पन्नी में लिपटा मिला युवक का शव, हत्या की आशंका

एक अगस्त को घर से अचानक लापता हुये युवक का शव रविवार को घर के पास स्थित एक नाले में पड़ा मिला। घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि युवक के बड़े भाई की मौत तीन अगस्त हो हुयी थी। जिसका अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया। परिवार में तीन दिन के अंदर दो युवकों की मौत से सन्नाटा छाया हुआ है।

मनेरी भाली परियोजना के स्टील यार्ड के समीप नेहरू ग्राम, इंदिरा नगर निवासी सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू (30) पुत्र रतिराम त्यागी एक अगस्त की शाम अपनी दुकान बंद कर घर में आ गया था। इसी दौरान कुछ युवक उसे बुलाकर अपने साथ ले गए। जब पूरी रात सत्य प्रकाश घर नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने उसके मोबाइल पर भी कॉल करने की कोशिश की, मगर मोबाइल स्विच ऑफ था। जिसके बाद दो अगस्त को परिजनों ने कोतवाली पुलिस में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। रविवार को युवक के घर से कुछ ही दूरी पर रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले नाले में बदबू आने पर आसपास के लोगों का ध्यान उस ओर गया। यहां नाले में पड़े एक प्लास्टिक की पन्नी को जब लोगों ने खोलकर देखा तो उसमें शव रखा हुआ था। सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण ोसह कोश्यारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद उसकी पहचान पांच दिन से लापता सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू के रूप में की गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।

तीन अगस्त को हुई थी बड़े भाई की मौत

नेहरू ग्राम निवासी सत्य प्रकाश त्यागी एक अगस्त की शाम लापता हो गया था। तीन अगस्त को ही उसके बड़े भाई अनिल त्यागी की भी बीमारी के चलते मौत हो गई, जिसका शनिवार को ही दाह संस्कार किया गया है। घर में एक साथ दो लोगों की मौत से परिवार सदमे में है। मृतक सत्य प्रकाश त्यागी आठ भाई थे, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है। मृतक सत्य प्रकाश त्यागी शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां भी हैं।

युवक की हत्या से क्षेत्र में सनसनी
नेहरू ग्राम के समीप नाले में मिले युवक के शव से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने शनिवार को ही यहां नाली में यह प्लास्टिक की पन्नी देख ली थी। मगर, कोई जानवर होने की आशंका के उन्होंने इस ओर कोई गौर नहीं किया। रविवार को जब नाले में बदबू आई तो आसपास के लोगों ने इस पन्नी को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए।

परिजनों के बयान व मोबाइल की लोकेशन खोल सकती है राज
मृतक सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू के परिजनों ने बताया कि एक अगस्त की शाम को कुछ युवक उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। वह इसके बाद कहां गए परिजनों को कुछ भी पता नहीं है। परिजन यह भी नहीं बता पाए कि आखिर सत्य प्रकाश को अपने साथ ले जाने वाले लोग कौन थे। वहीं एक अगस्त की रात से ही सत्य प्रकाश का मोबाइल भी स्विच ऑफ है, जिससे पुलिस उसकी लोकेशन को भी ट्रेस नहीं कर पाई। फिलहाल पुलिस को परिजनों के बयान और मृतक सत्य प्रकाश की आखिरी लोकेशन से ही इस मामले में कुछ सफलता हाथ लग सकती है।

महिला दारोगा पर पुलिस ने किया मुकदमा, जानिए क्यों?

उत्तराखंड के क्राइम ब्रांच में तैनात महिला दारोगा पर मुकदमा हुआ है। महिला दारोगा दीपारानी पर ऋषिकेश के एक आश्रम से पांच लाख रूपये डकारने का आरोप है। डीजीपी के आदेश के बाद महिला दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आरोप है कि महिला दारोगा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक योग अकादमी के संचालक से पांच लाख रुपये की वसूली की। पीड़ित ने बताया कि दो युवक और एक युवती वहां पहुंचे और उन्हें ड्रग्स बेचने के मामले में फंसाने की बात कही। जिसके बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। वहीं, प्राथमिक जांच में इस बात की पुष्टि हो गई। जिस पर डीआइजी गढ़वाल अजय रौतेला ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

मामला टिहरी गढ़वाल जिले के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र का है। मुनिकीरेती में योग अकादमी का संचालन करने वाले एक डॉक्टर ने डीजीपी को शिकायत सौंपते हुए बताया कि उनकी अकादमी डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त है। आरोप लगाया कि विगत 12 जुलाई को एक महिला और दो पुरुष उनके दफ्तर में आए।

महिला ने खुद को क्राइम ब्रांच की दारोगा और दो पुरुषों ने खुद को उनका अधीनस्थ बताया। इसके बाद वह उनके कार्यालय की जबरन तलाशी लेने लगे। डॉक्टर का आरोप है कि वह अपने साथ कुछ दवाएं और एक जहर की सीसी लाए थे, उसके साथ वह वीडियो बनाने लगे। इसके बाद वह उसे धमकाने लग गए और विदेशियों को नशा बेचने के आरोप में फंसाने की धमकी देने लगे।

डॉक्टर का ये भी आरोप है कि उन्होंने उससे पहले दस लाख रुपये मांगे। हालांकि बाद में पांच लाख रुपये न देने पर योग केंद्र सील करने की धमकी देकर चले गए। डॉक्टर के मुताबिक, उन्होंने किसी तरह से पांच लाख रुपये एकत्रित कर उन्हें दिए। बताया कि 18 जुलाई को दोबारा महिला दारोगा उनके पास आई और किसी से इसकी शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी देकर चली गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने एडीजी को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। कोटद्वार के एएसपी हरीश वर्मा को इसकी जांच सौंपी गई।

युवक ने अश्लील फोटो व्हाट्सअप पर डाला, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

एक युवक ने व्हाट्सअप ग्रुप में एक के बाद एक करीब 11 अश्लील फोटो व एक वीडियो अपलोड कर दी। जिससे ग्रुप के सभी सदस्यों में गुस्सा उमड़ पड़ा और उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की। पुलिस ने भी इस बात को संज्ञान में लेते हुये युवक के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया।

टनकपुर में लोगों को क्षेत्रीय समाचारों की सूचना तत्काल मिल सके। इसके लिये एक समाचार पत्र के रिपोर्टर ने टनकपुर नाम से न्यूज ग्रुप बनाया। जिसमें शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ ही अधिकारियों और महिलाओं को जोड़ा गया।

इन दिनों व्हॉट्सएप ग्रुप पर फैलाए जाने वाले भ्रामक मैसेजों को लेकर पुलिस भी सतर्कता बरते हुए है, लेकिन लोगों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। रविवार की शाम एक मोबाइल नंबर से एक के बाद एक कर इस ग्रुप में 11 अश्लील फोटो और एक अश्लील वीडियो डाली गई। ग्रुप में जुड़े लोगों ने घटना की कड़ी निंदा की। वहीं, ग्रुप से जुड़ी महिलाओं ने ग्रुप से लेफ्ट होना शुरू कर दिया।

हालांकि ग्रुप एडमिन ने भी स्वयं इस ग्रुप से कई लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। सीओ राजन सिंह रौतेला ने उक्त मामले को स्वयं संज्ञान में लिया और आरोपित युवक की शिनाख्त करते हुए उसके खिलाफ 66-आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

वायदे से मुकरी महिला, सरोगेसी मां बनने के नाम पर डकार ली रकम

एक महिला ने सरोगेसी मां बनने के नाम पर ऋषिकेश के दंपत्ति से ढाई लाख रूपये डकार लिये और खुद रफूचक्कर हो गयी। पुलिस ने उक्त महिला को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है।

ऋषिकेश थाना क्षेत्र निवासी एक दंपति ने बीती छह मार्च 2018 को ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर दी थी। उनका कहना था कि शादी के कई साल बाद भी उनकी कोई संतान नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ सलाह मशवरा कर सरोगेसी विधि द्वारा संतान प्राप्त करने पर एक राय की। जुलाई 2014 में उन दोनों की मुलाकात एक महिला से हुई जिसने सरोगेसी विधि के जरिए उन्हें बच्चा पैदा कर देने की बात कही।

दंपति ने बताया कि इसके एवज में महिला ने उनसे ढाई लाख रूपय में बात तय की। आरोप है कि मेरठ के एक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में भ्रूण प्रत्यारोपण के बाद उक्त महिला के समस्त इलाज, खान-पान, रहन रहन-सहन और और दवा आदि का प्रबंध दंपति द्वारा अलग से किया गया। गर्भधारण के तीन माह बाद उक्त महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पता चला कि उसके गर्भ में एक नही बल्कि दो भ्रूण जीवित अवस्था में हैं। महिला को जब इसका पता चला तो उसने एक भ्रूण दंपत्ति को देने की बात कही। मगर, कुछ समय बाद महिला की नीयत बदल गयी और वह बिना कुछ बताये अचानक दंपति से दूर होकर गायब हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उक्त महिला का कोई पता नहीं चल पाया। जब उसके मोबाइल पर संपर्क किया गया तो महिला ने बताया कि उसकी एक ही संतान पैदा हुई, दूसरी संतान मृत पैदा हुई है, इसलिए वह अपने संतान दंपत्ति को नहीं देगी।

कोतवाली पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पूरे मामले में की छानबीन के लिए एसटीएफ की भी मदद ली। जिसके बाद पुलिस ने 11 जुलाई को उक्त महिला को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि महिला सरोगेसी मां बनने के नाम पर कुछ अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी कर चुकी है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोपित महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

भीड़ के आगे हमलावर गुलदार ने टेके घुटने

पौड़ी जिले में कपड़े धो रही एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमला होते ही महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुला लिया। लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने गुलदार को मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान गुलदान ने भी दो ग्रामीणों को घायल कर दिया। जिन्हें श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना श्रीनगर से नौ किलोमीटर दूर ग्रामसभा गहड़ के बसोल्यूं तोक में मंगलवार सुबह लगभग दस बजे हुई। फतेह सिंह की 40 वर्षीय पत्नी ममता गांव के समीप गदेरे (बरसाती नाला) में कपड़े धो रही थी, तभी गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर नजदीकी ग्रामीण लाठी-डंडे के साथ वहां पहुंचे। भीड़ से घिरा देख गुलदार और आक्रामक हो गया। तभी उसने दो अन्य लोगों 52 वर्षीय राजेंद्र सिंह और 35 वर्षीय लल्लन सिंह पर भी झपट्टा मार दिया। यह देख ग्रामीणों ने बचाव में उस पर पत्थर और डंडों से प्रहार किया।

जख्मी गुलदार वहां से भागने को मजबूर हुआ। वह कुछ ही दूरी पर पहुंचा था कि उसने दम तोड़ दिया। हमले में ममता के सिर और हाथ-पैर जख्मी हुए हैं, जबकि बीच बचाव को आए राजेंद्र और लल्लन सिंह के हाथ में खरोचें आई हैं। लल्लन को छोड़ बाकी दो को उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर में ले जाया गया है।

इस बीच, सूचना पर रेंजर अनिल भट्ट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुलदार के शरीर पर गनशॉट जैसा कोई निशान नहीं पाया गया। अंदरूनी चोट की वजह से उसकी मौत होने का अनुमान है। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। गहड़ के प्रधान राकेश भंडारी ने बताया कि इलाके में दो अन्य गुलदार देखे गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि मारा गया गुलदार भी इसी परिवार का सदस्य था। उसकी उम्र एक से डेढ़ साल है। रेंजर ने बताया कि इन गुलदारों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजड़ा लगा दिया गया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विभोर बहुगुणा ने बताया कि मारे गए गुलदार ने घटना से कुछ पहले घास लेने जा रही पांच महिलाओं पर भी झपटने की कोशिश की थी। उनके शोर मचाने से गुलदार गदेरे की ओर चला गया था।

एक ही प्रापर्टी से लिया तीन अलग बैंको से कर्ज

आरटीआई से नैनताल में सरकारी पैसों को बंदरबाट की खबर सामने आई है। दरअसल राजस्व विभाग के पटवारी व कुछ किसानों की आपसी मिलीभगत के चलते बैंक से भारी मात्रा में कर्ज लिया गया। जबकि बैंक में दिखाये गये जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों में फेरबदल किया गया है।

आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ है कि देवीदत्त नाम के एक मृत व्यक्ति के नाम से भी बैंकों से ऋण लिया गया है और दो बैंकों से मृतक देवी दत्त के नाम से किसान मृतक बीमा क्लेम भी ले लिया गया।

आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले पर बड़ौदा बैंक, द नैनीताल बैंक और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी, लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस पूरे मामले पर कुमाऊं के कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए पूरे घोटाले की जांच करने की बात कही है, उनके मुताबिक जिलाधिकारी से मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वारदातः जनपद हरिद्वार में तीन लोगों पर हुयी फायरिंग

हरिद्वार जिले में एक सनसनी वारदात सामने आई है। जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गोली मार दी गयी। पीड़ित परिवार को कसूर बस इतना था कि वह खेत में पानी डाल रहा था। जो कि हमलावरों को नागवार गुजरा।

गुरूवार को हरिद्वार के झबरेडा के हतश्यामपुर गांव में शाम छह बजे वेदपाल नाम व्यक्ति रजवाहे के पास ट्रैक्टर में पंप लगाकर खेत में पानी दे रहा था। इसी दौरान गांव का ही एक अन्य व्यक्ति महकार अपने कुछ साथियों के साथ वहां आ पहुंचा। वे खेत में पानी देने का विरोध करने लगे, इसी को लेकर उनका विवाद हो गया।

आरोप है कि महकार और उसके साथ आए लोगों ने वेदपाल से मारपीट शुरू कर दी। उसके 20 वर्षीय बेटे विकास ने विरोध किया तो उन्होंने तमंचे पर फायर झोंक दिए। इनमें से एक गोली विकास के सिर पर लगी, वह वहीं पर ढेर हो गया। दूसरी गोली वेदपाल के सिर में और एक अन्य उसके भतीजे अनित के हाथ में लगी। वेदपाल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। घटना का पता चलने पर गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी ममता बोहरा और सीओ स्वप्न किशोर सिंह मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। घायल वेदपाल और अनित को जौलीग्रांट स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि हत्या के बाद आरोपित गांव से फरार हो गए। चार लोग हिरासत में लिए गए है। फिलहाल घटना के संबंध में तहरीर नहीं मिल पायी है।

एससी का एचसी को निर्देश, जल्द निपटाये यौन उत्पीड़न मामला

बच्चों में आए दिन हो रहे यौन उत्पीड़न के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट को निर्देश दिये है। एससी ने कहा कि बच्चों के यौन उत्पीड़न संबंघी मामलों का त्वरित निपटारा किया जाये।
अब बच्चों में यौन उत्पीड़न संबंधी मामले की त्वरित सुनवाई और निपटारा हो सकेगा। इसके लिये उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों के उच्च न्यायालय को निर्देश दिये है।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिए हैं। याचिका में पॉक्सो कानून कड़ाई से लागू करने के साथ बाल यौन उत्पीड़न के मामलों की त्वरित जांच और ट्रायल के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। याचिका दिल्ली में आठ महीने की बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद दाखिल की गई थी।

प्रधान न्यायधीश दीपक मिश्र ने सभी उच्च न्यायालयों को दिशा निर्देश देते हुये कहा कि हाई कोर्ट देखें कि पॉक्सो कानून के तहत सुनवाई कर रही विशेष अदालतें तय नियमों के मुताबिक मामलों का निपटारा कर रही है।

साथ ही संबंधित हाईकोर्ट ’विशेष अदालतों को निर्देश जारी करें कि सुनवाई में गैर जरूरी स्थगन आदेश न दिए जाएं।

’मामलों की सुनवाई बच्चों के अनुकूल माहौल में हो सके। ’पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों की जल्द जांच व गवाहों की अदालत में पेशी सुनिश्चित करने को डीजीपी टास्क फोर्स तैनात करें।

नशे में धूत चालक ले जा रहा था बच्चों को घर, पुलिस ने पकड़ा

एक ऑटो चालक स्कूल से घर लौटते समय बच्चों को ऑटो में बिठाकर आ रहा था। तभी सीपीयू पुलिस ने चालक को रोक कर जांच की तो पता चला कि चालक शराब के नशे में चूर था। पुलिस ने मौके से चालक को गिरफ्तार कर ऑटो को सीज किया। बच्चों को दूसरे वाहन से घर पहुंचाया गया।

पुलिस के मुताबिक, दोपहर के समय सीपीयू कांस्टेबिल अनुराग कौशल ड्यूटी के बाद पुलिस लाइंस की ओर जा रहे थे। इसी बीच उनकी नजर एमकेपी चौक के पास एक ऑटो पर पड़ी। ऑटो में स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। जबकि चालक वाहन को बेतरतीब तरीके से चला रहा था। शक होने पर ऑटो को रुकवाया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला।

इसके बाद जब सीपीयू कर्मी ने उसे शराब पीकर ऑटो चलाने से मना किया तो वह भड़क गया और सीपीयू कर्मी से गालीगलौच करने लग। जिसकी सूचना उसने तुरंत कंट्रोल रूम को दी गई। जिस पर सीपीयू में नियुक्त उनि. ललित मोहन बोरा और अनिल राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने एल्कोमीटर से चेक किया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला। इसके बाद सीपीयू द्वारा स्कूल की
शिक्षिका को बुलाकर सभी बच्चों को ऑटो से उतरवाया और दूसरे वाहन से बच्चों को घर भिजवाया। बाद में ऑटो को सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित चालक की पहचान किशनचंद पुत्र श्री ज्ञानचन्द निवासी नालापानी चौक के रूप में हुई है।

जॉर्जिया नागरिक ने किया 30 लाख के हीरे पर हाथ साफ

तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक अमेरिकी नागरिक द्वारा बड़ी चतुराई से हाथ साफ करने की घटना सामने आई है। दरअसल, ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक जेम्स एंड ज्वेलरी की दुकान है। ज्वेलरी विक्रेता ने बताया कि जॉर्जिया निवासी एक विदेशी हर रोज उनकी दुकान पर हीरा देखने आता था। करीब तीन से चार दिन तक लगातार हीरा देखने के बाद उसने वह हीरा बदलकर नकली हीरा उसकी जगह रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रूपये बतायी जा रही है। उन्होंने जॉर्जिया निवासी इस विदेशी नागरिक के खिलाफ मुदकमा दर्ज कराया है।

थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि लक्ष्मणझूला में उप्र को-ऑपरेटिव हैंडीक्राफ्ट के नाम से रत्नों का व्यापार करने वाले नरेंद्र धाकड़ ने पीजीओ शानिडी निवासी टवलिसी शहर जॉर्जिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी तहरीर में व्यापारी ने अवगत कराया कि यह विदेशी पर्यटक पिछले कुछ दिनों से उनकी दुकान में आ रहा था और हमेशा हीरों की डिमांड करता था। पुलिस ने बताया कि आखिरी वक्त 22 अप्रैल को यह विदेशी इस व्यापारी की दुकान में आया।

मंगलवार को जब व्यापारी ने अपनी दुकान में रखे रत्नों का मिलान किया तो कीमती हीरों के बाक्स में एक हीरा देखकर उनका माथा ठनक गया। जब जांच की गई तो यह हीरा नकली था। व्यापारी के मुताबिक गायब हीरे को वह विदेशी पर्यटक अक्सर परखता था। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि इस विदेशी पर्यटक ने असली हीरे की जगह नकली हीरा बॉक्स में रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर संबंधित दूतावास को सूचना भेज दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच के बाद पता चला कि उक्त विदेशी तपोवन के एक गेस्ट हाउस में ठहरा था। मगर, जब पुलिस वहां पहुंची तो वह वहां नहीं मिला।