लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने उठाई रोजगार और विकास की मांग

दून और मसूरी के बीच बनने वाले रोपवे निर्माण में स्थानीय लोगों का पक्ष जानने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सौजन्य से लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। लोक सुनवाई में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने पूर्णरूप से प्रोजेक्ट को लगाये जाने पर सहमति के साथ ही समर्थन प्रदान किया। इसके अलावा स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही क्षेत्र के विकास की मांग भी की गई।

कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए एडीएम जीसी गुणवंत की अध्यक्षता में सोमवार को पुरकुल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह रोपवे दोनों शहरों के लिए रोमांच और पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। वहीं, सबसे पहले मैसर्स मसूरी स्काई कार कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को रोपवे से होने वाले लाभ और परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि रोपवे से सृजित होने वाले रोजगार के अवसर में ग्रामीणों को प्राथमिकता देने के साथ क्षेत्र के विकास के लिए भी काम किया जाए। जिस पर अवगत कराया गया कि ग्रामीणों को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा। रोपवे के निर्माण से बड़े पैमाने पर ढांचागत विकास होगा, जिससे मौजूदा क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। साथ ही मसूरी में भी इससे जुड़े कई विकास कार्य होंगे, जिसका पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। रोपवे से पर्यटक सुरक्षित व प्रदूषण मुक्त सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही दून और मसूरी के बीच सुंदर प्राकृतिक दृश्य भी देख सकेंगे। रोपवे से एक घंटे में दो हजार यात्री दोनों ओर सफर कर सकते हैं। दिन भर में रोपवे का 10 घंटे तक संचालन किया जाएगा। वहीं इस मौके पर यूटीडीबी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीन दयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के लिए आवेदन करने के बारे में भी बताया गया।

यूटीडीबी के निदेशक प्रशांत कुमार आर्य ने कहा रोपवे निर्माण के लिए ग्रामीणों ने विशेष सहयोग देने के साथ सहमति भी जताई है। इसके लिए क्षेत्र के ग्रामीण बधाई के पात्र हैं। पुरकुल गांव में रोपवे बनने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा दून से मसूरी रोपवे
देहरादून और मसूरी के बीच बनने वाला यह रोपवे देश का सबसे लंबा (5.5 किमी) तथा एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा। यह हांगकांग के गोंगपिंग 360 (5.7 किमी) से महज सौ मीटर ही छोटा है।

पर्यटकों को मिलेगी सुविधा, पर्यावरण का होगा बचाव
रोपवे निर्माण से पर्यटक दून से मसूरी 15-18 मिनट में पहुंच जाएंगे। इससे मसूरी में लगने वाले ट्रैफिक के साथ ही सुरक्षित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से यात्रियों को सुविधाजनक यातायात का साधन सुलभ होगा।

इस मौके पर पर्यटन विभाग के वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी, देहरादून जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्याम सिंह पुंडीर, क्षेत्र पंचायत सदस्य कनिका रावत, उपेन्द्र सिंह थापली, पूर्व अध्यक्ष मंडी परिषद, गोदावरी थापली, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित होटल एसोसिएशन मसूरी और होटल एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारी मौजूद रहे।

साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए निम का प्रशिक्षण शिविर शुरु

उत्तराखंड में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए देश-दुनिया को दर्जनों नामचीन पर्वतारोही देने वाले उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) प्रदेश के युवाओं को कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग, पहाड़ पर चढ़ने और राहत व बचाव की बारीकियां सिखाएंगे। सात दिन तक चलने वाले कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने यूटीडीबी व निम के संयुक्त तत्वावधान में चलने वाले सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे अभ्यर्थियों को शुभकामनाऐं दी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाऐं हैं। साहसिक पर्यटन उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण के लिए रोजगार सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह राज्य के साहसिक पर्यटन क्षेत्र मंू एक नवीनतम कदम है, जो राज्य में साहसिक पर्यटन को नई ऊचाईयां देगा। इससे उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी। प्रदेश भर के युवाओं को इससे जोड़कर उन्हें साहसिक खेलों में भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।

यूटीडीबी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन) कर्नल अश्विन पुंडीर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर बताया कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना को लागू किया गया था। योजना के तहत प्रदेश के छह जिलों में 13 ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर में 73 गांवों को अधिसूचित किया गया है। इन अधिसूचित गांवों से इच्छुक युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से निम के साथ मिलकर सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पहले चरण में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के 49 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए निम और यूटीडीबी के बीच जुलाई माह में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण के लिए 4 बैच संचालित किए जाने प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 260 युवा व युवतियों को स्वरोजगार से जोड़े जाने की योजना है। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद युवाओं को निम और यूटीडीबी द्वारा संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मयूर दीक्षित जिलाधिकारी उत्तरकाशी, ले. कर्नल योगेश धूमल, वाइस प्रिंसिपल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, रनवीर सिंह नेगी थल क्रीड़ा विशेषज्ञ, जगमोहन सिंह रावत मुख्य प्रशिक्षक नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, प्रकाश खत्री जिला पर्यटन अधिकारी उत्तरकाशी, निम क्यूरेटर विशाल रंजन मौजूद रहे।

लच्छीवाला नेचर पार्क पूरे देश के लोगों के लिये आकर्षण का केंद्र बनेगा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लच्छीवाला नेचर पार्क का लोकार्पण किया। म्यूजिकल फाउंटेन का भी उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर लेजर एंड साउंड शो का भी आयोजन किया गया। अमृत महोत्सव के सॉंग को भी रीलिज किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लच्छीवाला नेचर पार्क के लिए वन विभाग को बधाई देते हुए कहा कि यह पार्क पूरे देश के लोगों के लिये आकर्षण का केंद्र बनेगा। बहुत ही सुन्दर पार्क बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर पार्क के द्वितीय चरण के काम के लिए आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव नये भारत का सूत्रपात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता से एक दिन पूर्व देश के एक भाग को अलग करके पाकिस्तान का निर्माण किया गया। जो कि अखण्ड भारत की भावना से अलग था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत का पूरे विश्व में मान सम्मान बढा है। यह हमारे वीर जवानों की शहादत और शौर्य है, जिसके कारण हम देश में सुरक्षित महसूस करते हैं। चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों के साथ कोरोना की चुनौति से भी सफलतापूर्वक लड़े हैं। गलवान घाटी में हमारे वीर जवानों ने चीन की सेना के दांत खट्टे कर दिये। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से दुनिया का सबसे बङा कोविड टीकाकरण अभियान हमारे देश में चल रहा है। 80 करोङ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में निशुल्क राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने हमारे अनुरोध पर राज्य को कोविड वैक्सीन की अतिरिक्त डोज उपलब्ध कराई हैं। इस माह हमें 17 लाख डोज मिल चुकी हैं। चार माह में राज्य में शतप्रतिशत वैक्सीनैशन कर देंगे। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य में कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुआ है। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उन्हें यहां से संबंधित हर प्रकार की जानकारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शिलान्यास भी करते हैं और लोकार्पण भी। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास हमारा ध्येय वाक्य है। भाव में भगवान होते हैं। हमारा भाव जनसेवा है।
वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्ष में वन विभाग की इमेज बदली है। अब यहां सकारात्मक सोच से काम हो रहा है। वन विभाग प्रदेश के विकास में सहभागी बन रहा है। लच्छीवाला नेचर पार्क अनूठा पार्क है। देश विदेश से लोग यहां आकर खुशी की अनुभूति करेंगे। कोटद्वार में टाईगर सफारी पर काम चल रहा है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी, पी के पात्रो सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आर जे काव्य ने किया।

डीएम देहरादून ने कन्ट्रोल रुम का निरीक्षण कर दिए निर्देश

देहरादून के जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लि0 डॉ आर राजेश कुमार ने स्मार्ट सिटी के कन्ट्रोल रूम सहस्त्रधारा रोड आईटी पार्क में स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक से पूर्व जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कन्ट्रोलरूम का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लि0 ने स्मार्ट सिटी कन्ट्रोलरूम में लगाये गये मॉनिटिरिंग सिस्टम के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने पर बताया गया कि वर्तमान समय में शहर के 129 स्थानों पर पर स्मार्ट सिटी लि0 के कैमरों द्वारा नजर रखते हुए मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसमें 49 स्थानों पर ई चालन की व्यवस्था बनाई गई है। जिसमें मुख्यतः यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले, ओवर स्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाना, यातायात सिग्नल तोड़ने, नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वालो पर नजर रखी जा रही है तथा शेष स्थानों को भी ई-चालान प्रक्रिया से जोड़ने की प्रक्रिया गतिमान जिस पर जिलाधिकारी ने मॉनिटिरिंग सिस्टम को व्यवहारिक बनाते हुए सिग्नल तोड़ने वालो, ओवर स्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाने, नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने तथा मॉनिटिरिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगा रही हैं इसकी तत्काल सूचना पुलिस विभाग को दी जाय।

उन्होंने कहा कि तकनीकी का इस प्रकार इस्तेमाल किया जाय कि समय रहते किसी समस्या से निपटा जाय ताकि दुर्घटना/घटना घटित होने के बाद। उनकी मॉनिटिरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि शहर में प्रमुख स्थानों, सड़कों मौहल्लों में और अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाते हुए इसके मॉनिटिरिंग के लिए स्टाफ भी बढायें। उन्होंने कहा कि दूरसंचार कम्पनी से समन्वय करते हुए कनैक्टिविटी बढाई जाय ताकि नेटवर्क की समस्या के कारण मॉनिटिरिंग में व्यवधान उत्पन्न ना हो। उन्होंने कहा कि शहर के सभी चौराहों, मुख्य सड़कों, प्रमुख स्थानों को ई-चालान व्यवस्था से जोड़ा जाए। जिलाधिकारी/सीईओ स्मार्ट सिटी ने कहा कि लगाये गये कैमरों से शहर की प्रत्येक गतिविधि को मॉनिटिर किया जाय साथ ही शहर में गंदगी फैलाने, खुले स्थानों पर कूड़ा डालने वालों पर भी नजर रखी जाय निगरानी के दौरान ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध चालान की कार्यवाही करने हेतु नगर निगम को सूचना प्रेषित की जाय।

बैठक में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि शहर के कई स्थानों पर पेड़ बड़े होने से मॉनिटरिंग में दिक्कत आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने ऐसे स्थानों को चिन्हित करते हुए पेड़ों की लोपिंग के लिए प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लि0 डॉ आर राजेश कुमार ने स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत हो रहे निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ प्रगति बढाने को कहा तथा निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों तेजी से कार्य पूर्ण करते हुए समतलीकरण एवं गड्डामुक्त करें ताकि जनमानस को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजना पर कार्य करें जिससे जनमानस को सहूलियत हो।

बैठक में स्मार्ट सीटी के सीजीएम श्रीराम मिश्रा, वित्तीय निंयत्रक अभिषेक आनन्द, एजीएम राम उनियाल सहित स्मार्ट सिटी के अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन विभाग की पर्यटकों से अपील, पानी वाली जगहों से बचें

देेहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के एक सप्ताह के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों से पानी वाली जगहों में जाने से बचने की अपील की है। साथ ही मानसून में उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पानी वाले पर्यटन स्थलों पर पुलिस बल को तैनात किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश को 30 जुलाई तक बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। वहीं, 28 से 30 जुलाई तक प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी है। अगस्त माह के शुरूआत के दिनों में भी प्रदेश के कुछ पहाड़ी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में तेज और लगातार हो रही बारिश से पानी वाले पर्यटन स्थलों का जलस्तर बढ़ रहा है।

देहरादून जिला पर्यटन अधिकारी (डीटीओ) जसपाल सिंह चैहान बताया कि लगातार हो रही बारिश से सहस्त्रधारा, गुच्चूपानी, मालदेवता समेत सभी पानी की जगह वाले पर्यटन स्थलों में जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है। पर्यटकों से अपील है कि इन स्थानों पर जाने से पहले सुरक्षा के तमाम इंतजाम कर पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। साथ ही नदी तट से उचित दूरी बनाने के साथ किसी भी स्थिति में पानी में न जाए। जिससे किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है। पर्यटकों के साथ स्थानीय निवासियों से अपील है कि अगले एक सप्ताह तक इन स्थानों पर जाने से बचें।

लगातार हो रही बारिश से पानी वाली जगहों का जल स्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अलगे एक सप्ताह तक पहाड़ी जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। ऐसे में पर्यटक किसी भी समस्या से बचने के लिए पहाड़ी इलाकों के पर्यटन स्थालों के साथ पानी वाली जगहों पर जाने से पहले पूरी जानकारी जुटा लें। पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य में आने वाले पर्यटक शासन द्वारा जारी कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए उचित दूरी, मास्क व सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव

उत्तराखंड सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी


कैबिनेट ने शिक्षण संस्थानों को 1 अगस्त से सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक के स्कूलों को खोले जाने का फैसला लिया है।

इसके साथ ही 23 से 27 अगस्त तक विधानसभा सत्र होगा।

कैबिनेट ने कौसानी को क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही कौसानी को नगर पंचायत बनाने के रूप में मंजूरी दे दी है।

पंतनगर में ग्रीनफील्ड एअरपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई, जिस पर कैबिनेट ने 6 महीने के अंदर DPR बनाने के निर्देश दिए हैं।साथ ही एयर इंडिया को कंसल्टेंट नियुक्त करने की भी मंजूरी दी है।

आर्थिक संकट से गुजर रहे छात्रों को यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा में जिसमें प्रिमलरी टेस्ट का प्रावधान है। उसमें बच्चों को 50 हजार सहायता किया जाएगा। यानी राज्य सरकार अब 100 बच्चों को तैयारियों के लिए पैसा देगी।

सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्रों के तमाम लोगों को पैकेज के माध्यम से मदद करने की घोषणा को सरकार ने अनुमोदित किया।

सांस्कृतिक दलों को ₹2000 प्रति माह के हिसाब से 5 महीने तक सहायता दी जाएगी।

देहरादून एसीपी वेतन विसंगति सम्बन्धी प्रकरणों में फैसला लिया गया है। पूर्व चीफ सेक्रेटरी इंदु कुमार पांडेय के नेतृत्व में कमेटी बनी। इस रिपोर्ट के आधार पर सब कमेटी की रिपोर्ट बनेगी। अधिकतम तीन माह में मिलेगी रिपोर्ट।

ऊर्जा महकमे में जारी आंदोलन के बाबत बनी कमेटी।
अमिता जोशी,अरुन्द्र चैहान,वित्त अनुभाग के अफसर शामिल होंगे।

मेडिकल कॉलेज हरिद्वार, पिथौरागढ़, रुद्रपुर के प्राचार्य वित्तीय प्रशासनिक अधिकार के तहत खुद का वेतन, ऑफिस का खर्चा, पीए की सैलरी के लिए पैसा व्यक्तिगत हस्ताक्षर से ले सकते हैं।

वन भूमि की लीज से संबंधी नीति की लिपिकीय त्रुटि को ठीक करने की संस्तुति।

पर्यटन को पटरी पर लाने को 200 करोड़ की घोषणा को लेकर सीएम से मिले परिवहन व्यवसायी, जताया अभार

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर ने राज्य में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन और चार धाम यात्रा से संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मौके पर परिवहन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनो के लोगों ने भी स्पीकर के संग मुख्यमंत्री से भेंटकर फूलमाला पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया।

अवगत करा दें कि 9 जुलाई को स्पीकर ने मुख्यमंत्री से भेंट कर राज्य के परिवहन एवं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को राहत पहुंचाने के संबंध में चर्चा वार्ता की थी। स्पीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए परिवहन व्यवसायियों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। भेंटवार्ता के दौरान परिवहन व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री एवं स्पीकर को पौधे भेंटकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

स्पीकर ने कहा कि 200 करोड़ के राहत पैकेज से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन, होटल, परिवहन, पोर्टर समेत पर्यटन की अन्य गतिविधियों से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन उत्तराखंड राज्य की आर्थिक रीढ़ है, इस राहत सहायता से राज्य के लगभग लाखों लोगों को उनके बैंक खाते के माध्यम से सीधे राहत मिल सकेगी। स्पीकर ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के उपरांत दिये जाने वाला अब तक का किसी भी सरकार द्वारा सर्वाधिक राहत पैकेज है।

इस अवसर पर स्पीकर ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर वार्ता करते हुए विशेषतौर पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से प्रारंभ किए जाने की अनुमति के लिए गंभीरता से विचार किये जाने की बात कही। कहा कि चारधाम के कपाट खुले हुए काफी समय हो चुका है परंतु चारधाम यात्रा की अनुमति न मिलने से जहॉ एक और लाखों श्रद्धालु गण दर्शन से वंचित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर तीर्थाटन से जुड़े लाखों कारोबारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

इस अवसर पर यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड पर्यटन कंपनी के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओसी के उपाध्यक्ष यशपाल राणा, यातायात संघ के संचालक मनोहर सिंह रौतेला, जीएमओ के पर्यटन अधिकारी अनिल वरगली, मोटर मजदूर संघ के सदस्य जगदीश नौटियाल, ऋषिकेश टूर ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, यातायात संघ के संचालक योगेश उनियाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः पर्यटन से जुड़े 50 हजार लाभार्थियों को 200 करोड़ रूपए का राहत पैकेज की घोषणा


देहरादून। प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज घोषणा की कि विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व व्यवसायरत् व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपये प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। वहीं पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से भी छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी। वहीं टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालकध्परिचालकध्क्लीनर को रू० 2000 की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का रूपये 2000 प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

कोरोनाकाल के चलते प्रदेश का पर्यटन उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे में संकट की इस घड़ी में 200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देकर सरकार ने पर्यटन उद्योग से जुड़े होटल मालिकों, सड़क किनारे के ढाबों, यात्राओं पर ले जाने वाले संचालकों और इस क्षेत्र से जुड़े हजारों अन्य लोगों को बड़ी राहत देने का काम किया है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों और व्यापारियों की ओर से हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।

– सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री

पर्यटन से प्रदेश भर के लाखों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। सरकार का 200 करोड़ रुपये का यह राहत पैकेज संकट की इस घड़ी में पर्यटन उद्योग में जान फूंकने का काम करेगा। जिसका लाभ पर्यटन से जुड़े टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों, बोट संचालकों, राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं सहित लाखों लोगों को सीधे तौर पर मिलेगा और पर्यटन को गति मिलेगी।

– दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव

जीएमवीएन की वेबसाइट से तीर्थयात्रियों ने हेली सेवा के लिए की थी बुकिंग, अब लौटाई जाएगी


कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया था। इसके फलस्वरूप जिन यात्रियों ने श्री केदारनाथ हेली सेवा के लिए अग्रिम बुकिंग करायी थी उन यात्रियों की धनराशि वापिस करने का उत्तराखंड सरकार ने निर्णय लिया है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने जीएमवीएन को तीर्थयात्रियों को टिकट की धनराशि लौटाने के निर्देश दिये हैं।

जीएमवीएन ने देहरादून के राजपुर रोड स्थित यस बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र लिखकर तीर्थयात्रियों की धनराशि हस्तांतरित करने का निर्देश दिया है। कहा ‘‘चारधाम यात्रा सदैव से ही देश-विदेश के लाखों तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करती रही है। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण फैलने के खतरे और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से इस साल चारधाम यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया गया है।’’

देश-विदेश के तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 17 मई से संचालित की जाने वाली हेली सेवा के लिए 2 अप्रैल 2021 से जीएमवीएन की वेबसाइट के माध्यम से टिकटों की अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग शुरू की गई थी। जिसके लिए कई तीर्थयात्रियों की ओर से ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग की गई थी।

जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक आशीष चैहान ने बताया कि बुकिंग की धनराशि हेली ऑपरेटर्स की ओर से जीएमवीएन द्वारा ली जाती है, जो कि जीएमवीएन के यस बैंक लिमिटेड द्वारा संचालित खाते में हस्तांतरित होती है। आज यस बैंक को २०० रुपए की प्रोसेसिंग फीस छोड़ कर बाकी धनराशि यात्रियों के बैंक खातों में जमा करने के निर्देश दे दिए गए है ।

अब तक 11 हजार से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा की बुकिंग की थी। इस फैसले से देश-विदेश के हजारों तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

16 फरवरी से महिंद्रा थार फेस्टिवल की शुरूआत, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं है, प्रदेश के सभी 13 जिलों में एक से बढ़कर एक पर्यटक स्थलों के अलावा कई विशेष खासियत हैं, जिससे देश दुनिया में उत्तराखंड को अलग पहचान मिलती है। इन्हीं सब बातों को देखते हुए उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित केदारघाटी में होटल इंडस्ट्री के तौर पर अपने देश दुनिया में अलग पहचान बना चुके हैं, क्लब रिट्रीट ग्रुप द्वारा केदारघाटी में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए महिंद्रा थार फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। दो दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल की आगामी 16 फरवरी से शुरुआत होगी।

क्लब रिट्रीट ग्रुप के संचालक और कम उम्र के एट्रप्रन्योर जतिन बगवाड़ी ने बताया कि महिंद्रा थार फेस्टिवल 16 फरवरी को गुप्तकाशी में और 17 फरवरी को चोपता में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन से केदार घाटी के अलावा आस-पास के इलाके भी एक्सप्लोर हो सकेंगे। इसके अलावा पर्यटक ऑफ रोड ड्राइविंग का मजा ले सकेंगे। इतना ही नही एडवेंचर टूरिज्म में दिलचस्पी रखने वाले पर्यटक के लिए केदार घाटी खास जगह बन जाएगी। जतिन की खास बात यह है कि समय-समय पर इस तरीके के आयोजन से केदारघाटी को गुलजार रखते हैं। वर्तमान में वे विलेज रिवर रिट्रीट गुप्तकाशी केदार रिवर रिट्रीट सीतापुर (गौरीकुंड), आईवीवाई टॉप श्रीनगर समेत आधे दर्जन रिसोर्ट का संचालन कर रहे हैं।