नन्हीं लड़की से किया रेप, आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के मालवीय नगर में एक स्कूल के अंदर मासूम छात्रा से रेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पीड़िता छात्रा ने परिजनों को आपबीती सुनाई, तो वे लोग सन्न रह गए। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, राजधानी के मालवीय नगर थाना स्थित निरंकारी स्कूल में कक्षा एक की छात्रा के साथ उसके स्कूल के कर्मचारी ने टॉयलेट में रेप की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ने पर इसका खुलासा हुआ है। परिजनों की सूचना पर पहुंच पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई हैं।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर आरोपी स्कूल कर्मचारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता की मेडिकल जांच के साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्कूल के कर्मचारियों और प्रसाशन से भी पूछताछ हो रही है।

चोटी काट आरोपी पर तीन लाख का इनाम

दिल्ली, यूपी और राजस्थान सहित कई राज्यों में चोटी कटने घटनाएं बंद क्या हुई अब जम्मू-कश्मीर में शुरू हो गई हैं। कश्मीर में रहस्यमय तरीके से चोटी कटने के मामले सामने आ रहे हैं। इस वजह से महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कश्मीर पुलिस ने चोटी काटने वाले शख्स पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, कश्मीर से चोटी कटने के करीब 30 मामले सामने आए हैं। इससे परेशान होकर श्रीनगर के बाटमालू इलाके में लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। यहां कुछ नकाबपोश लोगों ने घर के अंदर घुसकर एक महिला के चेहरे पर स्प्रे छिड़का और चोटी काटकर फरार हो गए। अनंतनाग जिले के एक गांव में अज्ञात शख्स एक घर की किचन में घुस गया।
वहां उसने कुछ स्प्रे छिड़का, जिसके बाद खाना बना रही 16 वर्षीय लड़की बेहोश हो गई। उसी दौरान उसकी चोटी काट ली गई। दूसरी तरफ, सिजीमर गांव में एक महिला की सोते हुए चोटी काट ली गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कुछ हाथ नहीं लग पाया। कुलगाम जिले से 12 और अनंतनाग जिले से 2 चोटी काटने के मामले दर्ज हो चुके हैं।
यह मामला सीएम महबूबा मुफ्ती तक पहुंच गया है। इसे संज्ञान में आते ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम बनाने के लिए कहा है। इसके साथ ही चोटी काटने वाले आरोपी के सिर पर 3 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। स्थानीय महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताते चलें कि बीते दिनों भारत के कई राज्यों में चोटी कटने के मामले सामने आए थे। दिल्ली के छावला गांव से शुरू हुआ यह मामला एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार और कई अन्य राज्यों में अचानक फैल गया था। इन घटनाओं में पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई है। चोटी काटने की अफवाहों में कई लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं।

गौरक्षकों की गुंडागर्दी रोके राज्य सरकार

गौ रक्षकों की गुंडागर्दी को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि राज्य सरकारें इसे रोके। कोर्ट ने कहा कि कानून और व्यवस्था का मामला पूरी तरह राज्य का विषय है। कोर्ट को केंद्र सरकार से इस बारे में नीति बनाने के लिए नहीं कहना चाहिए।
शीर्ष कोर्ट ने कहा कि इस बारे में सीधे तौर पर राज्यों के लिए आदेश पारित किए जाएंगे। कोर्ट का कहना है कि हमारे आदेश प्राथमिकता के आधार पर होंगे। गौ रक्षकों की गुंडागर्दी के शिकार लोगों को मुआवजा देने के मामले को अलग से डील किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने सभी राज्यों को टास्क फोर्स के गठन पर अपनी रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है। मामले पर अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
कोर्ट मे दिया था नोडल ऑफिसर नियुक्त करने का आदेश
बता दें कि पिछली सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ते कथित गौरक्षकों के तांडव पर रोक लगाने के लिए हर जिले में सीनियर पुलिस ऑफिसर तैनात करने का आदेश दिया था। ताकि इस तरह की हिंसा की घटनाओं को रोकने और इसे अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कदम उठाएं।
शीर्ष अदालत ने राज्यों को एक सप्ताह में अपना टास्क फोर्स बनाने के लिए कहा था, जिसमें वरिष्ठ पुलिसकर्मियों को नोडल अधिकारी के रूप में रखा जाएगा।

डेरे की जमीन में 600 कंकाल

डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा और वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन से हरियाणा पुलिस की एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस जांच में पता लगा है कि डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय की जमीन और खेतों में करीब 600 लोगों की हड्डियां और कंकाल मौजूद हैं। पीआर नैन ने भी पूछताछ के दौरान ये बात स्वीकार की है।
पीआर नैन ने पुलिस को दलील दी है कि डेरा अनुयायियों का ऐसा विश्वास है कि मौत के बाद यदि उनकी अस्थियां डेरे की जमीन में दबा दी जाएंगी, तो उन्हें मोक्ष मिलेगा। इसी वजह से डेरे की जमीन में करीब 600 लोगों की अस्थियां और कंकाल हैं। हालांकि, पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि लोगों को मारकर खेतों में उनकी लाशें दबा दी गई हैं।
डेरे के कुछ पूर्व सेवादारों ने आरोप लगाया था कि डेरा या राम रहीम के खिलाफ बोलने वाले लोगों की हत्या करके उनकी लाश खेतों में दफना दी जाती थीं। उसके उपर पेड़ लगा दिए जाते थे, ताकि किसी को इसके बारे में पता न चल सके। उनका कहना था कि राज फाश होने के डर से डेरे में इन जगहों पर खुदाई करने या पेड़ काटने तक की मनाही थी।
इससे पहले एसआईटी ने विपश्यना इंसा से करीब सवा तीन घंटे तक गहन पूछताछ की थी। डीएसपी कुलदीप बैनीवाल ने उससे 100 से ज्यादा सवाल किए, लेकिन वह उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए हैं। इसलिए उससे दोबारा पूछताछ की तैयारी की जा रही है। वहीं डेरा के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन और विपश्यना के जवाब में विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
पुलिस का कहना है कि यदि इन दोनों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो इनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है। दोनों ने पंचकूला में हुई हिंसा को लेकर अलग-अलग बातें कही है। पीआर नैन पर हिंसा कराने के लिए 5 करोड़ की फंडिंग का आरोप है। इन पैसों से पंचकूला डेरा प्रभारी चामकुमार सिंह ने गुंडों को हिंसा के लिए तैयार किया था। चामकुमार हिरासत में है।

आधी रात में हथियारबंद बदमाशों का कहर

झबरेड़ा थाना क्षेत्र के लखनौता-झबरेड़ा मार्ग पर शेरपुर गांव के समीप हथियारबंद बदमाशों ने सड़क पर पेड़ डालकर कई वाहनों में चढ़कर लूटपाट कर ली। लूटपाट के शिकार लोगों में देहरादून ग्रामीण रोडवेज डिपो के सहायक महाप्रबंधक, उनके स्टाफ के अलावा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के एक कर्मचारी भी शामिल हैं। करीब पौने घंटे तक बदमाशों ने लूटपाट की।
झबरेड़ा की लखनौता पुलिस चौकी से थोड़ा आगे शेरपुर गांव के समीप बीती रात्रि करीब दो बजे बदमाशों ने एक पेड़ काटकर सड़क पर गिरा दिया। इसी बीच यहां से कार से परिवार के साथ गुजर रहे देहरादून नेहरू ग्राम निवासी प्रकाश चंद्र पंत ने रास्ता बंद होने पर कार को रोक दिया। बदमाशों ने जबरन कार की खिड़की खुलवाकर आठ हजार की नकदी, सूटकेस और मोबाइल लूट लिया। प्रकाश चंद पंत ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में कार्यरत हैं। इसी बीच देहरादून ग्रामीण डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन, यातायात निरीक्षक राजबीर, संजय और चालक राजकुमार सरकारी गाड़ी से दिल्ली से बसों की चेकिंग कर लौट रहे थे। तभी बदमाशों ने उनकी गाड़ी को भी रोककर उनसे 12 हजार की नकदी और अन्य सामान लूट लिया।
इसके बाद बदमाशों ने एक लोडर को लूटा। लोडर के बाद बदमाशों ने एक ट्रक चालक और उसके क्लीनर से 700 रुपये की नकदी और तीन मोबाइल फोन लूट लिये। इसी बीच एक ट्रक चालक ने वाहनों को खड़े देखा तो वह समझ गया कि बदमाश हैं, उसने ट्रक को पीछे मोड़ दिया और लखनौता चौकी पर तैनात होमगार्ड को इसकी सूचना दी।
होमगार्ड ने इसकी सूचना पुलिसकर्मियों को दी। इस बीच, दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो चारों बदमाश दो बाइक पर सवार होकर भाग निकले। रात में ही एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीआइजी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही लापरवाही बरतने पर एक सिपाही को निलंबित करते हुये एसओ को फटकार लगाई। प्रकाश चंद पंत और रोडवेज के अधिकारी रामवीर ने मामले में पुलिस को तहरीर दी गई है।

बॉम्बे हाईकोर्ट में बम की खबर से मचा हड़कंप

बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को फोन कॉल पर धमकी दी गई है। जस्टिस मंजुला चुल्लर को ये धमकी भरा फोन कॉल किया गया है।
फोन कॉल पर हाई कोर्ट के कमरा नंबर 51 में बम होने की धमकी दी गई है। इस कमरे में चीफ जस्टिस के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और रजिस्ट्रार बैठते हैं। फोन पर धमकी मिलने के बाद एटीएस कंट्रोल रूम को सूचित गया। जिसके बाद बम निरोधक दस्ता बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया है।
एटीएस को कुछ नहीं मिला
एटीएस ने मौके पर पहुंचकर पूरा रूम खाली कराया। जिसके बाद पूरे रूम की तलाशी ली गई। मगर, बम निरोधक दस्ते को वहां कुछ नहीं मिला। बताया जा रहा है कि किसी ने फर्जी कॉल कर माहौल बिगाड़ने की हरकत की है, जिसका पता लगाया जा रहा है।

खुलासाः डेंटल कॉलेज के अंदर किडनी का अवैध कारोबार

उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज लालतप्पड डोईवाला के अन्दर स्थित गंगोत्री चौरिटेबल हॉस्पिटल में किडनी निकालने का अवैध करोबार किया जा रहा हैं। इस सूचना पर विश्वास कर जानकारी ली गई तो पता चला की 4 व्यक्ति किडनी निकलवाकर हरिद्वार के रास्ते दिल्ली जा रहे है। सूचना पर देहरादून पुलिस व हरिद्वार पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा गाडी न0 यू0ए0 08 टीए 5119 इनोवा को सप्तऋषि चौकी के पास रोक दिया गया। जिसमें दो महिला व दो पुरूष मौजूद मिले और एक अन्य वाहन चालक था। मौजूदा व्यक्ति ने अपना नाम भाव जी भाई पुत्र श्री टापू भाई ठाकुर निवासी प्रजापति कलामू ग्राम सिन्धाली, थाना मोहोदा, जिला खेडा गुजरात, उम्र 48 वर्ष, शेखताज अली पुत्र शेख मुशरफ अली निवासी 62 वासुदेव पुर, कन्चा रोड 128 बेहाजा दक्षिण परगना वैस्ट बंगाल, उम्र 28 वर्ष, सुसामा बेनर्जी पत्नी दिपुल बैनर्जी निवासी हल्दर औबजान पारा शहजादा पुर जोय नगर दक्षिण 24 परगना, उम्र 42 वर्ष , कृष्णा दास पत्नी विश्वजीत दास निवासी पौजावड पोस्ट राम सुन्दरपुर जिला प्रमूव मेहन्दीपुर, प0 बंगाल, उम्र 32 वर्ष व चालक ने अपना नाम दीपक कुमार पुत्र बीरबल सिंह निवासी इब्राहिमपूर, थाना पथरी जिला हरिद्वार, बताया। उक्त लोगो से पूछताछ करने पर भाव जी भाई के द्वारा बताया की एक व्यक्ति जावेद खान पुत्र सरवर खान निवासी ए 2 रूम नव 603 ग्रीन पार्क सोसाइटी, एस0जी0 स्कूल एस0बी0 रोड, सन्ताकुज मुम्बई हमको गंगोत्री चेरिटेबल हस्पिटल लालतप्पड लेकर आया था और हमको एक किडनी के बदले 3 लाख रु0 देने का वादा किया था। पहले हस्पिटल में कृष्णा दास व शेखताज अली की किडनी निकाली गयी। फिर मेरा व सुसामा का नंबर था लेकिन जब जावेद खान के द्वारा पैसे नहीं दिये गये तो मैंने और सुसामा ने किडनी देने से मना कर दिया और हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इस पर अस्पताल वालो ने हम चारों को जावेद खान के साथ दिल्ली रवाना कर दिया। रास्ते में पुलिस द्वारा हमे पकड लिया लेकिन आप लोगों के देखते ही जावेद गाडी से उतर कर भाग गया। फरार अभियुक्त जावेद खान को पुलिरा द्वारा पकड लिया गया है। सम्बन्धित घटनाक्रम में प्रकाश में आये डॉ0 अमित रावत फरार है, जिसकी तलाश हेतु पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। घटना स्थल से ओमान के टिकट मिले है, जिससे प्रतीत होता है कि सम्भवत किडनी की खरीद फरोख्त अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। पुलिस द्वारा घटना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग व एफ0एस0एल0 की टीमों के साथ मिलकर जांच की जा रही है तथा अस्पताल व अन्य स्टाफ की प्रकरण में संलिप्तता की जांच भी की जा रही है।

जांच में आया एक और चौका देने वाला सच! शासन व प्रशासन मौन

बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम को लेकर रोज चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी दौरान राम रहीम और प्रशासन के बीच मिलीभगत की नई मिसाल सामने आई है। खबर मिली है कि राम रहीम अपने सिरसा डेरे में माही सिनेमा हॉल भी चलाता है। इसके दस्तावेजों की जांच से पता चला कि यह थियेटर 10 वर्षों से बिना लाइसेंस के ही चल रहा था। इस दौरान राज्य सरकार ने गुरमीत की सिर्फ पहली फिल्म से मनोरंजन कर वसूला, जबकि इसके बाद की सभी फिल्में टैक्स फ्री चलती रही।
माही थियेटर को लेकर इस खुलासे के बाद जिले के मनोरंजन कर अधिकारियों की भी जबान पर ताला लगा हुआ है। इस बीच कोर्ट कमिश्नर के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग में तय हुआ कि गुरमीत राम रहीम के डेरे की तमाम जमीनों से जुड़ा 30 साल पहले तक का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। राम रहीम पर जितनी रफ्तार से जांच का दायरा बढ़ रहा है, उसी रफ्तार से राम रहीम की मायावी दुनिया में चल रही काली करतूतों पर से पर्दा उठता जा रहा है। सर्च टीम का दस्ता गुफा की मिस्ट्री सुलझा रहा है। बाबा की जिस इमारत में पुलिस की टीम पहुंची, उसमें दो सुरंगों का सच सामने आया है।
पुलिस डेरा मुख्यालय में तलाशी के दूसरे दिन बाबा राम रहीम के कमरे में जांच पड़ताल कर रही थी। चंद मिनट की पड़ताल हुई और बाबा के कमरे का राज खुलने लगा। बाबा के खिलाफ ठोस सबूत जमा करने के लिए पुलिस ने चप्पे चप्पे की तलाशी ली। तभी अचानक एक दरवाजा खुला और सामने एक सुरंग नजर आया। इस सुरंग की शुरुआत बाबा के कमरे से होती थी और साध्वियों का कमरा उस गुफा के आखिरी छोर पर था। आरोप है कि बलात्कारी बाबा गुफाओं के द्वार से साध्वियों के कमरों में जाकर अश्लील लीलाएं रचता था।
ऊपरी गुफा से ही एके 47 के मैगजीन का कवर भी बरामद हुआ है। साथ ही लगातार दूसरे दिन छापेमारी में गुफाओं में मौजूद विस्फोटक का भी पता चला। पुलिस आश्रम को खंगाल रही थी तब विस्फोटकों की बड़ी खेप बरामद हुयी। इसके अलावा सैकड़ों जोड़े जूते, डिजाइनर कपड़े और टोपियां मिली हैं। जांच में सामने आया कि बाबा राम रहीम अपने आश्रम में पटाखों की अवैध फैक्ट्री चला रहा था। उसमें इन विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
डेरे की तलाशी के दौरान सर्च टीम को पांच बच्चे मिले, जिनमें दो नाबालिग हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं तलाशी में टीम को एक वॉकी-टॉकी सेट भी मिला है। 800 एकड़ में फैले डेरा परिसर को तलाशी अभियान के लिए दस जोनों में बांटा गया है और हर जोन का संचालन एक वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।

रहस्यमयी तरीके से हुयी रिटायर्ड साइंटिस्ट की मौत

दिल्ली के डेसू कॉलोनी में एक रिटायर्ड साइंटिस्ट की लाश मिलने से सनसनी मच गई। उनका शव घर से सड़ी-गली हालत में मिला। पुलिस का मानना है कि 8 से 10 दिन पहले उनकी मौत हुई है। साइंटिस्ट के भाई-बहन शव के साथ घर में रह रहे थे। उन्होंने किसी को इस बारे में नहीं बताया था।
मृतक साइंटिस्ट का नाम यशवीर सूद (64 साल) था। पूसा इंस्टीट्यूट में न्यूक्लियर साइंस डिपार्टमेंट में वह प्रिंसिपल साइंटिस्ट थे। पुलिस ने बताया कि फील्ड ऑफिसर सोनू को डेसू कॉलोनी के बी-1 क्वॉर्टर से काफी तेज दुर्गंध आई। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने फौरन पुलिस को इसकी सूचना दी।
दुर्गंध इतनी तेज थी कि पुलिस ने घर में घुसने से पहले खिड़की का कुछ हिस्सा तोड़कर स्प्रे किया और फिर पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए। इस दौरान सूद की बहन कमला ने पुलिस के अंदर घुसने का विरोध किया। सूद का शव कमरे में बेड पर पड़ा था। शव पर से खाल गायब हो चुकी थी। शव को शायद कीड़े-मकोड़े ने भी खाया हो।
घर के अंदर बहुत गंदगी थी। ऐसा लग रहा था कि महीनों से घर की सफाई नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि सूद की बड़ी बहन कमला और छोटा भाई हरीश मानसिक रूप से कमजोर हैं। पुलिस सूद के अन्य परिजनों के बारे में पता लगा रही है।
बताते चलें कि सूद 31 मार्च, 2015 को इंस्टीट्यूट से रिटायर हुए थे। इसके बाद तीनों भाई-बहन कुछ समय तक पूसा कैंपस के ई-54 में रहे थे। बाद में उन्हें डेसू कॉलोनी में एक जर्जर से कमरे में शिफ्ट करा दिया गया था। इसी कमरे में यशवीर सूद की लाश मिली।

पुलिस के आ गए अच्छे दिन, अब साइकिल से रखेगी नजर!

अब लैला-मजनुओं की खैर नहीं! जी हां ऋषिकेश क्षेत्राधिकारी मंजूनाथ टीसी ने इन लैला-मझनुओं के साथ असामाजिक तत्वों पर काबू पाने के लिये एक नया रास्ता निकाला है। अब पुलिस गंगा नदी के किनारे स्थित आस्था पथ में दो शिफ्टों में गश्त लगाते नजर आयेगी। इससे एक तरफ आस्था पथ की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से निजात मिलेगी वहीं दूसरी ओर अश्लील हरकत करने वालों पर शिकंजा भी कसा जा सकेगा। इस नए तरह के ऑपरेशन में रूटीन में महिला और पुरुष कांस्टेबल गश्त करेंगे।
आपको बता दें कि आस्था पथ में आए दिन असमाजिक तत्वों द्वारा आस्था पथ की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जिससे वहां लगी ग्रिल तक गायब हो गयी। आस्था पथ में अभी तक लैला-मझनुओं को दिन-दहाड़े अश्लील हरकत करते हुए भी देखा जा सकता था। इतना ही नहीं यहां शराबियों व नसेड़ियों का अड्डा भी बन चुका था। यहां अक्सर कॉलेज चुनावों के समय छात्रों द्वारा हुड़दंगियां करने की शिकायत पुलिस को लगातार मिल रही थी। आस्थापथ पर सुबह और शाम को घूमने वालों की भीड़ रहती है। लोग अक्सर मनचलों पर नकेल कसने की मांग उठा रहे थे। लोगों ने बताया के अक्सर यहां शाम को शराबी पहुंच जाते हैं। कई बार युवक-युवतियों के जोड़े भी अश्लील हरकतें करते देखे गए हैं। इससे लोगों को दिक्कत होती है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आस्थापथ पर साइकिल से गश्त करने का प्लान तैयार किया।
कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने त्रिवेणीघाट स्थित आस्थापथ पर साइकिल गश्त का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। बताया कि साइकिल गश्त में एक महिला और एक पुरुष कांस्टेबल दो पाली में डयूटी करेंगे। पहली पाली सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक रहेगी। सूचना के आदान-प्रदान के लिए गश्त दल को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। सहायक पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने आस्थापथ पर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद रखने के लिए साइकिल गश्त का निर्णय लिया है, इस पर अमल करते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। पुलिस की इस पहल पर क्षेत्रवासियों ने हर्ष जताया।