मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देशभर के साधु-संतों से मिल रही शुभकामनाएं

उत्तराखंड विधानसभा में धर्मांतरण पर सख्त कानून बनने से देश के संत-समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है। तमाम साधु-संतों की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। यही नहीं ट्वीटर पर भी आज देश में धर्म रक्षक धामी नंबर एक पर ट्रेंड हुआ।
धर्मांतरण पर सख्त कानून बनाने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही जता चुके थे। हाल ही में हुई मंत्रिमंडल बैठक में धर्मांतरण पर कानून बनाने के प्रस्ताव को पास किया गया था जिसके बाद बुधवार को राज्य सरकार की ओर से विधानसभा के पटल पर धर्मांतरण कानून को प्रस्तुत किया गया जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा लाए गए इस कानून को लेकर अब देश भर में साधु-समाज आनंदित है।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य एवं अयोध्या राम मंदिर के मुख्य ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने उत्तराखंड में धामी सरकार के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए पूरे देश के राज्यों को ऐसी पहल करने की अपील की है और धामी सरकार की पीठ थपथपाई।
स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि धामी के इस कानून से पूरे देश का संत समाज आनंदित और आह्लादित है। धर्मांतरण रोकने के लिए मुख्यमंत्री धामी एक कठोर कानून लेकर आए हैं। वासुदेवानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगा दिया है यह देश एवं समाज हेतु बेहद हितकारक है।
स्वामी परमात्मानंद ने कहा कि जो लोग बल से या कपट से धर्मांतरण करते हैं वह सबसे बड़ा पाप है। उत्तराखंड सरकार ने यह कानून पास करके नया उदाहरण दिया है। इसके लिए धामी को साधुवाद।
साध्वी प्राची ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धामी ने यह बहुत सुंदर निर्णय लिया है। यह उत्तराखंड सरकार की बहुत अच्छी पहल है। बालकानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी को हम हृदय से धन्यवाद देते हैं और प्रभु से प्रार्थना करते हैं वे समाज हित में इसी प्रकार से कार्य करते रहें। योगाचार्य बिपिन जोशी ने कहा कि धर्मांतरण पर बना कानून जरूरी और ऐतिहासिक है।
स्वामी रविन्द्र पूरी ने कहा कि इस कार्य के लिए मोदी और धामी को साधुवाद। धामी ने यह कानून बनाकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। अन्य राज्यों को भी ऐसा कानून बनाना चाहिए। राज राजेश्वरानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी कदम की सराहना करता हूं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरा किया वायदा, सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि इतिहास में दर्ज

उत्तराखंड में विधानसभा अनुपूरक बजट सत्र के दूसरे दिन दो महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पास हो गए हैं। उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2022 के पास होने के बाद प्रदेश में धर्मान्तरण को लेकर कठोर कानून का प्राविधान हो गया है। इसके अलावा उत्तराखण्ड लोकसेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 से प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था एक बार फिर से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने इन दोनों विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। बुधवार को विधानसभा में इन विधेयकों के पास होने से प्रदेश में इसे लागू करने की जल्द अधिसूचना जारी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभमि है यहां पर धर्मान्तरण जैसी चीजें हमारे लिए बहुत घातक है इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक के लिए कठोर से कठोर कानून बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इस कानून को पूरी दृढ़ता से प्रदेश में लागू किया जाएगा। वहीं उत्तराखण्ड में महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड निर्माण में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है और सरकार ने यह पहले ही तय किया था कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश में मातृशक्ति का सम्मान करते हुए उन्हें इस क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिले। महिलाओं के लिए राज्याधीन सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था देने करने यह अधिनियम मातृ शक्ति को समर्पित है।

धामी सरकार ने महिलाओं को सम्मान के साथ ही महत्वूपर्ण विधेयक सदन में पेश किये

उत्तराखंड विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन धामी सरकार के द्वारा कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे गए जिनमें से कुछ विधेयक खासा महत्वपूर्ण। यूं तो धामी सरकार के द्वारा प्रदेश के विकास को लेकर अनुपूरक बजट भी सदन के पटल पर पेश कर दिया गया है। वही विधानसभा सत्र के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर और सरकार के द्वारा पेश किए गए। जिनमें से महिला आरक्षण को लेकर भी विधेयक पेश किया गया है तो धर्मांतरण कानून में कड़े प्रावधानों के तहत भी बदलाव करते हुए सख्त बनाया गया है, उत्तर प्रदेश से सख्त धर्मांतरण कानून उत्तराखंड में सरकार के द्वारा बनाया गया है, जिसे सदन की पटल पर रखा गया है। वहीं राज्यपाल के द्वारा पूर्व में पारित किये गये विधेयक राज्य आंदोलनकारियों को 10 फ़ीसदी आरक्षण संबंधी विधेयक को भी फिर से सदन के पटल पर रखा गया है।

महिलाओं को मिलेगा हक-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण संबंधी विधेयक सदन के पटल पर रखे जाने के बाद कहा कि उनकी सरकार मातृशक्ति के हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध राज्य दिन सरकारी सेवाओं में उनके 30ः आरक्षण को सुरक्षित करने के लिए उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक को पारित करने के लिए विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत कर दिया ताकि उनके हितों को समुचित संरक्षण हो सके।

वही धर्मांतरण कानून में भी बदलाव किए गए हैं जिस के संबंध में सरकार ने धर्मांतरण संबंधी विधेयक को सदन के पटल पर रख दिया है उत्तराखंड में आप जबरन धर्मांतरण करने वालों की खैर नहीं होगी उत्तराखंड में धर्मांतरण को लेकर कड़ा कानून बनाया गया उत्तर प्रदेश से ज्यादा सख्त उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून होगा जिसके तहत कई प्रावधान किए गए हैं। जबरन धर्म परिवर्तन पर 2 साल से लेकर 7 साल तक की जेल और 25000 के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

-अवयस्क महिला एससी एसटी के धर्म परिवर्तन पर 2 साल से 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
-सामूहिक धर्म परिवर्तन पर 3 से 10 साल तक का जेल का प्रावधान और 50000 का जुर्माने का प्रावधान किया गया है
-धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के मुताबिक देवभूमि के लिए धर्मांतरण कानून सख्त होना बेहद जरूरी है, ताकि चीन और नेपाल की सीमा से लगे उत्तराखंड में धर्म परिवर्तन खतरा ना बने। जिस तरीके से देश में धर्मांतरण एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है वहीं उत्तराखंड की धामी सरकार के द्वारा धर्मांतरण कानून को सख्त बनाए जाने से देश में उत्तराखंड का भी एक मैसेज गया है उत्तराखंड की धामी सरकार धर्मांतरण को लेकर गम्भीर है।

देखा जाये तो उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन जहां विपक्ष ने बेशक सरकार को घेरने की कोशिश की हो लेकिन इसके बीच उत्तराखंड की धामी सरकार ने कई बड़े फैसले उत्तराखंड के हित में भी लिए हैं। जिसके तहत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सरकार ने सदन के पटल पर रखा है जो सदन से पास भी हो जाएंगे और कानून भी उत्तराखंड में बन जाएंगे जिसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा तो वही धर्मांतरण कानून को सख्त बनाए जाने से उत्तराखंड में धर्मांतरण के मामलों में कमी आएगी यह भी उम्मीद जताई जा रही है।

नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन कार्यक्रम को सीएम ने बताया महाअभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजपुर रोड़ देहरादून स्थित होटल में देहरादून ऑब्सेटेट्रिक्स एवं गाईन सोसाइटी द्वारा आयोजित ’नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन यात्रा-एनीमिया नेशनल राइड’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोग हमेशा ही जन सेवा का कार्य करते हैं। बिना आशा एवं अपेक्षा के स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता के संचालन का कार्य निश्चित रूप से पुण्य का कार्य है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक क्षेत्र का महाअभियान बताया। उन्होंने चम्पावत स्थित मायावती अद्वैत आश्रम में अपने प्रवास के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वहां वे मायावती अस्पताल में सूरत के एक चिकित्सक से मिले। वह साल में अपनी दो माह की सेवा, निस्वार्थ भाव से निशुल्क मायावती आश्रम के अस्पताल में देने आते हैं। उन्होंने कहा ऐसे तमाम लोग जो निस्वार्थ भाव से जनसेवा के कार्य करते हैं वह मानवता की सेवा करने वाले होते हैं। उन्होंने कहा सफल जीवन वही है जो दूसरों की सेवा में समर्पित रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चे और अच्छे मन से लोगों की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं होती, उससे आपको आत्मिक संतुष्टि होती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज संपूर्ण दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य के क्षेत्र की योजना आयुष्मान भारत योजना भारत में चलाई जा रही है, जिसमे सालाना 5 लाख रुपये के इलाज की गारंटी मिलती है। उन्होंने कहा कि एनीमिया के प्रति भी लोगों को जागरूक करना वास्तव में मातृशक्ति की बड़ी सेवा है। उत्तराखण्ड में मातृशक्ति के कल्याण के लिये विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने सदैव ही राष्ट्रहित एवं मातृ शक्ति के हित में बढ़ते कदमों को मजबूती प्रदान करने हेतु प्रतिबद्धता से प्रयास किये हैं। यह अभिनव पहल अपने उद्देश्य को चरितार्थ कर देवभूमि उत्तराखण्ड सहित भारत के अन्य क्षेत्रों में स्त्री रोग उपचार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि देवभूमि की मातृशक्ति को सशक्त एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में इसी प्रकार के प्रयास निश्चित रूप से सार्थक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारा राज्य का पूरे देश में ब्लड डोनेशन में तीसरा स्थान है, टीवी मुक्त भारत में पहले स्थान एवं एनीमिया से लड़ाई के क्षेत्र में टॉप 10 राज्यों में शामिल हैं, उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य में अभी तक 50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसमें से 6 लाख लोगों को मुफ्त में इलाज मिला है। साथ ही पूरे राज्य में जल्द ही डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने का कार्य भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा पर्वतीय क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज में फैकेल्टी स्टॉप को बढ़ाए जाने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को 50 प्रतिशत अधिक वेतन दिए जाने पर सहमति बनी है, जिससे फैकल्टी डॉक्टर की कमी पूरी होगी।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा ऋषिकेश पई, देहरादून की अध्यक्ष डॉ. आरती लूथरा डॉ. माधुरी पटेल, डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ राधिका रतूड़ी, डॉ अजय खन्ना एवं अन्य चिकित्सक, शिक्षक आदि मौजूद रहे।

एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड

उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुआ तीन दिवसीय चिंतन शिविर राज्य की नौकरशाही को एक नई ऊर्जा से लबरेज कर गया है। इस चिंतन शिविर में जहां कार्यप्रणाली की पुरानी जड़ता को खत्म करने का प्रयास हुआ तो साथ ही नौकरशाहों को चिंतन शिविर यह भरोसा भी देने में कामयाब रहा कि युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार है।
प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली से बेहद प्रभावित हैं। यूं भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि से गहरा लगाव है और पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में विशेषरूप से पर्वतीय जिलों पर ध्यान केंद्रित कर ऑल वेदर रोड से लेकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर काम गतिमान है। इन योजनाओं का सीधा लाभ पहाड़ की आर्थिकी को अभी से मिलने लगा है। बहरहाल, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदमों पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से राज्य में पहली बार आयोजित हुआ नौकरशाहों का चिंतन शिविर भी उसी तर्ज पर आयोजित हुआ जिस तरह पीएम मोदी केंद्र एवं इससे पहले गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए कर चुके हैं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में राज्य के पर्वतीय जिलों को केंद्र में रखकर आगामी वर्षों का विकास का एजेंडा तय किया गया। शिविर में खासतौर से इस बात पर जोर दिया गया कि अब समय आ गया है कि जब हम देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर से इतर एक समग्र राज्य की सोच के साथ आगे बढ़ें। योजनाएं अगर केवल इन 3 जिलों के साथ ही पर्वतीय जिलों को ध्यान में रखकर बनेंगी तो न केवल बेरोजगारी बल्कि पलायन जैसी गंभीर समस्या भी खुद ब खुद गायब हो जाएगी।
शिविर के पहले दिन जिस अंदाज में मुख्य सचिव एसएस संधू ने अपने अनुभव को नौकरशाहों के समक्ष निचोड़ कर रख डाला तो युवा अधिकारियों को वह ये भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि उत्तराखंड उनके युवा जोश का। इस्तकबाल करने के लिए तत्पर है। वहीं, उन्होंने जूनियर और सीनियर अफसरों में तारतम्य एवं योजनाओं को लेकर खुलकर निर्णय लेने की भी मंशा जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले दिन के वक्तव्य और फिर दूसरे दिन एकाएक चिंतन शिविर में एक विद्यार्थी की तरह उपस्थित रहकर दर्शाया कि राज्यंक टॉप माइंड द्वारा जो मंथन किया जा रहा था उससे निकलने वाले अमृत से उत्तराखंड का कोना-कोना तृप्त हो जाये। यह मुख्यमंत्री धामी के अपने अफसरों पर भरोसे का ही असर था कि तीन दिन तक चले चिंतन में अधिकारी इस कदर मशगूल हुए की निर्धारित समयसीमा को भी वे भूल बैठे। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मंथन शिविर में शत प्रतिशत उपस्थिति रात 8 बजे तक यह बता रही थी कि उत्तराखंड के नवनिर्माण में सब एकजुट हैं।
तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में पर्वतीय जिलों पर फोकस करते हुए बागवानी, पर्यटन, हाइड्रो पावर, योगा, कृषि आधारित सेक्टरों को बढ़ावा देने की दिशा तय हुई।

वन, उद्योग और कौशल विकास में करने होंगे कई बेहतरीन कार्य

सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर के अंतिम दिन आज वन विभाग एवं कौशल विकास के की लघु एवं दीर्घकालिक योजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।

वन विभाग
वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक अनूप मालिक द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि किस तरह से विभाग दीर्घ एवं लघु योजनाओं पर काम कर रहा है। प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच नए डेस्टिनेशन को अगले पांच वर्षों में चयनित एवं विकसित किए जाएंगे। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग लिंकेज बनाकर 10 नए डेस्टिनेशन को अगले दस वर्ष में विकसित किए जाएंगे। मानव-वन्य जीव संघर्ष को रोकने हेतु स्टेट एक्शन प्लान बनाया जाएगा। साथ ही संवेदनशील इलाकों में रैपिड रेस्पॉन्स टीमों का गठन किया जाएगा, स्टेक होल्डर्स यानि स्थानीय निवासियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में बंदरों के आतंक को कम करने के लिए बताया गया कि बंदरों को पकड़कर इनकी नसबंदी की जा रही है। वहीं, हाथी एवं बाघ के पारंपरिक गलियारों को रिस्टोर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

आयुष
सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पांडेय द्वारा आयुष को लेकर विभाग का रोडमैप बताया गया। उन्होंने कहा कि आयुष को दोबारा स्थापित करना है। उत्तराखण्ड को आयुष और योग का हब बनाना बनाना है। इस क्षेत्र में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को प्रमोट किया जा रहा है। आयुष ढांचे को अपग्रेड करने के प्रयास किये जा रहे हैं। अभी 300 वेलनेस सेन्टर राज्य में संचालित हो रहे हैं। योगा एवं नेचुरोपैथी का सेल बनाया जा रहा है। उन्होंने दवाओं के प्रमाणीकरण करने की जानकारी भी दी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर का सिस्टम बनाने की बात कही। जड़ी-बूटियों के प्रोडक्शन को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने विभाग में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को इंगित किया। राज्य में आदर्श आयुष ग्राम विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। बताया कि डेंगू में होम्योपैथी काफी कारगर साबित हो रही है।

उद्योग
डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा उद्योग के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया जिसमें बताया गया कि हरिद्वार एवं पंतनगर सिडकुल में अच्छा काम हो रहा है। इकॉनमिक डेवलपमेन्ट के लिए स्वरोजगार पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि जीआई टैगिंग के बाद हमारी मार्केटिंग ऊपर आ जाती है। इसे बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में अच्छा कार्य हो रहा है। टूरिज्म एवं सर्विस सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट पर कार्य किए जा रहे है। उद्योग जगत के लोगों को राज्य में अधिकतम इन्वेस्ट के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रोडक्ट की जी.आई. टैगिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन्वेस्टमेंट के लिए लैंड बैंक पर भी कार्य किए जा रहे हैं। गति शक्ति में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

कौशल विकास
सचिव कौशल विकास विजय कुमार यादव ने कौशल विकास पर कहा कि उद्योगों की डिमांड के हिसाब से कौशल विकास विभाग द्वारा लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। लॉन्ग टर्म एवं शॉर्ट टर्म स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्थाएं की गई हैं। फैकल्टी को भी अप स्किलिंग करने की व्यवस्था की जा रही है। अपडेटेट ट्रेनिंग मटेरियल एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ लोगों को प्रशिक्षण मिले इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आईटीआई में स्पेशल ट्रैनिंग प्रोग्राम भी आयोजित किए जा रहे हैं। ये प्रशिक्षण देश के अच्छे संस्थानों से सहयोग लेकर किए जा रहे हैं। आईटीआई सहसपुर में स्किल हब भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण देने वाले विभागों में आपसी समन्वय का होना भी जरूरी है।
कौशल विकास विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गबर्याल द्वारा पहाड़ी भवन निर्माण शैली को संरक्षित करने और रोजगार देने के उद्देश्य से हुनरशाला पहाड़ों में खोलने का सुझाव दिया गया। उनके द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कौशल विकास का पूरा ध्यान उद्योग की जरूरत पर आधारित है जबकि हम अपनी पारंपरिक हुनर को खो रहे हैं जिनके संरक्षित कर इसे पर्वतीय इलाकों में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनाया जा सकता है। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा कौशल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाने का सुझाव दिया गया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, एल फैनई, सचिवगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रीष्मकालीन राजधानी पहुंचे सीएम, कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा परिसर भराडीसैंण में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 11736 लाख रूपये की 28 योजनाओं का लोकार्पण एवं लगभग 4948 लाख की 22 योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने टैक्सी स्टैंड गैरसैंण से स्टेडियम होते हुए गढ़वाल मंडल विकास निगम तक इंटरलॉकिंग टाइल्स द्वारा मोटर मार्ग के निर्माण, पर्यटन विकास मेला मेहलचौरी के लिए दो लाख की धनराशि तथा कृषि उद्यान एवं पर्यटन विकास मेला गैरसैंण के लिए भी 2 लाख की धनराशि देने की घोषणा की। इस दौरान जिला सूचना कार्यालय चमोली द्वारा प्रकाशित जनपद की ‘‘विकास पुस्तिका’’ का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। आज हमारा प्रदेश उनके मार्गदर्शन में विकास के विभिन्न आयामों को छू रहा है। आज उत्तराखंड में हर जगह विकास के कार्य देखने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड के सुदूर क्षेत्रों को भी विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के प्रथम गांव माणा में हमारे राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा। सीएम ने कहा कि वर्तमान में जारी भर्ती कैलेण्डर के अनुसार 7 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। जल्द ही 19 हजार पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने कहा कि 22 साल के सफर में उत्तराखंड ने सफलता के कई मुकाम हासिल किए। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण से लेकर उत्तराखण्ड दृढ़ता पूर्वक विकास के रास्ते पर कदम आगे बढ़ा रहा है। यह उत्तराखण्ड वासियों के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है जल्दी ही हमारा प्रदेश विकास के नए-नए सोपान तय करेगा। उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश के लिए जीना है, काम करना है, इस भावना के साथ किये गये छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े नतीजे ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि निष्ठा और ईमानदारी के साथ रोज के कामकाज करते हुए भी प्रत्येक व्यक्ति राज्य की उन्नति में योगदान दे सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित रही सभी महिला समूहों को अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से प्रोत्साहन राशि के रूप में 5-5 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि राज्य में पलायन को रोकने के लिए प्रभावी योजनाओं का क्रियान्वयन होने से रोजगार के नए अवसर युवाओं को पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन एवं उद्योगों की अपार क्षमताएं हैं जो कि प्रदेश के विकास में मील के पत्थर साबित हो रही हैं।
इस अवसर पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, रूद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, सीडीओ डा. ललित नारायण मिश्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता, स्कूली बच्चे आदि मौजूद रहे।

पर्यावरणविद् अनिल जोशी की यात्रा ऋषिकेश पहुंची, कैबिनेट मंत्री ने किया स्वागत

प्रगति से प्रकृति पथ संकल्प लेकर महाराष्ट्र से साइकिल यात्रा लेकर चले पर्यावरणविद् अनिल जोशी आज तीर्थ नगरी पहुंचे। यहां उनका स्वागत क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पुष्पमाला पहनाकर किया।
मंगलवार को 17 सदस्यीय दल के साथ तीर्थ नगरी पहुंचे पर्यावरणविद अनिल जोशी का सम्मान कर डॉ अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में डॉक्टर जोशी का अहम योगदान है। प्रकृति के प्रति उनका प्रेम आज पर्यावरण को संजोकर रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।
गौरतलब है कि पर्यावरणविद डॉ अनिल जोशी 2 अक्टूबर को मुंबई महाराष्ट्र से साइकिल यात्रा के लिए निकले थे। उनके इस यात्रा को राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रगति से प्रकृति पथ (आर्थिक राजधानी मुंबई से पारिस्थितिकी राजधानी देहरादून तक) पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर मंगलवार को तीर्थ नगरी पहुंचे।
इस मौके पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, शिवम जोशी, पवनेश गौड़, भूषण त्यागी, दीपिका कैंतूरा, श्रुति रावत, शालिनी नेगी, चंदन सिंह बोरा, प्रमोद जोशी, गीतांशु जोशी, ऋषभ भट्ट, दिनेश रावत, मुकुल कुमार, राजीव कश्यप, अनिल डंगवाल, देवेश कोठारी, कपिल गुप्ता, सरदार सतीश सिंह, महेश पांडे, पंकज गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

अभिनव पहल-आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा

उत्तराखंड के देहरादून में स्थित CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज ने बड़ी पहल करते हुए उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करने का फ़ैसला लिया है। CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज न सिर्फ़ उच्च शिक्षा बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। ग्रुप के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी सजग इंडिया के माध्यम से बीते 15 सालों से नशे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वर्तमान में भी संस्थान द्वारा कोरोना काल में अनाथ हुए 100 बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अपनी इस पहल को आगे बढ़ाते हुए अब उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है।

आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि प्रायः हमारे प्रदेश में यह देखा गया है कि कई छात्र-छात्राओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दसवीं/बारहवीं के बाद वह उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं और कई गलत रास्तों में भटक जाते हैं और कई युवा नशे के जंजाल में फंस जाते हैं। उपरोक्त की स्थिति को देखते हुए CIMS & UIHMT Group of Colleges द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि हम अपने निजी शिक्षण संस्थान में 300 छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष निःशुल्क शिक्षा प्रदान करेंगे, ताकि वह आगे बढ़कर अपने परिवार के भरण-पोषण के साथ-साथ प्रदेश एवं देश के काम आ सकें एवं व्यसनमुक्त समाज के निर्माण में भागीदार बन सकें। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा प्रदान करके उनको शत-प्रतिशत जॉब में लाने का प्रयास किया जाएगा। प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर, 2022 तक रखी गई है, जिसमें पहले आओ, पहले पाओ के माध्यम से सीटें आवंटित की जाएगी।

CIMS &UIHMT ग्रुप की इस पहल को राज्य के कई गणमान्य व्यक्तियों का भी सहयोग मिला है। प्रेस वार्ता के दौरान राज्य आंदोलनकारी व जनकवि अतुल शर्मा ने अपना आशीर्वाद देते हुए संस्थान की इस मुहिम को सराहा। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस से पहले यह राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए बहुत बड़ा तोहफ़ा है। वहीं प्रेस वार्ता में मौजूद बॉलीवुड कलाकार हेमंत पांडे ने भी संस्थान की इस पहल को सराहा, उन्होंने कहा कि वह संस्थान के इस प्रयास का प्रचार-प्रसार ब्रांड एंबेसेडर के तौर पर निःशुल्क रूप में करेंगे। प्रेस वार्ता को लोकगायिका पद्मश्री डॉ. माधुरी बर्थवाल, सीएमआई अस्पताल के चेयरमैन डॉ. महेश कुड़ियाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने CIMS &UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज के इस प्रयास को सराहते हुए अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।

कार्यक्रम में कुरमांचल परिषद के अध्यक्ष कमल रजवार, गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, धात संस्था के महामंत्री तन्मय ममगाई, रिटायर्ड कर्नल ठाकुर सिंह, राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, बलूनी स्कूल के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी, राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान, प्रेस क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र अन्थवाल महासचिव ओपी बिंजवाल, शिक्षाविद ड़ा0 शुशील राणा, बबिता शाह लोहनी, गिरीश सनवाल सहित अनेक सामाजिक लोगों उपस्थित थे।

सत्र 2022-23 के लिए इन पाठ्यक्रमों में दिया जाएगा प्रवेश-

(B.Sc. Medical Microbiology, B.Sc. Optometry, B.Sc.Pathology, Bachelor in Hospital Administration, BBA, BCA, B.Sc.IT, B.A.(Honour), Mass Communication, B.Com (Hons.), BHM, DHM, BA, B.Com, B.Sc.(PCM/ZBC),Master in Public Health, Master in Hospital Administration, Master in Hostel Management, M.Sc. Biochemistry, M.Sc.Microbiology, M.Sc.MLT, P.G. Diploma-Diploma in Yoga Science, Diploma in Yoga, P.G. Diploma in Fitness & Sports Management, P.G. Diploma in Business Accounting & Taxation, P.G. Diploma in Journalism & Mass Communication, P.G. Diploma in Water Sanitization & Hygiene)

उक्त सीटों को भरने हेतु संस्थान द्वारा उन छात्र-छात्राओं को पहले प्राथमिकता दी जाएगी, जो कि निम्नलिखित श्रेणी में आते हैं –

1. कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चे जो कि दसवीं या बारहवीं के बाद आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं या कारोनाकाल में उनके घर के कमाऊ व्यक्ति माता या पिता की मृत्यु हो चुकी है।

2. देश एवं प्रदेश के किसी भी फोर्स (आर्मी, पुलिस, अर्धसैनिक अथवा अन्य फोर्स) में शहीद हुए उत्तराखण्ड के जवान के बच्चे जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक ना हो।

3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रित बच्चे, जिनकी आर्थिक स्थित ठीक ना हो, जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हों।

4. उत्तराखण्ड के लोक-कलाकर एवं लोक संस्कृति एवं साहित्य को जीवित रखने के लिए जो कलाकार निःस्वार्थ भाव से लगे हैं, अगर उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो उनके ऐसे बच्चों को संस्थान द्वारा दसवीं/बारहवीं बाद निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करके उनको रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

5. उत्तराखण्ड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के ऐसे बच्चे जिनकी आपदाओं के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो, को भी उच्च शिक्षा एवं रोजगारपरक शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाएगी।

6. मीडिया देश का चौथा स्तम्भ है, जहाँ पर हमारे मीडियाकर्मी भी एक सैनिक की भांति समाज को एक नई दिशा देने का काम करती है और कोरोना महामारी के बाद हमारे प्रदेश के अनेक मीडिया साथियों (प्रिंट एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया, सोशल मीडिया, स्वतंत्र पत्रकार एवं अन्य मीडिया के साथी) जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक ना हो, के परिवार के बच्चों को भी निःशुल्क उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जाएगी।

धामी सरकार में छात्र-छात्राओं के रिपोर्ट कार्ड के साथ बनेगा हेल्थ कार्ड

उत्तराखंड के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित काउंसलिंग व स्क्रीनिंग जल्द ही शुरु होने जा रही है। यह बात प्रदेश के प्रभारी सचिव स्वास्थ्य व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा राज्य स्तरीय पोषण, जीवन शैली व प्रबंधन बैठक में जानकारी देते हुए साझा की गई। देहरादून स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सभागार में आयोजित बैठक में विशेषज्ञों द्वारा बदलते जीवनशैली के मद्देनजर स्कूल के छात्र-छात्राओं के रिपोर्ट कार्ड के साथ-साथ हेल्थ कार्ड बनाने पर भी जोर दिया गया।
डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आहूत बैठक में सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों में मौजूद विशेषज्ञों द्वारा यह पाया गया कि खानपान के गलत प्रचलन व मानसिक/शारीरिक परामर्श ना होने के कारण ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, डायबिटीज (गैर संचारी रोगों) जैसी बीमारियों में तेजी आई है। इसीलिए यह आवश्यक है कि रोजमर्रा के जीवन में सही जीवनशैली को अपनाया जाए, ताकि इन गैर संचारी रोगों के प्रभाव को कम किया जा सके।
बैठक में चर्चा की गई कि स्वास्थ्य विभाग, अन्य विभागों के साथ सभी हितधारकों द्वारा ऐसी नीतियों का निर्माण किया जाए जिन नीतियों के अंतर्गत मानसिक रोगों, तनाव, डिप्रेशन, तम्बाकू नियंत्रण, कैंसर, हाइपरटेंशन, डायबिटीज, आदि (गैर-संचारी रोगों) का आकलन करते हुए, जनजागरुकता को बढ़ावा दिया जाए।
जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत डॉ. वर्तिका सक्सेना द्वारा बताया गया कि पिछले एक दशक में महिलाओं में मोटापे के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं। किशोरियों में शारीरिक गतिविधियों, खेल-खूद को बढाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि स्तनपान को बढ़ावा देने की भी जरुरत है जिससे की डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, मोटापे को कम किया जा सके।
बैठक के दौरान प्रदेश में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम हेतु स्वस्थ जीवनशैली, ईट राइट, मानसिक स्वास्थ्य, हाइपरटेंशन, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, तनाव प्रबंधन, आदि विषयों पर विभन्न विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा विचार साझा किए गए। इस बैठक के दौरान बिहेवियर चेंज, सामूहिक आई.ई.सी., इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन, आदि को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के काउंसलर के रुप में आशा कार्यकत्रियों को तैयार किए जाने पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य संबंधित काउंसलिंग व स्क्रीनिंग को विद्यालय स्तर पर प्रारंभ किए जाने पर भी बल दिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक (प्रभारी) डॉ. विनीता शाह, निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सरोज नैथानी, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. फरीदुज़फ़र, डॉ. सुजाता, ड़ॉ. पंकज सिंह, डॉ. कुलदीप मर्ताेलिया, डॉ. अर्चना ओझा, डॉ. अभय कुमार, डॉ. मंयक बड़ोला, डॉ. तुहीन कुमार, डॉ. अमलेश कुमार सिंह, डॉ. अमित शुक्ला, उपायुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन जी.सी. कंडवाल, डॉ. नीतू कोचर, आदि मौजूद रहे।