859 पोर्न साइट्स को तत्काल बंद करें केंद्र सरकारः हाईकोर्ट

अश्लील वीडियो देख बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये न्यायालय ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी केंद्र सरकार की सूची के अनुसार पोर्न साइट्स बंद करने को कहा है।

पिछले दिनों देहरादून के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में दसवीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामूहिक दुष्कर्म में चार नाबालिग छात्रों का भी नाम सामने आया। चारों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि पोर्न साइट देखने के बाद उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।

इस मामले का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ द्वारा स्वतरू संज्ञान लिया गया। गुरुवार को खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए अहम दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने तथा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों (आइएसपी) को भी केंद्र की सूची के आधार पर पॉर्न साइट्स नहीं चलाने के आदेश पारित किए।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह बताने को कहा है कि 2014 में इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन के अनुपालन में क्या कार्रवाई की गई। केंद्र को इस पर 11 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करना होगा। कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता अरविंद वशिष्ट को न्याय मित्र नियुक्त किया है।

हाईकोर्ट नैनीताल ने सीआरपीसी की धारा 438 को बनाया प्रभावी

नैनीताल हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 438 को प्रभावी बनाते हुये आदेश दिया किया है। जिसके अनुसार राज्य की निचली अदालतें भी अब अग्रिम जमानत दे सकती है। विदित हो कि अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।

हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए राज्य में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 प्रभावी कर दी है। इस आदेश के बाद राज्य की निचली अदालतों को भी अग्रिम जमानत देने का अधिकार मिल गया है। अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।

छात्रसंघ चुनावी रंजिशः तीर्थनगरी में तीन युवकों के अपहरण का प्रयास

ऋषिकेश के कुम्हारबाड़ा क्षेत्र में पांच हमलावर तीन युवकों के अपहरण के प्रयास में पहुंचे। जिनमें से दो भीड़ के हत्थे चढ़ गये। गुस्साई भीड़ ने दो की जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद कोतवाली ऋषिकेश में इनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीड़ अड़ी रही। उक्त मामले को छात्रसंघ चुनाव में चुनावी रंजिश से जोड़ा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक कुम्हारबाड़ा निवासी रजत गुप्ता मंगलवार शाम अपने दोस्त के घर किताब लेने गया था। जब वह लौट रहा था तो कॉलेज में ही पढ़ने वाले एक छात्र ने उसे जबरन एक बिना नंबर की बोलेरो में बैठा दिया। बोलेरो में पहले से ही चार लोग मौजूद थे, जिनमें से एक युवक ने रजत की कनपट्टी पर तमंचा रखकर उससे कुम्हारबाड़ा में ही रहने वाले सागर श्रीवास्तव, विजय व रंजन के घर का पता पूछा।

आरोप है कि कुम्हारबाड़ा में कार रोककर एक युवक रजत को लेकर सागर के घर की ओर गया। सागर अपने एक अन्य साथी सन्नी के साथ घर के बाहर ही मिल गया। रजत के कहने पर सागर व उसका दोस्त सन्नी सड़क पर खड़े बोलेरो वाहन तक आए और वाहन में बैठ गए। मगर, जब सन्नी को कार में सवार लोगों के हाव-भाव ठीक नहीं लगे तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसे देखकर आसपास के लोगों ने कार को घेर लिया। इसी बीच तीन बदमाश कार छोड़कर भाग निकले, जबकि दो बदमाशों को भीड़ ने धर दबोचा। भीड़ ने दोनों की जमकर पिटाई की और बोलेरो वाहन में भी तोड़फोड़ कर दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपित हमलावरों को हिरासत में लेकर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां दोनों का उपचार किया गया। आरोपितों ने अपने नाम गौरव भारती व विकसित बताया है।

उधर, सरेआम हुई इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। क्षेत्रीय सभासद मीरा प्रजापति, कविता शाह, देवेंद्र प्रजापति सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कोतवाली पहुंचकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक का घेराव किया। उन्होंने फरार तीन आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की।

उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रीतेश शाह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह युवकों के आपसी विवाद का मामला लग रहा है। दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। एक पक्ष की ओर से तहरीर भी मिल गई है, जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

हरिद्वार के एक चौकी प्रभारी को एसएसपी ने किया निलंबित, जाने क्या है वजह?

हरिद्वार के कनखल में जमालपुर कलां की रूद्र विहार नामक कॉलोनी में बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में रखे जेवरात सहित 25 हजार रूपये की नगदी भी झपट ली। विरोध करने पर एक व्यक्ति को लाठी डंडे से पीटकर घायल कर दिया। साथ ही घर से जाते वक्त सभी सदस्यों को एक कमरे में बंद भी कर दिया।

कनखल पीड़ित परिवार वालों के मुताबिक बदमाशों में कुछ ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे, जबकि कुछ हाथ में लाठी डंडे लिए हुए थे। पुलिस के अलावा सीआईयू, डॉग स्कवॉड व फगर पट्र एक्सपर्ट की टीमें डकैतों का सुराग लगाने में जुट गई हैं। पिछले सप्ताह कलियर में हुई डकैती के तौर तरीके में समानता को देखते हुए पुलिस दोनों में एक ही गिरोह का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

घटना की सूचना देरी से देने के आरोप में एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने जगजीतपुर चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से तीसा गांव, थाना भोपा जिला मुजफ्फरनगर निवासी सतपाल सिंह का परिवार कनखल थानाक्षेत्र के जमालपुर कलां की रुद्र विहार कॉलोनी में रहता है। खेती किसानी से जुड़े सतपाल सिंह शनिवार को अपने गांव गए हुए थे। रात घर पर उनका बेटा विकास, बहु पूजा, पत्नी पूनम व ढाई साल का पोता कृष्णा मौजूद थे। एक कमरे में विकास व उसकी पत्नी पूजा सोए हुए थे। जबकि दूसरे कमरे में पूनम अपने ढाई साल के पोते कृष्णा के साथ सो रही थी।

तड़के करीब पौने तीन बजे सात आठ बदमाश घर में घुसकर विकास के कमरे में पहुंच गए। उन्होंने लाठी डंडों के बल पर विकास व उसकी पत्नी पूजा को धमकाया। तभी एक ने पूजा के कान से कुंडल झपट लिए। उसके कान से खून बहने लगा। विकास ने विरोध किया तो बदमाशों ने लाठी डंडों से उसे पीट डाला। शोर सुनकर दूसरे कमरे में सो रही विकास की मां पूनम की नींद टूट गई। वह कमरे में पहुंची तो नजारा देखकर होश उड़ गए। बदमाशों ने पूनम को धमका कर खामोश रहने को कहा।

इसी दौरान बदमाशों ने घर में रखी 25 हजार की नगदी, मंगलसूत्र, पायजेब कब्जे में ले ली। घरवालों के दो मोबाइल फोन भी उन्होंने तोड़ डाले। फरार होने से पहले बदमाश घरवालों को कमरे में बंद कर गए। एक अन्य फोन से उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को घटनाक्रम की सूचना दी। करीब साढ़े तीन बजे कनखल पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक परिवार को मुक्त कराया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एसपी सिटी ममता वोहर, सीओ कनखल स्वप्नकिशोर सिंह ने मौका मुआयना कर पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी जुटाई।

खनन व्यापारी ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को उतारा मौत के घाट

लाइसेंसी बंदूक से एक खनन व्यापारी ने खुद को गोली मार ली। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

नैनीताल जिले के लांलकुआ के गोरापड़ाव निवासी चंचल सिंह राठौर (50 वर्ष) पुत्र कैप्टन योगा सिंह ने रविवार दोपहर घर बाहर खलियान में अपनी लाइसेंसी दोनली बंदूक से कनपटी में गोली मार दी। इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े। मकान की दीवार खून के छीटे से रंग गई। गोली की आवाज सुनकर जबतक परिजन बाहर आते चंचल दम तोड़ चुके थे। चंचल द्वारा खुद को गोली मारने का पूरा प्रकरण उसके घर मे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। मौके पर पहुची मंडी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पा रहा है।

चंचल के पिता आर्मी रिटायर्ड है, जबकि उसका बेटा भी सेना में तैनात है। दूसरा बेटा हैदराबाद में पढ़ाई कर रहा है। चंचल के पास चार डंपर है। उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है।

कुछ दिन पहले लगाये थे सीसीटीवी कैमरे

मृतक चंचल के छोटे भाई शेखर ने बताया कि बड़ा भाई पिछले कई दिनों से डरा-सहमा रहता था। वो अक्सर कहता था कि कोई उसे मार देगा, जिसके चलते पांच दिन पहले घर में कैमरे भी लगाए गए। आज सुबह मेन रोड पर मोबाइल रिचार्ज की दुकान चलाने वाले पंकज से भी उसने यही बात दोहराई। ठीक 12 बजे घर के आंगन में उसने खुद को गोली मार ली।

इंग्लैंड में जॉब करता है छोटा भाई

मृतक चंचल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। दूसरे नंबर का भाई हीरा राठौर इंग्लैंड में जॉब करता है, जबकि सबसे छोटा शेखर भी खनन कारोबारी है। तीनों भाइयों के मकान आपस में सटे है। सुबह शेखर चंचल से मिलने भी गया था। उस समय वो सामान्य था।

ऋषिकेश के दोहरे हत्याकांड का आरोपी सेवादार को कोर्ट ने दी सजा ए मौत

पिछले वर्ष नेपाली मूल की दो बच्चियों को मौत के घाट उतारने वाले सरदार परवान सिंह को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। वहीं परवान सिंह पर साठ हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। जिसमें से तीस हजार रूपये पीड़ित परिवार को दिये जाएंगे।

अदालत ने राहत कोष से भी इस परिवार को एक लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं। मासूम बच्ची की मुट्ठी से मिले दोषी के दाढ़ी के बाल उसे सजा दिलाने में अहम सुबूत बने। पोक्सो की विशेष न्यायाधीश रमा पांडे की अदालत ने करीब सालभर के भीतर मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया। दोषी दरिंदा तब ऋषिकेश के श्यामपुर स्थित गुरूद्वारे में सेवादार था।

पिछले साल 15 जून, 2017 को ऋषिकेश के निकटवर्ती क्षेत्र श्यामपुर में यह घटना सामने आई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक परवान सिंह यहां एक गुरूद्वारे में सेवादार था। वह परिसर में ही रहता था। गुरूद्वारे के पिछले हिस्से में बने कमरे में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ किराये पर रहती थी। वह आसपास के घरों में साफ-सफाई कर परिवार का गुजर बसर करती थी। 15 जून की सुबह महिला रोज की तरह अपने काम पर चली गई।

घर पर उसकी 13 और तीन साल की बेटियां अकेली थी। उसका आठ साल का बेटा रिश्तेदार के घर गया हुआ था। इसी दौरान सेवादार परवान सिंह उनके कमरे में गया और बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। लेकिन विरोध के चलते वह नाकाम रहा। इस पर उसने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने उसकी तीन साल की छोटी बहन के साथ पहले दुष्कर्म किया और फिर उसे भी गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया।

कुछ देर बाद पुलिस ने आरोपित सेवादार को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद फॉरेंसिक जांच में आरोपित के सीमेन और दाढ़ी के बालों के नमूने की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। दुष्कर्म के दौरान बचाव में छटपटाहट के वक्त आरोपित की दाढ़ी के कुछ बाल बच्ची की मुट्ठी में फंस गए थे। इन्हें ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।

पोक्सो की विशेष न्यायाधीश रमा पांडे की अदालत में मामले की सुनवाई चली। अभियोजन पक्ष की तरफ से 14 गवाह पेश किए गए। अदालत ने तीन रोज पहले सेवादार परवान सिंह को दुष्कर्म और हत्या का दोषी करार दिया था।

गुरूवार को अदालत ने उसे हत्या में मौत और पोक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों ही अपराधों पर उस पर तीस-तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी ने बताया कि अदालत ने इसे रेयर ऑफ द रेयरेस्ट माना।

पन्नी में लिपटा मिला युवक का शव, हत्या की आशंका

एक अगस्त को घर से अचानक लापता हुये युवक का शव रविवार को घर के पास स्थित एक नाले में पड़ा मिला। घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि युवक के बड़े भाई की मौत तीन अगस्त हो हुयी थी। जिसका अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया। परिवार में तीन दिन के अंदर दो युवकों की मौत से सन्नाटा छाया हुआ है।

मनेरी भाली परियोजना के स्टील यार्ड के समीप नेहरू ग्राम, इंदिरा नगर निवासी सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू (30) पुत्र रतिराम त्यागी एक अगस्त की शाम अपनी दुकान बंद कर घर में आ गया था। इसी दौरान कुछ युवक उसे बुलाकर अपने साथ ले गए। जब पूरी रात सत्य प्रकाश घर नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने उसके मोबाइल पर भी कॉल करने की कोशिश की, मगर मोबाइल स्विच ऑफ था। जिसके बाद दो अगस्त को परिजनों ने कोतवाली पुलिस में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। रविवार को युवक के घर से कुछ ही दूरी पर रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले नाले में बदबू आने पर आसपास के लोगों का ध्यान उस ओर गया। यहां नाले में पड़े एक प्लास्टिक की पन्नी को जब लोगों ने खोलकर देखा तो उसमें शव रखा हुआ था। सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण ोसह कोश्यारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद उसकी पहचान पांच दिन से लापता सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू के रूप में की गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।

तीन अगस्त को हुई थी बड़े भाई की मौत

नेहरू ग्राम निवासी सत्य प्रकाश त्यागी एक अगस्त की शाम लापता हो गया था। तीन अगस्त को ही उसके बड़े भाई अनिल त्यागी की भी बीमारी के चलते मौत हो गई, जिसका शनिवार को ही दाह संस्कार किया गया है। घर में एक साथ दो लोगों की मौत से परिवार सदमे में है। मृतक सत्य प्रकाश त्यागी आठ भाई थे, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है। मृतक सत्य प्रकाश त्यागी शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां भी हैं।

युवक की हत्या से क्षेत्र में सनसनी
नेहरू ग्राम के समीप नाले में मिले युवक के शव से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने शनिवार को ही यहां नाली में यह प्लास्टिक की पन्नी देख ली थी। मगर, कोई जानवर होने की आशंका के उन्होंने इस ओर कोई गौर नहीं किया। रविवार को जब नाले में बदबू आई तो आसपास के लोगों ने इस पन्नी को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए।

परिजनों के बयान व मोबाइल की लोकेशन खोल सकती है राज
मृतक सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू के परिजनों ने बताया कि एक अगस्त की शाम को कुछ युवक उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। वह इसके बाद कहां गए परिजनों को कुछ भी पता नहीं है। परिजन यह भी नहीं बता पाए कि आखिर सत्य प्रकाश को अपने साथ ले जाने वाले लोग कौन थे। वहीं एक अगस्त की रात से ही सत्य प्रकाश का मोबाइल भी स्विच ऑफ है, जिससे पुलिस उसकी लोकेशन को भी ट्रेस नहीं कर पाई। फिलहाल पुलिस को परिजनों के बयान और मृतक सत्य प्रकाश की आखिरी लोकेशन से ही इस मामले में कुछ सफलता हाथ लग सकती है।

महिला दारोगा पर पुलिस ने किया मुकदमा, जानिए क्यों?

उत्तराखंड के क्राइम ब्रांच में तैनात महिला दारोगा पर मुकदमा हुआ है। महिला दारोगा दीपारानी पर ऋषिकेश के एक आश्रम से पांच लाख रूपये डकारने का आरोप है। डीजीपी के आदेश के बाद महिला दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आरोप है कि महिला दारोगा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक योग अकादमी के संचालक से पांच लाख रुपये की वसूली की। पीड़ित ने बताया कि दो युवक और एक युवती वहां पहुंचे और उन्हें ड्रग्स बेचने के मामले में फंसाने की बात कही। जिसके बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। वहीं, प्राथमिक जांच में इस बात की पुष्टि हो गई। जिस पर डीआइजी गढ़वाल अजय रौतेला ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

मामला टिहरी गढ़वाल जिले के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र का है। मुनिकीरेती में योग अकादमी का संचालन करने वाले एक डॉक्टर ने डीजीपी को शिकायत सौंपते हुए बताया कि उनकी अकादमी डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त है। आरोप लगाया कि विगत 12 जुलाई को एक महिला और दो पुरुष उनके दफ्तर में आए।

महिला ने खुद को क्राइम ब्रांच की दारोगा और दो पुरुषों ने खुद को उनका अधीनस्थ बताया। इसके बाद वह उनके कार्यालय की जबरन तलाशी लेने लगे। डॉक्टर का आरोप है कि वह अपने साथ कुछ दवाएं और एक जहर की सीसी लाए थे, उसके साथ वह वीडियो बनाने लगे। इसके बाद वह उसे धमकाने लग गए और विदेशियों को नशा बेचने के आरोप में फंसाने की धमकी देने लगे।

डॉक्टर का ये भी आरोप है कि उन्होंने उससे पहले दस लाख रुपये मांगे। हालांकि बाद में पांच लाख रुपये न देने पर योग केंद्र सील करने की धमकी देकर चले गए। डॉक्टर के मुताबिक, उन्होंने किसी तरह से पांच लाख रुपये एकत्रित कर उन्हें दिए। बताया कि 18 जुलाई को दोबारा महिला दारोगा उनके पास आई और किसी से इसकी शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी देकर चली गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने एडीजी को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। कोटद्वार के एएसपी हरीश वर्मा को इसकी जांच सौंपी गई।

युवक ने अश्लील फोटो व्हाट्सअप पर डाला, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

एक युवक ने व्हाट्सअप ग्रुप में एक के बाद एक करीब 11 अश्लील फोटो व एक वीडियो अपलोड कर दी। जिससे ग्रुप के सभी सदस्यों में गुस्सा उमड़ पड़ा और उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की। पुलिस ने भी इस बात को संज्ञान में लेते हुये युवक के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया।

टनकपुर में लोगों को क्षेत्रीय समाचारों की सूचना तत्काल मिल सके। इसके लिये एक समाचार पत्र के रिपोर्टर ने टनकपुर नाम से न्यूज ग्रुप बनाया। जिसमें शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ ही अधिकारियों और महिलाओं को जोड़ा गया।

इन दिनों व्हॉट्सएप ग्रुप पर फैलाए जाने वाले भ्रामक मैसेजों को लेकर पुलिस भी सतर्कता बरते हुए है, लेकिन लोगों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। रविवार की शाम एक मोबाइल नंबर से एक के बाद एक कर इस ग्रुप में 11 अश्लील फोटो और एक अश्लील वीडियो डाली गई। ग्रुप में जुड़े लोगों ने घटना की कड़ी निंदा की। वहीं, ग्रुप से जुड़ी महिलाओं ने ग्रुप से लेफ्ट होना शुरू कर दिया।

हालांकि ग्रुप एडमिन ने भी स्वयं इस ग्रुप से कई लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। सीओ राजन सिंह रौतेला ने उक्त मामले को स्वयं संज्ञान में लिया और आरोपित युवक की शिनाख्त करते हुए उसके खिलाफ 66-आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

वायदे से मुकरी महिला, सरोगेसी मां बनने के नाम पर डकार ली रकम

एक महिला ने सरोगेसी मां बनने के नाम पर ऋषिकेश के दंपत्ति से ढाई लाख रूपये डकार लिये और खुद रफूचक्कर हो गयी। पुलिस ने उक्त महिला को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है।

ऋषिकेश थाना क्षेत्र निवासी एक दंपति ने बीती छह मार्च 2018 को ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर दी थी। उनका कहना था कि शादी के कई साल बाद भी उनकी कोई संतान नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ सलाह मशवरा कर सरोगेसी विधि द्वारा संतान प्राप्त करने पर एक राय की। जुलाई 2014 में उन दोनों की मुलाकात एक महिला से हुई जिसने सरोगेसी विधि के जरिए उन्हें बच्चा पैदा कर देने की बात कही।

दंपति ने बताया कि इसके एवज में महिला ने उनसे ढाई लाख रूपय में बात तय की। आरोप है कि मेरठ के एक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में भ्रूण प्रत्यारोपण के बाद उक्त महिला के समस्त इलाज, खान-पान, रहन रहन-सहन और और दवा आदि का प्रबंध दंपति द्वारा अलग से किया गया। गर्भधारण के तीन माह बाद उक्त महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पता चला कि उसके गर्भ में एक नही बल्कि दो भ्रूण जीवित अवस्था में हैं। महिला को जब इसका पता चला तो उसने एक भ्रूण दंपत्ति को देने की बात कही। मगर, कुछ समय बाद महिला की नीयत बदल गयी और वह बिना कुछ बताये अचानक दंपति से दूर होकर गायब हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उक्त महिला का कोई पता नहीं चल पाया। जब उसके मोबाइल पर संपर्क किया गया तो महिला ने बताया कि उसकी एक ही संतान पैदा हुई, दूसरी संतान मृत पैदा हुई है, इसलिए वह अपने संतान दंपत्ति को नहीं देगी।

कोतवाली पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पूरे मामले में की छानबीन के लिए एसटीएफ की भी मदद ली। जिसके बाद पुलिस ने 11 जुलाई को उक्त महिला को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि महिला सरोगेसी मां बनने के नाम पर कुछ अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी कर चुकी है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोपित महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।