एनआरआई व्यवसायी ने विदेशी युवती के साथ किया दुष्कर्म, पुलिस ने किया गिरफ्तार

विदेशी युवती के साथ एक एनआरआई व्यवसायी ने दुष्कर्म किया। ऋषिकेश में डेनमार्क से एक युवती योग सीखने के लिये पहुंची थी। जिसे एनआरआई व्यवसायी ने एनर्जी हीलिंग के जरिये स्वस्थ करने का झांसा देकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वहीं पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

निजी योग संस्थान का संचालन करने वाले वीरभद्र ऋषिकेश निवासी जितेन अरोड़ा ने रामझूला थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि डेनमार्क निवासी 22 वर्षीय एक युवती उनके संस्थान में पंद्रह दिनों से योग शिक्षा ले रही थी।

गुरुवार को युवती संस्थान पहुंची और उसने आपबीती सुनाई। युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात कुछ दिन पूर्व तपोवन स्थित एक रेस्टोरेंट में सुदीप बालियान नाम के शख्स से हुई। सुदीप को उसने अपने मानसिक तनाव की बात बताई। जिस पर सुदीप ने उसे एनर्जी हीलिंग (एक ऐसी ध्यान क्रिया जिसमें प्राण ऊर्जा को शरीर के प्रभावित हिस्से पर केंद्रित करने का अभ्यास कराया जाता है) की सलाह दी थी।

युवती का आरोप है कि सुदीप इस बहाने उसे तपोवन स्थित देवी म्यूजिक आश्रम में ले गया, वह इसी आश्रम में कमरा लेकर रह रहा था। पीड़िता के अनुसार एनर्जी हीलिंग की क्रिया के दौरान आरोपित ने उसके साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म किया।

मुनिकीरेती थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह ग्रीन स्ट्रीट मेल वैली, कैलिफोर्निया यूएसए में कारोबार करता है। मूलरूप से वह सोनीपत हरियाणा का रहने वाला है। करीब एक महीने पहले वह भारत आया था। पिछले दस दिनों से तपोवन में रह रहा है।

आश्रम कब्जाने के आरोप में फरार सन्त गिरफ्तार

न्यायालय से धोखाधड़ी कर एक आश्रम की संपत्ति कब्जाने के आरोप में फरार चल रहे एक संत को रायवाला पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

बुधवार को रायवाला पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर वारंटी अनूप गौड़ पुत्र मदानंद गौड निवासी सप्त ऋषि रोड हरिपुर कलां रायवाला को गिरफ्तार किया। आरोपी काफी समय से अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। विदित है कि हरिपुरकलां स्थित स्वामी दिव्यानंद शारदा फाउंडेशन के महासचिव धर्मवीर सिंह ने 24 फरवरी 2014 को अनूप गौड़ के खिलाफ पुलिस को लिखित तहरीर दी थी।

तहरीर में बताया गया कि स्वामी दिव्यानंद शारदा फाउंडेशन द्वारा अनूप गौड़ को संस्था के हरिपुर कला स्थित आश्रम में निवास के लिए वर्ष 2011 में एक कमरा दिया गया। इस बीच अनूप गौड़ ने अपनी पत्नी रेनू गौड़ सहित क्षेत्र के 11 अन्य लोगों के साथ मिलकर एक मिलते जुलते नाम वाली संस्था बनाकर सोसाइटी रजिस्ट्रार में पंजीकरण कराया। उसने स्वयं को आश्रम का मुख्य सन्त घोषित किया भवन पर अपना कब्जा जमा लिया। लोगों और अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए उसने खुद को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का प्रचारक व विश्व हिंदू परिषद के कई अहम पदों पर होने की झूठी बातें भी बताई।

वहीं स्वामी दिव्यानंद शारदा फाउंडेशन के महासचिव की शिकायत पर हुई जांच के बाद सोसाइटी रजिस्ट्रार ने अनूप गौड़ की संस्था का पंजीकरण रद्द कर दिया और कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत कर संस्था का पंजीकरण कराए जाने की बाबत अनूप गौड़ के विरुद्ध पुलिस को लिखित सूचना भी दी। बीते माह उच्च न्यायालय ने पुलिस को आरोपी अनूप गौड़ की गिरफ्तारी के आदेश दिए। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। रायवाला के थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

पहचान छुपाकर एक युवक ने युवती से की दुष्कर्म की वारदात, आरोपित गिरफ्तार

राजधानी देहरादून में एक युवती ने कोतवाली को तहरीर देकर बताया कि इंडियन आयडल प्रतियोगिता में मौका दिलाने के नाम पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। युवक ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। बाद में युवती को जब उसके वास्तविक नाम का पता चला। तो उसने सारी बात अपने घर में बताई।

कोतवाल शिशुपाल नेगी ने बताया कि बुधवार को कोतवाली नगर पर एक युवती ने तहरीर दी। बताया कि उसे गाना गाने का शौक है। वर्ष 2016 में इंडियन आयडल के सिंगिंग ऑडिशन के लिए वेबसाइट पर स्क्रैप डाला था। इसके बाद उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को इंडियन आयडल से बताते हुए नाम अभिषेक नेगी बताया। उसने इंडियन आयडल में बिना फीस के मौका दिलाने का बात कही।

जुलाई 2016 में युवक दून आया और उसे मसूरी ले गया। जहां उसके साथ एक होटल में दुष्कर्म किया। कॅरियर के चक्कर में उस समय यह बात किसी को नहीं बताई। इसके बाद युवक ने प्रैक्टिस के लिए दिल्ली बुलाया और वहां भी दो दिन तक दुष्कर्म किया। पीड़िता के मुताबिक इसके बाद उसने उसे सीए की तैयारी करने के लिए कहा। जिसके बाद वह घर आ गई। इसके बाद फिर युवक देहरादून आया और रेलवे स्टेशन पर एक होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद वह पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गई। जहां युवक ने शादी का झांसा देकर फिर दुष्कर्म किया।

असल आईडी से सामने आयी सच्चाई
पीड़िता के मुताबिक इसी बीच एक दिन युवक की आइडी हाथ लगी तो उसके होश उड़ गए। उसका नाम फिरोज खान था। जिसके बाद उसने परिजनों को सारी बात बताई। शिकायत पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज गिरफ्तारी को टीम का गठन किया गया। चूंकि आरोपित युवती के संपर्क में था। इसलिए युवती की मदद से आरोपित फिरोज खान पुत्र असलम खान निवासी 360 साबरी गेट, नियर बड़ी मस्जिद मेरठ को दून बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

युवती के अकाउंट का किया गलत इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक युवती के दिल्ली में रहने के दौरान आरोपित ने दोस्ती का वास्ता व आर्थिक तंगी की बात कहकर उससे खाता नंबर और एटीएम ले लिया। जिससे वह अवैध ट्रांजेक्शन करने लगा। अकाउंट की डिटेल निकाली तो इस्तेमाल किसी धोखाधड़ी में करना पाया गया। इस संबंध में सेक्टर-4 थाना बोकारो झारखंड में अकाउंट होल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।

आरोपी रशिया में आर्टिफीशियल ज्वैलरी का करता है काम
एसएसआइ कोतवाली अशोक राठौर ने बताया कि आरोपित से पूछताछ में पता चला कि वह ग्रेजुएट है। दिल्ली से उसने बीसीए भी किया है। वर्तमान में वह रशिया में आर्टिफीशियल ज्वैलरी की एग्जीवीशन लगाता है। ज्वैलरी वह दिल्ली से खरीदकर रसिया ले जाता है। वह अभी तक दस से पंद्रह युवतियों से धोखाधड़ी कर चुका है।

पिकनिक के दौरान देहरादून के छात्र की मौत

लालतप्पड़ स्थित फन वैली में देहरादून स्कूल से आए छात्रों के एक दल में उस समय कोहराम मच गया। जब कक्षा छह में पढ़ने वाले दस वर्षीय छात्र आयुष सिंह बेहोश हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हिमालयन अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर्स की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जौलीग्रांट पुलिस चौकी इंचार्ज मुकेश डिमरी ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे आर्मी स्कूल बीरपुर देहरादून से 400 बच्चे माजरीग्रांट के लाल तप्पड़ स्थित फन वैली में पिकनिक मनाने के लिए आए थे। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे फन वैली के भीतर नहाने और सैर सपाटा करने के बाद सभी छात्र दोपहर के लंच में एकत्र हुए। इस दौरान लोअर कैंप समीप चीड बाग थाना कैंट देहरादून निवासी कक्षा छह का छात्र आयुष सिंह अचानक बेहोश होकर गिर गया। स्कूल स्टाफ ने आयुष को फन वैली में प्राथमिक उपचार दिलाया।

उसके बाद आयुष को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया। डोईवाला कोतवाल ओमवीर सिंह रावत ने बताया कि फनवैली में पूछताछ में लोगों ने बताया कि छात्र नहाने बाद जब बाहर आया तो अचानक बेहोश हो गया। छात्र के मुंह से झाग निकल रहा था। शव को पंचनामा भर मोर्चरी में रखवा दिया गया है मंगलवार को पोस्टमार्टम होने के बाद मौत का सही कारण का पता चलेगा। उन्होंने बताया कि आयुष परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी एक छोटी, एक बड़ी बहन है।

859 पोर्न साइट्स को तत्काल बंद करें केंद्र सरकारः हाईकोर्ट

अश्लील वीडियो देख बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये न्यायालय ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी केंद्र सरकार की सूची के अनुसार पोर्न साइट्स बंद करने को कहा है।

पिछले दिनों देहरादून के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में दसवीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामूहिक दुष्कर्म में चार नाबालिग छात्रों का भी नाम सामने आया। चारों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि पोर्न साइट देखने के बाद उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।

इस मामले का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ द्वारा स्वतरू संज्ञान लिया गया। गुरुवार को खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए अहम दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने तथा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों (आइएसपी) को भी केंद्र की सूची के आधार पर पॉर्न साइट्स नहीं चलाने के आदेश पारित किए।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह बताने को कहा है कि 2014 में इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन के अनुपालन में क्या कार्रवाई की गई। केंद्र को इस पर 11 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करना होगा। कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता अरविंद वशिष्ट को न्याय मित्र नियुक्त किया है।

हाईकोर्ट नैनीताल ने सीआरपीसी की धारा 438 को बनाया प्रभावी

नैनीताल हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 438 को प्रभावी बनाते हुये आदेश दिया किया है। जिसके अनुसार राज्य की निचली अदालतें भी अब अग्रिम जमानत दे सकती है। विदित हो कि अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।

हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए राज्य में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 प्रभावी कर दी है। इस आदेश के बाद राज्य की निचली अदालतों को भी अग्रिम जमानत देने का अधिकार मिल गया है। अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।

छात्रसंघ चुनावी रंजिशः तीर्थनगरी में तीन युवकों के अपहरण का प्रयास

ऋषिकेश के कुम्हारबाड़ा क्षेत्र में पांच हमलावर तीन युवकों के अपहरण के प्रयास में पहुंचे। जिनमें से दो भीड़ के हत्थे चढ़ गये। गुस्साई भीड़ ने दो की जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद कोतवाली ऋषिकेश में इनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीड़ अड़ी रही। उक्त मामले को छात्रसंघ चुनाव में चुनावी रंजिश से जोड़ा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक कुम्हारबाड़ा निवासी रजत गुप्ता मंगलवार शाम अपने दोस्त के घर किताब लेने गया था। जब वह लौट रहा था तो कॉलेज में ही पढ़ने वाले एक छात्र ने उसे जबरन एक बिना नंबर की बोलेरो में बैठा दिया। बोलेरो में पहले से ही चार लोग मौजूद थे, जिनमें से एक युवक ने रजत की कनपट्टी पर तमंचा रखकर उससे कुम्हारबाड़ा में ही रहने वाले सागर श्रीवास्तव, विजय व रंजन के घर का पता पूछा।

आरोप है कि कुम्हारबाड़ा में कार रोककर एक युवक रजत को लेकर सागर के घर की ओर गया। सागर अपने एक अन्य साथी सन्नी के साथ घर के बाहर ही मिल गया। रजत के कहने पर सागर व उसका दोस्त सन्नी सड़क पर खड़े बोलेरो वाहन तक आए और वाहन में बैठ गए। मगर, जब सन्नी को कार में सवार लोगों के हाव-भाव ठीक नहीं लगे तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसे देखकर आसपास के लोगों ने कार को घेर लिया। इसी बीच तीन बदमाश कार छोड़कर भाग निकले, जबकि दो बदमाशों को भीड़ ने धर दबोचा। भीड़ ने दोनों की जमकर पिटाई की और बोलेरो वाहन में भी तोड़फोड़ कर दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपित हमलावरों को हिरासत में लेकर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां दोनों का उपचार किया गया। आरोपितों ने अपने नाम गौरव भारती व विकसित बताया है।

उधर, सरेआम हुई इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। क्षेत्रीय सभासद मीरा प्रजापति, कविता शाह, देवेंद्र प्रजापति सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कोतवाली पहुंचकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक का घेराव किया। उन्होंने फरार तीन आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की।

उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रीतेश शाह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह युवकों के आपसी विवाद का मामला लग रहा है। दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। एक पक्ष की ओर से तहरीर भी मिल गई है, जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

हरिद्वार के एक चौकी प्रभारी को एसएसपी ने किया निलंबित, जाने क्या है वजह?

हरिद्वार के कनखल में जमालपुर कलां की रूद्र विहार नामक कॉलोनी में बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में रखे जेवरात सहित 25 हजार रूपये की नगदी भी झपट ली। विरोध करने पर एक व्यक्ति को लाठी डंडे से पीटकर घायल कर दिया। साथ ही घर से जाते वक्त सभी सदस्यों को एक कमरे में बंद भी कर दिया।

कनखल पीड़ित परिवार वालों के मुताबिक बदमाशों में कुछ ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे, जबकि कुछ हाथ में लाठी डंडे लिए हुए थे। पुलिस के अलावा सीआईयू, डॉग स्कवॉड व फगर पट्र एक्सपर्ट की टीमें डकैतों का सुराग लगाने में जुट गई हैं। पिछले सप्ताह कलियर में हुई डकैती के तौर तरीके में समानता को देखते हुए पुलिस दोनों में एक ही गिरोह का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

घटना की सूचना देरी से देने के आरोप में एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने जगजीतपुर चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से तीसा गांव, थाना भोपा जिला मुजफ्फरनगर निवासी सतपाल सिंह का परिवार कनखल थानाक्षेत्र के जमालपुर कलां की रुद्र विहार कॉलोनी में रहता है। खेती किसानी से जुड़े सतपाल सिंह शनिवार को अपने गांव गए हुए थे। रात घर पर उनका बेटा विकास, बहु पूजा, पत्नी पूनम व ढाई साल का पोता कृष्णा मौजूद थे। एक कमरे में विकास व उसकी पत्नी पूजा सोए हुए थे। जबकि दूसरे कमरे में पूनम अपने ढाई साल के पोते कृष्णा के साथ सो रही थी।

तड़के करीब पौने तीन बजे सात आठ बदमाश घर में घुसकर विकास के कमरे में पहुंच गए। उन्होंने लाठी डंडों के बल पर विकास व उसकी पत्नी पूजा को धमकाया। तभी एक ने पूजा के कान से कुंडल झपट लिए। उसके कान से खून बहने लगा। विकास ने विरोध किया तो बदमाशों ने लाठी डंडों से उसे पीट डाला। शोर सुनकर दूसरे कमरे में सो रही विकास की मां पूनम की नींद टूट गई। वह कमरे में पहुंची तो नजारा देखकर होश उड़ गए। बदमाशों ने पूनम को धमका कर खामोश रहने को कहा।

इसी दौरान बदमाशों ने घर में रखी 25 हजार की नगदी, मंगलसूत्र, पायजेब कब्जे में ले ली। घरवालों के दो मोबाइल फोन भी उन्होंने तोड़ डाले। फरार होने से पहले बदमाश घरवालों को कमरे में बंद कर गए। एक अन्य फोन से उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को घटनाक्रम की सूचना दी। करीब साढ़े तीन बजे कनखल पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक परिवार को मुक्त कराया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एसपी सिटी ममता वोहर, सीओ कनखल स्वप्नकिशोर सिंह ने मौका मुआयना कर पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी जुटाई।

खनन व्यापारी ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को उतारा मौत के घाट

लाइसेंसी बंदूक से एक खनन व्यापारी ने खुद को गोली मार ली। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

नैनीताल जिले के लांलकुआ के गोरापड़ाव निवासी चंचल सिंह राठौर (50 वर्ष) पुत्र कैप्टन योगा सिंह ने रविवार दोपहर घर बाहर खलियान में अपनी लाइसेंसी दोनली बंदूक से कनपटी में गोली मार दी। इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े। मकान की दीवार खून के छीटे से रंग गई। गोली की आवाज सुनकर जबतक परिजन बाहर आते चंचल दम तोड़ चुके थे। चंचल द्वारा खुद को गोली मारने का पूरा प्रकरण उसके घर मे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। मौके पर पहुची मंडी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पा रहा है।

चंचल के पिता आर्मी रिटायर्ड है, जबकि उसका बेटा भी सेना में तैनात है। दूसरा बेटा हैदराबाद में पढ़ाई कर रहा है। चंचल के पास चार डंपर है। उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है।

कुछ दिन पहले लगाये थे सीसीटीवी कैमरे

मृतक चंचल के छोटे भाई शेखर ने बताया कि बड़ा भाई पिछले कई दिनों से डरा-सहमा रहता था। वो अक्सर कहता था कि कोई उसे मार देगा, जिसके चलते पांच दिन पहले घर में कैमरे भी लगाए गए। आज सुबह मेन रोड पर मोबाइल रिचार्ज की दुकान चलाने वाले पंकज से भी उसने यही बात दोहराई। ठीक 12 बजे घर के आंगन में उसने खुद को गोली मार ली।

इंग्लैंड में जॉब करता है छोटा भाई

मृतक चंचल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। दूसरे नंबर का भाई हीरा राठौर इंग्लैंड में जॉब करता है, जबकि सबसे छोटा शेखर भी खनन कारोबारी है। तीनों भाइयों के मकान आपस में सटे है। सुबह शेखर चंचल से मिलने भी गया था। उस समय वो सामान्य था।

ऋषिकेश के दोहरे हत्याकांड का आरोपी सेवादार को कोर्ट ने दी सजा ए मौत

पिछले वर्ष नेपाली मूल की दो बच्चियों को मौत के घाट उतारने वाले सरदार परवान सिंह को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। वहीं परवान सिंह पर साठ हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। जिसमें से तीस हजार रूपये पीड़ित परिवार को दिये जाएंगे।

अदालत ने राहत कोष से भी इस परिवार को एक लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं। मासूम बच्ची की मुट्ठी से मिले दोषी के दाढ़ी के बाल उसे सजा दिलाने में अहम सुबूत बने। पोक्सो की विशेष न्यायाधीश रमा पांडे की अदालत ने करीब सालभर के भीतर मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया। दोषी दरिंदा तब ऋषिकेश के श्यामपुर स्थित गुरूद्वारे में सेवादार था।

पिछले साल 15 जून, 2017 को ऋषिकेश के निकटवर्ती क्षेत्र श्यामपुर में यह घटना सामने आई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक परवान सिंह यहां एक गुरूद्वारे में सेवादार था। वह परिसर में ही रहता था। गुरूद्वारे के पिछले हिस्से में बने कमरे में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ किराये पर रहती थी। वह आसपास के घरों में साफ-सफाई कर परिवार का गुजर बसर करती थी। 15 जून की सुबह महिला रोज की तरह अपने काम पर चली गई।

घर पर उसकी 13 और तीन साल की बेटियां अकेली थी। उसका आठ साल का बेटा रिश्तेदार के घर गया हुआ था। इसी दौरान सेवादार परवान सिंह उनके कमरे में गया और बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। लेकिन विरोध के चलते वह नाकाम रहा। इस पर उसने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने उसकी तीन साल की छोटी बहन के साथ पहले दुष्कर्म किया और फिर उसे भी गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया।

कुछ देर बाद पुलिस ने आरोपित सेवादार को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद फॉरेंसिक जांच में आरोपित के सीमेन और दाढ़ी के बालों के नमूने की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। दुष्कर्म के दौरान बचाव में छटपटाहट के वक्त आरोपित की दाढ़ी के कुछ बाल बच्ची की मुट्ठी में फंस गए थे। इन्हें ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।

पोक्सो की विशेष न्यायाधीश रमा पांडे की अदालत में मामले की सुनवाई चली। अभियोजन पक्ष की तरफ से 14 गवाह पेश किए गए। अदालत ने तीन रोज पहले सेवादार परवान सिंह को दुष्कर्म और हत्या का दोषी करार दिया था।

गुरूवार को अदालत ने उसे हत्या में मौत और पोक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों ही अपराधों पर उस पर तीस-तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी ने बताया कि अदालत ने इसे रेयर ऑफ द रेयरेस्ट माना।