस्तक के कुछ मुख्य अंशों का जिक्र भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर क्राइम आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और प्रदेश के डीजीपी द्वारा इस चुनौती के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करना इस पुस्तक की प्रासंगिकता को और भी अधिक बढ़ा देता है। आज जैसे-जैसे तकनीक विकसित होती जा रही है, वैसे-वैसे साइबर क्राइम का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। साइबर अपराध पुलिस और अपराधियों के बीच कभी न खत्म होने वाला एक ऐसा खेल है, जिसमें दोनों ही एक दूसरे से आगे रहने की होड़ में रहते हैं। साइबर अपराध का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ना इस बात की ओर भी संकेत करता है कि अपराधी रोज नई-नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस भी रोजाना नई-नई तकनीकों का सहारा लेकर अपराधियों के द्वारा बिछाये जा रहे इस जाल को तोड़ने का कार्य कर रही है। हम स्वयं भी इस तकनीकी अपराध से बच सकते हैं, बस जरूरत है हमें जागरूक होने की।

पुस्तक के लेखक डीजीपी अशोक कुमार ने पुस्तक विमोचन के अवसर पर साइबर अपराध से जुड़ी अनेक घटनाओं की जानकारी दी। साइबर अपराध से बचाव के लिए हमें किस प्रकार सतर्क रहना है, इसकी भी उन्होंने विस्तार से जानकारी दी। साइबर अपराध और उससे पार पाने के लिए हमारे सामने क्या चुनौतियां हैं, इसकी भी उन्होंने जानकारी दी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व महानिदेशक अनिल रतूड़ी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रभात प्रकाशन से पियूष कुमार, डॉ. अलकनंदा अशोक, शक्ति मनोचा एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

आखिर पेटीएम से कौन करा रहा है डिजिटल दान, होगी एफआईआर

केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में कई स्थानों पर दान के लिए क्यूआर कोड के बोर्ड लगाने के मामले में बीकेटीसी ने पुलिस को तहरीर दी है। समिति का कहना है कि मंदिरों में दान के लिए क्यूआर कोड के बोर्ड बीकेटीसी की ओर से नहीं लगाए गए थे।

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि दोनों धामों में कपाट खुलने के दिन ये बोर्ड लगाए गए थे। मामला बीकेटीसी के अधिकारियों के संज्ञान में आने पर उसी दिन बोर्ड उतार दिए गए थे। बीकेटीसी अधिकारियों ने पहले अपने स्तर से इस मामले की छानबीन की।

इसके बाद रविवार को केदारनाथ मंदिर अधिकारी ने केदारनाथ पुलिस चौकी और बदरीनाथ में प्रभारी अधिकारी की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है। अजेंद्र ने यह भी बताया कि बीकेटीसी की ओर से वर्तमान में अपने कामकाज में पेटीएम का प्रयोग नहीं किया जाता है।

आयोग की नकलची अभ्यर्थियों पर बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग हरिद्वार ने जेई भर्ती पेपर लीक में शामिल 61 अभ्यर्थियों पर पांच साल का बैन लगा दिया है। इन सभी को कारण बताओ नोटिस भेजे गए थे। कुछ ने जवाब दिया था, जबकि बाकी ने नहीं दिया था। अब ये सभी आयोग की किसी भी परीक्षा में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (प्रोसिजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस) रूल्स-2013 के बिंदु 23-ए के उप बिंदु 14 के तहत इन सभी को परीक्षाओं से पांच साल के लिए प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद आयोग को पुलिस ने जेई भर्ती परीक्षा पेपर लीक में शामिल 49 अभ्यर्थियों की सूची दी, जिसे आयोग ने दो मार्च को वेबसाइट पर जारी करते हुए बताया कि सभी को कारण बताओ नोटिस भेजकर परीक्षाओं से डिबार करने की प्रक्रिया चल रही है। पेपर लीक के आरोपी अभ्यर्थी जवाब नहीं दे रहे थे। आयोग जेई भर्ती के पेपर लीक में शामिल सभी 61 अभ्यर्थियों को पांच साल के लिए परीक्षा से डिबार कर दिया गया। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत ने बताया, ये सभी उम्मीदवार अब आयोग की किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। माना जा रहा है कि जल्द ही पटवारी/लेखपाल भर्ती मामले में आयोग कोई बड़ा फैसला ले सकता है।