भीड़ के आगे हमलावर गुलदार ने टेके घुटने

पौड़ी जिले में कपड़े धो रही एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमला होते ही महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुला लिया। लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने गुलदार को मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान गुलदान ने भी दो ग्रामीणों को घायल कर दिया। जिन्हें श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना श्रीनगर से नौ किलोमीटर दूर ग्रामसभा गहड़ के बसोल्यूं तोक में मंगलवार सुबह लगभग दस बजे हुई। फतेह सिंह की 40 वर्षीय पत्नी ममता गांव के समीप गदेरे (बरसाती नाला) में कपड़े धो रही थी, तभी गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर नजदीकी ग्रामीण लाठी-डंडे के साथ वहां पहुंचे। भीड़ से घिरा देख गुलदार और आक्रामक हो गया। तभी उसने दो अन्य लोगों 52 वर्षीय राजेंद्र सिंह और 35 वर्षीय लल्लन सिंह पर भी झपट्टा मार दिया। यह देख ग्रामीणों ने बचाव में उस पर पत्थर और डंडों से प्रहार किया।

जख्मी गुलदार वहां से भागने को मजबूर हुआ। वह कुछ ही दूरी पर पहुंचा था कि उसने दम तोड़ दिया। हमले में ममता के सिर और हाथ-पैर जख्मी हुए हैं, जबकि बीच बचाव को आए राजेंद्र और लल्लन सिंह के हाथ में खरोचें आई हैं। लल्लन को छोड़ बाकी दो को उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर में ले जाया गया है।

इस बीच, सूचना पर रेंजर अनिल भट्ट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुलदार के शरीर पर गनशॉट जैसा कोई निशान नहीं पाया गया। अंदरूनी चोट की वजह से उसकी मौत होने का अनुमान है। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। गहड़ के प्रधान राकेश भंडारी ने बताया कि इलाके में दो अन्य गुलदार देखे गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि मारा गया गुलदार भी इसी परिवार का सदस्य था। उसकी उम्र एक से डेढ़ साल है। रेंजर ने बताया कि इन गुलदारों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजड़ा लगा दिया गया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विभोर बहुगुणा ने बताया कि मारे गए गुलदार ने घटना से कुछ पहले घास लेने जा रही पांच महिलाओं पर भी झपटने की कोशिश की थी। उनके शोर मचाने से गुलदार गदेरे की ओर चला गया था।

एक ही प्रापर्टी से लिया तीन अलग बैंको से कर्ज

आरटीआई से नैनताल में सरकारी पैसों को बंदरबाट की खबर सामने आई है। दरअसल राजस्व विभाग के पटवारी व कुछ किसानों की आपसी मिलीभगत के चलते बैंक से भारी मात्रा में कर्ज लिया गया। जबकि बैंक में दिखाये गये जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों में फेरबदल किया गया है।

आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ है कि देवीदत्त नाम के एक मृत व्यक्ति के नाम से भी बैंकों से ऋण लिया गया है और दो बैंकों से मृतक देवी दत्त के नाम से किसान मृतक बीमा क्लेम भी ले लिया गया।

आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले पर बड़ौदा बैंक, द नैनीताल बैंक और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी, लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस पूरे मामले पर कुमाऊं के कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए पूरे घोटाले की जांच करने की बात कही है, उनके मुताबिक जिलाधिकारी से मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वारदातः जनपद हरिद्वार में तीन लोगों पर हुयी फायरिंग

हरिद्वार जिले में एक सनसनी वारदात सामने आई है। जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गोली मार दी गयी। पीड़ित परिवार को कसूर बस इतना था कि वह खेत में पानी डाल रहा था। जो कि हमलावरों को नागवार गुजरा।

गुरूवार को हरिद्वार के झबरेडा के हतश्यामपुर गांव में शाम छह बजे वेदपाल नाम व्यक्ति रजवाहे के पास ट्रैक्टर में पंप लगाकर खेत में पानी दे रहा था। इसी दौरान गांव का ही एक अन्य व्यक्ति महकार अपने कुछ साथियों के साथ वहां आ पहुंचा। वे खेत में पानी देने का विरोध करने लगे, इसी को लेकर उनका विवाद हो गया।

आरोप है कि महकार और उसके साथ आए लोगों ने वेदपाल से मारपीट शुरू कर दी। उसके 20 वर्षीय बेटे विकास ने विरोध किया तो उन्होंने तमंचे पर फायर झोंक दिए। इनमें से एक गोली विकास के सिर पर लगी, वह वहीं पर ढेर हो गया। दूसरी गोली वेदपाल के सिर में और एक अन्य उसके भतीजे अनित के हाथ में लगी। वेदपाल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। घटना का पता चलने पर गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी ममता बोहरा और सीओ स्वप्न किशोर सिंह मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। घायल वेदपाल और अनित को जौलीग्रांट स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि हत्या के बाद आरोपित गांव से फरार हो गए। चार लोग हिरासत में लिए गए है। फिलहाल घटना के संबंध में तहरीर नहीं मिल पायी है।

एससी का एचसी को निर्देश, जल्द निपटाये यौन उत्पीड़न मामला

बच्चों में आए दिन हो रहे यौन उत्पीड़न के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट को निर्देश दिये है। एससी ने कहा कि बच्चों के यौन उत्पीड़न संबंघी मामलों का त्वरित निपटारा किया जाये।
अब बच्चों में यौन उत्पीड़न संबंधी मामले की त्वरित सुनवाई और निपटारा हो सकेगा। इसके लिये उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों के उच्च न्यायालय को निर्देश दिये है।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिए हैं। याचिका में पॉक्सो कानून कड़ाई से लागू करने के साथ बाल यौन उत्पीड़न के मामलों की त्वरित जांच और ट्रायल के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। याचिका दिल्ली में आठ महीने की बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद दाखिल की गई थी।

प्रधान न्यायधीश दीपक मिश्र ने सभी उच्च न्यायालयों को दिशा निर्देश देते हुये कहा कि हाई कोर्ट देखें कि पॉक्सो कानून के तहत सुनवाई कर रही विशेष अदालतें तय नियमों के मुताबिक मामलों का निपटारा कर रही है।

साथ ही संबंधित हाईकोर्ट ’विशेष अदालतों को निर्देश जारी करें कि सुनवाई में गैर जरूरी स्थगन आदेश न दिए जाएं।

’मामलों की सुनवाई बच्चों के अनुकूल माहौल में हो सके। ’पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों की जल्द जांच व गवाहों की अदालत में पेशी सुनिश्चित करने को डीजीपी टास्क फोर्स तैनात करें।

नशे में धूत चालक ले जा रहा था बच्चों को घर, पुलिस ने पकड़ा

एक ऑटो चालक स्कूल से घर लौटते समय बच्चों को ऑटो में बिठाकर आ रहा था। तभी सीपीयू पुलिस ने चालक को रोक कर जांच की तो पता चला कि चालक शराब के नशे में चूर था। पुलिस ने मौके से चालक को गिरफ्तार कर ऑटो को सीज किया। बच्चों को दूसरे वाहन से घर पहुंचाया गया।

पुलिस के मुताबिक, दोपहर के समय सीपीयू कांस्टेबिल अनुराग कौशल ड्यूटी के बाद पुलिस लाइंस की ओर जा रहे थे। इसी बीच उनकी नजर एमकेपी चौक के पास एक ऑटो पर पड़ी। ऑटो में स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। जबकि चालक वाहन को बेतरतीब तरीके से चला रहा था। शक होने पर ऑटो को रुकवाया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला।

इसके बाद जब सीपीयू कर्मी ने उसे शराब पीकर ऑटो चलाने से मना किया तो वह भड़क गया और सीपीयू कर्मी से गालीगलौच करने लग। जिसकी सूचना उसने तुरंत कंट्रोल रूम को दी गई। जिस पर सीपीयू में नियुक्त उनि. ललित मोहन बोरा और अनिल राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने एल्कोमीटर से चेक किया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला। इसके बाद सीपीयू द्वारा स्कूल की
शिक्षिका को बुलाकर सभी बच्चों को ऑटो से उतरवाया और दूसरे वाहन से बच्चों को घर भिजवाया। बाद में ऑटो को सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित चालक की पहचान किशनचंद पुत्र श्री ज्ञानचन्द निवासी नालापानी चौक के रूप में हुई है।

जॉर्जिया नागरिक ने किया 30 लाख के हीरे पर हाथ साफ

तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक अमेरिकी नागरिक द्वारा बड़ी चतुराई से हाथ साफ करने की घटना सामने आई है। दरअसल, ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक जेम्स एंड ज्वेलरी की दुकान है। ज्वेलरी विक्रेता ने बताया कि जॉर्जिया निवासी एक विदेशी हर रोज उनकी दुकान पर हीरा देखने आता था। करीब तीन से चार दिन तक लगातार हीरा देखने के बाद उसने वह हीरा बदलकर नकली हीरा उसकी जगह रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रूपये बतायी जा रही है। उन्होंने जॉर्जिया निवासी इस विदेशी नागरिक के खिलाफ मुदकमा दर्ज कराया है।

थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि लक्ष्मणझूला में उप्र को-ऑपरेटिव हैंडीक्राफ्ट के नाम से रत्नों का व्यापार करने वाले नरेंद्र धाकड़ ने पीजीओ शानिडी निवासी टवलिसी शहर जॉर्जिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी तहरीर में व्यापारी ने अवगत कराया कि यह विदेशी पर्यटक पिछले कुछ दिनों से उनकी दुकान में आ रहा था और हमेशा हीरों की डिमांड करता था। पुलिस ने बताया कि आखिरी वक्त 22 अप्रैल को यह विदेशी इस व्यापारी की दुकान में आया।

मंगलवार को जब व्यापारी ने अपनी दुकान में रखे रत्नों का मिलान किया तो कीमती हीरों के बाक्स में एक हीरा देखकर उनका माथा ठनक गया। जब जांच की गई तो यह हीरा नकली था। व्यापारी के मुताबिक गायब हीरे को वह विदेशी पर्यटक अक्सर परखता था। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि इस विदेशी पर्यटक ने असली हीरे की जगह नकली हीरा बॉक्स में रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर संबंधित दूतावास को सूचना भेज दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच के बाद पता चला कि उक्त विदेशी तपोवन के एक गेस्ट हाउस में ठहरा था। मगर, जब पुलिस वहां पहुंची तो वह वहां नहीं मिला।

अब बच्ची से रेप करने पर रेपिस्ट को मिलेगी फांसी

भारत सरकार मासूम बेटियों के साथ दुष्कर्म के मामले में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिये अध्यादेश लाने जा रही है। इस अध्यादेश के तहत 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2018’ को मंजूरी दे दी गई। जिसके तहत फांसी का प्रावधान किया गया हैं। यह अध्यादेश राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और गजट में अधिसूचना जारी होने के बाद कानून के तौर पर लागू हो जाएगा।

यह अध्यादेश लागू होने पर दुष्कर्म के मामलों में न्यूनतम सात साल के सश्रम कारावास को बढ़ाकर 10 वर्ष किया गया है। अधिकतम इसे आजीवन भी किया जा सकेगा। वहीं 16 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ दुष्कर्म के दोषियों को न्यूनतम 20 साल की सजा का प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को मृत्युदंड मिलेगा। अध्यादेश के तहत दो माह में पूरी करनी होगी दुष्कर्म कांड की जांच। दो माह के अंदर ट्रायल पूरा करना होगा। 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के आरोपी को नहीं मिल सकेंगी अग्रिम जमानत।

गैंगरेप पीड़िता बोली बीजेपी विधायक के हाथ में है पूरा प्रशासन

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली रेप पीड़िता के पिता की मौत हो गई है। पीड़िता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उसके पिता से मारपीट का आरोप लगाया है, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में रेप पीड़िता ने बीजेपी विधायक पर गंभीर इल्जाम लगाए। पीड़िता ने एक प्राइवेट चैनल को बताया, ये घटना चार जून 2017 की की रात आठ बजे की है। उस रात एक महिला हमें विधायक कुलदीप सेंगर के पास ले गई थी। जो बीजेपी के नेता हैं। जहां उन्होंने मेरे साथ रेप किया।

पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया तो बीजेपी विधायक ने परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दी। जब वो थाने में गई तो पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं लिखी गई। इसके बाद तहरीर बदल दी गई।

पीड़िता ने बताया, मैं जून 2017 में सीएम योगी से मिली थी। उन्होंने कहा था कि बेटा इंसाफ मिलेगा, लेकिन एक साल हो चला है और अब तक कुछ नहीं हुआ। मैंने हर जगह तहरीर भेजी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

पीड़िता ने बताया कि उनके पापा छोटे बच्चे को देखने के लिए घर आए थे। जिसके बाद विधायक के लोगों ने मेरे पिता को बहुत मारा। पीड़िता ने बताया, पुलिस पहुंच गई तब भी उन्होंने मेरे पापा को मारा। हमारा दरवाजा खोलकर पापा को घसीटकर ले गए और खूब पिटाई की। पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक से मामले की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। सरकार और कानून इस घटना के दोषियों के साथ कोई रियायत नहीं करेगा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिये तफ्तीश को लखनऊ स्थानान्तरित कर दिया गया है।

चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

उन्नाव की पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि ने बताया कि मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया है। जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।

विहिप नेता ने मांस की बिक्री पर खुद को किया आग के हवाले

धर्मनगरी हरिद्वार में मांस की दुकानों को हटाने को लेकर विश्व हिंदू परिषद के नेता ने खुद को आग लगा ली। मौके पर पुलिस ने दरी डाल आग बुझाई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच विहिप नेता के खिलाफ आत्मदाह का मुकदमा भी दर्ज हो गया।

ज्वालापुर रेल चौकी के समीप विहिप नेता कार्यकर्ताओं के संग पहुंचे। इस बीच विहिप नेता चरणजीत पाहवा ने अपने शरीर पर तेल छिड़क स्वयं पर आग लगा दी। मौके पर पुलिस पहुंची और जैसे-तैसे वहां पहले से पड़ी एक दरी के जरिये आग पर काबू पाया। पाहवा को झुलसी हालत में हरिद्वार जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बर्न यूनिट न होने के चलते उन्हें देहरादून स्थित कोरेनेशन अस्पताल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टर के अनुसार पाहवा का शरीर 40 फीसदी जल चुका है।

विदित हो कि विहिप नेता चरणजीत पाहवा नगर निगम क्षेत्र में मांस की अवैध बिक्री को बंद कराने की मांग कर रहे है। उन्होंने दो दिन पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर रविवार को आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी। वहीं कार्यकर्ताओं ने कहा कि चेतावनी के बावजूद प्रशासन ने मामला को हल्के में लिया। वहीं पुलिस ने आत्मदाह के प्रयास में चरणजीत पाहवा के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आबकारी विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, जांच शुरू

देहरादून में एक मामला ऐसा सामने आया है जहां आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान गयी टीम को अपनी जान की खातिर संघर्ष करना पडा़। इस दौरान अधिकारियों के वाहन को जलाने का भरपूर प्रयास किया गया।

रायपुर रोड स्थित शराब के एक अवैध गोदाम पर छापा मारने की गई आबकारी विभाग की टीम पर वहां के कर्मचारियों ने धावा बोल दिया। इतना ही नहीं आबकारी अधिकारियों के वाहन को जलाने का भी प्रयास भी हुआ। जब इसकी सूचना आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को मिली तो हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सीओ डालनवाला जया बलूनी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचीं तो उस समय गोदाम कर्मियों ने टीम को घेर रखा था।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर आबकारी अधिकारियों को मुक्त कराया गया। इस दौरान आबकारी सिपाही विनीत कुमार को चोटें भी आईं। पुलिस ने सहायक आबकारी आयुक्त रेखा जुयाल की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपित दिनेश मलहोत्र और बलवीर को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इससे पूर्व आबकारी मुख्यालय को सूचना मिली थी कि रायपुर रोड पर चूना भट्टा स्थित देशी शराब की दुकान के पास शराब का अवैध गोदाम बनाया गया है। आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम के निर्देश पर गुरुवार दोपहर बाद सहायक आयुक्त राजीव सिंह, रेखा जुयाल व मीनाक्षी टम्टा के नेतृत्व में पहले दुकान के स्टॉक की जांच की गई और फिर दुकान से काफी दूर बनाए गए गोदाम पर छापा मारा गया। इससे पहले कि टीम गोदाम तक पहुंच पाती, वहां पहले से मौजूद कर्मचारियों ने टीम पर धावा बोल दिया। एक व्यक्ति मिट्टी तेल की बोतल लेकर टीम के वाहन की तरफ दौड़ा। हालांकि, आबकारी निरीक्षक आनंद सिंह व ज्योति वर्मा ने उन्हें विफल कर दिया। तभी कुछ और लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने टीम को घेर लिया। गनीमत रही कि पुलिस फोर्स कुछ ही देर में वहां पहुंच गई।