सीएम धामी से मिलकर आईटीसी ने 5000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के करटेन रेजर के मौके पर आज आईटीसी ने 5000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव उत्तराखंड सरकार को दिया। महिन्द्रा हॉलीडेज एण्ड रिसोर्ट इण्डिया लिमिटेड के साथ 1000 करोड़ और ई-कुबेर के साथ 1600 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू किया गया। पहले ही दिन इतने बड़े निवेश प्रस्ताव पर सहमति यह दिखाती है कि निवेशक उत्तराखण्ड को लेकर कितने ज़्यादा उत्सुक हैं और सरकार भी कितनी तत्पर है। महिन्द्रा हॉलीडेज एण्ड रिसोर्ट इण्डिया लिमिटेड उत्तराखण्ड में अगले तीन महीने में 1000 करोड़ के निवेश के साथ विभिन्न स्थानों पर 4/5 रिजोर्ट स्थापित करने जा रहा है। इससे 1500 लोगो के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। पूरे देश में यह महिन्द्रा हॉलीडेज एण्ड रिसोर्ट इण्डिया लिमिटेड का किसी भी राज्य में सबसे बड़ा निवेश है।
उत्तराखंड में आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर नई दिल्ली स्थिति होटल ताजमहल में कर्टेन रेजर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखण्ड एक युवा राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है जहां उद्योगों के लिए अपार सम्भानाएं हैं। राज्य में ईज आफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ पीस आफ डूइंग बिजनेस भी है। उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत उद्योगों में श्रमिक असन्तोष की घटनायें ना के बराबर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सुगम व्यवसायिक वातावरण तैयार करने के विजन के साथ सरकार काम कर रही है। राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिये विशेष नीतियां लागू करने के साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इन नीतियों में प्रमुख रूप से पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक आस्थानों की स्थापना हेतु नीति-2023 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्राकृतिक विरासत के साथ राष्ट्र में सबसे तेजी से बढती अर्थ व्यवस्था के रूप में विकसित करने के लिए सरकार संकल्पवद्ध है। राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिये सशक्त उत्तराखण्ड मिशन लॉच किया गया है, जिसके तहत अगले 5 वर्षों में राज्य की एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति की कड़ी के रूप में उत्तराखण्ड ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 1200 से अधिक ऐसे अधिनियमों को चिन्हित किया है, जो वर्तमान में अनुपयोगी हैं और इनमें से लगभग 500 अधिनियमों को सिंगल रिपील एक्ट के माध्यम से विलोपित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में लगभग 6000 एकड़ का लैण्ड बैंक विभिन्न सैक्टर के उद्योगों की स्थापना हेतु उपलब्ध है। राज्य में रेल, रोड एवं एयर कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हुआ है। देहरादून एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिये सीधी वायु सेवा उपलब्ध हो गई है। देहरादून एवं पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा रहा है। रेलवे नेटवर्क के विकास एवं उन्नयन के तहत ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। राज्य में चार धाम यात्रा को सुगम बनाने के लिये ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उद्यमी ही हमारे ब्राण्ड एम्बेसडर हैं और राज्य में निवेश बढ़ाने में उनकी सबसे अधिक सहभागिता है। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के आधार पर कार्य कर रही है और यह तभी सम्भव है, जब उद्योग संघों से निरन्तर संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि काशीपुर में अरोमा पर्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर तथा अमृतसर कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटकों एवं श्रद्वालुओं की सुविधा हेतु सभी स्थलों पर नवाचार के माध्यम से सुविधाओं का विकास किया जा रहा है निर्यात् को बढ़ावा देने के लिये भी नीति निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी पौराणिक स्थलों के विकास का हमारा लक्ष्य ह। चारधाम आदिकैलाश की भांति कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के तहत सर्किट बनाया जा रहा है। इसमें राज्य में धार्मिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में कर्म करना हम सबका सौभाग्य है। राज्य का वातावरण पूर्णतः उद्यमियों के अनुकूल है। उत्तराखण्ड का 71 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित हैं। हेल्थ वेलनेस के साथ ऊर्जा का भी यह श्रोत है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ आपदा के बाद आज भव्य केदार बन गया है। शीघ्र ही केदारनाथ एवं हेमकुण्ड साहिब के लिए रोपवे का निर्माण हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में गढ़वाल व कुमाऊं मण्डलों में एक-एक शहर बसाया जाएगा। हरिद्वार ऋषिकेश में गंगा कॉरीडोर का निर्माण के साथ हरकी पैड़ी की भांति महाभारत काल की भांति यमुना की भी आरती हेतु कालसी के पास हरिपुर में घाट निर्माण का शिलान्यास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने राज्य में उत्पादित/निर्मित 9 उत्पादों में जीआई टैग हासिल किये हैं। इन जीआई टैगों में कुमांऊ ब्यूरो ऑयल, मुनस्यारी राजमा भोटिया दन, ऐपण रिंगाल, ताम्र उत्पाद, धुलमा, तेजपत्ता तथा बासमती चावल शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा नेटल (बिच्छू घास). पिछौड़ा, आर्टिस्टिक कैण्डल मुखौटा एवं मन्दिर प्रतिकृत आदि कुछ अन्य उत्पादों में जीआई टैग के लिये आवेदन किया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योग संवर्द्धन और आन्तरिक व्यापार विभाग की ‘ईज आफ डूईंग बिजनेस’ रैंकिंग में वर्ष 2022 की रैंकिंग में उत्तराखण्ड राज्य एचीवर्स श्रेणी में ( 8वें स्थान पर) शामिल है। जबकि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2022 के निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड राज्य हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर, जबकि सम्पूर्ण देश में 9वें स्थान पर है। उद्योग संवर्द्धन और आन्तरिक व्यापार विभाग की LEADS रैंकिंग में वर्ष 2022 की रैंकिंग में उत्तराखण्ड राज्य अचीवर्स श्रेणी में शामिल है। इसी प्रकार स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन हेतु उद्योग निदेशालय स्तर पर एक समर्पित इन्वेस्टर फैसिलिटेशन सेल की स्थापना की है, जो निवेशकों / व्यवसायियों के लिये ‘वन स्टॉप शॉप’ के रूप में डेडीकेटेड हैण्डहोल्डिंग सपोर्ट उपलबध करा रहा है। रू0 5.00 करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश करने वाले उद्यमियों के लिये एक डेडीकेटेड रिलेशनशिप मैनेजर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति हेतु राज्य में ऑनलाईन सिंगल विण्डो क्लीयरेंस पोर्टल investuttarakhand.uk.gov.in की स्थापना की गई है।
मुख्य सचिव डॉ एस.एस.संधु ने बताया कि उत्तराखण्ड निवेश के लिये उद्यमियों के लिए बेहतर डेस्टिनेशन हैं। दिल्ली एनसीआर के नजदीक होने के नाते बेहतर सड़क सुविधाओं के विकास द्वारा यह दूरी शीघ्र ही ढाई घण्टे में पूरी होने वाली हैं। इसी प्रकार हरिद्वार, कोटद्वार, रूद्रपुर, काशीपुर, टनकपुर के लिए भी सड़क सुविधाओं से यहां की दूरी भी कम समय में तय हो सकेगी। पर्यावरण की दृष्टि से भी उत्तराखण्ड उद्योगों के अनुकूल है। हमारे प्रदेश में पानी का कोई विवाद नही हैं बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य के बेहतर इकोसिस्टम से लोग राज्य के प्रति आकर्षित हो रहे है।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में देश के विभिन्न राज्यों की उद्योग एवं निवेश से संबंधित नीतियों का अध्ययन कर नीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक उद्यमी राज्य से जुड़े, इसके लिए उद्योगों के अनुकूल नीतियां एवं सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

लंदन, सिंगापुर, ताइवान में आयोजित किए जाएंगे इंटरनेशनल रोड शो
उत्तराखण्ड ग्लोबल इंवेस्टर समिट की तैयारियों को उत्तराखण्ड सरकार ने पूरी तरह से तैयार है। समिट को लेकर विदेश में पहला अंतरराष्ट्रीय रोड शो 25 सितंबर से 28 सितंबर तक लंदन में होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इसमें शामिल होंगे। इसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में सिंगापुर और ताइवान में रोड शो होंगे। वहीं दुबई और अबू धाबी में 16 से 20 अक्टूबर तक रोड शो के जरिये विदेशी निवेशकों को उत्तराखंड में निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा।

विदेश में होने वाले रोड शो में राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों की टीम भी जाएगी। इसके बाद देश में 3 अक्टूबर को पहला रोड शो दिल्ली में आयोजित होगा, उसके बाद 6 और रोड शो होंगे, जो अहमदाबाद, चंडीगढ़, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई और हैदराबाद में आयोजित होंगे। राज्य सरकार द्वारा निवेशक सम्मेलन के माध्यम से कम से कम ढाई लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य में दिसंबर माह में होने वाली इन्वेस्टर समिट को लेकर उद्योग जगत में उत्साह का माहौल

उत्तराखंड में दिसंबर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर उत्तराखंड सरकार की तैयारियों व नीतियों से देश के बड़े उद्योग घराने खासे प्रभावित हैं। महिंद्रा हॉलीडेज, आईटीसी, ई-कुबेर जैसी नामी कंपनियों ने इन्वेस्टर समिट को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दिल्ली में आयोजित करटेन रेजर कार्यक्रम के मौके पर आज आईटीसी ने 5000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया जबकि उत्तराखंड सरकार ने ई-कुबेर के साथ 1600 करोड़ और महिंद्रा हॉलीडेज के साथ एक हजार करोड़ के निवेश पर एमओयू किया।
महिंद्रा हॉलीडेज एन्ड रिसोर्ट इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सीईओ कविंदर सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा दिए गए सक्रिय समर्थन, राज्य के लोगों के आतिथ्य के प्रति आकर्षण और एक मजबूत पर्यटन नीति से प्रोत्साहित होकर, हमारा लक्ष्य अपने सबसे बड़े निवेश के साथ उत्तराखंड सरकार के साथ साझेदारी करना है। आईटीसी कंपनी ने भी राज्य में पांच हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जो यह दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार की आकर्षक नीतियों के मद्देनजर यह ग्रुप भी राज्य में बड़े निवेश हेतु तैयार हैं।
इसी तरह से, जुबिलेंट फार्माेवा लिमिटेड व ओबेरॉय समूह के अधिकारियों ने उत्तराखंड में अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की और राज्य में निवेश के प्रति अपनी योजनाओं के बारे में चर्चा की।

सीएस ने हितधारकों से वार्ता कर व्यवसाय में आ रही दिक्कत को दूर करने कहा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में जड़ी बूटी, ईको टूरिज्म, हर्बल और एरोमा पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सम्बन्धित विभागों एवं हितधारकों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने हितधारकों से वार्ता कर उन्हें इस व्यवसाय में आ रही समस्याओं और सरकार द्वारा दिये जाने वाले सहयोग के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की। कहा कि प्रदेश को प्रकृति ने जड़ी बूटियों से भरपूर वन सम्पदा और इसके उत्पादन के लिए उचित प्राकृतिक वातावरण दिया है, जिसे प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने एवं प्रदेश की आर्थिकी बढ़ाने में उपयोग किया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने इसकी पॉलिसी तैयार करते समय सभी हितधारकों के अच्छे सुझावों को शामिल करते हुए एक ऐसी पॉलिसी तैयार किए जाने के निर्देश दिए जिससे एक सकारात्मक माहौल तैयार हो। उन्होंने आमजन में जड़ी बूटियों और औषधीय पादपों के सम्बन्ध में छोटे छोटे वीडियोज के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। अधिक से अधिक वन मेलों का आयोजन कर अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों में जड़ी बूटी उत्पादन के साथ ही वैल्यू एडीशन एवं अन्य प्रकार के कार्यों के लिए स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल किया जाए। उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएं। प्रदेशभर में खाली बंजर पड़ी जमीनों में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जड़ी बूटी, ईको टूरिज्म, हर्बल और एरोमा पर्यटन को बढ़ावा देने, इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करते हुए शोध एवं विकास की दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिए जाने हेतु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने उत्पादन से लेकर मार्केटिंग आदि से सम्बन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी तैयार कर सभी को प्रशिक्षित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ड्रग मैनुफैक्चरिंग लाईसेंस की प्रक्रिया को भी सरलीकृत किया जाए एवं मार्केटिंग और रिटेल आउटलेट को भी अधिक से अधिक बढ़ाया जाए।
बैठक के दौरान हितधारकों की ओर से भी अच्छे सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें मुख्य सचिव ने पॉलिसी में भी शामिल किये जाने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एपीसीसीएफ जी.एस. पाण्डे, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, निदेशक सेंटर फॉर एरोमैटिक प्लांट डॉ. निर्पेन्द्र चौहान सहित हिमालयन हील, डॉबर इण्डिया लिमिटेड, पतंजलि, मुल्तानी फार्मासियूटिकल्स एवं इस व्यवसाय से जुड़े विभिन्न हिताधारक एवं प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

जी-20 क्राफ्ट बाजार प्रदर्शनी में उत्तराखंड के उत्पादों को मिलीं सराहना

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित “जी 20 क्राफ्ट बाजार प्रदर्शनी“ में उत्तराखंड के स्टॉल में यहां के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इस संबंध में उत्तराखण्ड के स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा ने बताया कि सचिव वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार सुनील बर्थवाल ने स्टॉल का भ्रमण कर प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी प्राप्त कर सराहना की। रेजिडेन्ट कमिश्नर केरला सौरभ जैन ने भी उत्तराखण्ड के स्टॉल का भ्रमण कर अन्य उत्पादों के साथ बिच्छू घास की बनी जैकेट की विशेष रूप से सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय में उपसचिव मंगेश घिल्डियाल के साथ विभिन्न प्रदेशों के रेजिडेन्ट कमिश्नरों ने भी उत्तराखण्ड के स्टॉल का भ्रमण कर प्रदर्शित राज्य के उत्पादों की सराहना की।
उपनिदेशक उद्योग विभाग एवं नोडल अधिकारी डॉ एम एस सजवाण ने बताया कि उत्तराखंड के उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में उत्तराखंड राज्य के हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। यहां अल्मोड़ा ट्वीड ऊनी स्कार्फ, डूंडा शॉल, पिथौरागढ़ के ऊनी कार्पेट, केदारनाथ व अन्य धार्मिक स्थलों की काष्ठ प्रतिकृति, नैनीताल ऐपण, उधमसिंहनगर की मूंज घास के उत्पाद, बागेश्वर के ताम्र उत्पाद, प्राकृतिक फाइबर जैकेट, प्रदर्शित किए गए हैं।

सीएम धामी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए वेबसाइट को किया लांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच किया। देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच करते हुए कहा कि इस बार इन्वेस्टर्स समिट में 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में सुधार भी किये हैं और नई नीतियों को भी लागू किया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिये 27 नीतियां प्रख्यापित की गई हैं। राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया गया है। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट देहरादून में दिसम्बर माह में होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं।

उद्योग जगत से लगातार संवाद कर रही सरकार

उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो और वेबसाईट के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उद्योग जगत और प्रमुख औद्योगिक संगठनों से लगातार सम्पर्क में है। इसी क्रम में 17 अगस्त को देहरादून में और 21 अगस्त को दिल्ली में प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद किया गया। उद्योग जगत से मिल रहे सुझावों को बहुत ही प्रमुखता से लिया गया है। उसी आधार पर एमएसएमई नीति, सेवा क्षेत्र नीति, लॉजिस्टिक नीति, सोलर नीति, आदि में सुधार किया गया है।

पीस डेस्टिनेशन के साथ इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और निवेश के अनुकूल बने माहौल से उद्योगपतियों में बहुत उत्साह है। देवभूमि उत्तराखण्ड में सदियों से लोग शांति के लिए आते रहे हैं। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, अब निवेशक भी यहां आने के लिये उत्साहित हैं। शांति और पर्यटन के डेस्टीनेशन के साथ ही उत्तराखण्ड प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन भी बना है। देश विदेश के लोग यहां से जुड़ना चाहते हैं। यहां के प्राकृतिक वातावरण, प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश अनुकूल नीतियों, राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तराखण्ड निवेश के लिये प्रमुख केंद्र बन रहा है। ईज आफॅ डूंईंग बिजनेस में उत्तराखण्ड एचीवर्स श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यो प्रथम स्थान पर जबकि सम्पूर्ण देश में 9 वें स्थान पर है।

इंवेस्टमेंट सम्मिट पूरे उत्तराखंड का

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्योग पहले से उत्तराखण्ड में स्थापित हैं, उन्होंने भी अपना विस्तार करने की बात कही है। इन्वेस्टर्स समिट केवल उद्योग विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सभी विभाग इससे जुड़े हैं। वस्तुतः यह समिट उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों का है। राज्य में निवेश से रोजगार सृजन होगा, लोगों की आय में वृद्धि होगी और देश के विकास में उत्तराखण्ड प्रभावी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए बहुत से सुधार किये गये हैं। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आए इसके लिये हम ठोस तरीके से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की भूमि से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इन्वेस्टर्स समिट इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधु ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो में उत्तराखण्ड की विशिष्टताओं को प्रदर्शित किया गया है। पहले लोग यहां शांति के लिए आते थे, अब पर्यटन और निवेश के लिये आ रहे हैं। पर्यटन, योग, वैलनेस, सर्विस सेक्टर, कृषि और हॉर्टीकल्चर पर राज्य सरकार फोकस कर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिये निवेश महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार राज्य के नागरिकों की क्वालिटी ऑफ लाईफ में सुधार करने का प्रयास कर रही है। कृषि और हॉर्टीकल्चर को प्रमुखता दी जा रही है। प्रदेश की जीडीपी में 40 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिये भी नई नीति बनाई गई है।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वागत सम्बोधन और सचिव विनय शंकर पाण्डे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विशेषः

डेस्टीनेशन उत्तराखण्ड- ग्लोबल समिट 2023 का लोगो राज्य की भावनाओं का प्रतिबिम्ब है। लोगो में दो पर्वत श्रृंखलाएं निरंतरता के साथ प्रगति के परिचायक तीर का सृजन करता है, जो न केवल असीमित प्रगति का प्रतीक है, बल्कि विकास और सतत विकास की निरंतरता का द्योतक है। दोनों पर्वत श्रृंखलाएं दो महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रदर्शित करती है- उत्तराखण्ड के प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल श्रम शक्ति की अनवरत श्रृंखला।
लोगो में हरा रंग राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता और प्रकृति के साथ सामन्जस्य का प्रतीक है। नीला रंग अवसरों, आकांक्षाओं और नये विचारों के लिये असीमित आकाश का प्रतिनिधित्व करता है।

समिट की टैग लाईन पीस टू प्रोस्पेरिटी है।

निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति के लिये राज्य में ऑनलाईन सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in बनाई गई है।

एसीएस ने मुख्यमंत्री कार्यालय हेतु गठित समन्वय समिति की बैठक

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में ग्लोबल इनवेस्टर समिट के आयोजन हेतु मा0 मुख्यमंत्री कार्यालय हेतु गठित समन्वय समिति की बैठक ली।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में निवेश प्रोत्साहन तथा रोजगार सृजन के उद्देश्य से ‘उत्तराखण्ड वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023’ माह दिसम्बर 2023 में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए समस्त सम्बंधित विभागों को प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड पर कार्य करना होगा।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक ए पी अंशुमान, विशेष आमंत्रित सदस्य पराग गुप्ता (सेवानिवृत आईएएस ), सौजन्या, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर निदेशक आशिष त्रिपाठी व मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

महिला समूहों के निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना

रक्षा बंधन से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला समूहों को ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के रूप में तोहफा प्रदान किया है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश में कार्यरत तमाम महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को इस योजना के अंतर्गत व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
प्रदेश में वर्तमान में तमाम महिला समूह कार्यरत हैं। जिनके द्वारा विभिन्न उत्पादों का निर्माण किया जाता है। हालांकि, कई बार इनको सही बाजार न उपलब्ध होने के कारण परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इसी क्रम में अब प्रदेश में ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना का उद्देश्य है कि महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को योजना के अंतर्गत व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इस हेतु प्रत्येक विकास खंड में महिला समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की किसी सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शनी लगवाकर महिला समूहों को विपणन के लिए समुचित अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किये जायेंगे।
महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री को ब्लॉक स्तर पर बाज़ार मिलने से जहां उनको अपने उत्पादों की बिक्री के लिये एक मंच मिल सकेगा वहीं दूसरी ओर उत्पादों को एक नई पहचान भी मिलेगी। योजना का संचालन महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

उद्यमियों से उत्तराखण्ड को अपनी कर्मभूमि बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में देश के उद्योग जगत से जुड़े उद्यमियों से संवाद कर उद्यमियों का उत्तराखण्ड को अपनी कर्मभूमि बनाने का आह्वान किया। उत्तराखण्ड को देश में तेजी से विकास करने वाला राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उद्यमी राज्य के ब्रांड एम्बेसडर है। संवाद के दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखने के साथ राज्य में निवेश की भी सहमति जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की अर्थ व्यवस्था को USD 5 ट्रिलियन बनाये जाने का लक्ष्य रखा है। इसी को ध्यान में रखते हुये उत्तराखण्ड राज्य द्वारा राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिये सशक्त उत्तराखण्ड मिशन लॉच किया गया है, जिसके अन्तर्गत अगले 5 वर्षों में राज्य की जीएसडीपी दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति की कड़ी के रूप में उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की निवेशक केन्द्रित नीतियां, बुनियादी ढांचे में निवेश, कुशल जनशक्ति की उपलब्धता और गुड गवर्नेस के द्वारा राज्य में स्वस्थ निवेश के वातावरण की नींव रखी है। बेहतर योजना संरचना, प्रभावी नीति निर्धारण, नवाचारों का प्रोत्साहन एवं अन्तर्विभागीय समन्वय तथा विकास कार्यों के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन हेतु नीति आयोग की तरह राज्य में सेतु (State Institute for Empowering and Transforming Uttarakhand) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की भांति राज्य सरकार द्वारा भी अनुपयोगी अधिनियमों को हटाने/बदले जाने की कार्यवाही की जा रही है। अब तक लगभग 1250 ऐसे अधिनियमों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से लगभग 500 अधिनियमों को सिंगल रिपील एक्ट के माध्यम से विलोपित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को बेहतर एवं समयबद्ध सुविधायें देने हेतु प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है। राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के सृजन तथा निवेशकों को आकर्षित करने हेतु उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक दृश्टि से सशक्त राज्य की परिकल्पना आज सभी राज्य कर रहे हैं। हमने भी उत्तराखण्ड को वर्श 2025 तक देष का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु हम सामुहिक प्रयासों के द्वारा प्रधानमंत्री जी की अवधारणा ’’सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास’’ इस मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले 9 सालों में उत्तराखण्ड राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को विभिन्न विकास योजनाएं दी गई है। चार धाम ऑल वेदर रोड पर तीव्र गति से काम किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर तेजी से कार्य हो रहा है। केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य पर तेजी से कार्य चल रहा है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य प्रगति पर हैं। प्रधानमंत्री जी ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया है। इससे आने वाले समय में यात्रा सुगम होगी। ऋषिकेश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड भारत की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। पवित्र चारधाम मंदिर, हरिद्वार व ऋशिकेष में मोक्षदायिनी गंगा के साथ-साथ मानसखण्ड मंदिर मिशन प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मांकन की दृष्टि से पूरा उत्तराखण्ड ही एक डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि राज्य में ’’ईज आफ डूईंग बिजनेस’’ के साथ-साथ ’’पीस आफ डूईंग बिजनेस’’ भी है। उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत उद्योगों में श्रमिक असंतोष की घटनायें न के बराबर हैं। श्रमिक असंतोष के कारण उद्योगों में मानव श्रम का ह्रास देश में सबसे कम है। उत्तराखण्ड में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 22 प्रतिशत कम अपराध दर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2022 के निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड राज्य हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर, जबकि सम्पूर्ण देष में 9वें स्थान पर है। उद्योग संवर्द्धन और आन्तरिक व्यापार विभाग की ’’ LEADS’’ रैंकिंग में वर्श 2022 की रैंकिंग में उत्तराखण्ड राज्य एचीवर्स श्रेणी में शामिल है। इसी प्रकार स्टार्टअप रैंकिंग में ’’लीडर’’ श्रेणी में शामिल है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन हेतु उद्योग निदेशालय स्तर पर एक समर्पित ’’इन्वेस्टर फैसिलिटेशन सेल’’ की स्थापना की है, जो निवेशकों/व्यवसायियों के लिये ’’वन स्टॉप शॉप’’ के रूप में डेडीकेटेड हैण्डहोल्डिंग सपोर्ट। रू0 5.00 करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश करने वाले उद्यमियों के लिये एक डेडीकेटेड रिलेशनशिप मैनेजर की सुविधा उपलब्ध है। निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति हेतु राज्य में ऑनलाईन सिंगल विण्डो क्लीयरेंस पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in की स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में 2003 के बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्वीकृत किये गये विशेष औद्योगिक पैकेज से औद्योगीकरण में तेजी आई है। राज्य में तीन बडे औद्योगिक पार्क बनाये गये हैं। राज्य की नीति संरचना में पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु नीति-2023 शामिल हैं। हमने विभिन्न क्षेत्रों में 27 नीतियां प्रख्यापित की हैं। राज्य की सभी नीतियां निवेशक अनुकूल हैं और हमने अन्य राज्यों की तुलना में अपनी नीतियों को आकर्षक बनाया है। राज्य में वर्तमान में लगभग 6000 एकड़ का लैण्ड बैंक विभिन्न सैक्टर के उद्योगों की स्थापना हेतु बना लिया है। इसके साथ-साथ उद्योगों के लिये आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु निजी औद्योगिक आस्थानों/क्षेत्रों की स्थापना हेतु नीति-2023 लागू की है। निजी क्षेत्र में उद्योग स्थापना हेतु यदि 80 प्रतिशत भूमि उद्यमी द्वारा क्रय कर ली जाती है और शेष भूमि क्रय करने में बाधा उत्पन्न होती है, तो राज्य सरकार द्वारा उक्त भूमि का अधिग्रहण कर उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उद्यमियों, हितधारकों तथा सम्बन्धित विभागों से निरन्तर संवाद के माध्यम से ही समस्याओं के निस्तारण का प्रारम्भ सितम्बर, 2021 से किया गया है। विभिन्न बैठकों में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं में से 90 प्रतिशत से अधिक समस्याओं का निस्तारण किया जा चुका है। विभिन्न उद्योगों एवं राज्य सरकार के विभागों के मध्य विवाद की स्थिति के सम्मानजनक निस्तारण हेतु सुलह समिति बनाई है। इस समिति के माध्यम से बातचीत एवं आपसी सुलह के द्वारा ऐसे विवादों के समाधान की व्यवस्था है। हमारी नीतियों की संरचना प्रगतिषील है और इनका उद्देश्य सतत् और समग्र विकास है। हामारी नितियां महिलाओं, एस0सी0, एस0टी0 और युवा के विकास पर केन्द्रित हैं। सम्पन्न पारिस्थितिक तंत्र, कुषल और प्रतिभाशाली कार्यबल, उच्च तकनीकी विषेशज्ञता, निरन्तर इनोवेषन और व्यापार अनुकूल नीतियों के संयोजन द्वारा हम राज्य को सभी तरह के व्यवसाय एवं व्यवसायियों हेतु एक आदर्ष गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के उत्साहजन सुविधाओं के प्रति आभार जताते हुए उत्तराखण्ड राज्य के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 ’’डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-2.0’’ के अन्तर्गत देष के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले रोड शो में सम्मिलित होने व इस आयोजन के मुख्य कार्यक्रम में सहभागी बनने की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ एस.एस संधु, सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली ने भी राज्य में निवेशकों के हित में की गई पहल की जानकारी दी। सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डे ने आभार व्यक्त किया तथा महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उद्योगों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। संवाद के दौरान असोचेम के अध्यक्ष अजय सिंह ने उत्तराखण्ड की स्टार्टअप पॉलिसी की सराहना करते हुए, राज्य में होटल टूरिज्म को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। ऑटोमोटिव कॉम्पोनेन्ट मनुफैचतुरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डारेक्टर जनरल विन्नी मेहता ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए उनकी औद्योगिक नीतियों को सराहा। आल इंडिया मोटर्स ट्रंसपोर्ट (कांग्रेस) ए.पी. उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड में अब काम करना आसान है। पी एच डी चौम्बर ऑफ कॉमर्स ने कहा उत्तराखंड सरकार पूरे भारत में औद्योगिक गतिविधियों के लिए बहुत सक्रिय है और उन्होंने उत्तराखंड सरकार को सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में किये जा रहे प्रयासों के लिये बधाई दी है।
इस संवाद कार्यक्रम में पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के महासचिव सौरभ सनयाल, ऑटोमोटिव कम्पोनेंट मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के महानिदेशक विन्नी मेहता, हेल्थकेयर फेडरेशन ऑफ इण्डिया के महासचिव सिद्धार्थ भट्टाचार्य, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष बलदेवभाई प्रजापति, इण्डियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटरस् के अध्यक्ष राजीव मेहरा, ऑल इण्डिया मोटर ट्रॉसपोर्ट कांग्रेस के महासचिव नवीन गुप्ता, ऑल इण्डिया फूड प्रोसेसर्स एसोसिएषन के अध्यक्ष राघव जदली, एसोएिसशन ऑफ कन्टेनर ट्रेन ऑपरेटर्स के अध्यक्ष मनीष पुरी, द फेडरेशन ऑफ इण्डियन चौम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के अध्यक्ष शुभ्रकांत पाण्डा, एसोसिएटेड चौम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष अजय सिंह, कॉन्फेड्रेशन ऑफ रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के सचिव पंकज गोयल, होटल एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के महासचिव एम.पी बेजबरूवा, नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एण्ड सर्विस कम्पनीज के अध्यक्ष देबजानी घोष, सोसाइटी ऑफ इण्डिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चर्स के महानिदेशक राजेश मेनन सहित लगभग तीन दर्जन से अधिक उद्यमियों ने अपने सुझाव एवं विचार रखे।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी के साथ अन्य अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

राज्य में वैश्विक निवेश सम्मेलन का दिसम्बर में आयोजन, आज कई दिग्गजों से सीएम ने दिल्ली में की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में उत्तराखण्ड में आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेश सम्मेलन में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई) के उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष दीपक जैन, सी.आई.आई. के उपाध्यक्ष माधव सिंघानिया से विचार विमर्श किया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में सी.आई.आई. के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को उद्योग जगत के प्रमुखों की भागीदारी सुनिश्चित कर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। इस आयोजन में सीआईआई ने निवेशकों और राज्य के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में अपनी सहयोगी की बात कही जिससे राज्य के विकास और प्रगति के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिल सके। इसके अतिरिक्त, सीआईआई ने राज्य के साथ मिलकर काम करने, पारिस्थितिक संतुलन और समग्र विकास को प्राथमिकता देने के लिए सतत विकास के लिए सीआईआई-आईटीसी उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से अपनी विशेषज्ञता की उपलब्धता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य ने हाल ही में राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए 27 क्षेत्रीय नीतियां बनाई गई हैं। सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था में 41 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिए एक समर्पित नीति प्रेषित करने की भी योजना बनाई जा रही है। सीआईआई और उत्तराखंड सरकार के मध्य विविध निवेश अवसरों की खोज और सहयोगात्मक पहल इस बैठक के प्रमुख विषय थे, जिन्हें राज्य के विकास को गति देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्रित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के अध्यक्ष सुभ्रकांत पांडा से भी निवेश से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि फिक्की के सहयोग से देश व विदेशों में शो आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने फिक्की से उत्तराखण्ड में जमीनी सहयोग पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य के निवेश की असीम संभावनाएं है। राज्य में देश के साथ विदेशों से भी इस क्षेत्र में उद्यमी आए इसके प्रयास किये जा रहे है। योग और वेलनेस राज्य की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आकर्षक पर्यटन नीति तैयार की गई है जिसके तहत अनेक क्षेत्रों में सब्सिडी दी जा रही है। पर्यटन क्षेत्र राज्य की आर्थिकी का मजबूत आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से निवेश के लक्ष्य की पूर्ति हेतु सरकार प्रोएक्टिव एप्रोच के साथ साथ यह भी सुनिश्चित करेगी की निवेशकों के हित,ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि, बाग़वानी, आयुष, योग, सर्विस सेक्टर और अन्य संभावित क्षेत्रों को और अधिक समृद्धशाली कैसे बनाया जाए इसका रोड मैप लेकर हम अधिक से अधिक निवेश कैसे सुनिश्चित करें, इस पर काम कर रहे हैं। इन्हीं उद्देश्यों के साथ हमने उत्तराखंड में एक निवेश क्रांति लाने का संकल्प लिया है। इन्वेस्टर समिट में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से लगातार संवाद किया जा रहा है। विभिन्न बैठकों में निवेशकों द्वारा उठाई गई समस्याओं के निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 से निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ेगें एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग जगत में हो रहे नए नवाचारों से हमारे उद्यमियों को भी लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किये गये मेक इन इंडिया और पी. एम. गति शक्ति जैसी केन्द्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में उत्तराखण्ड के उद्यमी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आजादी के इस अमृत काल में उत्तराखण्ड को भी आगे बढ़कर अपना योगदान देना है, इसमें उद्योग जगत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के बैकबोन लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने और राज्य में व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनायें शुरू की गयी है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्टेट ऑफ आर्ट के रूप में आई०सी०डी० की स्थापना की गयी है। शीघ्र ही अमृतसर कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का कार्य आरम्भ होने वाला है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड लॉजिस्टिक्स नीति-2023 प्रख्यापित की गयी है, जिससे आधारभूत संरचना के विकास में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने विकसित उत्तराखंड को केंद्र में रख कर अपनी नीतियां बनाई हैं और यहीं कारण है कि आज उत्तराखंड तेजी से बिजनेस फ्रेंडली डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ एस.एस संधु, सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक उद्योग के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के सिंह से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह से भेंट कर उत्तराखण्ड को कोयला आधारित संयंत्रों से 400-450 मे०वा० स्थायी आवंटन किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिगत बेस लोड सुरक्षित किये जाने और राज्य को व्यापक विद्युत कटौती से मुक्त रखे जाने के लिए उत्तराखण्ड राज्य को कोयला आधारित संयंत्रों से 400 मेगागावाट स्थायी आवंटन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइनों एवं टावरों को पुनर्स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त लाइनों की क्षतिपूर्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी, उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त विद्युत टावरों का सर्वे कराकर इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाय, इसका परीक्षण कराकर प्रतिपूर्ति पर विचार किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने बॉर्डर एरिया में विद्युत लाइनें एवं विद्युत संयंत्र शीघ्र स्थापित करने का अनुरोध किया। जिसके लिए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए मानक अलग से निर्धारित कर शीघ्र बॉर्डर एरिया में विद्युत लाइनें एवं विद्युत संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को केंद्रीय पूल से अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने इस पर सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर ऊर्जा, हाइड्रो पावर एवं कोयला से विद्युत उत्पादन के लिए दीर्घकालिक योजना पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने माह अप्रैल से सितम्बर 2023 तक औसतन 300 मे०वा विद्युत प्रतिमाह अनएलोकेटेड कोटा से उपलब्ध कराए जाने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में ऊर्जा की कुल उपलब्धता में 60 प्रतिशत से अधिक जल ऊर्जा संयंत्रों से है जिसमें मौसमी परिवर्तन के साथ उपलब्धता में व्यापक उतार-चढ़ाव होता है एवं शीत ऋतु में उत्पादन लगभग एक तिहाई रह जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की तकनीकी समिति ने अपनी रिपोर्ट में उत्तराखण्ड राज्य में बेस लोड की अनुपलब्धता स्वीकार करते हुए उत्तराखण्ड राज्य को कोयला आधारित संयंत्रों से अतिरिक्त रूप से लगभग 400 मे०वा० विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने हेतु अपनी संस्तुति दी है। राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिगत बेस लोड सुरक्षित किये जाने और राज्य को व्यापक विद्युत कटौती से मुक्त रखे जाने के लिए उत्तराखण्ड राज्य को कोयला आधारित संयंत्रों से 400 मेगावाट स्थायी आवंटन किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की।
केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया। केंद्रीय मंत्री ने किशाऊ बांध के संबंध में कहा कि सभी राज्यों से विचार विमर्श करने के बाद शीघ्र ही आपत्तियों का निस्तारण कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव ऊर्जा भारत सरकार पंकज अरोड़ा, सचिव ऊर्जा, उत्तराखंड आर मीनाक्षी सुंदरम एवं एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार उपस्थित रहे।