प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीति सुधार व सरलीकरण में बहुत सुधार हुआ-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में काम कर रहे उद्योग ही हमारे ब्रांड एम्बेसेडर है। राज्य सरकार द्वारा इन्वेस्टर्स फ्रेंडली वातावरण बनाने के लिए बहुत से सुधार किये गये हैं। इसी का परिणाम है कि पिछले एक वर्ष में 9 हजार करोड़ से अधिक का निवेश राज्य में हुआ है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हम एचीवर्स की श्रेणी मे आए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीति सुधार व सरलीकरण में काफी काम किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर सम्भव नीतिगत व रेगुलेटरी सुधार करने के लिये तत्पर है। औद्योगिक क्षेत्रों में मैप एप्रूवल सीडा के माध्यम से कराए जाने की औद्योगिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इसका परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। एमएसएमई के तहत छोटे छोटे औद्योगिक प्लॉट के ट्रांसफर की प्रक्रिया को सरल किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक रीसाइक्लिंग व वैकल्पिक औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने की नीति बनाने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में आवश्यकतानुसार लीसा डिपो बनाने का परीक्षण कर लिया जाए। सोलर पॉलिसी को रिवाइज किया जाए। इसके लिये उद्योगों से भी सुझाव लिये जाएं। बायोमास, इको टूरिज्म और आयुष क्षेत्र को बढावा देने के लिए जरूरी सुधार किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी के सहयोग से निवेश फ्रेंडली वातावरण बना रही है। जो भी सुझाव प्राप्त होते हैं उन्हें गम्भीरता से लिया जाता है। विभिन्न बैठकों, संवाद कार्यक्रमों में कुल 133 बिंदुओं पर सुझाव मिले थे, इनमें से 87 पर कार्यवाही हो चुकी है या निर्णय लिये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार के सहयोग से कनेक्टिविटी में काफी काम हुआ है। लगभग 30 हजार करोड़ से अधिक की सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों से हर घर झंडा अभियान में 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की।

इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, सिडकुल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग सहित अन्य ने कहा कि पिछले एक साल में उद्योगों को बढावा देने के लिए काफी काम किया गया है। हमारे सुझावों को गम्भीरता से लिया जाता है। उन्होंने अपने अपने सुझाव भी दिये।
इस अवसर पर औद्योगिक विकास विभाग, सार्वजनिक उद्यम विभाग, एमएसएमई विभाग के महत्वपूर्ण शासनादेशों की संकलन पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, आर मीनाक्षी सुन्दरम, डॉ पंकज कुमार पाण्डे, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कर चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में राज्य कर विभाग के साथ जीएसटी के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पॉट वेरिफिकेशन ड्राइव जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वेरिफिकेशन टीम की संख्या बढ़ाकर अभियान में तेजी लाते हुए पूरे प्रदेश में शुरू किया जाए।
मुख्य सचिव ने राज्य कर के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ईमानदार करदाताओं को परेशान न किया जाए परन्तु कर चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपने समानांतर इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित कर टैक्स चोरी करने वालों की जानकारी देने वालों को पुरस्कृत किए जाने की बात कही। साथ ही साथ यह भी निर्देश दिये गये कि जिस अधिकारी के क्षेत्र में करापवंचन होता पाया जायेगा उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक/दण्डात्मक कार्यवाही की जाय। सभी अधिकारियों की परफार्मेंस रिपोर्ट अधिकारीवार तैयार की जाय और ऐसे अधिकारी, जिनकी परफार्मेंस संतोषजनक नहीं पायी जाती है, के विरूद्ध भी कार्यवाही की जाय। मुख्य सचिव महोदय द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि विभाग की साप्ताहिक समीक्षा की जायेगी।
बैठक के दौरान आयुक्त कर डॉ. अहमद इकबाल ने विभाग में किये जा रहे कार्या के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया जिसमें बताया गया कि राज्य क्षे़त्राधिकार के अन्तर्गत कुल एक लाख बारह हजार करदाता पंजीकृत हैं, जिसमें से लगभग 35 हजार ऐसे करदाता हैं जो काफी समय से कोई कर जमा नही कर रहे हैं। आयुक्त कर द्वारा यह भी बताया गया कि मुख्य सचिव महोदय द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में 7 जुलाई, 2022 से उपरोक्त व्यापारियों के सम्बन्ध में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आतिथि तक कुल चार हजार व्यापारियों की जांच करते हुए रू0 2.13 करोड़ की धनराशि जमा करवायी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त कुछ व्यापारियों की गोदामों की जांच भी करवाई गयी है जिसमें रू0 2.25 करोड़ का माल जब्त किया गया है। उक्त कार्यवाही में व्यापार न करने वाली फर्मां पर पंजीयन निरस्तीकरण एवं अर्थदण्ड की कार्यवाही की जा रही है। यह भी अवगत कराया गया कि फर्जी आई0टी0सी0 लेने वाले 4 व्यापारियों के बैंक खाते भी सीज कर दिये गये हैं।

सरकारी विभाग जेम से ही खरीदेंगे सामान, शासनादेश जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शासन प्रशासन में पारदर्शिता व मितव्ययिता लाने के निर्देश पर उत्तराखण्ड के शासकीय विभागों एवं उनके अधीनस्थ संस्थाओं में भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जेम पर उपलब्ध सामग्री एवं सेवाओं को अनिवार्य रूप से खरीदने की व्यवस्था को लागू किया गया। सचिव वित्त सौजन्या द्वारा इसके लिये सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।
सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि राज्य के समस्त सरकारी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों/निगमों/स्थानीय निकायों/स्वायत्तशासी संस्थाओं आदि में अधिक से अधिक सामग्री व सेवाओं के उपार्जन में ई-मार्केट प्लेस पोर्टल का उपयोग किया जाना है। इस हेतु भारत सरकार के सामान्य वित्तीय नियम, 2017 के नियम-149 (समय-समय पर यथासंशोधित) में निहित प्राविधानों के अनुरूप व्यवस्था प्रख्यापित की गई है।
जो सामग्री एवं सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध है, उनका क्रय जेम पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जायेगा। जो सामग्री अथवा सेवायें जेम पर उपलब्ध नहीं है, उन के लिए उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली, 2017 (समय-समय पर यथासंशोधित) अथवा अन्य सुसंगत नियमों की व्यवस्था पूर्ववत् लागू होगी।
क्रेता विभागों से यह अपेक्षा की गयी हैं कि क्रय की जाने वाली सामग्री एवं सेवाओं की दरों के उपयुक्त होने को सुनिश्चित किया जायेगा।
सचिव वित्त सौजन्या ने बताया कि ळमड पोर्टल के उपयोग से शासकीय विभागों हेतु क्रय व्यवस्था को पारदर्शिता प्रतिस्पर्धा, निष्पक्षता तथा मितव्ययी बनाया जाना है, ताकि व्यय की जाने वाली धनराशि का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
वित्त विभाग के शासनादेश द्वारा उत्तराखण्ड के शासकीय विभागों एवं उनके अधीनस्थ संस्थाओं में भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जेम पर उपलब्ध सामग्री एवं सेवाओं को अनिवार्य रूप से क्रय की व्यवस्था को लागू किया गया है। वर्तमान में 23 लक्ष्मी रोड, निदेशक कोषागार पेंशन एवं हकदारी उत्तराखण्ड के कार्यालय परिसर में स्थापित ई-प्रोक्योरमेंट सेल द्वारा जेम पोर्टल से सामग्री एवं सेवाएं अधिप्राप्त किये जाने की प्रक्रिया संबंधी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की पृच्छा के समाधान/पोर्टल पर निविदा अपलोड किये जाने हेतु हेल्प लाईन न०- 8899890000 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
राज्य के समस्त सरकारी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों/निगमों/स्थानीय निकायों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के सम्बन्धित अधिकारियों को जेम पोर्टल से सामग्रियों एवं सेवाओं की अधिप्राप्ति किये जाने के लिए जागरूक किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा गढ़वाल क्षेत्र में दिनांक 1 अगस्त, 2022 को राज्य कर विभाग, रिंग रोड, मुख्यालय, देहरादून पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है तथा कुमांऊ क्षेत्र के अन्तर्गत भी यथाशीघ्र प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जायेगा।

राज्य के राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिये किये जाएं समेकित प्रयास-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य के आय के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ ही निवेश की संभावनाओं के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कर संग्रह बढ़ाने के साथ राज्य के राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिये समेकित प्रयास किये जाएं उन्होंने इस सम्बन्ध में हिमाचल सहित अन्य पर्वतीय राज्यों द्वारा अपनायी जा रही व्यवस्थाओं का अध्ययन करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कर चोरी रोकने के लिये प्रभावी तंत्र विकसित करने पर ध्यान दिये जाने पर बल देते हुए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लाभार्थियों को आधार कार्ड से जोड़ने की व्यवस्था करने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने जेम के माध्यम से प्रोक्योरमेंट किये जाने तथा सिंगल विंडो सिस्टम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं लैंड बैंक की स्थापना के लिये प्रभावी कार्य योजना तैयार किये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी में सेक्टरवार बढ़ोतरी हो इसके प्रयास किये जाएं, अधिक से अधिक लोग रिटर्न भरने के लिये प्रेरित हो तथा सभी लोग क्रय सामग्री की रसीद लेने की आदत डाल सकें, इसके लिये ग्राहक प्रोत्साहन योजना की व्यवस्था बनाये जाने पर भी ध्यान दिये जाने की उन्होंने जरूरत बतायी। उन्होंने इंफोर्समेंट एवं इंटेलिजेंस सिस्टम की मजबूती तथा आईटी टीम की मजबूती पर भी ध्यान देने को कहा। इसके लिये आईटीडीए से भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने कर चोरी को रोकने के लिये ऑडिट विंग को भी प्रभावी बनाये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य संस्कृति तथा कार्य प्रणाली में सुधारात्मक कदम उठाये जाने से सभी विभाग आय के संसाधनों को बढ़ावा देने में मददगार बन सकते हैं। इसके लिये उन्होंने राज्य हित से जुड़ी नीतियों को अमल में लाये जाने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लैण्ड बैंक की स्थापना के संबंध में कार्य योजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यदि बड़ी संख्या में बड़े होटल स्थापित हो जाए तो पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ राज्य की आर्थिकी की मजबूती में यह बड़ा कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का वातावरण उद्योगों के अनुकूल है, यहां श्रमिक असंतोष नहीं हैं। बेहतर कानून व्यवस्था होने के कारण राज्य में निवेश की राह प्रशस्त हो सकती है। इस दिशा में भी पहल की जानी होगी। एमएसएमई क्षेत्र के अंतर्गत उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये उद्योग मित्र की नियमित बैठक आयोजित किये जाने की भी बात मुख्यमंत्री ने की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा, राधिका झा, सौजन्या, बी.वी.आर.सी. पुरूषोतम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, हरि चन्द्र सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

जांच में 11 फर्मों के बड़े सिंडिकेट का पता चला, 23.4 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) ने उत्तराखंड में संगठित तरीके हो रहे करोड़ों के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। दिल्ली और उत्तराखंड की 11 फर्मों में छापेमारी कर 23.4 करोड़ का जीएसटी फर्जीवाड़ा पकड़ा। इसमें फर्जी तरीके से 4.2 करोड़ रुपये के आईटीसी क्रेडिट लेने की कोशिश को नाकाम किया है।
सीजीएसटी उत्तराखंड आयुक्त दीपांकर ऐरन ने बताया कि, धोखाधड़ी से जीएसटी रिफंड प्राप्त करने की जानकारी की जांच के बाद सामने आया कि देहरादून स्थित सॉफ्टवेयर और आईटी सोल्युशन फर्म मैसर्स टेक ग्रोथ एंटरप्राइजेज फर्जीवाड़े में शामिल हैं। जांच में 11 फर्मों के एक बड़े सिंडिकेट का पता चला।
इसमें दिल्ली की चार और उत्तराखंड की सात फर्में शामिल हैं। इसमें ज्यादातर फर्में देहरादून में पंजीकृत हैं। तीन फर्मों का जीएसटी पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दिल्ली की फर्मों पर कार्रवाई के लिए दक्षिण दिल्ली सीजीएसटी कार्यालय को पत्र भेज दिया गया है।

उत्तराखंड में इन फर्मों पर हुई कार्रवाई
इसमें उत्तराखंड की मैसर्स टेक ग्रोथ एंटरप्राइजेस, मैसर्स जेनटिया सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, मैसर्स ब्रूकफील्ड वर्ल्ड वाइड सॉल्यूशन, मैसर्स प्रोटेक्ट्स वर्ल्ड वाइड सॉल्यूशन, मैसर्स खिंडा टेक सॉफ्टवेयर सिस्टम और मैसर्स बैकबोन सॉफ्टवेयर सिस्टम शामिल हैं।

मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाने के निर्देश

राज्य में जीएसटी संग्रह बढ़ाने को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक की। इस दौरान जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़े जीएसटी स्टेक होल्डर्स को सम्मानित कर उसे प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
मंगलवार को रिंग रोड स्थित आयुक्त कर कार्यालय के मीटिंग हाल में बैठक आयोजित हुई। इसमें मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य का कर बढ़ाना हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि राज्य में कर चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने और ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज कराई जाए। इससे कर चोरी की घटनाओं को रोक पाना आसान होगा।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि कुमायूं में कर चोरी की शिकायत मिल रही है। इसके लिए ऑडिट करें और ऐसे लोगों की पहचान कर कार्यवाही करें। कहा कि यदि कोई विभागीय अधिकारी की इसमें संलिप्तता भी पाई जाती है तो उनके विरुद कार्यवाही करने से गुरेज न करें।
व्यापारियों को जीएसटी की सही जानकारी मिल सके, इसके लिए सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करें, इस बैठक में निचले स्तर तक बात पहुंचाने की दिशा में काम करें। सम्भव हो तो बैठक में डीलर को भी बुलाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाए, जिससे मालवाहक वाहनों की सही जानकारी मिल सके। कहा कि जीएसटी के जिस भी सेंटर से कम राजस्व प्राप्त हो रहा है उसकी निरंतर समीक्षा करें।
बैठक में डॉ अग्रवाल ने देश में सबसे पहले सर्विस चार्ज को लेकर जागरूकता फैलाने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई दी। कहा कि जो लोग अब भी सर्विस चार्ज ले रहे हैं और उसे टर्न ओवर का पार्ट नहीं बना रहे हैं, उनकी पहचान की जाए।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, विभागीय सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त कर इकबाल अहमद सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

मिश्र ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जाने को लेकर कड़ा विरोध जताया

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश की एक बैठक राज्य कर के उपायुक्त एसएस तिरूवा के साथ संपन्न हुई। इसमें विगत दिनों उपायुक्त कार्यालय से जारी व्यापारिक प्रतिष्ठानों के जानकारी प्राप्त करने तथा उनकी समस्याओं से अवगत होने हेतु व्यापारिक प्रतिष्ठानों का भ्रमण किया जाने वाले पत्र को लेकर चर्चा हुई।
चर्चा में नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जाने को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राज्य कर के उपायुक्त एसएस तिरूवा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि व्यापारी जो सोच रहे हैं ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य कर का कोई भी कर्मचारी सिर्फ जीएसटी के अंतर्गत होने वाले रजिस्ट्रेशन की भौतिक स्थिति जानने हेतु ही मौके पर जाएंगे। जिसमें किसी भी व्यापारी से कोई भी चर्चा नहीं की जाएगी ना ही उनसे कोई प्रश्न किया जाएगा। उक्त भ्रमण मात्र फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों के लिए ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त पत्र का उद्देश्य व्यापारियों को सूचित करना था जिससे कि दुकानदार आने वाले कर्मचारियों को गलत ना समझे और उनसे कोई गलत व्यवहार ना हो।
एसएस तिरूवा ने व्यापारियों से अपने-अपने प्रतिष्ठान के बाहर अपना जीएसटी नंबर भी लिखने को कहा जिससे कि आने वाले कर्मचारियों को सुविधा रहे और वह दुकान का वेरिफिकेशन कर सकें।
जिला अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी सदा सरकार को सहयोग करता रहा है और भविष्य में भी सहयोगात्मक रवैया अपनाता रहेगा। वहीं, महामंत्री प्रतीक कालिया ने व्यापारिक हितों के लिए कुछ सुझाव भी रखे।
बैठक के बाद अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने सभी व्यापारियों से आग्रह किया कि वे सभी व्यापारी जिनके दुकान पर उनका जीएसटी नंबर नहीं लिखा गया है वह लिख ले, जिससे आने वाले कर्मचारियों को आसानी रहे।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष दीपक तायल, नगर कोषाध्यक्ष सुनील गुप्ता, जिला अध्यक्ष आशु डंग, संयुक्त महामंत्री आशु अरोड़ा, व्यापार सभा अध्यक्ष मनोज कालरा, नवल कपूर, सुरेश सूरी, संजय व्यास, अजय कालरा, महेश किगर, सुनील तिवारी, पवन शर्मा, रमन नारंग, प्रदीप कोहली, राज्य सेवा कर के राजीव तिवारी, अंबिका सिंह आदि उपस्थित रहे।

ऋषिकेश टैक्स बार के सदस्यों ने वित्त मंत्री से की मुलाकात

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में टैक्स बार एसोसिएशन के नव गठित कार्यकारिणी ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान अग्रवाल को एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग पत्र भी सौंपा।
शनिवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती और पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकारिणी के सदस्य अग्रवाल से मिले। इस मौके पर अग्रवाल ने कार्यकारिणी के सदस्यों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया।
अग्रवाल ने टैक्स बार के सदस्यों को व्यापारियों और सरकार के बीच की अहम कड़ी बताया। कहा कि सरकार के राजस्व में वृद्धि और राज्य हित में एसोसिएशन के जो भी सुझाव दिए जाएंगे सरकार उन पर अवश्य गौर करेगी।
अग्रवाल ने समय पर व्यापारियों को टैक्स देने के लिए एसोसिएशन के सदस्यों को प्रेरित करने को कहा। जिससे सरकार के राजस्व में इजाफा हो और सरकार विकास कार्यों को और अधिक से अधिक कर सके। इस मौके पर टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्यों ने एक मांग पत्र सौंपा। जिस पर अग्रवाल ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती, पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल, सचिव विकास ग्रोवर, सह सचिव राजकुमार राजपाल, कोषाध्यक्ष महेश पांडे, उपाध्यक्ष वीके चटर्जी, योगेश ब्रेजा, मुकेश राणा, एच उपाध्याय, प्रशांत गुप्ता, मोहित अग्रवाल, कार्यालय प्रभारी विनोद बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

इण्टरनेशनल मार्केटिंग के क्रिस्टल एनीवर्सरी कार्यक्रम में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में आयोजित इण्टरनेशनल मार्केटिंग कारपोरेशन प्रा.लि. (आईएमसी) के क्रिस्टल एनीवर्सरी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मां गंगा के तट पर आईएमसी द्वारा आयोजित समारोह के लिये आईएमसी की सराहना करते हुये कहा कि वह 15 वर्षों से आयुर्वेद के साथ भारतीय संस्कृति का सन्देश भी फैला रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का हर क्षेत्र-आयुर्वेद, सेना के अस्त्र-शस्त्र बनाने, सड़कों का जाल बिछाने आदि में निरन्तर विकास हो रहा है। युवाओं का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि वे युवाओं के बीच में काम करते आ रहे हैं। आज यहां बड़ी संख्या में युवा इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जो प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि उद्यमी उत्तराखण्ड में उद्योग-धन्धे लगायें तथा उनमें यहां के नौजवानों को भी शामिल करें, राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार का पूरा प्रयास है कि हरिद्वार व उत्तराखण्ड में जितने भी उद्योग हैं, उनका चहुंमुखी विकास हो। उन्होंने कहा कि हमने उद्योग समूह के लोगों को आमन्त्रित किया, जिनके द्वारा दिये गये कई सुझावों पर कार्य चल रहा है तथा कई बिन्दुओं का समाधान भी निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का पूरा प्रयास है कि जो उद्योग यहां लगे हैं, वे अच्छी तरह से चलें। उन्होंने कहा कि राज्य के उद्यमी हमारे ब्राण्ड एम्बेसडर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार तीन मंत्रों-सरलीकरण, समाधान तथा निस्तारीकरण के आधार पर कार्य कर रही है। उन्होंने आईएमसी को शुभकामना देते हुये कहा कि आप अपनी पताका हिन्दुस्तान में फहराने के साथ ही पूरे विश्व में भी फहरायें।

इस अवसर पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 योगेन्द्र सिंह रावत, आईएमसी के डॉ0 अशोक भाटिया, दीना भाटिया, अमित भाटिया सहित कई पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

भारत सरकार के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक अधिकारियों ने की वित्त मंत्री से मुलाकात

प्रदेश के वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल से विधान सभा स्थित कार्यालय में भारत सरकार के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक से संबंधित उच्चाधिकारी ने शिष्टाचार भेंट की।

टीम के लीडर के रूप में डिप्टी सीएजी संध्या शुक्ला ने लेखापरीक्षा से संबंधित गतिविधियों के संबंध में वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल को जानकारी दी। बैठक में राजकोषीय एवं वित्तीय अनुशासन एवं प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड IFMS सिस्टम अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर कार्य कर रहा है। इसके माध्यम से DBT प्रणाली को कारगर ढंग से संचालित किया जा रहा है।

वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में आय के साधन सीमित हैं इसलिए वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा और मितव्ययता संबंधी उपायों को लागू करने का प्रयास किया जायेगा। प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए आपसी समन्वय पर बल दिया जायेगा। इस संबंध में नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक से संबंधित सुझावों को भी लागू करने का प्रयाश किया जायेगा।

बैठक में सचिव वित्त सुरेन्द्र पाण्डेय, निदेशक लेखा अहमद इकबाल, प्रिंसिपल एकाउंट जनरल उत्तराखण्ड प्रवीन्द्र यादव तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।