लाॅकडाउन में असहाय लोगों की मदद करने वाले राहुल दयाल हुए सम्मानित

कोविड 19 महामारी में लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों को उनके घर तक राशन, सेनेटाईजर, साबुन, मास्क, ग्लब्स बांटे जा रहे थे। उसी क्रम में नेशविला रोड़ निवासी राहुल दयाल ने भी इस महामारी के दौरान असहाय लोगों की हरसंभव मदद की। इसके अलावा उन्होंने देहरादून पुलिस विभाग जो इस महामारी के समय लोगों की मदद कर रही थी उनको भी जरूरत का सामान जैसे मास्क, साबुन व सेनेटाईजर आदि दिये।

राहुल दयाल के इस प्रयास के लिए डीआईजी व एसएसपी देहरादून अरूण मोहन जोशी व एसपी क्राईम लोकजीत सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया।

मौके पर राहुल दयाल ने कहा कि वे आगे भी पुलिस विभाग व देहरादून के नागरिकों की हरसंभव सेवा करने का प्रयास करेंगे।

आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर के आपरेशन में पैरा खिलाड़ी नीरजा ने की मदद

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने सड़क दुर्घटना में चोटिल व्यक्ति के आॅपरेशन में मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। अमित ग्राम निवासी संतोष कुमार पुत्र बांके बिहारी लाल मूल निवासी चंपारण, पटना बिहार का करीब एक माह पूर्व सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। राजकीय अस्पताल में उनका कच्चा प्लास्टर कराया गया, इसी बीच वह कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। कोरोना से उबरने के बाद घुटने का ऑपरेशन के लिए उनके पास रुपए नहीं थे। इसकी जानकारी नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक नीरजा गोयल को लगी। उन्होंने संतोष कुमार से संपर्क साधा और डॉक्टरों से बातचीत करने के बाद ऑपरेशन की तिथि तय की। नीरजा गोयल ने बताया कि गुरुवार को उनके घुटने का सफल ऑपरेशन कर प्लेट डाली गई है। जिसका खर्च 8500 रूपए आया है। नीरजा ने गुरुवार को चेक डॉक्टर को सौपा। बताया कि संतोष कुमार माह फरवरी से यहाँ रह रहा था। पेशे से वह मजदूरी का काम करता है। लॉक डाउन में काम न हो पाने के कारण आर्थिक समस्या से जूझ रहे थे।

आस्था पथ के कायाकल्प में खर्च होंगे पौने बारह करोड़ रूपए

योग नगरी ऋषिकेश के आस्था पथ के जीर्णोद्धार में करीब पौने बारह करोड़ रुपए का खर्च आएगा। मेयर अनिता ममगाईं ने कुंभ मेला के अंतर्गत सिंचाई विभाग द्वारा मैरीन ड्राइव के पुनरुद्धार कार्य का शिलान्यास किया। मेयर अनिता ने कहा कि मुंबई के मैरीन ड्डाइव की तर्ज पर ऋषिकेश में गंगा किनारे बना आस्था पथ 2013 की केदार आपदा के दौरान विभिन्न स्थानों पर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके पुनरुद्धार के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। प्रदेश सरकार द्वारा अब इसका पुनरुद्धार कुंभ मेला अंतर्गत पौने करोड़ रुपए की लागत से कराया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कुंभ से पूर्व आस्था पथ के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो जाएगा। जिसका लाभ कुंभ के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं सहित तीर्थ नगरी में वर्षभर आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगा।

नजरियाः निर्माण कार्य में लापरवाही देख मेयर गुस्साई, फोन पर अधिकारी को लताड़ा

ऋषिकेश की प्रथम मेयर अनिता ममगाईं ने देहरादून रोड स्थित स्व. इंद्रमणि बडोनी चैक से दुर्गा मंदिर तक लगाई जा रही डबल आम्र्स लाइट एवं डिवाइडर का निरीक्षण किया। यहां निर्माण कार्य में लापरवाही को देख मेयर अनिता का पारा चढ़ आया। उन्होंने तुरंत मौके से ही फोन कर अधिकारियों को तलब कर लिया।

फोन पर हरकत में आये अधिकारी कुछ ही देर में मौके पर पहुंचे। मेयर अनिता ने कहा कि निगम की कमान संभालने के बाद से उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता में कमी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगी। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं। डिवाइडर के दोनों छोरों पर दरार एवं विद्युत पोलों में हल्का मैटेरियल प्रयुक्त करने पर गुस्साई मेयर ने सहायक अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि इससे कभी भी कोई दुर्घटना घटित हो सकती है। कहा कि उक्त निर्माण कार्य का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराया जाएगा। उसके बाद ही ठेकेदार की पेमेंट होगी।

बेटियों के बाद नीरजा ने अब दिव्यांग बच्चों का उठाया पढ़ाई का खर्च

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से बेटियों के शिक्षा का खर्च उठाने के बाद अब दिव्यांग बच्चों की मदद की है। ट्रस्ट की संस्थापक नीरजा ने दो बच्चों की स्कूल की चार माह की फीस स्कूल जाकर भरी है।

लॉकडाउन में कामकाज न हो पाने के चलते आईडीपीएल निवासी दो दिव्यांग बच्चों की स्कूल की सात माह की फीस देनी बाकी थी। इसकी जानकारी पैरा ओलंपिक खिलाड़ी व ट्रस्ट की संस्थापक नीरजा गोयल को मालूम हुई। उन्होंने बच्चों के स्कूल सेंट मदर टेरेसा जाकर प्रधानचार्य अमित जसवाल से बात की। नीरजा के आग्रह पर प्रधानाचार्य ने दोनों बच्चों के 3 माह की फीस माफ की। वहीं ट्रस्ट की ओर से दोनों बच्चो के चार माह की करीब 4 हजार रुपए जमा कराए। साथ की स्कूल का फीस माफ करने पर आभार भी जताया।

बता दें कि ट्रस्ट की ओर से बीते दिनों बिटिया दिवस पर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान के तहत शांति नगर निवासी 2 बेटियों की शिक्षा की जिम्मेदारी ली गयी है। इस अवसर पर ट्रस्ट की सह संस्थापक नूपुर गोयल भी मौजूद रहीं।

सीएम त्रिवेंद्र ने जताया केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार, जानिए क्या है मामला…

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में चिन्हित रेलवे क्रॉसिंगों पर निर्मित होने वाले आर.ओ.वी-आर.यू.वी की 50 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार के बजाय केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि से वहन किये जाने के प्रति केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्य सरकार द्वारा व्यय किये जाने वाली बड़ी धनराशि राज्य के विकास में उपयोग की जा सकेगी। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी को पत्र के माध्यम से स्थिति से अवगत कराते हुए इस हेतु राज्य सरकार द्वारा वहन की जाने वाली 50 प्रतिशत धनराशि को केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि से वहन किये जाने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में रेलवे क्रॉसिंग पर अत्यधिक दुर्घटनायें घटित होती रहती हैं तथा रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात का दबाव अधिक होने से दिन-प्रतिदिन जाम की समस्या उत्पन्न होती रहती है, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव एवं जाम की समस्या को कम करने हेतु एक लाख से अधिक टी.यू.वी. वाले 09 लेवल क्रॉसिंग चिन्हित किये गये हैं।

राज्य की सीमित संसाधनों के कारण इन 09 लेवल क्रॉसिंग पर आर.ओ.बी.-आर.यू.बी बनाये जाने हेतु राज्य सरकार के सीमित वित्तीय संसाधनों के दृष्टिगत राज्य सरकार ने महाराष्ट्र सरकार के साथ किये गये एम.ओ.यू. की भांति राज्य द्वारा वहन किये जाने वाले 50 प्रतिशत व्यय भार को केन्द्रीय सड़क निधि से वहन किये जाने के लिये उनके द्वारा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया गया था। उक्त प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा सहमति प्रदान कर दी गयी है। उक्त 09 आर.ओ.बी.-आर.यू.बी. के निर्माण में 50 प्रतिशत व्यय भार रेलवे द्वारा तथा 50 प्रतिशत व्यय भार, जो राज्य द्वारा वहन किया जाना था को केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि से वहन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को उक्त परियोजनाओं पर आने वाले व्यय भार का आंकलन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। राज्य में निर्मित होने वाले उपरोक्त आर.ओ.बी- आर.यू.बी देहरादून व हरिद्वार क्षेत्र में है।

अब पूरी यात्री क्षमता के साथ चलेंगे आटो, सिटी बस, विक्रम, सोशल डिस्टेंस की बाध्यता समाप्त

सिटी बस, आॅटो, विक्रम और ई-रिक्शा वाले के लिए सरकार की ओर से राहत भरी खबर है। सरकार ने इन तमाम वाहनों में पूरी यात्री क्षमता की छूट दे दी है। सोशल डिस्टेंस की बाध्यता समाप्त होने के बाद सरकार ने पूर्ववर्ती किराए रखने के भी निर्देश दिए हैं।

सरकार, शासन की ओर से जारी की गई नई एसओपी के तहत सिटी बस, ऑटो, विक्रम समेत तमाम सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग के कानूनों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। शासन की ओर से नई एसओपी जारी होने के साथ ही सिटी बस, ऑटो, विक्रम संचालकों ने राहत की सांस ली है।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की ओर से जारी एसओपी में साफ शब्दों में कहा गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग समाप्त होने के बाद सिटी बस ऑटो विक्रम संचालक राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से तय किए गए किराए के मुताबिक ही किराया वसूलेंगे ऐसे में अब किराए की पूर्व दरें लागू होंगी।

आईएमए को अंडरपास के लिए वर्षों इंतजार करना बड़ी विडंबनाः रक्षामंत्री

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी परिसर में 44.21 करोड़ लागत के क्रमश 354.45 मी0 तथा 407.34 मी0 लम्बे दो अंडरपास का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी के निकट अंडरपास की मांग दशकों से चली आ रही थी लेकिन अब जाकर इस पर कार्य शुरू हुआ है। अंडरपास के बनने से एनएच-72 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि आई.एम.ए. जैसे विश्वसनीय, विश्वस्तरीय संस्थान को दो अण्डरपास के लिये इतना लम्बा इंतजार किया जाना बड़ी विडम्बना है। अण्डरपास निर्मित होने के बाद आई.एम.ए. के केम्पस आपस में जुड़ सकेंगे तथा संस्थान को अपनी गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। इन अंडरपास के निर्माण से न केवल उत्तराखण्ड की जनता को, बल्कि, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ होगा। साथ ही कैडेट्स के आवागमन और ड्रिल में भी व्यवधान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिसम्बर में आईएमए पासिंग आउट परेड में उनके द्वारा इसकी स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि यदि दो साल के बजाय पौने दो साल में ये अण्डर पास बनकर तैयार हो जायेंगे तो वे इनके उद्घाटन के लिए भी आयेंगे तथा इसमें कार्य करने वालों को सम्मानित भी करेंगे। रक्षामंत्री ने कहा कि यदि नियत ठीक हो संकल्प पक्का हो तो किसी भी कार्य को पूर्ण करने में कठिनाई पैदा नही होती है। उन्होंने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक बढ़ रहा है, इस दृष्टि से भी इन अण्डपासों की नितांत जरूरत महसूस की जा रही थी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि 1978 से इसकी आवश्यकता महसूस की जाती रही है। गत वर्ष पासिंग आउट परेड के अवसर पर इन अण्डरपासों के महत्व पर केन्द्रीय मंत्री से उनके द्वारा चर्चा करने पर उन्होंने इसकी घोषणा की थी जो आज साकार हो रही है। इसके लिए आवश्यक धनराशि 44.21 करोड़ की भी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष आई.एम.ए. के दीक्षान्त समारोह के अवसर पर राज्य सरकार को भी सुरक्षा आदि की चिंता रहती थी। अब सैन्य अधिकारियों को आई.एम.ए. की गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी तथा स्थानीय लोगों को भी आवागमन में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वस्तरीय सैन्य प्रशिक्षण संस्थान से तैयार होने वाले जांबाज योद्धाओं ने अपनी वीरता और पराक्रम से देश की सुरक्षा एवं सम्मान को अक्षुण्ण बनाए रखा है। जाहिर है इस महान उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कठोर प्रशिक्षण की आवश्यकता है और प्रशिक्षण के लिए संसाधनों व सुविधाओं का होना भी उतना ही जरूरी होता है।

लेफ्टिनेंट जनरल ने जताया आभार
आईएमए के समादेशक ले.ज. जयवीर सिंह नेगी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आई.एम.ए. के तीन परिसरों नार्थ, सेन्ट्रल व साउथ की सुरक्षा दृष्टि से तथा एन.एच 72 तथा रांझावाला मीठीबेरी सड़क पर यातायात का सुचारू रूप से संचालन के लिये भगत गेट एवं पी.टी गेट पर निर्मित होने वाले क्रमशः 354.45 मी. तथा 407.34 मी लम्बे अण्डर पास के लिये पिछले 40 वर्षों से प्रयास किये जा रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे आई.एम.ए. का नार्थ, सैन्ट्रल तथा साउथ क्षेत्र आपस में जुड़ जायेगा तथा एन.एच एवं लो.नि.वि की सड़क पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।

ऋषिकेश प्रथम मेयर अनिता ने बेटी दिवस पर निर्धन कन्याओं के साथ बिताया दिन

डाटर्स-डे के अवसर पर ऋषिकेश की प्रथम मेयर अनिता ममगाईं चंद्रेश्वर नगर पहुंची। उन्होंने निर्धन बच्चों से साथ समय बिताया और केक भी काटा। उन्होंने गरीब बच्चों को विभिन्न उपहार भी दिए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। मेयर अनिता ने माहौल को पूरी तरह अपनेपन के अहसास में बांधे रखा। मेयर अनिता ने बताया कि आज का दौर बेटियों और बेटों में फर्क करने का दौर नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। तीर्थ नगरी में बच्चों के सपनों को पूरा करने में गरीबी आड़े नहीं आएगी ।उन्होंने समाज से भी इन्हें दुत्कारने की बजाए अपनेपन का अहसास कराने का आह्वान किया।

पंडित दीनदयाल ने गरीबों के कल्याण को किया सदैव प्रयास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने तहसील चैक, देहरादून स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही अपने आवास में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी पुष्प अर्पित कर कहा कि पंडित दीनदयाल ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद मंत्र और समाज सेवा जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। उनका राजनीतिक दर्शन भारतीय चिंतन पर आधारित था। उनका मानना था कि देश तभी खुशहाल व समृद्ध हो सकता है, जब समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े गरीबों का उत्थान हो। गरीबों के कल्याण के लिए वे निरन्तर प्रयासरत रहे। केन्द्र व राज्य सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा दिये गये जीवन दर्शन का अनुसरण करते हुए समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं, उनके जीवन दर्शन एवं चिन्तन को सबने साराहा।

पीएम मोदी की प्राथमिकताओं में किसानः त्रिवेंद्र
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों की सबसे बड़ी हितैषी सरकार है। संसद में सरकार द्वारा पारित कराए गए कृषि विधेयकों से किसानों की दशा और दिशा में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। इन विधेयकों में ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे किसान स्वयं अपनी उपज को अच्छी कीमतों पर मंडी में या मंडी के बाहर कहीं भी बेच सकेगा। मोदी हमेशा से किसानों के हितैषी रहे हैं। वे जब गुजरात के सीएम थे तो उन्होंने वहां किसानों के लिए 7 घंटे नियमित और निश्चित बिजली की व्यवस्था की। उन्होंने कृषि महोत्सवों की शुरूआत की। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी किसान हमेशा उनकी प्राथमिकताओं में रहे। उनकी सरकार में गांव, गरीब और किसानों का सबसे पहले ख्याल रखा गया है। वर्ष 2009 में यूपीए की सरकार में कृषि मंत्रालय का बजट केवल 12 हजार करोड़ रूपए था जो आज कई गुना बढ़ाकर 1 लाख 34 हजार करोड़ किया गया है। पहले कभी भी केंद्र सरकार एक साल में 75 हजार करोड़ रूपए किसानों के हित में खर्च नहीं कर पाई थी। लेकिन मोदी सरकार ने यह मुमकिन कर दिया। पीएम किसान योजना से अब तक 92 हजार करोड़ रूपए सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं। मोदी सरकार ने कृषि अवसंरचना के लिए 1 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। यूपीए के समय किसानों को 8 लाख करोड़ का कर्ज मिलता था, आज 15 लाख करोड़ का ऋण सालाना दिया जा रहा है।