निर्धन लोगों में मेयर अनिता ने बांटी रजाई

खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोगों को मेयर अनिता ममगाईं ने रजाई वितरित की। इस दौरान रोटरी क्लब का भी सहयोग लिया गया। मेयर अनिता ने ऐसे निर्धन लोगों की मदद करने के लिए संगठनों से आगे आने की अपील की है।

आज शाम अनिता ममगाई ने आईएसबीटी क्षेत्र में गरीब तबके के लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के लिए रजाईयां बांटी। रोटरी क्लब के सहयोग से चले अभियान के प्रथम चरण में पचास से ज्यादा लोगों को रजाईयां वितरित की गई। मौके पर नगर आयुक्त नरेंद्र क्विरियाल, पार्षद चेतन चैहान, पार्षद कमलेश जैन, पार्षद राजू बिष्ट, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद अजीत गोलडी, रोटरी क्लब अध्यक्ष नितिन गुप्ता, पवन शर्मा, संजय अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, डॉ हरिओम अग्रवाल, डॉ डीके श्रीवास्तव, नवीन अग्रवाल, संजय बंसल, राकेश फूल, पंकज पावा, गोपाल अग्रवाल, गोपाल डॉ रवि कौशल, डॉ राजेन्द्र गर्ग, मनु कोठारी, सुनील उनियाल, गौरव केन्थुला, नवीन नौटियाल, हेमन्त डंग, नरेंद्र रतूड़ी आदि निगमकर्मी मौजूद रहे।

संत समाज ने की नागरिकों से अपील, गंगा में न डालें पूजन सामाग्री

गंगा में राफ्टिंग का संत समाज विरोध नहीं करता है, मगर राफ्टिंग की आड़ में गंगा में मादक पदार्थ लेकर पर्यटकों का जाना से अमर्यादित है। इससे गंगा तो दूषित हो ही रही है, साथ ही आस्था पर भी ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोग जो गंगा में मादक पदार्थ लेकर आते है, इसका विरोध संत समाज करता है। संत समाज सरकार से यह भी मांग करता है कि इसके लिए कानून बनाया जाए। यह बात महामंडलेश्वर ईश्वरदार महाराज ने कही।

आज नमामि गंगे और अखिल भारतीय संत समिति की महाकुंभ 2021 को लेकर मायाकुंड स्थित कृष्ण कुंज आश्रम में आयोजित की गई। इसमें नमामि गंगे के प्रदेश प्रमुख कपिल गुप्ता व उनकी टीम ने संत समाज के साथ एक स्वर में ऋषिकेश में भी महाकुंभ को लेकर विकास कार्य किए जाने पर सहमति बनाई। साथ ही गंगा की अविरलता को बनाए रखने के लिए लोगों से भी अपील की। संत समाज ने कहा कि गंगा में पूजन सामग्री न प्रवाहित की जाए। संतों की ओर से निश्चित तिथि पर गंगा की सफाई के लिए प्रयास किए जाएं। कुंभ में स्नान के लिए त्रिवेणी घाट का विस्तार किया जाए।

इस मौके पर महामंडलेश्वर दयाराम दास, महामंडलेश्वर गणेश दास, महंत केशव स्वरूव ब्रह्मचारी, महंत बलवीर सिंह, महंत सुखवीर सिंह, महंत स्वामी अखंडानंद महाराज, महंत गोपाल गिरी, महंत लोकेश दास, पंडित रवि शास्त्री, जुगल किशोर शर्मा, संतोष मुनि, अभिषेक शर्मा, हर्षित गुप्ता, मिंटू तिवारी, पंकज गुप्ता, प्रदीप कोहली, सिमरन गाबा, दिनेश शर्मा, अशोक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

परिजनों की भांति निर्धन कन्या की आर्थिक मदद को आया लायंस क्लब डिवाइन

निर्धन कन्या के लिए लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन अभिभावक बना। यह पहला मौका नहीं है, जब क्लब किसी निर्धन के लिए मददगार बना हो। इससे पूर्व भी क्लब की ओर से अनगिनत लोगों की मदद की गई है।

ठीक उसी प्रकार आज एक निर्धन कन्या के इलाज के लिए 5100 रूपए की आर्थिक सहायता कर क्लब ने अभिभावक की भूमिका निभाई। क्लब अध्यक्ष महेश किंगर ने बताया कि समय-समय पर समाज जरूरतमंदों की सहायता की जाती है चाहे वह इलाज के लिए आर्थिक सहायता हो, स्कूल फीस और शादी समारोह में सामान की आवश्यकता हो। बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी त्रिवेणी घाट पर निशुल्क चाय की जा रही है। इस अवसर पर संस्थापक ललित मोहन मिश्र, सचिव अमित सूरी, घनश्याम ढंग, मयंक अरोड़ा, सावन खुराना आदि उपस्थित थे।

नगर निगम से शुरु हुई पहल, स्वच्छता सर्वेक्षण में होगी कारगर

नगर निगम ऋषिकेश, यूएनडीपी एवं एचडीएफसी बैंक के संयुक्त तत्वाधान में आकांक्षा संस्था द्वारा ’प्लास्टिक लाओ मास्क पाओ’ अभियान की शुरुआत नगर निगम कार्यालय से की गई। इस अभियान की शुरुआत नगर आयुक्त ने की। इस अभियान में प्लास्टिक के बदले में कपड़े का मास्क दिया जा रहा है। यह अभियान 8 दिसंबर से शुरू होकर 30 दिनों तक चलेगा।
ऋषिकेश निवासियों को प्लास्टिक पैकेजिंग पानी, कोल्ड ड्रिंक, जूस की बोतलें, सिंगल यूज पॉली बैग और प्लास्टिक के अन्य कचरे के बदले एक कियोस्क पर मुफ्त कपड़ा मास्क मिलेगा। नगर निगम कार्यालय और कई कॉलोनियों और अपार्टमेंट जैसे क्षेत्रों में कियोस्क स्थापित किए जाएंगे।
इस अभियान का उद्घाटन नगर आयुक्त द्वारा नगर निगम कार्यालय में किया गया, जहां उन्होंने मास्क देकर इस अभियान को शुरू किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त ने इस अभियान को स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के लिए एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह कि अभिनव प्रयास से लोगों में प्लास्टिक अलग-अलग रखने और उसको रिसाइकलिंग के लिए भेजने की आदत को प्रोत्साहित करेगा।
इस दौरान निगम की तरफ से एसआई सचिन रावत सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। एचडीएफसी बैंक की तरफ से वैभव ने इस कार्यक्रम के सफलता के लिए लोगो को बढ़चढकर आगे आने की अपील की। संस्था की दिल्ली ऑफिस से ज्योति शर्मा, प्रेम, मोहम्मद मेहंदी जैदी, वाशुतोष, मीनाक्षी, मोहन, रेखा व अन्य साथी उपस्थित रहे।

बाबा साहब समाज के हर वर्ग के आदर्श

अंबेडकरवादी महिला संगठन के नेतृत्व में रविदास भवन, अंबेडकर नगर ऋषिकेश में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के पुण्यतिथि ‘परिनिर्वाण दिवस’ पर मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अंबा दत्त आर्य एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश सह संयोजक युवा मोर्चा प्रकांत कुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस दौरान वक्ताओं ने बाबा साहब की कीर्ति एवं समाज के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की।
मुख्य वक्ता प्रकांत कुमार ने कहा कि बाबा साहब एक सीमित समाज के ही आराध्य एवं पूजनीय नहीं है अपितु समस्त समाज के आदर्श है।ं बाबा साहब ने वंचितों पिछड़ों एवं महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ी और उस लड़ाई में इस विशेष वर्ग को एक स्थान समाज में दिलाने का काम किया। इस अवसर पर दुर्गेश कुमार, निशा देवी, रेखा, नितिन, कमला, सुनीता, गंगा शरण, उमेश, विमला आदि उपस्थित रहे।

शुरू हुआ प्रोजेक्ट नमन, शहीदों के परिवारों को गृह निर्माण में मुफ्त सीमेंट

देहरादून। लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर, दक्षिणी पश्चिमी कमान, भारतीय सेना, ने ‘प्रोजेक्ट नमन’ का उद्घाटन किया। यह परियोजना श्री सीमेंट की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसके जरिये भारतीय आर्म्ड फोर्स के परिवारों को मुफ्त सीमेंट प्रदान किया जायेगा।

पिछले 20 वर्षों में आम्र्ड फोर्स में देश की सेवा के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। विजय दिवस के रूप में नमन परियोजना का लोकार्पण किया गया, जो 1971 के बांग्लादेश युद्ध में भारत को जीत दिलाने एवं भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद करने के लिए 16 दिसंबर को हर साल मनाया जाता है।

नमन योजना के तहत, 1 जनवरी 1999 से लेकर 1 जनवरी 2019 (20 वर्ष) के बीच देश के लिए शहीद हुए शहीद जवानों के एक परिजन को, अपनी जमीन पर 4 हजार वर्गफुट तक का घर बनाने के लिए मुफ्त सीमेंट प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत शहीदों के परिवार के सदस्य पूरे देश में फैले किसी भी श्री सीमेंट की उत्पादन इकाई से मुफ्त में सीमेंट प्राप्त कर सकते हैं।

‘नमन’ प्रोजेक्ट कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के दक्षिणी पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने कहा, श्री सीमेंट द्वारा अपने सेवामूलक कार्यों का विस्तार करने के लिए इनके अधिकारियों का यह एक अद्भुत प्रयास है। हमारे देश के वीर शहीदों के लिए जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान बलिदान कर दिया है, उन्हें इस तरह का सम्मान प्रदान करना काफी दुर्लभ और अनोखा प्रयास है।

इस मौके पर सीमेंट के संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रशांत बांगड़ ने कहा, क्योंकि घर बनाने के लिए उच्च क्वालिटी के सीमेंट की सबसे ज्यादा जरुरत होती है, इसलिए हमें लगा कि नमन योजना शहीदों के परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद मददगार साबित होगा। हमारे लिए हमारे सैनिकों के परिवारों के लिए यह विनम्र योगदान बहुत ही सम्मान की बात है, जो सेवा के आह्वान से ऊपर उठे और मातृभूमि के लिए अपना जीवन लगा दिया। हम अपने राष्ट्र के शहीदों को सलाम करते हैं। मैं इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को इस योजना को लागू करने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।

इस योजना को केंद्रीय सैनिक बोर्ड और राज्य सैनिक बोर्ड (आरएसबीएस)और जिला सैनिक बोर्ड (जेडएसबी), रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा इस मौके पर शहीद परिवार की सदस्य सुनीता देवी और सुदेश को नमन प्रोजेक्ट के तहत श्री सीमेंट की तरफ से संजय मोहता और अरविंद खिचा श्री सीमेंट लिमिटेड की मौजूदगी में जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने सीमेंट का रिलीज ऑर्डर सौंपा।

गुमानीवाला में विधायक निधि से लगेंगी 75 स्ट्रीट लाइटें

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को आज गुमानीवाला में आयोजित एक कार्यक्रम में कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। मौके पर विस अध्यक्ष ने गुमानीवाला ग्राम पंचायत के लिए 75 स्ट्रीटलाइट देने की विधायक निधि से घोषणा की। साथ ही प्रत्येक वार्ड में आवश्यकता अनुसार लाइटें लगाने को कहा। उन्होंने मौके पर 15 कोरोना योद्धाओ को भी सम्मान किया।

विस अध्यक्ष के अनुसार उन्होंने संकल्प लिया था कि लॉकडाउन के दौरान उनके विधानसभा में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोएगा। इसलिए दिन-रात लोगों के बीच में रहकर उनकी सहायता, सेवा एवं आवश्यकता अनुसार जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट, राशन, सैनिटाइजर, मास्क आदि वितरित किए गए।

इस अवसर पर जन कल्याण नवचेतना विकास समिति के अध्यक्ष किशन सिंह नेगी, सचिव राजेश व्यास, भट्टटोवाला की प्रधान दीपा राणा, टीके भट्ट, मानवेंद्र कंडारी, सत्यपाल राणा, विजय सिंह कंडारी, गोविंद सिंह महर, सुधा मित्तल, राजवीर रावत, पितांबर गोंनियाल, हरपाल राणा, संजय पोखरियाल, गजेंद्र गुसाई, रणजीत थापा, हरीश रावत, पूजा थपलियाल, कविता देवी आदि उपस्थित थे।

ग्रामीण के बाद अब शहरी क्षेत्रों में सस्ती दरों पर पानी का कनेक्शन दिया जाएगाः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यूएनडीपी तथा सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस, नियोजन विभाग के सहयोग से तैयार सस्टनेबल डेवलपमेंट गोल (एस.डी.जी) मोनिटरिंग हेतु तैयार डैश बोर्ड का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2030 तक सतत विकास का जो लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए और तेजी से प्रयासों की आवश्यकता है। इस दिशा में कुछ क्षेत्रों में अच्छा कार्य हुआ है। राज्य में कुपोषण से मुक्ति के लिए चलाये गये अभियान, अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना, जल संचय, संरक्षण तथा नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में भी अनेक प्रयास किये गये हैं। लोगों को स्वच्छ एवं उच्च गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी जल्द ही पानी का कनेक्शन सस्ती दरों पर दिया जायेगा। इन सभी प्रयासों के आने वाले समय में बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे। जिला योजना का 40 प्रतिशत बजट स्वरोजगार के लिए खर्च किया जा रहा है। उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। भारत नेट 2 से नेटवर्किंग और कनेक्टिविटी बढ़ेगी, इसका भी लोगों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि लक्ष्यों के आधार पर जो भी योजनाएं बनाई गई हैं, उनको पूरा करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग भी की जाय। विजन 2030 राज्य के भविष्य व आर्थिक विकास की रूपरेखा है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सतत विकास लक्ष्य के लिए जो 17 क्षेत्र चुने गये हैं, उनमें दिये गये सभी इन्डीकेटर पर किये जा रहे कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि डैशबोर्ड में सभी जनपद समय-समय पर अपनी उपलबिधयां अपलोड करेंगे तथा रैंकिंग के आधार पर जिन योजनाओंध् इंडीकेटरों में कमी प्रदर्शित होती है उनको प्राथमिकता में लेते हुए सतत विकास का लक्ष्य कार्यान्वयन में सुधार करने के हर संभव प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सतत विकास लक्ष्य के विभिन्न आयामों गरीबी समाप्त करने, कुपोषण को कम करने, स्वस्थ जीवन, गुणवत्तापरक शिक्षा, लैंगिक समानता, शुद्ध पेयजल तथा स्वच्छता, स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिकी में वृद्धि, राज्य में असमानताओं को कम करने, शहरों के विकास, जलवायु परिवर्तन, वनों का प्रबंधन तथा जैव विविधता की रक्षा करने तथा त्वरित न्याय के साथ सुशासन हेतु संस्थानों को मजबूत बनाने पर बल दिया।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज पाण्डेय, सुशील कुमार, यूएनडीपी की स्टेट हैड रश्मि बजाज, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी तथा सीडीओ उपस्थित थे।

स्व. इन्द्रमणि बडोनी सभागार हुआ आंदोलनकारियों के सुपर्दु, बनेगा शहीद स्मारक

आंदोलनकारियों की मांग को प्रमुखता से लेते हुए मेयर अनिता ममगाईं ने नगर निगम का स्व. इंद्रमणि बडोनी हाॅल आंदोलनकारियों को देने का निर्णय लिया। इसके लिए 26 पार्षदों ने अपना समर्थन दिया है। बता दें कि एक जनहित याचिका के बाद एनएच की कारवाई में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हरिद्वार रोड़ पर निर्मित शहीद स्मारक को ध्वस्त कर दिया गया था।
आज नगर निगम के 26 पार्षदों ने मेयर को अपना समर्थन पत्र सौंपा। उत्तराखंड शहीद स्मारक समिति के मुख्य संस्थापक वेद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मेयर अनिता ममगाई से मुलाकात की।

मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि जल्द ही इस संदर्भ में निगम अधिकारियों की ओर से शासन को कार्यवाही के लिए आदेशित किया जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद स्व. इंद्रमणि बडोनी सभागार को शहीद स्मारक के लिए समिति के सुपुर्द कर दिया जाएगा। मौके पर विक्रम सिंह भंडारी, प्यारेलाल जुगलान, बीना बहुगुणा, सरोजनी थपलियाल, बृजपाल राणा, युद्धवीर सिंह चैहान, सुशीला पोखरियाल, सुनीता ममगाई, जशोदा नेगी, मुनी ध्यानि आदि मौजूद थे।

देहरादून में रोबोटिक लैब की होगी स्थापना, सीएम ने की घोषणा

केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटीडीए, देहरादून में कोएसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि देहरादून में जल्द ही एक रोबोटिक लैब की स्थापना की जायेगी जिसके लिए भूमि भी उपलब्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे ने ई-वेस्ट स्टूडियो का उद्घाटन भी किया।
केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखण्ड से बहुत प्यार करता हूं और वहां के लोगों का बहुत सम्मान करता हूं। उत्तराखण्ड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भारत की सभ्यतागत संस्कृति का केन्द्र है। इन्क्यूबेशन का मतलब है, सृजना। उत्तराखण्ड से वेद की शुरूआत हुई है, श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ, गंगा एवं यमुना का जहां उद्गम स्थल हैं उस उत्तराखण्ड राज्य से आज टेक्नॉलाजी को इंक्यूबेट कर रहे है। संस्कार, संस्कृति से टेक्नॉलाजी तक ये उत्तराखण्ड का परिचय होना चाहिए। उत्तराखण्ड के लोगों में कार्य करने की असीमित क्षमता एवं समर्पण की भावना है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अगुवाई में उत्तराखण्ड राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एसटीपीआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह इन्क्यूबेसन सेंटर बेहतर एवं आधुनिक बने। स्टार्टअप के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में प्रबल संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड के देहरादून एवं हल्द्वानी में बीपीओ बनाये गये हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘चुनौती’ नाम से एक नई योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों के बच्चों में भी सृजनात्मकता का विकास हो। उन्होंने कहा कि देहरादून में एक रोबोटिक सेंटर बनाया जाय। यह भारत का महत्वपूर्ण रोबोट सेंटर बनना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। उत्तराखण्ड का एक ब्रांड अध्यात्म है तो दूसरा रोबोटिक बनना चाहिए। आज उत्तराखण्ड के 46 अस्पताल ई-अस्पताल बन चुके हैं। ऋषिकेश एम्स अच्छा कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया का उद्देश्य आम लोगों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से मजबूत बनाना है। इसके लोगों को अनेक फायदे हो रहे हैं। टेक्नॉलाजी के माध्यम से आम आदमी के जीवन को बदला जा सकता है। भारत नेट फेज 1 में उत्तराखण्ड के 1800 ग्राम पंचायत कनेक्ट हो चुके हैं। फेज 2 में भी राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। हरिद्वार में 310 ग्राम पंचायतों सीएससी सेंटर के माध्यम से 50 हजार लोगों को वाईफाई सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र के शिलान्यास के लिए केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीडीए द्वारा सभी इलेक्ट्रिक वेस्ट का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है। टीम वर्क से इलेक्ट्रानिक वेस्ट को बैस्ट में बदलने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। आईटी पार्क ने 2019-20 में 150 करोड़ रूपये का व्यापार किया है। इससे 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र बनने से स्टार्टअप को जो प्ले एण्ड प्लग की फैसिलिटी चाहिए वो उन्हें उपलब्ध होगी। इससे स्टार्टअप को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र उत्तराखण्ड में निवेश को आकर्षित करने तथा प्रमुख आईटीध्आई.टी.ई.एस गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन देने में मददगार होगा। इससे स्टार्टअप एवं उद्यमियों के लिए अतिरिक्त इंक्यूबेसन सुविधा उपलब्ध कराने एवं राज्य में आईटी साफ्टवेयर, सेवाओं के निर्यात व उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी। इससे राज्य में रोजगार के नये अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भारत नेट-2 के प्रसार से उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य के नौजवान हौनहार एवं प्रगतिशील विचारधारा तथा रचनात्मक सोच वाले हैं। भारत नेट फेज 2 परियोजना के तहत की 2 हजार करोड़ रूपये की इस योजना से 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाया जायेगा। आज हमारे नौजवान ऑनलाईन बिजनेस की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ड्रोन एप्लीकेशन के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड में अच्छा कार्य हो रहा है। राज्य में अनेक ड्रोन के पायलेट तैयार हो रहे हैं। आने वाले समय में राज्य को इसका बहुत लाभ होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से काशीपुर में आरक्षित 100 एकड़ भूमि में इलेक्ट्रॉनिक एवं मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर के लिए सहयोग एवं राज्य में भारत नेट भेज 2 का जल्द कार्य शुरू करवाने का अनुरोध किया।
आईटीडीए के निदेशक अमित कुमार सिन्हा ने ई-वेस्ट स्टूडियो के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि ई-कचरा पुनर्चक्रण और निपटान के बारे में जन जागरूकता के उद्देश्य से बना यह स्टूडियो पूरी तरह से पुनर्चक्रण किये हुए ई-कचरे से तैयार किया गया है। जिसमें आंतरिक ड्रोन रेसिंग ट्रैक भी बनाया गया है। इस स्टूडियो को बनाने के लिए एकत्रित किये गए ई-कचरे को पुनः उपयोग कर 25 कंप्यूटर तैयार किये गए जिन्हे की जनपद के 10 प्राथमिक विद्यालयों को भेंट किया गया।
इस अवसर पर सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे, सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी आर.के. सुधांशु, एवं निदेशक आईटीडीए अमित कुमार सिन्हा, वर्चुअल माध्यम से सचिव इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार अजय प्रकाश साहनी एवं महानिदेशक एसटीपीआई डॉ. ओंकार राय आदि उपस्थित थे।