एम्स निदेशक ने किया कुंभ के तहत बनाए गए सैक्टर चिकित्सालय में व्यवस्थाओं का निरीक्षण

महाकुंभ 2021 मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की टीमें चैबीस घन्टे उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा मुख्य स्नान पर्वों पर किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्स ऋषिकेश में डिजास्टर वार्ड और आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं का एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार के सैक्टर चिकित्सालय पहुंचकर जायजा लिया और इस बाबत उन्होंने चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कुम्भ स्नान के लिए हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को एम्स ऋषिकेश द्वारा चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए हरिद्वार स्थित बैरागी कैम्प में बने सैक्टर चिकित्सालय में एम्स के चिकित्सकों की टीमें तैनात की गई हैं। व्यवस्थाओं को परखने और तैयारियों के मद्देनजर एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बृहस्पतिवार को बैरागी कैम्प में बने सैक्टर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में बनाए गए कोविड टेस्टिंग एरिया, ओपीडी, आईपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर, डिस्पेंसरी, एमआई रूम आदि क्षेत्रों को सघन जायजा लिया और इस बाबत अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गौरतलब है कि कुम्भ के लिए विशेष तौर से तैयार किए गए 50 बेड वाले सैक्टर अस्पताल का संचालन एम्स ऋषिकेश द्वारा किया जा रहा है। इस बाबत जानकारी देते हुए निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि कुम्भ में किसी भी तरह की आपात स्थिति अथवा गंभीर किस्म के मरीजों के उपचार के लिए एम्स द्वारा एडवासं लाइफ सपोर्ट एएलएस और बेसिक लाइफ सपोर्ट बीएलएस सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने बताया कि सैक्टर चिकित्सालय में एम्स द्वारा प्राथमिक चिकित्सा की सभी सुविधाएं संचालित की जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर गंभीर किस्म के रोगियों को एम्स ऋषिकेश पहुंचाकर तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यहां श्रद्धालुओं को हरसंभव स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए 24 घन्टे चिकित्सकों की टीमें लगाई गई गई हैं। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य है कि महाकुम्भ में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को मेडिकल सुविधा की कोई कमी नहीं हो।
मौके पर मौजूद एम्स के नोडल ऑफिसर सैक्टर चिकित्सालय डा. मधुर उनियाल ने बताया कि मुख्य स्नान पर्वों पर किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्स में आईसीयू बेड और ऑपरेशन थिएटर रिजर्व रखे जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि एम्स में एहतियातन एक डिजास्टर वार्ड भी तैयार रखा गया है। इस अवसर पर संस्थान के डीन ऐकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता और डीन अस्पताल प्रशासन प्रोफेसर यूबी मिश्रा भी मौजूद थे।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने शाही स्नान पर पहुंचे श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर किया स्वागत, लिया संतो का आर्शीवाद

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज हरिद्वार में हर की पैड़ी पहुंचकर मां गंगा से प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर शाही स्नान के लिए मां गंगा के तट पर आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। इस अवसर पर श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का गंगाजली, प्रसाद और चुनरी भेंट कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी साधु-संतों का आभार माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मां गंगा में शाही स्नान करने के लिए श्रद्धालु रात से ही जुटने लगे थे। जनता की सुविधा के लिए हमारी सरकार ने सभी इंतजाम कर रखे हैं। कई श्रद्धालुओं ने अलसुबह स्नान किया और वे सुरक्षित अपने घरों को लौटे। इसके पश्चात अखाड़े के साधु-संतों का स्नान शुरू हुआ और सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से स्नान किया। सभी अखाड़े के साधु संतों का स्नान होने के पश्चात फिर जनता ने स्नान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में जनता के लिए कोई भी रोक-टोक नहीं है, किसी से भी सख्ती नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से निवेदन किया कि कोविड-19 से बचाव की गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुंभ का प्रथम शाही स्नान है। इसे विशेष बनाने के लिए सभी साधु-संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि सभी साधु-संत काफी खुश नजर आ रहे हैं साथ ही प्रशासन भी जनता की समस्याएं दूर करने के लिए मुस्तैदी से लगा है। उन्होंने कहा कि दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।

त्रिवेणी घाट पर संत समाज ने किया गंगा स्नान, निकाली शोभायात्रा

महाकुंभ के तहत बसंत पंचमी पर्व पर विभिन्न अखाड़ों के साधु संतों ने त्रिवेणी घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। इस मौके पर हर हर महादेव के जयकारों से त्रिवेणी घाट गूंजायमान हो उठा। मौके पर साधु समाज ने भगवान शिव के शस्त्र त्रिशुल की भी पूजा अर्चना की।

इससे पूर्व सुबह से ही त्रिवेणी घाट पर जल पुलिस की टीम पूरी तैयारी के साथ तैनात दिखी। मौके पर जवानों ने राफ्ट आदि सुरक्षा किटों के साथ गंगा घाट पर मौजूद रहे।

मौके पर गंगा स्नान की व्यवस्थाओं को परखने के लिए मेयर अनिता ममगाईं, एसडीएम वरूण चैधरी और एसपी देहात स्वत्रंत कुमार ने त्रिवेणी घाट पर निरीक्षण किया। बता दें कि साधु संतों ने स्नान से पहले शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली। शोभा यात्रा का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर के स्वागत भी किया। इस दौरान गंगा घाटों पर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग भी लगाकर रखी।

त्रिवेणी घाट पर गंगा सभा के सदस्य लगातार एलाउंसमेंट से श्रद्धालुओं को गंगा में किनारे पर ही रहकर स्नान करने के लिए आगाह भी करते रहे। इस खास पर्व पर सैकड़ों स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान कर मोक्ष की प्राप्ति की, वही दान कर पुण्य अर्जित किया। एसपी देहात स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से जल पुलिस के जवान भी गंगा घाटों पर तैनात किए गए हैं। महापौर अनीता ममगाईं ने बताया कि स्नान करने में किसी भी प्रकार की श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है।

लोकपरंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी

हरिद्वारः कुंभ 2021 के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी इस बार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है। यहां दीवारों पर उकेरा गया धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं व पौराणिक सांस्कृति का वैभव भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरकार की ओर से धर्मनगरी को सजाने-संवारने के साथ ही स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि “राज्य सरकार दिव्य और भव्य कुम्भ के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास किए जा रहे हैं कि कुंभ में यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखण्ड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।“

प्रदेश में देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। हरिद्वार कुंभ-2021 को भी इसके लिए मुफीद मौका माना जा रहा है। इसके लिए चित्रकला को जरिया बनाया गया है। कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों व संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे भी मंशा यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव का तो जागृत हो ही वह यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के ‘पेंट माई सिटी’ कैम्पेन से धर्म नगरी की फिजा ही बदल दी गई है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के बखरे पड़ें रंग देखने लायक है। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीवता लिए हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप मेक माय सिटी कैंपेन से धर्म नगरी में परंपराओं और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। कुंभ तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा।

स्नान, दान, दक्षिणा देकर मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं ने कमाया पुण्य

तीर्थनगरी में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर त्रिवेणी घाट पर आस्था का सैलाब देखने को मिला। मौके पर श्रद्धालुओं ने स्नान, दान, दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। साथ ही महाकुंभ के आगाज पर गंगा में आस्था की डुबकी भी लगाई।

दरअसल, आज मकर संक्रांति पर्व के साथ महाकुंभ 2021 का प्रमुख पहला स्नान भी था। इसके चलते ऋषिकेश सहित आसपास क्षेत्र मुनिकीरेती, रानीपोखरी, डोईवाला, रायवाला, छिद्दरवाला, नेपाली फार्म, भानियावाला, नरेंद्रनगर, यमकेश्वर आदि आसपास क्षेत्रों से लोग गंगा घाटों पर पहुंचे और गंगा में स्नान कर भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया। इसी के साथ श्रद्धालुओं ने कच्चे चावल, उरद की साबुत दाल, घी, मसाले तथा दक्षिणा दान में दी। त्रिवेणी घाट सहित तीर्थनगरी के विभिन्न घाट जैसे 72सीढ़ी, सांई घाट, नाव घाट, पूर्णानंद घाट, शत्रुघन घाट, रामझूला, लक्ष्मणझूला, रामानंद घाट आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहीं। हालांकि आज गुरूवार की साप्ताहिक बंदी रही। मगर, फिर भी भीड़ उमड़ी रही।

देव डोलियों ने किया गंगा स्नान
त्रिवेणी घाट पर विभिन्न धामों की देव डोलियां नरेंद्रनगर, रानीपोखरी, देहरादून, डाट काली आदि देवियों की डोलियां पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने नाचती हुई डोलियों के दर्शन भी किए। तो श्रद्धालुओं ने देव डोलियों की परिक्रमा कर आर्शीवाद प्राप्त किया।

खिचड़ी प्रसाद बांटकर की सुख समृद्धि की कामना
नगरभर में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर घाट रोड, त्रिवेणी घाट, बस अड्डा, देहरादून मार्ग, हरिद्वार मार्ग, लक्ष्मणझूला मार्ग, कैंप कार्यालय विधानसभा अध्यक्ष सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही मां गंगा से सुख समृद्धि की कामना भी की गई।

लोस अध्यक्ष ओम बिड़ला ने गंगा आरती कर की सुख समृद्धि की कामना


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज अपने देहरादून भ्रमण के दौरान ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती कर सुख समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने माल्यार्पण कर लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित महिलाओं एवं स्थानीय क्षेत्रवासियों द्वारा फुल वर्षा कर लोकसभा अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया गया।ढोल नगाड़ों के साथ लोकसभा अध्यक्ष को त्रिवेणी घाट पर लाया गया जहां पर लोकसभा अध्यक्ष ने गंगा जी का ध्यान कर गंगा आरती में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने ओम विरला को भगवान गणेश का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

अवगत करा दें कि लोकसभा अध्यक्ष देहरादून में आयोजित पंचायती व्यवस्था पर आधारित परिचय सम्मेलन के दौरान बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करने देहरादून पहुंचे थे। विधानसभा अध्यक्ष के विशेष आग्रह पर लोकसभा अध्यक्ष ने ऋषिकेश में संध्याकालीन आरती में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मेयर अनिता ममगाईं, ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पार्षद प्रदीप कोहली, पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद राजू नरशिमा, पार्षद रीना शर्मा, जयंत शर्मा, विजेंद्र मोगा, श्यामपुर मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, वीर भद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, सतीश सिंह, सुमित सेठी, राज्य मंत्री सुरेंद्र मोगा, कमला नेगी, वीरभद्र महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी बिष्ट आदि उपस्थित थे।

सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर ने सीएम के लिए आयोजित कराई पूजा

प्रदेश के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनके सहयोगी स्टाफ भी चिंतित है। उनके बेहद करीबी माने जाने वाले सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन रावत ने उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय का पूजन और हवन कराया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के कोरोना पाॅजीटिव आने के बाद उनका दून चिकित्सालय से इलाज चल रहा था। उन्हें हल्के बुखार और खांसी के चलते निमोनिया की शिकायत को देखते हुए एतिहातन एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था। जहां उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार आ रहा है। उनके सहयोगी स्टाफ में सोशल मीडिया का बेहतर प्रबंध देख रहे सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन रावत उनके स्वास्थ्य को लेकर खासे चिंतित रहे। जब से उन्हें एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया है तब से नितिन रावत महामृत्युंजय का जाप करवा रहे थे। अब मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार आने और जल्द ही एम्स से छुट्टी मिलने की खबर ने सभी को राहत प्रदान की है। नितिन रावत ने महामृत्युंजय का जप पूरा कराने के बाद हवन कर आज पूजन कार्य को सम्पन्न कराया।
बता दें कि नितिन रावत युवा होने के साथ ही मुख्यमंत्री की टीम में बेहद विश्वसनीय माने जाते है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने उनके कार्य की कई बार प्रशंसा कर उनसे कई सहयोगियों को सीख लेने की नसीहत भी दी है। नितिन रावत का कार्य ग्राउंड लेवल का कार्य काना जाता है।

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सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन रावत ने बताया कि पंडित देवेंद्र प्रसाद भट्ट एवं उनके साथियों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्वास्थ्य को लेकर उनसे मुलाकात की थी। जिसके बाद महामृत्युंजय का पूजन और हवन का कार्यक्रम तय किया गया। जिसके बाद रानीपोखरी भोगपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में बागेश्वर महादेव के समक्ष महामृत्युंजय यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री के स्वस्थ व उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए मनोकामना की गई।

सरकार चारों धामों में मास्टर प्लान के जरिए स्थानीय को करना चाहती है बेघरः तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी

चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक घाटी महापंचायत की एक अनौपचारिक बैठक कृष्णकांत कोठियाल जी की अध्यक्षता में भगवान आश्रम में संपन्न हुई जिसमें निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई सर्वप्रथम सरकार हमारे लोगों को आपस में तोड़ने की जो कोशिश कर रही है, महापंचायत उसका घोर विरोध करती है हमारे लोग-बगाहे सरकार हमारे लोगों को प्रलोभन दे रही है ऐसा हम होने नहीं देंगे। चार धाम के लोग सरकार की भाषा का विरोध करेंगे सरकार सभी चारों धामों में मास्टर प्लान ठोक कर वहां के स्थानीय लोगों को बेघर करना चाहती है उनके रोजगार को सुनना चाहती है।

स्थानीय स्तर पर चारों धामों में देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाया जाएगा सरकार तानाशाही रवैया के अनेक काले कानून बना रही है। लेकिन चारों धामों में स्थानीय लोगों से कोई भी खुश नहीं है तानाशाही रवैया द्वारा सरकार अपनाएं अपनाया जा रहा है जो ठीक नहीं है नहीं है जनता इसका घोर विरोध कर रही है। भविष्य में आगे की रणनीति के लिए शीघ्र महापंचायत की विशाल बैठक बुलाई जाएगी और हक हकूक दार महापंचायत सभी जनमानस को एकत्र कर इसका घोर विरोध करेगी।

इस बैठक में कृष्ण कांत कोठियाल अध्यक्ष चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक जाति महापंचायत, हरीश डिमरी सचिव, विनोद शुक्ला उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष केदार सभा, लक्ष्मीनारायण कोषाध्यक्ष, विनोद उपाध्यक्ष पंचायत, आचार्य नरेश आनंद ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित, पुरुषोत्तम तिवारी महामंत्री केदार सभा, पंडित रवि शास्त्री अध्यक्ष तुलसी मानस मंदिर, अभिषेक शर्मा अध्यक्ष आश्रम धर्मशाला प्रबंधन समिति, रमाकांत भारद्वाज महामंत्री आश्रम प्रबंधन समिति, नरोत्तम दास, आनंद तिवारी, संतोष तिवारी, प्रकाश कोटियाल आदि उपस्थित थे।

स्वामी शंकर तिलक अपने गुरू की परंपरा को आगे बढ़ा रहेः महामंडलेश्वर डा. प्रकाशानंद

आज वैदिक फाउंडेशन हिमालय योगालय आश्रम में महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद महाराज उदासीन अखाड़ा एवं स्वामी शंकर तिलक महाराज संस्थापक अध्यक्ष योगालय आश्रम, साध्वी अनीता माता एवं तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री के द्वारा जीवन पथ पर, आनंद तीर्थ, स्फुरण, किताब का महाबलेश्वर एवं संत महात्माओं के द्वारा विमोचन हुआ।

मौके पर महामंडलेश्वर डॉ प्रकाशा नंन्द महाराज उदासीन अखाड़ा ने कहा कि आज के परिवेश में स्वामी शंकर तिलक महाराज द्वारा अपने गुरु की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं गुरु और शिष्य का प्रेम देखकर सभी साधकों को अपने गुरु से सीखना चाहिए जहां हम लोग भौतिकता में होते जा रहे हैं और नशा की ओर अपने को डाल रहे हैं। उसी प्रवेश में स्वामी शंकर‌ तिलक महाराज द्वारा अपने गुरु स्वामी तिलक की स्मृति में निकाली गई तीन पुस्तकें जीवन पथ पर, आनंद तीर्थ, स्फुरण यह पुस्तक आदर्श श्रद्धा प्रेम समर्पण भाव प्रस्तुत करती है हमें इन पुस्तकों के माध्यम से अपने जीवन में आने वाले बदलाव को समाज में प्रेषित करना चाहिए।

तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री ने बताया कि आज स्वामी तिलक की किताब के विमोचन पर हम सबको जीवन जीने की कला को इन पुस्तकों के माध्यम से सीखना चाहिए साधक लोग अपने गुरुओं की लिखित पुस्तकों के माध्यम से अपने जीवन को बदल सकते हैं और अपने आसपास के वातावरण को भी शुद्ध कर सकते हैं। इस अवसर पर स्वतंत्रता चैतन्य, पवित्रता चैतन्य, गौरी चैतन्य, चैतली चैतन्य ऊमाया साध्वी, बुद्धा घोष, अभिषेक शर्मा, आरती चैतन्य , तारा शक्ति चैतन्य, दीपक भदानी, आदि उपस्थित रहे।

बसंतोत्सव 12 फरवरी से लेकर 16 फरवरी तक

श्री भरत मंदिर के सभागार में हृषिकेश बसंतोत्सव 2021 को लेकर आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बसंतोत्सव 12 फरवरी से लेकर 16 फरवरी तक मनाया जाएगा।
गौरतलब है कि इस बार बसंतोत्सव को कोरोना महामारी के अनुसार समाज हित में उपयोगी बनाने को लेकर विशेष ध्यान दिया गया। जिसमें रोटरी क्लब एवं मारवाड़ी युवा मंच के द्वारा 12, 13, 14 फरवरी को दिव्यांग व्यक्तियों को आवश्यकता अनुसार कृत्रिम अंग वितरित किए जाएंगे। साथ ही 12, 13, 14 फरवरी को आयुर्वेद चिकित्सकों के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें कोविड-19 से बचने के उपाय और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। वहीं, आमजन को रक्त की कमी ना हो इसके लिए 15 फरवरी को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। रोटरी क्लब ऋषिकेश के द्वारा ऑनलाइन कला प्रतियोगिता भी कराई जाएगी।
इस अवसर पर श्री भरत मंदिर स्कूल सोसायटी के सचिव हर्षवर्धन शर्मा जी, महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, दीप शर्मा, विनय उनियाल, वरुण शर्मा, मेजर गोविंद सिंह रावत प्रधानाचार्य श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, पार्षद राजेन्द्र प्रेमसिंह बिष्ट, राकेश मियां, डॉ डीके श्रीवास्तव, सीमा सक्सेना, डॉ. जी एच अरोड़ा, धीरेंद्र जोशी, बचन पोखरियाल, श्रीकांता शर्मा, अंजू रस्तोगी, विमला रावत, विजय लक्ष्मी शर्मा, राधा रमोला, रवि शास्त्री, चंद्रशेखर शर्मा, जितेंद्र बिष्ट, लखविंदर सिंह, चेतन शर्मा, अशोक रस्तोगी, रंजन अंथवाल आदि उपस्थित रहे।