खाने का लालच देकर सगी बहनों से किया बलात्कार

मध्य प्रदेश के खंडवा में खाने का लालच देकर दो सगी बहनों के साथ रेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। निशक्त लोगों के लिए बने एक आश्रम में मानसिक रोगी दो नाबालिग सगी बहनों को आश्रम संचालक ने अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

नगर पुलिस अधीक्षक एसएन तिवारी ने बताया कि पीड़ित बहनों की उम्र 13 और 15 साल है। दोनों मानसिक रोगी हैं। आश्रम संचालक पूनमचंद मालवीय (60) ने रविवार की रात को 13 साल की मानसिक रोगी बालिका को आश्रम स्थित अपने कमरे में बुलाया। पहले जब वह नहीं आई तो अच्छा खाने का लालच दिया।

इसके बाद आरोपी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। देर रात नाबालिग लड़की मौका देखकर आश्रम का पांच फुट का गेट फांदकर भाग निकली। वह सीधे थाने पहुंची, उसकी आपबीती सुनकर पुलिस वाले भी दंग रह गए। इसके बाद पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।

इसी बीच महिला पुलिस उपनिरीक्षक सोनू सितोले ने बताया कि दोनों बहनों के साथ आरोपी द्वारा आश्रम में रेप किया गया है। उनकी व्यथा सुनने के बाद आरोपी संचालक के खिलाफ आईपीसी की की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों बहनों की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें रेप की पुष्टि हुई है।

बताते चलें कि भोपाल में एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ एक नवंबर की रात को गैंगरेप हुआ था। इस मामले में तीन थाना प्रभारी एमपी नगर थाने के प्रभारी संजय सिंह बैस, हबीबगंज थाने के प्रभारी रविंद्र यादव, जीआरपी हबीबगंज के थाना प्रभारी मोहित सक्सेना, दो उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) टेकराम और उइके को निलंबित किया जा चुका है।

इस वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, लेकिन पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। पीड़िता ने कहा था कि कोई भी अपराधी दोबारा ऐसा करने का साहस न करे, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, उन्हें मार देना चाहिए, चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

पीड़िता ने कहा था कि सबसे बुरा रवैया तो पुलिस का रहा, जोकि उन्हें एक थाने से दूसरे थाने भटकाती रही। उसने कहा था, मेरे माता-पिता पुलिस में हैं और हमें इस स्थिति से गुजरना पड़ा, तो आम आदमी किन स्थिति का सामना करता होगा, इसे समझा जा सकता है। अफसोस है कि आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन समय पर केस दर्ज नहीं किया।

पूर्व की लापरवाही से नहीं सबक लिया, फिर शुरू हुआ मौत का मंजर

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत का सिलसिला रुका नहीं है। अस्पताल में 72 घंटों के भीतर 30 बच्चों की मौत की खबर है। इसी अस्पताल में 29-30 अगस्त की रात ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने से कई बच्चों की मौत हो चुकी है। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी अस्पताल प्रशासन सुधरने का नाम नहीं ले रहा।

यूपी सरकार को देनी पड़ी थी सफाई

बीआरडी में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत से पूरा देश सन्न रह गया था। यूपी सरकार की इस मामले में काफी किरकिरी हुई थी। बाद में सरकार को इस पूरे मामले में सफाई देनी पड़ी थी। सरकार ने शुरुआती जांच में मासूमों की मौत का कसूरवार ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स और ऑक्सीजन यूनिट के इंचार्ज डॉक्टर सतीश को माना था। बाद में डॉ. कफील को भी इसमें आरोपी बनाया गया।

अगस्त में तो बच्चे मरते हैं!

इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को बच्चों की मौत पर सफाई देनी पड़ी थी। उसमें भी उनके बयान की काफी आलोचना हुई थी। मंत्री ने कहा था कि अगस्त में तो बच्चे मरते है। इसमें नई बात क्या है। छह दिन में 64 मौतों से ध्यान हटाने के लिए उन्हें बताना पड़ा कि 2014 में अगस्त के महीने में 567 बच्चों की मौत हुई। 2015 में इसी अगस्त ने 668 बच्चों की जान ले ली और 2016 में अगस्त में 587 बच्चों ने दम तोड़ दिया। यानी हर रोज 19 से बीस बच्चे मर रहे हैं।

14 राज्यों में इंसेफलाइटिस का प्रकोप

इंसेफलाइटिस का प्रकोप पूर्वी उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार समेत 14 राज्यों में इंसेफलाइटिस का प्रभाव है। पश्चिम बंगाल, असम, बिहार तथा उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में इस बीमारी का प्रकोप सर्वाधिक है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर और देवरिया समेत 12 जिले इससे प्रभावित हैं।

खुद ही के लिये कब्र तैयार कर रहा पाकिस्तान

भारत लगातार अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए आगाह करता रहता है और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देना बंद करने के लिए कहता रहा है। अब पाकिस्तान को यही चेतावनी विश्व जगत से भी मिली है। फ्रेजाइल स्टेट्स इंडेक्स की 2017 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को उन 20 असफल देशों की फेहरिस्त में रखा गया है, जिन्हें खुद की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए।

अब पाकिस्तान को दुनिया के शीर्ष 20 फ्रेजाइल स्टेट्स में शामिल होने के बाद यह समझना होगा कि जिस आतंकवाद को वह अपने पड़ोसी देश भारत को परेशान करने के उद्देश्य से इस्तेमाल करता रहा है, वह खुद उसके लिए नासूर बन चुका है। यह इंडेक्स इसी ओर इशारा करता है।

अमेरिका की पाक को चेतावनी

अमेरिका भी पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने और आतंकवाद को अपनी जमीन से खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी देता रहा है। हाल ही में अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव भी पेश किया गया था।

हाल ही में भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने पाकिस्तानी नेतृत्व से सख्त लहजे में कहा कि वो आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे, वरना अमेरिका खुद पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।

जहरीली शराब के सेवन से शराबबंद बिहार में मौत

कहने को तो बिहार में शराबबंदी है, लेकिन यहां अक्सर शराब पाये जाने के किस्से सुने जाते है। साथ ही कई लोग शराब पीने से अपनी जान तक गंवा बैठते है। बिहार के रोहतास में जहरीली शराब पीने से 5 लोगो की मौत हो गई है और 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
डीआईजी शाहाबाद मो रहमान ने इस बात की पुष्टि की है। साथ ही जहरीली शराब पीने से मौत मामले में शाहाबाद रेंज के डीआईजी के सख्त तेवर भी अपनाए हैं। सूत्रों के अनुसार एसएचओ पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही एक्ससाइज अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि शुक्रवार रात को संदिग्ध जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत होने और कुछ के बीमार पड़ने की सूचना मिली है। जिसकी जांच की जा रही है। ढिल्लों ने बताया कि इस मामले में फिलहाल कछवा थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इनपर आरोप है कि यह पैसा लेकर दारू बेचवाते थे।

शाहाबाद प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक मोहम्मद रहमान, जिलाधिकारी अनिमेष कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शवों को अपने कब्जे में लेने के साथ ही हादसे में बीमार लोगों के बारे में भी पता लगाने के प्रयास कर रही है।

रोहतास के दनवर इलाके में इस हादसे से कई परिवारों में शोक व्याप्त है। आपको बता दें कि पिछले साल बिहार के गोपालगंज जिले में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद इस इलाके के नगर थाना प्रभारी सभी 25 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हैं। इन लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद इलाके में अवैध रूप से शराब बिक रहा है जिस कारण आज इस तरह की घटना हुई है। मृतकों में सभी दनवार के ही हैं। मरनेवालों में कमलेश सिंह, हरिहर सिंह, धनजी सिंह और उदय सिंह शामिल हैं। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शराब बिकने में पुलिस प्रशासन की मिली भगत है। उनपर कार्रवाई होनी चाहिए।

अप्रैल 2016 को बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई थी और इसके सेवन और उत्पादन और कारोबार पर प्रतिबंध लगा हुआ है। जिसके बाद से ही इससे जुड़ा कानून बहस का विषय बना हुआ है। कुछ माह पहले ये खबर आई थी कि राजधानी पटना के थानों में जब्त की हुई शराब चूहों ने पी ली है। इस खबर को लेकर सरकार की बहुत किरकिरी हुई थी, हालांकि बाद में बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस खबर को खारिज कर दिया था।

हूबहू सौ व पचास के नकली नोट देख रह गयी पुलिस दंग

महाराष्ट्र पुलिस ने मध्य प्रदेश के पुलिस के साथ मिलकर बीड शहर मे एक ऐसे कारखाने का भंडाफोड़ किया है जहां 100 और 50 रुपये के नोट छापने का अवैध धंधा चल रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीड शहर में कई महीने से 100 और 50 रुपये के हुबहु नोट छापने का काम चल रहा था। जाली नोट छापने के लिए पेपर औरंगाबाद से लाया जा रहा था।

सैयद शुकूर शब्बीर नामक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक बीड शहर के पेठ बीड थाना क्षेत्र के गांधी नगर में एक व्यक्ति 50 व 100 रुपये मूल्य की नकली नोट अवैध रूप से छपा रहा है, ऐसी जानकारी मध्य प्रदेश पुलिस मिली। उन्होंने तत्काल बीड पुलिस से संपर्क कर इसकी सूचना दी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जी. श्रीधर इनके निर्देश पर पेठ बीड थाने के पुलिस निरीक्षक अनिल जाधव ने शेख शकूर के मकान पर छापा मारकर नकली नोट छापने की किताबें व डेढ़ लाख रुपए मूल्य के 50 व 100 के के नोट जब्त किए। पुलिस ने शेख शकूर को गिरफ्तार कर लिया है। शेख शकूर से किस-किस के संबंध हैं, पुलिस जांच में जुट गई है।

शेख शकूर बीड तहसील के नालवंडी गांव का रहने वाला है। दो साल पहले उसे एक अपने रिश्तेदार की लड़की के साथ जबरन बलात्कार के मामले में अरेस्ट किया गया था। वह औरंगाबाद के हर्सूल जेल में सजा काट रहा था। उसी दौरान शकूर की मुलाकात एक कैदी से हुई जो नकली नोट छापने के मामले में सजा काट रहा था। शकूर जब जेल से रिहा हुआ तो वह भी नकली नोट बनाने का कारोबार करने लगा। केवल आठवीं पास शकूर की करतूत से दोनों राज्यों की पुलिस सन्न रह गई है।

पुलिस कांस्टेबल की पूरी तैयारी थी राम रहीम को भगाने की

गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट से भगाने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार लाल सिंह को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आरोप ये भी है कि लालचंद ही पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी गुरमीत के खास भक्तों तक पहुंचा रहा था। पूछताछ के दौरान उसने अपनी साजिश के बारे में अहम खुलासे किए हैं।
पंचकुला हिंसा की जांच कर रही एसआईटी का दावा है कि डेरामुखी राम रहीम को भगाने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ पुलिस की इंटेलिजेंस विंग के कॉन्स्टेबल लालचंद ने ली थी। यह खुलासा पूछताछ के दौरान हुआ है। बता दें कि लालचंद को एसआईटी ने पूछताछ के लिए सेक्टर-26 स्थित क्राइम ब्रांच के ऑफिस में बुलाया था और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसआईटी ने लालचंद को कोर्ट में पेश किया। जहां से पुलिस को दो दिन का रिमांड मिल गया। अब लगातार पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस उससे कई सवालों के जवाब पाना चाहती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 25 अगस्त को फैसला आने के बाद जैसे ही गुरमीत को कोर्ट से बाहर लाया गया, लालचंद दूसरे पुलिसवालों से राम रहीम को बुलेटप्रूफ गाड़ी में बैठाने को कहने लगा, लेकिन पुलिसकर्मी तैयार नहीं हुए, फिर लालचंद ने प्लान-बी पर काम शुरू कर दिया।
प्लान-बी के मुताबिक गुरमीत राम रहीम की गाड़ी में कमांडो को बैठाना था, ये कमांडो उसका खास था। उसका जिम्मा गुरमीत को गनपॉइंट पर गाड़ी से उतारना था। उसके बाद उसे बुलेटप्रूफ गाड़ी से चंडीगढ़ में एंटर कराना था, लेकिन भागना हिमाचल की तरफ था।
इस दौरान लालचंद के पास वायरलेस सेट था। जिसमें सारे मैसेज फ्लैश हो रहे थे। तभी कोर्ट के बाहर उसने एक कमांडो को अफसरों से भिड़ने का इशारा किया। कमांडो ने वैसा ही किया, लेकिन इस दौरान भी लालचंद गुरमीत तक नहीं पहुंच पाया। यहां भी साजिश नाकाम रही तो उसने गुरमीत का पीछा किया।
लालचंद ने गुरमीत को छुड़ाने में एक आखिरी कोशिश और की। अपनी गाड़ी से गुरमीत को लेकर जा रही गाड़ी का पीछा कमांड तक किया। एक बुलेटप्रूफ गाड़ी साथ लगा दी, ताकि बीच में घेरकर उसे छुड़ाया जा सके। डेरामुखी के कमांडोज को पुलिस मूवमेंट का हर अपडेट मिला रहा था।
फैसले वाले दिन पुलिस ने तीन स्टेशनों पर वायरलेस सेट लगाए थे। लालचंद को फ्रीक्वेंसी पता थी, इसलिए हर सूचना गुरमीत की जैमर लगी गाड़ी में बैठे कमांडोज को वायरलेस सेट पर भी मिल रही थी।

मनमोहन सरकार से दुगुना किया खर्च मगर नहीं रूकी घटनाएं

आतंकवाद के खिलाफ लड़ने को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली केंद्र सरकार के तीन वर्षो के कार्यकाल में जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं। सूचना के अधिकार द्वारा गृह मंत्रालय से मांगी गई सूचना के मुताबिक, बीते तीन वर्षो में जम्मू एवं कश्मीर में 812 आतंकी घटनाएं हुईं, जिनमें 62 नागरिक और 183 भारतीय जवान शहीद हो गए।
बीती मनमोहन सरकार के आखिर के तीन वर्षो के कार्यकाल में कुल 705 आतंकी घटनाओं में 59 नागरिक एवं 105 जवान शहीद हुए थे।
अधिकारी ने बताया कि इसी दौरान मनमोहन सरकार के अंतिम तीन वर्ष में गृह मंत्रालय ने आतंकवाद से लड़ने के लिए तकरीबन 850 करोड़ रुपये जारी किए, जबकि मोदी सरकार के समय गृह मंत्रालय ने 1,890 करोड़ रुपये इस बाबत जारी किए।
गृह मंत्रालय के लोक सूचना अधिकारी ने जवाब में बताया, मई, 2011 से मई, 2014 के बीच में जम्मू एवं कश्मीर में 705 आतंकवादी घटनाएं हुईं, जिसमें 59 आम नागरिक मारे गए एवं 105 जवान शहीद हो गए, जबकि मोदी सरकार अर्थात मई, 2014 से मई, 2017 तक 812 आतंकवादी घटनाएं हुईं, जिनमें 62 नागरिक मारे गए एवं 183 जवान शहीद हो गए।
उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रंजन तोमर ने गृह मंत्रालय से हासिल सूचना के आधार पर बताया कि उन्होंने गृह मंत्रालय से चार सवाल पूछे थे। मोदी की सरकार के आने के तीन साल एवं उसके पहले मनमोहन सिंह सरकार के आखिरी तीन साल में जम्मू एवं कश्मीर में कितनी आतंकवादी गतिविधियां हुई एवं उनमें कितने आम नागरिक एवं कितने जवान शहीद हुए? उन्होंने कहा, तीसरा सवाल यह था कि इस दौरान आतंकवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए गृह मंत्रालय ने मनमोहन सरकार के अंतिम तीन वर्ष में कितनी धनराशि जारी की एवं चौथा प्रश्न था कि मोदी सरकार ने प्रथम तीन वर्ष में कितनी धनराशि जारी की।
राजनाथ बोले, रोज मार रहे 5-6 आतंकी
इससे इतर केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हर रोज पांच से छह आतंकवादी सुरक्षा बलों के हाथों मारे जा रहे हैं। एक कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा कि सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अनवरत प्रयासों के चलते जम्मू-कश्मीर में हर दिन पांच-छह आतंकवादी मारे जा रहे हैं। मैं उनकी तारीफ करता हूं।

रेप माना जाएगा, नाबालिग पत्नी से संबंध बनाने पर

नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना रेप का अपराध है। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि सहमति से सेक्स करने की उम्र बनाने को कम नहीं किया जा सकता है। 15 से 18 साल की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना रेप की श्रेणी में आएगा। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि पत्नी पुलिस के पास शिकायत कर सकती है। कोर्ट ने इस प्रावधान को पोक्सो के साथ जोड़ा है।
दरअसल आईपीसी 375 (2) कानून का यह अपवाद कहता है कि अगर कोई 15 से 18 साल की पत्नी से संबंध बनाता है तो उसे दुष्कर्म नहीं माना जाएगा। केन्द्र सरकार ने कोर्ट में कानून की तरफदारी करते हुए कहा कि संसद ने सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए इस कानून को नहीं छेड़ा। देश में आर्थिक रूप से पिछड़े समाज में आज भी बाल विवाह के मामले देखने को मिलते हैं।
बता दें कि देश में विवाह की उम्र महिलाओं के लिए 18 और पुरुषों के लिए 21 साल रखी गई है। इससे कम उम्र में हुई शादी को जुर्म माना गया है। इंडियन पीनल कोर्ड के तहत मामले में दो साल की सजा हो सकती है। बावजूद इसके देश के बड़े शहरों में बाल विवाह का आंकड़ा 0.7 फीसदी बढ़ा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका ग्राफ 0.3 फीसदी घटा है।
डब्ल्यूसीडी मंत्रालय द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार देश में साल 2014 से 16 के बीच 1785 मामले रजिस्टर हुए और 4,777 लोगों की गिरफ्तारी हुई। हालांकि इसमें सिर्फ 274 को ही अपराधी साबित किया जा सका।with a minor wife

गांधी की हत्या पर एससी की सुनवाई अब 30 को…

महात्मा गांधी पर तीन गोलियां चलाई गई थीं, लेकिन क्या चौथी गोली भी थी जिसे नाथूराम गोडसे के अलावा किसी और ने चलाया था? ऐसे कई सवालों को लेकर उच्चतम न्यायालय में दायर एक याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने अब महात्मा गांधी हत्याकांड की फिर से जांच कराने की इस याचिका पर अब 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। इस मामले में पूर्व एएसजी अमरेंद्र शरण एमिकस क्यूरी होंगे। वहीं शुक्रवार को कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कई सवाल किए। कोर्ट ने पूछा इस हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी हो चुकी है और मामले से जुड़े तमाम लोग मर चुके हैं। ऐसे में इसका कानूनी औचित्य क्या होगा? कोर्ट ने पूछा कि क्या इस मामले में कोई नया सबूत है ?
आपको बता दें कि यह याचिका अभिनव भारत, मुंबई के शोधकर्ता और ट्रस्टी पंकज फडनिस ने फाइल की है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में गांधी की मौत को इतिहास का सबसे बड़ा कवर-अप बताते हुए केस को दोबारा से खोलने की मांग की गई है।
याचिका में अनुरोध किया गया है कि नया जांच आयोग गठित करके गांधी की हत्या के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा किया जाए। याचिका में गांधी की हत्या की जांच के बारे में भी सवाल उठाए गए हैं जिसमें कहा गया कि क्या यह इतिहास में मामला ढकने की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है और क्या उनकी मौत के लिए विनायक दामोदर सावरकर को जिम्मेदार ठहराने का कोई आधार है या नहीं।
अभिनव भारत मुंबई के शोधार्थी और डाक्टर पंकज फडनिस की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया कि वर्ष 1966 में गठित न्यायमूर्ति जे एल कपूर जांच आयोग साजिश का पता लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा। यह साजिश राष्ट्रपिता की हत्या के साथ पूरी हुई।
गांधी की हत्या को दोषियों को 15 नवंबर 1949 को फांसी पर लटकाया गया था जबकि सावरकर को सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ दिया गया। सावरकर से प्रेरित होकर अभिनव भारत, मुंबई की स्थापना 2001 में हुई थी और इसने सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए काम करने का दावा किया था।

भीड़ ने लिया सांप्रदायिकता का रूप, अवैध संबंध के चलते हुयी हत्या

मंगलवार को ट्रेन से कटे युवक की हत्या का मामला तूल पकड़ने लगा है। दरअसल युवक की हत्या कर उसे पटरी पर फेंका गया। जिससे यह प्रतीत हो कि युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गयी। यह बात जब क्षेत्रवासियों को पता चली तो उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिफ्तारी की मांग को ले कर प्रदर्शन किया और देखते ही देखते यह प्रदर्शन उग्र होकर सांप्रदायिकता का रूप ले लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रायवाला बाजार में कुछ दुकानों को निशाना बनाया और तोड़फोड़ की। लोगों ने आरोपियों को पकड़ने में हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया।
इस दौरान पत्थरबाजी में एक महिला व एक युवक जख्मी हुए। तोड़फोड़ व आगजनी का प्रयास कर रहे लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेड़ा। रायवाला बाजार व अन्य संवेदनशील जगहों पर पीएसी की तीन प्लाटून तैनात की गई हैं। आसपास के थानों से भी पुलिस बल रायवाला में तैनात किया गया है।
गुरुवार को गौहरीमाफी निवासी लक्ष्मण सिंह पुत्र निहाल सिंह की हत्या के एक आरोपी की गिरफ्तारी की बात सामने आते ही कई हिंदू संगठनों के लोग बड़ी संख्या में रायवाला थाने में एकत्र हो गए। इन लोगों ने हत्याकांड में अन्य लोगों के भी शामिल होने का संदेह जताया और सभी को तत्काल गिफ्तार करने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराने की कोशिश की। इनमें से कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो उठे और दुकानों व कुछ घरों में घुस कर तोड़फोड़ करने लगे। देखते ही देखते पूरे बाजार में अफरातफरी का माहौल बन गया। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में एक महिला आबिदा और एक युवक साबीर जख्मी हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खेल मैदान के किनारे लगे खोखे उखाड़ कर फेंक दिए।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। करीब एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू पाया। एसडीएम ऋषिकेश हरगिरी, एसपी ग्रामीण सरिता डोबाल, एएसपी श्वेता चौबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी मंजूनाथ टीसी, समेत कोतवाल ऋषिकेश, कोतवाल हरिद्वार व थानाध्यक्ष रानीपोखरी भी मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे। एसपी ग्रामीण सरिता डोभाल ने बताया कि युवक की हत्या से लोग आक्रोशित थे।
फिलहाल पीएसी की तीन प्लाटून और आसपास के थानों की पुलिस संवेदनशील जगहों पर तैनात की गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी रायवाला थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से कानून व्यवस्था को लेकर निर्देशित किया। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।