सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर की सक्रियता से युवाओं की समस्याओं का हो रहा निराकरण

मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर नितिन सिंह रावत इन दिनों लगातार युवाओं से सपंर्क कर संवाद स्थापित कर रहे है। दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका निराकरण करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना उनके दिनचर्या का हिस्सा है। अपने दैनिक कार्यक्रमों में से वह प्रतिदिन मुख्यमंत्री की विधानसभा के क्षेत्रों में युवाओं से संपर्क कर एक टीम का गठन भी कर रहे है। इस दौरान युवाओं से संवाद कर सरकार के कार्यों की चर्चा और उन्हें बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सरकार और क्षेत्र के लोगों के बीच पुल का माध्यम बनकर कार्य कर रहे है।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर नितिन रावत आज डोईवाला विधानसभा के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र इठारना पहुंचे। यहां नव युवक मंगल दल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

खास बात यह रही कि इठारना गांव के साथ ही मतसी, केमट, मानकी, गोनेन्ड क्षेत्र के युवा यहां पहुंचे थे। नितिन रावत ने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यो और युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की युवाओं को जानकारी दी। उन्होंने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों को धरातल पर परखा। युवाओं ने उन्हें बताया कि क्षेत्र में मुख्यमंत्री के द्वारा कई कार्य किये जा रहे है। क्षेत्र की जनता भी उनके कार्यों से सतुंष्ठ है।
गौरतलब है कि नितिन रावत मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया के अलावा उनके क्षेत्र के कार्यों का भी संपादन करते है। मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले नितिन रावत ईमानदार कार्यप्रणाली और साफ छवि के युवा है। माना जाता है कि मुख्यमंत्री तक क्षेत्र की समस्या पहुंचना और सही जानकारी देने से मुख्यमंत्री को काफी मदद मिलती है।
इस अवसर पर बालावाला, शमशेर गढ़ और आगरखाल के युवाओं की टीम ने भी उनसे मुलाकात की और अपने क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। इस मौके पर राजीव रावत, मोंटी रावत, सोहन, मोहन, दिनेश, मयंक, रश्मि नेगी, ज्योति सहित सैकंड़ों की संख्या में युवा मौजूद रहे।

आत्मनिर्भर व डिजिटल लेनदेन के लिए फेरी व्यवसाइयों को किया जागरुक

अवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय भारत के निर्देश पर नगर पालिका परिषद मुनिकीरेतीे-ढालवाला के फेरी व्यवसाइयों को पीएम स्वनिधि योजना (मैं भी डिजिटल) के तहत आत्मनिर्भर बनाने और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरुक किया गया।

पालिका सभागार में आयोजित पीएम स्वनिधि योजना के तहत लगाए गए प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि आधुनिक युग में डिजिटल लेनदेन की जानकारी होने के बाद धोखाधड़ी जैसे मामलों से बचा जा सकता है। कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत पालिका फेरी व्यवसाइयों का पूर्ण सहयोग करने में लगी है। ईओ बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि पालिका क्षेत्र के अधिकांश फेरी व्यवसाइयों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिल चुका है।

कहा कि कोरोना में लगे लाॅकडाउन के कारण फेरी व्यवाइयों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है। इससे उबारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत फेरी व्यवसाइयों को 10 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया कि पालिका क्षेत्र में 184 फेरी व्यवसाई हैं। इनमें 80 प्रतिशत से अधिक को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरुक करने के लिए प्रत्येक फेरी व्यवसाई को बैंक, पेटीएम, गूगल पे और भीम पे आदि की ओर से बारकोड उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिजिटल लेनदेन के लिए मोबाइल का बैंक में लिंक होना अति आवश्यक है। इससे फेरी व्यवसाई के खाते में लेनदेन होने पर मोबाइल पर मैसेज की सुविधा मिल सकेगी। बताया कि इस योजना के तहत फेरी व्यवसाइयों को डिजिटल लेनदेन पर 100 रुपए मासिक कैशबेक भी प्राप्त होता है। इसके बाद विभिन्न बैंको से आए प्रतिनिधियों ने फेरी व्यवसाइयों को बारकोड बांटे और मोबाइल पर डिजिटल लेनदेन करने की जानकारी दी।

मौके पर आईओबी बैंेक के शाखा प्रबंधक अजिताभ, यूनियन बैंक से शशांक बिजल्वाण, एसबीआई स्वर्गाश्रम से ज्योति, पीएनबी से मनोज राणा, बैंक आॅफ इंडिया से अमित ध्यानी, सिटी मिशन मैनेजर अरविंद जोशी, नीलम उनियाल, अनिता नेगी, स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार, कर अधीक्षक अनुराधा गोयल और फेरी व्यवसाई उपस्थित थे।

स्नान, दान, दक्षिणा देकर मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं ने कमाया पुण्य

तीर्थनगरी में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर त्रिवेणी घाट पर आस्था का सैलाब देखने को मिला। मौके पर श्रद्धालुओं ने स्नान, दान, दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। साथ ही महाकुंभ के आगाज पर गंगा में आस्था की डुबकी भी लगाई।

दरअसल, आज मकर संक्रांति पर्व के साथ महाकुंभ 2021 का प्रमुख पहला स्नान भी था। इसके चलते ऋषिकेश सहित आसपास क्षेत्र मुनिकीरेती, रानीपोखरी, डोईवाला, रायवाला, छिद्दरवाला, नेपाली फार्म, भानियावाला, नरेंद्रनगर, यमकेश्वर आदि आसपास क्षेत्रों से लोग गंगा घाटों पर पहुंचे और गंगा में स्नान कर भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया। इसी के साथ श्रद्धालुओं ने कच्चे चावल, उरद की साबुत दाल, घी, मसाले तथा दक्षिणा दान में दी। त्रिवेणी घाट सहित तीर्थनगरी के विभिन्न घाट जैसे 72सीढ़ी, सांई घाट, नाव घाट, पूर्णानंद घाट, शत्रुघन घाट, रामझूला, लक्ष्मणझूला, रामानंद घाट आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहीं। हालांकि आज गुरूवार की साप्ताहिक बंदी रही। मगर, फिर भी भीड़ उमड़ी रही।

देव डोलियों ने किया गंगा स्नान
त्रिवेणी घाट पर विभिन्न धामों की देव डोलियां नरेंद्रनगर, रानीपोखरी, देहरादून, डाट काली आदि देवियों की डोलियां पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने नाचती हुई डोलियों के दर्शन भी किए। तो श्रद्धालुओं ने देव डोलियों की परिक्रमा कर आर्शीवाद प्राप्त किया।

खिचड़ी प्रसाद बांटकर की सुख समृद्धि की कामना
नगरभर में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर घाट रोड, त्रिवेणी घाट, बस अड्डा, देहरादून मार्ग, हरिद्वार मार्ग, लक्ष्मणझूला मार्ग, कैंप कार्यालय विधानसभा अध्यक्ष सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही मां गंगा से सुख समृद्धि की कामना भी की गई।

सेना दिवस के उपलक्ष्य में एम्स परिसर में गूंजे देशभक्ति गीत

सेना दिवस के उपलक्ष्य में आर्टी ब्रिगेड रायवाला के तत्वावधान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आर्मी बैंड का शानदार प्रदर्शन किया गया। एम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पाईप बैंड पर विभिन्न देशभक्ति गीतों की धुनों की प्रस्तुति से सेना के जवानों ने मौजूद लोगों में जोश और उत्साह भर दिया।

भारतीय सेना के शौर्य व गौरव के रूप में हरवर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। दिवस के उपलक्ष्य में रायवाला छावनी के स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर आकाश बजाज की देखरेख में ’6 माउन्टेन आर्टी ब्रिगेड’ की पाईप बैंड टीम ने बुधवार को ऋषिकेश एम्स परिसर में वि​भिन्न देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। बैंड मास्टर जेसीओ के नेतृत्व में 12 सदस्यीय बैंड टीम ने बैंड डिस्प्ले का प्रदर्शन करते हुए ’सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा हमारा….’ आदि देशभक्ति गीतों के माध्यम से लोगों में जोश भर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने सेना के बैंड की श्रंखलाबद्ध शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की।

निदेशक एम्स प्रो. रविकांत ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और अस्पताल में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों में देशभक्ति की भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से वीर शहीदों का सम्मान, सेना के अनुशासन, एकता और शौर्य का प्रदर्शन होता है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कार्यक्रम के दौरान मौजूद सेना के अधिकारियों व बैंड टीम द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की सराहना की। साथ ही एम्स निदेशक इस मौके पर देश रक्षा व आवाम की सुरक्षा में सीमाओं पर तैनात भारतीय सेना के बहुमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में मौजूद लेफ्टिनेंट कर्नल विजय कुमार ने बताया कि इसी दिवस पर लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले ’कमाण्डर इन चीफ’ का कार्यभार संभाला था। तभी से इस दिन को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान मेजर चंद्रप्रकाश, सूबेदार भादर सिंह, डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. लतिका मोहन, डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा, वित्तीय सलाहकार कमांडेंट पीके मिश्रा, प्रो. संजीव कुमार मित्तल, रजिस्ट्रार राजीव चैधरी, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल सहित संस्थान के फैकल्टी मेंबर्स मौजूद थे।

आपका बजट आपके सुझावः 20 जनवरी तक आप भी दें सुझाव

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने समाज के प्रबुद्ध लोगों एवं युवाओं, महिलाओं से ’आपका बजट आपके सुझाव’ के तहत अपने अमूल्य सुझाव देने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए जितने महत्वपूर्ण सुझाव आयेंगे, उन सुझावों को ध्यान में रखकर बजट बनाया जायेगा।
बजट 2021-22 के लिए 20 जनवरी 2021 तक जनता से सुझाव मांगे गये हैं। कोई भी व्यक्ति राजकोषीय नियोजन एवं संसाधन निदेशालय की वेबसाइट https://budget.uk.gov.in/feedback एवं मोबाईल एप्प Uttarakhand Budget गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर अपना सुझाव दे सकते हैं।

वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज बनाने को निगम ने लिखा पत्र

ऋषिकेश योग नगरी रेलवे स्टेशन पर अब लंबी दूरी की ट्रेनें पहुंचेंगे इसी के मद्देनजर वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज बनाने की मांग भी उठने लगी है इस संबंध में नगर निगम ऋषिकेश प्रशासन की ओर से डीआरएम मुरादाबाद उत्तर रेलवे को पत्र लिखा गया है। यह पत्र आज मेयर अनिता ममगाईं की मौजूदगी में पार्षद विपिन पंत ने डीआरएम को सौंपा।

निगम की ओर से मुख्य नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह ने पत्र के जरिए बताया कि पार्षद विपिन पंत ने बीते वर्ष बोर्ड की बैठक में एक प्रस्ताव दिया था। जिसमें अमित ग्राम गुमानीवाला, दूसरा फॉर्म गुल रानी फॉर्म मनसा देवी तथा भक्तों वाला आदि ग्राम वासियों के रेलवे स्टेशन के समीप होने की बात कही थी। इसी के तहत पार्षद ने यहां एक और ब्रिज बनाए जाने की मांग की थी, बोर्ड के द्वारा ग्राम वासियों की समस्या को देखते हुए वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव पास किया था। एमएनए ने इस संबंध में डीआरएम को अनुरोध करते हुए इस ब्रिज का निर्माण कराने की मांग की।

साॅलिड वेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए मुनिकीरेती पालिका को मिली 46 लाख रूपए की पहली किश्त

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहरी विकास विभाग के तहत महाकुंभ मेला के तहत मुनिकीरेती नगरपालिका को साॅलिड वेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर (कलेक्शन एंड ट्रांसपोर्टेशन) के लिए 114.92 लाख की स्वीकृति दी है। इसमें से पहली किश्त के रूप में 46 लाख की राशि जारी की गई है। हरिद्वार जिले के झबरेडा विधानसभा क्षेत्र के कृष्णानगर सलेमपुर नालों के निर्माण के तहत 96.59 लाख की स्वीकृति के साथ 38.64 लाख की राशि इस साल जारी करने को भी मंजूरी दी गई है।

भरत विहार पार्क के जीर्णोद्धार की कवायद होने पर मेयर का अभिनंदन करने पहुंचे क्षेत्रवासी

ऋषिकेश के भरत विहार के पार्क का जीर्णाद्धार होने की कवायद शुरू होने लगी है, यहां बच्चों को लुभाने के लिए पुराने टायरों से आकर्षक डायनासोर बनाया जाएगा। इसके अलावा जगमग रोशनी में नहाते हुए यह पार्क बैडमिंटन और वाॅलीबाल के शौकीनों के लिए उपयुक्त साबित होगा। इसके अलावा भी बहुत कुछ इसमें शामिल होने जा रहा है।

आज क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। भरत विहार क्षेत्र के लोगों ने मेयर अनिता ममगाईं का आभार जताया। क्षेत्रवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल निगम कार्यालय में मेयर से मिला और उनके द्वारा हाईटेक तकनीक के साथ पार्को के जीर्णोद्धार पर उनका अभिनंदन किया।इस दौरान महापौर ने अभिनंदन करने पहुंचे क्षेत्रवासियों को बताया कि पिछले ढेड दशक से शहर के विभिन्न क्षेत्रों के पार्क रखरखाव के अभाव में बेरोनक होने के बाद अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे थे। उनके द्वारा निगम की कमान संभालते ही पार्को के जीर्णोद्धार की योजना तैयार कर ली गई थी। अब इनका कायाकल्प शुरू हो गया है। जल्द ही शहर के पार्क दूधिया रोशनी में नहाकर अपनी खूबसूरती के जरिए सबके आकर्षण का केंद्र बनेंगे। अभिनंदन करने वालों ने जितेंद्र बर्तवाल, पीके जैन, राजेंद्र पंत रजनीश जोशी, सत्येंद्र शर्मा, एमएस ठाकुर, वीके देवरानी, सीएम भट्ट, नील कण्ठ सकलानी, एडवोकेट अशोक यादव आदि शामिल थे।

यह सुविधाएं पार्क में होंगी शामिल
बैडमिंटन और वॉलीवाल कोर्ट
पुराने टायरों से बना डायनासोर
जगमग रोशनी
रबर मैटिंग वाकिंग पाथवे
आरामदायक बेंचेस
झूले

नजरियाः अब श्रद्धालु आसानी से जा सकेंगे बदरीनाथ धाम

डोबराचांटी पुल के बाद त्रिवेन्द्र सरकार ने एक और ऐसे प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लिया है जो बीते ढाई दशकों (26 वर्ष) से अटका हुआ था। बदरीनाथ धाम की यात्रा में नासूर बने ‘लामबगड़ स्लाइड जोन’ का स्थायी ट्रीटमेंट कर लिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की इच्छाशक्ति और सख्ती की बदौलत यह प्रोजेक्ट महज दो वर्ष में ही पूरा हो गया। तकरीबन
500 मीटर लम्बे स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट 107 करोड़ की लागत से किया गया। अब बदरीनाथधाम की यात्रा निर्बाध हो सकेगी, जिससे तीर्थयात्रियों को परेशानियों से निजात मिलेगी।

सीमांत जनपद चमोली में 26 साल पहले ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर पाण्डुकेश्वर के पास लामबगड़ में पहाड़ के दरकने से स्लाड जोन बन गया। हल्की सी बारिश में ही पहाड़ से भारी मलवा सड़क पर आ जाने से हर साल बदरीनाथधाम की यात्रा अक्सर बाधित होने लगी। लगभग 500 मीटर लम्बा यह जोन यात्रा के लिए नासूर बन गया। पिछले ढाई दशकों में इस स्थान पर खासकर बरसात के दिनों मे कई वाहनों के मलवे में दबने के साथ ही कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। करोड़ों खर्च होने पर भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। पूर्व मे जब लामबगड़ में बैराज का निर्माण किया जा रहा था, तब जेपी कंपनी ने इस स्थान सुरंग निर्माण का प्रस्ताव रखा, लेकिन उस वक्त यह सड़क बीआरओ के अधीन थी और बीआरओ ने भी सुरंग बनाने के लिए हामी भर दी थी। दोनों के एस्टीमेट कास्ट मे बड़ा अंतर होने के कारण मामला अधर मे लटक गया था। इसके बाद वर्ष 2013 की भीषण आपदा में लामबगड स्लाइड जोन में हाईवे का नामोनिशां मिट गया। तब सडक परिवहन मंत्रालय ने लामबगड स्लाइड जोन के स्थाई ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी एनएच पीडब्लूडी को दी। एनएच से विदेशी कम्पनी मैकाफेरी नामक कंपनी ने यह कार्य लिया। फॉरेस्ट क्लीयरेंस समेत तमाम अड़चनों की वजह से ट्रीटमेंट का यह काम धीमा पड़ता गया।

वर्ष 2017 में त्रिवेन्द्र सरकार के सत्ता में आते ही ये तमाम अड़चनें मिशन मोड में दूर की गईं और दिसम्बर 2018 में प्रोजेक्ट का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ। महज दो वर्ष में अब यह ट्रीटमेंट पूरा हो चुका है। अगले 10 दिन के भीतर इसे जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इसे त्रिवेन्द्र सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

दिव्यांग कार्मिकों को त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा तोहफा


सरकारी आवासों के आवंटन में दिव्यांग कार्मिकों को मिलने वाला आरक्षण तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत किया गया

राज्य के सरकारी विभागों में कार्यरत दिव्यांग कार्मिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। त्रिवेंद्र सरकार ने सरकारी आवासों के आवंटन में दिव्यांग कार्मिकों को मिलने वाला आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दिया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से जाहिर तौर पर दिव्यांग कार्मिकों को अब पहले से ज्यादा संख्या में सरकारी आवास मिल सकेंगे।

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार द्वारा लगातार जनहित में लोकप्रिय निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब त्रिवेंद्र सरकार ने दिव्यांग कार्मिकों की समस्या को समझते हुए उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है। दीगर है कि पूर्व में दिव्यांग कार्मिकों को सरकारी आवास पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। कई बार पात्र दिव्यांग कार्मिक सरकारी आवास पाने से वंचित रह जाते थे क्योंकि उस समय दिव्यांग कार्मिकों को केवल 3 प्रतिशत आरक्षण ही सरकारी आवासों के आवंटन में मिल पा रहा था लेकिन अब राज्य सरकार ने उनकी इस पीड़ा को समझते हुए इसे दूर करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मार्ग-दर्शन में राज्य के समाज कल्याण विभाग ने सरकारी आवासों, भवनों के आवंटन में समस्त श्रेणी के दिव्यांग कार्मिकों के लिए निर्धारित तीन प्रतिशत के आरक्षण को बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। इस संबंध में राज्य संपत्ति विभाग ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का अनुमोदन प्राप्त करने के बाद समस्त विभागों को आवास आवंटन के लिए जारी किए जाने वाले निर्देश का आलेख्य भी तैयार कर दिया गया है।