डेरे में राम रहीम के इशारों पर होता था ये काम

बलात्कार के जुर्म में बीस साल की सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम व उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है। गौरतलब है कि डेरे के अंदर 400 साधुओं को नपुंसक बनाये जाने के मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की।
राम रहीम और दो डॉक्टरों पंकज गर्ग और एम पी सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर किया गया है। सीबीआई इस केस की जांच कर रही है।

इससे पहले राम रहीम के दाये हाथ डॉ. महिंदर इंसान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसी डॉक्टर के जरिए राम रहीम डेरे में अनुयायियों का ऑपरेशन करवाकर नपुंसक बनाया करता था। वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में छिपा हुआ बैठा था। डॉ. महिंदर इंसान डेरा के प्रवक्ता आदित्य इंसान के संपर्क में था। पंचकूल हिंसा में भी उसका नाम है।

डॉ. महिंदर पर डेरे में बनाए गए नपुंसकों को खुद ऑपरेट कर नपुंसक बनाने का आरोप है।. देशद्रोह के मामले में भी महिंदर आरोपी है। पंचकूला में डेरा प्रमुख के खिलाफ सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद जब एक्शन लिया जाना था, उस पूरे प्लान में भी महिंदर की अहम भूमिका थी। वह डेरे में ही ऑपरेशन करता था।

बताते चलें कि राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने खुलासा किया था कि राम रहीम के आश्रम में महिलाओं का सिर्फ यौन शोषण ही नहीं बल्कि साधुओं को नपुंसक बनाया जाता है। डेरा सच्चा सौदा में साधु रहे हंसराज चौहान ने 17 जुलाई 2012 को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राम रहीम पर 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख के इशारे पर डेरा अस्पताल के डॉक्टरों की टीम साधुओं को नपुंसक बनाती हैं। उन्होंने 166 साधुओं का नाम भी बताया था। हंसराज ने कहा था कि राम रहीम के आश्रम में प्रार्थना के बाद नशे का कैप्सूल दिया जाता था। इसके बाद उसके साथ क्या होता, उसे भी मालूम नहीं होता था।

अपहरण कर हरिद्वार पहुंचे बदमाश, क्राइम ब्रांच ने दबोचा

उत्तर प्रदेश केे गाजियाबाद निवासी लोहा व्यापारी का अपहरणकर्ताओं ने अपहरण कर सुरक्षा की दृष्टि से हरिद्वार पहुंचे, लेकिन गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हरिद्वार पहुंच बदमाशों से व्यापारी को सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के प्रेम नगर निवासी लोहा कारोबारी अनिल अरोड़ा का दो करोड रुपए की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था।
बदमाशों का पीछा करते हुए यूपी पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग हुई। तहसील के पास हुई इस फायरिंग से हड़कंप मचा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फायरिंग के दौरान अपहृत बुजुर्ग ने गाड़ी में छुपकर अपनी जान बचाई। जबकि फायरिंग में एक बदमाश के घायल होने की भी सूचना है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से ही कुल 895 एनकाउंटर हुये है। ऐसे में बदमाशों को इस बात का अंदेशा था कि यदि उनका सामना यूपी पुलिस से हो गया तो उनकी मौत निश्चित है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुये बदमाशों ने यूपी से बाहर जाने का मन बनाया। वहीं इस बात को बदमाशों ने पकड़े जाने के बाद स्वीकार भी किया। बदमाशों ने बताया कि यूपी पुलिस का डर से ही उन्हें उत्तराखंड आने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं पुलिस उनके मोबाइल लोकेशन के जरिये हरिद्वार तक आ पहुंची।

यह पहला वाकया नहीं है जब यूपी के बदमाश सुरक्षा के लिये उत्तराखंड की शरण में न आते हो। इससे पहले भी कई बदमाशों ने उत्तराखंड की शरण पकड़ी है।

मुठभेड़ के बाद ज्वालापुर कोतवाली पहुंचने पर कारोबारी अनिल अरोड़ा ने पुलिस को बताया कि अपहरण करने के बाद बदमाश उसे मेरठ रोड की तरफ ले गए। उसके साथ मारपीट भी की गई। इसके बाद शामली होते हुए हरियाणा ले जाया गया। बदमाशों ने उसके घर फोन कर दो करोड़ रुपये मांगते हुए छोटे भाई मन्नू से उसकी बात भी कराई थी। पकड़े जाने के डर से बदमाश कहीं भी ज्यादा देर नहीं रुके। लगातार चलते हुए बदमाश पहले हरियाणा गए। वहां गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने हरियाणा पुलिस की मदद से बदमाशों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया तो बदमाशों को भनक लग गई। जिसके बाद बदमाश हरियाणा से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर होते हुए हरिद्वार पहुंच गए।

आज के दिन भी पाक ने किया सीजफायर, बीएसएफ ने नहीं खिलाई मिठाई

पाकिस्तान ने गणतंत्र दिवस के दिन भी सीज फायर कर सारे हदें पार कर दी है। शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से जम्मू के नौशेरा के रजौरी में सीजफायर का उल्लंघन किया। सीमा पर घुसपैठ कराने में नाकाम रहने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ और सीमा पर गोलीबारी कर रहा है।

पिछले कुछ दिनों में भारतीय सुरक्षा बलों ने कई पाकिस्तानी घुसपैठियों को ढेर किया है। ये भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। वहीं, पाकिस्तान की हरकतों की वजह से गणतंत्र दिवस के अवसर पर बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई तक नहीं खिलाई। अभी तक सीमा पर हर गणतंत्र दिवस पर बीएसएफ के जवान पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई खिलाते रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सीमा पर पाकिस्तान द्वारा की जा रही गोलीबारी और तनाव के चलते बीएसएफ ने यह फैसला लिया। हालांकि बीएसएफ ने सीमा पर बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स के जवानों को मिठाई खिलाकर गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया। बीएसएफ के जवानों ने पश्चिम बंगाल से सटी फुलबारी पोस्ट पर बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स के जवानों को मिठाई खिलाई।

इससे पहले गुरुवार को सीमा पर तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान रेंजर्स और बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) के बीच फ्लैग मीटिंग हुई थी। यह फ्लैग मीटिंग पाकिस्तान की अपील पर सुचेतगढ़ इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई थी, जिसमें बीएसफ और पाकिस्तानी रेंजर्स के सेक्टर कमांडर स्तर के अधिकारी शामिल हुए थे। हालांकि पाकिस्तान पर इस फ्लैग मीटिंग का कोई असर नहीं हुआ और उसने 24 घंटे के अंदर ही गणतंत्र दिवस के असवर पर अपना रंग दिखा दिया।

साइबर फॉरेंसिक लैब के जरिये पकड़ में आ पायेंगे ठग

साइबर ठगी करने वाली की अब खैर नहीं। जल्द देहरादून में साइबर फॉरेंसिक लैब खुलने जा रही है। यह राज्य की पहली साइबर फॉरेंसिक लैब होगी। लैब के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को गृह मंत्रालय ने डेढ़ करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया है।

साइबर क्राइम फॉरेंसिक लैब खुलने से देहरादून सहित उत्तराखंड के तेरह जिलों को इसका फायदा होगा। अब तक स्थानीय पुलिस साइबर ठगी की पड़ताल के लिए दिल्ली या फिर चंडीगढ़ की फॉरेंसिक लैब की मदद लेती है, जिससे केसों को हल होने में लंबा समय लग जाता है। मगर अब आनलाइन फ्रॅाड या सोशल मीडिया के जरिये होने वाले अपराधों की जांच स्थानीय स्तर पर भी हो सकेगी।

गृह मंत्रालय से आवंटित बजट से जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। जिसके बाद यह लैब शुरू हो जाएगी। लैब को फिलहाल गांधी रोड स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ही स्थापित किया जाएगा। बाद में लैब के लिए अलग भूमि मिलने और भवन बनने पर उसे नए स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।

पाक की करतूतों से राजनाथ को आया गुस्सा, कहा घर में घुसकर मारेंगे

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की दुनिया में अब एक मजबूत देश के रूप में छवि बन चुकी है और हिंदुस्तान ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि वह सरहद के इस पार ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर उस पार भी घुसकर दुश्मन को मार सकता है।

राजनाथ ने भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के एक दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान का जिक्र किया और कहा कि भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि पूरे हिन्दुस्तान का मस्तक हमारी सरकार कभी झुकने नहीं देगी।

उन्होंने कहा, भारत अब दुनिया में कमजोर नहीं बल्कि एक ताकतवर देश के रूप में जाना जाता है। आज से कुछ महीने पहले पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी भारत की सीमा में घुस आए थे और उन्होंने हमारी सेना के जवानों पर रात में कायरतापूर्ण हमला करके 17 सैनिकों की जान ले ली थी, उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री हमारे साथ बैठे और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए फैसला किया।

घर में घुसकर मार सकते हैं पाकिस्तान को

गृह मंत्री ने कहा, उसके बाद हमारे बहादुर सैनिकों ने कैसा करिश्मा किया, यह आपको बताने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया करने में वे पूरी तरह कामयाब रहे, हमने सारी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि हम केवल इस पार ही नहीं, जरूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर मार सकते हैं। भारत के अंदर यह ताकत पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी यदि देखा जाए तो भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की प्रतिष्ठा भी अंतरराष्ट्रीय जगत में तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारे प्रधानमंत्री ने कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और अब अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री तथा विशेषज्ञ भी इसे स्वीकार करते हैं।

राजनाथ सिंह ने रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यही है कि आपकी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह रेल मंत्री तथा श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि अपने पसीने से रेलवे को बड़ी आमदनी कराने वाले रेलवे माल गोदाम श्रमिकों में से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनकी पिछली पीढ़ियां भी रेलवे श्रमिक ही थे, मगर उन्हें इसके बावजूद उनके पास कोई पहचान-पत्र नहीं है और ना ही रेलवे के अस्पतालों में चिकित्सा की सुविधा प्राप्त है। वह इन समस्याओं का समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे।

नरेन्द्र मोदी पर लगा साजिश का आरोप

विहिप के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने एक बार फिर से अपने खिलाफ साजिश किए जाने का आरोप लगाया है। इस बार उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर उनपर हमला बोला है।

तोगड़िया ने अस्पताल से रिहा होने के बाद कहा कि अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर जेके भट्ट उनके खिलाफ हो रही साजिश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिले हुए हैं। तोगड़िया का आरोप है कि पीएम और जेके भट्ट पिछले 15 दिनों से आपस में फोन से संपर्क में थे। विहिप नेता ने कहा है कि उनके दावे की पुष्टि के लिए जेके भट्ट के पिछले दो हफ्तों के फोन कॉल रिकॉर्ड खंगाले जाने चाहिए। तोगड़िया ने कहा कि भट्ट की इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल की जांच होनी चाहिए। तोगड़िया ने अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच को कॉन्सपिरेसी ब्रांच करार दिया। उनका आरोप है कि क्राइम ब्रांच ने उनके बारे में चुनिंदा वीडियो टीवी चैनल्स को दिए। उन्होंने कहा कि वह क्राइम ब्रांच पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।

संजय जोशी की सीडी का सच बताऊंगा

मोदी विरोधी माने जाने वाले बीजेपी नेता संजय जोशी की कथित सेक्स सीडी सामने आने के बाद उनका राजनीतिक करियर चौपट हो गया था। तोगड़िया ने इस मामले का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें सब मालूम है कि यह सीडी किसने और कहां पर बनाई थी। उन्होंने कहा है कि वह इस सीडी की जांच करने वालों में थे। वह आने वाले दिनों में इस सीडी के राज दुनिया के सामने रखेंगे। उन्होंने एक बार फिर से आरोप लगाया कि उन्हें और उनके करीबियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

यह है पूरा मामला

राजस्थान की एक अदालत से गिरफ्तारी का वारंट सामने आने के बाद प्रवीण तोगड़िया रहस्यमयी अंदाज में गायब हो गए थे। वह करीब 11 घंटे बाद बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन अस्पताल से उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि उनके एनकाउंटर की साजिश हो रही है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और अहमदाबाद पुलिस पर अपने खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया।

हनीप्रीत पर नहीं हुये आरोप तय, कारण चार्जशीट का एक हजार पेज होना

जेल में बंद राम रहीम की सबसे खास राजदार हनीप्रीत के गुनाहों की फेहरिस्त एक हजार से ज्यादा पन्नों में चार्जशीट की शक्ल में दर्ज है। गुरुवार को उसी एक हजार पन्नों की चार्जशीट के चलते हनीप्रीत पर आरोप तय नहीं हो पाए।

गौरतलब है इस पूरे मामले में हनीप्रीत के साथ अब तक 15 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। गुरुवार को इन लोगों को सेशन जज नीरजा कुलवंत कंसल की अदालत में पेश किया गया, लेकिन इन्हीं में से एक आरोपी प्रदीप कुमार की तरफ से दलील दी गई कि उसको अभी तक अदालत की तरफ से पूरी चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है।

राजस्थान से गिरफ्तार किए गए प्रदीप के मुताबिक उसे सिर्फ 175 पन्ने मिले हैं जो कि आरोप तय करने और बहस करने के लिए पूरे नहीं है। पहले पूरी चार्जशीट सीट पढ़ी जाएगी। उसके बाद ही इस पर बहस की जा सकती है कि आरोपियों पर क्या चार्ज लगे हैं।

गौरतलब है कि हनीप्रीत के खिलाफ एफआईआर नंबर 345 में आईपीसी की धारा 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत मामले दर्ज हैं। साथ ही हनीप्रीत साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़काने और देशद्रोह मामले की आरोपी है।

अदालत में गुरुवार की सुनवाई के दौरान आरोप तय नहीं हो पाए। इस मामले में बहस और अगली सुनवाई अब आगामी 21 फरवरी को होगी।

चौथी गोली का सबूत नहीं मिला, अब नहीं होगी दोबारा जांच

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी जरूरी कागजातों की जांच करने वाले वकील अमरेंद्र सरन ने कोर्ट में जानकारी देते हुये बताया कि महात्मा गांधी की हत्या मामले में अब दोबारा से जांच नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि बापू की हत्या करने में नाथूराम गोडसे के अलावा किसी और के होने के सबूत नहीं मिले है।

उन्होंने कोर्ट को जानकारी देकर कहा कि जिस फॉर बुलेट थ्योरी की बात होती है उसका भी कोई सबूत नहीं है। बता दें कि पंकज फडनीस की एक थ्योरी थी कि गांधी की हत्या चार गोलियां मार कर हुई थी।

उल्लेखनीय है कि सु्प्रीम कोर्ट ने इस मामले में पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और सीनियर वकील अमरेन्द्र शरण को न्याय मित्र नियुक्त किया था। इस याचिका में गांधी हत्याकांड में ‘तीन बुलेट की कहानी’ पर प्रश्न चिह्न लगाने के साथ यह सवाल भी उठाया गया था कि क्या नाथूराम गोडसे के अलावा किसी अन्य व्यक्ति ने चौथी बुलेट भी दागी थी?

इस हत्याकांड में अदालत ने 10 फरवरी, 1949 को गोडसे और आप्टे को मौत की सजा सुनाई थी। वहीं विनायक दामोदर सावरकर को साक्ष्यों की कमी के कारण संदेह का लाभ दे दिया गया था। पूर्वी पंजाब हाई कोर्ट द्वारा 21 जून, 1949 को गोडसे और आप्टे की मौत की सजा की पुष्टि के बाद दोनों को 15 नवंबर, 1949 को अंबाला जेल में फांसी दे दी गयी थी।

क्या महात्मा गांधी का कोई दूसरा हत्यारा भी था? वैसे पुलिस तो इस कहानी पर भरोसा करती है कि गांधी पर तीन गोलियां चलाई गई थीं, लेकिन क्या चौथी गोली भी थी जिसे नाथूराम गोडसे के अलावा किसी और ने चलाया था? ऐसे कई सवालों को लेकर उच्चतम न्यायालय में दायर एक याचिका पर 6 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी।

उर्दू में दर्ज एफआईआर में है पूरी वारदात का जिक्र

30 जनवरी 1948 को दिल्ली के बिड़ला हाउस में महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, बापू की हत्या की एफआईआर उसी दिन यानी 30 जनवरी को दिल्ली के तुगलक रोड थाने में दर्ज की गई थी। एफआईआर उर्दू में लिखी गई थी जिसमें पूरी वारदात के बारे में बताया गया था।

डा. आरके गुप्ता को नशे की दवा देने पर मिली सजा

ऋषिकेश में मिर्गी का गारंटीड इलाज कराने के नाम मरीजों को नशे की दवायी देने के आरोप में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक द्विवेदी की अदालत ने डा आरके गुप्ता समेत 15 लोगों को सजा सुनाई है।

सहायक अभियोजन अधिकारी यशदीप श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि डॉ. आरके गुप्ता का ऋषिकेश में नीरज क्लीनिक प्राईवेट लिमिटेड के नाम से अस्पताल है। जहां मिर्गी के रोगियों का शर्तिया इलाज का दावा किया जाता है। वर्ष 2004 में एक एनआरआइ ने शासन को शिकायत भेजी कि डॉ. गुप्ता आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर मरीजों को नशा देता हैं।

एनआरआइ ने विदेश में कराई गई दवाओं की जांच रिपोर्ट भी भेजी थी। इस पर शासन ने जांच के आदेश दिए। राज्य औषधि नियंत्रक की अगुआई में अस्पताल में छापे के दौरान प्रतिबंधित दवाएं मिली थीं, जिसके बाद डॉ. आरके गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया। मगर, छापे की भनक लगने के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने अस्पताल कर्मियों की मदद से डॉक्टर को छुड़ा लिया।

इधर, टीम मामले में मुकदमा दर्ज कराने ऋषिकेश कोतवाली पहुंची तो तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा, पूर्व दायित्वधारी अनीता वशिष्ठ समेत कई सभासद और व्यापारी नेताओं की अगुआई में डेढ़-दो सौ लोगों की भीड़ कोतवाली पहुंच गई और हंगामा काटा कर दिया। मामले में डॉ. आरके गुप्ता समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

सीजेएम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाह पेश किए गए। अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर डॉ. आरके गुप्ता को पांच वर्ष सश्रम कैद और 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अन्य 14 आरोपियों को एक-एक वर्ष सश्रम कैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद आरके गुप्ता को सुद्धोवाला जिला कारागार भेज दिया गया, जबकि अन्य आरोपियों को जमानत दे दी गई।

भीड़ द्वारा छुड़ाए जाने के बाद फरार डॉ. आरके गुप्ता को 11 दिन बाद देहरादून के क्लेमेनटाउन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद वह करीब 27 माह तक जेल में रहा, बाद उसे जमानत मिल गई थी।

पुलिस चार्जशीट में हनीप्रीत ने ही बुलाई हिंसा भड़काने को बैठक

गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के गुनाहों की फेहरिस्त आखिर चार्जशीट के रूप में मंगलवार को पंचकुला कोर्ट में पेश कर दी गई। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 25 अगस्त को पंचकुला में हुई व्यापक हिंसा के लिए हनीप्रीत को मास्टरमाइंड बताया है। हनीप्रीत के अलावा 15 अन्य गुरमीत राम रहीम के करीबियों व डेरा समर्थकों का नाम चार्जशीट में शामिल किया गया है।
हनीप्रीत पर आरोप है कि पंचकुला अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराए जाने के बाद उसने डेरा समर्थकों के साथ मिलकर पंचकुला में व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाई थी।
सूत्रों के मुताबिक करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट में हनीप्रीत के अलावा देशद्रोह के मुकदमा झेल रहे 15 दूसरे आरोपियों के कच्चे चिट्ठों का भी जिक्र है। हनीप्रीत के खिलाफ मंगलवार को दाखिल की गई चार्जशीट में कुल 67 गवाह हैं, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं। उसके और दूसरे आरोपियों के खिलाफ पंचकुला के सेक्टर 5 पुलिस थाने में 27 और 28 अगस्त को आईपीसी की धाराओं 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हनीप्रीत पर पंचकुला हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। उसके अलावा आदित्य इंसा, पवन इंसा, सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल पर भी देशद्रोह और हिंसा फैलाने का आरोप है। डेरा का प्रवक्ता और देशद्रोह का आरोपी डॉक्टर आदित्य इंसा अभी भी फरार है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने अपने पुलिस रिमांड के दौरान कबूल कर लिया था कि पंचकुला हिंसा की प्लानिंग उसके ही कहने पर की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा कर उनको चार्जशीट में जोड़ा है। इस आरोप पत्र के तीन पन्नों में गुरमीत राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के 6 सुरक्षा कर्मियों का जिक्र है।
गौरतलब है कि पंचकुला हिंसा का ब्लूप्रिंट 18 अगस्त को सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बुलाई गई एक एहम बैठक में तैयार किया गया था। बैठक हनीप्रीत ने ही बुलाई थी, जो डेरे में नंबर दो की हैसियत रखती थी। इस बैठक में मौजूद रही डेरा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा को छोड़कर सभी आरोपियों पर देशद्रोह का आरोप है। 25 अगस्त से पहले हनीप्रीत सहित कई आरोपी पंचकुला के डेरे में पहुंचे थे और उन्होंने कथित तौर पर पूरे पंचकुला की रेकी की थी।
इससे पहले 18 अगस्त को हुई बैठक में दो बातें तय की गई थीं- अगर फैसला गुरमीत सिंह के खिलाफ आया तो हिंसा और अगर पक्ष में तो सत्संग करने का ही प्लान था। हिंसा फैलाने के लिए गुंडों को किराए पर लाया गया था, जिनपर 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। 1.25 करोड़ रुपये तो पंचकुला के डेरा इंचार्ज चमकौर सिंह को ही दिए गए थे।