शिविर के जरिए लोगों को किया रक्तदान के प्रति जागरूक

किसी भी नागरिक को ब्ल्ड की कमी नहीं होने दूंगा। रक्तदान दुनिया के सबसे महान दानों में से एक है। रक्त के दान से किसी प्रकार की कमी नहीं आती है। यह बात रक्तदान प्रेरक रोहित बिजल्वाण ने कही। उन्होंने कहा कि 9149201174 और 9927361110 पर काॅल कर ब्लड के लिए कोई भी संपर्क कर सकता है।

आज राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता लाना था। रक्तदान प्रेरक रोहित बिजल्वाण के नेतृत्व में 15 युवाओं ने रक्त का दान किया।

ब्लड डोनर इन ऋषिकेश के संस्थापक रोहित बिजल्वाण ने कहा यदि किसी को ब्लड की जरूरत हो तो वह इस नंबर पर कॉल करें उन्हें 1 घंटे के अंदर ब्लड उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
इस मौके पर शुभम झा, राहुल बडोनी, गौरव, विवेक सिंह चैहान, सचिन भट्ट, जमशेद, अनिल कुकरेती, विशु, प्रवीण यादव आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार कर रहा महिलाओं का सहायता समूह

रायवाला क्षेत्र की महिलाओं के समूह राधा कृष्णा निस्वार्थ सेवा समिति की ओर से तीर्थनगरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार किया जा रहा हैं। महिलाओं के समूह द्वारा समय-समय पर समाजिक कार्य किये जाते है। वहीं समूह द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लघु उधोग शुरू किए गए। जिसमें महिलाओं को पापड़, आचार, मोमबत्ती, दीपक बनना आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही दीपावली के त्यौहार में बच्चों को गिफ्ट देने की तैयारी भी की जा रही हैं।
महिलाओं के समूह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सन्देश से प्रभावित हो कर क्षेत्र की महिलाओं को घर-घर रोजगार से जोड़कर आमदनी का सहारा दिया जा रहा हैं।

समूह के कार्यों से ग्रामीण महिलाओं में काफी उत्साह हैं। संस्था की फॉउंडर एवं अध्यक्ष ममता गुसाईं, क्षेत्र के वार्ड सदस्य आशीष जोशी, अनिता शर्मा, कमला अधिकारी, शांति देवीमल, लीला शर्मा, बबिता गिरी, पारू शाही आदि उपस्थित रहे।

हाईटेक शौचालय का लाभ ग्रामीणों को मिलेगाः मेयर अनिता

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के सपने को साकार कराने के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाना बेहद आवश्यक है। नगर निगम प्रशासन इस पर फोकस बनाकर जगह-जगह अत्याधुनिक शौचालयों का निर्माण करा रहा है। इसी क्रम में मेयर अनिता ममगाईं ने ग्रामीण क्षेत्र अमित ग्राम में हाईटेक शौचालय का शिलान्यास किया।

मौके पर क्षेत्र की जनता ने मेयर अनिता का जोरदार स्वागत और अभिनंदन भी किया। मेयर ने कहा कि नगर निगम के लिए ग्रामीण एवं शहरी वार्ड दोनों आंखों के समान बराबर है इसी को ध्यान में रखकर विकास कार्य भी दोनों जगह समान रूप से करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया अमित ग्राम का शौचालय पूरी तरह से हाईटेक है। इसमें फाइव स्टार होटल की तर्ज पर एक्सटीरियर और इंटीरियर डिजाइन होंगे। सेंसर बेस्ड यूरिनल सिस्टम होगा। शौचालय 24 घंटे सातों दिन खुला रहेगा और हेल्पर वहां बैठा होगा। महापौर के अनुसार स्वच्छता का संदेश स्क्रीन के माध्यम से शौचालय में चलता रहेगा। जिसमें व्यवसायिक एडवर्टाइजमेंट देने पर निगम की आय में भी बढ़ावा होगा।

बताया कि स्वच्छ भारत मिशन, 14वें वित्त आयोग की मदद व शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से 30 साल की मेंटेनेंस के एग्रीमेंट के साथ अत्याधुनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें कार्यदाई संस्था के साथ शौचालयों के रखरखाव का करार किया गया है।

मौके पर सहायक अभियंता आनंद मिश्रवाण, जेई भारत जोशी, स्थानीय पार्षद वीरेंद्र रमोला, विपिन पंत, विजेंद्र मोगा, विजय बड़ोनी, लक्ष्मी रावत, कमलेश जैन, राकेश मियां, ग्रामीण जन संपर्क अधिकारी प्रदीप धस्माना, सतीश कौशिक, अनुसूया प्रसाद बंगवाल, चंद्र सिंह बिष्ट, तारा दत्त सेमवाल, पुष्पा मित्तल, सत्य प्रकाश ममगाई, सुनील उनियाल, मदन कोठारी, अनिकेत गुप्ता, विकास सेमवाल, गौरव केन्थुला, रूप रमोला, रविंद शर्मा, मोर सिंह रावत, अजय आदि मौजूद रहे।

सीएम त्रिवेंद्र ने पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटीबीपी सीमाद्वार परिसर में गंगोत्री-2 पर्वतारोहण एवं 6 पीक आरोहण फ्लैग इन सैरेमनी में प्रतिभाग किया। आईटीबीपी द्वारा सितम्बर माह में 06 अनाम चोटियों पर पर्वतारोहण हेतु दल भेजा गया जिसका नेतृत्व सैक्टर देहरादून आईटीबीपी की उपमहानिरीक्षक अर्पणा कुमार द्वारा किया गया। 08 सदस्यों के दल ने उत्तराखण्ड के उच्च हिमालय की 06 हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों का आरोहण किया। आईटीबीपी द्वारा एक और पर्वतारोहण अभियान उप सेनानी दीपेन्द्र मान के नेतृत्व में उत्तरकाशी से 21615 फीट की ऊंचाई पर गंगोत्री-2 चोटी का सफलतापूर्वक आरोहण कर तिरंगा फहराया। इस दल में 26 पर्वतारोही थे।

मुख्यमंत्री ने इन सभी पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने शौर्य, दृढ़ता एवं कर्मनिष्ठा का परिचय देते हए अपनी ड्यूटी के साथ पर्वतारोहण के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। आशा है कि चुनौतियों को स्वीकार करने वाले इन हिमवीरों ने आगे भी लक्ष्य तय किये होंगे। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी और उत्तराखण्ड का गहरा रिश्ता है। अभी उत्तराखण्ड के 11 हजार लोग आईटीबीपी में सेवारत हैं एवं उत्तराखण्ड से 40 हजार लोग अपनी सेवाएं आईटीबीपी में दे चुके हैं। आईटीबीपी शौर्य एवं संवेदना का दूसरा नाम है। अपने परिवार से दूर रहकर हमारे जवान सीमान्त क्षेत्रों में सेवाएं देकर देश की रक्षा के लिए अपने शौर्य का परिचय दे रहे हैं। उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, आईटीबीपी ने आपदाओं के समय राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया है। दुर्गम क्षेत्रों में जाकर इन जवानों ने अपना लोहा मनवाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आईटीबीपी के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। राज्य सरकार की ओर से आईटीबीपी को हर संभव सहयोग दिया जायेगा। आज उत्तराखण्ड विश्वभर में पर्यटन के क्षेत्र में आकर्षण का केन्द्र है। पर्यटन गतिविधियों में प्रदेश में चारधाम यात्रा, ईको टूरिज्म, ट्रेकिंग, एडवेंचर, विंटर स्पोर्ट्स शामिल हैं। 13 डिस्ट्रिक 13 न्यू डेस्टीनेशन पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड शासन ने आईटीबीपी के साथ एक एमओयू हस्ताक्षरित किया है, जिसमें माँ गंगा के सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए टिहरी बांध से में व्यावसायिक क्षमता, उत्कृष्ट कार्य, पर्यटन व स्वरोजगार बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। टिहरी लेक में एडवेंचर की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आईटीबीपी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस अवसर पर आईटीबीपी के महानिरीक्षक उत्तरी सीमांत नीलाभ किशोर, उपमहानिरीक्षक कुंवर पाल सिंह, मंधीर एक्का, रणजीत सिंह, निम के कर्नल अमित बिष्ट आदि उपस्थित थे।

सीएम त्रिवेंद्र का ड्रीम प्रोजेक्ट सूर्यधार बैराज निर्माण में नहीं हो लापरवाहीः महाराज

देहरादून। सूर्यधार बैराज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। सूर्यधार बैराज के निर्माण में कई स्तर पर गड़बडियां हैं जिसकी सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की ओर से विशेष आदेश दिए हैं। महाराज ने आदेश देते हुए कहा है कि 1837.34 लाख रूपये की लागत के सापेक्ष 4100 लाख का अभी तक भुगतान किया जा चुका है। संभवतः अभी और भी किया जाना है।

उन्होंने कहा कि विचारणीय विषय यह है कि डीपीआर के उपलब्ध होने पर बैराज की ऊंचाई 8 मीटर से 10 मीटर तक किए जाने हेतु समिति की रिपोर्ट 6 सितंबर 2018 को आईआईटी अहमदाबाद से वैट एवं आईआरआई रुड़की से मॉडल स्टडी करवाया गया इन सबके बावजूद टेंडर को पुनर्रीक्षित कर अनुबंध क्यों नहीं किया गया। सतपाल महाराज ने अपने आदेश में यह कहा है कि जिस समिति का उल्लेख किया जा रहा है उसके द्वारा अपनी रिपोर्ट में ऊंचाई बढ़ाने की कहीं भी संस्तुति नहीं की गई है। तकनीकी सलाहकार ने 11 जून 2019 को अतिरिक्त कार्यों को कराने के लिए सलाह दी यह सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई इस सलाह का क्या औचित्य था। उन्होंने कहा कि सलाहकार को नियुक्त करने के लिए क्या प्रशासन से अनुमति ली गई और उनकी सलाह को मानने से पूर्व कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराकर क्या शासन की अनुमति प्राप्त की गई। यह तमाम कारण हैं जिसके लिए सिंचाई मंत्री ने सूर्यधार बैराज के निर्माण से संबंधित कार्यों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं। सिंचाई मंत्री ने सचिव सिंचाई को निर्देश दिए हैं कि इस बात की भी जांच की जाए कि जब अनुबंध पुरानी ऊंचाई 8 मीटर के आधार पर किया गया, बढ़ी हुई ऊंचाई के आधार पर नहीं, जबकि निविदा आमंत्रित करने से पूर्व ही ऊंचाई बढ़ाए जाने का निर्णय लिया जा चुका था जो कि प्रमुख अभियंता के मौखिक निर्देश के क्रम में हुआ। श्री महाराज ने कहा कि विभागीय कार्यों को कराए जाने का आधार विभागीय सेड्यूल ऑफ रेट होता है बाजार की दरों को कैसे एवं क्यों सम्मिलित किया वह भी निविदा की लागत का आंकलन करने में स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसकी भी जांच की जाएगी।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सचिव सिंचाई को सूर्यधार बैराज निर्माण कार्यों की जांच के आदेश देते हुए सेड्यूल ऑफ रेट से 20 प्रतिशत अधिक दर पर सिविल कार्य कराए गये एवं इसी अनुबंध की दर के अंतर्गत ही अतिरिक्त कार्य भी कराए गये जिसके कारण सम्पूर्ण कार्य लगभग 62.00 करोड़ का कराया गया जो कि योजना हेतु स्वीकृत धनराशि 50. 24 करोड से लगभग 12 करोड़ अधिक है। स्वीकृत धनराशि से 12.00 करोड अतिरिक्त धनराशि व्यय किया जाना शासकीय धन का दुरुपयोग है।

उल्लेखनीय है कि सूर्यधार बांध परियोजना से भोगपुर, घमंडपुर व लिस्ट्राबाद के 18 गांव की 1287 हेक्टेयर भूमि पर पूरे साल पर्याप्त सिंचाई हो सकेगी। इस जलाशय के निर्माण से लगभग 33500 लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल पायेगी। ज्ञात हो कि 27 अगस्त 2020 को सूर्यधार बैराज निर्माण परियोजना का सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना लागत बढ़ने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जांच की बात कही थी।

सीएम से मिलीं मेयर अनिता, मृतक बागड़ियों के परिजन को मुआवजे की रखी बात

बीते दिनों सड़क हादसे में मारे गए बागड़ियों के परिजनों को मुआवजा मिले, इसके लिए मेयर अनिता ममगाईं ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। इस संदर्भ में मेयर अनिता ने सीएम को ज्ञापन भी सौंपा।

मेयर अनिता ने सीएम को बताया कि खानाबदोश जीवन जीने वाले तमाम मृतक बेहद गरीब परिवार के थे, जिन्हें जल्द से जल्द मुआवजे की राशि दी जानी चाहिए। घटना की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदना जताई और शीघ्र मुआवजे की राशि के लिए आवश्यक दिशा निर्देश अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दे दिए। जिस पर मेयर द्वारा मुख्यमंत्री का आभार भी जताया गया।

बाजारों में जाल निर्माण कार्य का मेयर अनिता ने किया निरीक्षण

बाजारों में जल निकासी की समस्या का स्थाई समाधान कराने के लिए नगर निगम प्रशासन नालियों पर जाल लगाए जाने का कार्य कर रहा है। इससे पूर्व निगम प्रशासन की ओर से नालियों में बरसाती पानी की निकासी के लिए जर्जर पाइपों को भी बदल कर नई पाईप लाइन भी डाली गई हैं। उक्त तमाम कार्यों का निरीक्षण मेयर अनिता ममगाईं ने किया।

विजयदशमी के सरकारी अवकाश के बावजूद नगर निगम मेयर अनिता ममगाईं उक्त निर्माण कार्य का जायजा लेने बाजार पहुंची। जहां उन्होंने व्यापारियों को पर्व की बधाई देने के साथ जाल लगाने के निर्माण कार्य में निगम को किए गए सहयोग के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि शहर के तमाम बाजारों में जल निकासी की समस्या का स्थाई समाधान कराने के लिए जहां जर्जर पाइप लाइनों को बदला जा रहा है वहीं जाल लगाकर दुकानों की सुंदरता के लिए टाईले भी लगवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को समय अवधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित भी किया गया है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता आनंद मिश्रवाण, जल संस्थान से जेई वीरेंद्र राणा, पार्षद रीना शर्मा, विजय बडोनी, कमला गुनसोला, अजीत गोल्डी, नितिन गुप्ता, राजेश भट्ट, पंकज शर्मा, सुनील उनियाल, मदन कोठारी, हितेंद्र पंवार, संजय पवार, प्रवीण अग्रवाल, मेजर कृष्ण खुराना, प्रिंस डंग, भारत डंग, जितेंद्र अग्रवाल, अमरीक, प्रीतपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

तीर्थनगरी में मेयर अनिता की मौजूदगी में पुलिस और निगम ने निकाला फ्लैग मार्च

ऋषिकेश। तीर्थनगरी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के साथ अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन के साथ फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान शहर के व्यापारियों ने भी शिरकत की और दुकानदारों से नालियों के आगे अपना सामान न रखने की अपील की।

मेयर अनिता ममगाईं ने जहां दुकानदारों से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील की वहीं उनसे स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपनी दुकानों का सामान दुकानों की सीमा के भीतर तक ही रखें। नालियों से बाहर रखे गए सामान को अतिक्रमण माना जाएगा। इस पर निगम की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सामान को जब्त तक किया जा सकता है।

इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी, नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, सहायक नगर आयुक्त एलम दास, विनोद लाल, कोतवाली प्रभारी रितेश शाह, व्यापारी नेता हितेंद्र पवार, संजय पवार, पंकज चावला, प्रतीक कालिया, राजेश भट्ट, पंकज चावला, पवन शर्मा, पंकज शर्मा, प्रतीक पुण्डीर, दीपक बंसल, ज्योति सहगल आदि मौजूद रहे।

पर्यटन सचिव ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बद्रीनाथ में रह रहे लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ धाम को एक आध्यात्मिक टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा।

पर्यटन सचिव ने कहा कि मास्टर प्लान को कार्यन्वयन करने में जिला प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने प्रस्तावित मास्टर प्लान को लेकर बद्रीनाथ में डिटेल सर्वे करने, सर्वे के आधार पर भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव तैयार करने तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास हेतु लैंडबैंक तैयार करने को कहा। बद्रीनाथ मंदिर पहले की तरह देवदर्शनी एवं पूरे बद्रीनाथ टाउन में हर छोर से दिखाई दे इस पर विशेष फोकस रखा जाए। बद्रीनाथ धाम में तालाबों के सौन्दर्यीकरण, स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमैंट, मंदिर एवं घाट का सौन्दर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फेसलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य मास्टर प्लान के तहत चरणबद्व ढंग से प्रस्तावित किए गए है। यात्री सुविधाओं के लिए तीन चरणों में अगले वर्ष मार्च से विकास के निर्माण कार्य शुरू होंगे।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बदरीनाथ के निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान कहा, ‘‘उत्तराखंड, नगर नियोजन विभाग ने पहले ही बद्रीनाथ धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान-2025 तैयार किया है। इस प्लान के कम्पोनेंट और धाम में वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लगभग 85 हैक्टियर क्षेत्रफल में सुविधाओं को विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। जिससे इस पूरे हिल टाउन में सुव्यवस्थित ढंग से ट्रैफिक मैनेजमेंट हो सके और तीर्थ यात्रियों को यहां पर धार्मिक और आध्यात्म की अनुभूति मिल सके। यहां के हक हकूक धारियों, तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों एवं स्थानीय निवासियों के हितों, उनके रोजगार एवं आजीविका को ध्यान में रखते हुए यहां पर मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जाएगें।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा, ‘‘आध्यात्मिक क्षेत्र बदरीनाथ धाम के विकास हेतु बदरीनाथ मास्टर प्लान महत्त्वपूर्ण महायोजना है जहां हर साल बद्रीनाथ में श्रद्वालुओं की संख्या बढ रही है उसके लिए यहां यात्री सुविधाएं विकसित करना बेहद जरूरी है। बैठक में पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, अधीक्षण अभियंता लोनिवि मुकेश परमार, जिला पर्यटन अधिकारी वृजेन्द्र पांडे आदि मौजूद रहे।

निगम क्षेत्र में लोगों को कूड़ा एकत्र को मिलेंगे 50 हजार कूड़ादान

ऋषिकेश को साफ और स्वच्छ रखने की मुहिम में नगर निगम प्रशासन प्रतिबद्धता के साथ जुटा हुआ नजर आ रहा है। शहर में घरों से निकली गंदगी सड़कों पर बिखर कर शहर की सुंदरता पर दाग ना लगा सके इसके लिए नगर निगम ने तमाम चालीस वार्डो के प्रत्येक घर में डस्टबिन बांटने का अभियान शुरू किया है। नगर निगम प्रांगण सहित बापू ग्राम स्थित निगम के ग्रामीण क्षेत्र के कैम्प कार्यालय में महापौर ने अभियान का श्रीगणेश लोगों को डस्टबिन बांटकर किया।

नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में अव्वल आने के संकल्प के साथ साथ निगम काम कर रहा है। घरों की गंदगी सड़कों पर नजर ना आए इसके लिए निगम क्षेत्र के प्रत्येक घर में निगम की ओर से दो-दो निशुल्क डस्टबिन दिए जाएंगे। जिसमें लोगों को सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग डालकर रोजाना निगम के स्वच्छता वाहन में डालना होगा। स्वच्छता वाहन में जीपीएस सिस्टम के अलावा हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। जिसके जरिए नियमित रूप से निगम के वाहन घर-घर तक पहुंचकर कूड़ा एकत्र करेंगे। बताया कि कूड़े के निस्तारण के लिए यूएनडीपी एचडीएफसी बैंक के माध्यम से निस्तारण प्लांट लगा दिया गया है। गीले कूड़े के निस्तारण के लिए कंपोस्ट पिट बनाई जा रही हैं जिससे खाद बनाई जा सकेगी। मौके पर एसएनए एलम दास, विनोद लाल, पार्षद विजेंद्र मोगा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद अनीता प्रधान, पार्षद अनीता रैना, पार्षद विपिन पंत,पार्षद लष्मी रावत,पार्षद रश्मि देवी, पार्षद कमलेश जैन, पार्षद रीना शर्मा, पार्षद सुंदरी कंडवाल, पार्षद पुष्पा मिश्रा, पार्षद शकुंतला शर्मा, पार्षद शोकत अली, ग्रामीण जन संपर्क अधिकारी प्रदीप धस्माना, अनिकेत गुप्ता, रंजन अंथवाल, राजीव राणा राणा आदि मौजूद रहे।