पुलिस नार्कों टेस्ट के लिए देगी कोर्ट में अर्जी, 10 दिन में दाखिल होगी चार्जशीट

वनंतरा प्रकरण में बड़ी अपडेट सामने आई है। युवती की हत्या करने वाले तीनों आरोपितों का नार्काे टेस्ट होगा। इस बात का खुलासा एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने किया है। टेस्ट के लिए पुलिस जल्द कोर्ट में प्रार्थना पत्र जारी करेगी। वहीं रिसॉर्ट में कार्यरत युवती की हत्या के मामले में एसआइटी 10 दिन के अंदर आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एडीजी ने बताया कि 10 दिन के अंदर-अंदर चार्जशीट जारी कर दी जाएगी। हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र, अनैतिक कार्य के लिए दबाव डालने के तहत चार्जशीट दाखिल की जाएगी। रिसॉर्ट में वीआईपी के मामले में एडीजी ने दोहराया कि वहां पर वीआइपी रूम है। उसमें ठहरने वालों को ही वीआइपी कहा जाता है। घटना वाले दिन उस कमरे में कोई नहीं ठहरा था। घटना के पहले व बाद कमरे में जो भी ठहरा था उनसे पूछताछ कर ली गई है। वहीं, इस मामले में एसआइटी ने काफी इलेक्ट्रानिक व फोरेंसिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। हालांकि, चंडीगढ़ लैब भेजे गए साक्ष्यों में से एक-दो की रिपोर्ट अब तक एसआइटी को नहीं मिल पाई हैं। आरोप पत्र दाखिल करने के लिए एसआइटी इन्हीं रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सूत्रों की मानें तो सीएम की नाराजगी के बाद पुलिस विभाग हरकत में आ गया है। बताया जा रहा कि सीएम ने टो टूक कहा है कि पुलिस अधिकारी अगर अपना कार्य ठीक से नही कर पा रहे है तो पुलिस विभाग बड़े फेरबदल और कार्रवाई के लिए तैयार रहे।

लाइसेंस ट्रांसफर करने के एवज में मांगी रिश्वत, रंगे हाथ गिरफ्तार

उत्तराखंड में अधिकारियों के द्वारा रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। उत्तराखंड विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंडी निरीक्षक को 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आरा मिल और लकड़ी मंडी के व्यापारी से लाइसेंस ट्रांसफर करने के नाम पर रिश्वत ली है। विजीलेंस टीम से मिली जानकारी के अनुसार शिकायकर्ता द्वारा भ्रष्टाचार की रोकथाम हेतु दिनांक 29.11.2022 को हैल्प लाईन न0 1064 पर शिकायत दर्ज कराने के उपरान्त दिनांक 01.12.22 को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून के कार्यालय में आकर एक शिकायती पत्र दिया गया, जिसमें उल्लेख किया गया है कि “अपनी आरा मिल व लकडी के थोक व्यापारी का लाइसेस पुत्र के नाम पर करवाने के एवज मे कृषि उत्पादन मण्डी समिति रूड़की के मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून द्वारा शिकायती प्रार्थना पत्र में अंकित आरोपो पर संज्ञान लेते हुए गोपनीय रूप मे जाँच करायी गयी। जांचोपरान्त शिकायती पत्र में लगाये गये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाये गये। जिस पर त्वरित एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
गुरुवार को ट्रैप टीम द्वारा अभियुक्त मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह पुत्र श्री जयनारायण सिंह निवासी ग्राम खपटिहा, थाना हड़िया, जिला प्रयागराज उ0प्र0 हाल निवासी मण्डी समिति कालोनी ज्वालापुर, को मण्डी समिति कार्यलय रूड़की से शिकायतकर्ता से 30000/रू0-( तीस हजार रूपये) की रिश्वत ग्रहण करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। थाना सर्तकता अधिष्ठान, सैक्टर देहरादून में आरोपी के विरूद्व धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) का अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है तथा इस प्रकरण में संलिप्त अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। ट्रैप टीम के उत्साहवर्धन हेतु निदेशक सतर्कता ने नगद पारितोषिक से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देशभर के साधु-संतों से मिल रही शुभकामनाएं

उत्तराखंड विधानसभा में धर्मांतरण पर सख्त कानून बनने से देश के संत-समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है। तमाम साधु-संतों की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। यही नहीं ट्वीटर पर भी आज देश में धर्म रक्षक धामी नंबर एक पर ट्रेंड हुआ।
धर्मांतरण पर सख्त कानून बनाने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही जता चुके थे। हाल ही में हुई मंत्रिमंडल बैठक में धर्मांतरण पर कानून बनाने के प्रस्ताव को पास किया गया था जिसके बाद बुधवार को राज्य सरकार की ओर से विधानसभा के पटल पर धर्मांतरण कानून को प्रस्तुत किया गया जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा लाए गए इस कानून को लेकर अब देश भर में साधु-समाज आनंदित है।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य एवं अयोध्या राम मंदिर के मुख्य ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने उत्तराखंड में धामी सरकार के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए पूरे देश के राज्यों को ऐसी पहल करने की अपील की है और धामी सरकार की पीठ थपथपाई।
स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि धामी के इस कानून से पूरे देश का संत समाज आनंदित और आह्लादित है। धर्मांतरण रोकने के लिए मुख्यमंत्री धामी एक कठोर कानून लेकर आए हैं। वासुदेवानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगा दिया है यह देश एवं समाज हेतु बेहद हितकारक है।
स्वामी परमात्मानंद ने कहा कि जो लोग बल से या कपट से धर्मांतरण करते हैं वह सबसे बड़ा पाप है। उत्तराखंड सरकार ने यह कानून पास करके नया उदाहरण दिया है। इसके लिए धामी को साधुवाद।
साध्वी प्राची ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धामी ने यह बहुत सुंदर निर्णय लिया है। यह उत्तराखंड सरकार की बहुत अच्छी पहल है। बालकानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी को हम हृदय से धन्यवाद देते हैं और प्रभु से प्रार्थना करते हैं वे समाज हित में इसी प्रकार से कार्य करते रहें। योगाचार्य बिपिन जोशी ने कहा कि धर्मांतरण पर बना कानून जरूरी और ऐतिहासिक है।
स्वामी रविन्द्र पूरी ने कहा कि इस कार्य के लिए मोदी और धामी को साधुवाद। धामी ने यह कानून बनाकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। अन्य राज्यों को भी ऐसा कानून बनाना चाहिए। राज राजेश्वरानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी कदम की सराहना करता हूं।

पुलिस ने भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हाकम सिंह की संपत्ति कुर्क की फाइल डीएम को भेजी

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हाकम सिंह पर उत्तराखंड एसटीएफ बड़ा शिकंजा कसने वाली है। हाकम की कुल 6 करोड़ की संपत्ति का आंकलन कर एसटीएफ ने कुर्की की फ़ाइल जिलाधिकारी को भेज दी है। जिलाधिकारी कुर्की की उद्घोषणा का आदेश जारी करेंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में एसटीएफ देहरादून द्वारा सभी नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

इसी कड़ी में यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले के प्रमुख आरोपी हाकम सिंह की अर्जित अवैध सम्पत्ति एसटीएफ कुर्क करेगी। हाकम सिंह द्वारा नकल कराकर अर्जित की गयी 06 करोड़ की सम्पत्ति की कुर्की के लिये एसटीएफ ने जिलाधिकारी देहरादून को रिपोर्ट भेजी है। इसके बाद एसटीएफ नकल गिरोह के हर सदस्य की सम्पत्ति की जांच कर कुर्की की कार्रवाई करेगी।

इसी के अंतर्गत यूकेएसएससी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली में गिरफ्तार किये गये आरोपियों के विरूद्ध प्रचलित गैंगस्टर के मुकदमे में आरोपी हाकम सिंह के विरूद्ध एसटीएफ द्वारा एक और बड़ी कार्यवाही करते हुये हाकम के द्वारा यूकेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में धांधली कराकर उसके द्वारा परिक्षार्थियों से अर्जित किये गये अवैध धन से खरीदी गयी चल-अचल सम्पत्ति का मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया है, जिसमें हाकम सिंह द्वारा इस भर्ती धांधली में अब तक लगभग 06 करोड़ रूपये की चल-अचल सम्पत्ति,वाहन का अर्जित करना पाया गया है। जिस पर हाकम सिंह की अवैध रूप से अर्जित की गई 06 करोड़ रूपये की चल-अचल सम्पत्ति को कुर्क/जब्तीकरण करने के लिए पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट देहरादून को भेजी गयी है ।

अवैध कार्यों से कमाई संपत्ति कुर्क होगी

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि यूकेएसएससी भर्ती घोटाले के सभी मुख्य आरोपियों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत एसटीएफ द्वारा विवेचना की जा रही है तथा गैंगस्टर अधिनियम में धारा 14 में अभियुक्तगणो द्वारा अवैध कार्याे के द्वारा अर्जित चल-अचल सम्पत्ति को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का प्राविधान है। बताया गया की उत्तर प्रदेश् के विभिन्न जनपदों में एसटीएफ की टीम को भर्ती घोटाले में संलिप्त गिरप्तारशुदा अभियुक्तों की सम्पत्ति की जांच को लेकर टीमें रवाना की गयी हैं।आगामी दिनों में अन्य अभियुक्तों की भी सम्पत्ति का आंकलन कर जब्ती कार्यवाही शूरू की जाएगी।

रायवाला पुलिस ने 40 नशे के इंजेक्शन के साथ युवक को किया अरेस्ट

हरिपुर कला निवासी एक युवक को रायवाला पुलिस ने 40 नशे के इंजेक्शन सहित गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

रायवाला थानाध्यक्ष भुवनचंद्र पुजारी ने बताया कि थाना रायवाला पुलिस टीम ने आनन्दोस्व आश्रम के पास हरिपुरकला से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सपेरा बस्ती की ओर से एक व्यक्ति को संदिग्ध प्रतीत होने पर रोका गया।

उक्त व्यक्ति से एक सफेद पन्नी में अलग अलग गत्ते के डिब्बे में 40 इंजेक्शन मिले। पूछताछ करने पर उसने बताया कि इन इंजेक्शन को नशे के रूप में प्रयोग करने के लिए बेचता है। इस मामले में अरविंद पुत्र राजेन्द्र सिंह सैनी निवासी ग्राम मढौरा बिप थाना नहटौर जिला बिजनौर उप्र, हाल गीता कुटीर के पास, हरिपुरकला देहरादून को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया।

इस युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वह नशे के इन्जेक्शन बहादराबाद से एक व्यक्ति जिसे छोटू भाई कहते है, उससे लेकर आता हूं। उसकी बहादराबाद हरिद्वार में दवाइयों की दुकान है। पुलिस के मुताबिक उक्त मेडिकल स्टोर स्वामी के संबंध में क्षेत्र की पुलिस को अवगत कराया गया है।

प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के सबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कंट्रोल रूम में बात कर जन शिकायतों के निस्तारण के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाने में महिला सब इंस्पेक्टर की तैनाती हो। महिला मित्र प्रकोष्ठ की स्थापना की जाए। महिला के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। महिलाओं से जुड़े संगठनों से नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें। महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही हो। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पुलिस की वेबसाइट पर अपराधियों के नामों की लिस्ट अपलोड की जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल दूर की जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाईन में पिछले 10 माह में जो शिकायतें दर्ज हुई, उनमें से 92 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

गौरा शक्ति एप लांच, कामकाजी महिलाएं स्व रजिस्ट्रेशन कराए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों/संस्थानों में कार्यरत महिलाओं के लिए स्व रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ किया। किसी भी कार्यालय में कार्यरत महिलाएं उत्तराखण्ड पुलिस एप में दिये गये विकल्प गौरा शक्ति से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के दृष्टिगत सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालयों में कामकाजी महिलाओं को इस एप में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया जाए। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार एवं प्रसार भी किया जाए। सभी जनपदों में इसके लिए संगोष्ठियों एवं अन्य प्रचार माध्यमों से प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौरा शक्ति के तहत प्राप्त होने वाली शिकायतों पर संबंधित थानों से त्वरित कार्रवाई की जाए। उच्च स्तर से कृत कारवाई की नियमित निगरानी रखी जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि महिलाओं के स्व रजिस्ट्रेशन की यह सुविधा प्रधानमंत्री द्वारा महिला सुरक्षा के लिए बेहतर ईको सिस्टम विकसित करने के विजन के अनुरूप कामकाजी महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस एप में रजिस्ट्रेशन करने वाली सभी महिलाओं की रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी को गोपनीय रखा जायेगा। इसके लिए प्रत्येक जनपद में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं थानों में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं एक महिला कांस्टेबल तैनात की गई है। उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत गौराशक्ति विकल्प में जाकर जब कोई महिला अपना रजिस्ट्रेशन करायेंगी तो संबंधित थाने से महिला सब इंस्पेक्टर को इसकी सूचना प्राप्त होते ही रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिला से बात कर रजिस्ट्रेशन पूर्ण होने की जानकारी देगी, साथ ही समय-समय पर फीडबैक भी लिया जायेगा। गौरा शक्ति के अन्तर्गत स्व रजिस्ट्रेशन के अतिरिक्त महिलाएं ई-शिकायत भी दर्ज करा सकती हैं, साथ ही इसमें महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी और महत्वपूर्ण फोन नम्बर भी उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

धामी ने फोन पर दिवंगत किरण नेगी के पिता से की बात, हर संभव मदद का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दिवंगत किरण नेगी के पिता कुंवर सिंह नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हाल चाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में हम सब लोग आपके साथ हैं। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय में इस प्रकरण को देख रही वकील चारू खन्ना तथा केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू से भी उन्होंने बात की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किरण उत्तराखण्ड की बेटी है, उसको न्याय दिलाने के लिये हम हर संभव प्रयास करेंगे। इस मामले में उत्तराखण्ड सरकार भी आपके साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे दिल्ली आयेंगे तो उनसे मुलाकात भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने नेगी को आश्वस्त किया कि किरण नेगी के प्रकरण में उन्हें न्याय दिलाने में जो भी मदद होगी, वह की जायेगी। किरण के पिता कुंवर सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

कोर्ट फैसलाः धोखाधड़ी के मामले में आरोपी दोषमुक्त

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश ने धोखाधड़ी के नौ साल पुराने मामले में आरोपी को दोषमुक्त किया है।

दरअसल 15 मार्च 2013 को जोगेंद्र सिंह बेदी नामक व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उन्होंने मनी मोहन विश्वास से एक जमीन का सौदा 20 लाख रूपये में किया था। तहरीर में बताया था कि दो गवाहों की मौजूदगी में उन्होंने 16 लाख रूपये उन्हें दिए थे। यह भी बताया था कि उक्त संपत्ति पर मनी मोहन विश्वास ने 4 लाख रूपये का ऋण बैंक से लिया था। उन्होंने मनी मोहन विश्वास पर रजिस्ट्री न देने का भी आरोप लगाया था। साथ ही गाली गलौच करते हुए जान से मारने तक की धमकी दी थी। उक्त मामला न्यायालय में दाखिल हुआ और इसमें छह गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।

मगर, दायर वाद में अधिवक्ता शुभम राठी ने मनी मोहन विश्वास की ओर से मजबूत पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में प्रस्तुत गवाहों से प्रति परीक्षा की, तो सभी के बयानों में मूल बयानों से भिन्नता पाई गई। यही नहीं, जोगेंद्र बेदी से भी सवालात करने पर बयान अलग मिले।

अधिवक्ता शुभम राठी ने न्यायालय के समक्ष यह सिद्ध किया कि जोगेंद्र बेदी की आर्थिक स्थिति मजबूत है, वह बड़ा व्यवसायी है। ऐसे में बिना संपत्ति कागजों का मुआयना किए बिना 20 लाख रूपये का सौदा करना स्वीकार योग्य नहीं है।

अधिवक्ता शुभम राठी की मजबूत पैरवी की बदौलत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश भवदीप रावते ने मनी मोहन विश्वास पुत्र स्व. देवेंद्र नाथ विश्वास निवासी रायवाला को आरोपों से दोषमुक्त किया है।

धामी सरकार परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बनाने जा रही नियम, मिलेगी इतने साल की सजा

भर्तियों में नकल रोकने के लिए बनेगा कानून, मसौदा तैयार, विधानसभा में पास कराने की तैयारी सरकार ने किसी एक आयोग के बजाए प्रदेश में सभी भर्ती कराने वाली संस्थाओं के लिए ‘उत्तराखंड सरकारी सेवाओं में नकल निषेध अधिनियम 2022’ तैयार कर लिया है। शासन स्तर पर हुई बैठक में इस अधिनियम के सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उत्तराखंड में सभी आयोग, बोर्ड, परिषद या विश्वविद्यालय की ओर से होने वाली भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून का मसौदा तैयार कर लिया गया है। आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सरकार इसे पटल पर रखने की तैयारी में है। शासन स्तर पर हुई बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया गया है।
सरकार ने किसी एक आयोग के बजाए प्रदेश में सभी भर्ती कराने वाली संस्थाओं के लिए ‘उत्तराखंड सरकारी सेवाओं में नकल निषेध अधिनियम 2022’ तैयार कर लिया है। शासन स्तर पर हुई बैठक में इस अधिनियम के सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई बैठक में तय किया गया कि कानून में उम्मीदवारों, परीक्षा कराने वाली संस्थाओं और नकल माफियाओं के लिए सजा के अलग-अलग प्रावधान होंगे।
अपर सचिव कार्मिक कर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में होने वाली सरकारी भर्तियों के लिए अधिनियम को लेकर हुई बैठक में न्याय विभाग सहित तमाम संबधित विभागों ने अपने सुझाव दे दिए हैं। दरअसल, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय के साथ ही कई भर्तियों में बड़े पैमाने पर नकल सामने आने के बाद प्रदेश में सख्त नकलरोधी कानून की जरूरत महसूस हुई। आयोग ने बोर्ड बैठक में ऐसे कानून का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था।

प्रदेश में पहली बार ऐसे लागू होगा नकलनिषेध कानून
उत्तराखंड सरकार प्रदेश में पहली बार सख्त नकल निषेध कानून लाने जा रही है। जो मसौदा तैयार हुआ है, उसे कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। यहां से मुहर लगने के बाद विधानसभा सत्र के दौरान पटल पर रखा जाएगा। पास होने के साथ ही यह अधिनियम कानून के रूप में लागू हो जाएगा।

अभी तक यह है प्रावधान
अभी तक पेपर लीक का कोई भी मामला प्रकाश में आने के बाद उत्तराखंड के नकल रोधी कानून के तहत आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 120 बी या हाईटेक नकल होने पर आईटी एक्ट में ही मुकदमे दर्ज होते हैं। आयोग का मानना है कि इन अपराधियों के लिए कानून के यह प्रावधान कमतर हैं।

अब ये सजा संभव
-उम्मीदवारों पर जुर्माने के साथ ही दो से तीन साल की सजा और परीक्षाओं से दो साल तक डिबार करना।
-संस्था की पेपर लीक में भूमिका होने पर भारी भरकम जुर्माना और पांच से सात साल तक की सजा।
-नकल माफिया या गिरोह की भूमिका पर दस साल तक सजा के अलावा संपत्ति कुर्की व दस लाख तक जुर्माना।
-नकल को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध मानकर इसकी जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी ही करेंगे।

कानून न होने पर पेपर लीक के 42 में से 18 आरोपियों की हो चुकी जमानत
प्रदेश में नकल निषेध का कोई सख्त कानून न होने की वजह से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में पेपर लीक के 42 आरोपियों में से 18 की जमानत हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले से ही भर्तियों का पूर्ण पारदर्शी सिस्टम तैयार करने और नकल-पेपर लीक रोकने के लिए बड़ा फैसला लेने की बात कह चुके हैं।