कृषि कानून देश और किसानों के लिए ऐतिहासिकः विनय गोयल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नया कृषि कानून देश और देश के किसानों के लिए ऐतिहासिक है। पर कुछ राजनीतिक दल इसे लेकर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अगर कानून से एतराज है तो उस पर सरकार बैठकर समाधान करने को तैयार है पर कृषि कानून को किसी भी दशा में वापस नहीं लिया जाएगा।

ऋषिकेश में भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों को पूरे देश में बाजार के विकल्प उपलब्ध कराएंगे। इन कानूनों से किसानों को किसी भी तरह की हानि नहीं हो रही है, बल्कि कोई राजनीतिक दलों द्वारा किसानों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाए जाने के लिए एमएसपी खत्म नहीं किया जाएगा।

गोयल का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, इसके सभी प्रविधान कृषि कानून बिल में बनाए गए हैं। बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी इस बिल से लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि एक बाजार होने से किसानों को अपनी फसल बेचने में ही लाभ मिलेगा। उन्होंने आंदोलन की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में लगाए जा रहे नारों की भी निंदा की।

गोयल ने कहा कि उत्तराखंड के अलावा कई अन्य प्रदेशों के किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल का समर्थन किया है। अगर फिर भी किसानों को कोई इस बिल को लेकर आशंका है तो केंद्र सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है।

पत्रकार वार्ता में राज्य मंत्री भगत राम कोठारी, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती भी उपस्थित थे।

ऋषिकेश व्यापार महासंघ से जुड़े 257 व्यापारी

ऋषिकेश व्यापार महासंघ की सदस्यता अभियान जारी रहा। नगर निगम ऋषिकेश के पहले व्यापार महासंघ ने नगर क्षेत्र में नगर के व्यापारियों के साथ मिलकर सुबह थोक सब्जी मण्डी में व शाम को मेन बाजार, घाट रोड़ में देर रात तक सदस्यता अभियान चलाया जिसमें 257 व्यापारियों को ऋषिकेश व्यापार महासंघ का सदस्य बनाया ।

व्यापार सभा के पूर्व अध्यक्ष सूरज गुल्हाटी ने कहा कि आज पुनः ऋषिकेश व्यापार महासंघ के बैनर तले हमने साथियों के साथ बडी सब्जी मण्डी, मेनबाजार व घाट रोड़ में सदस्यता अभियान चलाकर व्यापारियों को महासंघ की सदस्यता ग्रहण करवाई साथ ही व्यापारियों को महासंघ के द्वारा किये जाने वाले कार्य जोकि आने वाले समय में पूर्ण करवाये जायेंगे उनसे अवगत करवाया।
प्रॉपर्टी डेवलपर एसोशिएसन के अध्यक्ष अजय गर्ग ने कहा कि महासंघ का उद्देश्य हर स्तर के व्यापारियों को सदस्य बनाकर महासंघ परिवार में सम्मलित कर उनकी हर सम्भव समस्याओं का समाधान करना है नाकि मात्र सदस्य बनाना है।

सदस्यता अभियान का नेतृत्व कर रहे महासंघ के संयोजक राजीव मोहन,सह संयोजक नवल कपूर, प्रचून ट्रांसपोर्ट अध्यक्ष विनोद शर्मा, बडी सब्जी मण्डी के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, महामंत्री गिरीश छाबडा, गढवाल ट्रक एसोसिएशन के सचिव जयेन्द्र रमोला, व्यापार सभा अध्यक्ष मनोज कालडा, पूर्व व्यापार सभा अध्यक्ष राजेन्द्र सेठी, मोटर पार्टस एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रशेखर जैन, मनोज सेठी, पार्षद अजीत सिंह गोल्डी, स्वर्णकार संघ अध्यक्ष यशपाल पंवार, उपाध्यक्ष हितेन्द्र पंवार, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन नागपाल, महामंत्री अंशुल अरोड़ा, बर्तन एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल, मेन बाजार व्यापार संघ के महामंत्री ललित सक्सेना, स्वर्णकार संघ से विवेक वर्मा, रमनप्रीत सिंह, राजेश अरोड़ा, संजय पंवार, दीपक जाटव, हरीश गावडी, संजय शर्मा, प्रदीप गुप्ता, शेखर गुप्ता, अशोक डंग, अशोक शर्मा, चन्द्र मोहन नारंग, नागेन्द्र सिंह, अतुल सरीन, सरकारी सस्ते गल्ले एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मनमीत, दीपक दरगन, राजीव गावडी, योगेश कालडा आदि मौजूद थे।

आज से अस्तित्व में आया ऋषिकेश व्यापार महासंघ

आज से ऋषिकेश व्यापार महासंघ का विधिवत शुभारंभ हो गया। महासंघ के दायरे में निगम के सभी 40 वार्ड आएंगे। महासंघ के जब तक चुनाव नहीं होते, तब तक वरिष्ठ व्यापारी राजीव मोहन अग्रवाल इसके संयोजक व नवल कपूर सह संयोजक रहेंगे।

मौके पर संयोजक राजीव मोहन अग्रवाल ने कहा कि हमारा मकसद व्यापारियों के अधिकारों की लड़ाई को लड़ना है परंतु पूर्व में चलते आ रहे व्यापार मण्डलों में परिवार वाद के साथ ही व्यक्ति वाद चला आ रहा है जो सही नहीं है। कहा कि हमने कई बार प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य से वार्ता की कोशिश की, मगर कुछ कुर्सी पकड़ व्यापारी नेताओं ने अपनी हठधर्मिता के कारण एका के प्रयासों को सिरे से नकारने का काम किया। इसी को देखते हुए व्यापारियों की मॉंग पर महानगर के प्रथम व्यापार महासंघ का गठन किया गया है।

सह संयोजक नवल कपूर ने बताया कि महासंघ चालीस वार्डों के व्यापारियों को जोड़ने का कार्य करेगा और व्यापार महासंघ में व्यापारी सहायता कोष भी बनाया जायेगा। जिसमें व्यापारी पर मुसीबत करने पर उनकी सहायता हो सके।

व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालडा व पूर्व अध्यक्ष सूरज गुल्हाटी ने कहा कि महासंघ के बैनर तले व्यापारियों की लड़ाई लड़ने का कार्य करेगें। जल्द ही बाजार में सदस्यता अभियान के लिये हम सभी व्यापारी एक जुट होकर बाजार भ्रमण करेंगे।

प्रेस वार्ता में पूर्व व्यापार सभा अध्यक्ष राजेन्द्र सेठी, प्रॉपर्टी डेवलपर्स एसोसिएशन अध्यक्ष अजय गर्ग, प्रचून ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद शर्मा, मोटर पार्टस एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रशेखर जैन, स्वर्ण कार संघ अध्यक्ष यशपाल पंवार, गढवाल ट्रक एसोसिएशन सचिव जयेन्द्र रमोला, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष मदन नागराज, महामंत्री अंशुल अरोड़ा, क्षेत्र रोड व्यापार संगठन अध्यक्ष राजेश भट्ट, स्वर्णकार संघ उपाध्यक्ष हितेन्द्र पंवार, बर्तन एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल, प्रचून व्यापर संघ अध्यक्ष गिरिराज गुप्ता, स्वर्णकार संघ से विवेक वर्मा, प्रॉपर्टी डेवलपर्स एसोसिएशन प्रवक्ता दीपक जाटव आदि मौजूद थे।

प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने बनाई दूरी
ऋषिकेश व्यापार महासंघ को बनाने को लेकर जिस वक्त रणनीति तय की जा रही थी। उस वक्त प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन भी इसमें जुड़ते दिखाई दिए। संगठन के नगर अध्यक्ष पंकज गुप्ता भी इसकी बैठक में सम्मिलित होकर अपने विचार रखते थे। मगर, आज प्रेसवार्ता में प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने दूरी बनाई। मामले को लेकर पंकज गुप्ता से वार्ता की गई तो उन्होंने सारा दोष प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल पर जड़ा। कहा कि प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की हठधर्मिता के चलते संगठन एक नहीं हो सका। कहा कि वह किसी भी संगठन के विरोध में नहीं है, व्यापारियों के हित के लिए वह सदैव तत्पर रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, ऋषिकेश महासंघ के साथ जाने को तैयार नहीं

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अपने फैसले पर अडिग है, वह ऋषिकेश महासंघ के साथ नहीं जाएगा। मगर, हां जो भी व्यापारी उनके संगठन से जुड़ना चाहता है, उसका स्वागत है, मगर कोई शर्त मंजूर नहीं की जाएगी। एक तरह से बिना शर्त संगठन से जुड़ने वाले व्यापारियों का स्वागत है।

आज एक होटल में जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने पत्रकारवार्ता की। कहा कि प्रांतीय व्यापार प्रदेश स्तर का संगठन है। यह व्यापारियों के हितों के लिए काम करती है। ऐसे में संगठन से रूठकर अलग संगठन बनाने से व्यापारियों का हित नहीं हो सकता है। इसलिये सभी व्यापारी संगठन एकजुट होकर संगठन को मजबूत कर सकते है। एकीकरण के लिए जो लोग राजी होते हैं, तो उनका स्वागत है। मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री हरगोपाल अग्रवाल, प्रदेश मंत्री श्रवण जैन, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री ललित मोहन मिश्रा, नगर उद्योग युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रतीक कालिया, जिला उपाध्यक्ष रवि जैन, दीपक तायल, अनुज आदि मौजूद थे।

आम व्यापारी भी सदस्य के तौर पर डालेगा वोट
जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने बताया कि इस बार संगठनों के अध्यक्ष और महामंत्री के साथ आम व्यापारी को सदस्य के तौर पर वोटर बनाया जाएगा। वे मतदान में अपना वोट देकर अध्यक्ष और महांमत्री को चुन सकते हैं। नगर निगम क्षेत्र तीन हजार लोगों को सदस्यता के लिए फार्म दिए गए हैं। जिनमें 800 व्यापारियों को जोड़ा जा चुका है। बताया कि 10 दिसंबर तक सदस्यता अभियान चलाया जाना है। चुनाव की तारीख अभी तय नहीं की गई है, दो दो समिति का गठन होना बाकी है।

एमडीएच अंकल ने संसार को कहा टाटा, देश को दे गए एमडीएच जैसा विश्वसनीय मसाला

दुनियाभर में प्रसिद्ध मसाला ब्रांड श्एमडीएचश् के मालिक श्महाशयश् धर्मपाल गुलाटी ने गुरुवार सुबह 98 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। महाशय धर्मपाल गुलाटी को श्एमडीएच अंकलश्, श्दादाजीश्, श्मसाला किंगश् और श्मसालों के राजाश् के नाम से जाना जाता था। वह मसाला ब्रांड श्एमडीएचश् (महाशिया दी हट्टी) के मालिक और सीईओ थे। देश विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत में आकर बसे गुलाटी ने तांगे से अपनी आजीविका शुरू की और आज वह 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार वाली अपनी कंपनी छोड़कर इस दुनिया से कूच कर गए।

पाकिस्तान में हुआ जन्म
श्महाशयश् के नाम से मशहूर गुलाटी का जन्म 1919 में पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। उनका पालन-पोषण पाकिस्तान में ही हुआ था। सियालकोट में उनके पिता ने साल 1919 में श्महाशिया दी हट्टीश् नाम से एक मसाले की दुकान खोली। उनके पिता यहां पर मसाले बेचा करते थे।

विभाजन के बाद भारत आया परिवार, पिता के पैसे से खरीदा तांगा

1947 में विभाजन के बाद, परिवार भारत आ गया। शुरू में गुलाटी परिवार अमृतसर में शरणार्थी के रूप में रहा। लेकिन बाद में धर्मपाल गुलाटी दिल्ली शिफ्ट हो गए। जब गुलाटी अपने बहनोई के साथ दिल्ली पहुंचे, तब उन्होंने अपने पिता द्वारा दिए गए पैसे से तांगा खरीदा।

1959 में एमडीएच कंपनी की नींव रखी

इसके बाद 1953 में, गुलाटी ने चांदनी चैक में एक दुकान किराए पर ली, जिसका नाम श्महाशिया दी हट्टीश् (एमडीएच) रखा, और उन्होंने यहां भी मसालें बेचना शुरू किया। वहीं, गुलाटी ने आगे चलकर एमडीएच कंपनी की आधिकारिक शुरुआत की। धर्मपाल गुलाटी ने 1959 में एमडीएच कंपनी की स्थापना की। इसके लिए उन्होंने कीर्ति नगर में जमीन खरीदी और एक विनिर्माण इकाई स्थापित की।

देशभर में 15 फैक्ट्रियां

व्यापार भारत में ही नहीं पनपा बल्कि गुलाटी मसालों के एक वितरक और निर्यातक भी बन गए। वर्तमान में एमडीएच मसाले लगभग 50 विभिन्न प्रकार के मसालों का निर्माण करते हैं। कंपनी की देशभर में 15 फैक्ट्रियां हैं और वह दुनियाभर में अपने उत्पाद बेचती हैं।

एमडीएच मसाले दुनिया के विभिन्न हिस्सों में निर्यात किए जाते हैं, जिसमें यूके, यूरोप, यूएई, कनाडा जैसे देश शामिल हैं। गुलाटी 2017 में भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सीईओ बने।

पांचवीं तक पढ़े थे धर्मपाल गुलाटी

धर्मपाल गुलाटी ने सिर्फ पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की। आगे की शिक्षा के लिए वह स्कूल नहीं गए। धर्मपाल गुलाटी को भले ही किताबी ज्ञान अधिक ना हो, लेकिन बिजनेस क्षेत्र में बड़े-बड़े दिग्गज उनका लोहा मानते थे।

90 फीसदी वेतन को करते थे दान

धर्मपाल गुलाटी को लेकर कहा जाता है कि वह अपने वेतन का 90 फीसदी हिस्सा दान कर देते थे। एक बार उन्होंने कहा था कि काम करने की मेरी प्रेरणा सस्ती कीमतों पर बेचे जाने वाले उत्पाद की गुणवत्ता में ईमानदारी से है और मेरे वेतन का लगभग 90 फीसदी एक चैरिटी में जाता है।

गरीबों के लिए अस्पताल और स्कूल

गुलाटी के पिता के नाम पर एक धर्मार्थ ट्रस्ट भी है, जो झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए 250 बेड का अस्पताल चलाता है। साथ ही गरीबों के लिए चार स्कूल भी चलाता है। सूत्रों ने बताया कि उन्हें 2018 में 25 करोड़ रुपये इन-हैंड सैलरी मिली थी।

कंपनी के सभी फैसले खुद लेते थे
अपनी उम्र के बावजूद धर्मपाल गुलाटी व्यवसाय के सभी बड़े फैसले लेते थे। वह अपनी कंपनी और उत्पाद के लिए तीन पहलुओं को बेहद महत्वपूर्ण मानते थे, जिसमें ईमानदारी से काम, गुणवत्ता वाले उत्पाद, और सस्ती कीमतें शामिल हैं। गुलाटी कंपनी में लगभग 80 प्रतिशत हिस्सेदारी के मालिक थे। वह नियमित रूप से अपने कारखाने और बाजार का दौरा करते थे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चीजें ठीक प्रकार से चल रही हैं।

पिछले साल मिला था पद्मभूषण पुरस्कार

2019 में धर्मपाल गुलाटी उन 112 विशिष्ट लोगों में शामिल थे, जिन्हें पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले साल उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मभूषण से नवाजा था।

ऋषिकेश व्यापार महासंघ के तहत आए सभी व्यापारी, बाहरियों का हस्तक्षेप हो वर्जित

ऋषिकेश के व्यापार मण्डलों के एकीकरण को लेकर आज शहर के व्यापारियों की एक आपातकालीन बैठक हुई। इसमें प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल व प्रांतीय नेता श्रवण जैन भी शामिल हुए। बैठक में प्रांतीय उघोग व्यापार मण्डल को एकीकरण के लिए शुक्रवार तक का समय दिया गया। जवाब न आने पर व्यापार मंडल एका संयोजक मंडलों की बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कर वरिष्ठ व्यापारी राजीव मोहन अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों के कुछ सुझाव आये है जो प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों के समक्ष रखे गये हैं। इसके तहत महानगर में एक व्यापार मण्डल हो और जिसका नाम ऋषिकेश व्यापार महासंघ हो, जिसमें किसी भी अन्य संस्था या राजनीतिक दल का हस्तक्षेप नहीं होगा और ऋषिकेश व्यापार महासंघ के नाम पर ही महानगर में सदस्यता अभियान चलाया जाए। इसी में व्यापार मण्डलों के सदस्यों को सदस्य बनाया जाए व पूर्व में भी जो अन्य किसी व्यापारिक संगठन से सदस्यता हुई हो उसे भी महासंघ के नाम पर जोड़ा जाए।

ऋषिकेश के सभी व्यापार मण्डल महासंघ को महानगर स्तर पर अपना समर्थन देंगे परन्तु जिला व प्रदेश स्तर पर वह अपनी संस्थाओं को यथावत रहकर कार्य कर सकते हैं। ऋषिकेश के व्यापारियों के अध्यक्ष व महामंत्री के चुनाव हेतु जो भी चुनाव समिति बनेगी। उस समिति या कमेटी में सिर्फ व सिर्फ ऋषिकेश के शीर्ष व्यापारी ही चुनाव अधिकारी होने चाहिये। बाहर के प्रांत के व प्रदेश के अन्य किसी व्यक्ति का हस्तक्षेप चुनाव में नहीं होना चाहिये। भविष्य में महासंघ का विलय किसी भी संस्था या या दल में नहीं होगा। महासंघ का अध्यक्ष व महामंत्री आम सदस्यों के चुनाव द्वारा चुना जाना चाहिये।

प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के नगर अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि हमारे व्यापार मण्डल की व्यापारियों की ओर से आये सभी सुझावों पर हमारी सहमति है, हम मिलकर एक स्वतंत्र ऋषिकेश महानगर के व्यापार महासंघ को तैयार हैं।

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल व प्रदेश मंत्री श्रवण जैन ने कहा कि एकीकरण की पहल तो ऋषिकेश के व्यापारियों के हित में है।

जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों के सुझावों का हम स्वागत करते हैं परन्तु प्रांतीय व्यापार मण्डल देश स्तर का संगठन है तो पहले हम प्रदेश स्तर पर वार्ता कर विचार विमर्श कर, महासंघ के प्रतिनिधियों को गुरूवार दोपहर तक सूचित करेंगे।

बैठक का संचालन करते हुऐ जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज की वार्ता बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और अगर कल सब कुछ अच्छा रहा तो दोनों व्यापार मण्डल मिलकर महानगर के व्यापारियों की एक महापंचायत का आयोजन कर व्यापारियों की रॉय के साथ आगे की चर्चा करेंगे और अगर प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल की ओर से एकाकरण का जवाब नहीं आता है तो शुक्रवार को व्यापार मण्डल एका संयोजक मण्डलों की बैठक कर आगे का निर्णय लिया जायेगा।

बैठक में यह रहे शामिल
बैठक में प्रॉपर्टी डेवलपर्स के अध्यक्ष अजय गर्ग, व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालडा, व्यापार सभा के पूर्व अध्यक्ष नवल कपूर, परचून ट्रांसपोर्ट व्यापार मण्डल के अध्यक्ष विनोद शर्मा,होटल एसोशिएशन के अध्यक्ष मदन नागपाल,प्रदेश उघोग व्यापर मण्डल की ओर से संरक्षक कपिल गुप्ता, केवल कृष्ण लाम्बा, क्लॉथ मर्चेन्ट के महामंत्री प्रदीप गुप्ता, मनोज सेठी, दीपक जाटव, हर्षित गुप्ता, विवेक वर्मा, मेन बाजार व्यापार संगठन महामंत्री ललित सक्सेना उपस्थित थे।

किसानों को समय से भुगतान हो सरकार कर रही प्रयासः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को शुगर कम्पनी लि. डोईवाला के पराई सत्र 2020-21 का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन सालों में सरकार का प्रयास रहा है कि किसानों को भुगतान समय पर एवं पारदर्शिता के साथ हो। धान का किसानों को ऑनलाइन पेमेंट किया और 24 घण्टे के अन्दर भी भुगतान किया। खाद का भी डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। दुग्ध उत्पादकों को भी ऑनलाइन पेमेंट किया जा रहा है। सरकार ने कोशिश की कि किसानों को उनका पैसा सीधे उनके खाते में मिले। कोविड के कारण लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस वर्ष राज्य सरकार ने ढ़ाई सौ करोड़ रूपये किसानों को अनुदान के रूप में दिया। गन्ना किसानों का शत प्रतिशत भुगतान किया गया है। हरिद्वार जनपद में एक प्राइवेट शुगर मिल बंद पड़ी थी। राज्य सरकार ने अपनी गारंटी पर मिल को ऋण दिया। 22 हजार किसान इस मिल में कार्य कर रहे थे। आज उस शुगर मिल में किसानों का 80 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। राज्य सरकार ने किसानों के हित में हर सम्भव प्रयास किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवाला के इस प्लांट का आधुनिकीकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने की आधुनिक किस्म को अपनाना जरूरी है। उत्पादकता बढ़ाने एवं मिलों को बचाये रखने के लिए आधुनिक प्रयोगों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र विकास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। समग्र विकास के लिए दोनों का विकास जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को 3 लाख रूपये तक एवं स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिकी के विकास के लिए हर न्याय पंचायत पर ग्रोथ सेंटर बनाये जा रहे हैं। अभी तक 100 से अधिक ग्रोथ सेंटर बनाये जा चुके हैं। 16400 किसान इस मिल से जुड़े हैं, यह अच्छी बात है कि इस बार मिल की रिकवरी अब तक की सबसे अच्छी रिकवरी रही।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि देश में गन्ना किसानों का शत प्रतिशत भुगतान करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। किसानों के प्रति राज्य सरकार कितनी गंभीर है, यह इस बात को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस मिल के आधुनिकीकरण से गन्ना किसानों को तो फायदा होगा ही, मिल से अनेक लोगों के रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस अवसर अध्यक्ष गन्ना विकास समिति भगत राम कोठारी, भाजपा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुण्डीर, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष खेम पाल सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेन्द्र सिंह पंवार, आशा कोठारी, सचिव गन्ना विकास चन्द्रेश यादव, डोईवाला शुगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह आदि उपस्थित थे।

तीर्थनगरी में व्यापारियों ने एकजुट होने का लिया निर्णय

तीर्थनगरी में व्यापारियों में एकजुटता काफी समय से देखने को नहीं मिल रही है। इसके चलते संगठन में एक पद सत्ताधारी तो दूसरा पद विपक्षी पार्टी की झोली में जाता है और नतीजा यह रहता है कि किसी भी मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन पाती है। फिर चाहे अतिक्रमण का मामला हो, या प्रशासन के किसी भी आदेश का। एकजुट न हो पाने से प्रत्येक गली में अलग-अलग व्यापारिक संगठन तैयार हो गए है। इसका खामियाजा सीधा व्यापारियों को झेलना पड़ता है। मगर, आज एक पहल हुई और तीन मुख्य व्यापारिक संगठनों को एक बनाने पर जोर दिया गया।

इसके अतिरिक्त सभी व्यापारी मिलकर एक नया व्यापारिक महासंगठन बनायेंगे जो महानगर स्तर का होगा।

कपड़ा व्यापारी संगठन के अध्यक्ष राजीव मोहन ने कहा कि अगर तीनों व्यापार मण्डल एक नहीं होते तो ऋषिकेश का एक महानगर व्यापार मण्डल बनाया जाये।

स्वर्णकार संगठन के अध्यक्ष यशपाल पंवार ने कहा कि अगर नगर उघोग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के नेता एका नहीं करते तो हम सभी संस्थाओं को प्रांतीय उघोग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल से अपनी सम्बधता खत्म कर देनी चाहिये और अपना नया व्यापार मण्डल बनाकर ऐसे स्वार्थी नेताओं का बहिष्कार करना चाहिये।

व्यापार सभा के पूर्व अध्यक्ष नवल कपूर ने कहा कि ऋषिकेश के व्यापारियों का संगठन बनाना चाहिये जो कि मजबूत संगठन होगा और हमारी मजबूती से प्रदेश स्तरीय हर व्यापारिक संगठन हमसे जुड़ेगा।

पंजाबी महासभा के अध्यक्ष कृष्ण कुमार लाम्बा ने कहा कि ये कुछ चंद व्यापारी नेता जो केवल अधिकारियों की चाटुकारिता कर अपने स्वार्थ सिद्ध करने का काम करते हैं इनमे से कुछ तो इसलिये व्यापारी नेता बने हैं कि अपने उल्टे सीधे काम को बचा सके ऐसे नेताओं से हमें व्यापारियों को बचाना चाहिये व नया संगठन बनाना चाहिये और जब तक वार्ता नहीं हो जाती हम किसी भी सदस्यता का फार्म नहीं भरेंगे ।

व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालडा ने कहा कि कुछ लोग आज की इस बैठक में जाने से मना कर रहे थे परन्तु ये सही नहीं मेरा मानना है एक ही खिड़की में सदस्यता होनी चाहिये और सभी को जोड़कर समान अधिकार के साथ चुनाव लड़ने का अधिकार मिलना चाहिये ।

प्रदेश उघोग व्यापार मण्डल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि शहर हित में तीनों संगठन एक हों मैं इसके लिये तैय्यार हूँ जो निर्णय सभी व्यापारी लेंगे मैं सहमत हूँ ।

बैठक का संचालन कर समाजसेवी जयेन्द्र रमोला ने कहा कि हम यहॉं पर लगभग 80 प्रतिशत प्रांतीय उघोग व्यापार मण्डल से जुड़े हैं और हमें एका का प्रयास करने के लिये नगर उघोग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के नेताओं से बात करने के लिये एक समिति बनानी चाहिये कि वे एक होकर व्यापारी हितों के लिये कार्य करें नाकि पद की लालसा के लिये व्यापारियों का स्तेमाल करें ।

बनी पांच सदस्यदीय कमेटी
बैठक में वार्ता करने के लिये एक पॉंच सदस्य की कमेटी बनाई गई। जिसमें मनोज कालडा, विनोद शर्मा, राजीव मोहन, राजकुमार तलवार, नवल किशोर, विवेक वर्मा व प्रदीप गुप्ता को शामिल किया गया।

बैठक में यह व्यापारी रहे मौजूद
बैठक में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन नागपाल, अजय गर्ग, दीपक प्रताप जाटव, पार्षद मनीष शर्मा, पार्षद देवेन्द्र प्रजापति, पार्षद जगत नेगी, हितेन्द्र पंवार, केवल कृष्ण लांबा, राजकुमार तलवार, धर्मेश मनचंदा, मधु जोशी, हर्षित गुप्ता, राजपाल ठाकुर, संजय पंवार, मनोज गोसाई, प्रदीप गुप्ता, मनोज साहल, गोविंद सिंह, विवेक वर्मा, अखिलेश मित्तल, अक्षत गोयल, सुनील गोयल, पंकज चंदानी, प्रदीप कुमार, विवेक तिवारी, हरीश दरगन, योगेश पाल, राधावल्लभ, पंकज गुप्ता, प्रमोद कुमार शर्मा, नागेंद्र सिंह, तनवीर सिंह, दीपक कुकरेजा, विनीत, राही कपाड़िया, हरिओम बेदी, यशपाल सिंह पवार, विनोद शर्मा, राजीव मोहन, कपिल गुप्ता, नवल कपूर, सरदार विक्की सेठी, राजेश कुमार तायल, गगनदीप सिंह बेदी, जयपाल सिंह बिट्टू, संजय शर्मा, अरविंद कुमार, अतुल सरीन, अशोक नेगी, सतीश कालरा, राजीव आनंद, नटवर श्याम, दीपक कपूर, कपिल आनंद, रमन अरोड़ा, राधे मोहन साहनी, नितिन जैन, नितिन किशोर, रमनप्रीत सिंह, दीपक बंसल, गौरव अग्रवाल, हरिराम वर्मा, देवेश जैन, देवी प्रसाद, राजकुमार मारवा, संजय भट्ट, सुमित त्यागी, जितेंद्र आनन्द, पंकज अरोड़ा, राजीव गावड़ी, शिवम गेरा, रमन अरोड़ा, ज्योति शर्मा, सरदार बूटा सिंह, जितेंद्र सिंह पवार, नितिन गुप्ता, अजीत सिंह गोल्डी, अनु गुलाटी, ललित सक्सेना, मनोज त्यागी, अमित कुमार, जितेंद्र पाल पाटी, गौरव यादव, नीरज यादव, राजेश साहनी, मनोज सेठी, धीरज मखीजा, एकांत गोयल आदि शामिल थे।

सीएम त्रिवेंद्र ने पर्वों पर स्थानीय उत्पादों को खरीदने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में हिमालय देवभूमि संसाधन ट्रस्ट द्वारा पहाड़ी अनाजों से तैयार मिठाईयों ‘‘देवभोग स्वीट्स’’ का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देशों पर वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए यह नई पहल शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है। देवभूमि प्रसाद की सफलता के बाद अब देवभोग स्वीट्स की प्रगति की कहानी शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व आने वाला है। पर्वों में उत्तराखण्ड के अनाजों पर आधारित स्वास्थ्यवर्धक मिठाईयों की डिमांड तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने जनता से पर्वों पर स्थानीय उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि स्वीट्स के लिए ऑनलाईन मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाय।

हिमालय देवभूमि संसाधन द्वारा उत्तराखण्ड के मन्दिरों के लिए स्थानीय अनाजों पर आधारित प्रसाद बनाया जा रहा है। अब इसको और अधिक विस्तारित करते हुए उत्तराखण्ड के 12 स्वास्थ्य वर्धक अनाजों से मिठाईयां बनाई जा रही है। इस कार्य में हिमालय देवभूमि संसाधन के संस्थापक गोविन्द सिंह मेहर एवं महासचिव बी.एस.रावत एवं अंशुल गुप्ता के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ये मिठाईयां और प्रसाद बनाया जा रहा है। देवभोग प्रसाद की डिमांड काफी तेजी से बढ़ी है। उत्तराखण्ड के स्थानीय अनाजों से जो मिठाइयां एवं प्रसाद बनाया जा रहा है, यह अनाज भी स्थानीय स्तर पर लोगों से खरीदा जा रहा है। जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ ही उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पाद भी लोगों को मिल रहे हैं। इन मिठाइयों में जिन स्थानीय अनाजों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनमें मंडुआ, चैलाई, झंगोरा, कुट्टू का आटा, गहत, सोयाबीन, उड़द की दाल का प्रयोग किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते उपस्थित थे।

बाजारों में जाल निर्माण कार्य का मेयर अनिता ने किया निरीक्षण

बाजारों में जल निकासी की समस्या का स्थाई समाधान कराने के लिए नगर निगम प्रशासन नालियों पर जाल लगाए जाने का कार्य कर रहा है। इससे पूर्व निगम प्रशासन की ओर से नालियों में बरसाती पानी की निकासी के लिए जर्जर पाइपों को भी बदल कर नई पाईप लाइन भी डाली गई हैं। उक्त तमाम कार्यों का निरीक्षण मेयर अनिता ममगाईं ने किया।

विजयदशमी के सरकारी अवकाश के बावजूद नगर निगम मेयर अनिता ममगाईं उक्त निर्माण कार्य का जायजा लेने बाजार पहुंची। जहां उन्होंने व्यापारियों को पर्व की बधाई देने के साथ जाल लगाने के निर्माण कार्य में निगम को किए गए सहयोग के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि शहर के तमाम बाजारों में जल निकासी की समस्या का स्थाई समाधान कराने के लिए जहां जर्जर पाइप लाइनों को बदला जा रहा है वहीं जाल लगाकर दुकानों की सुंदरता के लिए टाईले भी लगवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को समय अवधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित भी किया गया है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता आनंद मिश्रवाण, जल संस्थान से जेई वीरेंद्र राणा, पार्षद रीना शर्मा, विजय बडोनी, कमला गुनसोला, अजीत गोल्डी, नितिन गुप्ता, राजेश भट्ट, पंकज शर्मा, सुनील उनियाल, मदन कोठारी, हितेंद्र पंवार, संजय पवार, प्रवीण अग्रवाल, मेजर कृष्ण खुराना, प्रिंस डंग, भारत डंग, जितेंद्र अग्रवाल, अमरीक, प्रीतपाल सिंह आदि मौजूद रहे।