अब उत्तराखंड बोर्ड की राह पर चले मदरसे

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने अहम निर्णय लेते हुये यह फैसला लिया है कि मदरसों में दसवीं और बारहवीं की परीक्षायें उत्तराखंड बोर्ड पैटर्न की तर्ज पर होंगी। अब यह कहा जा सकता है कि मदरसे भी सरकारी व निजी स्कूलों की राह पर चलेंगे।

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड कार्यालय में हुई बैठक में मदरसों की बोर्ड परीक्षा को सरल बनाने पर चर्चा की गई। लंबे विचार-विमर्श के बाद सदस्यों ने उत्तराखंड के मदरसों की परीक्षाओं में भी उत्तराखंड बोर्ड के समान परीक्षा पैटर्न लागू करने का फैसला लिया। बोर्ड के डिप्टी रजिस्ट्रार अहमद अखलाक अंसारी ने बताया कि मदरसों में बोर्ड की परीक्षा का पैटर्न बहुत जटिल था। इसके कारण बच्चों को कई तरह की परेशानियां भी होती थीं।

इसलिए बोर्ड ने पैटर्न को सरल बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने मदरसों के पुराने पैटर्न का जिक्र करते हुए बताया कि 10वीं कक्षा में 10, जबकि 12वीं में नौ पेपर होते थे। लेकिन अब उत्तराखंड बोर्ड की भांति 10वीं में छह और 12वीं में पांच ही परीक्षा होंगीं। इसके अलावा अभी तक मदरसों में 10वीं की परीक्षा में एक हजार अंकों से मूल्यांकन होता था। लेकिन, अब 10वीं में पांच सौ और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में छह सौ अंकों से मूल्यांकन होगा। बताया कि इस दिशा में अन्य संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। जल्द ही कुछ निर्णय भी लिए जा सकते हैं।

गंगा की स्वच्छता का जिम्मा जर्मनी से आयी टीम के हाथों


जर्मनी के प्रतिनिधिमण्डल नेे सचिवालय में डिप्टी मिशन चीफ डॉ.जेस्पर वेक के नेतृत्व में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया। मिशन चीफ के साथ फेडरल मिनिस्ट्री के साउथ एशिया डिवीजन हेड डॉ.रोलफ्राम क्लेन, जर्मन डेवलपमेंट बैंक के सीनियर पॉलिसी ऑफिसर, जीआईजेड(जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल टेक्निकल कोऑपरेशन) के कंट्री डायरेक्टर डॉ.यूरिक रिवेरे, सिल्के पालविज सहित अन्य अधिकारी थे। जीआईजेड उत्तराखण्ड में गंगा नदी की स्वच्छता, चिकित्सा, कौशल विकास में तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा।

गंगा नदी की स्वच्छता के लिए जर्मनी के मिशन चीफ के समक्ष 920 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जीआईजेड को बताया गया कि हरिद्वार, ऋषिकेश, तपोवन, मसूरी, देहरादून में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्किंग का कार्य किया जायेगा। इन शहरों में 265.47 एमएलडी सीवेज निकलता है। इनके नेटवर्किंग 574.26 किमी में की जानी है। जर्मन मिशन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा बनाये गये डीपीआर का मूल्यांकन जर्मन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है। जीआईजेड गंगा नदी की स्वच्छता के लिए 920 करोड़ रूपये दिये जाने पर जल्द निर्णय लेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का संकल्प है कि गंगा नदी स्वच्छ व निर्मल हो। कोई भी नाला गंगा नदी में नही गिरने दिया जायेगा, इसके लिए गंगा किनारे के कस्बों में कार्य चल रहा है। जर्मनी के सहयोग से इस कार्य में और गति मिलेगी।

यहां ऐसे मना बाल दिवस, अधिक पढ़े…..

14 नवंबर यानी बाल दिवस, और बाल दिवस के ध्यान आते ही हमारे जेहन में पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस याद आता है। पंडित नेहरू को सभी बच्चे चाचा नेहरू कह कर संबोधित करते थे। कहा जाता है कि नेहरू को बच्चे बहुत ही प्रिय थे। यही वजह है कि आज भी हम सभी नेहरू के जन्मदिवस के दिन अपना समय बच्चों के बीच बिताया करते है।
नेहरू के जन्मदिवस के अवसर पर तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी बाल दिवस देखने को मिला। जब लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने यहां स्थित श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले जरूरतमंद व गरीब वर्ग से आने वाले छात्रों को उपहार भेंट किया।

आपको बता दें कि लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन तीर्थनगरी में सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने के लिये जाना जाता है। लियो क्लब असहाय व जरूरतमंद लोगों की मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इसी कड़ी में लियो क्लब द्वारा इंटर कॉलेज में पिछले वर्ग के बच्चों को स्कूली जूते वितरित किये गये। क्लब के अध्यक्ष रजत भोला ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य है। उनका आज अच्छा होगा तभी वह आगे अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। क्लब के सचिव विशाल लूथरा ने बताया कि चाचा नेहरू का बच्चों के प्रति लगाव को देखते हुए उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
क्लब के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर विवेक तिवारी ने कहा कि चाचा नेहरू की भांति उन्हें भी बच्चों से अधिक लगाव है। स्कूली बच्चों के पैरों में जूते न देखकर उन्होंने बाल दिवस के अवसर पर क्लब के सदस्यों से इस पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि क्लब द्वारा आगे भी इसी तरह के सामाजिक कार्य किये जाते रहेंगे।

राष्ट्रपति की एयर होस्टेस बेटी की ड्यूटी को एयर इंडिया ने बदला

सुरक्षा की दृष्टि से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की एयर होस्टेस बेटी को ग्राउंड डयूटी के काम पर लगा दिया गया है। एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
यहां आपको बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बेटी स्वाति एयर इंडिया के विमान बोइंग 787 और 777 में एयर होस्टेस थीं। लेकिन, पिछले लगभग एक महीने से उनको विमानन कंपनी के मुख्यालय स्थित एकीकरण विभाग में काम करने को कहा गया है। एयर इंडिया के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति की बेटी होने के नाते उनके लिए सुरक्षा कर्मियों के साथ यात्रा करना संभव नहीं था। कई यात्रियों की सीट घेर लेना मुश्किल होता। इसी को देखते हुए उनका तबादला करने का फैसला किया गया।

स्वाति बेहद ही सरल स्वभाव की है। उन्होंने आज तक इस बात का अधिकार नहीं जताया कि वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बेटी है। यहां तक कि वह अपने नाम में पिता का सरनेम तक नहीं लगाती हैं। स्वाति एयर इंडिया के बोइंग 777 और 787 एयरक्राफ्ट में ड्यूटी करती हैं। वो अक्सर ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और यूएस जैसे लंबे रूट पर ड्यूटी करती हैं। स्वाति के मामा सी. शेखर एयरलाइन भी इन-फ्लाइट सुपरवाइजर के तौर पर कुछ समय पहले ही रिटायर हुए हैं।
बीते दिनों जब स्वाति ने प्रिवलेज लीव के लिए अप्लाई किया, तब भी उन्होंने ये नहीं बताया कि वे अपने पिता के राष्ट्रपति चुनाव के लिए छुट्टियां ले रही हैं। स्वाति के ऑफिशियल रिकॉर्ड में भी मां का नाम सविता और पिता का नाम आरएन कोविंद लिखा गया है।

राज्य तरूण से युवा अवस्था में प्रवेश कर रहाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य स्थापना दिवस के 17 साल होने पर आयोजित रैबार कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रैबार’ का मुख्य उद्देश्य है कि हम सब मिलकर राज्य के सर्वागींण विकास के लिए एकजुट होकर सोचे और राज्य को तीव्र विकास की धारा से जोड़ें। उन्होंने कहा राज्य स्थापना के 18वें साल में प्रवेश कर रहा है। तरूण अवस्था से युवा अवस्था में प्रवेश कर रहे उत्तराखण्ड को किस तरह आगे बढ़ाना है। इस पर सब मिलकर विचार करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पदों पर आसीन उत्तराखण्ड मूल के प्रतिष्ठित लोगों के साथ इस बारे में गहनता के साथ चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सात माह में राज्य सरकार ने गुड गवर्नेंस एवं भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के लिए प्रभावी कदम उठाये हैं। जन समस्याओं के निदान के लिए समय-समय पर जन संवाद किये जा रहे हैं। जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए टोल फ्री नम्बर1905 पर शिकायत की जा सकती है। प्रशासनिक सुधार के लिए सचिवालय से ब्लॉक स्तर तक बायोमेट्रिक हाजिरी प्रारम्भ की गई है। सेवा के अधिकार में 162 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं। डी.बी.टी के माध्यम से कृषि उर्वरक सब्सिडी प्रारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड देश पांचवा राज्य है। कलस्टर आधारित खेती पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में चकबन्दी करने का निर्णय लिया है। चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक जिला अस्पतालों में आईसीयू बनाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 06 माह में परिवहन एवं ऊर्जा के क्षेत्र में लक्ष्य से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई है। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री के सचिव भाष्कर खुल्बे ने कहा कि राज्य के विकास के लिए हम क्या कर सकते हैं, इसके लिए सबको एकजुट होकर चिंतन एवं मंथन कर कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के तीव्र विकास के लिए कौशल विकास पर विशेष बल देना होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय आवश्यकताओं की मैपिंग कर उसके अनुरूप योजना बनानी होगी। हर जिले के लिये कम से कम अगले 10 वर्ष की आवश्यकताओं की मैपिंग की जानी चाहिए। पर्वतीय जनपदों में वोकेशनल ट्रेनिंग की जरूरतों का अध्ययन कर उसकी व्यवस्था की जाय। पाठ्यक्रम में उत्तराखण्ड के पर्यटन एवं हाॅिर्टकल्चर को जोड़ा जाय। राजधानी और अन्य शहरों में स्वच्छता पर भी ध्यान देना होगा। इससे निवशकों और पर्यटकों में अच्छा संदेश जाता है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास के लिए पर्यटन को बढ़ावा देना होगा। उत्तराखण्ड को भारत का स्विट्जरलैण्ड बनाने के लिए नये हिल स्टेशनों को डेवलप करना जरूरी है एवं उनका व्यापक स्तर पर प्रचारप्रसार भी जरूरी है। हिल स्टेशनों के लिये मास्टर प्लान की आवश्यकता पर बल दिया। कोस्टगार्ड के डायरेक्टर जनरल राजेन्द्र सिंह ने कहा कि अब युवा उत्तराखण्ड की दशा और दिशा बदलने का समय आ गया है। उत्तराखण्ड के चहुमुखी विकास के लिए गुणवत्तापरक शिक्षा, स्वच्छता, स्वरोजगार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को समृद्ध राज्य बनाने के लिए युवाओं में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं कड़ी मेहनत के संस्कार देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्रों को प्रेरित करने के लिए आईएएस अधिकारी स्कूलों में जा रहे हैं, यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों से संवाद स्थापित करने के लिए उन्हें भी मौका मिलेगा तो वे इसके लिए हमेशा तैयार हैं। पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां पलायन की समस्याओं के निदान के लिए पलायन आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन तेजी से हो रहा है। राज्य में 968 गांव खाली हो चुके तथा 1000 गांव में 100 से कम लोग है। अल्मोड़ा एवं पौड़ी में तेजी से पलायन हुआ है। पलायन को रोकने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, मानव संसाधनों एवं मूलभूत आवश्यकताओं पर बल देना होगा।

खुद ही के लिये कब्र तैयार कर रहा पाकिस्तान

भारत लगातार अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए आगाह करता रहता है और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देना बंद करने के लिए कहता रहा है। अब पाकिस्तान को यही चेतावनी विश्व जगत से भी मिली है। फ्रेजाइल स्टेट्स इंडेक्स की 2017 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को उन 20 असफल देशों की फेहरिस्त में रखा गया है, जिन्हें खुद की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए।

अब पाकिस्तान को दुनिया के शीर्ष 20 फ्रेजाइल स्टेट्स में शामिल होने के बाद यह समझना होगा कि जिस आतंकवाद को वह अपने पड़ोसी देश भारत को परेशान करने के उद्देश्य से इस्तेमाल करता रहा है, वह खुद उसके लिए नासूर बन चुका है। यह इंडेक्स इसी ओर इशारा करता है।

अमेरिका की पाक को चेतावनी

अमेरिका भी पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने और आतंकवाद को अपनी जमीन से खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी देता रहा है। हाल ही में अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव भी पेश किया गया था।

हाल ही में भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने पाकिस्तानी नेतृत्व से सख्त लहजे में कहा कि वो आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे, वरना अमेरिका खुद पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।

स्मृति दिवस पर सीएम ने दी शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को पुलिस लाईन में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस कार्मिकों के लिए और अधिक आवासीय भवनों के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल और उनकी कार्य क्षमता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें अच्छी आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हो। भारत सरकार से अनुरोध करने के साथ-साथ राज्य सरकार के बजट से भी पुलिस कार्मिकों की आवासीय व्यवस्था को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पुलिसकर्मियों की आवासीय व्यवस्था 18 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय औसत 25 प्रतिशत है, अतः राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की आवासीय व्यवस्था में सुधार करने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गोवंश तस्करी के बढ़ते मामलों की शिकायत पर पुलिस महानिदेशक को हरिद्वार के लिए एक विशेष स्क्वायड गठित करने का निर्देश दिया। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने वीर शहीदों के परिजनों के प्रति भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड की सलामी भी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पुलिसकर्मियों के कल्याणार्थ सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पुलिस विभाग की कार्य क्षमता को बढ़ाने और कंपल्सिव करप्शन को जड़ से समाप्त करने के लिए थाना स्तर पर विभिन्न कामों हेतु 03 करोड़ की धनराशि का स्पेशल फंड बनाया गया है। पुलिस विभाग के कार्मिकों को विशिष्ट वीरता का प्रदर्शन करते समय वीरगति प्राप्त होने पर पूर्व में दी जाने वाली राशि को रुपए 10 लाख से बढ़ाकर रुपए 15 लाख कर दिया गया है। हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर के समस्त पुलिसकर्मियों को दिया जाने वाला मोटर साईकल भत्ता रू.400 से बढ़ाकर रू.1200 प्रतिमाह करने की स्वीकृति दी गई है। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, नरेंद्र नगर और सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र, हरिद्वार में नियुक्त प्रशिक्षकों को मूल वेतन का 15 प्रतिशत प्रशिक्षण भत्ता अनुमन्य किया गया है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु 02 नए थाने और एक रिपोर्टिंग पुलिस चौकी की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल “सभी को न्याय“ और “कानून के समक्ष समानता“ के आधार पर काम करें। सभी पुलिसकर्मी, पुलिस विभाग की ऐसी छवि बनाएं कि वर्दी में खड़े किसी कर्मी को देख पर्यटक और जनता अपने को सुरक्षित महसूस करें। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद और आतंकवाद की चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में यह खतरा कुछ संगठित आतंकवादी संगठनों से है जिनसे निपटने के लिए पुलिस विभाग को हर समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गत वर्ष संपूर्ण भारत में कुल 379 शहीद पुलिस कर्मियों का भाव पूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। इन शहीद पुलिसकर्मियों में उत्तराखंड के एक निरीक्षक और 06 कॉन्स्टेबल भी सम्मिलित हैं। उत्तराखंड पुलिस के जिन 07 पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है उनमें कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल कलम सिंह, कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल रविंद्र सिंह कुंवर, कॉन्स्टेबल सत्येंद्र सिंह नेगी, कॉन्स्टेबल नीतीश कुमार और निरीक्षक राम कुमार जुयाल शामिल है। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने बताया कि देश में शहीद हुए अधिकांश पुलिसकर्मी नक्सली, आतंकवादी और उग्रवादी घटनाओं में शहीद हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस वर्ष चिकित्सा प्रतिपूर्ति के अंतर्गत कुल 392 कार्मिकों के लिए एक करोड़ 83 लाख की धनराशि का भुगतान किया गया। व्यक्तिगत बीमा योजना के अंतर्गत मृत पुलिसकर्मिकों के आश्रितों के लिए रु. 12.5 लाख का भुगतान किया गया। 29 मृतक आश्रितों को कांस्टेबल और 3 मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

त्रिवेंद्र सरकार दिव्यांगों की हर सम्भव मदद के लिए तैयार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एएनएम घोष ऑडिटोरियम ओएनजीसी में आईवीवाई मेमोरीयल इण्टीग्रेटिड एजुकेशन सोसायटी द्वारा आयोजित दिव्यांग विद्यार्थियों के उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखंड में प्रथम बार आयोजित दो दिवसीय दिव्यांग टैलेंट शो दिव्यांगोत्सव में कई स्कूलों और संस्थाओं के बच्चों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि समय के साथ समाज एवं माता-पिता की दिव्यांगों के प्रति सोच बदली है। आधुनिकतम तकनीकी के प्रयोग और नवाचारों से दिव्यांग स्कूलों में अध्यापको ने बच्चों को हर खुशी देने का सराहनीय प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिव्यांगों की हर सम्भव मदद के लिए तैयार है। दिव्यांगों को बसों में आनेजाने के लिए सहायक की आवश्यकता न पड़े इसके लिए इसके लिए अधिकारियों को समाधान निकालने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य में विभिन्न चयन संस्थाओं द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों हेतु सुविधा प्रदान किये जाने, परीक्षा केन्द्र बहुमंजिले भवन में होने की स्थिति में दिव्यांग अभ्यर्थियों को भवन के भूतल स्थित कक्ष में ही सीट आवंटित किये जाने एवं परीक्षा केन्द्र जनपद मुख्यालयों में रेलवे स्टेशन अथव बस स्टेशन के समीप बनाए जाने के आदेश जारी कर दिये गए हैं। आवश्यकतानुसार उनकी सुगमता हेतु रैम्प आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। दिव्यांगोत्सव में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विभिन्न स्कूलों से आये दिव्यांग छात्र-छात्राओं में, चित्रकला, संगीत, ग्रुप डांस एवं अन्य प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत भी किया। आई.आई.टी. रूडकी की अनुश्रुति संस्था को सर्वश्रेष्ठ संस्था का पुरस्कार मिला। इस अवसर पर एग्लो इंडियन विधायक जार्ज आईवन ग्रेगरी मैन एवं विभिन्न स्कूलों से आये दिव्यांग छात्रों के शिक्षक उपस्थित थे।

अन्ना जल्द शुरू करेंगे जनआंदोलन

जनलोकपाल के लिए आंदोलन करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे अब मोदी सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल बजाने वाले हैं। लोकपाल की नियुक्ति न होने के चलते अन्ना ने आंदोलन का ऐलान किया है। रायपुर में अन्ना हजारे ने कहा है कि वो जल्द ही मोदी सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा, केंद्र में नई सरकार को साढ़े तीन साल हो गए, बावजूद इसके अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है।
व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं
इस ऐलान के साथ ही अन्ना ने ये भी साफ कर दिया कि वह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।. मगर, लोकपाल की नियुक्ति में देरी स्वीकार्य नहीं है।
अन्ना ने ये भी साफ किया कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक दल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं किया। अन्ना ने कहा, मैंने हमेशा राष्ट्रहित में आवाज उठाई है।
देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी
अन्ना हजारे ने लोकपाल के अलावा देश की अर्थव्यवस्था पर भी टिप्पणी की। अन्ना ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था हर दिन बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते महंगाई बढ़ रही है।
हाल ही में गांधी जयंती के अवसर पर अन्ना हजारे दिल्ली पहुंचे थे। यहां राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने एक दिन का सत्याग्रह किया था। जिसके बाद उन्होंने जनलोकपाल का मुद्दा फिर से उठाने की बात कही थी। अन्ना ने ये भी कहा था उनके आगामी आंदोलन में वही लोग हिस्सा लें, जिन्हें भविष्य में राजनीतिक दल में न जाना हो। इसके लिए उन्होंने आंदोलन में शामिल होने वालों से बाकायदा एफिडेविट मांगने की बात कही है।

पहला गांव होगा, यूपी सीएम चकबंदी वाला

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पौड़ी जिले में स्थित पैतृक गांव पंचूर को चकबंदी के लिए चुना गया है। यह फैसला उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया है। यमकेश्वर का एक गांव पंचूर प्रदेश का पहला ऐसा गांव होगा, जहां चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई है।
डीएम पौड़ी सुशील कुमार विभागीय टीम को लेकर पंचूर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने चकबंदी कार्य की विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी के पंचूर गांव से चकबंदी कार्य शुरू किया गया है। चकबंदी लागू होने से ग्रामीण किसानों की बिखरी हुई जोत एक हो जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर उनकी भूमि का एक ही स्थान पर एकीकरण कर दिया जाएगा।
जिससे ग्रामीण किसान को कृषि, विपणन, परिवहन कई मामले में लाभ पहुंचेगा। इस मौके पर यमकेश्वर के ब्लॉक प्रमुख कृष्णा नेगी ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गांव और यमकेश्वर में बसे इस गांव को चकबंदी के लिए चुना जाना क्षेत्र वासियों के लिए सम्मान की बात है। डीएम ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। जिलाधिकारी तहसील मुख्यालय विथयानी में आयोजित तहसील दिवस में भी जनसमस्याएं सुनेंगे और दिव्यांग जनों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे।