स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये निर्देश, आप भी जानिए…

नशीली एवं नकली दवाओं की रोकथाम के लिये प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया जायेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर एक पंजीकृत फार्मासिस्ट की तैनाती का भी सत्यापन अभियान चलाया जायेगा। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि प्रदेश में नकली एवं नशीली दवाओं की बिक्री को रोकने के लिये राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत प्रदेशभर में फुटकर दवा बिक्री के लिये पंजीकृत 12500 से अधिक मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण के साथ ही वहां पर तैनात फार्मासिस्टों का भी भौतिक सत्यापन किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को पूरे अप्रैल माह में विशेष अभियान के निर्देश दे दिये गये हैं। डा. रावत ने कहा कि औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम-1940 एवं 1945 की नियमावली के नियम 65(2) के अंतर्गत प्रत्येक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होने के साथ ही स्टोर पर दवा बिक्री के लिये पंजीकृत फार्मासिस्ट की तैनाती अनिवार्य रूप से होनी चाहिये। इसी प्रकार थोक दवा विक्रय के लिये भी नियम 64 के तहत अनुभवी व्यक्ति को ही लाइसेंस दिये जाने का प्राविधान है। इन्हीं नियमों का सख्ती से पालन करने के लिये खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को सभी पंजीकृत मेडिकल स्टोरों का मुआयना करने के निर्देश दिये गये हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 22 हजार फार्मासिस्ट पंजीकृत है, जिनमें से साढ़े बारह हजार से अधिक फार्मासिस्टों के नाम पर मेडिकल स्टोर के लाइसेंस जारी किये गये हैं, जबकि एक हजार के करीब फार्मासिस्ट राजकीय सेवा में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर यह भी शिकायत मिलती रही है कि एक लाइसेंस पर एक से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित किये जा रहे हैं तथा उन पर पंजीकृत फार्मासिस्ट तैनात नहीं किये गये हैं, जो कि नियमों का सीधा-सीधा उल्लंघन है। इन्हीं तथ्यों को मध्यनजर रखते हुये विभागीय अधिकारियों को प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोरों का भौतिक सत्यापन कर वहां पर पंजीकृत फार्मासिस्टों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि सूबे के बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्टों को मेडिकल स्टरों पर रोजगार मिल सके।

उत्तराखंडः केंद्र सरकार से राज्य को मिली 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की स्वीकृति

केन्द्र सरकार से उत्तराखंड के लिए 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की स्वीकृति दे दी गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह का आभार व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड को केन्द्र सरकार से आवंटित 300 मेगावाट बिजली की अवधि 28 फरवरी को पूरी हो गई थी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का कोटा यथावत जारी रखने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। साथ ही फोन पर भी बात कर आग्रह किया था। इसी क्रम में केन्द्रीय सरकार ने 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की स्वीकृति दे दी है।

चंपावत संभागीय निरीक्षक कार्यालय का सीएम के हाथों हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत मुख्यालय के संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) कार्यालय का शुभारंभ किया। गोरलचोड़ मैदान में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने चंपावत के विकास का संकल्प लिया है। उत्तराखण्ड में विराजमान देवी-देवताओं का तथा सभी लोगों का ही आशीर्वाद है कि वे पूरे प्रदेश के साथ ही चम्पावत के लिए मुख्य सेवक के रूप में कुछ कर पा रहे हैं, और ’इस कार्यालय का शुभारम्भ उस संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में उठाया गया कदम है। आगे भी ऐसे कार्य नित प्रतिदिन होते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही यहां के लोगों की ये मांग आज पूरी होने पर जितनी खुशी आप लोगों को है, उससे कहीं ज्यादा खुशी उन्हें हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक कार्यालय होने से यहां पर वाहनों की फिटनेस व ड्राइविंग लाइसेंस बनने जैसे कार्य होंगे तथा जनता के समय व धनराशि की बचत भी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्या के समाधान के लिए वह सदैव प्रयासरत हैं। इसी उद्देश्य से जिला मुख्यालय एवं टनकपुर में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की स्थापना की गई है। ताकि यहां के लोगों को अनावश्यक देहरादून के चक्कर न काटने पड़े। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किए गए सभी वादों को समय पर पूरा करने का पूरा प्रयास भी कर रही है, इसी का परिणाम है कि चम्पावत भ्रमण के दौरान जिस सिप्टी वाटर फॉल के सौंदर्यीकरण की घोषणा की थी, महाशिवरात्रि के दिन से ही इस कार्य की शुरुआत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने टनकपुर में अंतरराज्यीय बस अड्डे की घोषणा की थी, उसके लिए भी धनराशि आवंटित कर दी है, जिला पुस्तकालय के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गयी है, राजकीय स्नात्तोकोत्तर महाविद्यालय चम्पावत को सोबन सिंह जीना विश्वविधालय अल्मोड़ा का परिसर बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान हो गयी है, इस कॉलेज को मॉडल कॉलेज भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार जनपद में कई विकास कार्य लगातार किये जा रहें है और आगे भी किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विभिन्न क्षेत्रों में विश्व में पहचान बनी है। प्रधानमंत्री के दिशा निर्देशन में सरकार भी उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प“ के मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सभी के सहयोग से हम 2025 तक उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संभागीय निरीक्षक कार्यालय द्वारा बनाए गए लक्ष्मण सिंह के वाहन संख्या यूके 03 टीए 0491 का फिटनेस सर्टिफिकेट तथा सुरेश चन्द्र पाल और पुष्पा जोशी का लर्निंग लाइसेंस भी वितरित कर कार्यालय के कार्यों की शुरुआत की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिले के विकास हेतु अनेक घोषणाएं भी की जिसमें,

० मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चम्पावत में आर्मी स्कूल खोला जाएगा। इसके लिए निशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी।
० गोल्ज्यू मन्दिर के समीप पीडब्ल्यूडी की भूमि पर बने क्वार्टर्स को अन्यत्र सरकारी भूमि आवंटित की जाएगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग धनराशि आवंटित करेगा।
० गोल्ज्यू मन्दिर के समीप पीडब्ल्यूडी की भूमि पर एवं पशुपालन की भूमि पर पर्यटन अवस्थापनाओं का विकास किया जाएगा ताकि मानसखण्ड कॉरिडोर से जुड़े इस भव्य मन्दिर को पर्यटन से जोड़ा जा सके।
० लोहाघाट नगर के लिए जल्द ही सरयू पेयजल योजना के सम्बन्ध में उपयुक्त पाये जाने पर डीपीआर बनाया जाएगी
० टनकपुर बनबसा में तत्काल विस्तृत ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग द्वारा बनाया जाएगा।
० गौरलचौड़ मैदान के समीप पुरानी जेल वाली भूमि पर ओपन एयर थियेटर पर्यटन द्वारा बनाया जाएगा। इसमें कुमाऊँनी शैली की वास्तुकला प्रयोग में लायी जाएगी।
०राजकीय उच्चतर मा० विद्यालय डुंगराबोरा के उच्चीकरण के सम्बन्ध में (इण्टर तक)।
०जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में लोहाघाट पंचेश्वर मोटरमार्ग के खीड़ी गांव से धौनी शिलिंग मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य किया जाएगा।

इस दौरान क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विकास हेतु नित नए निर्णय लिए जा रहे हैं जिसमें नकल विरोधी कानून एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, नगर पालिका अध्यक्ष विजय वर्मा, लोहाघाट पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, एआरटीओ सुरेंद्र कुमार समेत विभिन्न अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

पीसीएस मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों को निःशुल्क बस सेवा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा 23 फरवरी से 26 फरवरी 2023 को आयोजित की जाने वाली सम्मिलित राज्य सिविल-प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में किराये में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।

सचिव परिवहन निगम अरविन्द सिंह ह्यांकी ने जानकारी दी कि अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के आधार पर परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु प्रदेश के अन्दर और बाहर (परीक्षार्थी के गृह के स्थान से परीक्षा स्थान तक) उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में आवागमन हेतु निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

डा. हेमंचद ने टीबी रोगियों को गोद लेकर दी मासिक पोषाहार किट

हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विश्व विद्यालय के कुलपति डा0 (प्रो0) हेम चन्द्र ने नि-क्षय मित्र बनकर 05 टी0बी0 रोगियों को गोद लिया गया। डा0 (प्रो0) हेम चन्द्र द्वारा राजकीय दून मेडीकल काॅलेज के प्रांगण में गोद लिये हुये 05 रोगियों को प्रथम मासिक पोशाहार किट वितरित कर उन्हे टी0बी0 रोग से लडने हेतु प्रेरित किया। टी0बी0 रोग के उन्मूलन के उद्देष्य से राज्य में चलाये जा रहे प्रधानमंत्री टी0बी0 मुक्त भारत अभियान के अन्र्तगत समाज में सभी जागरूक वर्गो द्वारा बढचढ कर भागीदारी की जा रही है।

डॉ चंद्रा के इस प्रयास से अन्य चिकित्सकों व नागरिकों में भी टी0बी0रोग को खत्म करने के इस प्रयास में भागीदारी करने के लिए उत्साहवर्धन होगा। डॉक्टर चंद्रा द्वारा अपने सभी टी0बी0 रोगियों को पोषाहार प्रदान करते वक्त सभी चिकित्सकों स्वास्थ्य कर्मियों व विभिन्न विश्वविद्यालयों के अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध किया गया कि वह आगे बढ़कर पुरजोर तरीके से इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

पर्वतीय जिलों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में बनने वाली टनल पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाइवे से लगे कम ढलान वाले क्षेत्रों में भी सर्फेस पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि टनल और ऑटोमेटेड पार्किंग के लिए जिन स्थानों का चिन्हीकरण हो गया है, उन्हें गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने प्रदेश में लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग के लिए नए स्थलों का चिन्हीकरण एक लगातार प्रक्रिया के रूप में भविष्य में भी जारी रहना चाहिए। कहा कि किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में किसी भी स्तर में आ रही समस्या के लिए सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से लगातार सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश भर में कुल 26 स्थल टनल पार्किंग के लिए चयनित किए गए हैं। जिनका विभिन्न स्तरों में कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

पत्रकारों ने कहा-धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सीएम की सोच सकारात्मक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मीडियाकर्मियों ने भेंट की। उन्होंने गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर शामिल उत्तराखंड की “मानसखंड झांकी“ को पहली बार प्रथम स्थान प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मानसखण्ड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से उत्तराखंड को देश में पहचान मिली है। मानसखण्ड झांकी के माध्यम से देश विदेश के पर्यटकों को मंदिर माला मिशन की जानकारी भी मिलेगी। प्रतिनिधि मंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, मनोज इष्टवाल, दयाशंकर पांडेय, अमित अमोली, रमन जायसवाल, सुभाष गौड़ व अवधेश नौटियाल आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया गौरवशाली पल और उपलब्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंद पुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है। गणतंत्र दिवस परेड को अभी तक राजपथ के नाम से जाना जाता था, किंतु इस वर्ष उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया है। नाम बदलने के बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह पहली परेड थी, जिसमे उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से इतिहास में उत्तराखंड राज्य का नाम दर्ज हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। “मानसखण्ड” मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।
वहीं, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं मानसखंड की झांकी का सुझाव दिया था व इसके डिजाइन का तीन बार स्वयं अवलोकन कर उसे फाइनल किया था। यह पूरे प्रदेश के लिए खुशी की बात है।

क्या है मानसखंड मंदिर माला मिशन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ की भांति ही कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक महत्व के मंदिर क्षेत्रो में अवस्थापनात्मक विकास के लिए मानसखंड मन्दिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। इन्हें बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इस योजना के जरिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यातायात सुगम हो। मानसखंड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न धार्मिक सर्किटों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन प्रमुख मंदिरों का होगा विकास
मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुसार पहले चरण में करीब 2 दर्जन से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया गया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचैड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।

प्रदेश की नदियों को बचाने और चेक डैम बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश की नदियों को बचाए जाने और चेक डैम बनाए जाने आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक आयोजित हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की नदियों के पुनरोद्धार के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नदियों को बचाने के लिए प्राधिकरण बनाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने जनपद स्तरीय और राज्य स्तरीय प्राधिकरण बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा आधारित नदियों को बचाने के लिए उनके श्रोत से राज्य की सीमा तक कार्य करने की आवश्यकता है। यह काम सुचारू रूप से हो सके इसके लिए सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम और वन विभाग को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य को लगातार मॉनिटर किया जाए। इसके लिए एक डेडिकेटेड सेल का गठन किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वन विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक चेक डैम बनाएं जाएं। इससे भूजल स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि चैक डैम और वृक्षारोपण आदि के माध्यम से लगातार इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर वन विभाग से डी.एस. मीणा ने टिहरी जनपद में हेंवल नदी के पुनरोद्धार के लिए किए गए प्रयासों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव ने उनके प्रयासों को सराहते हुए कहा कि इस कार्य को पूरे प्रदेश में किस प्रकार से लागू किया जा सकता है, इसके लिए कॉन्सेप्ट पेपर तैयार किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, हरिचन्द्र सेमवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

पशुओं का अवैध रूप से परिवहन करने पर होगी गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई

उत्तराखंड में पशु तस्करों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सख्त रुख अपना दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद उत्तराखंड पुलिस ने गिरोह बराकर पशुओं का अवैध रूप से परिवहन करने और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की कर दी है।
डीजीपी अशोक कुमार ने सभी जिले के प्रभारियों को गौवंश संरक्षण अधिनियम 2007 से सम्बन्धित अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि गौ तस्करी को लेकर जो लोगों की पेशेवर तौर पर शामिल है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में गौ तस्करी को रोकने एवं उसमें सक्रिय रहे अपराधियों को चिन्हित कर सभी पर सख्त कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिए गए थे इसी क्रम में प्रत्येक जिले को गौ तस्करी में संलिप्त लिप्त लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

सीएम की अच्छी पहल से कई की विद्युत समस्याओं का होगा निदान

सिर्फ बड़ी परियोजनाओं के निर्माण से ही सरकार के राजकाज और कामकाज की समीक्षा नहीं की जानी चाहिए। यह भी देखा जाना चाहिए कि सरकार आमजन के लिए कितनी सुलभता के साथ बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में एक अच्छी पहल हुई है। आजकल ऊर्जा निगम के कर्मचारी मिशन मोड में हैं। पूरे प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं के समस्याओं के समाधान के लिए जगह-जगह कैंप लगाए जा रहे हैं। संबंधित जेई से लेकर चीफ इंजीनियर रैंक के अफसर इन कैंपों में मौजूद रहकर कंज्यूमर्स की शिकायतों को हल कर रहे हैं।

बीते 23 जनवरी से शुरू हुए ये कैंप पूरे फरवरी माह तक जारी रहेंगे। प्रत्येक विकास खण्ड में कम से कम 7-8 कैंप आयोजित किए जाएंगे। पिछले 5 दिनों के दौरान अब तक राज्य में 278 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें मिलीं हजारों शिकायतों (बिजली के बिलों में गड़बड़ी, खराब मीटर, लो वोल्टेज, ट्रांसफार्मर आदि) में से अधिकांश का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। इन शिविरों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विकासखण्ड स्तर पर आयोजित किए जा रहे इन कैंपों की सीधी मॉनिटरिंग ऊर्जा भवन देहरादून से की जा रही है। निगम के एमडी अनिल कुमार रोजाना अपडेट ले रहे हैं। डायरेक्टर ऑपरेशन एमएल प्रसाद को इस अभियान की कमान सौंपी गई है। निगम के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि शिविर में दर्ज की जा रही शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए। अभियान की एक फाइनल रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भी सौंपी जाएगी। यह पहला मौका है जब ऊर्जा निगम पूरे राज्य में एक साथ उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल समाधान कर रहा है।

विद्युत शिविरों में समय पर बिल भुगतान और बिजली के अनाधिकृत प्रयोग को रोकने के लिए जनता को भी जागरूक किया जा रहा है। एक हकीकत यह भी है कि मौजूदा समय में उत्तराखण्ड में बिजली की खपत और उपलब्धता में तकरीबन 4 गुने का फर्क है। रोजाना जरूरत 39 मिलियन यूनिट की है जबकि इसके सापेक्ष उत्पादन महज 10 मिलियन यूनिट के आसपास है। ऐसी स्थिति में समय पर बिल जमा करके और बिजली चोरी रोककर जनता भी प्रदेश को किभी प्रकार के विद्युत संकट से बचाने में अपना योगदान दे सकती है।

इधर, राज्य में ठिठुरती ठंड के बीच बिजली की उपलब्धता में भारी कमी आ गई है। नदियों का जल स्तर घटने से जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन भी आधा हो गया है। केंद्र से मिल रही 17 मिलियन यूनिट बिजली को मिलाकर प्रतिदिन उपलब्धता 27 मिलियन यूनिट ही पहुंच रही है, बाकी 10 से 12 मिलियन यूनिट बाहरी राज्यों से खरीदनी पड़ रही है। इन तमाम परिस्थितियों के बीच सरकार का प्रयास है कि जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो और उपभोक्ताओं की समस्याएं भी समय रहते हल हों। इसके लिए अधिकारियों को खुद जनता के दरवाजे पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता भी राज्य सरकार की इस पहल की सराहना कर रही है।