अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में एक प्रतिशत भी ढिलाई नही होगी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता हमारे राज्य की जरूरत थी। इसे लेकर हमने चुनाव से पहले ही जनता से वायदा किया था और सरकार में आते ही कमेटी का गठन कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण पर अब हमने कड़ा कानून बनाया है। इसके अंतर्गत 10 साल तक की कैद का प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से हर नए कार्य की शुरुआत होती है और जो हमारे यहां शुरू होता है वो पूरे देश में जाता है। धर्मांतरण पर कानून समय की आवश्यकता थी।
समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी के खिलाफ नहीं है। 12 फरवरी 2022 को हमने इसे लेकर संकल्प जताया था और सरकार बनने पर कमेटी बनाई। उन्होंने कहा कि हमारे बाद तमाम राज्य इस पर आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चुनाव से 6 माह पहले ही मुझे मुख्यमंत्री का दायित्व मिला था। पार्टी ने मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति को यह जिम्मा दिया। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया। इसी का नतीजा रहा कि हम उत्तराखण्ड में यह मिथक तोड़ने में कामयाब रहे कि वहां हर 5 साल में सरकार बदलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जघन्य और घिनौना कृत्य था। इसको लेकर हमने तत्काल कार्रवाई की। सारे आरोपी तत्काल गिरफ्तार किए गए। महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में एक प्रतिशत भी ढिलाई नहीं करने वाले हैं और दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलाएंगे और कठोरतम कार्रवाई के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2014 व 15 से भर्ती घोटाले चल रहे थे। हमेशा जांच की बात होती थी लेकिन जांच नहीं होती थी। हमने इसमें प्रारंभिक जांच कराई। आज अभी तक 55 लोग जेल जा चुके हैं और अंतिम व्यक्ति जब तक जेल नहीं जाएगा तब तक कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में कोई ऐसा सोच भी नहीं पाए हम कार्रवाई की ऐसी लकीर खींचना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हमारी चारधाम यात्रा बहुत बड़ी चुनौती थी। इस बार लगभग 46 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर आए। हम चारधाम में तेजी से सुविधाओं का विकास कर रहे हैं। वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ में काफी नुकसान हो गया था। लेकिन प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में चल रहे कार्यों के चलते अब सब बदल गया है। बद्रीनाथ जी में भी मास्टर प्लान पर काम चल रहा है। दिसंबर 2023 तक दोनों काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में लोग दो घंटे में दिल्ली से देहरादून आ सकेंगे। अभी एलिवेटेड रोड पर तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधामनंत्री के कहे अनुसार 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा। इस पर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत जी मेरे लिए एक अभिभावक की तरह थे। उत्तराखण्ड को लेकर उनके बहुत सारे सपने थे, जिन्हें हम पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के हाथों केदारनाथ एवं हेमकुंड के लिए रोपवे का शिलान्यास हो गया है। आने वाले दिनों में यह दोनों यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आसान हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रिम राज्य में शामिल करने के लिए संकल्पबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में उत्साह है।

हिमाचल चुनाव के बाद योगी और धामी जैसे चेहरों की तलाश में जुटी भाजपा

हिमाचल के नतीजों ने हाईकमान को सोचने में मजबूर कर दिया है कि देश में मोदी के बाद अब राज्यों में भी भाजपा को दमदार चेहरे को आगे रखकर चुनाव लड़ना होगा। जैसे यूपी में योगी और उत्तराखंड में धामी को रखकर भाजपा ने सत्ता प्राप्त की। ऐसा हम नही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े सूत्र कह रहे है।
अगर उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन ना हुआ तो 15 सीटों पर सिमट जायेगी भाजपा। कुछ ऐसा ही भाजपा के सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे के बाद हाईकमान में उत्तराखंड में एक नही दो बार परिवर्तन किया। स्वयं पीएम को देवभूमि में हस्तक्षेप करना पड़ा और भाजपा के हाथ में पुष्कर की रिपोर्ट सबसे बेहतर और संगठनात्मक पकड़ वाली साबित हुई। कहा जाये कि अगर पीएम मोदी चुनाव से पहले पुष्कर को सीएम बनाने का दूरदर्शी फैसला न करते तो उत्तराखंड में भी होते हिमाचल जैसे हालात होते। पीएम मोदी के मंत्र को आमजन तक पहुंचाने में कामयाब रहे सीएम पुष्कर धामी भले ही चुनाव हारे लेकिन सत्ता दिलाने में कायाब रहे। हालांकि आज भी उन्हें वह लॉबी नही चपा पा रही है जो उत्तराखंड में भय, भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों में लिप्त रही। हर राह में रोड़े अटका कर उनके लिए आसान राह को भी कठिन और चुनौती पूर्ण किया जा रहा। लेकिन अपनी मुस्कान की तरह ही अकेले योद्धा की तरह लड़ कर विजय हासिल कर रहे धामी। कहा जाये तो पीएम मोदी के बाद राज्य में सबसे अधिक लोकप्रिय नेता बन चुके है आज धामी।
फिर लौटते है हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों में जिसने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत का भी राज खोल दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले दूरदर्शी फैसला लेते हुए सीएम के रूप में युवा तुर्क पुष्कर धामी को कमान सौंपी। इस युवा सीएम ने भी रात दिन की अथक मेहनत कर पीएम मोदी के चेहरे, उत्तराखंड को लेकर पीएम मोदी के किए गए काम को घर घर तक पहुंचाया। कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही जनता में भी विश्वास कायम किया। उत्तराखंड में भाजपा की प्रचंड जीत इसी मेहनत का नतीजा है।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का कैडर बेदम हो चुका था। ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन, जल जीवन मिशन समेत केंद्र की तमाम योजनाओं के बावजूद जनता में जोश गायब था। जनता के इसी मूड को केंद्रीय नेतृत्व ने समय रहते भांप लिया। सीएम के रूप में मौका पहले तीरथ सिंह रावत को दिया, लेकिन उन्हें तत्काल बदल केंद्र ने युवा नेतृत्व के रूप में पुष्कर सिंह धामी को जुलाई 2021 में मौका दिया। सीएम के रूप में पुष्कर सिंह धामी ने भी सबसे पहले उत्तराखंड को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के विजन को उत्तराखंड के जन जन तक पहुंचाया। कार्यकर्ताओं, पार्टी कैडर में जोश भरा।
महज छह महीने के भीतर पूरे उत्तराखंड के गांव गांव को एक सिरे से नाप दिया। पार्टी के ही तमाम बड़े नेता जहां भाजपा की सीटों का आंकड़ा बामुश्किल दहाई के अंक तक पहुंचने के दावे कर रहे थे, उन्हीं दावों को खारिज करते हुए पीएम मोदी और सीएम पुष्कर धामी की जोड़ी ने प्रचंड जीत दिलाई। अब हिमाचल के नतीजों को देख कर केंद्रीय नेतृत्व को समझ आ गया है कि यदि जुलाई 2021 में पीएम नरेंद्र मोदी उत्तराखंड में सीएम के रूप में पुष्कर का चुनाव न करते, तो उत्तराखंड में भी हिमाचल जैसे हालात तय थे। क्योंकि उत्तराखंड में हालात हिमाचल से अधिक विकट थे। लगातार एक के बाद एक सीएम बदलने से जनता के मन में उपजे अविश्वास को विश्वास में बदलने की एक बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती से सीएम पुष्कर धामी ने मोदी मंत्र के जरिए पार पाने में सफलता हासिल की।
जुलाई 2021 से लेकर मतदान होने तक सीएम पुष्कर धामी ने 70 विधानसभाओं को कई कई बार नापा। पूरे राज्य में भाजपा का माहौल बनाने और कमजोर सीटों को जीत में बदलने के लिए वे अपनी खटीमा विधानसभा सीट को भी अधिक समय नहीं दे पाए। दूसरी ओर खटीमा सीट पर पार्टी के ही कई दिग्गज एक के बाद एक नया षड़यंत्र रचते रहे। नेताओं का फोकस खटीमा में भाजपा को जिताने से अधिक हराने पर रहा। पार्टी संगठन के तमाम बड़े दिग्गज, कैबिनेट मंत्री अपनी सीटों से बाहर ही निकल पाए। बड़े नेताओं ने प्रदेश में भ्रमण करना तो दूर अपनी बगल की सीटों तक पर झांकने की जहमत नहीं उठाई।
उत्तराखंड की इस अंदरुनी हकीकत से पीएम नरेंद्र मोदी भली भांति वाकिफ रहे। यही वजह है, जो चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद सीएम के रूप में पीएम मोदी की पहली पसंद सीएम पुष्कर सिंह धामी ही रहे। पीएमओ के इंटेलीजेंस को पूरी खबर थी कि जिस चुनाव को उत्तराखंड के भाजपा नेता हारा हुआ मान कर चल रहे थे, उसकी जीत के असल नायक पुष्कर ही हैं। पुष्कर ही रहे, जिन्होंने पीएम मोदी के विकास मंत्र को उत्तराखंड के जन जन तक पहुंचाया। अब हिमाचल के नतीजों ने भी साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में भाजपा की प्रचंड जीत ऐसे ही नहीं मिली। ऐसे में अब उत्तराखंड में सीएम पुष्कर धामी की राह में कांटे बिछाने वालों के लिए समय आसान नहीं रहने वाला है।
मोदी द्वारा दिए गए दो मंत्र मेहनत और ईमानदारी को धरातल पर उतारने में धामी कामयाब रहे। इसी वजह से प्रधानमंत्री ने अपने केदारनाथ और बद्रीनाथ के दौरे पर धामी के काम काज की तारीफ भी की।

राष्ट्रपति ने उत्तराखंड के उत्पादों की सराहना की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दून विश्वविद्यालय में उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानीय उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंनें प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह वोकल फॉर लोकल को बढावा देने के लिए सराहनीय प्रयास है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने के साथ ही उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सराहनीय प्रयास होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान उनकी भाषा-बोली एवं स्थानीय उत्पादों से होती है, इनको बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पद्मश्री बसंती बिष्ट एवं माधुरी बड़थ्वाल को लोक गायन एवं लोक संगीत के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना भी की।

एसबीएम इंटर कॉलेज में छात्रों को दी स्वेटर

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में देवभूमि वरिष्ठ जन कल्याण समिति ऋषिकेश द्वारा 100 स्वेटर वितरित की गई। श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज की प्रार्थना सभा में देवभूमि वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण समिति द्वारा निर्धन छात्र छात्राओं को स्वेटर वितरित की गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत द्वारा सभी वरिष्ठ नागरिकों का स्वागत-सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अपने समय के बहुत ही बड़ी प्रतिभा के धनी हैं जिन्होंने विभिन्न विभागों में अपने अविरल सेवाएं देकर सेवा के पावन पवित्र आलोक को प्रज्वलित रखा है। सेवानिवृत्ति के बाद सभी वरिष्ठ नागरिक आज भी संपूर्ण क्षेत्र में अपने प्रतिभाओं के माध्यम से संपूर्ण छात्र छात्राओं को युवाओं को मार्गदर्शन दे रहे हैं। समय-समय पर वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा मेडिकल कैंप गरीब बच्चों की मदद एवं अनेक प्रकार के जन सेवा के कार्य किए जाते हैं।
देवभूमि वरिष्ठ जन कल्याण के संस्थापक डा हरीश ढींगड़ा, संरक्षक के सी जोशी, समिति के अध्यक्ष एस पी अग्रवाल ने छात्र छात्राओं को अध्ययन के लिए अनेक महत्वपूर्ण टिप्स बताए। इस अवसर पर वरिष्ठ जन कल्याण समिति के हरीश आनंद, सचिव नरेंद्र दीक्षित, उमेश खेतान, महासचिव नरेश गर्ग, ओपी मुल्तानीडॉ विजय गुप्ता, उप सचिव अजीत शर्मा, सुरेंद्र आहूजा, दिनेश मुद्गल, हरि चरण सिंह आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने राज्य आपदा मोचन निधि और आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत प्रस्तावों को दी स्वीकृति

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि और राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में 208.12 करोड़ की लागत के बलियानाला ट्रीटमेंट कार्य को सहमति प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने योजना पूर्ण होने की प्रस्तावित समय 4 साल को घटा कर 2 साल में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य 2 अथवा 3 शिफ्ट में युद्ध स्तर पर किया जाए। जो कार्य समानांतर शुरू किए जा सकते हैं, किए जाएं, एवं टेंडर भी तुरंत जारी किए जाएं। मुख्य सचिव ने इस कार्य में पर्यटन को जोड़े जाने की बात कही। बैठक के दौरान 1020.09 लाख की लागत के नैनीताल में डीएसबी कॉलेज बालिका छात्रावास और ठंडी सड़क के भूस्खलन की रोकथाम कार्य को भी सहमति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को प्रदेश में मानसून काल के दौरान विभिन्न जनपदों और रेखीय विभागों को दी जाने वाली राशि उपलब्ध कराने में उदारवादी होने की बात कही। साथ ही निर्देश दिए कि विभागों को टारगेट दिए जाएं ताकि तेजी से कार्य पूर्ण किए जा सकें, इससे आमजन की समस्याओं का तेजी से निस्तारण किया जा सकेगा। बैठक में 15.00 करोड़ की लागत से आपदा के त्वरित प्रतिवादन हेतु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आईआरएस सिस्टम और सॉफ्टवेयर विकास कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने इसमें आईटीडीए को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने 30.00 करोड़ की लागत के प्राकृतिक विपत्तियों के कारण क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की तात्कालिक मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को सहमति देते हुए उत्तराखण्ड जल संस्थान को प्रदेशभर के अधिक से अधिक कार्यों को शामिल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विपत्तियों के कारण पाइपलाइंस टूटने से बहुत से क्षेत्रों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है, इसके लिए शीघ्र बैठकें आयोजित कर सैचुरेशन प्लान तैयार किया जाए।

समिति की बैठक के दौरान 175.00 लाख की लागत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी (आईआईटीएम) पुणे के माध्यम से देहरादून और श्रीनगर में वज्रपात की चेतावनी हेतु सेंसर लगाए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इस अवसर पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, आर. राजेश कुमार, हरि चंद्र सेमवाल एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत एवं अपर सचिव आपदा प्रबंधन सविन बंसल आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देशभर के साधु-संतों से मिल रही शुभकामनाएं

उत्तराखंड विधानसभा में धर्मांतरण पर सख्त कानून बनने से देश के संत-समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है। तमाम साधु-संतों की ओर से इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। यही नहीं ट्वीटर पर भी आज देश में धर्म रक्षक धामी नंबर एक पर ट्रेंड हुआ।
धर्मांतरण पर सख्त कानून बनाने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही जता चुके थे। हाल ही में हुई मंत्रिमंडल बैठक में धर्मांतरण पर कानून बनाने के प्रस्ताव को पास किया गया था जिसके बाद बुधवार को राज्य सरकार की ओर से विधानसभा के पटल पर धर्मांतरण कानून को प्रस्तुत किया गया जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा लाए गए इस कानून को लेकर अब देश भर में साधु-समाज आनंदित है।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य एवं अयोध्या राम मंदिर के मुख्य ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने उत्तराखंड में धामी सरकार के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए पूरे देश के राज्यों को ऐसी पहल करने की अपील की है और धामी सरकार की पीठ थपथपाई।
स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि धामी के इस कानून से पूरे देश का संत समाज आनंदित और आह्लादित है। धर्मांतरण रोकने के लिए मुख्यमंत्री धामी एक कठोर कानून लेकर आए हैं। वासुदेवानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगा दिया है यह देश एवं समाज हेतु बेहद हितकारक है।
स्वामी परमात्मानंद ने कहा कि जो लोग बल से या कपट से धर्मांतरण करते हैं वह सबसे बड़ा पाप है। उत्तराखंड सरकार ने यह कानून पास करके नया उदाहरण दिया है। इसके लिए धामी को साधुवाद।
साध्वी प्राची ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धामी ने यह बहुत सुंदर निर्णय लिया है। यह उत्तराखंड सरकार की बहुत अच्छी पहल है। बालकानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी को हम हृदय से धन्यवाद देते हैं और प्रभु से प्रार्थना करते हैं वे समाज हित में इसी प्रकार से कार्य करते रहें। योगाचार्य बिपिन जोशी ने कहा कि धर्मांतरण पर बना कानून जरूरी और ऐतिहासिक है।
स्वामी रविन्द्र पूरी ने कहा कि इस कार्य के लिए मोदी और धामी को साधुवाद। धामी ने यह कानून बनाकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। अन्य राज्यों को भी ऐसा कानून बनाना चाहिए। राज राजेश्वरानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी कदम की सराहना करता हूं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरा किया वायदा, सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि इतिहास में दर्ज

उत्तराखंड में विधानसभा अनुपूरक बजट सत्र के दूसरे दिन दो महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पास हो गए हैं। उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2022 के पास होने के बाद प्रदेश में धर्मान्तरण को लेकर कठोर कानून का प्राविधान हो गया है। इसके अलावा उत्तराखण्ड लोकसेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 से प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था एक बार फिर से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने इन दोनों विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। बुधवार को विधानसभा में इन विधेयकों के पास होने से प्रदेश में इसे लागू करने की जल्द अधिसूचना जारी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभमि है यहां पर धर्मान्तरण जैसी चीजें हमारे लिए बहुत घातक है इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक के लिए कठोर से कठोर कानून बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इस कानून को पूरी दृढ़ता से प्रदेश में लागू किया जाएगा। वहीं उत्तराखण्ड में महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड निर्माण में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है और सरकार ने यह पहले ही तय किया था कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश में मातृशक्ति का सम्मान करते हुए उन्हें इस क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिले। महिलाओं के लिए राज्याधीन सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था देने करने यह अधिनियम मातृ शक्ति को समर्पित है।

धामी सरकार ने महिलाओं को सम्मान के साथ ही महत्वूपर्ण विधेयक सदन में पेश किये

उत्तराखंड विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन धामी सरकार के द्वारा कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे गए जिनमें से कुछ विधेयक खासा महत्वपूर्ण। यूं तो धामी सरकार के द्वारा प्रदेश के विकास को लेकर अनुपूरक बजट भी सदन के पटल पर पेश कर दिया गया है। वही विधानसभा सत्र के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर और सरकार के द्वारा पेश किए गए। जिनमें से महिला आरक्षण को लेकर भी विधेयक पेश किया गया है तो धर्मांतरण कानून में कड़े प्रावधानों के तहत भी बदलाव करते हुए सख्त बनाया गया है, उत्तर प्रदेश से सख्त धर्मांतरण कानून उत्तराखंड में सरकार के द्वारा बनाया गया है, जिसे सदन की पटल पर रखा गया है। वहीं राज्यपाल के द्वारा पूर्व में पारित किये गये विधेयक राज्य आंदोलनकारियों को 10 फ़ीसदी आरक्षण संबंधी विधेयक को भी फिर से सदन के पटल पर रखा गया है।

महिलाओं को मिलेगा हक-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण संबंधी विधेयक सदन के पटल पर रखे जाने के बाद कहा कि उनकी सरकार मातृशक्ति के हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध राज्य दिन सरकारी सेवाओं में उनके 30ः आरक्षण को सुरक्षित करने के लिए उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक को पारित करने के लिए विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत कर दिया ताकि उनके हितों को समुचित संरक्षण हो सके।

वही धर्मांतरण कानून में भी बदलाव किए गए हैं जिस के संबंध में सरकार ने धर्मांतरण संबंधी विधेयक को सदन के पटल पर रख दिया है उत्तराखंड में आप जबरन धर्मांतरण करने वालों की खैर नहीं होगी उत्तराखंड में धर्मांतरण को लेकर कड़ा कानून बनाया गया उत्तर प्रदेश से ज्यादा सख्त उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून होगा जिसके तहत कई प्रावधान किए गए हैं। जबरन धर्म परिवर्तन पर 2 साल से लेकर 7 साल तक की जेल और 25000 के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

-अवयस्क महिला एससी एसटी के धर्म परिवर्तन पर 2 साल से 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
-सामूहिक धर्म परिवर्तन पर 3 से 10 साल तक का जेल का प्रावधान और 50000 का जुर्माने का प्रावधान किया गया है
-धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के मुताबिक देवभूमि के लिए धर्मांतरण कानून सख्त होना बेहद जरूरी है, ताकि चीन और नेपाल की सीमा से लगे उत्तराखंड में धर्म परिवर्तन खतरा ना बने। जिस तरीके से देश में धर्मांतरण एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है वहीं उत्तराखंड की धामी सरकार के द्वारा धर्मांतरण कानून को सख्त बनाए जाने से देश में उत्तराखंड का भी एक मैसेज गया है उत्तराखंड की धामी सरकार धर्मांतरण को लेकर गम्भीर है।

देखा जाये तो उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन जहां विपक्ष ने बेशक सरकार को घेरने की कोशिश की हो लेकिन इसके बीच उत्तराखंड की धामी सरकार ने कई बड़े फैसले उत्तराखंड के हित में भी लिए हैं। जिसके तहत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सरकार ने सदन के पटल पर रखा है जो सदन से पास भी हो जाएंगे और कानून भी उत्तराखंड में बन जाएंगे जिसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा तो वही धर्मांतरण कानून को सख्त बनाए जाने से उत्तराखंड में धर्मांतरण के मामलों में कमी आएगी यह भी उम्मीद जताई जा रही है।

नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन कार्यक्रम को सीएम ने बताया महाअभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजपुर रोड़ देहरादून स्थित होटल में देहरादून ऑब्सेटेट्रिक्स एवं गाईन सोसाइटी द्वारा आयोजित ’नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन यात्रा-एनीमिया नेशनल राइड’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोग हमेशा ही जन सेवा का कार्य करते हैं। बिना आशा एवं अपेक्षा के स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता के संचालन का कार्य निश्चित रूप से पुण्य का कार्य है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक क्षेत्र का महाअभियान बताया। उन्होंने चम्पावत स्थित मायावती अद्वैत आश्रम में अपने प्रवास के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वहां वे मायावती अस्पताल में सूरत के एक चिकित्सक से मिले। वह साल में अपनी दो माह की सेवा, निस्वार्थ भाव से निशुल्क मायावती आश्रम के अस्पताल में देने आते हैं। उन्होंने कहा ऐसे तमाम लोग जो निस्वार्थ भाव से जनसेवा के कार्य करते हैं वह मानवता की सेवा करने वाले होते हैं। उन्होंने कहा सफल जीवन वही है जो दूसरों की सेवा में समर्पित रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चे और अच्छे मन से लोगों की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं होती, उससे आपको आत्मिक संतुष्टि होती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज संपूर्ण दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य के क्षेत्र की योजना आयुष्मान भारत योजना भारत में चलाई जा रही है, जिसमे सालाना 5 लाख रुपये के इलाज की गारंटी मिलती है। उन्होंने कहा कि एनीमिया के प्रति भी लोगों को जागरूक करना वास्तव में मातृशक्ति की बड़ी सेवा है। उत्तराखण्ड में मातृशक्ति के कल्याण के लिये विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने सदैव ही राष्ट्रहित एवं मातृ शक्ति के हित में बढ़ते कदमों को मजबूती प्रदान करने हेतु प्रतिबद्धता से प्रयास किये हैं। यह अभिनव पहल अपने उद्देश्य को चरितार्थ कर देवभूमि उत्तराखण्ड सहित भारत के अन्य क्षेत्रों में स्त्री रोग उपचार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि देवभूमि की मातृशक्ति को सशक्त एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में इसी प्रकार के प्रयास निश्चित रूप से सार्थक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारा राज्य का पूरे देश में ब्लड डोनेशन में तीसरा स्थान है, टीवी मुक्त भारत में पहले स्थान एवं एनीमिया से लड़ाई के क्षेत्र में टॉप 10 राज्यों में शामिल हैं, उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य में अभी तक 50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसमें से 6 लाख लोगों को मुफ्त में इलाज मिला है। साथ ही पूरे राज्य में जल्द ही डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने का कार्य भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा पर्वतीय क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज में फैकेल्टी स्टॉप को बढ़ाए जाने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को 50 प्रतिशत अधिक वेतन दिए जाने पर सहमति बनी है, जिससे फैकल्टी डॉक्टर की कमी पूरी होगी।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा ऋषिकेश पई, देहरादून की अध्यक्ष डॉ. आरती लूथरा डॉ. माधुरी पटेल, डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ राधिका रतूड़ी, डॉ अजय खन्ना एवं अन्य चिकित्सक, शिक्षक आदि मौजूद रहे।

एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड

उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुआ तीन दिवसीय चिंतन शिविर राज्य की नौकरशाही को एक नई ऊर्जा से लबरेज कर गया है। इस चिंतन शिविर में जहां कार्यप्रणाली की पुरानी जड़ता को खत्म करने का प्रयास हुआ तो साथ ही नौकरशाहों को चिंतन शिविर यह भरोसा भी देने में कामयाब रहा कि युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार है।
प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली से बेहद प्रभावित हैं। यूं भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि से गहरा लगाव है और पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में विशेषरूप से पर्वतीय जिलों पर ध्यान केंद्रित कर ऑल वेदर रोड से लेकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर काम गतिमान है। इन योजनाओं का सीधा लाभ पहाड़ की आर्थिकी को अभी से मिलने लगा है। बहरहाल, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदमों पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से राज्य में पहली बार आयोजित हुआ नौकरशाहों का चिंतन शिविर भी उसी तर्ज पर आयोजित हुआ जिस तरह पीएम मोदी केंद्र एवं इससे पहले गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए कर चुके हैं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में राज्य के पर्वतीय जिलों को केंद्र में रखकर आगामी वर्षों का विकास का एजेंडा तय किया गया। शिविर में खासतौर से इस बात पर जोर दिया गया कि अब समय आ गया है कि जब हम देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर से इतर एक समग्र राज्य की सोच के साथ आगे बढ़ें। योजनाएं अगर केवल इन 3 जिलों के साथ ही पर्वतीय जिलों को ध्यान में रखकर बनेंगी तो न केवल बेरोजगारी बल्कि पलायन जैसी गंभीर समस्या भी खुद ब खुद गायब हो जाएगी।
शिविर के पहले दिन जिस अंदाज में मुख्य सचिव एसएस संधू ने अपने अनुभव को नौकरशाहों के समक्ष निचोड़ कर रख डाला तो युवा अधिकारियों को वह ये भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि उत्तराखंड उनके युवा जोश का। इस्तकबाल करने के लिए तत्पर है। वहीं, उन्होंने जूनियर और सीनियर अफसरों में तारतम्य एवं योजनाओं को लेकर खुलकर निर्णय लेने की भी मंशा जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले दिन के वक्तव्य और फिर दूसरे दिन एकाएक चिंतन शिविर में एक विद्यार्थी की तरह उपस्थित रहकर दर्शाया कि राज्यंक टॉप माइंड द्वारा जो मंथन किया जा रहा था उससे निकलने वाले अमृत से उत्तराखंड का कोना-कोना तृप्त हो जाये। यह मुख्यमंत्री धामी के अपने अफसरों पर भरोसे का ही असर था कि तीन दिन तक चले चिंतन में अधिकारी इस कदर मशगूल हुए की निर्धारित समयसीमा को भी वे भूल बैठे। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मंथन शिविर में शत प्रतिशत उपस्थिति रात 8 बजे तक यह बता रही थी कि उत्तराखंड के नवनिर्माण में सब एकजुट हैं।
तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में पर्वतीय जिलों पर फोकस करते हुए बागवानी, पर्यटन, हाइड्रो पावर, योगा, कृषि आधारित सेक्टरों को बढ़ावा देने की दिशा तय हुई।