मुख्यमंत्री ने छुपने वाले और छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर रात्रि 9 बजे अपने आवास में दीपक प्रकाशित किए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरोना वायरस से संघर्ष में इससे अवश्य ही हम सभी का उत्साह बढ़ेगा। पूरे देश ने जिस संयम और एकजुटता का परिचय दिया है, वह प्रेरणादायक है। हम अपने आत्मबल की शक्ति से कोरोना वायरस के खिलाफ लङाई में जरूर जीतेंगे। बस हमें निराश नहीं होना है, धैर्य और संयम बनाए रखना है, घर पर रहना है, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी है और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करना है।

वहीं, दिनभर के घटनाक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस को रोकने में प्रशासनिक कार्यवाही का विरोध करने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत कङी कार्रवाई की जाएगी। क्वारेंटाईन किए गए लोग अगर छुपते हैं या कोई उन्हें छुपाते हैं तो छुपने वाले व छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्हें सख्त हिदायत दी जाती है कि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर चार गुना वसूली की जाएगी। कुछ छिटपुट जगहों पर लोग अफवाहो के बहकावे में भी आए हैं। प्रदेशवासियों से अनुरोध है अफवाहो में न आएं और केवल सरकारी प्रामाणिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। स्वास्थ्य विभाग समय समय पर गाइडलाइन जारी करता है जिसे मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग कोरोना वायरस से लङाई में जुटे हैं। कुछ लोगों को इनकी तपस्या को बेकार करने नहीं दिया जाएगा।

कोरोना वायरस बचाव कार्यों में जो सहयोग न करें, सख्त कार्रवाई की जाए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की स्थिति के संबंध में अपने आवास पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन खुलने की स्थिति में भीङ को रोकने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली जाए। कोरोना वायरस से बचाव कार्यों में जो लोग सहयोग नहीं करते हैं उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोग सरकार का साथ दें, इसके लिए सभी धर्मगुरूओं और समाज के प्रबुद्धजनों का सहयोग लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा व एडीजी वी विनय कुमार उपस्थित थे।

सीएम ने की अपील, पांच अप्रैल के पीएम के आह्वान को बनाएं सफल
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर कोरोना वायरस के खिलाफ लङाई में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए 05 अप्रैल 2020 को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घरों में लाईट बंद कर चार दीपक प्रकाशित करने का आग्रह किया है। यदि दीपक न हो तो मोमबत्ती, टार्च या मोबाईल की फ्लैश लाईट भी जला सकते हैं। हम सभी दीपक जलाकर कोरोना वायरस से लङने में अपनी एकजुटता और दृढ़ संकल्प का परिचय दें। परंतु हमें कुछ बातों का भी ध्यान रखना है। प्रधानमन्त्री ने केवल घरेलू लाईट बंद करने के लिए कहा है। बिजली के अन्य उपकरणों जैसे टीवी, फ्रिज आदि को बंद नहीं करना है। इसी प्रकार आवश्यक सेवाओं में भी लाइट बंद नहीं होगी। स्ट्रीट लाइट भी जली रहेंगी। अति उत्साह में पूरे सोसायटी, अपार्टमेंट या घर के मेन वितरण प्रणाली से बिजली आपूर्ति बंद न करें। घर से बाहर न निकलें और न ही इकट्ठे हों।

कोराना वायरसः विधायक कंडारी ने दिया एक माह का वेतन

देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में सहायता राशि के रूप में एक माह का वेतन दिया है। कोविड-19 के दृष्टिगत उत्तराखंड बीज प्रमाणीकरण संस्था देहरादून, की ओर से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख की धनराशि दी गई। यह जानकारी अध्यक्ष, उत्तराखंड बीज प्रमाणीकरण संस्था राजवीर सिंह ने दी है। वहीं, पूर्व अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी अरुण कुमार सूद ने भी 11 हजार की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है।

उधर, कोविड-19 के दृष्टिगत जनजाति कल्याण निदेशालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की हैं। यह जानकारी निदेशक जनजाति कल्याण सुरेंद्र चंद्र जोशी ने दी। इसी क्रम में नुनावाला निवासी यशवंत सिंह रावत ने दो लाख रूपए का चेक एवं मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह रावत ने 21 हजार का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है।

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने असहाय लोगों की मदद को की एंबुलेंस बुक, भेजा घर

देहरादून पुलिस ने समाजसेवियों की सहायता से एंबुलेंस बुक कराकर एम्स अस्पताल में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस से पीड़ित को पीलीभीत उत्तर प्रदेश स्थित घर भेजा। वहीं, दूसरी एंबुलेंस से कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को पौड़ी जनपद स्थित घर भेजा है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि एम्स अस्पताल ऋषिकेश में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस पीड़ित 65 वर्षीय बशीर अहमद पुत्र अब्दुल्ला निवासी माधवपुर थाना अमरिया तहसील उमरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश को 28 मार्च 2020 को भर्ती कराया गया था। लॉकडाउन के चलते वह वापस नहीं जा पा रहे थे। इस पर स्थानीय लोगों की मदद से पीलीभीत के लिए एंबुलेंस बुक करवाकर भेजा गया है।
वहीं, कैंसर रोग से पीड़ित 36 वर्षीय योगम्बर सिंह पुत्र चतर सिंह निवासी ग्राम देवरी जिला पौड़ी गढ़वाल का इलाज चल रहा था। उन्हे ं18 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोतवाल ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और इलाज के दौरान इसका एक पैर काटा गया है। उनके साथ पत्नी और तीन साल की बेटी भी है। लॉकडाउन के चलते उन्हें गांव जाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में पुलिस ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर स्थानीय समाजसेवियों की मदद से उक्त व्यक्ति को रविवार का ेआवश्यकतानुसार राशन और एंबुलेंस से घर भेजा गया।

31 मार्च की सुबह सात से सायं आठ बजे तक एक जिले से दूसरे जिले जाने की मिली छूट

प्रदेश के भीतर जो लोग एक जिले से दूसरे जिले में जाना चाहते हैं, वे लोग 31 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक जा सकेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह अनुमति होगी। एक दिन का यह विंडो इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाया जाना होगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह सात से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की व्यवस्था का अच्छा रेस्पोंस मिला है। इससे लोगों में घबराहट खत्म हुई है, भीङ भी नहीं हो रही। लोग भी अब समझने लगे हैं। इसलिए इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जो उत्तराखंडवासी फंस गए हैं उनके लिए उत्तराखंड सदन ओपन कर दिया गया है। वहां उनके भोजन, मेडिकल आदि व्यवस्था है।

इसी प्रकार मुम्बई में भी उत्तराखंड भवन को लॉकडाऊन में फंसे उत्तराखंड के लोगों के लिए ओपन किया गया है। उन्होंने बताया कि हम दो तीन दिन में 500 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रहे हैं। इससे हमारे यहाँ चिकित्सक पर्याप्त संख्या में हो जाएंगे। सीएम ने बताया कि पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र और वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक माह की छूट दी गई है।

लॉकडाउन में शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर निगम सचेत

लॉकडाउन के दौरान नगर निगम प्रशासन शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर सचेत है। नगर निगम क्षेत्र को सेनेटाइजर करने के साथ शनिवार से सोशल डिस्टेसिंग के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीटीसी परिसर और निगम प्रांगण में प्रशासन की ओर से सब्जी मंडी को शिफ्ट कराकर फल एवं सब्जी की ठेलियां लगवाई गई। इसके बेहतर नतीजे भी देखने को मिले और बिना भीड़भाड़ के आराम से लोगों ने खरीदारी की।

प्रतिदिन की तरह ऋषिकेश की पहली मेयर अनिता ममगाई और नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल के दिशा निर्देशन में निगम की विभिन्न टीमों ने देहरादून रोड़, काली कमली, सपेरा बस्ती सहित कई क्षेत्रों में लोगों को भोजन वितरित किया। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम मेयर अनिता ममगाई ने शहरवासियों से अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा से ज्यादा कोशिश हो, घर से बाहर न ही निकले। यदि जरूरी सामान के लिए बाहर निकलते भी हैं तो मास्क और ग्लब्स का इस्तेमाल करें। साथ ही सेनिटाइजर या साबुन से हाथ को 20 सेकंड तक रगड़कर साफ करें।

उन्होंने बताया सोशल डिस्टेसिंग के परिपालन में नगर निगम परिसर एवं बस टर्मिनल कंपाउंड में सब्जी मंडी की व्यवस्था शनिवार से शुरू कर दी गई है। हरिद्वार रोड स्थित फुटकर सब्जी मंडी में भीड़ होने के कारण लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर पा रहे थे। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों में सब्जी मंडी को शिफ्ट करने का निर्णय लिया था ।यह व्यवस्था शनिवार से लागू कर दी गई। इन सभी को नगर निगम की ओर से पास जारी किए गए हैं। नगर निगम में 50 और बस अड्डे में 50 सब्जी एवं फल विक्रेताओं को बैठाया गया है। इसके अलावा मोहल्ले में फेरी लगाकर बिक्री की व्यवस्था भी की गई है।

नो प्रॉफिट नो लॉस वाले किराना व्यापारियों का होगा सम्मानः अनिता

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि कोरोना वायरस जैसे संकट के इस दौर में प्रत्येक किराना व्यापारी पर नगर निगम की नजर है। ऐसे समय में जो व्यापारी नो प्रॉफिट नो लॉस पर अपने सामान का विक्रय कर रहा है, उस पर नजर रखकर नगर निगम सम्मानित करेगा। लॉकडाउन समाप्त होने पर ऐसे किराना व्यापारियों को निगम की ओर से सम्मानित किया जाएगा।

ऋषिकेश निगम ने एक-एक मीटर की दूरी पर मार्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग कराई

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से चल रहे लॉकडाउन के दौरान नगर निगम प्रशासन ने संपूर्ण शहर को सैनिटाइजेशन करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। बृहस्पतिवार को भी दिनभर निगम के तमाम सफाईकर्मी नगर के विभिन्न क्षेत्रों में.स्चच्छता की मुहिम में जुटे रहे। इसके अलावा सोशल डिस्टेसिंग के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के समय दुकानों में उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने की दिशा में निगम प्रशासन ने समुचित उपाय किये। इस कड़ी में किराना व सब्जी की दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का अनुपालन करने के लिए दुकान के बाहर कम से कम एक-एक मीटर की दूरी पर ग्राहकों के खड़े होने के लिए स्थान चिह्न्ति करवाया गया है। इसका बेहतर परिणाम भी वृहस्पतिवार को देखने को मिला और बुधवार के मुकाबले आज लोग अधिक सजग और जागरूक नजर आये।
नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सुबह सात से 10 बजे तक दी जा रही ढील के दौरान किराना और फल-सब्जी की दुकानों में लोग झुंड बनाकर खड़े हो रहे थे। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पा रही, जो कि कोरोना की रोकथाम को आवश्यक है। भीड़ को व्यवस्थित करने और संक्रमण का फैलाव रोकने के मद्देनजर दुकानों के बाहर ग्राहकों के खड़े होने को एक-एक मीटर की दूरी पर जगह मार्क कराई गई थी। इस पर अमल भी शुरू हो गया। इसके सार्थक नतीजे देखने को मिल रहे हैं। महापौर ममगाई ने कोरोना संकट संकट की घड़ी में शहरवासियों से शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन की अपील भी की।

सरकार का ऐतिहासिक फैसला, प्रमोशन में अब आरक्षण नही चलेगा

उत्तराखंड में प्रमोशन से रोक हटाने के प्रदेश सरकार के फैसले के बाद परेड मैदान में जुटे जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली मनाई। उन्होंने इसे आंदोलन की जीत करार दिया। लेकिन सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन भड़क गया है। फेडरेशन ने विरोध में आज सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार का पुतला फूंकने का फैसला किया है। बुधवार को प्रमोशन से रोक हटने का आदेश जारी होने के बाद एससी-एसटी कर्मचारी जुट गए और उन्होंने एक सभा कर सरकार पर उनके हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया।
इससे पूर्व सचिवालय में उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई, बीपी नौटियाल, ठाकुर प्रहलाद सिंह, अरुण पांडेय, राकेश जोशी निगम अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुसांई, प्रदेश महामंत्री बीएस रावत समेत कई कर्मचारी नेताओं के साथ मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की वार्ता हुई। इस वार्ता में सहमति बनने के बाद कर्मचारी नेता परेड मैदान स्थित धरना स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने प्रमोशन से रोक हटने, पदोन्नति के आदेश जारी होने और कार्य बहिष्कार की अवधि अर्न लीव (उपार्जित अवकाश) में एडजस्ट होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेमियादी हड़ताल को स्थगित किया जा रहा है। यदि कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस न हुए और उनके खिलाफ कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई हुई फिर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने सभी हड़ताली कर्मचारियों का आभार जताया और इसे कर्मचारियों के एकजुट संघर्ष की जीत करार दिया। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया। उन्होंने जमकर होली खेली। एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई ने बताया कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियो ंने होली नहीं मनाई थी। आज उन्होंने मांगें पूरी होने की खुशी में उन्होंने होली मनाई।

सरकार की कार्रवाई, आम लोगों को राहत देने और हड़ताल रोकने के लिए एस्मा लागू

आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड में प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल रोकने के लिए शासन ने एस्मा लागू कर दिया है। शासन ने इसकी अधिसूचना जारी कर छह माह के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगा दी है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने उत्तर प्रदेश अति आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 के तहत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों, पैरामेडिकल व अन्य कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगा दी है।
अपर सचिव युगल किशोर पंत की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में तैनात डॉक्टरों व कर्मचारियों की सभी सेवाओं को आवश्यक सेवाएं घोषित कर हड़ताल पर रोक लगाई गई है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जहां सरकार प्रदेश भर में हाई अलर्ट जारी कर चुकी है, वहीं प्रमोशन में आरक्षण के लिए खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में डॉक्टर, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ संघ की ओर से दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जा रहा था।
स्वास्थ्य कर्मचारी संगठनों की ओर से पूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था। इसे देखते हुए शासन ने एस्मा लागू कर स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगा दी है।