तीन लग्जरी कार व पांच बुलेट बाइक के साथ तीन गिरफ्तार

ऋषिकेश सहित अन्य राज्यों से वाहन चोरी करने वाले अंतर राज्य वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्य पुलिस ने दबोचे हैं। उनकी निशानदेही पर तीन लग्जरी कार व पांच बुलेट बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली हैं।

मामले का खुलासा करते हुए कोतवाली में सीओ वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि तीन महीनों में शहर से तीन बुलेट चोरी हुई है। जिसमें एक बुलेट स्थानीय पत्रकार की भी है। बताया मामले के खुलासे में लगी पुलिस टीम ने बमुश्किल सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के सहयोग से चोरी करने वाले युवकों की पहचान की। जिसके बाद मुखबिर सक्रिय किए गए।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर श्यामपुर फाटक से 3 शातिर चोरों को दबोच ने में सफलता हासिल की है। बताया उनकी निशानदेही पर पुलिस ने बस स्टैंड के पीछे पार्किंग में खड़ी 3 लग्जरी कार बिना नंबर प्लेट पांच बुलेट भी बरामद कर ली है। पकड़े गए चोर शातिर है। उनकी पहचान अनुराग शर्मा पुत्र अशोक शर्मा निवासी संजय गांधी कॉलोनी रुड़की, रवी पुत्र भीम सिंह निवासी शामली हाल निवासी किरायेदार कृष्णा कॉलोनी रुड़की, शेखर पुत्र मांगे राम निवासी मंगलोर हाल निवासी राजेंद्र नगर रुड़की के रूप में हुई है। वहीं गिरोह का मुख्य आरोपी गौरव उर्फ फौजी पुत्र मुनेश निवासी तेलीपुरा सहारनपुर हाल किरायेदार थाना गंगनहर हरिद्वार अभी फरार है।

पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा

पत्नी के अवैध संबंध होने के शक में एक पति ने पिछले एक नवंबर 2017 को अपनी पत्नी की तार से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद पति स्वयं को कोतवाली में जाकर पुलिस को सरेंडर भी कर दिया था। गुरूवार को न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है।

बीती एक नवंबर को रोशनलाल पुत्र किशनलाल निवासी कतई मिल परतापुर, थाना परतापुर, मेरठ, हाल निवासी चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश ने अपनी पत्नी की हत्या इसलिये कर दी थी क्योंकि उसे पत्नी ऊपर अवैध संबंध होने का शक था। तार के गला घोंटने की घटना के बाद रोशनलाल स्वयं कोतवाली ऋषिकेश पहुंच कर अपने को सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। इसके बाद कोर्ट ने पाया कि रूपा देवी पत्नी रोशनलाल उम्र 21 वर्ष की हत्या रोशनलाल ने ही की है। चंूकि पति पत्नी के आए दिन झगड़ा फसाद होता रहता था। इसी के चलते हत्या की गई है।

कोर्ट ने कहा कि हत्यारा पति रोशनलाल पेशेवर हत्यारा मालूम नहीं होता है। इसलिये इसे मौत की सजा देना न्यायसंगत न होगा। इसलिये कोर्ट ने रोशनलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने हत्यारे रोशनलाल पर दस हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने की दिशा में रोशनलाल को चार माह का अतिरिक्त कारावास झेलना होगा।

बाइक फूंकने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

मतगणना से एक दिन पूर्व पांच बाइकों को आग के हवाले करने वाले दो युवकों को कोतवाली पुलिस ऋषिकेश ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना और उसके आसपास के करीब 35 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर युवकों की पहचान की।

सोमवार को कोतवाली निरीक्षक ऋषिकेश रितेश शाह ने बताया कि गोविंद शाह पुत्र भावेश शाह निवासी चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसकी जांच पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर शुरू की। उन्होंने बताया कि घटनास्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस द्वारा खंगाले गये। करीब 35 सीसीटीवी कैमरो की फुटेज के आधार पर पुलिस ने सोनू पुत्र चंद्रशेखर निवासी धोबी घाट चंद्रेश्वर नगर और मोहित गिरी पुत्र नरेश गिरी निवासी धोबी घाट चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश को गिरफ्तार किया है। सोनू पूर्व में भी आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार हुआ था, जबकि मोहित थाना मुनिकीरेती में चोरी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने बताया कि घटना की रात नशे की हालत में उन्होंने चुनावी माहौल बिगाड़ने के लिए उक्त घटना को अंजाम दिया।

वारदातः दोस्तों ने ही कर डाली हत्या, एक गिरफ्तार एक फरार

दो दोस्तों के साथ 30 अक्टूबर को घर से निकले युवक का शव पुलिस ने बरामद कर लिया। लापता युवक की हत्या उसी के दो साथियों ने कर दी और शव को लक्कड़ घाट के समीप गंगा के बीच बने एक टापू में दबा दिया। पुलिस ने एक साथी को पकड़ लिया है। जबकि अभी भी पुलिस के चंगुल से बाहर है।

विदित हो कि बीती 30 अक्टूबर को शीशम झाड़ी मुनिकीरेती निवासी सिद्धार्थ बिष्ट (19 वर्ष) पुत्र केदार सिंह बिष्ट घर से लापता हो गया था। जब सिद्धार्थ घर नही लौट तो परिजनों ने मुनिकीरेती रेती थाने में सिद्धार्थ की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस को पता चला कि सिद्धार्थ की किसी बात को लेकर शीशम झाड़ी निवासी आकाश मंडल पुत्र प्रमोद मंडल के साथ रंजिश थी। वह भी उसी दिन से गायब है। वहीं सिद्धार्थ को फोन करके घर से बुलाने वाला एक अन्य युवक धोबी घाट शीशम झाड़ी निवासी अतुल वाल्मिकी पुत्र ओमप्रकाश भी पुलिस के राडार पर था।

पुलिस ने शनिवार को अतुल बाल्मीकि को धर दबोचा। पूछताछ करने पर अतुल ने हत्या की पूरी कहानी बयां कर दी। मुनि की रेती थाना प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि। आकाश मंडल सिद्धार्थ से रंजिश रखता था। उसने अतुल के साथ मिलकर सिद्धार्थ की हत्या की योजना बनाई। अतुल ने ही सिद्धार्थ को स्मैक पीने के बहाने घर से बाहर बुलाया। जिसके बाद दोनों उसे लेकर उसकी ही स्कूटी से विस्थापित कॉलोनी के पीछे गंगा में बने टापू में पहुंचे। टापू में तीनों ने स्मैक पी। सिद्धार्थ को ज्यादा स्मैक पिलाई गई, जिससे वह अर्थ मूर्छित हो गया। जिसके बाद दोनों ने सिद्धार्थ का गला दबाकर और सिर को पत्थर से भी कुचल कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को टापू में ही दबा दिया। इसके बाद सिद्धार्थ की स्कूटी लेकर श्यामपुरा आये और स्कूटी को बायपास मार्ग पर लावारिस छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि हत्यारोपी आकाश मंडल पुत्र प्रमोद मंडल निवासी शीशम झाड़ी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

रिमोट से चलने वाले हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिये नाबालिगों ने की थी चोरी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रिमोट से चलने वाले हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिये दो नाबालिग किशोरों ने 66 हजार 550 रूपये की चोरी कर डाली। रानीपोखरी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक इस मामले में पंचायत घर रानीपोखरी के समीप चाय की दुकान चलाने वाली कृष्ण गोपाल पत्नी रामदास निवासी जौली ग्रांट ने गुरुवार सुबह रानीपोखरी थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी दुकान में बुधवार रात्रि 66 हाजर 550 रुपये छोड़कर घर चली गई थी। जब वह सुबह दुकान पर आई तो दुकान के गल्ले में रखे नगदी व उनका आधार कार्ड गया था।
इस मामले में थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने मामले की जांच उप निरीक्षक प्रशिक्षु प्रीति सैनी को इस मामले की जांच सौपी। प्रीति सैनी ने टीम गठित कर आसपास क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के आधार पर दो लोगों को लोकेट किया। गुरुवार सायं पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया। जिनमे 10 वर्षीय व 14 वर्षीय आरोपित, दोनों निवासी रानी पोखरी हैं।

दोनो ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह एक इलेक्ट्रॉनिक रिमोट कंट्रोल वाला हेलीकॉप्टर खरीदना चाहते थे, जब उन्होंने अपने घर वालों से इसके लिए पैसे मांगे तो उन्होंने महंगा बता कर पैसे नहीं दिए। जिसके बाद उन्होंने चोरी कर हेलीकॉप्टर खरीदने का विचार बनाया। पहली चोरी में वह कामयाबी हो गए थे मगर, इस बीच पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

एम्स छात्र से लूट कर भाग रहे युवक को अज्ञात वाहन ने कुचला

एम्स के छात्र से स्कूटी व पर्स आदि लूट कर भाग रहे तीन युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिसमें एक युवक की मौत हो गई। वहीं अन्य दो युवक भाग खड़े हुये। पुलिस युवक की पहचान में जुट गई है। साथ ही भागे गये युवकों की तलाश में भी जुट गई है।

बुधवार रात करीब दस बजे एक स्कूटी पर सवार तीन युवक रायवाला से ऋषिकेश की ओर जा रहे थे। शराब ठेके के पास उनकी स्कूटी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसके साथ स्कूटी पर सवार दो अन्य युवक वहां से भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि मृतक युवक की जेब से एम्स ऋषिकेश के छात्र का आइकार्ड बरामद हुआ है। जो किसी कमलदीप (25) निवासी ब्वायज हॉस्टल, एम्स, वीरभद्र रोड, ऋषिकेश व कोर्स एमबीबीएस का है। इस कार्ड में वैधता अवधि एक अप्रैल 2015 से 31 जनवरी 2018 लिखी हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है

एम्स के छात्र कमलदीप से लूटी थी स्कूटी
हादसे के बाद रात को ही एक युवक अपने दोस्तों के साथ ऋषिकेश कोतवाली पहुंचा। उसने बताया कि उसकी स्कूटी लूट ली गई है। साथ ही बदमाश उसका पर्स भी ले गए हैं। युवक ने अपनी पहचान कमलदीप के रूप में दी। कहा कि रात करीब साढ़े नौ बजे वह हॉस्टल के बाहर अपने सीनियर्स के पास जा रहा था। तभी बैराज पशुलोक मार्ग पर तीन लोगों ने उसकी स्कूटी और पर्स छीन लिया। घटना की सूचना उसने उसी वक्त पुलिस कंट्रोल रूम को भी दी। कमलदीप ने दुर्घटना में मृत युवक से मिले आइकार्ड को भी अपना बताया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से स्कूटी लूट की सूचना मिली थी। छात्र की शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि संभवतः जो युवक दुर्घटना में मारा गया है, वह स्कूटी लूट में शामिल था। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

जांच पक्ष में करने की एवज में मांगी घूस, विजिलेंस ने पकड़ा

विजिलेंस टीम ने ऋषिकेश के नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान को रंगेहाथ 50 हजार की घूस लेते हुये पकड़ा है। किसी मामले की जांच को उसके पक्ष में करने के लिये नायब तहसीलदार ने 50 हजार की घूस एडवांस में मांगी थी। बाकी रकम जांच पूरी होने के बाद देनी थी। रायवाला ग्राम सभा की ग्राम प्रधान राखी गिरि की शिकायत पर यह कार्यवाही की गयी। आरोपी मुन्ना सिंह चौहान को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।

मंगलवार को विजिलेंस ने कार्यवाही की और 50 हजार रुपए रिश्वत ले रहे नायब तहसीलदार को उसके एक आश्रम में स्थित निजी कक्ष से पकड़ा। बता दें कि रायवाला की ग्राम प्रधान राखी गिरि ने गत 27 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून को एक शिकायती पत्र दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत रायवाला में दिनांक 14 अक्टूबर 2014 को आयोजित खुली बैठक में यूकेलिप्टिस के ऐसे पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पारित किया गया था जो कि पंचायत भवन व आसपास के अन्य भवनों के लिए खतरा बने हुए थे। इससे प्राप्त राजस्व को ग्राम विकास कार्यो पर खर्च किया जाये।

ग्राम प्रधान ने उक्त प्रस्ताव के क्रम में पेड़ों को कटवाकर नीलामी से प्राप्त रूपयों को विधिवत ग्राम पंचायत के बैंक खाते में जमा करवाया। ग्राम पंचायत रायवाला के उपप्रधान कैलाश भट्ट द्वारा पेड़ों की कटाई व नीलामी के सम्बन्ध में एक प्रार्थना पत्र सीडीओ देहरादून को दिया गया। जांच में ग्राम प्रधान के विरूद्व कोई त्रुटि नहीं पाई गयी। गत 12 अक्टूबर को जब वह किसी कार्य से तहसील ऋषिकेश गई तो वहां पर उसे नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि आपके विरूद्व ग्राम पंचायत के पेड़ों के कटान एवं नीलामी के सम्बन्ध में उपप्रधान कैलाश भट्ट द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी देहरादून को दिया गया है। जिसकी जांच मैं कर रहा हूॅ। आपकी जांच के सम्बन्ध में आपको ‘‘साढे चार लाख रुपये की पेनल्टी लगेगी। इस पर जब नायब तहसीलदार को पेड़ों के कटान व नीलामी के सम्बन्ध में एडीओ पंचायत डोईवाला एवं एसडीएम ऋषिकेश द्वारा पूर्व में जांच हो चुकने और कोई त्रुटि न पाए जाने की बात बताई तो नायब तहसीलदार ने कहा कि उन लोगों ने इस फाईल पर जांच पूरी नहीं की है। अब जांच को आपके पक्ष में करना है तो बदले में 50-60 हजार रूपये दो। बाकी जांच के बाद बताऊंगा कि कितने और देने है। यह भी कहा कि अगर पैंसे नहीं दोगे तो आपका बस्ता जमा हो जायेगा।

रिश्वत का पैसा देने के लिए मंगलवार 30 अक्टूबर का दिन तय किया और पहली किश्त के रूप में 50-60 हजार रूपये लेकर त्रिवेणी घाट के पास स्थित एक आश्रम के कमरा नं0 49 में सुबह 9ः30 बजे से पहले बुलाया। वहीं पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा शिकायतकर्ती ग्राम प्रधान राखीं गिरि केे शिकायती प्रार्थना पत्र की गोपनीय जांच में आरोप सही पाते हुये नियमानुसार ट्रैप संचालन के लिए ट्रैप टीम का गठन किया गया।

टीम ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे मौके से आरोपी मुन्ना सिंह चौहान पुत्र श्री खड़ग सिंह, निवासी ग्राम रसूलपुर, विकासनगर देहरादून, हाल नायब तहसीलदार ऋषिकेश को रिश्वत के 50 हजार रूपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर दो गवाह भी मौजूद रहे। आरोपी के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून में सम्बंधित धारा के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। निदेशक, सतर्कता द्वारा ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवार व सदस्य निरीक्षक विभा वर्मा, निरीक्षक प्रकाश दानू एवं आरक्षी अश्वनी कुमार, गौरव चौधरी, नीरज रावत, भगवती को बधाई देते हुए उत्साह वर्धन हेतु 10,000 रूपये नकद पारितोषिक देने की घोषणा की है।

कोर्ट में पेश होने पर उमेश कुमार बोला, मेरे खिलाफ हुई साजिश

उत्तराखंड में स्टिंग के जरिये राजनेताओं और नौकरशाहों को ब्लैकमेलिंग करने के आरोप में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय रिंकी साहनी की अदालत ने समाचार प्लस चैनल के मालिक उमेश कुमार को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, उमेश शर्मा पर पत्रकार आयुष गौड़ ने आरोपों को फिर से दोहराकर कई नई बातें बताई।

समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश जे कुमार को रविवार को उप्र के गाजियाबाद में एटीएस एडवांटेज सोसायटी के टावर नंबर 19 से गिरफ्तार किया गया था। उमेश पर उसके ही चैनल के कर्मचारी आयुष गौड़ ने उत्तराखंड के नेताओं और नौकरशाहों का स्टिंग करने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मुख्य आरोपित उमेश जे कुमार को लेकर पुलिस टीम रविवार रात करीब तीन बजे देहरादून पहुंची। यहां पुलिस अधिकारियों ने उससे पांच घंटे तक पूछताछ की।

सोमवार पूर्वाह्न् करीब 11 बजे पुलिस उसे लेकर अदालत पहुंची। पुलिस ने अदालत में अभी तक की जांच रिपोर्ट रखी। इसके बाद अदालत ने आरोपित का पक्ष भी सुना। हालांकि बचाव पक्ष ने दिल्ली से अपने वकील को बुला रखा था, लेकिन अदालत में आरोपित ने खुद ही अपना पक्ष रखा। करीब चार घंटे तक दोनों पक्ष अदालत में मौजूद रहे। उनका पक्ष सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को आठ नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। पेशी के दौरान कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

उमेश कुमार ने कहा मेरे खिलाफ हुई साजिश
उमेश कुमार ने अदालत में अपनी पैरवी करते हुए साजिश के तहत फंसाये जाने की बात कही। उसने यह भी कहा कि सरकार उसके पीछे पड़ी है और उसे और उसके परिवार को जान का खतरा हो सकता है।

ये अभी भी बाहर घूम रहे
नेताओं और नौकरशाहों का स्टिंग करने की साजिश के मामले में देहरादून के राजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज है। इस मुकदमे में उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि के निलंबित कुल सचिव मृत्युंजय मिश्र के साथ ही प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी और राहुल भाटिया भी नामजद हैं। ये चारों अभी गिरफ्त से बाहर हैं।

वेबसाइट्स पर पोर्न वीडियो दिखाई गयी तो होगी आईटी एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही

केंद्र सरकार पोर्न वेबसाइट्स पर लगातार नजर रख रही है। यदि पोर्न वेबसाइट्स द्वारा वीडियों दिखायी जाएंगी तो आईटी एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही हो पाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के अधीन (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन) नाम से साइबर क्राइम पोर्टल लांच किया है। जिसमें साइबर क्राइम की शिकायत या सूचना दर्ज की जा सकती है। गुरूवार को उच्च न्यायालय नैनीताल में दूरसंचार विभाग की ओर से इस मामले में हलफनामा भी पेश किया गया। विभाग की ओर से 827 पोर्न वेबसाइट्स को बंद करने के आदेश दिए गये है।

हाईकोर्ट नैनीताल के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष केंद्रीय दूरसंचार विभाग की ओर से हलफनामा प्रस्तुत किया गया। जिसमें हाई कोर्ट की ओर से पारित आदेश के क्रियान्वयन को लेकर जानकारी दी गई। हलफनामे में बताया गया है कि अश्लीलता परोस रही इन वेबसाइट्स पर लगातार नजर रखने के विभाग को निर्देश दिए गए हैं। शपथ पत्र में यह भी बताया गया है कि 30 अन्य वेबसाइट्स की जांच में अश्लीलता फैलाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा कुछ विदेशी वेबसाइट भी हैं, जिन पर इंटरपोल व ब्रिटेन इंटरनेट वॉच फाउंडेशन नजर रखता है, जो भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआइ से सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।

कठोरता से अश्लीलता पर रोक लगाएगी सरकार
केंद्र सरकार के हलफनामे के आधार पर खंडपीठ ने उम्मीद जताई कि सरकार अश्लीलता पर कठोरता से रोक लगाएगी, ताकि बच्चों को यौन अपराध से बचाया जा सके। कोर्ट ने साइबर क्राइम पोर्टल का 24 घंटे में प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञातव्य है कि पिछले माह दून में अश्लील वीडियो देखकर चार नाबालिग बच्चों ने एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस घटना के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य व केंद्र सरकार को अश्लीलता रोकने के दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस मामले में अगली सुनवाई अब 26 नवंबर को होगी।

टॉर्चर और आत्महत्या के लिये मजबूर करने पर ऋषिकुल के दो शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज

ऋषिकुल विद्यापीठ में पढ़ने वाले दिल्ली के छात्र ने खुदकुशी की थी। छात्र के परिजनों ने संस्थान के दो शिक्षकों पर टॉर्चर और आत्महत्या के लिये उकसाने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि इस पर अभी जांच होगी उसके बाद ही कार्यवाही शुरू की जायेगी।

पुलिस के मुताबिक देवेंद्र शर्मा निवासी मकान नंबर 79, गली नंबर 14, फेस-6 शिव विहार दिल्ली का बेटा दीपेश शर्मा ऋषिकुल विद्यापीठ हरिद्वार में कक्षा आठ का छात्र था। वह विद्यापीठ परिसर में ही बने छात्रवास में रहता था। बीते 13-14 सितंबर की रात उसने छात्रवास के आंगन में ही फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। हालांकि उस दौरान भी परिजनों ने छात्र की मौत पर सवाल उठाए थे, मगर पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की बात कही थी।

मामले में दिल्ली से हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने एसपी सिटी ममता वोहरा से मुलाकात की और बताया कि अंतिम संस्कार से पहले दीपेश के कपड़ों से दो अलग-अलग सुसाइड नोट मिले थे। जिनमें दीपेश ने लिखा है कि शिक्षक देवीदत्त कांडपाल व दिनेश चंद्र तिवारी ने उसका जीवन बरबाद कर दिया है। इसके अलावा छात्र ने सुसाइड नोट में अपने परिजनों से माफी भी मांगी है।

परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों शिक्षकों ने दीपेश को इतना टॉर्चर किया है कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। एसपी सिटी ममता वोहरा के निर्देश पर पुलिस ने शिक्षक देवीदत्त कांडपाल व दिनेश तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी सिटी ममता वोहरा ने बताया कि सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग का एक्सपर्ट से मिलान कराया जाएगा। शिक्षकों के अलावा छात्र-छात्रओं से भी पूछताछ की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।