किसी भी प्रकार की स्कीम को लाने के लिए निवेशकों से सुझाव लिये जाये-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में एम.एस.एम.ई. की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का अत्यधिक महत्त्व है। यह प्रदेश की आर्थिकी में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं के लिए सोवेनियर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोवेनियर के लिए डिजाईन, गुणवत्ता, उत्पादन और मार्केटिंग पर फोकस किया जाए। मुख्य सचिव ने साईज और पैकेजिंग पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही, ताकि श्रद्धालुओं को इन्हें ले जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राज्य स्तर एवं जनपद स्तर दोनों में शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की स्कीम को लाने के लिए निवेशकों से सुझाव अवश्य लिए जाएं। उनके सम्मुख आ रही समस्याओं के निराकरण पर फोकस करते हुए निवेशकों को अधिक से अधिक सपोर्ट किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं के सम्बन्ध में फील्ड स्तर पर फीडबैक जरूर लिया जाए, ताकि उद्यमियों द्वारा योजनाओं के अधिक से अधिक लाभ लिया जा सके। मुख्य सचिव ने वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट (ओडीटीपी) को अधिक से अधिक बढ़ावा दिए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि ओडीटीपी को ग्रॉथ सेंटर्स से भी जोड़ा जा सकता है। इससे ग्रोथ सेंटर्स का स्कॉप बढ़ेगा। उन्होंने परम्परागत एवं मांग के अनुरूप उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। साथ ही कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस करते हुए ऐसे कार्यक्रम संचालित किए जाएं जो रोजगार के लिए सहायक हों। मुख्य सचिव ने विभागीय प्रक्रमों को सरल किए जाने के निर्देश दिए। जिससे निवेशकों एवं स्वरोजगार के इच्छुक लोगों को प्रोत्साहन किया जाए। सिंगल विंडो सिस्टम में अधिक से अधिक फोकस किया जाए।
इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा सहित निदेशक सुधीर नौटियाल एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

भारी उद्योग मंत्रालय ने दिया आदेश, एचएमटी की जमीन राज्य सरकार को मिली

भारत सरकार द्वारा एचएमटी की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखण्ड सरकार को हस्तांतरित कर दी गई है। इस संबंध में भारी उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार रानीबाग और हल्द्वानी स्थित एचएमटी की 45.33 एकड़ भूमि उत्तराखण्ड सरकार को 72 करोड़ 02 लाख 10 हजार रुपये की रिजर्व प्राईस पर हस्तांतरित की गई है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एचएमटी की भूमि उत्तराखण्ड सरकार को हस्तांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित माँग को पूरा किया गया है। यह मामला काफी लम्बे समय से लम्बित था। अब प्रदेश सरकार को भूमि हस्तांतरित हो गई है। इसका उपयोग प्रदेश के हित में और प्रदेश के विकास हेतु किया जाएगा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इसके लिये अनुरोध किया था। साथ ही अगस्त माह में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय के साथ बैठक में भी इस बात को उठाते हुए एचएमटी की उक्त भूमि उत्तराखण्ड सरकार को हस्तांतरित किये जाने का अनुरोध किया था।

विदेशों से निवेश हो इसके लिए सरकार कर रही विभिन्न देशों में भारत के राजूदतों के साथ चर्चा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में स्वीडन में भारत के राजदूत/उच्चायुक्त तन्मय लाल, ताजिकिस्तान में विराज सिंह, पनामा में उपेन्द्र सिंह रावत, ब्रूनेई में आलोक अमिताभ डिमरी, केन्या में नामग्या खम्पा, अल्जीरिया में गौरव अहलूवालिया और स्लोवेनिया में नम्रता एस. कुमार के साथ “बिजनेस मीट“ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर अपने विचार रखे।
मुख्य सचिव ने 7 देशों के मिशन प्रमुखों का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन विदेश में भारत के हितों को बढ़ावा दिए जाने के लिए एक महत्त्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राजदूत और उच्चायुक्त इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तराखण्ड द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी एक नया राज्य है, अपने 22 वर्षों के सफर में उत्तराखण्ड ने इंडस्ट्री फ्रेंडली माहौल तैयार किया है। हम उद्योग को देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करवा रहे हैं। उत्तराखण्ड की लोकेशन इंडस्ट्री की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से काफी करीब है। नए एक्सप्रेस-वे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2 घंटे की हो जायेगी, जो उत्तराखण्ड में पर्यटन और उद्योग की दृष्टि से काफी लाभप्रद होगी। इसके साथ ही, प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाऐं बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम हाई एंड टूरिस्ट को भी आकर्षित करने के प्रयास कर रहे हैं। ऋषिकेश विश्वपटल पर इंटरनेशनल योगा कैपिटल के रूप में जाना जाता है, जो वैलनेस की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है।
मुख्य सचिव ने राजदूतों एवं उच्चायुक्तों के माध्यम से इन देशों के व्यापारिक समुदाय को उत्तराखंड में उद्यमियों के साथ सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा। हम राज्य की प्रगति के लिए एवं निवेशकों को सहयोग प्रदान करने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां लेकर आ रहे हैं। कुछ नीतियां जो पाइपलाइन में हैं, वे हैं लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, सर्विस सेक्टर पॉलिसी, ड्रोन पॉलिसी, डिस्ट्रिक्ट वाइज स्टार्ट-अप स्ट्रैटेजी और ईवी पॉलिसी आदि, ये नीतियां इन सम्बन्धित क्षेत्रों को बढ़ावा देंगी और देश में कारोबारी माहौल में सुधार करेंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड सरकार हर कदम पर निवेशकों को सहयोग प्रदान करने के लिए संकल्पित है।
इस अवसर पर विभिन्न देशों में कार्य कर रहे राजदूतों ने सुझाव दिया कि राज्य के पर्वतीय अंचल के उत्पादों को राज्य की ओर से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी मेनुफेक्चरिंग, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग की अच्छी व्यवस्था हो। बैठक में सुझाव दिया गया कि उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म के रूप में वैश्विक स्तर पर तेजी से उभारा जा सकता है। उत्तराखंड योग की भूमि रही है। यहां से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न देशों में लोग योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अधिक से अधिक लोग राज्य में योग का प्रशिक्षण ले सकें, इसकी राज्य में अच्छी व्यवस्था की जा सकती है। राज्य में अपने प्रवास के दौरान, राजदूत एवं हाई कमिश्नर राज्य में निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा करेंगे और राज्य से निर्यात को बढ़ावा देंगे। राजदूत आकांक्षी जनपद हरिद्वार का भी दौरा करेंगे, जहां ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) की जानकारी साझा की जाएगी।
सचिव उद्योग डॉ. पंकज कुमार पांडे ने सभी विशिष्ट और सम्माननीय अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्याप्त बुनियादी ढांचा बनाने और उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में उभरते क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों, संगठनों, स्टार्ट-अप्स, उद्योग संघों और निवेशकों द्वारा अपने अनुभव और सुझाव साझा किये जायेंगे। उत्तराखण्ड निवेश गंतव्य और निर्यात में अग्रणी राज्यों में शामिल हो, यह हमारा प्रयास है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य पहले से ही जिंक और जिंक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्युटिकल उत्पाद, उद्योगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले रसायन, प्लास्टिक और प्लास्टिक उत्पाद, सेब, चावल, आम, बाजरा आदि कृषि आदि उत्पादों का निर्यात कर रहा है।
सचिव कृषि वी.वी.आर.सी. पुरूषोतम ने राज्य में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य में फूड पार्क, एरोमेटिक आयल हर्ब, स्पाइस, हिमालयन गोट मीट, हिमालयन हर्ड चीज, बद्री गाय घी की बड़ी मांग है।
महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में उद्योगों की स्थिति एवं निवेश से सम्बन्धित संभावनाओं एवं उद्योगों के हित में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद पूजा गर्ब्याल ने प्रदेश में पर्यटन से सम्बन्धित गतिविधियों की जानकारी दी।
सचिव वित्त आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड निवेश के क्षेत्र में संभावनाओं का प्रदेश है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्यमियों एवं निवेशकों के सहयोग के लिये नोडल अधिकारी तैनात किये जायेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के लिये निर्धारित की गई नीतियों के प्रति आकर्षित होने वाले उद्यमियों एवं निवेशकों को सुविधा हो सके।
बिजनेस मीट में उद्यमी पंकज गुप्ता, आईटीसी, फार्मास्यूटिकल्स, हीरो मोटो कॉर्प के प्रतिनिधियों के साथ उद्यमी एस.पी.सिंह, प्रणव कुकरेती आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योग व्यापार से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

डिजिटल बैंकिंग इकाइयों का उत्तराखंड को भी मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग ने मानव जीवन को आसान बनाने का कार्य किया है। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पीएम ने कहा, आज देश डिजिटल इंडिया के सामर्थ्य का फिर एक बार साक्षी बन रहा है। आज 75 डिजिटल बैंकिग यूनिट्स देश के 75 जिलों में धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने कहा, भारत के सामान्य मानवी के जीवन को आसान बनाने का जो अभियान देश में चल रहा है, डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स उस दिशा में एक और बड़ा कदम है। ये ऐसी विशेष बैंकिंग व्यवस्था है, जो मिनिमम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम सेवाएं देने का काम करेगी। उन्होंने कहा, हम सामान्य मानवी के जीवन स्तर को बदलने का संकल्प लेकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हमारा संकल्प है, व्यवस्थाओं में सुधार का। पारदिर्शता लाने का और आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने का।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भाजपा सरकार ने दो चीजों पर एक साथ काम किया है। एक है, बैंकिग व्यवस्था को सुधारना, मजबूत करना और पारदर्शिता लाना और दूसरा काम वित्तीय समावेशन लाना। उन्होंने कहा, हमने बैंकिग सेवाओं को दूर-सुदूर में, घर-घर तक पहुंचाने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। आज भारत के 99ः से ज्यादा गांवों में पांच किमी के अंदर कोई न कोई बैंक ब्रांच, बैकिंग आउटलेट या बैंकिंग मित्र मौजूद हैं। आज देश में हर एक लाख वयस्क आबादी पर जितनी बैंक शाखाएं मौजूद हैं, वो जर्मनी, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से भी ज्यादा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आईएमएफ ने हमारे डिजिटल बैंकिंग बुनियादी ढांचे के प्रयासों की सराहना की है। इसका श्रेय गरीबों, किसानों और मजदूर वर्ग को जाता है, जिन्होंने नई डिजिटल तकनीक को अपनाया और इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया। उन्होंने कहा, जब हमने जन-धन अकाउंट की मुहिम शुरू की तब आवाजें उठीं कि गरीब बैंक खाते का क्या करेगा। यहां तक की इस फील्ड के कई एक्सपर्ट भी नहीं समझ पा रहे थे, इस अभियान का महत्व क्या है। लेकिन बैंक खाते की ताकत क्या होती है,ये आज पूरा देश देख रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यूपीआई अपने तरह की दुनिया की पहली टेक्नोलॉजी है। आज भारत में आप इसे शहर से लेकर गांव तक शोरूम हो या सब्जी का ठेला हर जगह देख सकते हैं। डिजिटल बैंकिंग ने आज वित्तीय लेनदेन को पीछे छोड़ दिया है और खुद को सुशासन और बेहतर सेवा वितरण माध्यम के उदाहरण के रूप में स्थापित किया है। आज यह प्रणाली एमएसएमई और निजी संस्थानों के लिए विकास का इंजन बन गई है।

वित्तीय अपराधों की रोकथाम को पुलिस और कमर्शियल बैंकों को एक साझा प्रोग्राम करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नकली नोटों के मामलों को भी ई एफआईआर के माध्यम से दर्ज किए जाने हेतु परीक्षण पर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस अधिकारियों तथा कमर्शियल बैंकों के एक साझा ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने के निर्देश दिए। एसीएस राधा रतूड़ी ने बैंकों को उत्तराखण्ड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने तथा चारधाम यात्रा मार्ग में तीर्थ यात्रियों की वितीय सुविधाओं को पूरा करने में बैंक अहम भूमिका निभा सकते है। साथ ही राज्य में फाइनेशियल लिटरेसी बढ़ाने में बैंकों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उत्तराखण्ड राज्य हेतु आयोजित बैंको की 17वीं राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा आरबीआई तथा बैंकों के सुरक्षा कर्मियों को अग्निशमन, सुरक्षा आदि में प्रशिक्षण एवं सहायता हेतु यथासंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बैंकों को भी निर्देश दिए कि बैंक अपने परिसरों में पूर्णतः सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था करे। बैंकों में करेंसी चेस्टस (मुद्रा की तिजौरियों) का नियमित फायर ऑडिट सुनिश्चित करवाया जाए। एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने कहा कि समस्त बैंक शाखाओं व एटीएम की सीसीटीवी कैमरों के साथ ही सिक्योरिटी गेजेट्स जैसे बर्गलरी अलार्म विद ऑटो डायलर, फायर अलार्म, बायोमेट्रिक एक्सेस तथा टाइम लॉक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आमजन को नकली नोटों के प्रति जागरूक करने हेतु बैंकों को जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बैठक में बैंक अधिकारियों ने करेंसी चेस्टस, आरबीआई परिसरों तथा कोष के आवागमन के दौरान सुरक्षा हेतु डेडीकेटेड सुरक्षा बल बढ़ाये जाने का मुद्दा रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में कुशल मुद्रा प्रबन्धन हेतु डेडीकेटेड सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन अति आवश्यक है। गौरतलब है कि वर्तमान में राज्य में 17 करेंसी चेस्टस की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस तथा 22 करेंसी चेस्टस की जिम्मेदारी बैकों द्वारा नियुक्त किए गए सुरक्षा गार्डाे द्वारा की पूरी की जा रही है।

बैठक में अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, आरबीआई सुरक्षा सलाहकार प्रभात रंजन, आरबीआई डा. इशान शुक्ला, सीजीएम एसबीआई दिल्ली सर्कल कल्पेश अवासिया, क्षेत्रीय निदेशक आरबीआई देहरादून ललिता विश्वनाथन सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

35 हजार करोड़ के एमओयू धरातल पर, 15 हजार करोड़ की परियोजनाओं में उत्पादन शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखण्ड निवेशक सम्मान समारोह के दौरान निवेशकों को प्रतीक चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ आगे बढ़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों ने उद्योग के क्षेत्र में प्रदेश को नया आयाम दिया है। प्रदेश की आर्थिकी व राजस्व को बढ़ाने में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का योगदान अमूल्य है। आप सभी हमारे ब्राण्ड अम्बेसडर है। उत्तराखण्ड योग, आध्यात्म एवं आयुष की भूमि है। उत्तराखण्ड औद्योगिक विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योगों के लिए जैसा वातावरण उत्तराखण्ड में है, यह निवेशकों को उत्तराखण्ड की ओर आकर्षित करता है। जनवरी, 2020 से अब तक प्रदेश में 15 हजार करोड़ की परियोजनाओं में उत्पादन प्रारंभ हुआ है। कोरोना जैसी महामारी आने के बावजूद इतना निवेश प्रदेश में आना निश्चित ही बड़ी उपलब्धि है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीति सुधार व सरलीकरण की दिशा में काफी काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को एक नई पहचान मिल रही है। इन आठ सालों में भारत समृद्ध एवं शक्तिशाली बना है। प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है जिसका परिणाम आप सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिये अच्छी सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी का होना जरूरी है, इन क्षेत्रों में राज्य में तेजी से कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के युवाओं की क्षमता, समर्पण, कड़ी मेहनत और समझ में विश्वास दिखाने के लिए निवेशकों को धन्यवाद दिया और कहा कि जो परियोजनाएं शुरू की गई हैं, वे राज्य में नई संभावनाएं पैदा करेंगी और राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि हम “रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म“ के मंत्र के साथ आगे बढ़े हैं। हमने नीतिगत स्थिरता, समन्वय तथा व्यापार करने में सुगमता पर जोर दिया है। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों को यह कहते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार नीति, निर्णयों और सकारात्मक उद्देश्य के साथ विकास के काम करती है। हम सब आपके हर प्रयास में आपके साथ रहेंगे और हर कदम पर आपका साथ देंगे।
उद्योग मंत्री चन्दन राम दास ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना जब हुई तो हर किसी की कल्पना थी कि पहाड़ का पानी एवं जवानी पहाड़ के काम आये। यह तभी सम्भव हो सकता था जब उत्तराखण्ड में उद्योगों को तेजी से बढ़ावा मिले। 2018 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इन्वेस्टर सम्मिट आयोजित किया गया, जिसके सफल परिणाम भी देखे गये। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना होगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य तेजी से निवेश के लिये प्रमुख गंतव्य स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र कम पूंजी निवेश से अधिक उत्पादन एवं रोजगार सृजित कर सकता है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।
सचिव उद्योग डॉ पंकज कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में निवेशकों को बधाई दी और राज्य में भविष्य में अपने उद्योग के विस्तार के लिए उनका आवाहन किया। उन्होंने कहा कि सरकार नई नीतियों को लागू कर रही है और राष्ट्रीय गति शक्ति योजना बनाने के प्रधान मंत्री जी के दृष्टिकोण की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

इन्वेस्टर्स समिट के बाद 35 हजार करोड़ के एमओयू धरातल पर क्रियान्वित
राज्य ने 2018 में अपना पहला निवेश शिखर सम्मेलन ’डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड आयोजित किया था, जिसमें कई क्षेत्रों में 600 से अधिक निवेशकों द्वारा रूपये एक लाख चौबीस हजार करोड़ से अधिक के समझौता ज्ञापन/निवेश इच्छा पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए थे। हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों के कार्यान्वयन का नियमित रूप से अनुश्रवण किया गया। इसके परिणामस्वरूप रू. 35 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू धरातल पर क्रियान्वित हो गए हैं। यह परियोजनाएं विभिन्न क्षेत्रों की हैं, जिनमें विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र सम्मिलित हैं।
राज्य सरकार ने आयोजित सम्मान समारोह में ऐसे निवेशकों को सम्मानित किया जिन्होंने 2020 के बाद अपना उत्पादन कार्य प्रारम्भ किया था। इस आयोजन में 68 निवेशकों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें एमएसएमई एवं वृहद स्तर, दोनों क्षेत्रों के निवेशक सम्मिलित थे। आयोजन में निवेशकों ने अपने अनुभव साझा किए और राज्य में व्यापार करने में आसानी की सराहना की। उन्होंने उत्तराखण्ड में निवेश के लिए मैत्रीपूर्ण शान्त वातावरण की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर निवेशकों ने कहा कि वे उत्तराखण्ड में और अधिक निवेश के लिए उत्साहित हैं।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण, आयुक्त उद्योग रोहित मीणा तथा निदेशक उद्योग एस. सी. नौटियाल, आर.जे. काव्य, प्रमुख उद्यमी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सीएम ने दिए टिप्स

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का आमजन तक पूरा लाभ पहुंचे, इसके लिए विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत लोन की प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं, उनमें बैंको को भी अपेक्षित सहयोग करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्रेडिट-जमा अनुपात (सी.डी. रेशियो) कम होना चिंता का विषय है। इसको बढ़ाने के प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत लोन लेने में समस्या न हो, इसके लिए सभी बैंकों को फार्म के सरलीकरण के साथ फार्म का फार्मेट भी एक तरह का हो, इस पर भी ध्यान देना होगा। लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य मानकों की जानकारी बैंको की शाखाओं में बोर्ड के माध्यम से भी दी जाएं। लोन के आवेदनों की अधिक समय तक पेंडेंसी खेदजनक विषय है। पेंडेंसी को रोकने के लिए आवेदन के बाद लोन स्वीकृत होने के लिए समय निर्धारित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अनावश्यक रूप से फार्म रिजेक्ट न हों। इसके लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं बैंकर्स की भी जिम्मेदारी फिक्स की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 5 सालों में राज्य आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। जिसके लिए विभागों और बैंको को भी समन्वय से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत विभागों एवं बैंकों को जो लक्ष्य दिया जाता है, वो लक्ष्य न्यूनतम होता है। न्यूनतम लक्ष्य प्राप्ति के बाद आमजन को योजनाओं का कितना फायदा मिल पाता है, यह विभाग एवं बैंकों के लिए उपलब्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जनपदों एवं ब्लॉक स्तर पर बैंकर्स समिति की बैठक नियमित हो। ब्लॉक स्तर पर होने वाली बैठकों में मुख्य विकास अधिकारी भी जाएं। उन्होंने कहा कि हम आजादी के अमृतकाल में प्रवेश कर चुके हैं। आने वाले समय में देश हर क्षेत्र में तेजी करे, राज्य में हर क्षेत्र में प्रगति हो, इस दिशा में सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की आमजन तक पूरी जानकारी हो और वे योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें, इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं।
इस अवसर पर वित्त मंत्री डा. प्रेमचन्द अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सीजीएम एस.बी.आई कल्पेश कृष्ण कान्त, जी.एम एस.बी.आई अभय सिंह, सीजीएम नाबार्ड भाष्कर पंत, जीएम पीएनबी संजय कांडपाल, उत्तराखण्ड शासन के सचिवगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री ने भारत पिचेथोन और र्स्टाटअप कार्यक्रम का किया शुभारंभ

उद्योग मंत्री चन्दन राम दास ने विधानसभा कार्यालय में हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन एवं र्स्टाटअप उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वाधान में भारत पिचेथोन एवं र्स्टाटअप सितम्बर 2022 कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन द्वारा भारत पिचेथोन कार्यक्रम सम्पूर्ण देश में 21 से भी ज्यादा शहरों में आयोजित किया जा रहा है जिसके अतंर्गत छोटे शहरों के स्टार्टअपस् को अपने बिजनेस को इन्वेस्टर्स के सामने प्रस्तुत करने का मौका प्रदान किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भारत पिचेथोन का आयोजन गढ़वाल में 24 अगस्त 2022 को रूड़की एवं कुमांऊ में 27 अगस्त 2022 को अल्मोड़ा शहर में किया जायेगा। भारत पिचेथोन के शीर्ष तीन स्टार्टअपस् को हेडस्टार्ट के बेंगलुरू में होने वाले वार्षिक आयोजन में देश भर के अन्य स्टार्टअपस् के साथ प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन द्वारा स्टार्टअप सितंबर 2022 का भी शुभारम्भ हो गया है। स्टार्टअप सितंबर 2022 के अतंर्गत उत्तराखण्ड के प्रत्येक जिले में पूरे सितंबर माह स्टार्टअप से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा जिससे उत्तराखण्ड के युवाओं को स्टार्टअपस् से जुड़ी हुई जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी।
बैठक में निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल, उप निदेशक उद्योग राजेन्द्र कुमार, विभागीय अधिकारी तथा हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन से उत्तराखण्ड चैप्टर लीड वरूण तिवारी उपस्थित रहे।

सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण बना रही-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गोल्ड प्लस ग्लास फैक्ट्री, थिथोला, रूड़की के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोल्ड प्लस ग्लास फैक्ट्री के शुभारम्भ की सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि चाहे कानून-व्यवस्था की स्थिति हो या अन्य, पूरे देश के अंदर उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिये सबसे अनुकूल वातावरण है। अगर उद्योग बढ़ेंगे तो जीडीपी बढ़ेगी, बजट बढ़ेगा तथा युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। जो भी उद्योग स्थापित हों, उनमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलना चाहिये। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुये कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में सभी अपना पूर्ण सहयोग दें। यह देश का अमृत काल है। सभी को कर्मयोगी की तरह काम करना होगा तथा यह दशक उत्तराखण्ड का दशक है। उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में आगे रहेगा तथा 25वें स्थापना दिवस पर उत्तराखण्ड को देश के श्रेष्ठ राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने प्रदेश की राजधानी देहरादून में उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ बैठक की, जिसमें उनकी जो भी समस्यायें थी, उनके बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया, जिसके फलस्वरूप हमने यह सुनिश्चित किया कि सरकार द्वारा उद्योगों को जो सुविधायें दी जा रही हैं, उनका भी सरलीकरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और सन्तुष्टि हमारा मूल मंत्र है। हमने संकल्प लिया है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास तथा सबके प्रयास से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनायेंगे। चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि अभी तक 30 लाख रजिस्टर्ड श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं तथा इस बार नया कीर्तिमान स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि जहां तक कांवड़ मेले का प्रश्न है,चार करोड़ से ज्यादा शिव भक्त कांवड़ मेले में आये, जो अपने आप में रिकार्ड है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में विकास कर रहा है तथा समृद्ध, शक्तिशाली एवं दिशा देने वाला भारत बन गया है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड में हर तरह से उद्योगों के अनुरूप वातावरण है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखण्ड को 2025 तक आदर्श राज्य बनाना चाहते हैं, जिसे देखकर पूरा देश गौरव करेगा। डॉ निशंक ने प्रधानमंत्री के मेड इन इण्डिया, कौशल इण्डिया आदि का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का माथा ऊंचा हो रहा है। अब पूरी दुनिया में मेड इन इण्डिया होगा। उन्होंने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है।
इस अवसर पर रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, खानपुर विधायक उमेश कुमार, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चौम्पियन, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व विधायक यतीश्वरानन्द, भाजपा नेता अनिल गोयल, फैक्ट्री के चेयरमैन सुभाष त्यागी, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

उत्तराखंड के उत्पाद को अन्तरराष्ट्रीय बाजार में मिल रही मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से एपिडा के माध्यम से उत्तराखण्ड में उत्पादित आम की प्रथम खेप, शहद एवं राजमा के अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात हेतु भेजे जा रहे वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर 1.5 टन आम, 28 टन राजमा एवं 80 टन शहद का अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए निर्यात किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एपिडा के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए राज्य के जो उत्पाद भेजे जा रहे हैं, यह सराहनीय पहल है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की अन्तरराष्ट्रीय मार्केटिंग के लिए गुणात्मक वृद्धि होगी। उत्पादन को कैसे अच्छी मार्केटिंग मिले इस दिशा में सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले इसके लिए और अधिक प्रयासों की जरूरत है। राज्य में किसानों की आजीविका को बढ़ाने के लिए एवं आवश्यक सभी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के लिए कृषि कलेण्डर भी बनाया गया है। उत्तराखण्ड के छोटे कृषकों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए कलस्टर के विकास हेतु, सहकारिता, कृषि एवं उद्यान विभाग के माध्यम से अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट से पूर्व कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दुगुनी करने का जो संकल्प लिया है, उस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए उत्तराखण्ड में राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार की कृषि कल्याण से संबंधित योजनाओं को समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, तब तक किसानों की आजीविका वृद्धि के लिए कृषि, उद्यान, सिंचाई एवं अन्य संबंधित विभाग पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में क्या कर सकते हैं, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के रजत जयंती वर्ष पर सभी विभागों को कुछ ऐसे कार्य करने होंगे, जो देश एवं हिमालयी राज्यों के लिए मॉडल हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द किसान प्रोत्साहन योजना लाई जायेगी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार द्वारा एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जब राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, तब तक कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में राज्य में उत्पादन दोगुना किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त पौध उपलब्ध कराने के लिए नर्सरी बनाई जा रही है।
सचिव कृषि शैलेश बगोली ने कहा कि राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उत्पादों को अच्छा मार्केट मिले इस दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उत्पादों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य से प्रथम बार राज्य के कास्तकारों द्वारा उत्पादित आम की चौंसा एवं लंगड़ा प्रजातियों के उच्च गुणवत्तायुक्त फलों का निर्यात दुबई को किया जा रहा है। किसान उत्पादक संगठनों द्वारा उत्पादित उच्च गुणवत्तायुक्त शहद का निर्यात संयुक्त राज्य अमेरिका को किया जा रहा है। राजमा के निर्यात को बढ़ावा देते हुए राज्य के कृषकों द्वारा उत्पादित उच्च गुणवत्तायुक्त राजमा का निर्यात भी संयुक्त राज्य अमेरिका को किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर सचिव कृषि रणवीर सिंह चौहान, निदेशक उद्यान डॉ. एच. एस. बवेजा, निदेशक कृषि गौरी शंकर, एपिडा के रीजनल हेड डॉ. सी.बी.सिंह, कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी तथा कृषक गण उपस्थित रहे।