बुर्जुर्गों की जटिल समस्या का निराकरण करेगी पुलिस


अब कोतवाली ऋषिकेश पुलिस अपने थाना क्षेत्र में बुजुर्गों की समस्या प्रत्येक सप्ताह को उनके घर जाकर सुनेगी। न सिर्फ उनकी समस्या का निराकरण करेगी, बल्कि अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल भी करेगी।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सीनियर सिटीजन की समस्या निस्तारण व सुरक्षा के लिए डीआईजी व एसएसपी देहरादून की आदेश पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक चैकी प्रभारी, बीट अधिकारी सीनियर सिटीजन का घर-घर जाकर सूची तैयार कर रहे है।

बताया कि अभी तक 121 सीनियर सिटीजन में से 33 सीनियर सिटीजन के घर-घर जाकर कुशलता एवं उनकी परेशानी के विषय में जानकारी प्राप्त की गई। जिनमें से 2 सीनियर सिटीजन का देहांत हो चुका है।

स्पीकर प्रेमचंद ने 101 फीट ऊंचे तिरंगा को फहराकर दी सलामी

तिरंगा झंडा जिस शान से लहराता है उसे देखकर हर भारतवासी का हृदय भावों से भर जाता है। देश के प्रति समर्पण और प्रेम का संचार मन में होता है। इसी भाव को प्रेरित करने के लिए उत्तराखंड विधानसभा भवन देहरादून में आज 101 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का ध्वजारोहण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया।
प्रदेश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था विधानसभा भवन में देश की आजादी एवं उसकी आन बान और शान का प्रतीक तिरंगा झंडा राष्ट्र के प्रति सम्मान और देश भक्ति की भावना को जाग्रत करने के उद्देश्य से आज 101 फीट ऊँचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। ध्वजारोहण के दौरान पुलिस के जवानों ने धुन के साथ ध्वजारोहण स्तंभ के शीर्ष तक राष्ट्रीय ध्वज का आरोहण कराया और तिरंगे को सलामी दी।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्विच दबाकर झंडे का आरोहण किया एवं झंडे को सलामी दी।ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान से पूरा परिसर गूंज उठा।

इससे पूर्व परिसर के भीतर एक निश्चित स्थान से पुलिस के जवानों द्वारा तिरंगे को शोभायात्रा के रूप में ध्वजारोहण स्तंभ तक सम्मान के साथ लाया गया।इस दौरान पुलिस के जवानों के द्वारा बजाई गई धुन से परिसर का पूरा माहौल देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया।परिसर में मौजूद लोगों की आंखों में तिरंगे को फहरता देख एक अलग सी ही चमक दिखी।

अवगत करा दें इसी साल 22 जुलाई को तिरंगा अंगीकार दिवस के अवसर पर विधानसभा परिसर में 101 फीट ऊंचा ध्वज लगाने की घोषणा विधानसभा अध्यक्ष ने की थी। जिसका कि 14 अगस्त से आधार स्तंभ का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। यह तिरंगा झंडा 101 फीट ऊंचा 20 फीट चैड़ा और 30 फीट लंबा बनाया गया है। इसके साथ झंडे के लिए फोकस्ड लाइट्स भी लगाई गयी है। इसका सीधा फोकस तिरंगे पर पड़ेगा। हाइमास्क पोल पर लाइट लगाने के बाद रात की रोशनी में देश का राष्ट्रीय ध्वज खूबसूरत नजर आएगा। मौके पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, महिला विकास मंत्री रेखा आर्य सहित कई अन्य विधायक एवं तीनों सेना के अधिकारीगण मौजूद थे।

आवास विकास विद्या मंदिर में मिसाइल मैन की जंयती पर किया स्मरण

मिसाइल मैन व भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम की जंयती पर सरस्वती विद्या मंदिर आवास विकास में कार्यक्रम आयोजित हुआ। मौके पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य राजेन्द्र प्रसाद पांडेय व शिक्षक चन्द्रप्रकाश डोभाल ने किया। वरिष्ठ शिक्षक वीरेन्द्र कंसवाल ने बताया कि मिसाइल मैन का पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम था। अर्थशास्त्र के प्रवक्ता नरेन्द्र खुराना ने कहा कि वह बच्चों से बहुत प्यार करते थे उनका कहना था कि अगर सपनों को सच करना है, तो पहले उन्हें देखना होगा।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र पांडेय ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने जिस काम को करने की ठान ली, वह उसे करके ही रहते थे, हमे भी उसी प्रकार से अच्छे कार्यो को एक बार करने का प्रण मन में लें, तो पूर्ण करके ही छोड़ना चाहिए।

मौके पर सतीश चैहान, कर्णपाल बिष्ट, रजनी गर्ग, रामगोपाल रतूड़ी, नन्द किशोर भट्ट, सुनील बलूनी, मनोज पन्त, अनिल भंडारी, राजेश बड़ोला, कर्णपाल बिष्ट, सतीश चैहान, आरती बड़ोनी, मनोरमा शर्मा, प्रवेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में दो नवंबर से खुल रहे हैं 10वीं और 12वीं कक्षा के स्कूल

उत्तराखंड में एक नवंबर को रविवार होने के कारण दो नवंबर से 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए स्कूल खोले जा रहे है। कैबिनेट में हुए फैसले के बाद पहले चरण में अभी 10वीं और 12वीं कक्षा ही शामिल है। फैसले के बाद दो नवंबर से राज्य के सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूलों में परम्परागत तरीके से पढ़ाई कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 18 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि प्रथम चरण में दो नवंबर से सिर्फ दसवीं और बाहरवीं के छात्रों के लिए स्कूल में पढ़ाई परम्परागत माध्यम से होगी। केंद्र सरकार स्कूल खोलने के लिए पहले ही राज्य सरकार को अधिकृत कर चुकी थी, इसी क्रम में एसओपी भी जारी हो चुकी है। कक्षा संचालन के समय एसओपी का पालन किया जाएगा।

बताया कि डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि कक्षाओं के संचालन के संबंध में बाद में निर्णय लिया जाएगा। कहा कि यदि स्कूल तय एसओपी का पालन नहीं करते हैं तो ऐसी स्थिति में जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

कोरोना कोष को नहीं कटेगा सरकारी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन

सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के एक दिन के वेतन में की जा रही कटौती को अब नहीं काटा जाएगा। यह निर्णय देहरादून में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिया गया। सीएम त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में त्योहारों को देखते हुए कर्मचारियों के वेतन से एक दिन की कटौती न करने का फैसला लिया गया।

इनके वेतन से कटौती जारी रहेगी
कैबिनेट ने फैसला हुआ कि कोरोना कोष के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, आईएएस, आईपीएस, व आईएफएस अफसरों के वेतन से एक दिन की वेतन कटौती होती रहेगी।

जहां दूरसंचार कनेक्टिविटी नहीं, वहां प्राथमिकता के साथ सुविधा देंः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें केंद्र पोषित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति के सदस्य सांसदगणों और विधायकगणों को आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिला स्तर की बैठकों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न योजनाओं में दिए गए टार्गेट समय पर पूरे हों। कार्यों की क्वालिटी पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। कोविड-19 के कारण हुई देरी की भरपाई करने के लिए दोगुनी ऊर्जा से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज क्षेत्र कल्याण योजना में पर्याप्त मात्रा में धन उपलब्ध है। इसमें अवस्थापनात्मक, सामाजिक क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित काम कराए जाएं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्लेसमेंट को प्रमुखता दी जाए। डिजिटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम को सभी जिलों में तेजी से लागू किया जाना है। मनरेगा में अच्छा काम किया गया है। इसमें सुनिश्चित किया जाए कि नए जॉब कार्ड बनाने में कोई परेशानी न हो। जिन गांवों में दूरसंचार की कनेक्टिविटी नहीं है, उन्हें कनेक्टिविटी से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) द्वारा 41 केंद्र पोषित योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इसका उद्देश्य चुने हुए जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना और तालमेल को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति और सांसदगण की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति बनाई गई हैं। राज्य स्तरीय समिति में सभी सांसदगण और कुछ विधायकगण भी सदस्य होते हैं। समिति समन्वय और निगरानी के साथ ही धन प्रवाह की समीक्षा, भूमि, स्थान जैसे मामलों को हल करना, योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए आवश्यतानुसार सुझाव भारत सरकार को दे सकती है।
बैठक में पीएमजीएसवाई, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, मनरेगा, सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील, डिजिटल इंडिया, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, सुगम्य भारत अभियान, अमृत, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, एकीकृत विद्युत विकास योजना, डिजिटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, समेकित बाल विकास योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, टेलीकॉम, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम आदि कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में सांसद अजय भट्ट, अजय टम्टा, विधायक राजेश शुक्ला, धन सिंह नेगी, राम सिंह कैड़ा, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, शैलेश बगोली, नीतेश झा, आर मीनाक्षी सुंदरम सहित शासकीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों ने सीएम का आभार जताया

सेवारत एवं सेवानिवृत्त जेसीओ रैंक से ऊपर के सैन्य अधिकारियों का गृहकर माफ किये जाने की घोषणा पर भूतपूर्व सैनिक संगठन, देहरादून ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। रविवार को गढ़ी कैंट देहरादून स्थित डीएसओआई में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र का संगठन द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर संगठन द्वारा मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र को अपनी मांगो से सम्बन्धित ज्ञापन एवं सुझाव पत्र भी सौंपा गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड एक सैनिक बहुल प्रदेश है। प्रदेश का हर परिवार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से किसी न किसी प्रकार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का यह सौभाग्य है कि पूर्व सैनिको के रूप में हमारे पास प्रशिक्षित एवं अनुशासित जनशक्ति उपलब्ध है, जिनका उपयोग प्रदेश के विकास के लिए किया जा सकता है।
इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी, जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल आरएस ठाकुर, डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर एसएन सिंह, भूतपूर्व सैनिक संगठन देहरादून के पदाधिकारी ब्रिगेडियर(से.नि.) केजी बहल, कर्नल (से.नि.) बीएम थापा, कर्नल (से.नि.) यू एस ठाकुर उपस्थित थे।

सचिवालय में सीएम के समक्ष विधायकों व अधिकारियों ने ली कोरोना की रोकथाम संबंधी प्रतिज्ञा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु जन जागरूकता अभियान के तहत विधायकगणों एवं अधिकारियों को प्रतिज्ञा-शपथ दिलाई। उन्होंने कोविड-19 से बचाव हेतु कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सावधानियां बरतने, कोविड से जुड़े आचार व्यवहार का अनुसरण करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करने की शपथ दिलाई। मास्क, फेस कवर पहनने एवं दूसरों से 02 गज की दूरी बनाकर रखने, नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने, कोविड के लक्षण महसूस होने पर तत्काल चिकित्सा सलाह लेने एवं मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जीतने की भी शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जनप्रतिनिधयों, अधिकारियों एवं कार्मिकों को कोराना से बचाव के लिए जन जागरूकता पर विशेष ध्यान देना होगा। त्योहारों एवं शीतकाल का समय शुरू होने वाला है। इसके दृष्टिगत मास्क की अनिवार्यता, सोशल डिस्टेंसिंग एवं स्वच्छता से सबंधित नियमों के पालन के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता जरूरी है। सर्दी के समय में कोविड से बचाव के लिए और सतर्कता की जरूरत है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जब तक राज्य में कोविड पूर्ण रूप से समाप्त नहीं होता, तब तक जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोविड के कोई लक्षण दिखाई दे,तो शीघ्र इसकी सूचना टोल फ्री नम्बर या स्वास्थ्य विभाग को दी जाय।

उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक उपायों से इस बीमारी से लड़ा जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं स्वास्थ्य विभाग की गाईडलाईन का पूरा पालन जरूरी है। अधिकारी बैठकों को अधिकतम वर्चुअल माध्यम से करें। सतर्कता से राज्य में कोविड संक्रमण की दर में कमी आयी है, लेकिन इस समय किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय।

मौके पर वर्चुअल माध्यम से विधायकगण, सचिवालय में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आरके सुधांशु, अमित नेगी, नितेश झा, शैलेष बगोली, डॉ. पंकज पाण्डेय, डॉ. रणजीत सिन्हा, महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।

स्वस्थ समाज के लिए गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल की जरूरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत प्रदेश में गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को साफ-सफाई आदि से सम्बन्धित सामग्री किटों की वितरण योजना सौभाग्यवती का शीघ्र ही शुभारम्भ करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को उचित देखभाल के साथ ही उन्हें उचित पुष्टाहार दिये जाने की व्यवस्था की गई है। अब उन्हें पौष्टिक आहार के साथ ही सफाई के प्रति प्रेरित करने की आवश्यकता है। इसी के दृष्टिगत गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को दैनिक उपयोग की सामग्री आदि अलग-अलग किटों में तैयार कर प्रदान किये जाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे उनके स्वास्थ्य एवं रहन सहन में निश्चित रूप से बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिये गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल समय की जरूरत है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को सौभाग्यवती योजना के तहत दिये जाने वाली किट में 250 बादाम गिरी-सुखी खुमानी-अखरोट, 500 ग्राम छुआरा, 02 कॉटन गाउन-साड़ी-सूट, 01 शॉल गर्म फुल साईज, 01 स्कॉर्फ कॉटन-गर्म स्टेन्डर्ड साइज, 02 जोड़े जुराब स्टैण्डर्ड साइज, 01 तौलिया बड़े साइज का, 02 पैकेट सैनिटरी नैपकिन (08 प्रति पैकेट), 02 जोड़े बेड शीट (तकिये के कवर सहित), 01 नेल कटर, 01 नारियल-तिल-सरसों-चुलू का तेल, 200 एम.एल हैण्डवाश लिक्विड, 02 कपड़े धोने का साबुन 02 नहाने का साबुन शामिल रहेगा।

शिशुओं के लिये को दी जाने वाली किट में 02 जोड़े शिशु के कपड़े (सूती या गर्म-मौसम के अनुसार) टोपी और जुराब सहित, 01 पैकेट (10 पीस) कॉटन डाइपर, 01 बेबी तौलिया कॉटन सॉफ्ट, 03 बेबी साबुन, 01 तेल, 01 पाउडर, 02 बेबी ब्लैंककेट गर्म अथवा कॉटन (मौसम अनुसार), 01 रबर शीट, 01 समस्त सामग्री पैक करने हेतु सूती बैग शामिल रहेगा।
प्रदेश में शुरू की जाने वाली सौभाग्यवती योजना में आयकर देने वाले तथा सरकारी सेवकों के आश्रित शामिल नहीं रहेंगे। किट में स्थानीय पहनावों एवं मौसम के अनुकूल वस्त्र तैयार कर दिये जाने की भी व्यवस्था रहेगी।

अब वन एवं वन्य जीवों से सम्बन्धित समस्याओं का होगा त्वरित समाधानः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वन विभाग द्वारा तैयार की गई वन एवं वन्य जीव हेल्पलाइन 1926 का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस हेल्पलाइन की शुरूआत को वनों की सुरक्षा एवं मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा मे की गई प्रभावी पहल बताया है।

वन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हेल्पलाइन आम जनता को वन एवं वन्य जीवों के कारण होने वाली समस्याओं के समाधान में तभी कारगर साबित होगी जब विभागीय अधिकारी प्राप्त शिकायतों का तत्परता के साथ निराकरण करेंगे। कहा कि इससे वनों में होने वाली घटनाओं, वनों की तस्करी रोकने, जंगली जानवरों के अवेध शिकार जैसी तमाम समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।

कहा कि जंगली पशुओं के फसलों को हो रहे नुकसान को कम करना भी एक बड़ी समस्या है। इसके लिए वनों में वन्य जीवों के लिए भोजन की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना बनाये जाने की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में समय-समय पर व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित किये जाने के भी निर्देश दिये ताकि वनों एवं वन्यजीवों के संरक्षण में जन सहभागिता भी सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार केएस पंवार, आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव रंजना काला, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ. पराग मधुकर धकाते आदि उपस्थित थे।