पर्वतीय जिलों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में बनने वाली टनल पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाइवे से लगे कम ढलान वाले क्षेत्रों में भी सर्फेस पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि टनल और ऑटोमेटेड पार्किंग के लिए जिन स्थानों का चिन्हीकरण हो गया है, उन्हें गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने प्रदेश में लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग के लिए नए स्थलों का चिन्हीकरण एक लगातार प्रक्रिया के रूप में भविष्य में भी जारी रहना चाहिए। कहा कि किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में किसी भी स्तर में आ रही समस्या के लिए सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से लगातार सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश भर में कुल 26 स्थल टनल पार्किंग के लिए चयनित किए गए हैं। जिनका विभिन्न स्तरों में कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

पत्रकारों ने कहा-धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सीएम की सोच सकारात्मक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मीडियाकर्मियों ने भेंट की। उन्होंने गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर शामिल उत्तराखंड की “मानसखंड झांकी“ को पहली बार प्रथम स्थान प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मानसखण्ड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से उत्तराखंड को देश में पहचान मिली है। मानसखण्ड झांकी के माध्यम से देश विदेश के पर्यटकों को मंदिर माला मिशन की जानकारी भी मिलेगी। प्रतिनिधि मंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, मनोज इष्टवाल, दयाशंकर पांडेय, अमित अमोली, रमन जायसवाल, सुभाष गौड़ व अवधेश नौटियाल आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया गौरवशाली पल और उपलब्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंद पुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है। गणतंत्र दिवस परेड को अभी तक राजपथ के नाम से जाना जाता था, किंतु इस वर्ष उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया है। नाम बदलने के बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह पहली परेड थी, जिसमे उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से इतिहास में उत्तराखंड राज्य का नाम दर्ज हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। “मानसखण्ड” मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।
वहीं, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं मानसखंड की झांकी का सुझाव दिया था व इसके डिजाइन का तीन बार स्वयं अवलोकन कर उसे फाइनल किया था। यह पूरे प्रदेश के लिए खुशी की बात है।

क्या है मानसखंड मंदिर माला मिशन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ की भांति ही कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक महत्व के मंदिर क्षेत्रो में अवस्थापनात्मक विकास के लिए मानसखंड मन्दिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। इन्हें बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इस योजना के जरिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यातायात सुगम हो। मानसखंड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न धार्मिक सर्किटों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन प्रमुख मंदिरों का होगा विकास
मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुसार पहले चरण में करीब 2 दर्जन से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया गया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचैड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।

प्रदेश की नदियों को बचाने और चेक डैम बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश की नदियों को बचाए जाने और चेक डैम बनाए जाने आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक आयोजित हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की नदियों के पुनरोद्धार के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नदियों को बचाने के लिए प्राधिकरण बनाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने जनपद स्तरीय और राज्य स्तरीय प्राधिकरण बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा आधारित नदियों को बचाने के लिए उनके श्रोत से राज्य की सीमा तक कार्य करने की आवश्यकता है। यह काम सुचारू रूप से हो सके इसके लिए सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम और वन विभाग को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य को लगातार मॉनिटर किया जाए। इसके लिए एक डेडिकेटेड सेल का गठन किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वन विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक चेक डैम बनाएं जाएं। इससे भूजल स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि चैक डैम और वृक्षारोपण आदि के माध्यम से लगातार इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर वन विभाग से डी.एस. मीणा ने टिहरी जनपद में हेंवल नदी के पुनरोद्धार के लिए किए गए प्रयासों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव ने उनके प्रयासों को सराहते हुए कहा कि इस कार्य को पूरे प्रदेश में किस प्रकार से लागू किया जा सकता है, इसके लिए कॉन्सेप्ट पेपर तैयार किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, हरिचन्द्र सेमवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

पशुओं का अवैध रूप से परिवहन करने पर होगी गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई

उत्तराखंड में पशु तस्करों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सख्त रुख अपना दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद उत्तराखंड पुलिस ने गिरोह बराकर पशुओं का अवैध रूप से परिवहन करने और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की कर दी है।
डीजीपी अशोक कुमार ने सभी जिले के प्रभारियों को गौवंश संरक्षण अधिनियम 2007 से सम्बन्धित अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि गौ तस्करी को लेकर जो लोगों की पेशेवर तौर पर शामिल है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में गौ तस्करी को रोकने एवं उसमें सक्रिय रहे अपराधियों को चिन्हित कर सभी पर सख्त कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिए गए थे इसी क्रम में प्रत्येक जिले को गौ तस्करी में संलिप्त लिप्त लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

सीएम की अच्छी पहल से कई की विद्युत समस्याओं का होगा निदान

सिर्फ बड़ी परियोजनाओं के निर्माण से ही सरकार के राजकाज और कामकाज की समीक्षा नहीं की जानी चाहिए। यह भी देखा जाना चाहिए कि सरकार आमजन के लिए कितनी सुलभता के साथ बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में एक अच्छी पहल हुई है। आजकल ऊर्जा निगम के कर्मचारी मिशन मोड में हैं। पूरे प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं के समस्याओं के समाधान के लिए जगह-जगह कैंप लगाए जा रहे हैं। संबंधित जेई से लेकर चीफ इंजीनियर रैंक के अफसर इन कैंपों में मौजूद रहकर कंज्यूमर्स की शिकायतों को हल कर रहे हैं।

बीते 23 जनवरी से शुरू हुए ये कैंप पूरे फरवरी माह तक जारी रहेंगे। प्रत्येक विकास खण्ड में कम से कम 7-8 कैंप आयोजित किए जाएंगे। पिछले 5 दिनों के दौरान अब तक राज्य में 278 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें मिलीं हजारों शिकायतों (बिजली के बिलों में गड़बड़ी, खराब मीटर, लो वोल्टेज, ट्रांसफार्मर आदि) में से अधिकांश का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। इन शिविरों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विकासखण्ड स्तर पर आयोजित किए जा रहे इन कैंपों की सीधी मॉनिटरिंग ऊर्जा भवन देहरादून से की जा रही है। निगम के एमडी अनिल कुमार रोजाना अपडेट ले रहे हैं। डायरेक्टर ऑपरेशन एमएल प्रसाद को इस अभियान की कमान सौंपी गई है। निगम के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि शिविर में दर्ज की जा रही शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए। अभियान की एक फाइनल रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भी सौंपी जाएगी। यह पहला मौका है जब ऊर्जा निगम पूरे राज्य में एक साथ उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल समाधान कर रहा है।

विद्युत शिविरों में समय पर बिल भुगतान और बिजली के अनाधिकृत प्रयोग को रोकने के लिए जनता को भी जागरूक किया जा रहा है। एक हकीकत यह भी है कि मौजूदा समय में उत्तराखण्ड में बिजली की खपत और उपलब्धता में तकरीबन 4 गुने का फर्क है। रोजाना जरूरत 39 मिलियन यूनिट की है जबकि इसके सापेक्ष उत्पादन महज 10 मिलियन यूनिट के आसपास है। ऐसी स्थिति में समय पर बिल जमा करके और बिजली चोरी रोककर जनता भी प्रदेश को किभी प्रकार के विद्युत संकट से बचाने में अपना योगदान दे सकती है।

इधर, राज्य में ठिठुरती ठंड के बीच बिजली की उपलब्धता में भारी कमी आ गई है। नदियों का जल स्तर घटने से जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन भी आधा हो गया है। केंद्र से मिल रही 17 मिलियन यूनिट बिजली को मिलाकर प्रतिदिन उपलब्धता 27 मिलियन यूनिट ही पहुंच रही है, बाकी 10 से 12 मिलियन यूनिट बाहरी राज्यों से खरीदनी पड़ रही है। इन तमाम परिस्थितियों के बीच सरकार का प्रयास है कि जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो और उपभोक्ताओं की समस्याएं भी समय रहते हल हों। इसके लिए अधिकारियों को खुद जनता के दरवाजे पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता भी राज्य सरकार की इस पहल की सराहना कर रही है।

आज की युवा पीढ़ी को हमारे महापुरुषों की जानकारी होनी जरुरी है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेंजर्स ग्राउण्ड देहरादून में केन्द्रीय संचार ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव आयोजित ‘गणतंत्र नमन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं चित्र प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हस्तकला पर आधारित विभिन्न स्टालों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश की आजादी के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों की स्मृति में देश में अनेक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये। इनके माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को हमारे इन महापुरूषों के जीवन दर्शन एवं उनके द्वारा किये गये कार्यों से भलिभांति परिचित होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरूषों द्वारा किये गये कार्यों एवं उनके जीवन दर्शन का अनुसरण कर हमें आगे बढ़ना होगा।

सीएम राहत कोष से भू धंसाव से विस्थापित परिवारों को सरकार करेगी मदद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जोशीमठ में भू धंसाव के कारण विस्थापित परिवारों को मकान किराये के लिए 4 हजार रूपये प्रति माह की दर से 6 माह तक दिये जाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि स्वीकृत की गई है। जनपद चमोली के तहसील जोशीमठ के नगरपालिका क्षेत्र जोशीमठ के अन्तर्गत विगत दिनों से हो रहे भूधसाव से प्रभावित ऐसे परिवार जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण अधिवासन योग्य नहीं है अथवा ऐसे परिवार जो बेघर हो गये हैं, परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर किराये के मकान में अस्थायी रूप से विस्थापित करने के लिए ₹4000 प्रति परिवार की दर से 6 माह के किराये मद में मुख्यमंत्री राहत कोष से अग्रिम के रूप में व ₹1.00 करोड़ (एक करोड मात्र) स्वीकृत कर जिलाधिकारी चमोली के निवर्तन रखा गया है।

श्री भरत मंदिर में आयोजित भागवत कथा का सप्तम, लीला पुरूषोत्तम का हुआ वर्णन

ब्रह्मलीन पूज्य महंत अशोक प्रपन्नाचार्य जी महाराज की पुण्य स्मृति मे आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस गोपियों के वियोग की मार्मिक कथा का वर्णन किया।

कथा व्यास डा. राम कमल दास वेदांती ने कहा कि श्रीमद्भागवत में दशम स्कंध में गोपी गीत आता है। ये गोपी गीत भगवान कृष्ण को साक्षात् पाने का मन्त्र है। भगवान कृष्ण को पाने के जितने भी तरीके हैं या होंगे उनमे से एक गोपी गीत है। इस गोपी गीत में उन्नीस श्लोक हैं। जब भगवान शरद पूर्णिमा की रात में रास लीला का प्रारम्भ करते है तो कुछ समय बाद गोपियों को मान हो जाता है कि इस जगत में हमारा भाग्य ही सबसे श्रेष्ठ है भगवान उनके मन की बात समझकर बीच रास से अंतर्ध्यान हो जाते है,व्यक्ति केवल दो ही जगह जा सकता है, एक है संसार और दूसरा है आध्यात्म या भगवान।

उन्होंने कहा कि जैसे ही भगवान से हटकर गोपियों का मन अपने ही भाग्य पर चला गया यहाँ भगवान बता रहे है कि जैसे ही भक्त मुझसे मन हटाता है वैसे ही मै चला जाता हूँ।

सप्तम दिवस की पावन पवित्र कथा मे उत्तराखंड सरकार मे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूज्य गुरु मां आनंदमई, श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, हर्ष वर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, ओंकारानंद आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी विशेश्वरनंद महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, मधुसूधन शर्मा, रवि शास्त्री आदि उपस्थित थे।

अंबेडकर स्टेडियम देहरादून में तड़के पहुंचे सीएम, बच्चों संग की जॉगिंग

आज तड़के देहरादून के ओएनजीसी स्‍टेडियम में खिलाड़ी अपनी रोजाना की प्रैक्टिस में जुटे थे कि अचानक वहां उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी पहुंच गए।

उन्‍हें अपने सामने देख खिलाड़ी उत्‍साहित नजर आए। मुख्‍यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों के साथ जॉगिग की और बाद में एक आम आदमी की तरह टी स्‍टॉल पर चाय पीने पहुंच गए।

जानकारी के मुताबिक मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी आज सुबह ओएनजीसी अंबेडकर स्टेडियम में भ्रमण के लिए पहुंचे। यहां उन्‍होंने स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ जॉगिंग की।

उन्होंने खिलाड़ियों और खेल भावना से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए अनेक बिंदुओं पर सार्थक पहल के साथ जागरूक करने की बात कही।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों एवं स्थानीय लोगों के साथ स्थानीय टी स्टॉल पर एक सामान्य नागरिक की तरह चाय पी और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का भी फीडबैक लिया।

वीरता चक्र से अलंकृत सैनिक और वीरागंनाओं को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में शहीद द्वार/स्मारकों के निर्माण कार्य अब सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से कराया जायेगा, पहले यह संस्कृति विभाग के माध्यम से कराया जाता था। वीरता चक्र श्रृंखला से अलंकृत सैनिकों एवं वीर नारियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा अनुमन्य होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस को भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का दिन बताते हुए कहा कि आज ही के दिन 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेक दिए थे। यह महान युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था, जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्म समर्पण था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिकों को विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित कर देश स्वयं सम्मानित हुआ था। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में पांचवें धाम की नींव रखते हुए देहरादून में एक भव्य ‘सैन्य धाम‘ का निर्माण प्रारंभ किया है। यह स्मारक उन सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह ना करते हुए, तिरंगे की शान एवं राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। यह सैन्य धाम आने वाली अनेकों पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना को हर संभव सुविधा दी जा रही है। आज सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। जिसके परिणाम स्वरूप इस साल चार धाम यात्रा में 46 लाख से अधिक श्रद्धालु आए। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर, आप सभी की सहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैन्य परिवार में पैदा होने के कारण मैंने सैन्य परिवारों का संघर्ष एवं दुख-दर्द को नजदीक से देखा है। सैन्य परिवारों के लिए राज्य सरकार विशेष योजनाएं बना रही है, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार सैनिक विश्राम गृहों की संख्या बढ़ाने हेतुु भी प्रयासरत है। उत्तराखंड का संपूर्ण विकास राज्य सरकार की नीति ही नहीं बल्कि कर्तव्य है, और इस कर्तव्य का पालन करने हेतु हम संकल्पबद्ध हैं।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेना के जवान हर स्थिति में देश की रक्षा हेतु मोर्चा संभाले बैठे हैं, उन्होंने कहा 1971 के भारत-पाक युद्ध में उत्तराखंड राज्य के कई जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण हेतु दिन-रात कार्यरत है। लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ही पूरी हुई। राज्य सरकार शहीदों के सम्मान में विशाल सैन्य धाम बनाने का कार्य कर रही है। साथ ही राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम उत्तराखंड के वीर सपूत एवं देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा जाएगा।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, निदेशक सैनिक कल्याण (ब्रिगे.से.नि) अमृतलाल, पूर्व सैन्य अधिकारी एवं वीरांगनाएं मौजूद रहे।