युवती ने युवक पर लगाया शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार


कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में एक युवती ने युवक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है, जिस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, 19 वर्षीय एक युवती ने कोतवाली में तहरीर दी। बताया कि उसकी पहचान राहुल रावत निवासी अमित ग्राम गुमानीवाला श्यामपुर से हुई थी। आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल ने उसे शादी करने का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए। मगर, अब शादी करने से इंकार कर रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

होटल व्यवसायी ने छोटे भाई पर जालसाजी और ठगी का दर्ज कराया मुकदमा

क्षेत्रपाल डंग पुत्र स्वर्गीय टेकचंद डेग निवासी 12 कर्जन रोड डालनवाला थाना डालनवाला ने अपने छोटे भाई मोहनलाल डेग के खिलाफ जालसाज़ी व ठगी के गम्भीर आरोप लगाते हुए ऋषिकेश कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
शिकायत में कहा गया है कि होटल इंद्रलोक ऋषिकेश से संबंधित व्यापार का हिसाब किताब नहीं देने एवं उनके पिता स्वर्गीय टेकचंद के हिंदुस्तान युनिलीवर लिमिटेड मुंबई के 71 शेयर प्रार्थी के नाम पर हस्तांतरित करवा कर ऋषिकेश स्थित हनुमंत एंड कंपनी 14 लाजपत राय मार्ग ऋषिकेश की मार्फत से फर्जी डि-मैट अकाउंट खोलकर कंपोजिट्स सिक्योरिटी लिमिटेड 307 कंचनजंगा बिल्डिंग अट्ठारह बाराखंबा रोड नई दिल्ली के द्वारा उक्त शेयर को पहले डी-मेट करवा कर प्रार्थी के नाम का दुरुपयोग करते हुए वह शेयर को बेचने तथा उसका पैसा भारतीय स्टेट बैंक की रेलवे रोड इंद्रलोक होटल ऋषिकेश की शाखा के खाते में जमा करवा कर मेरे चैक का दुरुपयोग करते हुए कुल 5,17,356.93 रुपये हड़पे गये है।
प्राप्त तहरीर के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश के द्वारा कोतवाली हाजा पर ’मुकदमा अपराध संख्या-410/21, धारा-420 467 468 471 120 बी आईपीसी बनाम मोहनलाल डग’ पंजीकृत किया गया। अभियोग उपरोक्त संबंधित विवेचना एवं अग्रिम आवश्यक कार्रवाई जारी है।

डीजीपी ने कार्य के प्रति लापरवाही न बरतने के दिए निर्देश

अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में समस्त जनपद प्रभारियों, परिक्षेत्र प्रभारियों, सेनानायकों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित होने वाली आगामी विधानसभा सत्र एवं प्रदेश की कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली गयी। इस दौरान विधानसभा सत्र को शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए जरुरी दिशा-निर्देश दिये गये।
1. दिनांक 23 अगस्त 2021 से शुरु होने वाले विधानसभा-सत्र को देखते हुए, जनपद प्रभारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। सत्र के दौरान जुलुस एवं अन्य प्रदर्शनों में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यकतानुसार पुलिस बल लगया जाये। सत्र हेतु सभी तैयारियों समय से करना सुनिश्चित करें।
2. आगामी रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए यातायात में ड्यूटी समय से लगाने के निर्देश दिये गये।
3. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया की चारधाम में आने वाले यात्रियों को प्रवेश राज्य सरकार एंव केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार सुनिश्चित करवाये।
4. जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया की साईबर हेल्प लाईन के नम्बर को भी सभी थाना/चौकी प्रभारी अपने-अपने थाना/चौकी के बोर्ड पर दर्शायें।
5. सोशल मीडिया एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सैल के साथ-साथ सोशल मीडिया इंटरवेंशन सेल को भी एक्टीवेट करें तथा सोशल मीडिया से प्राप्त इनपुट पर प्रभावी कार्यवाही की जा सके।
6. साईबर क्राईम, महिला सुरक्षा एवं ड्रग्स पर जनपद प्रभारियों को और अधिक कार्यदक्षता बढाने के लिए निर्देशित दिये गये।
7. जनपद स्तर पर एडीटीएफ सक्रिय नही है, इसको प्रभावीरुप से सक्रिय किये जाने की आवश्यकता है। जिसके लिए सभी सर्व सम्बन्धित मॉनेट्रिंग करना सुनिश्चित करेंगे तथा इस तैनात कर्मियों को रोटेट किये जाने की भी आवश्यकता है।
8. विगत में यातायात व्यवस्थाओं में विफल रहने पर यातायात प्रभारी राजपुर रोड़, देहरादून को यातायात ड्यूटी से हटा कर उनके मूल तैनाती पर वापस करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को निर्देशित किया गया।
उपरोक्त समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एंव सुरक्षा संजय गुन्ज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक पुष्पक ज्योति, पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र नीरू गर्ग, एसएसपी एसटीएफ अजय सिह, पुलिस अधीक्षक अपराध श्वेता चौबे के अतिरिक्त अन्य अधिकारियों द्वारा ऑनलाईन प्रतिभाग किया गया।

लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट त्रिवेणीघाट से बरामद

टिहरी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां गुरूवार को त्रिवेणी घाट गंगा तट से लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि महिला थाना घनसाली क्षेत्र से बीते बुधवार को घर से लापता हो गई थी।
लेकिन महिला का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। सुसाइड नोट में महिला ने सुसरालियों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए है और मौत की वजह बताई है। वहीं मामले में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही महिला की तलाश के लिए गंगा में सर्च आपरेशन शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि थाना घनसाली टिहरी गढ़वाल, ग्राम तुंग पोस्ट बाजियाल गांव निवासी मंजू पंवार (24 वर्ष) पत्नी दीपक बुधवार की सुबह करीब छह बजे घर से लापता हो गई थी। महिला के पति ने महिला की काफी तालाश की जब मंजू का कहीं कुछ पता नहीं चल सका उसके पति ने थाना घनसाली में सूचना दी। पुलिस ने मामलें में मंजू का गुमशदी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शूरू कर दी थी।
मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था। जिसकी मदद से पुलिस जांच में महिला के मोबाइल लोकेशन गुरुवार की सुबह करीब 6रू30 बजे त्रिवेणी घाट चौकी क्षेत्र में गंगा तट स्थित नाव घाट पर मिली। पुलिस ने मंजू के परिजनों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद विवाहिता के स्वजन नाव घाट पहुंचे तो उन्हें वहां मंजू का ट्राली बैग मिला और उसके अंदर एक डायरी और सुसाइड नोट मिला। जिसकी सूचना त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी को दी गई।
पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मंजू ने डायरी में सुसाइड नोट सहित काफी बातें लिखी हैं। जिसमें लिखा है कि शादी के बाद बच्चा ना होने पर उसकी सास और पति उसे ताना देते थे। मैं सब को छोड़ कर जा रही हूं। वहीं पुलिस ने इस मामले में अनहोनी की आशंका जताई है। जिसके चलते पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की है। इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में सर्च आपरेशन चला रही है। मौके पर मंजू की मां, चाचा सहित कई लोग मौजूद है। जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

कोर्ट परिसर में हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी, 4 गिरफ्तार

ऋषिकेश कोर्ट परिसर में हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाली पुस्तक बांटने पर पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है।

अधिवक्ता आरके जोशी ने बताया कि ऋषिकेश कोर्ट परिसर में एक युवक आया और निशुल्क पुस्तक बांटने लगा, उन्होंने भी इस पुस्तक को लिया और पढ़ने पर पता लगा कि इसमें हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। इस संबंध में अधिवक्ता ने उस युवक से पूछा कि इस पुस्तक के अंदर धार्मिक भावना आहत किया जा रहा है यह पुस्तक किस के निर्देश पर बांटी जा रही है। इस बात पर युवक ने तीन अन्य साथियों के नाम लिए।

इसके बाद अधिवक्ता ने उन तीनों लोगों को फोन पर बात कर मौके पर बुलाया। जब यह लोग मौके पर आए तो अधिवक्ता ने उनसे भी वही प्रश्न किया। अधिवक्ता के प्रश्न के जवाब में उक्त तीन लोगों ने भी देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी को सही ठहराया। साथी फर्जी बाबा रामपाल के शिष्य होने की बात कही।

अधिवक्ता ने इस मामले में कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी है। वही सूचना पाकर पुलिस ने इन चारों लोगों को हिरासत में लिया और कोतवाली लेकर गई। पुलिस ने इन चारों के कब्जे से पुस्तके भी बरामद की है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस देर रात चारों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर सकती है।

अपना स्तर खुद घटा रहे मीडिया संस्थान, भ्रामक खबरों से बचना चाहिए

उत्तराखंड में आज दिनभर से एक खबर को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। दरअसल इस चर्चा का विषय मीडिया की घटती विश्वसनीयता है। यह इसलिए क्यूंकि आज सुबह से ही राज्य सरकार के दो विज्ञापन को लेकर आधारहीन खबरें प्रकाशित की जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि बिना तथ्यों की जानकारी के एक मनगढ़ कहानी बनाकर खबर के रूप में प्रसारित किया जा रहा है। दरअसल ताजा मामला मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के विज्ञापन से जुड़ा हुआ है। जिस पर कतिपय समाचार पोर्टल पर मुख्यमंत्री के तस्वीर के साथ विभागीय मंत्री की फोटो न लगाए जाने को लेकर भ्रामक स्थिति उत्पन्न की जा रही है।

एक नजर कोर्ट के आदेश पर

दरअसल 13 मई 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया गया था कि सरकारी विज्ञापनों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की फोटो ही लगाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कर्नाटक सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार समेत कई राज्यों की सरकार ने इस बार सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से पुनर्विचार याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए ’18 मार्च 2016 को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई व न्यायाधीश पिनाकी चंद्र घोष की पीठ ने यह आदेश संशोधित करते हुए निर्णय दिया कि सरकारी विज्ञापन में मुख्यमंत्री की फोटो लगाई जा सकेगी, इसके अलावा कोर्ट ने इसी आदेश में विभागों के कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्रियों को भी फोटो लगाने हेतु अनुमति प्रदान की है. इस आदेश के तीसरे बिंदु में स्पष्ट कहा गया है कि यदि विभागीय मंत्री की फोटो लगती है तो उसमें मुख्यमंत्री की तस्वीर नहीं लगाई जाएगी यानी कि राज्य सरकार के विज्ञापन में या तो मुख्यमंत्री या फिर विभागीय मंत्री की तस्वीर ही लगाई जाएगी।

मनगढ़त खबरें लिखकर टीआरपी बटोरने की कोशिश
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ज्यादातर राज्य सरकारों द्वारा सरकारी विज्ञापनों में मुख्यमंत्री की ही तस्वीर लगाई जाती हैं, यह बात अलग है कि अगर विभाग अलग से विज्ञापन प्रकाशित कर रहा है तो उसमें विभागीय मंत्री की तस्वीर लगाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी के बिना कतिपय न्यूज पोर्टल इस तरह के मनगढ़त खबरें लिखकर टीआरपी बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा जनता के बीच भी भ्रामक जानकारी दी जा रही है।

नाबालिग से दुष्कर्म का इनामी आरोपित गिरफ्तार

एसओजी व पटेलनगर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई जाकर नाबालिग से दुष्कर्म के इनामी आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित 2017 में जेल से जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था और पुलिस से बचने के लिए नाम बदलकर पंजाब व महाराष्ट्र में रह रहा था। रविवार को पत्रकारों से वार्ता में एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पटेलनगर कोतवाली में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले में आरोपित मुनाजिर निवासी ग्राम बलवा महलगांव अररिया बिहार 2017 से जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद फरार चल रहा था।

न्यायालय में पेश न होने के कारण अदालत ने इसी वर्ष आरोपित को भगोड़ा घोषित किया था। आइजी गढ़वाल ने 2020 में आरोपित पर पांच हजार रुपये इनाम घोषित किया। आरोपित की तलाश में पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। पुलिस को सूचना मिली कि मुनाजिर ठाणे (मुंबई) में है। 27 जुलाई को एसओजी की एक टीम को मुंबई भेजा गया तो पता लगा कि आरोपित अंजार नाम से पठानवाड़ी में रहकर मजदूरी कर रहा है। 29 जुलाई को पुलिस ने ठाणे में आरोपित को दहिसर चेक नाका, होटल सागर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को पुलिस दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर शनिवार रात को देहरादून पहुंची।

एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2015 में मुनाजिर बंजारावाला से 12 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर बिहार ले गया। वहां आरोपित ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद पुलिस ने बच्ची को पानीपत हरियाणा से बरामद करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

लक्ष्मणझूलाः चेन स्नैचिंग के आरोप में हरियाणा की चार महिलाएं गिरफ्तार

नीलकंठ मंदिर में दर्शन के दौरान एक महिला से चेन स्नैचिंग के आरोप में लक्ष्मणझूला पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, पीयूष जोशी पुत्र देवेंद्र जोशी निवासी सी57 न्यू भारत नगर, भिवानी हरियाणा ने तहरीर दी। बताया कि नीलकंठ महादेव मंदिर में दर्शन के दौरान उनकी मां सुनीता जोशी के गले से कुछ महिलाओं ने चेन स्नेचिंग की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए चार महिला आरोपियों को नीलकंठ टैक्सी स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।

थाना प्रभारी लक्ष्मणझूला प्रमोद उनियाल ने आरोपियों की पहचान ममता पत्नी विनोद, कमलेश पत्नी भीम सिंह, पूजा पुत्री रोहित और सुमन पत्नी गोलू सभी निवासी मौहल्ला राम कॉलोनी, थाना सदर, जिला रेवाड़ी, हरियाणा के रूप में कराई है।

हैलोे में भोला बोल रहा हूं, तुम्हारा बच्चा मेरे पास है…..अपहरणकर्ता के यह शब्द सुन भर आईं मां की आंखें

ऋषिकेश में 12 वर्षीय नाबालिग का टाइल्स लगाने वाले एक राजमिस्त्री ने अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ता राजमिस्त्री पूर्व में पीड़ित परिवार के घर छह माह तक रहकर टाइल लगा चुका है। सूचना से नगरभर में हड़कंप मचा रहा। वहीं, पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्रों में सूचना देकर पांच टीमें गठित की। यह घटना दोपहर करीब एक बजकर 30 मिनट पर घटित हुई। वहीं, यूपी के बिजनौर जिला के धामपुर क्षेत्र से पुलिस ने अपहरणकर्ता राजमिस्त्री को रोडवेज बस के भीतर से पकड़ लिया है, वहीं नाबालिग बच्चे को सकुशल बरामद भी किया है। पुलिस टीम आरोपी और नाबालिग को लेकर ऋषिकेश आ रही है। नाबालिग बच्चे के पिता एम्स में सुरक्षाकर्मियों के सुपरवाइजर पद पर कार्यरत है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने अपहरणकर्ता की पहचान भोला निवासी चंपारन बिहार हाल निवासी माया मार्केट श्यामपुर ऋषिकेश के रूप में कराई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिजनौर जिले के धामपुर से पास रोडवेज बस से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही नाबालिग को सकुशल बरामद भी किया है।

निशुल्क बिजली के बाद अब बिजली चोरी पर सरकार की रहेगी सख्ती

ऊर्जा मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने प्रदेश में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना को अमल में लाने के लिए निर्देश जारी किए है।

ऊर्जा मंत्री डा हरक सिंह रावत विभाग को 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिल माफ करने और 200 यूनिट तक खपत करने वालों से 50 फीसद बिल लेने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे चुके हैं। इस पर करीब 400 करोड़ से अधिक का बोझ सरकारी खजाने पर पड़ेगा। इसकी भरपाई के लिए बिजली चोरी पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा। ऊर्जा मंत्री के इस संबंध में निर्देश के बाद विभाग इसे लेकर भी जल्द कार्ययोजना को अंतिम रूप देगा।

बता दें कि बीते दिनों ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें मुख्य सचिव डा. एसएस संधू भी राज्य में बिजली चोरी रोकने और लाइन लास में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने की हिदायत दे चुके हैं। हालांकि ऊर्जा निगम ने बीते चार वर्षों में राजस्व वृद्धि को उपायों पर जोर दिया है। विद्युत चोरी हतोत्साहित करने को ऊर्जागीरी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं बिलिंग दक्षता में चार फीसद वृद्धि हुई है। वर्ष 2020-21 में लाइन लास में कमी आई। ट्रांसमिशन लास 2017-18 में 1.39 फीसद था, जो वर्ष 2020-21 में 1.11 फीसद है। लाइन लास कम करने और बिजली चोरी रोकने के लिए अब सख्त कदम उठाने की पैरोकारी की जा रही है।